समाजवाद, मार्क्सवाद, अराजकतावाद और फासीवाद: 100 MCQs
| समाजवाद, मार्क्सवाद, अराजकतावाद और फासीवाद: 100 Premium MCQs (मॉक टेस्ट) |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda के इस प्रीमियम मॉक टेस्ट में समाजवाद की विभिन्न शाखाओं, मार्क्सवाद के सिद्धांतों, नव-मार्क्सवाद (फ्रैंकफर्ट स्कूल), अराजकतावाद और फासीवाद/नाजीवाद पर आधारित उच्च स्तरीय प्रश्न दिए गए हैं। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और बहु-कथन वाले उन प्रश्नों का समावेश है, जो TGT, PGT, LT, GIC और NET-JRF जैसी परीक्षाओं में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। |
1. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): नव-मार्क्सवादी विचारक एंटोनियो ग्राम्शी (Antonio Gramsci) ने पूँजीवादी शासन की व्याख्या में 'अधिसंरचना' (Superstructure) को 'आधार' (Base) से अधिक महत्व दिया。
कारण (R): ग्राम्शी का मानना था कि पूँजीपति केवल आर्थिक बल या सेना/पुलिस के दम पर शासन नहीं करते, बल्कि वे स्कूल, चर्च और साहित्य जैसी 'वैधानिक संस्थाओं' के माध्यम से समाज के दिमाग पर अपना 'आधिपत्य' (Hegemony) स्थापित कर लेते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ग्राम्शी का मानना था कि पूँजीपति केवल आर्थिक बल या सेना/पुलिस के दम पर शासन नहीं करते, बल्कि वे स्कूल, चर्च और साहित्य जैसी 'वैधानिक संस्थाओं' के माध्यम से समाज के दिमाग पर अपना 'आधिपत्य' (Hegemony) स्थापित कर लेते हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स ने सिर्फ अर्थव्यवस्था (Base) को सब कुछ माना था, लेकिन ग्राम्शी (प्रिजन नोटबुक्स) ने कहा कि शासन 'विचारधारा और बुद्धि' से होता है, जिसे उन्होंने 'Hegemony' कहा।
व्याख्या: मार्क्स ने सिर्फ अर्थव्यवस्था (Base) को सब कुछ माना था, लेकिन ग्राम्शी (प्रिजन नोटबुक्स) ने कहा कि शासन 'विचारधारा और बुद्धि' से होता है, जिसे उन्होंने 'Hegemony' कहा।
2. बहु-कथन प्रश्न: 'अराजकतावाद' (Anarchism) की विचारधारा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
1. यह राज्य को 'एक अनावश्यक बुराई' (Unnecessary Evil) मानता है।
2. पियरे-जोसेफ प्रोधों ने कहा था कि "सम्पत्ति चोरी है"।
3. यह मानता है कि मनुष्य स्वभाव से बुरा होता है, इसलिए कठोर कानूनों की आवश्यकता है।
4. मिखाइल बाकुनिन के अनुसार "राज्य धर्म का छोटा भाई है"।
सही कूट:
2. पियरे-जोसेफ प्रोधों ने कहा था कि "सम्पत्ति चोरी है"।
3. यह मानता है कि मनुष्य स्वभाव से बुरा होता है, इसलिए कठोर कानूनों की आवश्यकता है।
4. मिखाइल बाकुनिन के अनुसार "राज्य धर्म का छोटा भाई है"।
सही उत्तर: D) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। अराजकतावादी मानते हैं कि मनुष्य स्वभाव से बहुत अच्छा है, लेकिन राज्य और निजी संपत्ति जैसी संस्थाएं उसे भ्रष्ट बना देती हैं। इसलिए वे राज्य को नष्ट करना चाहते हैं।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। अराजकतावादी मानते हैं कि मनुष्य स्वभाव से बहुत अच्छा है, लेकिन राज्य और निजी संपत्ति जैसी संस्थाएं उसे भ्रष्ट बना देती हैं। इसलिए वे राज्य को नष्ट करना चाहते हैं।
3. "साम्राज्यवाद पूँजीवाद की उन्नत (उच्चतम) अवस्था है।" (Imperialism is the highest stage of capitalism). यह प्रसिद्ध कथन किस मार्क्सवादी विचारक का है?
सही उत्तर: C) व्लादिमीर लेनिन (V.I. Lenin)
व्याख्या: लेनिन ने महसूस किया कि जब एक देश में पूँजीवाद चरम पर पहुँच जाता है, तो पूँजीपति मुनाफा कमाने के लिए दूसरे गरीब देशों को गुलाम (साम्राज्यवाद) बना लेते हैं।
व्याख्या: लेनिन ने महसूस किया कि जब एक देश में पूँजीवाद चरम पर पहुँच जाता है, तो पूँजीपति मुनाफा कमाने के लिए दूसरे गरीब देशों को गुलाम (साम्राज्यवाद) बना लेते हैं।
4. 'श्रेणी समाजवाद' (Guild Socialism) के विषय में सत्य कथनों का चयन करें:
1. इसका जन्म इंग्लैण्ड में हुआ और इसके जनक जी.डी.एच. कोल (G.D.H. Cole) हैं।
2. यह 'औद्योगिक प्रजातंत्र' (Industrial Democracy) को महत्व देता है।
3. यह केवल उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखता है, उत्पादकों का नहीं।
4. कोल 'व्यावसायिक प्रतिनिधित्व' के तहत 'दो संसद' (राजनीतिक और आर्थिक) के पक्षधर थे।
सही कूट:
2. यह 'औद्योगिक प्रजातंत्र' (Industrial Democracy) को महत्व देता है।
3. यह केवल उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखता है, उत्पादकों का नहीं।
4. कोल 'व्यावसायिक प्रतिनिधित्व' के तहत 'दो संसद' (राजनीतिक और आर्थिक) के पक्षधर थे।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। फेबियनवाद उपभोक्ताओं पर बल देता है, श्रमिक संघवाद उत्पादकों पर, जबकि श्रेणी समाजवाद उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों के हितों का समन्वय करता है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। फेबियनवाद उपभोक्ताओं पर बल देता है, श्रमिक संघवाद उत्पादकों पर, जबकि श्रेणी समाजवाद उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों के हितों का समन्वय करता है।
5. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): नव-मार्क्सवादी 'फ्रैंकफर्ट स्कूल' (Frankfurt School) के विचारकों ने केवल पूँजीवाद का ही नहीं, बल्कि 'प्रौद्योगिकी' (Technology) का भी कड़ा विरोध किया。
कारण (R): उनका (विशेषकर एडोर्नो का) मानना था कि तकनीक और मशीनों ने मनुष्य को अपने जाल में जकड़ लिया है, जिससे मनुष्य का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया है और उसका अमानवीयकरण हो रहा है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका (विशेषकर एडोर्नो का) मानना था कि तकनीक और मशीनों ने मनुष्य को अपने जाल में जकड़ लिया है, जिससे मनुष्य का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया है और उसका अमानवीयकरण हो रहा है।
सही उत्तर: D) A और R উভয় सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: फ्रैंकफर्ट स्कूल (जर्मनी) के विचारक जैसे होर्खीमर और एडोर्नो 'प्रकृतिवादी' थे। उनका मानना था कि शहरी चिमनियों और मशीनों ने इंसान को गुलाम बना दिया है ("प्रकृति की ओर लौटो")।
व्याख्या: फ्रैंकफर्ट स्कूल (जर्मनी) के विचारक जैसे होर्खीमर और एडोर्नो 'प्रकृतिवादी' थे। उनका मानना था कि शहरी चिमनियों और मशीनों ने इंसान को गुलाम बना दिया है ("प्रकृति की ओर लौटो")।
6. निम्नलिखित में से किसने फासीवाद (Fascism) को "जर्मन आत्मा की बीमारी" (Disease of the German soul) कहा था?
सही उत्तर: C) रोक्को (Rocco)
व्याख्या: रोक्को ने फासीवाद को जर्मन आत्मा की बीमारी कहा था, जबकि नव-हीगलवादी विचारक बेनेदेतो क्रोचे ने इसे "एक बौद्धिक एवं नैतिक रोग" बताया था।
व्याख्या: रोक्को ने फासीवाद को जर्मन आत्मा की बीमारी कहा था, जबकि नव-हीगलवादी विचारक बेनेदेतो क्रोचे ने इसे "एक बौद्धिक एवं नैतिक रोग" बताया था।
7. भारतीय विचारकों और उनके द्वारा प्रतिपादित 'समाजवाद' के स्वरूप का सही मिलान करें:
1. जवाहरलाल नेहरू = (i) सम्पूर्ण क्रांति
2. बी.आर. अम्बेडकर = (ii) गरीबों का समाजवाद
3. जयप्रकाश नारायण = (iii) लोकतांत्रिक समाजवाद
4. राम मनोहर लोहिया = (iv) सामाजिक न्याय
सही मिलान चुनें:
2. बी.आर. अम्बेडकर = (ii) गरीबों का समाजवाद
3. जयप्रकाश नारायण = (iii) लोकतांत्रिक समाजवाद
4. राम मनोहर लोहिया = (iv) सामाजिक न्याय
सही उत्तर: B) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)
व्याख्या: नेहरू (लोकतांत्रिक समाजवाद), अम्बेडकर (सामाजिक न्याय), जयप्रकाश नारायण (सम्पूर्ण क्रांति), लोहिया (गरीबों का समाजवाद) और दीनदयाल उपाध्याय (अंत्योदय)।
व्याख्या: नेहरू (लोकतांत्रिक समाजवाद), अम्बेडकर (सामाजिक न्याय), जयप्रकाश नारायण (सम्पूर्ण क्रांति), लोहिया (गरीबों का समाजवाद) और दीनदयाल उपाध्याय (अंत्योदय)।
8. "शक्ति बन्दूक की नली से निकलती है।" (Power grows out of the barrel of a gun). और साम्राज्यवाद एक "कागजी शेर" (Paper Tiger) है। यह विचार किसका है?
सही उत्तर: E) माओत्से तुंग (Mao Zedong)
व्याख्या: चीन में साम्यवादी क्रांति के प्रणेता माओ ने आर्थिक शक्ति की जगह 'राजनीतिक शक्ति' (सैन्य बल) को अधिक महत्व दिया और 'निरंतर क्रांति' का सिद्धांत दिया।
व्याख्या: चीन में साम्यवादी क्रांति के प्रणेता माओ ने आर्थिक शक्ति की जगह 'राजनीतिक शक्ति' (सैन्य बल) को अधिक महत्व दिया और 'निरंतर क्रांति' का सिद्धांत दिया।
9. जॉर्ज ल्यूकाच (György Lukács) द्वारा व्याख्यायित मार्क्स के 'पराएपन/अलगाव के सिद्धान्त' (Theory of Alienation) में अलगाव का कौन-सा स्तर शामिल नहीं है?
सही उत्तर: A) राज्य और सरकार से अलगाव
व्याख्या: अलगाव के 4 स्तर हैं— उत्पादन प्रक्रिया से, प्रकृति से, समाज (मजदूरों की आपसी प्रतिस्पर्धा) से, और स्वयं/परिवार से। 'राज्य से अलगाव' इसमें शामिल नहीं है।
व्याख्या: अलगाव के 4 स्तर हैं— उत्पादन प्रक्रिया से, प्रकृति से, समाज (मजदूरों की आपसी प्रतिस्पर्धा) से, और स्वयं/परिवार से। 'राज्य से अलगाव' इसमें शामिल नहीं है।
10. 'फेबियनवाद' (Fabianism / समष्टिवाद) के विषय में सत्य कथन पहचानें:
1. इसकी शुरुआत इंग्लैण्ड में सिडनी वेब के नेतृत्व में एक बुद्धिजीवी गुट द्वारा हुई।
2. इस संस्था का नाम रोम के सेनापति 'फेबियस' के नाम पर पोडमोर ने सुझाया था।
3. यह मार्क्स के 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' और 'वर्ग संघर्ष' का घोर समर्थन करता है।
4. यह लोक कल्याणकारी राज्य और मिश्रित अर्थव्यवस्था का पक्षधर है।
सही कूट:
2. इस संस्था का नाम रोम के सेनापति 'फेबियस' के नाम पर पोडमोर ने सुझाया था।
3. यह मार्क्स के 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' और 'वर्ग संघर्ष' का घोर समर्थन करता है।
4. यह लोक कल्याणकारी राज्य और मिश्रित अर्थव्यवस्था का पक्षधर है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। फेबियनवाद एक 'विकासात्मक समाजवाद' है, अतः यह मार्क्स के हिंसक क्रांति और वर्ग संघर्ष को अस्वीकार करता है और संवैधानिक तरीकों पर बल देता है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। फेबियनवाद एक 'विकासात्मक समाजवाद' है, अतः यह मार्क्स के हिंसक क्रांति और वर्ग संघर्ष को अस्वीकार करता है और संवैधानिक तरीकों पर बल देता है।
11. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद (Fascism) सर्वाधिकारवादी विचारधारा है जो मानती है कि "सब कुछ राज्य के अधीन है, राज्य के बाहर कुछ नहीं।"
कारण (R): क्योंकि फासीवाद 'निगमनात्मक राज्य' और 'सावयवी सिद्धान्त' में विश्वास करता है, जहाँ व्यक्ति का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता, वह केवल राज्य का एक अंग मात्र है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि फासीवाद 'निगमनात्मक राज्य' और 'सावयवी सिद्धान्त' में विश्वास करता है, जहाँ व्यक्ति का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता, वह केवल राज्य का एक अंग मात्र है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि व्यक्ति राज्य के लिए बना है, न कि राज्य व्यक्ति के लिए। फासीवाद में 'एक राष्ट्र, एक दल, एक नेता' का नारा बुलंद किया गया।
व्याख्या: मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि व्यक्ति राज्य के लिए बना है, न कि राज्य व्यक्ति के लिए। फासीवाद में 'एक राष्ट्र, एक दल, एक नेता' का नारा बुलंद किया गया।
12. "उन्होंने सुंदर गुलाब के फूलों की रचना तो किया लेकिन उसके वृक्षों के लिए कोई धरती तैयार नहीं किया।" कार्ल मार्क्स से पहले के 'काल्पनिक समाजवादियों' (Utopian Socialists) के विषय में यह व्यंग्यात्मक कथन किसका है?
सही उत्तर: C) वेपर (Wayper)
व्याख्या: रॉबर्ट ओवन, सेंट साइमन जैसे विचारक गरीबों का भला तो चाहते थे (गुलाब), लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पूँजीवाद को उखाड़ कर समाजवाद लाया कैसे जाए (धरती)।
व्याख्या: रॉबर्ट ओवन, सेंट साइमन जैसे विचारक गरीबों का भला तो चाहते थे (गुलाब), लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पूँजीवाद को उखाड़ कर समाजवाद लाया कैसे जाए (धरती)।
13. बहु-कथन प्रश्न: 'श्रमिक संघवाद' (Syndicalism) के सन्दर्भ में क्या सही है?
1. इसके जनक जार्ज सोरेल (Georges Sorel) हैं।
2. फ्रांसीसी शब्द 'सिंडिकेट' का अर्थ श्रमिक संघ (Trade Union) है।
3. यह राज्य को एक बुराई मानता है और राजनीतिक दलों में अविश्वास रखता है।
4. इसके प्रमुख साधन चुनाव, संसद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन हैं।
सही कूट:
2. फ्रांसीसी शब्द 'सिंडिकेट' का अर्थ श्रमिक संघ (Trade Union) है।
3. यह राज्य को एक बुराई मानता है और राजनीतिक दलों में अविश्वास रखता है।
4. इसके प्रमुख साधन चुनाव, संसद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन हैं।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। श्रमिक संघवाद शांतिपूर्ण/संवैधानिक तरीकों को 'निरर्थक' मानता है। इसके प्रमुख साधन हड़ताल (Strike), तोड़फोड़ (Sabotage) और बहिष्कार हैं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। श्रमिक संघवाद शांतिपूर्ण/संवैधानिक तरीकों को 'निरर्थक' मानता है। इसके प्रमुख साधन हड़ताल (Strike), तोड़फोड़ (Sabotage) और बहिष्कार हैं।
14. कार्ल मार्क्स के 'अतिरिक्त मूल्य के सिद्धान्त' (Theory of Surplus Value) का गणितीय सूत्र क्या है, जिसके द्वारा वह पूँजीपतियों द्वारा किये जा रहे शोषण को सिद्ध करते हैं?
सही उत्तर: B) अतिरिक्त मूल्य = विनिमय मूल्य (बाजार मूल्य) - कुल लागत (मजदूरी)
व्याख्या: मार्क्स ने यह सिद्धांत डेविड रिकार्डो के 'मजदूरी के लौह नियम' से लिया था। यदि किसी वस्तु को बनाने में 250 रुपये लगे और बाजार में 350 में बिकी, तो 100 रुपये अतिरिक्त मूल्य है जो मज़दूर की मेहनत है, पर उसे पूँजीपति हड़प लेता है।
व्याख्या: मार्क्स ने यह सिद्धांत डेविड रिकार्डो के 'मजदूरी के लौह नियम' से लिया था। यदि किसी वस्तु को बनाने में 250 रुपये लगे और बाजार में 350 में बिकी, तो 100 रुपये अतिरिक्त मूल्य है जो मज़दूर की मेहनत है, पर उसे पूँजीपति हड़प लेता है।
15. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्सवाद मानता है कि "राज्य एक वर्ग के द्वारा दूसरे वर्ग के शोषण का उपकरण है।"
कारण (R): मार्क्स के अनुसार, राज्य का निर्माण समाज के सभी लोगों ने सामंजस्य के लिए किया था, लेकिन बाद में पूँजीपतियों ने इसे धोखे से अपने नियंत्रण में ले लिया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स के अनुसार, राज्य का निर्माण समाज के सभी लोगों ने सामंजस्य के लिए किया था, लेकिन बाद में पूँजीपतियों ने इसे धोखे से अपने नियंत्रण में ले लिया।
सही उत्तर: A) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। मार्क्सवाद मानता है कि राज्य का निर्माण 'समाज के सभी लोगों ने सामंजस्य के लिए' नहीं किया था, बल्कि राज्य की उत्पत्ति ही पूँजीपतियों द्वारा 'निजी संपत्ति' की रक्षा और गरीबों के शोषण के लिए हुई थी।
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। मार्क्सवाद मानता है कि राज्य का निर्माण 'समाज के सभी लोगों ने सामंजस्य के लिए' नहीं किया था, बल्कि राज्य की उत्पत्ति ही पूँजीपतियों द्वारा 'निजी संपत्ति' की रक्षा और गरीबों के शोषण के लिए हुई थी।
16. "समाजवाद एक ऐसे गिरगिट की भांति है जो अपना रंग बदलता रहता है।" समाजवाद की अनिश्चित प्रकृति पर यह टिप्पणी किसकी है?
सही उत्तर: D) रेमजे म्योर (Ramsay Muir)
व्याख्या: चूंकि समाजवाद का लक्ष्य (गरीबों का कल्याण) तो एक है, लेकिन उसे पाने के तरीके (मार्क्सवाद, फेबियनवाद, आदि) अलग-अलग हैं, इसलिए म्योर ने इसे गिरगिट कहा है।
व्याख्या: चूंकि समाजवाद का लक्ष्य (गरीबों का कल्याण) तो एक है, लेकिन उसे पाने के तरीके (मार्क्सवाद, फेबियनवाद, आदि) अलग-अलग हैं, इसलिए म्योर ने इसे गिरगिट कहा है।
17. बहु-कथन प्रश्न: 'दार्शनिक अराजकतावाद' के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. इसके प्रमुख समर्थक टॉलस्टॉय और महात्मा गाँधी हैं।
2. ये लोग राज्य और निजी सम्पत्ति का तो विरोध करते हैं, लेकिन धर्म का विरोध नहीं करते।
3. गाँधी जी ने निजी संपत्ति के लिए 'TRUSTEESHIP' (न्यास) का सिद्धांत दिया।
4. ये लोग राज्य को समाप्त करने के लिए पूर्णतः हिंसक क्रांति के पक्षधर हैं।
सही कूट:
2. ये लोग राज्य और निजी सम्पत्ति का तो विरोध करते हैं, लेकिन धर्म का विरोध नहीं करते।
3. गाँधी जी ने निजी संपत्ति के लिए 'TRUSTEESHIP' (न्यास) का सिद्धांत दिया।
4. ये लोग राज्य को समाप्त करने के लिए पूर्णतः हिंसक क्रांति के पक्षधर हैं।
सही उत्तर: D) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। दार्शनिक अराजकतावादी (विशेषकर गाँधी) अहिंसा के पुजारी थे। वे राज्य का विरोध ही इसलिए करते थे क्योंकि राज्य (पुलिस/सेना) हिंसा पर आधारित है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। दार्शनिक अराजकतावादी (विशेषकर गाँधी) अहिंसा के पुजारी थे। वे राज्य का विरोध ही इसलिए करते थे क्योंकि राज्य (पुलिस/सेना) हिंसा पर आधारित है।
18. "एक देश में समाजवाद" (Socialism in One Country) का प्रसिद्ध नारा किसने बुलंद किया था, जिसने ट्रॉटस्की के 'निरंतर क्रांति' के सिद्धांत को खारिज कर दिया?
सही उत्तर: B) स्टालिन (Stalin)
व्याख्या: लेनिन के बाद सत्ता सँभालते ही स्टालिन ने कहा कि पहले रूस (एक देश) को अंदर से मजबूत कम्युनिस्ट राष्ट्र बनाया जाए, उसके बाद दुनिया की फिक्र की जाएगी।
व्याख्या: लेनिन के बाद सत्ता सँभालते ही स्टालिन ने कहा कि पहले रूस (एक देश) को अंदर से मजबूत कम्युनिस्ट राष्ट्र बनाया जाए, उसके बाद दुनिया की फिक्र की जाएगी।
19. फासीवाद और नाजीवाद के नेताओं के प्रमुख कथनों का मिलान करें:
1. "जहाँ-जहाँ जर्मन है, वहाँ-वहाँ जर्मनी है।"
2. "युद्ध पुरुषों के लिए वैसा ही है जैसा कि स्त्रियों के लिए मातृत्व।"
3. "सब कुछ राज्य के अधीन है राज्य के बाहर कुछ नहीं।"
4. "जिसे जीना है उसे युद्ध करना होगा।"
सही मिलान:
2. "युद्ध पुरुषों के लिए वैसा ही है जैसा कि स्त्रियों के लिए मातृत्व।"
3. "सब कुछ राज्य के अधीन है राज्य के बाहर कुछ नहीं।"
4. "जिसे जीना है उसे युद्ध करना होगा।"
सही उत्तर: A) 1-हिटलर, 2-मुसोलिनी, 3-मुसोलिनी, 4-हिटलर
व्याख्या: हिटलर नस्लीय श्रेष्ठता (जर्मन) में विश्वास रखता था, जबकि मुसोलिनी इतावली राष्ट्रवाद और राज्य की सर्वोच्चता का प्रबल समर्थक था। दोनों ही घोर युद्धप्रेमी थे।
व्याख्या: हिटलर नस्लीय श्रेष्ठता (जर्मन) में विश्वास रखता था, जबकि मुसोलिनी इतावली राष्ट्रवाद और राज्य की सर्वोच्चता का प्रबल समर्थक था। दोनों ही घोर युद्धप्रेमी थे।
20. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): विकासात्मक समाजवाद (Evolutionary Socialism) के जनक एडवर्ड बर्नस्टीन (Eduard Bernstein) ने मार्क्स के 'वर्ग संघर्ष' और 'हिंसक क्रांति' को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया。
कारण (R): बर्नस्टीन का मानना था कि पूँजीवाद से समाजवाद लाने के लिए हिंसक तरीका ठीक नहीं है, बल्कि 'संवैधानिक, शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक' तरीके से धीरे-धीरे (शनै:-शनै:) सुधार करना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बर्नस्टीन का मानना था कि पूँजीवाद से समाजवाद लाने के लिए हिंसक तरीका ठीक नहीं है, बल्कि 'संवैधानिक, शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक' तरीके से धीरे-धीरे (शनै:-शनै:) सुधार करना चाहिए।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बर्नस्टीन (पुस्तक: Evolutionary Socialism) को 'संशोधनवाद' का जनक कहा जाता है। उन्होंने मार्क्स की कट्टरता को छोड़कर लोकतांत्रिक सुधारों का रास्ता चुना।
व्याख्या: बर्नस्टीन (पुस्तक: Evolutionary Socialism) को 'संशोधनवाद' का जनक कहा जाता है। उन्होंने मार्क्स की कट्टरता को छोड़कर लोकतांत्रिक सुधारों का रास्ता चुना।
21. लेनिन (Lenin) ने कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों में संशोधन करते हुए 'क्रांति का नेतृत्व' किसे सौंपा?
सही उत्तर: C) एक बुद्धिजीवी विशिष्ट वर्ग (साम्यवादी दल) को।
व्याख्या: मार्क्स ने कहा था कि मजदूर खुद बगावत करेंगे। लेकिन लेनिन ने कहा कि मजदूरों में इतनी चेतना नहीं है, इसलिए एक अनुशासित पार्टी (बोलशेविक दल) उनका नेतृत्व करेगी।
व्याख्या: मार्क्स ने कहा था कि मजदूर खुद बगावत करेंगे। लेकिन लेनिन ने कहा कि मजदूरों में इतनी चेतना नहीं है, इसलिए एक अनुशासित पार्टी (बोलशेविक दल) उनका नेतृत्व करेगी।
22. "मार्क्सवाद अपने युग का भ्रम था।" कार्ल मार्क्स की आलोचना करते हुए यह कथन किस विचारक ने दिया है?
सही उत्तर: C) लॉर्ड एक्टन (Lord Acton)
व्याख्या: लॉर्ड एक्टन ने मार्क्सवाद को महज़ एक 'भ्रम' करार दिया था। (वहीं कार्ल पापर ने मार्क्सवाद को 'अवैध एवं विद्रोही संतान' कहा था)।
व्याख्या: लॉर्ड एक्टन ने मार्क्सवाद को महज़ एक 'भ्रम' करार दिया था। (वहीं कार्ल पापर ने मार्क्सवाद को 'अवैध एवं विद्रोही संतान' कहा था)।
23. बहु-कथन प्रश्न: भारत में 'लोकतांत्रिक समाजवाद' (Democratic Socialism) के सन्दर्भ में क्या सही है?
1. इसके प्रमुख प्रणेता पं. जवाहरलाल नेहरू थे।
2. यह ब्रिटेन के 'फेबियनवाद' से काफी प्रभावित था।
3. 1955 में कांग्रेस के 'अवाडी (Avadi) अधिवेशन' में 'समाजवादी ढांचा' शब्द का प्रयोग किया गया।
4. इसके तहत भारत में जमींदारी उन्मूलन और बैंकों का राष्ट्रीयकरण जैसे कदम उठाए गए।
सही कूट:
2. यह ब्रिटेन के 'फेबियनवाद' से काफी प्रभावित था।
3. 1955 में कांग्रेस के 'अवाडी (Avadi) अधिवेशन' में 'समाजवादी ढांचा' शब्द का प्रयोग किया गया।
4. इसके तहत भारत में जमींदारी उन्मूलन और बैंकों का राष्ट्रीयकरण जैसे कदम उठाए गए।
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: भारत में समाजवाद बंदूक या क्रांति से नहीं, बल्कि संसद, कानून और पंचवर्षीय योजनाओं (लोकतांत्रिक तरीके) से लाया गया, जो मिश्रित अर्थव्यवस्था का ही एक रूप है।
व्याख्या: भारत में समाजवाद बंदूक या क्रांति से नहीं, बल्कि संसद, कानून और पंचवर्षीय योजनाओं (लोकतांत्रिक तरीके) से लाया गया, जो मिश्रित अर्थव्यवस्था का ही एक रूप है।
24. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): इटली के फासीवादी तानाशाह मुसोलिनी ने कहा था, "हम किसी पूर्वनिश्चित सिद्धान्त में विश्वास नहीं करते।"
कारण (R): फासीवाद पूरी तरह से 'सिद्धान्तहीनता' और अवसरवादिता पर आधारित था; उनका मुख्य उद्देश्य केवल 'कर्म करना' और सत्ता हासिल करना था, चाहे उसके लिए कोई भी रूप (प्रतिक्रियावादी, क्रांतिकारी, कानूनी या गैर-कानूनी) अपनाना पड़े।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): फासीवाद पूरी तरह से 'सिद्धान्तहीनता' और अवसरवादिता पर आधारित था; उनका मुख्य उद्देश्य केवल 'कर्म करना' और सत्ता हासिल करना था, चाहे उसके लिए कोई भी रूप (प्रतिक्रियावादी, क्रांतिकारी, कानूनी या गैर-कानूनी) अपनाना पड़े।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मुसोलिनी ने स्पष्ट कहा था कि "फासीवाद पहले से तैयार किये गये सिद्धान्त का स्तनपान करने वाला बच्चा न था, उसका जन्म कर्म की आवश्यकता से हुआ है।"
व्याख्या: मुसोलिनी ने स्पष्ट कहा था कि "फासीवाद पहले से तैयार किये गये सिद्धान्त का स्तनपान करने वाला बच्चा न था, उसका जन्म कर्म की आवश्यकता से हुआ है।"
25. "सार्वजनिक वस्तु + श्रम = निजी सम्पत्ति" (Public good + Labor = Private property). यह सूत्र किस विचारधारा की आलोचना या व्याख्या से जुड़ा है?
सही उत्तर: B) श्रमिक संघवाद / अराजकतावाद
व्याख्या: यह सूत्र प्रोधों की उस मान्यता की ओर इशारा करता है कि प्रकृति (सार्वजनिक वस्तु) पर जब कोई अपना श्रम लगाता है तो वह निजी संपत्ति बन जाती है, जिसे बाद में पूँजीवादी व्यवस्था में 'चोरी' का रूप दे दिया जाता है।
व्याख्या: यह सूत्र प्रोधों की उस मान्यता की ओर इशारा करता है कि प्रकृति (सार्वजनिक वस्तु) पर जब कोई अपना श्रम लगाता है तो वह निजी संपत्ति बन जाती है, जिसे बाद में पूँजीवादी व्यवस्था में 'चोरी' का रूप दे दिया जाता है।
26. बहु-कथन प्रश्न: 'मार्क्सवाद' और 'उदारवाद' के बीच तुलनात्मक अंतर में क्या सही है?
1. उदारवाद मध्यवर्ग (बुर्जुआ) का दर्शन है।
2. मार्क्सवाद मजदूरों, गरीबों या सर्वहारा वर्ग का दर्शन है।
3. उदारवाद मानता है कि राज्य निष्पक्ष है और सभी में सामंजस्य स्थापित करता है।
4. मार्क्सवाद मानता है कि राज्य पूँजीपतियों की संस्था है जो शोषण को वैधानिक बनाती है।
सही कूट:
2. मार्क्सवाद मजदूरों, गरीबों या सर्वहारा वर्ग का दर्शन है।
3. उदारवाद मानता है कि राज्य निष्पक्ष है और सभी में सामंजस्य स्थापित करता है।
4. मार्क्सवाद मानता है कि राज्य पूँजीपतियों की संस्था है जो शोषण को वैधानिक बनाती है।
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: यह मार्क्सवाद की उत्पत्ति का सबसे मूल आधार है। मार्क्स ने जॉन लॉक के व्यक्तिवाद (उदारवाद) को सिरे से खारिज करते हुए उसे अमीरों की साजिश बताया था।
व्याख्या: यह मार्क्सवाद की उत्पत्ति का सबसे मूल आधार है। मार्क्स ने जॉन लॉक के व्यक्तिवाद (उदारवाद) को सिरे से खारिज करते हुए उसे अमीरों की साजिश बताया था।
27. प्रसिद्ध पोलिश मार्क्सवादी महिला रोजा लक्जमबर्ग (Rosa Luxemburg) ने लेनिन की नीतियों की कड़ी आलोचना किस आधार पर की थी?
सही उत्तर: A) लेनिन के राष्ट्रवाद, व्यक्तिपूजा और नौकरशाही के कारण।
व्याख्या: रोजा लक्जमबर्ग ने महसूस किया कि लेनिन की 'वैनगार्ड पार्टी' ने तानाशाही का रूप ले लिया है और उन्होंने कहा कि लेनिन ने "मार्क्सवादी नीतियों को कुचल दिया है।"
व्याख्या: रोजा लक्जमबर्ग ने महसूस किया कि लेनिन की 'वैनगार्ड पार्टी' ने तानाशाही का रूप ले लिया है और उन्होंने कहा कि लेनिन ने "मार्क्सवादी नीतियों को कुचल दिया है।"
28. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद 'निगमनात्मक राज्य' (Corporate State) और 'सावयवी सिद्धान्त' (Organic Theory) में विश्वास करता है。
कारण (R): क्योंकि फासीवाद मानता है कि राज्य एक जीवित शरीर की तरह है और व्यक्ति उसके अंग हैं। जिस प्रकार शरीर से कटकर अंग का कोई मूल्य नहीं होता, उसी प्रकार राज्य के बाहर व्यक्ति का कोई अधिकार या स्वतंत्रता नहीं है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि फासीवाद मानता है कि राज्य एक जीवित शरीर की तरह है और व्यक्ति उसके अंग हैं। जिस प्रकार शरीर से कटकर अंग का कोई मूल्य नहीं होता, उसी प्रकार राज्य के बाहर व्यक्ति का कोई अधिकार या स्वतंत्रता नहीं है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: हीगल के आदर्शवाद को मुसोलिनी ने व्यावहारिक रूप दिया। सावयवी सिद्धांत व्यक्ति को पूरी तरह से राज्य का गुलाम (अंग) बना देता है।
व्याख्या: हीगल के आदर्शवाद को मुसोलिनी ने व्यावहारिक रूप दिया। सावयवी सिद्धांत व्यक्ति को पूरी तरह से राज्य का गुलाम (अंग) बना देता है।
29. "राज्य धर्म का छोटा भाई है और इन दोनों के जन्म लेने का कारण एक है, इसलिए दोनों का विनाश साथ-साथ होना चाहिए।" यह विचार किस साम्यवादी अराजकतावादी विचारक का है?
सही उत्तर: B) मिखाइल बाकुनिन (Bakunin)
व्याख्या: बाकुनिन एक घोर साम्यवादी अराजकतावादी थे जो राज्य, निजी संपत्ति और धर्म तीनों को इंसान की आजादी का दुश्मन मानते थे और हिंसक क्रांति से इन्हें उखाड़ फेंकना चाहते थे।
व्याख्या: बाकुनिन एक घोर साम्यवादी अराजकतावादी थे जो राज्य, निजी संपत्ति और धर्म तीनों को इंसान की आजादी का दुश्मन मानते थे और हिंसक क्रांति से इन्हें उखाड़ फेंकना चाहते थे।
30. बहु-कथन प्रश्न: कार्ल मार्क्स के 'आधार (Base)' और 'अधिसंरचना (Superstructure)' के सिद्धांत के बारे में क्या सही है?
1. 'आधार' का अर्थ उत्पादन के साधन और आर्थिक ढांचा है।
2. 'अधिसंरचना' का अर्थ समाज की राजनीतिक, कानूनी, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाएं हैं।
3. मार्क्स का मानना था कि 'अधिसंरचना' (धर्म/संस्कृति) ही 'आधार' (अर्थव्यवस्था) को तय करती है।
4. मार्क्स के अनुसार "आर्थिक परिस्थितियाँ ही सामाजिक परिस्थितियों का निर्धारण करती हैं।"
सही कूट:
2. 'अधिसंरचना' का अर्थ समाज की राजनीतिक, कानूनी, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाएं हैं।
3. मार्क्स का मानना था कि 'अधिसंरचना' (धर्म/संस्कृति) ही 'आधार' (अर्थव्यवस्था) को तय करती है।
4. मार्क्स के अनुसार "आर्थिक परिस्थितियाँ ही सामाजिक परिस्थितियों का निर्धारण करती हैं।"
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल उल्टा है। मार्क्सवाद 'आर्थिक नियतिवाद' है, जो मानता है कि 'आधार' (अर्थव्यवस्था) ही धर्म, राजनीति और संस्कृति (अधिसंरचना) को तय करता है, न कि इसका उलटा।
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल उल्टा है। मार्क्सवाद 'आर्थिक नियतिवाद' है, जो मानता है कि 'आधार' (अर्थव्यवस्था) ही धर्म, राजनीति और संस्कृति (अधिसंरचना) को तय करता है, न कि इसका उलटा।
31. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लेनिन ने अपनी पुस्तक 'State and Revolution' में लिखा है कि "राज्य वर्ग संघर्ष की असाध्य अभिव्यक्ति है।"
कारण (R): लेनिन का मानना था कि समाज में अमीर और गरीब के बीच का वर्ग संघर्ष कभी खत्म नहीं हो सकता, इसलिए इस संघर्ष को दबाए रखने के लिए 'राज्य' नाम की संस्था हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रहेगी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लेनिन का मानना था कि समाज में अमीर और गरीब के बीच का वर्ग संघर्ष कभी खत्म नहीं हो सकता, इसलिए इस संघर्ष को दबाए रखने के लिए 'राज्य' नाम की संस्था हमेशा किसी न किसी रूप में बनी रहेगी।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स जहाँ राज्य को लुप्त (Wither away) कर देना चाहते थे, वहीं लेनिन व्यावहारिक थे। उन्होंने कहा कि वर्ग संघर्ष 'असाध्य' (जिसका कोई इलाज न हो) है, इसलिए राज्य (डंडा) हमेशा रहेगा।
व्याख्या: मार्क्स जहाँ राज्य को लुप्त (Wither away) कर देना चाहते थे, वहीं लेनिन व्यावहारिक थे। उन्होंने कहा कि वर्ग संघर्ष 'असाध्य' (जिसका कोई इलाज न हो) है, इसलिए राज्य (डंडा) हमेशा रहेगा।
32. "श्रेणी समाजवाद (Guild Socialism), फेबियनवाद (समष्टिवाद) तथा श्रमिक संघवाद का समन्वय (Synthesis) है।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: D) जी.डी.एच. कोल (G.D.H. Cole)
व्याख्या: फेबियनवाद (उपभोक्ताओं पर जोर) और श्रमिक संघवाद (उत्पादकों पर जोर) की अति से बचते हुए, कोल ने 'श्रेणी समाजवाद' दिया जो दोनों का गोल्डन बैलेंस (समन्वय) है।
व्याख्या: फेबियनवाद (उपभोक्ताओं पर जोर) और श्रमिक संघवाद (उत्पादकों पर जोर) की अति से बचते हुए, कोल ने 'श्रेणी समाजवाद' दिया जो दोनों का गोल्डन बैलेंस (समन्वय) है।
33. बहु-कथन प्रश्न: 'फासीवाद' (Fascism) के प्रमुख सिद्धान्तों में क्या शामिल नहीं है?
1. सिद्धान्तहीनता और अवसरवादिता पर आधारित।
2. पूँजीवाद और साम्यवाद दोनों का विरोध।
3. अंतरराष्ट्रीय शांति और संयुक्त राष्ट्र संघ में पूर्ण विश्वास।
4. महामानव पूजा (विशिष्ट वर्ग) और लोकतंत्र का विरोध।
सही कूट (जो शामिल नहीं है):
2. पूँजीवाद और साम्यवाद दोनों का विरोध।
3. अंतरराष्ट्रीय शांति और संयुक्त राष्ट्र संघ में पूर्ण विश्वास।
4. महामानव पूजा (विशिष्ट वर्ग) और लोकतंत्र का विरोध।
सही उत्तर: B) केवल 3
व्याख्या: फासीवाद 'अंतरराष्ट्रीय शांति' में विश्वास नहीं करता। यह घोर युद्धप्रेमी (Militaristic) विचारधारा है। मुसोलिनी ने कहा था, "इटली या तो अपना विस्तार करे या नष्ट हो जाये।"
व्याख्या: फासीवाद 'अंतरराष्ट्रीय शांति' में विश्वास नहीं करता। यह घोर युद्धप्रेमी (Militaristic) विचारधारा है। मुसोलिनी ने कहा था, "इटली या तो अपना विस्तार करे या नष्ट हो जाये।"
34. कार्ल मार्क्स का 'द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद' (Dialectical Materialism), जो कि उनके सम्पूर्ण दर्शन का मूलाधार है, किस दार्शनिक के विचारों से प्रेरित (उधार लिया हुआ) है?
सही उत्तर: B) हीगल (Hegel)
व्याख्या: हीगल ने 'द्वन्द' (Dialectic) का सिद्धांत दिया था (वाद, प्रतिवाद, संवाद) जो विचारों पर आधारित था। मार्क्स ने इसे हीगल से लिया और इसे 'भौतिक जगत' (पदार्थ) पर लागू कर दिया।
व्याख्या: हीगल ने 'द्वन्द' (Dialectic) का सिद्धांत दिया था (वाद, प्रतिवाद, संवाद) जो विचारों पर आधारित था। मार्क्स ने इसे हीगल से लिया और इसे 'भौतिक जगत' (पदार्थ) पर लागू कर दिया।
35. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्सवाद यह मानता है कि साम्यवादी व्यवस्था (Communism) में समाज 'राज्यविहीन व वर्गविहीन' हो जायेगा。
कारण (R): मार्क्स के अनुसार राज्य केवल वर्गों (अमीर-गरीब) को बनाये रखने और शोषण करने के लिए बनाया गया है। जब पूँजीवाद का विनाश होगा और सभी समान हो जाएंगे (कोई वर्ग नहीं बचेगा), तो राज्य नाम की शोषणकारी मशीन की कोई आवश्यकता नहीं रह जाएगी और वह स्वतः लुप्त हो जाएगा।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स के अनुसार राज्य केवल वर्गों (अमीर-गरीब) को बनाये रखने और शोषण करने के लिए बनाया गया है। जब पूँजीवाद का विनाश होगा और सभी समान हो जाएंगे (कोई वर्ग नहीं बचेगा), तो राज्य नाम की शोषणकारी मशीन की कोई आवश्यकता नहीं रह जाएगी और वह स्वतः लुप्त हो जाएगा।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स की यह सबसे बड़ी कल्पना थी कि क्रांति के बाद 'सर्वहारा का अधिनायकवाद' आएगा, जो बचे-खुचे पूँजीपतियों को मिटा देगा। जब सिर्फ मजदूर बचेंगे, तो डंडा (राज्य) चलाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
व्याख्या: मार्क्स की यह सबसे बड़ी कल्पना थी कि क्रांति के बाद 'सर्वहारा का अधिनायकवाद' आएगा, जो बचे-खुचे पूँजीपतियों को मिटा देगा। जब सिर्फ मजदूर बचेंगे, तो डंडा (राज्य) चलाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
36. "आधुनिक औद्योगिक व्यवस्था से घृणा करने वाले और मध्यकालीन श्रेणियों की व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की चाह रखने वाले" किस विचारक ने अपनी पुस्तक 'रेस्टोरेशन ऑफ गिल्ड सोशलिज्म' लिखी?
सही उत्तर: C) आर्थर जोसेफ पेंटी (Arthur Penty)
व्याख्या: पेंटी पहले एक फेबियन थे, पर उन्होंने देखा कि कारखानों ने मजदूरों का जीवन नीरस कर दिया है। उन्होंने गिल्ड समाजवाद का विचार दिया ताकि मध्यकालीन कलात्मक स्वतंत्रता वापस आ सके।
व्याख्या: पेंटी पहले एक फेबियन थे, पर उन्होंने देखा कि कारखानों ने मजदूरों का जीवन नीरस कर दिया है। उन्होंने गिल्ड समाजवाद का विचार दिया ताकि मध्यकालीन कलात्मक स्वतंत्रता वापस आ सके।
37. बहु-कथन प्रश्न: 'काल्पनिक समाजवाद' (Utopian Socialism) के विचारकों में कौन-कौन शामिल हैं?
1. राबर्ट ओवन (Robert Owen)
2. सेंट साइमन (Saint-Simon)
3. चार्ल्स फूरियर (Charles Fourier)
4. कार्ल मार्क्स (Karl Marx)
सही कूट:
2. सेंट साइमन (Saint-Simon)
3. चार्ल्स फूरियर (Charles Fourier)
4. कार्ल मार्क्स (Karl Marx)
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कार्ल मार्क्स 'वैज्ञानिक समाजवाद' के जनक हैं। उन्होंने ओवन, साइमन और फूरियर को 'काल्पनिक' (हवा-हवाई) कहकर उनकी आलोचना की थी।
व्याख्या: कार्ल मार्क्स 'वैज्ञानिक समाजवाद' के जनक हैं। उन्होंने ओवन, साइमन और फूरियर को 'काल्पनिक' (हवा-हवाई) कहकर उनकी आलोचना की थी।
38. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): महात्मा गाँधी की विचारधारा को 'दार्शनिक अराजकतावाद' के साथ जोड़कर देखा जाता है。
कारण (R): गाँधी जी राज्य (जो हिंसा पर आधारित है) का विरोध करते थे और उन्होंने अहिंसा और 'रोटी के लिए श्रम' का सिद्धान्त रूसी अराजकतावादी लियो टॉलस्टॉय (Leo Tolstoy) से ग्रहण किया था।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): गाँधी जी राज्य (जो हिंसा पर आधारित है) का विरोध करते थे और उन्होंने अहिंसा और 'रोटी के लिए श्रम' का सिद्धान्त रूसी अराजकतावादी लियो टॉलस्टॉय (Leo Tolstoy) से ग्रहण किया था।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: गाँधी जी का 'रामराज्य' एक प्रकार का राज्यविहीन समाज ही है, जो पुलिस या सेना की हिंसा के बिना आत्म-नियंत्रण (नैतिकता) से चलता है। यह शुद्ध रूप से टॉलस्टॉय का प्रभाव है।
व्याख्या: गाँधी जी का 'रामराज्य' एक प्रकार का राज्यविहीन समाज ही है, जो पुलिस या सेना की हिंसा के बिना आत्म-नियंत्रण (नैतिकता) से चलता है। यह शुद्ध रूप से टॉलस्टॉय का प्रभाव है।
39. "बुर्जुआ (Bourgeois)" और "सर्वहारा (Proletariat)" शब्दों का प्रयोग मुख्य रूप से किस विचारधारा में किया जाता है?
सही उत्तर: C) मार्क्सवाद (Marxism)
व्याख्या: मार्क्स ने पूँजीपति या मालिक वर्ग को 'बुर्जुआ' (अमीर) और शोषित या मजदूर वर्ग को 'सर्वहारा' (गरीब) कहा है। मार्क्सवाद इन्हीं दोनों के बीच के वर्ग संघर्ष का इतिहास है।
व्याख्या: मार्क्स ने पूँजीपति या मालिक वर्ग को 'बुर्जुआ' (अमीर) और शोषित या मजदूर वर्ग को 'सर्वहारा' (गरीब) कहा है। मार्क्सवाद इन्हीं दोनों के बीच के वर्ग संघर्ष का इतिहास है।
40. बहु-कथन प्रश्न: 'नव-मार्क्सवाद' (Neo-Marxism) और 'फ्रैंकफर्ट स्कूल' के सन्दर्भ में सही कथन चुनें:
1. इसका जन्म जर्मनी में हुआ और इसके मुख्य प्रवर्तक मैक्स होर्खीमर (Max Horkheimer) थे।
2. थियोडोर एडोर्नो, हर्बर्ट मार्क्यूज और जुर्गेन हैबरमास इसके प्रमुख समर्थक हैं।
3. यह 'प्रौद्योगिकी' को मानव के अमानवीयकरण का स्रोत मानता है।
4. ये विचारक कार्ल मार्क्स के आर्थिक ढांचे (Base) की बजाय रूसो के 'प्रकृतिवादी' विचारों से अधिक प्रेरित हैं।
सही कूट:
2. थियोडोर एडोर्नो, हर्बर्ट मार्क्यूज और जुर्गेन हैबरमास इसके प्रमुख समर्थक हैं।
3. यह 'प्रौद्योगिकी' को मानव के अमानवीयकरण का स्रोत मानता है।
4. ये विचारक कार्ल मार्क्स के आर्थिक ढांचे (Base) की बजाय रूसो के 'प्रकृतिवादी' विचारों से अधिक प्रेरित हैं।
सही उत्तर: B) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: नव-मार्क्सवाद ने पुराने मार्क्सवाद की कमियों (जो सिर्फ पैसे पर अटका था) को दूर किया और 'संस्कृति, मशीनरी और पर्यावरण' को भी मनुष्य की आज़ादी के लिए ज़रूरी माना।
व्याख्या: नव-मार्क्सवाद ने पुराने मार्क्सवाद की कमियों (जो सिर्फ पैसे पर अटका था) को दूर किया और 'संस्कृति, मशीनरी और पर्यावरण' को भी मनुष्य की आज़ादी के लिए ज़रूरी माना।
41. 'टू नेशन थ्योरी' (Two Nation Theory / द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त) का जनक किसे माना जाता है, जिसका उल्लेख भारतीय विचारकों के सन्दर्भ में आता है?
सही उत्तर: C) मोहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah)
व्याख्या: जिन्ना ने 1940 में लाहौर अधिवेशन में आधिकारिक रूप से 'द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त' प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर भारत और पाकिस्तान का बँटवारा हुआ।
व्याख्या: जिन्ना ने 1940 में लाहौर अधिवेशन में आधिकारिक रूप से 'द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त' प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर भारत और पाकिस्तान का बँटवारा हुआ।
42. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): समाजवाद (Socialism) और व्यक्तिवाद (Individualism) एक-दूसरे के धुर विरोधी (विलोम) हैं。
कारण (R): व्यक्तिवाद जहाँ राज्य को 'साधन' और व्यक्ति को 'साध्य' मानता है, वहीं समाजवाद राज्य (या समाज) को 'साध्य' मानता है और व्यक्ति का हित राज्य के हित में ही विलीन देखता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): व्यक्तिवाद जहाँ राज्य को 'साधन' और व्यक्ति को 'साध्य' मानता है, वहीं समाजवाद राज्य (या समाज) को 'साध्य' मानता है और व्यक्ति का हित राज्य के हित में ही विलीन देखता है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: समाजवाद 'राष्ट्रीयकरण या सरकारीकरण' का पक्षधर है। यह मानता है कि व्यक्ति अकेला कुछ नहीं है, सरकार (समाज) ही जन-कल्याण के लिए सारी योजनाएं चलाएगी।
व्याख्या: समाजवाद 'राष्ट्रीयकरण या सरकारीकरण' का पक्षधर है। यह मानता है कि व्यक्ति अकेला कुछ नहीं है, सरकार (समाज) ही जन-कल्याण के लिए सारी योजनाएं चलाएगी।
43. फासीवाद के सम्बन्ध में "आयात कुछ नहीं, निर्यात कुछ नहीं" का नारा क्या दर्शाता है?
सही उत्तर: B) आर्थिक आत्मनिर्भरता (Autarky) और उग्र आर्थिक राष्ट्रवाद।
व्याख्या: मुसोलिनी और हिटलर चाहते थे कि उनका देश किसी दूसरे देश पर निर्भर न रहे। वे अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया से काट कर पूरी तरह आत्मनिर्भर (Autarky) बनाना चाहते थे।
व्याख्या: मुसोलिनी और हिटलर चाहते थे कि उनका देश किसी दूसरे देश पर निर्भर न रहे। वे अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया से काट कर पूरी तरह आत्मनिर्भर (Autarky) बनाना चाहते थे।
44. बहु-कथन प्रश्न: 'लोकतांत्रिक समाजवाद' (Democratic Socialism) के सन्दर्भ में क्या असत्य (False) है?
1. यह मार्क्सवाद के 'हिंसक क्रांति' के मार्ग को पूर्णतः नकारता है।
2. यह पूँजीवाद को समाप्त करने के लिए तानाशाही (अधिनायकवाद) का समर्थन करता है।
3. यह मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) का प्रबल पक्षधर है।
4. इसका अर्थ है "लोकतंत्र समाजवादी हो, और समाजवाद को लोकतांत्रिक तरीके से लाया जाए।"
सही कूट:
2. यह पूँजीवाद को समाप्त करने के लिए तानाशाही (अधिनायकवाद) का समर्थन करता है।
3. यह मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) का प्रबल पक्षधर है।
4. इसका अर्थ है "लोकतंत्र समाजवादी हो, और समाजवाद को लोकतांत्रिक तरीके से लाया जाए।"
सही उत्तर: C) केवल 2
व्याख्या: कथन 2 असत्य है। 'तानाशाही' मार्क्सवाद (सर्वहारा का अधिनायकवाद) का लक्षण है। लोकतांत्रिक समाजवाद (भारत/नेहरू) चुनाव, संसद और संविधान के माध्यम से बदलाव में यकीन रखता है।
व्याख्या: कथन 2 असत्य है। 'तानाशाही' मार्क्सवाद (सर्वहारा का अधिनायकवाद) का लक्षण है। लोकतांत्रिक समाजवाद (भारत/नेहरू) चुनाव, संसद और संविधान के माध्यम से बदलाव में यकीन रखता है।
45. नव-हीगलवादी दार्शनिक बेनेदेतो क्रोचे (Benedetto Croce) ने 'फासीवाद' को क्या कहकर परिभाषित किया था?
सही उत्तर: A) "एक बौद्धिक एवं नैतिक रोग"
व्याख्या: इतालवी दार्शनिक क्रोचे, जो शुरुआत में मुसोलिनी के समर्थक थे, बाद में फासीवाद के घोर विरोधी बन गए और इसे मानवता के लिए एक भयंकर नैतिक बीमारी बताया।
व्याख्या: इतालवी दार्शनिक क्रोचे, जो शुरुआत में मुसोलिनी के समर्थक थे, बाद में फासीवाद के घोर विरोधी बन गए और इसे मानवता के लिए एक भयंकर नैतिक बीमारी बताया।
46. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्स का 'वर्ग संघर्ष का सिद्धान्त' (Class Struggle) ऐतिहासिक भौतिकवाद का व्यावहारिक रूप है。
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि इतिहास केवल राजाओं की कहानियाँ नहीं है, बल्कि "अब तक का इतिहास एक वर्ग (अमीर) द्वारा दूसरे वर्ग (गरीब) के शोषण और उनके बीच होने वाले संघर्ष का इतिहास है।"
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि इतिहास केवल राजाओं की कहानियाँ नहीं है, बल्कि "अब तक का इतिहास एक वर्ग (अमीर) द्वारा दूसरे वर्ग (गरीब) के शोषण और उनके बीच होने वाले संघर्ष का इतिहास है।"
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो' की शुरुआत ही इसी पंक्ति से होती है: "The history of all hitherto existing society is the history of class struggles."
व्याख्या: 'कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो' की शुरुआत ही इसी पंक्ति से होती है: "The history of all hitherto existing society is the history of class struggles."
47. "राज्य अनावश्यक बुराई है।" (State is an unnecessary evil). यह प्रसिद्ध नारा किस 'साम्यवादी अराजकतावादी' विचारक के नाम के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने अराजकतावाद को चरम पर पहुँचाया?
सही उत्तर: C) पीटर क्रोपोटकिन (Peter Kropotkin)
व्याख्या: यद्यपि सभी अराजकतावादी राज्य को अनावश्यक बुराई मानते हैं, लेकिन क्रोपोटकिन ने अपनी रचनाओं में इसे सैद्धांतिक रूप से इतना स्थापित कर दिया कि यह कोट उन्हीं के नाम से जाना जाता है।
व्याख्या: यद्यपि सभी अराजकतावादी राज्य को अनावश्यक बुराई मानते हैं, लेकिन क्रोपोटकिन ने अपनी रचनाओं में इसे सैद्धांतिक रूप से इतना स्थापित कर दिया कि यह कोट उन्हीं के नाम से जाना जाता है।
48. बहु-कथन प्रश्न: फासीवादी तानाशाही के दौर में उनके उद्घोषों/नारों के सन्दर्भ में क्या सही है?
1. "एक राष्ट्र, एक दल, एक नेता" (One nation, One party, One leader)।
2. "हर पेट को खाना, हर तन को कपड़ा, हर हाथ को काम तथा हर परिवार को मकान" (हिटलर का चुनावी नारा)।
3. इटली में नेता को 'ड्यूस' (Duce) और जर्मनी में 'फ्यूहरर' (Führer) कहा गया।
4. "इटली या तो अपना विस्तार करे या नष्ट हो जाये" (मुसोलिनी)।
सही कूट:
2. "हर पेट को खाना, हर तन को कपड़ा, हर हाथ को काम तथा हर परिवार को मकान" (हिटलर का चुनावी नारा)।
3. इटली में नेता को 'ड्यूस' (Duce) और जर्मनी में 'फ्यूहरर' (Führer) कहा गया।
4. "इटली या तो अपना विस्तार करे या नष्ट हो जाये" (मुसोलिनी)।
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: फासीवाद जन-भावनाओं को भड़काने में माहिर था। हिटलर ने लोकतांत्रिक तरीके से लोकलुभावन वादे करके सत्ता हासिल की और फिर लोकतंत्र को ही पैरों तले कुचल दिया।
व्याख्या: फासीवाद जन-भावनाओं को भड़काने में माहिर था। हिटलर ने लोकतांत्रिक तरीके से लोकलुभावन वादे करके सत्ता हासिल की और फिर लोकतंत्र को ही पैरों तले कुचल दिया।
49. फ्रांस में जन्मे 'श्रमिक संघवाद' (Syndicalism) और इंग्लैण्ड में जन्मे 'फेबियनवाद' में मुख्य अंतर क्या है?
सही उत्तर: B) श्रमिक संघवाद हिंसक... जबकि फेबियनवाद शांतिपूर्ण... है।
व्याख्या: जार्ज सोरेल का सिंडीकालिज्म सीधे तौर पर मशीनों को तोड़ने (Sabotage) की बात करता है, जबकि सिडनी वेब का फेबियनवाद चुनावों के माध्यम से कानून बनाकर (संसद) सुधार चाहता है।
व्याख्या: जार्ज सोरेल का सिंडीकालिज्म सीधे तौर पर मशीनों को तोड़ने (Sabotage) की बात करता है, जबकि सिडनी वेब का फेबियनवाद चुनावों के माध्यम से कानून बनाकर (संसद) सुधार चाहता है।
50. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद का जन्म 'कर्म की आवश्यकता' से हुआ, न कि किसी पूर्व निर्धारित बौद्धिक सिद्धान्त से。
कारण (R): मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि "हम किसी पूर्वनिश्चित सिद्धान्त में विश्वास नहीं करते; हमारा उद्देश्य कर्म करना है, बोलना नहीं।"
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि "हम किसी पूर्वनिश्चित सिद्धान्त में विश्वास नहीं करते; हमारा उद्देश्य कर्म करना है, बोलना नहीं।"
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: फासीवाद की सबसे बड़ी खासियत उसकी 'सिद्धान्तहीनता' (Opportunism) थी। मुसोलिनी ने कहा था कि हम परिस्थिति के अनुसार रुढ़िवादी, क्रांतिकारी, कानूनी या गैर-कानूनी कुछ भी हो सकते हैं—लक्ष्य सिर्फ सत्ता है।
व्याख्या: फासीवाद की सबसे बड़ी खासियत उसकी 'सिद्धान्तहीनता' (Opportunism) थी। मुसोलिनी ने कहा था कि हम परिस्थिति के अनुसार रुढ़िवादी, क्रांतिकारी, कानूनी या गैर-कानूनी कुछ भी हो सकते हैं—लक्ष्य सिर्फ सत्ता है।
51. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्सवाद (Marxism) को 'प्रगतिवादी दर्शन' (Progressive Philosophy) भी कहा जाता है, जो 'ऐतिहासिक पद्धति' पर आधारित है。
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि इतिहास का विकास एक चक्रीय प्रक्रिया (Cyclic process) है, जहाँ समाजवाद के बाद अंततः वापस पूँजीवाद आ जाएगा, इसलिए मनुष्य को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि इतिहास का विकास एक चक्रीय प्रक्रिया (Cyclic process) है, जहाँ समाजवाद के बाद अंततः वापस पूँजीवाद आ जाएगा, इसलिए मनुष्य को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
सही उत्तर: C) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
व्याख्या: मार्क्सवाद इतिहास को चक्रीय नहीं, बल्कि 'रेखीय (Linear) और प्रगतिशील' मानता है। उनके अनुसार समाज का अंतिम और सर्वोच्च लक्ष्य 'साम्यवाद' (राज्यविहीन और वर्गविहीन समाज) है, जिसके बाद कोई नया वर्ग संघर्ष या पूँजीवाद वापस नहीं आएगा।
व्याख्या: मार्क्सवाद इतिहास को चक्रीय नहीं, बल्कि 'रेखीय (Linear) और प्रगतिशील' मानता है। उनके अनुसार समाज का अंतिम और सर्वोच्च लक्ष्य 'साम्यवाद' (राज्यविहीन और वर्गविहीन समाज) है, जिसके बाद कोई नया वर्ग संघर्ष या पूँजीवाद वापस नहीं आएगा।
52. 'सिंडीकालिज्म' (Syndicalism) शब्द फ्रांसीसी भाषा के 'सिंडिकेट' (Syndicate) से बना है। राजनीति विज्ञान में इसका सटीक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: C) श्रमिक संघ (Trade Union) जो उद्योगों पर कब्ज़ा करना चाहता है।
व्याख्या: 'सिंडिकेट' का अर्थ है मज़दूरों (श्रमिकों) का संघ। बुर्जुआ (पूँजीपति) के ठीक विपरीत, यह संघ सामूहिक शक्ति (हड़ताल/तोड़फोड़) के माध्यम से उद्योगों का संचालन स्वयं करना चाहता है।
व्याख्या: 'सिंडिकेट' का अर्थ है मज़दूरों (श्रमिकों) का संघ। बुर्जुआ (पूँजीपति) के ठीक विपरीत, यह संघ सामूहिक शक्ति (हड़ताल/तोड़फोड़) के माध्यम से उद्योगों का संचालन स्वयं करना चाहता है।
53. बहु-कथन प्रश्न: 'फासीवाद' (Fascism) की उत्पत्ति और प्रकृति के विषय में सही कथन का चयन करें:
1. यह इटालियन शब्द 'फैशियो' (Fascio) से बना है, जिसका अर्थ लकड़ियों का गट्ठर या 'अनुशासन एवं एकता' है।
2. इसके प्रेरणास्रोत के रूप में 'आदर्शवाद' (Idealism) को देखा जाता है।
3. यह व्यक्ति की स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है।
4. नव-हीगलवादी दार्शनिक बेनेदेतो क्रोचे ने इसे "एक बौद्धिक एवं नैतिक रोग" बताया था।
सही कूट:
2. इसके प्रेरणास्रोत के रूप में 'आदर्शवाद' (Idealism) को देखा जाता है।
3. यह व्यक्ति की स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है।
4. नव-हीगलवादी दार्शनिक बेनेदेतो क्रोचे ने इसे "एक बौद्धिक एवं नैतिक रोग" बताया था।
सही उत्तर: E) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल गलत है। फासीवाद 'सर्वाधिकारवादी' (Totalitarian) है। यह व्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचलकर उसे राज्य में विलीन कर देता है (राज्य के बाहर कुछ नहीं)।
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल गलत है। फासीवाद 'सर्वाधिकारवादी' (Totalitarian) है। यह व्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचलकर उसे राज्य में विलीन कर देता है (राज्य के बाहर कुछ नहीं)।
54. 'विकासात्मक समाजवाद' (Evolutionary Socialism) की किस शाखा के प्रवर्तक फर्डीनेंड लासाल (Ferdinand Lassalle) माने जाते हैं?
सही उत्तर: C) जर्मन सामाजिक लोकतंत्र (German Social Democracy)
व्याख्या: जर्मनी में लासाल ने संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से समाजवाद लाने पर बल दिया और मज़दूरों को हिंसक क्रांति की जगह एक 'राजनीतिक दल' के रूप में चुनाव लड़ने की सलाह दी।
व्याख्या: जर्मनी में लासाल ने संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से समाजवाद लाने पर बल दिया और मज़दूरों को हिंसक क्रांति की जगह एक 'राजनीतिक दल' के रूप में चुनाव लड़ने की सलाह दी।
55. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): कार्ल मार्क्स का 'द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद' (Dialectical Materialism) हीगल के 'द्वन्द' के सिद्धान्त का ही एक परिष्कृत और उल्टा रूप है。
कारण (R): हीगल का मानना था कि 'विचार' (Idea) ही दुनिया को चलाता है, जबकि मार्क्स ने कहा कि दुनिया 'विचार' से नहीं बल्कि 'पदार्थ' (Matter/भौतिक परिस्थितियों) के टकराव (वाद-प्रतिवाद) से आगे बढ़ती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): हीगल का मानना था कि 'विचार' (Idea) ही दुनिया को चलाता है, जबकि मार्क्स ने कहा कि दुनिया 'विचार' से नहीं बल्कि 'पदार्थ' (Matter/भौतिक परिस्थितियों) के टकराव (वाद-प्रतिवाद) से आगे बढ़ती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स ने स्वयं कहा था कि "हीगल का द्वंद्ववाद सिर के बल खड़ा था, मैंने उसे पैरों के बल सीधा कर दिया।" मार्क्स ने 'विचार' की जगह 'पदार्थ/अर्थव्यवस्था' को दुनिया के विकास का मूल कारण माना।
व्याख्या: मार्क्स ने स्वयं कहा था कि "हीगल का द्वंद्ववाद सिर के बल खड़ा था, मैंने उसे पैरों के बल सीधा कर दिया।" मार्क्स ने 'विचार' की जगह 'पदार्थ/अर्थव्यवस्था' को दुनिया के विकास का मूल कारण माना।
56. भारत में 'अन्त्योदय' (Antyodaya) अर्थात् समाज के अंतिम और सबसे पिछड़े व्यक्ति के उत्थान का समाजवादी विचार मुख्य रूप से किसने प्रस्तुत किया था?
सही उत्तर: E) दीनदयाल उपाध्याय
व्याख्या: भारत में समाजवाद के कई रूप रहे हैं। जहाँ नेहरू ने 'लोकतांत्रिक समाजवाद' दिया, वहीं दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के तहत 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उदय) का सिद्धांत दिया।
व्याख्या: भारत में समाजवाद के कई रूप रहे हैं। जहाँ नेहरू ने 'लोकतांत्रिक समाजवाद' दिया, वहीं दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के तहत 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उदय) का सिद्धांत दिया।
57. बहु-कथन प्रश्न: 'श्रेणी समाजवाद' (Guild Socialism) के विषय में सही कथनों को पहचानें:
1. यह केवल उपभोक्ताओं (Consumers) पर ध्यान केंद्रित करता है।
2. इसके जनक जी.डी.एच. कोल (G.D.H. Cole) हैं।
3. यह 'फेबियनवाद' और 'श्रमिक संघवाद' का समन्वय (Synthesis) है।
4. यह राज्य को पूर्ण रूप से नष्ट करना चाहता है।
सही कूट:
2. इसके जनक जी.डी.एच. कोल (G.D.H. Cole) हैं।
3. यह 'फेबियनवाद' और 'श्रमिक संघवाद' का समन्वय (Synthesis) है।
4. यह राज्य को पूर्ण रूप से नष्ट करना चाहता है।
सही उत्तर: C) केवल 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 गलत है (यह उपभोक्ता और उत्पादक दोनों का समन्वय करता है)। कथन 4 भी गलत है क्योंकि यह राज्य को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी शक्तियों को 'सीमित' करके 'बहुलवादी' व्यवस्था (Guilds) बनाता है।
व्याख्या: कथन 1 गलत है (यह उपभोक्ता और उत्पादक दोनों का समन्वय करता है)। कथन 4 भी गलत है क्योंकि यह राज्य को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी शक्तियों को 'सीमित' करके 'बहुलवादी' व्यवस्था (Guilds) बनाता है।
58. फ्रैंकफर्ट स्कूल (Frankfurt School) के किस प्रमुख नव-मार्क्सवादी विचारक ने आगाह किया था कि "आज हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं, जहाँ Technology ने सभी को अपने जाल में जकड़ रखा है और व्यक्ति की स्वतंत्रता नष्ट हो रही है"?
सही उत्तर: D) थियोडोर एडोर्नो (Theodor Adorno)
व्याख्या: एडोर्नो 'प्रौद्योगिकी के आधिपत्य' (Technological domination) के कट्टर आलोचक थे। उनका मानना था कि पूँजीवाद ने मशीनों के ज़रिए इंसान को एक 'कृत्रिम यंत्र' में बदल दिया है।
व्याख्या: एडोर्नो 'प्रौद्योगिकी के आधिपत्य' (Technological domination) के कट्टर आलोचक थे। उनका मानना था कि पूँजीवाद ने मशीनों के ज़रिए इंसान को एक 'कृत्रिम यंत्र' में बदल दिया है।
59. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): अराजकतावाद (Anarchism) को मार्क्सवाद से भी अधिक उग्र (Radical) विचारधारा माना जाता है, जहाँ तक राज्य के विरोध का प्रश्न है。
कारण (R): मार्क्सवाद जहाँ राज्य को केवल पूँजीवाद के समाप्त होने तक एक 'संक्रमणकालीन उपकरण' (सर्वहारा के अधिनायकवाद के रूप में) बनाए रखना चाहता है, वहीं अराजकतावाद 'राज्य' नाम की संस्था का तुरंत और पूर्ण रूप से सफाया करना चाहता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्सवाद जहाँ राज्य को केवल पूँजीवाद के समाप्त होने तक एक 'संक्रमणकालीन उपकरण' (सर्वहारा के अधिनायकवाद के रूप में) बनाए रखना चाहता है, वहीं अराजकतावाद 'राज्य' नाम की संस्था का तुरंत और पूर्ण रूप से सफाया करना चाहता है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: अराजकतावादी राज्य का नाम तक सुनना पसंद नहीं करते। बाकुनिन और मार्क्स के बीच पहले इंटरनेशनल (First International) में इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था कि क्रांति के तुरंत बाद राज्य को खत्म किया जाए या नहीं।
व्याख्या: अराजकतावादी राज्य का नाम तक सुनना पसंद नहीं करते। बाकुनिन और मार्क्स के बीच पहले इंटरनेशनल (First International) में इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था कि क्रांति के तुरंत बाद राज्य को खत्म किया जाए या नहीं।
60. "हम किसी पूर्वनिश्चित सिद्धान्त में विश्वास नहीं करते... हमारा उद्देश्य कर्म करना है बोलना नहीं।" सिद्धान्तहीनता (Opportunism) पर आधारित यह घोषणा किस फासीवादी तानाशाह की है?
सही उत्तर: A) बेनिटो मुसोलिनी (Mussolini)
व्याख्या: मुसोलिनी ने इटली में फासीवाद लागू करते समय स्पष्ट कहा था कि उनका कोई तय सिद्धांत नहीं है, वे देश काल और परिस्थिति के अनुसार अपना रूप (क्रांतिकारी या रुढ़िवादी) बदल सकते हैं।
व्याख्या: मुसोलिनी ने इटली में फासीवाद लागू करते समय स्पष्ट कहा था कि उनका कोई तय सिद्धांत नहीं है, वे देश काल और परिस्थिति के अनुसार अपना रूप (क्रांतिकारी या रुढ़िवादी) बदल सकते हैं।
61. बहु-कथन प्रश्न: 'अराजकतावादी विचारकों' के सम्बन्ध में सही मिलान कौन-सा है?
1. विलियम गॉडविन = व्यक्तिवादी अराजकतावादी (राज्य और संपत्ति दोनों का विरोध)।
2. पियरे-जोसेफ प्रोधों = "सम्पत्ति चोरी है"।
3. पीटर क्रोपोटकिन = "राज्य एक अनावश्यक बुराई है" (साम्यवादी अराजकतावाद)।
4. महात्मा गाँधी = दार्शनिक अराजकतावाद (निजी संपत्ति के लिए ट्रस्टीशिप का सिद्धान्त)।
सही कूट:
2. पियरे-जोसेफ प्रोधों = "सम्पत्ति चोरी है"।
3. पीटर क्रोपोटकिन = "राज्य एक अनावश्यक बुराई है" (साम्यवादी अराजकतावाद)।
4. महात्मा गाँधी = दार्शनिक अराजकतावाद (निजी संपत्ति के लिए ट्रस्टीशिप का सिद्धान्त)।
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: ये सभी मिलान अराजकतावाद की 3 मुख्य शाखाओं (व्यक्तिवादी, साम्यवादी, और दार्शनिक) का बिल्कुल सटीक और सही विवरण प्रस्तुत करते हैं।
व्याख्या: ये सभी मिलान अराजकतावाद की 3 मुख्य शाखाओं (व्यक्तिवादी, साम्यवादी, और दार्शनिक) का बिल्कुल सटीक और सही विवरण प्रस्तुत करते हैं।
62. कार्ल मार्क्स की प्रसिद्ध संकल्पना 'साम्यवाद' (Communism) का अंतिम लक्ष्य क्या है?
सही उत्तर: D) एक राज्यविहीन व वर्गविहीन समाज की स्थापना...
व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि जब पूँजीवाद खत्म हो जाएगा तो समाज में कोई 'वर्ग' (अमीर-गरीब) नहीं बचेगा। वर्ग खत्म होते ही 'राज्य' भी खत्म हो जाएगा। इसे ही साम्यवाद कहा गया।
व्याख्या: मार्क्स का मानना था कि जब पूँजीवाद खत्म हो जाएगा तो समाज में कोई 'वर्ग' (अमीर-गरीब) नहीं बचेगा। वर्ग खत्म होते ही 'राज्य' भी खत्म हो जाएगा। इसे ही साम्यवाद कहा गया।
63. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद (Fascism) और नाजीवाद 'लोकतंत्र' (Democracy) के प्रबल समर्थक माने जाते हैं。
कारण (R): क्योंकि हिटलर ने "हर पेट को खाना, हर तन को कपड़ा" का नारा देकर लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से ही जर्मनी की सत्ता प्राप्त की थी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि हिटलर ने "हर पेट को खाना, हर तन को कपड़ा" का नारा देकर लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से ही जर्मनी की सत्ता प्राप्त की थी।
सही उत्तर: D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
व्याख्या: कथन (A) पूरी तरह गलत है। फासीवाद लोकतंत्र का घोर विरोधी है। यद्यपि यह सच है (कारण R) कि हिटलर ने सत्ता पाने के लिए 'लोकतांत्रिक चुनावों' का इस्तेमाल किया, लेकिन सत्ता पाते ही उसने लोकतंत्र को कुचल कर तानाशाही स्थापित कर दी।
व्याख्या: कथन (A) पूरी तरह गलत है। फासीवाद लोकतंत्र का घोर विरोधी है। यद्यपि यह सच है (कारण R) कि हिटलर ने सत्ता पाने के लिए 'लोकतांत्रिक चुनावों' का इस्तेमाल किया, लेकिन सत्ता पाते ही उसने लोकतंत्र को कुचल कर तानाशाही स्थापित कर दी।
64. जॉर्ज ल्यूकाच (György Lukács) द्वारा व्याख्यायित 'पराएपन के सिद्धान्त' (Theory of Alienation) में 'प्रकृति से अलगाव' (Alienation from Nature) का क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर: A) मज़दूर का मशीनों के साथ काम करते-करते संवेदनहीन हो जाना...
व्याख्या: पूँजीवादी कारखानों में एक ही तरह का काम लगातार मशीनों की तरह करते-करते मज़दूर अपनी इंसानियत और रचनात्मकता खो देता है, जिसे 'प्रकृति से कटना' कहा गया है।
व्याख्या: पूँजीवादी कारखानों में एक ही तरह का काम लगातार मशीनों की तरह करते-करते मज़दूर अपनी इंसानियत और रचनात्मकता खो देता है, जिसे 'प्रकृति से कटना' कहा गया है।
65. बहु-कथन प्रश्न: कार्ल मार्क्स के 'अतिरिक्त मूल्य के सिद्धान्त' (Theory of Surplus Value) के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. यह सिद्धान्त यह बताता है कि पूँजीपति मज़दूरों का शोषण कैसे करते हैं।
2. यह डेविड रिकार्डो के 'मज़दूरी के लौह नियम' पर आधारित है।
3. इसके अनुसार, किसी वस्तु के 'विनिमय मूल्य' और मज़दूर को दी गई 'लागत/मज़दूरी' के बीच का अंतर ही अतिरिक्त मूल्य है।
4. मार्क्स का मानना था कि यह 'अतिरिक्त मूल्य' न्यायपूर्ण रूप से पूँजीपति को ही मिलना चाहिए।
सही कूट:
2. यह डेविड रिकार्डो के 'मज़दूरी के लौह नियम' पर आधारित है।
3. इसके अनुसार, किसी वस्तु के 'विनिमय मूल्य' और मज़दूर को दी गई 'लागत/मज़दूरी' के बीच का अंतर ही अतिरिक्त मूल्य है।
4. मार्क्स का मानना था कि यह 'अतिरिक्त मूल्य' न्यायपूर्ण रूप से पूँजीपति को ही मिलना चाहिए।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। मार्क्स के अनुसार यह अतिरिक्त मूल्य पूँजीपति की "चोरी" है, क्योंकि इसे पैदा मज़दूर की मेहनत ने किया था, इसलिए इस पर अधिकार भी मज़दूर का ही होना चाहिए।
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। मार्क्स के अनुसार यह अतिरिक्त मूल्य पूँजीपति की "चोरी" है, क्योंकि इसे पैदा मज़दूर की मेहनत ने किया था, इसलिए इस पर अधिकार भी मज़दूर का ही होना चाहिए।
66. "जहाँ-जहाँ जर्मन है, वहाँ-वहाँ जर्मनी है।" उग्र राष्ट्रवाद और नस्लीय श्रेष्ठता (Racial Supremacy) को दर्शाने वाला यह कथन किस तानाशाही शासक का है?
सही उत्तर: C) एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler)
व्याख्या: हिटलर नाजीवाद का प्रणेता था। वह जर्मन (आर्यन) नस्ल को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानता था। इसी कट्टर जातिवाद के कारण उसने यहूदियों का भीषण नरसंहार (Holocaust) करवाया था।
व्याख्या: हिटलर नाजीवाद का प्रणेता था। वह जर्मन (आर्यन) नस्ल को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानता था। इसी कट्टर जातिवाद के कारण उसने यहूदियों का भीषण नरसंहार (Holocaust) करवाया था।
67. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): एंटोनियो ग्राम्शी (Antonio Gramsci) को 'मार्क्सवादी संशोधनवादी' के नाम से भी जाना जाता है。
कारण (R): ग्राम्शी ने मार्क्सवाद की उस मूल मान्यता में संशोधन किया जिसमें केवल 'आधार' (Base/अर्थव्यवस्था) को सब कुछ माना गया था। ग्राम्शी ने 'अधिसंरचना' (विचारधारा, नागरिक समाज) को आधिपत्य स्थापित करने का मुख्य साधन बताया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ग्राम्शी ने मार्क्सवाद की उस मूल मान्यता में संशोधन किया जिसमें केवल 'आधार' (Base/अर्थव्यवस्था) को सब कुछ माना गया था। ग्राम्शी ने 'अधिसंरचना' (विचारधारा, नागरिक समाज) को आधिपत्य स्थापित करने का मुख्य साधन बताया।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: ग्राम्शी ने इटली की जेल से 'प्रिजन नोटबुक्स' में लिखा कि पूँजीवाद सिर्फ बंदूक (राज्य) से नहीं टिका है, बल्कि वह नागरिक समाज (स्कूल/मीडिया) के ज़रिए मज़दूरों के दिमाग को 'कंट्रोल' कर लेता है (Hegemony)। यह मार्क्सवाद में बहुत बड़ा संशोधन था।
व्याख्या: ग्राम्शी ने इटली की जेल से 'प्रिजन नोटबुक्स' में लिखा कि पूँजीवाद सिर्फ बंदूक (राज्य) से नहीं टिका है, बल्कि वह नागरिक समाज (स्कूल/मीडिया) के ज़रिए मज़दूरों के दिमाग को 'कंट्रोल' कर लेता है (Hegemony)। यह मार्क्सवाद में बहुत बड़ा संशोधन था।
68. एडवर्ड बर्नस्टीन (Eduard Bernstein) की प्रसिद्ध पुस्तक का क्या नाम है, जिसमें उन्होंने हिंसक क्रांति को नकारते हुए 'संशोधनवाद' या 'विकासात्मक समाजवाद' की नींव रखी?
सही उत्तर: C) Evolutionary Socialism
व्याख्या: जर्मनी के बर्नस्टीन ने अपनी इस पुस्तक में मार्क्स की भविष्यवाणियों (कि पूँजीवाद ढह जाएगा) को गलत साबित किया और कहा कि समाजवाद बंदूक से नहीं, बल्कि संसद (मतदान) के जरिये 'विकास' (Evolution) के रूप में आएगा।
व्याख्या: जर्मनी के बर्नस्टीन ने अपनी इस पुस्तक में मार्क्स की भविष्यवाणियों (कि पूँजीवाद ढह जाएगा) को गलत साबित किया और कहा कि समाजवाद बंदूक से नहीं, बल्कि संसद (मतदान) के जरिये 'विकास' (Evolution) के रूप में आएगा।
69. बहु-कथन प्रश्न: 'लेनिनवाद' (Leninism) के विषय में सही कथनों का चयन करें:
1. लेनिन ने 1917 की 'बोलशेविक क्रांति' के माध्यम से रूस में मार्क्सवाद लागू किया।
2. लेनिन ने क्रांतिकारी की भूमिका में केवल मज़दूरों को नहीं, बल्कि 'सैनिकों और किसानों' को भी शामिल किया।
3. लेनिन का मानना था कि साम्यवाद आने के बाद भी 'राज्य' और 'वर्ग संघर्ष' हमेशा बना रहेगा।
4. लास्की ने लेनिन को 'आधुनिक इतिहास का महानतम व्यावहारिक क्रांतिकारी' कहा था।
सही कूट:
2. लेनिन ने क्रांतिकारी की भूमिका में केवल मज़दूरों को नहीं, बल्कि 'सैनिकों और किसानों' को भी शामिल किया।
3. लेनिन का मानना था कि साम्यवाद आने के बाद भी 'राज्य' और 'वर्ग संघर्ष' हमेशा बना रहेगा।
4. लास्की ने लेनिन को 'आधुनिक इतिहास का महानतम व्यावहारिक क्रांतिकारी' कहा था।
सही उत्तर: B) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: लेनिन ने मार्क्स की थ्योरी को रूस की ज़मीनी हकीकत के हिसाब से बदल दिया। उन्होंने महसूस किया कि पूर्ण साम्यवाद (जहाँ राज्य न हो) एक यूटोपिया है, इसलिए उन्होंने 'State and Revolution' में स्पष्ट किया कि राज्य हमेशा बना रहेगा।
व्याख्या: लेनिन ने मार्क्स की थ्योरी को रूस की ज़मीनी हकीकत के हिसाब से बदल दिया। उन्होंने महसूस किया कि पूर्ण साम्यवाद (जहाँ राज्य न हो) एक यूटोपिया है, इसलिए उन्होंने 'State and Revolution' में स्पष्ट किया कि राज्य हमेशा बना रहेगा।
70. "धर्म, विज्ञान और प्रगति दोनों का शत्रु है।" राज्य और निजी सम्पत्ति के साथ-साथ धर्म पर यह प्रहार करने वाले अराजकतावादी विचारक कौन थे?
सही उत्तर: C) पियरे-जोसेफ प्रोधों (P.J. Proudhon)
व्याख्या: प्रोधों ने धर्म को एक अफीम और प्रगति का शत्रु माना। उनका मानना था कि धर्म लोगों को अंधविश्वासी बनाकर उनके शोषण को आसान बना देता है।
व्याख्या: प्रोधों ने धर्म को एक अफीम और प्रगति का शत्रु माना। उनका मानना था कि धर्म लोगों को अंधविश्वासी बनाकर उनके शोषण को आसान बना देता है।
71. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): श्रमिक संघवाद (Syndicalism) को 'संगठित अराजकतावाद' (Organized Anarchism) भी कहा जाता है。
कारण (R): क्योंकि अराजकतावाद की ही तरह श्रमिक संघवाद भी 'राज्य को एक बुराई' मानता है और उसे हिंसक तरीकों (आम हड़ताल/तोड़फोड़) से नष्ट करके समाज का नियंत्रण श्रमिक संघों (Syndicates) को सौंपना चाहता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि अराजकतावाद की ही तरह श्रमिक संघवाद भी 'राज्य को एक बुराई' मानता है और उसे हिंसक तरीकों (आम हड़ताल/तोड़फोड़) से नष्ट करके समाज का नियंत्रण श्रमिक संघों (Syndicates) को सौंपना चाहता है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: दोनों ही विचारधाराएं राज्य की घोर विरोधी हैं। बस सिंडीकालिज्म इसके लिए मज़दूरों के 'संगठित संघ' (C.G.T) का उपयोग करता है, इसलिए इसे संगठित अराजकतावाद कहा गया।
व्याख्या: दोनों ही विचारधाराएं राज्य की घोर विरोधी हैं। बस सिंडीकालिज्म इसके लिए मज़दूरों के 'संगठित संघ' (C.G.T) का उपयोग करता है, इसलिए इसे संगठित अराजकतावाद कहा गया।
72. 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' (Historical Materialism) के अनुसार, समाज का विकास किन आर्थिक युगों के क्रम (Sequence) में होता है?
सही उत्तर: B) आदिम साम्यवाद ➔ दास युग ➔ सामंतवाद ➔ पूँजीवाद ➔ सर्वहारा का अधिनायकवाद ➔ साम्यवाद
व्याख्या: मार्क्स ने इतिहास की 6 अवस्थाएं बताई हैं। शुरू में कोई निजी संपत्ति नहीं थी (आदिम साम्यवाद), फिर खेती/उद्योग आने से दास, सामंत और पूँजीपति वर्ग बने। अंत में क्रांति के बाद पुनः वर्गविहीन समाज (साम्यवाद) आ जाएगा।
व्याख्या: मार्क्स ने इतिहास की 6 अवस्थाएं बताई हैं। शुरू में कोई निजी संपत्ति नहीं थी (आदिम साम्यवाद), फिर खेती/उद्योग आने से दास, सामंत और पूँजीपति वर्ग बने। अंत में क्रांति के बाद पुनः वर्गविहीन समाज (साम्यवाद) आ जाएगा।
73. "हमें उचित समय का इंतजार करना चाहिए, लेकिन जब उचित समय आवे तो लक्ष्य पर यकायक प्रहार करना चाहिए..." यह कूटनीतिक विचार रोम के किस सेनापति का था, जिसके नाम पर इंग्लैण्ड की एक प्रमुख समाजवादी संस्था का नाम रखा गया?
सही उत्तर: B) फेबियस (Fabius)
व्याख्या: 'फेबियन सोसायटी' का नाम रोमन जनरल फेबियस मैक्सिमस के नाम पर रखा गया था (पोडमोर द्वारा सुझाया गया)। यह संस्था इसी 'धीमी लेकिन सटीक' रणनीति (Gradualism) में विश्वास रखती है।
व्याख्या: 'फेबियन सोसायटी' का नाम रोमन जनरल फेबियस मैक्सिमस के नाम पर रखा गया था (पोडमोर द्वारा सुझाया गया)। यह संस्था इसी 'धीमी लेकिन सटीक' रणनीति (Gradualism) में विश्वास रखती है।
74. बहु-कथन प्रश्न: फासीवादी विचारधारा (Fascism) के मुख्य लक्षणों को पहचानें:
1. यह 'बहुलवाद' (Pluralism) का समर्थन करता है।
2. यह 'अंधराष्ट्रवाद' (Chauvinism) और युद्ध की महिमामंडन करता है।
3. यह 'महामानव पूजा' (Hero-worship / विशिष्ट वर्ग) में विश्वास रखता है।
4. यह राज्य के आदेशों से ऊपर 'अंतरराष्ट्रीय कानूनों' को मानता है।
सही कूट:
2. यह 'अंधराष्ट्रवाद' (Chauvinism) और युद्ध की महिमामंडन करता है।
3. यह 'महामानव पूजा' (Hero-worship / विशिष्ट वर्ग) में विश्वास रखता है।
4. यह राज्य के आदेशों से ऊपर 'अंतरराष्ट्रीय कानूनों' को मानता है।
सही उत्तर: D) केवल 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 गलत है (बहुलवाद राज्य की शक्तियों को बांटता है, जबकि फासीवाद शक्ति का केंद्रीकरण चाहता है)। कथन 4 भी गलत है क्योंकि फासीवाद राष्ट्र को सर्वोच्च मानता है और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को धता बता देता है।
व्याख्या: कथन 1 गलत है (बहुलवाद राज्य की शक्तियों को बांटता है, जबकि फासीवाद शक्ति का केंद्रीकरण चाहता है)। कथन 4 भी गलत है क्योंकि फासीवाद राष्ट्र को सर्वोच्च मानता है और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को धता बता देता है।
75. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्स का 'वैज्ञानिक समाजवाद' मानता है कि क्रांति सामाजिक परिवर्तन का एक 'अनिवार्य माध्यम' (Inevitable means) है。
कारण (R): मार्क्स के अनुसार, पूँजीपति स्वेच्छा से या शांतिपूर्ण/लोकतांत्रिक तरीके से कभी भी अपनी सम्पत्ति और सत्ता गरीबों को नहीं सौंपेंगे, इसलिए उन्हें बलपूर्वक (हिंसात्मक क्रांति द्वारा) ही बेदखल किया जा सकता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स के अनुसार, पूँजीपति स्वेच्छा से या शांतिपूर्ण/लोकतांत्रिक तरीके से कभी भी अपनी सम्पत्ति और सत्ता गरीबों को नहीं सौंपेंगे, इसलिए उन्हें बलपूर्वक (हिंसात्मक क्रांति द्वारा) ही बेदखल किया जा सकता है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यही कारण है कि मार्क्सवाद को 'क्रांतिकारी समाजवाद' कहा जाता है। मार्क्स का प्रसिद्ध कथन है: "बल (Force) प्रत्येक उस पुराने समाज की दाई (Midwife) है, जिसके गर्भ में एक नया समाज पल रहा होता है।"
व्याख्या: यही कारण है कि मार्क्सवाद को 'क्रांतिकारी समाजवाद' कहा जाता है। मार्क्स का प्रसिद्ध कथन है: "बल (Force) प्रत्येक उस पुराने समाज की दाई (Midwife) है, जिसके गर्भ में एक नया समाज पल रहा होता है।"
76. महात्मा गाँधी के दार्शनिक अराजकतावाद में 'ट्रस्टीशिप' (Trusteeship / न्यास) के सिद्धान्त का क्या अभिप्राय है?
सही उत्तर: A) सम्पत्ति पर व्यक्ति का 'वैयक्तिक स्वामित्व' हो सकता है, लेकिन...
व्याख्या: गाँधी जी ने मार्क्स के 'हिंसक' वर्ग संघर्ष को नकारते हुए 'हृदय परिवर्तन' पर बल दिया। उन्होंने पूँजीपतियों से कहा कि वे अपनी जरूरत भर का धन रखें और बाकी को समाज की धरोहर (Trust) मानकर दान कर दें।
व्याख्या: गाँधी जी ने मार्क्स के 'हिंसक' वर्ग संघर्ष को नकारते हुए 'हृदय परिवर्तन' पर बल दिया। उन्होंने पूँजीपतियों से कहा कि वे अपनी जरूरत भर का धन रखें और बाकी को समाज की धरोहर (Trust) मानकर दान कर दें।
77. बहु-कथन प्रश्न: 'लोकतांत्रिक समाजवाद' (Democratic Socialism), जो कि भारत जैसे देशों में अपनाया गया, उसके प्रमुख कदमों में क्या-क्या शामिल हैं?
1. पंचवर्षीय योजनाओं का संचालन।
2. ज़मींदारी प्रथा का हिंसक क्रांति से सफाया।
3. बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalization)।
4. प्रिवी पर्स (देशी रियासतों के विशेषाधिकार) की समाप्ति।
सही कूट:
2. ज़मींदारी प्रथा का हिंसक क्रांति से सफाया।
3. बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalization)।
4. प्रिवी पर्स (देशी रियासतों के विशेषाधिकार) की समाप्ति।
सही उत्तर: B) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। भारत में ज़मींदारी का उन्मूलन हिंसक क्रांति से नहीं, बल्कि संसद में संवैधानिक कानून बनाकर (लोकतांत्रिक तरीके से) किया गया था।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। भारत में ज़मींदारी का उन्मूलन हिंसक क्रांति से नहीं, बल्कि संसद में संवैधानिक कानून बनाकर (लोकतांत्रिक तरीके से) किया गया था।
78. "युद्ध सदाबहार तथा विश्व व्यापी है, युद्ध जिन्दगी है, हर संघर्ष युद्ध है..." यह उग्र सैन्यवादी (Militaristic) विचारधारा किस की है?
सही उत्तर: D) एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler)
व्याख्या: नाजीवाद (हिटलर) और फासीवाद (मुसोलिनी) दोनों का मानना था कि शांति कायरता की निशानी है। जो राष्ट्र युद्ध नहीं करता, वह नष्ट हो जाता है (Social Darwinism का उग्र रूप)।
व्याख्या: नाजीवाद (हिटलर) और फासीवाद (मुसोलिनी) दोनों का मानना था कि शांति कायरता की निशानी है। जो राष्ट्र युद्ध नहीं करता, वह नष्ट हो जाता है (Social Darwinism का उग्र रूप)।
79. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): ग्राम्शी की विचारधारा में 'आधार' (Base) और 'अधिसंरचना' (Superstructure) दोनों का महत्व है, परन्तु उन्होंने अधिसंरचना पर अधिक बल दिया है。
कारण (R): ग्राम्शी ने अधिसंरचना को दो भागों में बांटा— 'बल प्रयोग मूलक संस्था' (सेना/पुलिस) और 'वैधानिक मूलक संस्था' (चर्च/स्कूल)। उनका मानना था कि पूँजीवादी आधिपत्य मुख्य रूप से 'बल प्रयोग मूलक संस्थाओं' की बंदूकों पर टिका होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ग्राम्शी ने अधिसंरचना को दो भागों में बांटा— 'बल प्रयोग मूलक संस्था' (सेना/पुलिस) और 'वैधानिक मूलक संस्था' (चर्च/स्कूल)। उनका मानना था कि पूँजीवादी आधिपत्य मुख्य रूप से 'बल प्रयोग मूलक संस्थाओं' की बंदूकों पर टिका होता है।
सही उत्तर: B) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है。
व्याख्या: कारण (R) का अंतिम भाग गलत है। ग्राम्शी ने स्पष्ट कहा था कि आधिपत्य (Hegemony) बंदूकों पर नहीं, बल्कि वैधानिक मूलक संस्थाओं (चर्च/स्कूल/नागरिक समाज) द्वारा पैदा की गई बौद्धिक और वैचारिक सहमति पर टिका होता है।
व्याख्या: कारण (R) का अंतिम भाग गलत है। ग्राम्शी ने स्पष्ट कहा था कि आधिपत्य (Hegemony) बंदूकों पर नहीं, बल्कि वैधानिक मूलक संस्थाओं (चर्च/स्कूल/नागरिक समाज) द्वारा पैदा की गई बौद्धिक और वैचारिक सहमति पर टिका होता है।
80. 'द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त' (Two Nation Theory), जो भारत और पाकिस्तान के विभाजन का आधार बना, का मुख्य तर्क क्या था?
सही उत्तर: C) कि हिन्दू और मुसलमान केवल दो अलग धर्म नहीं, बल्कि दो अलग-अलग 'राष्ट्र' हैं...
व्याख्या: मोहम्मद अली जिन्ना ने 1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में यह तर्क दिया था कि चूँकि दोनों धर्मों के नायकों और जीवन दर्शन में कोई समानता नहीं है, इसलिए वे एक राष्ट्र के रूप में नहीं रह सकते।
व्याख्या: मोहम्मद अली जिन्ना ने 1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में यह तर्क दिया था कि चूँकि दोनों धर्मों के नायकों और जीवन दर्शन में कोई समानता नहीं है, इसलिए वे एक राष्ट्र के रूप में नहीं रह सकते।
81. बहु-कथन प्रश्न: 'श्रेणी समाजवाद' (Guild Socialism) और 'श्रमिक संघवाद' (Syndicalism) के बीच समानताओं और विषमताओं के सन्दर्भ में क्या सत्य है?
1. दोनों ही व्यवस्थाएं 'औद्योगिक प्रजातंत्र' (उद्योगों पर श्रमिकों का नियंत्रण) का समर्थन करती हैं।
2. श्रमिक संघवाद राज्य को पूरी तरह नष्ट (अराजकता) करना चाहता है।
3. श्रेणी समाजवाद राज्य को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी शक्तियों को सीमित कर बहुलवादी व्यवस्था बनाता है।
4. दोनों ही विचारधाराएं लोकतांत्रिक चुनाव (संसद) और शांतिपूर्ण तरीकों का प्रबल समर्थन करती हैं।
सही कूट:
2. श्रमिक संघवाद राज्य को पूरी तरह नष्ट (अराजकता) करना चाहता है।
3. श्रेणी समाजवाद राज्य को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी शक्तियों को सीमित कर बहुलवादी व्यवस्था बनाता है।
4. दोनों ही विचारधाराएं लोकतांत्रिक चुनाव (संसद) और शांतिपूर्ण तरीकों का प्रबल समर्थन करती हैं।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। श्रमिक संघवाद संसद और शांतिपूर्ण तरीकों का घोर विरोधी है (वह हड़ताल/तोड़फोड़ में विश्वास करता है), जबकि श्रेणी समाजवाद लोकतांत्रिक तरीकों में विश्वास करता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। श्रमिक संघवाद संसद और शांतिपूर्ण तरीकों का घोर विरोधी है (वह हड़ताल/तोड़फोड़ में विश्वास करता है), जबकि श्रेणी समाजवाद लोकतांत्रिक तरीकों में विश्वास करता है।
82. "मार्क्स के सूत्र लेनिन के सूत्र रहे, किन्तु लेनिनवाद का अर्थ मार्क्सवाद से बहुत भिन्न हो गया।" लेनिन द्वारा मार्क्सवाद में किये गए भारी संशोधनों पर यह सटीक टिप्पणी किसकी है?
सही उत्तर: A) सेबाइन (G.H. Sabine)
व्याख्या: सेबाइन ने देखा कि मार्क्स ने जहाँ 'मज़दूरों की स्वतः स्फूर्त क्रांति' की बात की थी, वहीं लेनिन ने 'पार्टी की तानाशाही' (Vanguard party) स्थापित कर दी, जिससे थ्योरी का पूरा व्यावहारिक अर्थ ही बदल गया।
व्याख्या: सेबाइन ने देखा कि मार्क्स ने जहाँ 'मज़दूरों की स्वतः स्फूर्त क्रांति' की बात की थी, वहीं लेनिन ने 'पार्टी की तानाशाही' (Vanguard party) स्थापित कर दी, जिससे थ्योरी का पूरा व्यावहारिक अर्थ ही बदल गया।
83. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्स का मानना था कि साम्यवादी समाज (Communist Society) में "प्रत्येक अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करेगा और अपनी आवश्यकता के अनुसार वेतन (प्रतिफल) पाएगा।"
कारण (R): क्योंकि साम्यवाद में उत्पादन के सभी साधनों पर सम्पूर्ण समाज का साझा नियंत्रण हो जाएगा और समाज इतनी प्रचुरता पैदा कर लेगा कि किसी भी व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकताएं अधूरी नहीं रहेंगी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि साम्यवाद में उत्पादन के सभी साधनों पर सम्पूर्ण समाज का साझा नियंत्रण हो जाएगा और समाज इतनी प्रचुरता पैदा कर लेगा कि किसी भी व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकताएं अधूरी नहीं रहेंगी।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यह मार्क्स की सबसे यूटोपियन (आदर्श) कल्पना थी। पूँजीवाद की समाप्ति के बाद, लालच खत्म हो जाएगा और मनुष्य समाज की भलाई के लिए स्वेच्छा से काम करेगा।
व्याख्या: यह मार्क्स की सबसे यूटोपियन (आदर्श) कल्पना थी। पूँजीवाद की समाप्ति के बाद, लालच खत्म हो जाएगा और मनुष्य समाज की भलाई के लिए स्वेच्छा से काम करेगा।
84. फ्रैंकफर्ट स्कूल (नव-मार्क्सवाद) के विचारकों का मुख्य दार्शनिक प्रेरणास्रोत (Inspiration) कौन था, जिनकी प्रकृतिवादी शिक्षाओं से वे अत्यधिक प्रभावित थे?
सही उत्तर: D) जीन जैक्स रूसो (J.J. Rousseau)
व्याख्या: रूसो ने कहा था "प्रकृति की ओर लौटो" (Return to nature)। नव-मार्क्सवादियों ने भी मशीनी और तकनीकी सभ्यता का विरोध करते हुए इसी प्रकृतिवादी दर्शन को अपना आधार बनाया।
व्याख्या: रूसो ने कहा था "प्रकृति की ओर लौटो" (Return to nature)। नव-मार्क्सवादियों ने भी मशीनी और तकनीकी सभ्यता का विरोध करते हुए इसी प्रकृतिवादी दर्शन को अपना आधार बनाया।
85. बहु-कथन प्रश्न: 'समाजवाद' (Socialism) की सामान्य प्रकृति के विषय में क्या सत्य है?
1. यह व्यक्तिवाद का विलोम है।
2. यह 'राष्ट्रीयकरण या सरकारीकरण' का समर्थन करता है।
3. यह मानता है कि 'व्यक्ति का हित राज्य/समाज के हित में ही निहित है'।
4. यह राज्य को 'साधन' (Means) और व्यक्ति को 'साध्य' (End) मानता है।
सही कूट:
2. यह 'राष्ट्रीयकरण या सरकारीकरण' का समर्थन करता है।
3. यह मानता है कि 'व्यक्ति का हित राज्य/समाज के हित में ही निहित है'।
4. यह राज्य को 'साधन' (Means) और व्यक्ति को 'साध्य' (End) मानता है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'राज्य को साधन और व्यक्ति को साध्य' मानना व्यक्तिवाद (उदारवाद) का लक्षण है। समाजवाद इसका उल्टा है; यह राज्य/समाज को 'साध्य' (End) मानता है और व्यक्ति को उसका एक अंश।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'राज्य को साधन और व्यक्ति को साध्य' मानना व्यक्तिवाद (उदारवाद) का लक्षण है। समाजवाद इसका उल्टा है; यह राज्य/समाज को 'साध्य' (End) मानता है और व्यक्ति को उसका एक अंश।
86. "One Step Backward, Two Steps Forward" (एक कदम पीछे, दो कदम आगे)। क्रांति और दल के संगठन के सम्बन्ध में यह प्रसिद्ध रणनीति/कथन किसका है?
सही उत्तर: B) व्लादिमीर लेनिन (Lenin)
व्याख्या: लेनिन एक महान रणनीतिकार थे। उनका मानना था कि यदि क्रांति के रास्ते में कोई बड़ी बाधा आए, तो रणनीति के तहत थोड़ा पीछे हटना चाहिए, ताकि दोगुनी ताकत से आगे बढ़ा जा सके।
व्याख्या: लेनिन एक महान रणनीतिकार थे। उनका मानना था कि यदि क्रांति के रास्ते में कोई बड़ी बाधा आए, तो रणनीति के तहत थोड़ा पीछे हटना चाहिए, ताकि दोगुनी ताकत से आगे बढ़ा जा सके।
87. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद (Fascism) की विचारधारा मार्क्सवाद के 'वर्ग संघर्ष' (Class Struggle) को सिरे से खारिज कर देती है。
कारण (R): क्योंकि फासीवाद 'राष्ट्रीय एकता' और 'निगमनात्मक राज्य' पर बल देता है। यह मानता है कि समाज में अमीर और गरीब के बीच लड़ाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोनों को मिलकर राज्य (राष्ट्र) की शक्ति बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि फासीवाद 'राष्ट्रीय एकता' और 'निगमनात्मक राज्य' पर बल देता है। यह मानता है कि समाज में अमीर और गरीब के बीच लड़ाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोनों को मिलकर राज्य (राष्ट्र) की शक्ति बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: फासीवाद पूंजीवाद और साम्यवाद (मार्क्सवाद) दोनों का विरोधी है। यह वर्ग-संघर्ष की जगह 'वर्ग-सहयोग' (Class collaboration) चाहता है ताकि पूरा देश एक 'फैसियो' (लकड़ी के गट्ठर) की तरह मज़बूत रहे।
व्याख्या: फासीवाद पूंजीवाद और साम्यवाद (मार्क्सवाद) दोनों का विरोधी है। यह वर्ग-संघर्ष की जगह 'वर्ग-सहयोग' (Class collaboration) चाहता है ताकि पूरा देश एक 'फैसियो' (लकड़ी के गट्ठर) की तरह मज़बूत रहे।
88. कार्ल पॉपर (Karl Popper) ने मार्क्सवाद की तीखी आलोचना करते हुए उसे क्या कहा था?
सही उत्तर: A) "अवैध एवं विद्रोही संतान" और "मुक्त समाज का दुश्मन"
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'The Open Society and Its Enemies' में कार्ल पॉपर ने मार्क्सवाद की 'क्रांतिकारी/यूटोपियन' सोच को खुले और लोकतांत्रिक समाज के लिए एक बड़ा खतरा (दुश्मन) बताया था।
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'The Open Society and Its Enemies' में कार्ल पॉपर ने मार्क्सवाद की 'क्रांतिकारी/यूटोपियन' सोच को खुले और लोकतांत्रिक समाज के लिए एक बड़ा खतरा (दुश्मन) बताया था।
89. बहु-कथन प्रश्न: 'काल्पनिक समाजवाद' (Utopian Socialism) और 'वैज्ञानिक समाजवाद' (Scientific Socialism/Marxism) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
1. काल्पनिक समाजवादियों ने केवल पूँजीवाद की बुराइयां बताईं, पर समाधान नहीं दिया।
2. मार्क्स (वैज्ञानिक समाजवाद) ने इतिहास की आर्थिक व्याख्या करके समाधान (क्रांति) का मार्ग प्रशस्त किया।
3. काल्पनिक समाजवादी हिंसक क्रांति के प्रबल समर्थक थे।
4. मार्क्स का समाजवाद दार्शनिक आधार (हीगल के द्वंद्ववाद) और आर्थिक तर्कों से पुष्ट है।
सही कूट:
2. मार्क्स (वैज्ञानिक समाजवाद) ने इतिहास की आर्थिक व्याख्या करके समाधान (क्रांति) का मार्ग प्रशस्त किया।
3. काल्पनिक समाजवादी हिंसक क्रांति के प्रबल समर्थक थे।
4. मार्क्स का समाजवाद दार्शनिक आधार (हीगल के द्वंद्ववाद) और आर्थिक तर्कों से पुष्ट है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। काल्पनिक समाजवादी (जैसे रॉबर्ट ओवन) हिंसक क्रांति के समर्थक नहीं थे; वे नैतिकता, दान और अच्छे विचारों के ज़रिए अमीरों का हृदय परिवर्तन करके समाजवाद लाना चाहते थे।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। काल्पनिक समाजवादी (जैसे रॉबर्ट ओवन) हिंसक क्रांति के समर्थक नहीं थे; वे नैतिकता, दान और अच्छे विचारों के ज़रिए अमीरों का हृदय परिवर्तन करके समाजवाद लाना चाहते थे।
90. व्लादिमीर लेनिन (Lenin) ने मार्क्सवाद के किस सिद्धान्त को "श्रमजीवी क्रांति के युग का मार्क्सवाद" (Marxism of the era of proletarian revolution) कहकर परिभाषित किया था? (नोट: यह परिभाषा वास्तव में लेनिनवाद के लिए दी गई थी)
सही उत्तर: B) जोसेफ स्टालिन ने (Stalin)
व्याख्या: जोसेफ स्टालिन ने 'लेनिनवाद' को परिभाषित करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा था कि "लेनिनवाद साम्राज्यवाद तथा श्रमजीवी क्रांति के युग का मार्क्सवाद है।"
व्याख्या: जोसेफ स्टालिन ने 'लेनिनवाद' को परिभाषित करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा था कि "लेनिनवाद साम्राज्यवाद तथा श्रमजीवी क्रांति के युग का मार्क्सवाद है।"
91. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फेबियनवाद (Fabianism) और श्रेणी समाजवाद (Guild Socialism) दोनों ही 'लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण' तरीकों में विश्वास करते हैं。
कारण (R): ये दोनों विचारधाराएं इंग्लैण्ड (ब्रिटेन) में जन्मी हैं, जहाँ की राजनीतिक संस्कृति हमेशा से हिंसक क्रांति के बजाय क्रमिक और संसदीय सुधारों (Gradualism) की पक्षधर रही है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ये दोनों विचारधाराएं इंग्लैण्ड (ब्रिटेन) में जन्मी हैं, जहाँ की राजनीतिक संस्कृति हमेशा से हिंसक क्रांति के बजाय क्रमिक और संसदीय सुधारों (Gradualism) की पक्षधर रही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: फ्रांस (सिंडीकालिज्म) और रूस/जर्मनी (मार्क्सवाद) की उग्र राजनीति के विपरीत, ब्रिटेन का समाजवाद हमेशा से संयमित, विकासवादी और संसदीय प्रक्रिया (संवैधानिक) पर आधारित रहा है।
व्याख्या: फ्रांस (सिंडीकालिज्म) और रूस/जर्मनी (मार्क्सवाद) की उग्र राजनीति के विपरीत, ब्रिटेन का समाजवाद हमेशा से संयमित, विकासवादी और संसदीय प्रक्रिया (संवैधानिक) पर आधारित रहा है।
92. 'जर्मन सामाजिक लोकतंत्र' के जनक फर्डीनेंड लासाल (Ferdinand Lassalle) ने पूँजीवाद को समाप्त करने के लिए मज़दूरों को क्या सलाह दी थी?
सही उत्तर: C) एक 'राजनीतिक दल' के रूप में संगठित होकर चुनाव लड़ने...
व्याख्या: लासाल (विकासात्मक समाजवादी) का मानना था कि लोकतंत्र मज़दूरों के हक़ में है, क्योंकि उनकी संख्या ज़्यादा है। अगर वे चुनाव लड़ेंगे तो बहुमत से सत्ता हासिल कर शांतिपूर्ण तरीके से समाजवाद ला सकते हैं।
व्याख्या: लासाल (विकासात्मक समाजवादी) का मानना था कि लोकतंत्र मज़दूरों के हक़ में है, क्योंकि उनकी संख्या ज़्यादा है। अगर वे चुनाव लड़ेंगे तो बहुमत से सत्ता हासिल कर शांतिपूर्ण तरीके से समाजवाद ला सकते हैं।
93. बहु-कथन प्रश्न: कार्ल मार्क्स की 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' (Historical Materialism) की व्याख्या के अनुसार क्या सही है?
1. इसे 'आर्थिक नियतिवाद' (Economic Determinism) भी कहा जाता है।
2. इसमें 'आधार' (Base) का तात्पर्य केवल धर्म और संस्कृति से है।
3. "आर्थिक परिस्थितियाँ ही सामाजिक परिस्थितियों का निर्धारण करती हैं।"
4. यह द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद के आधार पर इतिहास की आर्थिक व्याख्या है।
सही कूट:
2. इसमें 'आधार' (Base) का तात्पर्य केवल धर्म और संस्कृति से है।
3. "आर्थिक परिस्थितियाँ ही सामाजिक परिस्थितियों का निर्धारण करती हैं।"
4. यह द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद के आधार पर इतिहास की आर्थिक व्याख्या है।
सही उत्तर: C) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। मार्क्सवाद में 'आधार' (Base) का अर्थ उत्पादन के साधन और अर्थव्यवस्था है। धर्म, संस्कृति और राजनीति को 'अधिसंरचना' (Superstructure) कहा जाता है।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। मार्क्सवाद में 'आधार' (Base) का अर्थ उत्पादन के साधन और अर्थव्यवस्था है। धर्म, संस्कृति और राजनीति को 'अधिसंरचना' (Superstructure) कहा जाता है।
94. फासीवाद के सम्बन्ध में 'ड्यूस' (Duce) और 'फ्यूहरर' (Führer) शब्दों का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) ये फासीवादी और नाजीवादी 'तानाशाह / सर्वोच्च नेता' (Leader) की उपाधियाँ हैं।
व्याख्या: मुसोलिनी को इटली में 'इल ड्यूस' (The Leader) और हिटलर को जर्मनी में 'डेर फ्यूहरर' (The Leader/Guide) कहकर पुकारा जाता था, जिनकी आज्ञा का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य था।
व्याख्या: मुसोलिनी को इटली में 'इल ड्यूस' (The Leader) और हिटलर को जर्मनी में 'डेर फ्यूहरर' (The Leader/Guide) कहकर पुकारा जाता था, जिनकी आज्ञा का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य था।
95. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): भारतीय समाजवाद पर ब्रिटिश 'फेबियनवाद' की स्पष्ट छाप देखने को मिलती है, विशेषकर भारत के 'नीति-निर्देशक तत्वों' (DPSP) में。
कारण (R): भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू लोकतांत्रिक समाजवाद के पक्षधर थे और उन्होंने 'लेबर पार्टी' (जो फेबियनवाद के बहुत करीब थी) की तरह ही शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीकों (पंचवर्षीय योजना, मिश्रित अर्थव्यवस्था) से समाजवाद लाने का प्रयास किया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू लोकतांत्रिक समाजवाद के पक्षधर थे और उन्होंने 'लेबर पार्टी' (जो फेबियनवाद के बहुत करीब थी) की तरह ही शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीकों (पंचवर्षीय योजना, मिश्रित अर्थव्यवस्था) से समाजवाद लाने का प्रयास किया।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: भारत ने आज़ादी के बाद 'समाजवादी ढांचा' (Socialistic Pattern of Society) अपनाया। यह मार्क्सवाद की तरह हिंसक नहीं, बल्कि फेबियनवाद की तरह 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) पर आधारित था।
व्याख्या: भारत ने आज़ादी के बाद 'समाजवादी ढांचा' (Socialistic Pattern of Society) अपनाया। यह मार्क्सवाद की तरह हिंसक नहीं, बल्कि फेबियनवाद की तरह 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) पर आधारित था।
96. माओ (Mao Zedong) द्वारा प्रस्तुत 'निरंतर क्रांति' (Permanent Revolution) के सिद्धान्त का मूल उद्देश्य क्या था?
सही उत्तर: B) समाज में किसी नए शोषक वर्ग या नौकरशाही को पनपने से रोकना...
व्याख्या: माओ का (और ट्रॉटस्की का भी) मानना था कि क्रांति एक बार में खत्म नहीं होती। यदि क्रांति को रोक दिया गया, तो पार्टी के नेता ही नए 'पूँजीपति/ तानाशाह' बन जाएंगे। इसलिए सांस्कृतिक क्रांति (Cultural Revolution) लगातार चलती रहनी चाहिए।
व्याख्या: माओ का (और ट्रॉटस्की का भी) मानना था कि क्रांति एक बार में खत्म नहीं होती। यदि क्रांति को रोक दिया गया, तो पार्टी के नेता ही नए 'पूँजीपति/ तानाशाह' बन जाएंगे। इसलिए सांस्कृतिक क्रांति (Cultural Revolution) लगातार चलती रहनी चाहिए।
97. बहु-कथन प्रश्न: 'पराएपन/अलगाव के सिद्धान्त' (Theory of Alienation) के सन्दर्भ में क्या सत्य है?
1. 20वीं शताब्दी में इस सिद्धान्त का मुख्य विश्लेषण जॉर्ज ल्यूकाच ने किया।
2. इसके मूल विचार मार्क्स की 1844 की 'Economic and Philosophic Manuscripts' में मिलते हैं।
3. यह बताता है कि पूँजीवाद कैसे व्यक्ति को 'अमानवीय' और एक 'मशीन' में बदल देता है।
4. इसके अनुसार साम्यवाद में 'अलगाव' और बढ़ जाएगा।
सही कूट:
2. इसके मूल विचार मार्क्स की 1844 की 'Economic and Philosophic Manuscripts' में मिलते हैं।
3. यह बताता है कि पूँजीवाद कैसे व्यक्ति को 'अमानवीय' और एक 'मशीन' में बदल देता है।
4. इसके अनुसार साम्यवाद में 'अलगाव' और बढ़ जाएगा।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। मार्क्सवाद का मानना है कि साम्यवाद (Communism) आने पर मनुष्य इस 'अलगाव' (पराएपन) से मुक्त हो जाएगा और वह 'विवशता लोक से निकलकर स्वतंत्रता लोक' में पहुँच जाएगा (सच्चा मानववाद)।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। मार्क्सवाद का मानना है कि साम्यवाद (Communism) आने पर मनुष्य इस 'अलगाव' (पराएपन) से मुक्त हो जाएगा और वह 'विवशता लोक से निकलकर स्वतंत्रता लोक' में पहुँच जाएगा (सच्चा मानववाद)।
98. कार्ल मार्क्स के राजनीतिक और दार्शनिक दृष्टिकोण के बारे में कौन-सा कथन असत्य (False) है?
सही उत्तर: B) मार्क्स 'आदर्शवाद' (Idealism) और 'धर्म' के प्रबल समर्थक थे।
व्याख्या: यह पूरी तरह असत्य है। मार्क्स घोर 'भौतिकवादी' (Materialist) थे और आदर्शवाद (हीगल के विचारों) का उन्होंने खंडन किया। उन्होंने धर्म को "जनता के लिए अफीम" (Opium of the masses) कहा था।
व्याख्या: यह पूरी तरह असत्य है। मार्क्स घोर 'भौतिकवादी' (Materialist) थे और आदर्शवाद (हीगल के विचारों) का उन्होंने खंडन किया। उन्होंने धर्म को "जनता के लिए अफीम" (Opium of the masses) कहा था।
99. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): फासीवाद (Fascism) की विचारधारा अंतरराष्ट्रीय कानून (International Law) और शांति (Peace) को कोई महत्व नहीं देती है。
कारण (R): मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि "युद्ध पुरुषों के लिए वैसा ही है जैसा कि स्त्रियों के लिए मातृत्व।" फासीवाद युद्ध को जीवन और प्रगति का मूल आधार मानता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मुसोलिनी का स्पष्ट मानना था कि "युद्ध पुरुषों के लिए वैसा ही है जैसा कि स्त्रियों के लिए मातृत्व।" फासीवाद युद्ध को जीवन और प्रगति का मूल आधार मानता है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: फासीवाद की सबसे खतरनाक विशेषता उसका 'उग्र राष्ट्रवाद और सैन्यीकरण' (Militarism) था, जिसके कारण अंततः द्वितीय विश्व युद्ध हुआ।
व्याख्या: फासीवाद की सबसे खतरनाक विशेषता उसका 'उग्र राष्ट्रवाद और सैन्यीकरण' (Militarism) था, जिसके कारण अंततः द्वितीय विश्व युद्ध हुआ।
100. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक विचारधाराओं के 'तुलनात्मक निष्कर्ष' के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. 'फासीवाद' राज्य को सर्वशक्तिमान (साध्य) मानता है और व्यक्ति को केवल उसका साधन।
2. 'लोकतांत्रिक समाजवाद' राज्य को जन-कल्याण का एक साधन (Welfare body) मानता है।
3. 'मार्क्सवाद' राज्य को पूँजीपतियों के शोषण का यंत्र मानकर उसे अंततः समाप्त करना चाहता है।
4. 'अराजकतावाद' राज्य को एक अनावश्यक बुराई मानते हुए उसके तत्काल और पूर्ण विनाश की मांग करता है।
सही कूट:
2. 'लोकतांत्रिक समाजवाद' राज्य को जन-कल्याण का एक साधन (Welfare body) मानता है।
3. 'मार्क्सवाद' राज्य को पूँजीपतियों के शोषण का यंत्र मानकर उसे अंततः समाप्त करना चाहता है।
4. 'अराजकतावाद' राज्य को एक अनावश्यक बुराई मानते हुए उसके तत्काल और पूर्ण विनाश की मांग करता है।
सही उत्तर: D) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: यह इन चारों प्रमुख राजनीतिक विचारधाराओं का सबसे सटीक और सारगर्भित (Comprehensive) निष्कर्ष है। हर विचारधारा राज्य (State) और व्यक्ति (Individual) के संबंधों को अपने-अपने चश्मे से देखती है।
व्याख्या: यह इन चारों प्रमुख राजनीतिक विचारधाराओं का सबसे सटीक और सारगर्भित (Comprehensive) निष्कर्ष है। हर विचारधारा राज्य (State) और व्यक्ति (Individual) के संबंधों को अपने-अपने चश्मे से देखती है।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):50
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
★ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. श्रेणी समाजवाद (Guild Socialism) के जनक कौन हैं?
उत्तर: श्रेणी समाजवाद के जनक जी.डी.एच. कोल (G.D.H. Cole) माने जाते हैं, जिन्होंने 'उद्योगों में स्वशासन' का विचार दिया।
Q2. 'सम्पत्ति चोरी है' (Property is theft) यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध कथन व्यक्तिवादी अराजकतावादी विचारक प्रोधों (Proudhon) का है, जिसे उन्होंने अपनी पुस्तक 'What is Property' में लिखा था।
Q3. दार्शनिक अराजकतावाद (Philosophical Anarchism) के प्रमुख समर्थक कौन हैं?
उत्तर: दार्शनिक अराजकतावाद के प्रमुख समर्थकों में टॉलस्टॉय (Tolstoy) और महात्मा गाँधी का नाम आता है। इन्होंने राज्य को हिंसा का प्रतीक मानकर उसका शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया।
Q4. फासीवाद (Fascism) और नाजीवाद (Nazism) के जनक कौन हैं?
उत्तर: इटली में फासीवाद के जनक मुसोलिनी (Mussolini) थे (1922), जबकि जर्मनी में नाजीवाद की स्थापना हिटलर (Hitler) ने की थी (1933)। ये दोनों कट्टर व सर्वाधिकारवादी विचारधाराएँ हैं।
Q5. कार्ल मार्क्स को 'वैज्ञानिक समाजवाद' का जनक क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने 'काल्पनिक समाजवादियों' की तरह केवल हवा-हवाई बातें नहीं कीं, बल्कि 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' और 'वर्ग संघर्ष' के माध्यम से समाजवाद लाने का एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका पेश किया।
