| इकाई I: राजनीतिक सिद्धान्त |
- अवधारणाएँ: स्वतंत्रता, समानता, न्याय, अधिकार, लोकतंत्र, शक्ति, नागरिकता।
- राजनीतिक परंपराएँ: उदारवाद, अनुदारवाद, समाजवाद, मार्क्सवाद, नारीवाद, पारिस्थितिकवाद, बहुसंस्कृतिवाद, उत्तर-आधुनिकतावाद।
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| इकाई II: राजनीतिक विचारक |
- पाश्चात्य विचारक: कंफ्यूशियस, प्लेटो, अरस्तू, मैकियावली, हॉब्स, लॉक, रूसो, हीगेल, मेरी वोलस्टोनक्राफ्ट, जॉन स्टुअर्ट मिल, कार्ल मार्क्स, ग्राम्शी, हैन्ना आरेंट, फ्रांज फनॉन, माओ जेडाँग, जॉन रॉल्स।
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| इकाई III: भारतीय राजनीतिक विचारक |
- भारतीय विचारक: धर्मशास्त्र, कौटिल्य, अगाना सुत्त, बरनी, कबीर, पंडिता रमाबाई, बाल गंगाधर तिलक, स्वामी विवेकानन्द, रवीन्द्र नाथ टैगोर, एम. के. गाँधी, श्री अरबिन्दो, पेरियार ई. वी. रामासामी, मुहम्मद इकबाल, एम. एन. रॉय, वी. डी. सावरकर, डॉ. बी. आर. अंबेडकर, जे. एल. नेहरू, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण, दीन दयाल उपाध्याय।
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| इकाई IV: तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण |
- उपागम: संस्थागत, राजनीतिक संस्कृति, राजनीतिक अर्थव्यवस्था तथा नव-संस्थावाद, तुलनात्मक विधियाँ।
- उपनिवेशवाद तथा विऔपनिवेशीकरण: उपनिवेशवाद के रुप, औपनिवेशिकता-विरोधी संघर्ष तथा विऔपनिवेशीकरण (डिकोलोनाइजेशन)।
- राष्ट्रवाद: यूरोपीय तथा गैर-यूरोपीय।
- राज्य सिद्धांत: पूँजीवादी और समाजवादी समाजों में राज्य की प्रकृति पर वाद-विवाद, उत्तर-औपनिवेशिक राज्य; कल्याणकारी राज्य; वैश्वीकरण तथा राष्ट्र-राज्य।
- राजनीतिक शासन-प्रणालियाँ: लोकतांत्रिक (निर्वाचकीय, उदार, बहुमत आधारित, सहभागी) तथा गैर-लोकतांत्रिक शासन प्रणालियाँ (पैतृकवाद, अधिकारीतंत्रीय प्राधिकारवाद, सैन्य तानाशाही, सर्वाधिकारवाद तथा फासीवाद)।
- संविधान तथा संविधानवाद: संविधान के रुप, विधि का शासन, न्यायिक स्वतंत्रता तथा उदारवादी संविधानवाद, आपातकालीन शक्तियाँ और संविधानवाद का संकट।
- लोकतंत्रीकरण: लोकतांत्रिक संक्रमण तथा समेकन।
- विकास: अल्पविकास, निर्भरता, आधुनिकीकरण, विश्व व्यवस्था सिद्धांत, विकास तथा लोकतंत्र।
- शक्ति की संरचनाएँ: शासक वर्ग, शक्तिसम्पन्न अभिजन वर्ग, लोकतांत्रिक अभिजनवाद।
- कर्त्ता और प्रक्रियाएँ: निर्वाचन पद्धतियाँ, राजनीतिक दल तथा दलीय प्रणाली, हित-समूह, सामाजिक आंदोलन, नव सामाजिक आंदोलन, गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ) तथा नागरिक समाज।
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| इकाई V: अंतर्राष्ट्रीय संबंध |
- अध्ययन के उपागम: आदर्शवाद, यथार्थवाद, संरचनात्मक मार्क्सवाद, नवउदारवाद, नव यथार्थवाद, सामाजिक रचनावाद, आलोचनात्मक अंतर्राष्ट्रीय सिद्धांत, नारीवाद, उत्तर-आधुनिकतावाद।
- अवधारणाएँ: राज्य, राज्य प्रणाली, तथा गैर राजकीय कर्ता, शक्ति, संप्रभुत्ता, सुरक्षा: परंपरागत और गैर-परंपरागत।
- संघर्ष तथा शांति: युद्ध की बदलती हुई प्रकृति, सामूहिक विनाशकारी हथियार, निवारण, संघर्ष विनियोजन, संघर्ष रूपान्तरण।
- संयुक्त राष्ट्र: लक्ष्य, उद्देश्य, संयुक्त राष्ट्र की संरचना तथा इसकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन; शांति और विकास से संबंधित दृष्टिकोण, मानवीय हस्तक्षेप।
- अंतर्राष्ट्रीय विधि: अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय।
- राजनीतिक अर्थव्यवस्था: वैश्वीकरण, वैश्विक अभिशासन तथा ब्रेटन वुड्स प्रणाली, उत्तर-दक्षिण संवाद, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू. टी. ओ.), जी-20, ब्रिक्स।
- क्षेत्रीय संगठन: यूरोपीय संघ, अफ्रीकी संघ, शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन, आसियान।
- समसामयिक चुनौतियाँ: अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरणीय चिंताएँ, मानवाधिकार, प्रवासन तथा शरणार्थी, गरीबी तथा विकास, धर्म, संस्कृति तथा पहचान-राजनीति की भूमिका।
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| इकाई VI: भारत की विदेश नीति |
- दृष्टिकोण: उत्तर-औपनिवेशिक, विकासात्मक, उदयमान शक्ति तथा उभरती हुई राजनीतिक अर्थव्यवस्था के रुप में भारत की पहचान।
- निरंतरता और बदलाव: सिद्धांत तथा निर्धारक तत्त्व; गुटनिरपेक्ष आंदोलन, गुटनिरपेक्ष आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा प्रासंगिकता, भारत की परमाणु नीति।
- प्रमुख शक्तियों के साथ संबंध: संयुक्त राज्य अमेरीका, सोवियत यूनियन / रूस, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना।
- बहुध्रुवीय दुनिया के साथ संबंध: यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध, ब्रिक्स, आसियान, शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन, अफ्रीकी संघ, दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय, गल्फ कोऑपरेशन कौंसिल।
- पड़ोसी देशों के साथ संबंध: सार्क, गुजराल सिद्धांत, लुक ईस्ट/ऐक्ट ईस्ट (पूर्व की ओर देखो / पूर्व की ओर कार्य करो), लुक वेस्ट (पश्चिम की ओर देखो)।
- परक्रामण कार्यनीति: संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल।
- समसामयिक चुनौतियाँ: समुद्री सुरक्षा, उर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय सुरक्षा, प्रवासन तथा शरणार्थी, जल संसाधन, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, साइबर सुरक्षा।
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| इकाई VII: भारत में राजनीतिक संस्थाएँ |
- संविधान का निर्माण: औपनिवेशिक विरासत; भारत के संविधान निर्माण में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का योगदान।
- संविधान सभा: गठन, वैचारिक अवलंब, संवैधानिक बहस।
- संविधान का दर्शन: उद्देशिका, मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक सिद्धान्त।
- संविधानवाद: लोकतंत्र, सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्रीय एकता, नियंत्रण और संतुलन, मौलिक संरचना पर बहस, संविधान में संशोधन।
- केन्द्रीय कार्यपालिका: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद।
- संसद: संरचना, भूमिका तथा कार्यपद्धति, संसदीय समितियाँ।
- न्यायपालिका: उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा, न्यायिक सक्रियतावाद, न्यायिक सुधार।
- राज्यों में कार्यपालिका तथा विधानमंडल: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य विधान मंडल।
- संघवाद: सशक्त केन्द्रपरक संरचना, असममित संघीय प्रावधान तथा अनुकूलन, अंतरसरकारी समन्वयन क्रियाविधि, अंतरराज्यीय परिषद, उभरती हुई प्रवृत्तियाँ।
- निर्वाचन प्रक्रिया: निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन, नियम, चुनाव सुधार।
- स्थानीय शासन संस्थाएँ: कार्यपद्धति तथा सुधार।
- संवैधानिक तथा सांविधिक निकाय: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग।
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| इकाई VIII: भारत में राजनीतिक प्रक्रियाएँ |
- राज्य, अर्थव्यवस्था तथा विकास: भारतीय राज्य की प्रकृति, विकास योजना मॉडल, नव आर्थिक नीति, वृद्धि तथा मानव विकास।
- वैश्वीकरण की प्रक्रिया: सामाजिक तथा आर्थिक निहितार्थ।
- पहचान की राजनीति: धर्म, जनजाति, जाति, क्षेत्र, भाषा।
- सामाजिक आंदोलन: दलित, जनजातीय, महिला, किसान, श्रमिक।
- नागरिक समाज के समूह: गैर-दलीय सामाजिक मंच, गैर-सरकारी संगठन, सामाजिक अभियान समूह।
- क्षेत्रीयकरण: भारतीय राज्यों का पुनर्गठन, राजनीतिक तथा आर्थिक इकाई के रुप में राज्य, उप-राज्य क्षेत्र, क्षेत्रीय विषमता, नये राज्यों के लिए माँग।
- जेंडर और राजनीति: समानता तथा प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे।
- राजनीतिक दल: राजनीतिक दलों की विचारधारा तथा सामाजिक आधार (राष्ट्रीय दल, राज्य स्तरीय दल)।
- चुनावी राजनीति: सहभागिता, चुनावी प्रतिद्वंद्विता, प्रतिनिधित्व, उभरती हुई प्रवृत्तियाँ।
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| इकाई IX: लोक प्रशासन |
- लोक प्रशासन: अर्थ तथा विकास, लोक तथा निजी प्रशासन, उपागम: प्रणाली सिद्धान्त, निर्णय-निर्माण, पारिस्थितिकीय उपागम।
- सिद्धांत तथा अवधारणाएँ: वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धान्त, तर्कसंगत विकल्प सिद्धान्त, नव लोक प्रशासन, विकास प्रशासन, तुलनात्मक लोक प्रशासन, नव लोक प्रबंधन, उदारीकरण तथा वैश्वीकरण के युग में लोक प्रशासन की बदलती हुई प्रकृति।
- संगठन के सिद्धान्त: वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धान्त, अधिकारीतंत्र सिद्धान्त, मानव संबंध सिद्धान्त।
- संगठन का प्रबंधन: नेतृत्व तथा अभिप्रेरणा का सिद्धान्त।
- संगठनात्मक संप्रेषण: सिद्धान्त तथा नियम, चेस्टर बर्नार्ड के संप्रेषण के नियम, संगठन में सूचना प्रबंधन।
- संघर्ष प्रबंधन: मेरी पार्कर फोलेट।
- उद्देश्य आधारित प्रबंधन: पीटर ड्रकर।
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| इकाई X: भारत में शासन-विधि तथा लोक नीति |
- शासन व सुशासन: शासन, सुशासन तथा लोकतंत्रीय शासन, राज्य की भूमिका, नागरिक समाज तथा व्यक्ति।
- उत्तरदायित्व तथा नियंत्रण: नियंत्रण और संतुलन के लिए संस्थानिक तंत्र, कार्यपालिका पर विधायिका का नियंत्रण, प्रशासनिक तथा बजटीय नियंत्रण, संसदीय समितियों के माध्यम से नियंत्रण, विधायिका और कार्यपालिका पर न्यायिक नियंत्रण, प्रशासनिक संस्कृति, भ्रष्टाचार ओर प्रशासनिक सुधार।
- सुशासन के सांस्थानिक तंत्र: सूचना का अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, सिटिजन चार्टर, शिकायत निवारण प्रणाली: ऑम्बुड्जमैन, लोकपाल, लोकायुक्त।
- ग्रासरुट शासन: पंचायती राज संस्थाएँ तथा उनकी कार्यपद्धति।
- योजना तथा विकास: विकेंद्रीकृत योजना, विकास के लिए योजना, सतत विकास, ई-गवर्नेस, एन.आई.टी.आई. आयोग।
- लोक नीति: सामाजिक-आर्थिक विकास के उपकरण के रुप में लोक नीति- आवास, स्वास्थ्य, पेय जल, खाद्य सुरक्षा, एम. एन. आर. ई. जी. ए., एन. एच. आर. एम., आई. टी. ई. के विशेष संदर्भ में लोक नीतियाँ।
- निगरानी और मूल्यांकन: लोक नीति की निगरानी और मूल्यांकन; शासन विधि को उत्तरदायी बनाने की क्रियाविधि: जनसुनवाई, ऑडिट।
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