| उ०प्र० PGT प्रवक्ता (Lecturer) नागरिक शास्त्र पाठ्यक्रम |
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Short Information: यह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB), प्रयागराज द्वारा आयोजित PGT (प्रवक्ता) पद के लिए 'नागरिक शास्त्र (Civics)' का पूर्ण और आधिकारिक रूप से हिंदी में पाठ्यक्रम है। इस पाठ्यक्रम को मुख्य रूप से राजनीति सिद्धान्त एवं राजनीतिक दर्शन, तुलनात्मक राजनीति, अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति और लोक प्रशासन में विभाजित किया गया है। |
| विस्तृत पाठ्यक्रम विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis) | |
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| विषय (Topic) | विस्तृत अध्ययन सामग्री (Detailed Content) |
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भाग 1 राजनीति सिद्धान्त एवं राजनीतिक दर्शन |
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| राजनीति शास्त्र एवं राज्य |
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| राजनीतिक अवधारणाएं |
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| राजनीतिकवाद (विचारधाराएं) |
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| राजनीतिक दर्शन (चिन्तक) |
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भाग 2 तुलनात्मक राजनीति |
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| संघवाद एवं सरकार के अंग |
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| प्रशासनिक एवं राजनीतिक प्रक्रियाएं |
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भाग 3 अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति |
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| सिद्धान्त एवं अवधारणाएं |
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| अंतर्राष्ट्रीय संगठन एवं मुद्दे |
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भाग 4 भारतीय लोक प्रशासन |
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| प्रशासकीय सिद्धान्त एवं व्यवहार |
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| कार्मिक प्रशासन एवं नियंत्रण |
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आधिकारिक मूल पाठ्यक्रम (Official Syllabus as per UPSESSB)
राजनीति सिद्धान्त- राजनीतिशास्त्र- परिभाषा, विषय क्षेत्र एवं अध्ययन पद्धतियां, राज्य-परिभाषा, तत्व राज्य की उत्पत्ति के विभिन्न सिद्धान्त, राजनीतिक अवधारणाएं, सम्प्रभुता- अर्थ, प्रमुख विशेषताएं, सम्प्रभुता के प्रकार, एकलवादी एवं बहुलवादी सिद्धानत, कानून-परिभाषा, कानून के स्रोत, कानून और नैतिकता, स्वतंत्रता, समानता, अधिकार, न्याय, राजनीतिकवाद-व्यक्तिवाद, उदारवाद, प्रत्ययवाद, अराजकतावाद, फॉंसीवाद, वैज्ञानिक समाजवाद प्रजातंत्र एवं अधिनायकतंत्र।
राजनीतिक दर्शन- प्लेटों, अरस्तू हाब्स, लॉक, मांटेस्क्यू, रूसो, जे०एस० मिल, कार्लमार्क्स, लेनिन, माओत्सेतुंग, मनु, कौटिल्य, गांधी, नेहरू, डॉ० अम्बेडकर, लोहिया और जय प्रकाश नारायण के राजनीतिक दर्शन।
तुलनात्मक राजनीति- संघवाद- प्रमुख तत्व, प्रवृत्तियां एवं समस्याएं, नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, व्यवस्थापिका-संरचना कार्य, कार्यपालिका-संरचना, अधिकार एवं स्थिति, न्यायपालिका- संरचना कार्य एवं स्वतंत्रता, नौकरशाही-कार्य, महत्व, प्रतिबद्धता एवं तटस्थता, निर्वाचन पद्धति-समस्याएं एवं समाधान। राजनीतिक दल-दल दबाव समूल तथा लोकमत उपर्युक्त अवधारणाओं का अध्ययन भारत, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस एवं चीन के विशेष सन्दर्भ में।
अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति- सिद्धान्त एवं व्यवहार - प्रमुख अवधारणाएं - शक्ति संतुलन, सामूहिक सुरक्षा, राष्ट्रीय हित, मुख्य प्रवृत्तियां- शीतयुद्ध, तनाव, शैथिल्य, असंलग्नता आन्दोलन (नैम), अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं संगठन - संयुक्त राष्ट्र संघ एवं उसके अभिकरण, आसियान, सार्क, प्रमुख मुददे- निःशास्त्रीकरण, नव अन्तर्राष्ट्रीय, आर्थिक व्यवस्था, उत्तर-दक्षिण वार्ता, दक्षिण सहयोग, तृतीय विश्व-अवधारणा एवं समस्याएं, विदेशी नीति-भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन।
भारतीय लोक प्रशासन- सिद्धान्त एवं व्यवहार- प्रशासकीय व्यवहार - निर्णय करना, नेतृत्व के सिद्धान्त, सम्प्रेषण, अभिप्रेरणा, संगठन की संरचना, मुख्य कार्यपालिका, सूत्र स्टाफ एवं सहायक अभिकरण, विभाग निगम एवं स्वतंत्रता नियमकीय आयोग, कार्मिक प्रशासन, नौकरशाही भर्ती, प्रशिक्षण पदोन्नति, प्रशासन में सचरित्रता, उत्तरदायित्व एवं नियंत्रण- संसदीय नियंत्रण के अस्त्र के रूप में बजट, प्रशासन पर विधायकीय, कार्यपालिका एवं न्यायिक नियंत्रण, प्रशासकीय सुधार।

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