| उ०प्र० GIC प्रवक्ता (Lecturer) नागरिक शास्त्र पाठ्यक्रम |
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Short Information: यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित राजकीय इण्टर कॉलेज (GIC) प्रवक्ता पद के लिए 'नागरिक शास्त्र (Civics)' का पूर्ण और आधिकारिक रूप से हिंदी में अनूदित पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम दो खण्डों (Section-A और Section-B) में विभाजित है।
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| विस्तृत पाठ्यक्रम विश्लेषण (Detailed Syllabus in Hindi) | |
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| विषय (Topic) | विस्तृत अध्ययन सामग्री (Detailed Content) |
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नागरिकशास्त्र (खण्ड-अ) राजनीतिक सिद्धान्त एवं अवधारणाएं |
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| राजनीति विज्ञान के मूल सिद्धांत |
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| नागरिकता, राज्य और संप्रभुता |
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| संविधान, सरकार और प्रणालियां |
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| नवीन प्रवृत्तियां और विचारक |
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नागरिकशास्त्र (खण्ड-ब) भारतीय शासन एवं राजनीति |
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| संविधान एवं राष्ट्रीय आंदोलन |
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| संघीय (केंद्र) सरकार |
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| राज्य सरकार एवं स्थानीय स्वशासन |
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| आयोग, नीतियां एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठन |
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आधिकारिक मूल पाठ्यक्रम (Official Syllabus in Hindi)
– राजनीति शास्त्र- अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं क्षेत्र।
– राजनीति शास्त्र, राजनीति विज्ञान, राजनीतिक चिन्तन, राजनीतिक दर्शन, राजनीति सिद्धान्त में अन्तर।
– राजनीति शास्त्र का विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान एवं नीतिशास्त्र से सम्बन्ध।
– नागरिक शास्त्र की परिभाषा, प्रकृति एवं क्षेत्र।
– नागरिकता का अर्थ- अर्जन एवं खोने की विधियाँ, आदर्श नागरिक के लक्षण, आदर्श नागरिकता के मार्ग में बाधायें, पर्यावरण सुरक्षा के प्रति नागरिक दायित्व।
– राज्य की अवधारणा, तत्व एवं उद्भव के सिद्धान्त- सामाजिक समझौता, विकासवादी एवं मार्क्सवादी।
– राज्य के कार्यों के सिद्धान्त- उदारवादी, समाजवादी एवं लोक कल्याणकारी सिद्धान्त।
– सम्प्रभुता- शक्ति, सत्ता एवं प्रभाव।
– कानून, स्वतंत्रता, समानता, न्याय।
– संविधान का अर्थ, प्रकार एवं वर्गीकरण।
– सरकार की अवधारणा- आधुनिक शासन प्रणालियाँ-संघात्मक एवं एकात्मक, संसदीय एवं अध्यक्षात्मक।
– सरकार के अंग- व्यवस्थापिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका- संगठन, कार्य, महत्व तथा इनके पारस्परिक सम्बन्ध।
– लोकतंत्र की अवधारणा- अर्थ, प्रकार एवं सिद्धान्त।
– दलीय प्रणाली, दबाव समूह एवं सिद्धान्त।
– निर्वाचन प्रणालियाँ एवं मताधिकार।
– राष्ट्र की अवधारणा, राष्ट्रीयता, अन्तर्राष्ट्रीयता एवं गुटनिरपेक्षता।
– राजनीति व्यवस्था के विघटनकारी तत्व- जाति, भाषा, साम्प्रदायिकता एवं क्षेत्रवाद।
– राजनीति विज्ञान में अभिनव प्रवृत्तियाँ- उदारीकरण, निजीकरण, भूमण्डलीकरण, स्वातंत्र्यवाद, समतावाद, गवर्नेन्स की अवधारणा, राज्य-बाजार, बहस, पंचायतीराज और नव सामाजिक आन्दोलन।
– भारतीय राजनीतिक चिन्तक- मनु, कौटिल्य, महात्मा गाँधी, अम्बेडकर।
– भारत में राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास एवं संविधान निर्मात्री सभा
– भारतीय संविधान-प्रस्तावना, प्रमुख विशेषतायें, मूल अधिकार, मूल कर्त्तव्य, राज्य की नीति के निर्देशक तत्व, संविधान संशोधन प्रक्रिया एवं प्रमुख संविधान संशोधन, धारा 370।
– भारतीय संघीय व्यवस्था एवं केन्द्र-राज्य सम्बन्ध।
– संघीय सरकार का गठन एवं उसकी कार्यविधि संघीय कार्यपालिका- राष्ट्रपति-निर्वाचन, कार्य एवं शक्तियाँ, आपात उपबन्ध। उपराष्ट्रपति- निर्वाचन एवं कार्य।
– संघीय मन्त्रिपरिषद्- नियुक्ति तथा कार्यविधि। प्रधानमन्त्री की नियुक्ति, कार्य एवं महत्व।
– संघीय व्यवस्थापिका- संसद- राज्य सभा एवं लोक सभा का संगठन, शक्तियाँ एवं अधिकार तथा पारस्परिक सम्बन्ध।
– संघीय न्यायपालिका- सर्वोच्च न्यायालय- गठन एवं शक्तियाँ। न्यायिक पुनरावलोकन, जनहित याचिकायें।
– राज्य सरकार का गठन एवं कार्यविधि (उ0प्र0 के विशेष सन्दर्भ में) राज्य की कार्यपालिका: राज्यपाल-नियुक्ति, शक्तियाँ, विशेषाधिकार एवं भूमिका। मन्त्रिपरिषद्- गठन एवं कार्य मुख्यमंत्री- नियुक्ति, शक्तियाँ, राज्यपाल तथा मन्त्रिपरिषद् से सम्बन्ध।
– राज्य की व्यवस्थापिका विधानमण्डल- गठन, कार्य एवं शक्तियाँ। विधान सभा एवं विधान परिषद के पारस्परिक सम्बन्ध।
– राज्य की न्यायपालिका- उच्च न्यायालय एवं क्षेत्राधिकार।
– स्थानीय शासन एवं स्थानीय स्वशासन जिलाधिकारी के कार्य एवं शक्तियाँ। जिला न्यायालय- गठन एवं कार्य। लोक अदालत। 73वें तथा 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के विशेष सन्दर्भ में स्थानीय स्वशासन की अवधारणा एवं स्वरूप।
– भारत में सार्वजनिक अभिकरण एवं आयोग। योजना आयोग, निर्वाचन आयोग, वित्त आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, अन्तरराज्य परिषद,
– लोकपाल एवं लोक आयुक्त।
– भारत की विदेशनीति, क्षेत्रीय संगठन, संयुक्त राष्ट्रसंघ, मानवाधिकार एवं गुटनिरपेक्ष आन्दोलन।

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