| संविधान: अर्थ, प्रकार Constitution): महत्वपूर्ण तथ्य एवं प्रकार |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत इस विशेष लेख में भारतीय संविधान की रूपरेखा का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें बंगाल एवं भारत के गवर्नरों का क्रम, संविधान का अर्थ, राज्य के अंग और संविधान के प्रकार (लिखित-अलिखित, लचीला-कठोर, विकसित-निर्मित) को आसान भाषा में फ्लोचार्ट व टेबल्स के माध्यम से समझाया गया है। इसके अतिरिक्त अंत में 21 अति-महत्वपूर्ण प्रश्नों (Q&A) का संकलन भी दिया गया है। यह राजनीति विज्ञान की आगामी परीक्षाओं UPSC, PCS, RO/ARO, TGT, PGT और NET-JRF के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हस्तलिखित नोट्स हैं। |
- 1. कुछ महत्वपूर्ण तथ्य (गवर्नर और वायसराय का क्रम)
- 2. संविधान (Constitution): अर्थ एवं राज्य के अंग (डायग्राम)
- 3. इंग्लैंड, अमेरिका और भारत के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ
- 4. संविधान के प्रकार (उत्पत्ति, लिखावट और परिवर्तनशीलता के आधार पर)
- 5. परीक्षा उपयोगी अति-महत्वपूर्ण 21 प्रश्नोत्तरी (Q&A)
- 6. निष्कर्ष (Conclusion)
✦ 1. कुछ महत्वपूर्ण तथ्य (गवर्नर और वायसराय)
भारतीय प्रशासनिक इतिहास में गवर्नर और वायसराय के पदों का क्रम परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
| ① | बंगाल का प्रथम गवर्नर | रॉबर्ट क्लाइव (1757-60 एवं 1765-67 ई.) |
| ② | बंगाल का अंतिम गवर्नर तथा बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल | वारेन हेस्टिंग्स (1774-85) |
| ③ | बंगाल का अंतिम गवर्नर जनरल तथा भारत का प्रथम गवर्नर जनरल | लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-35) |
| ④ | भारत का अंतिम गवर्नर जनरल एवं प्रथम वायसराय | लॉर्ड कैनिंग (1856-58 गवर्नर जनरल, 1858-62 वायसराय) |
| ⑤ | भारत का अंतिम वायसराय | लॉर्ड माउंटबेटन (21 फरवरी 1947 - 15 अगस्त 1947) |
| ⑥ | स्वतंत्र भारत का प्रथम गवर्नर जनरल | लॉर्ड माउंटबेटन (15 अगस्त 1947 - 21 जून 1948) |
| ⑦ | स्वतंत्र भारत का प्रथम और अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल | चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (21 जून 1948 - 26 जनवरी 1950) |
✦ 2. संविधान (Constitution): अर्थ एवं राज्य के अंग
संविधान शब्द मुख्य रूप से दो शब्दों 'सम् + विधान' से मिलकर बना है। यहाँ 'सम्' का अर्थ है 'समान' और 'विधान' का अर्थ है 'कानून या नियम'। अर्थात् एक ऐसा विशेष प्रकार का विधान या नियमों का समूह जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है, संविधान कहलाता है। यह राज्य या सरकार के संचालन का मूल आधार होता है。
संविधान राजकीय आचरण का वह पवित्र विधान है जिसमें राज्य और व्यक्ति, तथा व्यक्ति व व्यक्ति के बीच संबंधों को निश्चित किया जाता है। और इन सबमें बढ़कर सरकार के विविध अंगों (विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका) की शक्तियों, उनकी सीमाओं और उनके बीच के संबंधों को सुनिश्चित किया जाता है।
■ राज्य या सरकार के तीन प्रमुख अंग:
राज्य या सरकार (State / Government)
इसका मुख्य कार्य कानून (विधि) बनाना है。
(जैसे: संसद द्वारा पारित कानून - CAA आदि।)
इसका मुख्य कार्य कानूनों को लागू करना व योजनाएँ बनाना है。
(जैसे: मंत्रिपरिषद, राष्ट्रपति आदि।)
इसका मुख्य कार्य संविधान सम्मत समीक्षा करना है。
(असंवैधानिक कार्यों को अवैध घोषित करना।)
- International Level: विधायक (Legislator)
- India (राष्ट्रीय स्तर पर): सांसद (संसद/Parliament में)
- राज्य स्तर (State Level): विधायक (विधानमंडल/विधानसभा में)
हम जानते हैं कि राज्य या सरकार के उपर्युक्त तीन ही प्रमुख अंग होते हैं। विधायिका कानून बनाती है जिसे भारत में संसद कहा जाता है। कार्यपालिका उन कानूनों को जनता पर लागू करती है। और न्यायपालिका इन दोनों के कार्यों पर कड़ी नज़र रखती है ताकि कोई भी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न कर सके।
- भारत में 'विधि का शासन' (Rule of Law) है, अर्थात् यहाँ किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि कानून का राज होता है।
- सामान्य कानून देश की आम जनता पर लागू होते हैं।
- सरकार जनता पर अपनी मनमानी से नहीं, बल्कि संविधान के अंतर्गत ही शासन करती है।
✦ 3. इंग्लैंड, अमेरिका और भारत के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ
■ इंग्लैंड का संविधान
- अलिखित संविधान: विश्व में केवल इंग्लैंड का संविधान अलिखित है (पूर्ण रूप से नहीं, अधिकांशतः)।
- संविधानों की माँ: ब्रिटिश संविधान को विश्व के समस्त संविधानों की माँ कहा जाता है।
- संसदों की जननी: विश्व में सबसे पहले संसद का जन्म इंग्लैंड में हुआ, इसलिए इंग्लैंड की संसद को विश्व की समस्त संसदों की जननी कहा जाता है।
- इंग्लैंड के राजनीतिक दल को विश्व के समस्त राजनीतिक दलों का पिता कहा जाता है।
- संविधान की उत्पत्ति सर्वप्रथम इंग्लैंड में हुई।
■ अमेरिका का संविधान
- पहला लिखित संविधान: विश्व का पहला लिखित और लोकतांत्रिक संविधान अमेरिका का है।
- दुनिया का पहला मौलिक या सैद्धांतिक संविधान अमेरिका का है।
- दुनिया का सबसे छोटा और कठोर संविधान अमेरिका का है।
- विश्व में सबसे पहले लोकतंत्र का उदय अमेरिका में हुआ।
- विश्व का प्रथम नागरिक अमेरिका का राष्ट्रपति है।
- अमेरिका का संविधान एक सैद्धांतिक संविधान है इसलिए ठोस है। (संविधान के 2 रूप होते हैं - सैद्धांतिक और व्यावहारिक)
■ भारत का संविधान
- भारत ने एक व्यावहारिक एवं कार्यशील संविधान बनाया जो समय और परिस्थितियों के अनुसार बदल जाता है।
- विश्व का सबसे बड़ा और व्यावहारिक संविधान भारत का है।
- भारत का संविधान कठोरता और लचीलेपन का अद्भुत समन्वय है। (इसे पं. जवाहरलाल नेहरू और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर दोनों मानते हैं।)
- डॉ. अम्बेडकर को आधुनिक काल का मनु तथा संविधान का जनक कहा जाता है।
- राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा - सबका साथ
- जनता की समस्याओं का निदान और आवश्यकता की पूर्ति - सबका विकास
✦ 4. संविधान के प्रकार (Types of Constitution)
संविधान को मुख्य रूप से तीन आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है:
(A) उत्पत्ति के आधार पर
- (1) विकसित संविधान: वह संविधान जो परंपराओं, रीति-रिवाजों, रूढ़ियों और न्यायालयों के निर्णयों पर आधारित होता है जिसमें सरकार के अंगों का विकास होता है निर्माण नहीं, विकसित संविधान कहलाता है। जैसे- इंग्लैंड में सरकार के अंगों का विकास हुआ है, निर्माण नहीं।
- (2) निर्मित संविधान: वह संविधान जो किसी संविधान सभा के द्वारा एक निश्चित समय में बनाया जाता है, निर्मित संविधान कहलाता है। इसमें सरकार के अंगों का निर्माण होता है। जैसे- अमेरिका, भारत आदि।
(B) लिखावट के आधार पर
- (1) अलिखित संविधान: यह विकसित संविधान का उदाहरण है। वह संविधान जिसमें अधिकांश बातें अलिखित होती हैं और कुछ महत्वपूर्ण बातें लिखी होती हैं अलिखित संविधान कहलाता है। इसमें भी परंपराओं और रीतियों को महत्व दिया जाता है। (जैसे- इंग्लैंड)
- (2) लिखित संविधान: वह संविधान जिसमें अधिकांश बातें लिख दी जाती हैं। यह निर्मित संविधान का उदाहरण है। (जैसे- भारत, अमेरिका)
संविधान लिखित और अलिखित दोनों हो सकता है। जो संविधान अलिखित होता है वह परंपराओं और रीति-रिवाजों पर आधारित होता है, जैसे- इंग्लैंड का संविधान। वास्तव में संविधान राज्य/सरकार के कार्यों को नियंत्रित करता है जिससे सरकार निरंकुश नहीं हो पाती।
(C) परिवर्तनशीलता के आधार पर
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(1) लचीला / नम्य संविधान: वह संविधान जिसमें सामान्य बहुमत (50% + 1) से संशोधन होता है। जैसे- इंग्लैंड का संविधान。
(ध्यान रहे कि इंग्लैंड में संसद सर्वोच्च/संप्रभु है। संसद समय-समय पर साधारण बहुमत से जो कानून बना देती है वही संविधान में लिख दिया जाता है। संसद द्वारा बनाए गए कानूनों की न्यायपालिका समीक्षा नहीं कर सकती।) - (2) कठोर / अनम्य संविधान: वह संविधान जिसमें सामान्य बहुमत से संशोधन नहीं किया जा सकता अर्थात् कम से कम संविधान संशोधन के लिए 2/3 बहुमत की आवश्यकता होती है, कठोर संविधान कहलाता है। (जैसे- अमेरिका)
इंग्लैंड का संविधान विकसित, अलिखित और लचीले संविधान का उदाहरण है; जबकि भारत, अमेरिका, फ्रांस आदि का संविधान निर्मित, लिखित और कठोर संविधान का उदाहरण है。
✦ 5. परीक्षा उपयोगी अति-महत्वपूर्ण 21 प्रश्नोत्तरी (Q&A)
नीचे दिए गए 21 प्रश्न राजनीति विज्ञान और भारतीय संविधान से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण तथ्य हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं:
- भारतीय संविधान का स्वरूप कैसा है?
उत्तर: व्यावहारिक या कार्यशील संविधान। - भारतीय संविधान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: (1) देश की एकता और अखंडता की रक्षा, (2) जनता की समस्याओं का निदान और आवश्यकता की पूर्ति। - संविधान की उत्पत्ति किस देश में हुई?
उत्तर: ब्रिटेन / इंग्लैंड। - विश्व का सबसे कठोर संविधान किस देश का है?
उत्तर: अमेरिका। - लचीले और कठोर संविधान में अंतर किस आधार पर किया जाता है?
उत्तर: संविधान संशोधन के आधार पर। - क्या भारतीय संविधान उधार का थैला है?
उत्तर: नहीं। - किसने भारतीय संविधान को कठोरता और लचीलेपन का अद्भुत समन्वय कहा है?
उत्तर: डॉ. भीमराव अम्बेडकर। - भारतीय संविधान मुख्य रूप से किन दो देशों से अधिक प्रभावित है?
उत्तर: अमेरिका और ब्रिटेन। (व्याख्या: ब्रिटेन से इसलिए क्योंकि उन्होंने हम पर शासन किया और हमने उनकी बहुत सी व्यवस्थाएं स्वीकार कीं। अमेरिका से इसलिए क्योंकि वह दुनिया का पहला लिखित और लोकतांत्रिक संविधान था।) - भारतीय संविधान को किसने 'वकीलों का स्वर्ग' कहा है?
उत्तर: सर आइवर जेनिंग्स (Ivor Jennings)। - भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में संप्रभुता किसमें निहित है?
उत्तर: संविधान में। - 'विधि का शासन' किस प्रकार के कानून को अभिव्यक्त करता है?
उत्तर: सामान्य कानून। - विश्व की सबसे शक्तिशाली संसद किस देश की है?
उत्तर: इंग्लैंड की। - भारत का संविधान व्यावहारिक है या सैद्धांतिक?
उत्तर: व्यावहारिक। - किस देश के संविधान को विश्व के समस्त संविधानों की माँ कहा जाता है?
उत्तर: ब्रिटेन का संविधान। - विश्व का पहला लोकतांत्रिक, कठोर एवं सबसे छोटा संविधान किस देश का है?
उत्तर: अमेरिका। - सरकार के तीनों अंग—कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका अपनी शक्तियाँ कहाँ से प्राप्त करते हैं?
उत्तर: संविधान से। - कथन (A): भारतीय संविधान उधार का थैला है।
कारण (R): संविधान के अधिकांश भाग विदेशी स्रोत पर आधारित हैं।
उत्तर: पहला (A) गलत है और दूसरा (R) सही है। - कथन (A): भारतीय संविधान वकीलों का स्वर्ग है - सर आइवर जेनिंग्स।
कारण (R): संविधान निर्मात्री सभा में दो तिहाई वकील थे।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। - संवैधानिक कानून और सामान्य कानून में क्या अंतर है?
उत्तर: संवैधानिक कानून वह कानून है जो संविधान में अनुच्छेद के रूप में लिखा है और जो सरकार के अंगों (कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका) पर लागू होता है। जबकि सामान्य कानून वह कानून है जो संसद के द्वारा बनाया जाता है और भारत के सभी नागरिकों पर बिना किसी भेदभाव के लागू होता है। - कठोर संविधान से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: वह संविधान जिसमें साधारण बहुमत से संशोधन न हो सके। - अमेरिकी संविधान में किस प्रकार से संविधान संशोधन होता है?
उत्तर: कांग्रेस (संसद) 2/3 बहुमत से तब संशोधन करेगी जब वहाँ के 3/4 राज्य इसकी इजाजत दे दें।
✦ 6. निष्कर्ष (Conclusion)
उपर्युक्त विस्तृत अध्ययन से यह पूर्णतः स्पष्ट होता है कि संविधान (Constitution) मात्र नियमों की एक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की शासन व्यवस्था की आत्मा है। संविधान ही वह पवित्र दस्तावेज है जो यह तय करता है कि सरकार के अंगों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) की शक्तियाँ क्या होंगी और वे अपनी सीमाओं में रहकर किस प्रकार जनता के हित में कार्य करेंगे।
विश्व के अलग-अलग देशों ने अपनी परिस्थितियों और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अनुसार अलग-अलग प्रकार के संविधान अपनाए हैं। जहाँ इंग्लैंड का संविधान परंपराओं पर आधारित एक अलिखित और लचीला (नम्य) संविधान है, वहीं अमेरिका का संविधान विश्व का पहला लिखित और सबसे कठोर संविधान है। इन दोनों के बीच भारतीय संविधान एक ऐसा अद्भुत और व्यावहारिक दस्तावेज है, जिसने समय की मांग के अनुसार दोनों (लचीले और कठोर) गुणों का बेहतरीन समन्वय (Synthesis) प्रस्तुत किया है।
अंततः, भारत का संविधान न तो 'उधार का थैला' है और न ही केवल वकीलों का स्वर्ग; यह भारत के राष्ट्र-निर्माताओं की दूरदृष्टि का परिणाम है जिसका मुख्य लक्ष्य "राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा करना और जनता की समस्याओं का निदान कर उनका सर्वांगीण विकास करना" है। एक मजबूत संविधान ही देश में 'विधि के शासन' (Rule of Law) को स्थापित कर सच्चे लोकतंत्र की रक्षा कर सकता है।
