लोक प्रशासन : 50 अति महत्वपूर्ण MCQs
| लोक प्रशासन (Public Administration): 50 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट लोक प्रशासन के अर्थ, प्रकृति, क्षेत्र, उपागम (POSDCORB) और भारत एवं विश्व में इसके विकास के चरणों पर आधारित है। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और 5-विकल्पों (A, B, C, D, E) वाले उच्च स्तरीय प्रश्न शामिल हैं जो PGT, NET-JRF और UPSC के लिए अति महत्वपूर्ण हैं। |
1. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): लेविस मेरियम (Lewis Meriam) ने POSDCORB दृष्टिकोण की कड़ी आलोचना की।
कारण (R): उनका मानना था कि POSDCORB ने केवल 'प्रबन्ध' (Management) पर ध्यान दिया और 'विषय-वस्तु' (Subject-matter) की पूरी तरह से उपेक्षा कर दी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका मानना था कि POSDCORB ने केवल 'प्रबन्ध' (Management) पर ध्यान दिया और 'विषय-वस्तु' (Subject-matter) की पूरी तरह से उपेक्षा कर दी।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लेविस मेरियम ने स्पष्ट किया था कि लोक प्रशासन कैंची के दो फलकों के समान है- एक फलक प्रबन्ध (POSDCORB) है और दूसरा विषय-वस्तु (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि)। केवल प्रबन्ध से प्रशासन नहीं चल सकता।
व्याख्या: लेविस मेरियम ने स्पष्ट किया था कि लोक प्रशासन कैंची के दो फलकों के समान है- एक फलक प्रबन्ध (POSDCORB) है और दूसरा विषय-वस्तु (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि)। केवल प्रबन्ध से प्रशासन नहीं चल सकता।
2. भारत में लोक प्रशासन के विकास के सन्दर्भ में सूची-I (वर्ष) को सूची-II (घटना) से सुमेलित करें:
a. 1954
1. लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन प्रारम्भ
b. 1959
2. UPSC की सिविल सेवा में शामिल
c. 1947
3. IIPA (नई दिल्ली) की स्थापना
d. 1987
4. Administrative Staff College (हैदराबाद) की स्थापना
सही उत्तर: C) a-3, b-1, c-4, d-2
व्याख्या: 1954 में IIPA की स्थापना हुई, 1959 में प्रो. M.P. शर्मा के नेतृत्व में लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन शुरू हुआ, 1947 में हैदराबाद में स्टाफ कॉलेज बना और 1987 में इसे UPSC में विषय के रूप में शामिल किया गया।
व्याख्या: 1954 में IIPA की स्थापना हुई, 1959 में प्रो. M.P. शर्मा के नेतृत्व में लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययन शुरू हुआ, 1947 में हैदराबाद में स्टाफ कॉलेज बना और 1987 में इसे UPSC में विषय के रूप में शामिल किया गया।
3. "यदि हमारी सभ्यता असफल होती है तो ऐसा मुख्यतः प्रशासन के पतन के कारण होगा।" यह प्रसिद्ध चेतावनी किस विचारक की है?
सही उत्तर: D) प्रो. डोनहम (Donham)
व्याख्या: प्रो. डोनहम ने लोक प्रशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा था कि आधुनिक समाज की जटिलताओं को संभालने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। यदि प्रशासन विफल हुआ, तो पूरी सभ्यता चरमरा जाएगी।
व्याख्या: प्रो. डोनहम ने लोक प्रशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा था कि आधुनिक समाज की जटिलताओं को संभालने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। यदि प्रशासन विफल हुआ, तो पूरी सभ्यता चरमरा जाएगी।
4. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के विकास के 'तीसरे चरण (1938-1947)' के विषय में कौन-से कथन सत्य हैं?
1. इस चरण को 'सिद्धान्त निर्माण का स्वर्णिम काल' कहा जाता है।
2. हर्बर्ट साइमन ने इस काल में प्रशासनिक सिद्धान्तों को 'कहावतें' (Proverbs) कहकर उनका उपहास उड़ाया।
3. एल्टन मेयो ने सिद्धान्तों को व्यावहारिक बनाने के लिए 'मानवीय सिद्धान्त' का विकास किया।
4. इस चरण में चेस्टर बर्नार्ड ने 'The Functions of the Executive' पुस्तक लिखी।
सही कूट:
2. हर्बर्ट साइमन ने इस काल में प्रशासनिक सिद्धान्तों को 'कहावतें' (Proverbs) कहकर उनका उपहास उड़ाया।
3. एल्टन मेयो ने सिद्धान्तों को व्यावहारिक बनाने के लिए 'मानवीय सिद्धान्त' का विकास किया।
4. इस चरण में चेस्टर बर्नार्ड ने 'The Functions of the Executive' पुस्तक लिखी।
सही उत्तर: C) केवल 2, 3 और 4
व्याख्या: कथन 1 गलत है। सिद्धान्त निर्माण का 'स्वर्णिम काल' दूसरे चरण (1927-1937) को कहा जाता है। तीसरा चरण 'चुनौतियों का काल' था जहाँ साइमन, मेयो और बर्नार्ड ने पारंपरिक सिद्धांतों को कड़ी चुनौती दी।
व्याख्या: कथन 1 गलत है। सिद्धान्त निर्माण का 'स्वर्णिम काल' दूसरे चरण (1927-1937) को कहा जाता है। तीसरा चरण 'चुनौतियों का काल' था जहाँ साइमन, मेयो और बर्नार्ड ने पारंपरिक सिद्धांतों को कड़ी चुनौती दी।
5. "कानून को विस्तृत एवं क्रमबद्ध रूप से क्रियान्वित करने का नाम ही लोक प्रशासन है।" लोक प्रशासन की यह परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: A) वुडरो विल्सन (Woodrow Wilson)
व्याख्या: लोक प्रशासन के जनक वुडरो विल्सन ने कहा था कि नीति निर्माण का काम राजनीति का है, जबकि बने हुए कानूनों को व्यवस्थित रूप से लागू (क्रियान्वित) करने का काम लोक प्रशासन का है।
व्याख्या: लोक प्रशासन के जनक वुडरो विल्सन ने कहा था कि नीति निर्माण का काम राजनीति का है, जबकि बने हुए कानूनों को व्यवस्थित रूप से लागू (क्रियान्वित) करने का काम लोक प्रशासन का है।
6. लोक प्रशासन के 'POSDCORB' दृष्टिकोण में 'Co' और 'R' का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
सही उत्तर: C) Coordinating (समन्वय) और Reporting (रपट/प्रतिवेदन)
व्याख्या: लूथर गुलिक द्वारा दिए गए POSDCORB का अर्थ है: Planning, Organization, Staffing, Directing, COordinating, Reporting, Budgeting.
व्याख्या: लूथर गुलिक द्वारा दिए गए POSDCORB का अर्थ है: Planning, Organization, Staffing, Directing, COordinating, Reporting, Budgeting.
7. कथन और कारण:
कथन (A): लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में 'लालफीताशाही' (Red Tapism) के स्तर में भारी अंतर होता है।
कारण (R): लोक प्रशासन कठोर कानूनों और औपचारिक नियमों से बंधा होता है जिससे कार्य में देरी होती है, जबकि निजी प्रशासन में त्वरित निर्णय (Quick decisions) लिए जाते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लोक प्रशासन कठोर कानूनों और औपचारिक नियमों से बंधा होता है जिससे कार्य में देरी होती है, जबकि निजी प्रशासन में त्वरित निर्णय (Quick decisions) लिए जाते हैं।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लालफीताशाही (कार्यों में अनावश्यक विलम्ब) लोक प्रशासन की एक प्रमुख विशेषता (या दोष) है क्योंकि सरकारी फाइलें लंबी प्रक्रिया से गुजरती हैं। निजी प्रशासन लचीला होता है और वहां काम तेजी से होता है।
व्याख्या: लालफीताशाही (कार्यों में अनावश्यक विलम्ब) लोक प्रशासन की एक प्रमुख विशेषता (या दोष) है क्योंकि सरकारी फाइलें लंबी प्रक्रिया से गुजरती हैं। निजी प्रशासन लचीला होता है और वहां काम तेजी से होता है।
8. लोक प्रशासन के 'व्यापक दृष्टिकोण' (Broad Approach) के समर्थकों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?
सही उत्तर: C) लूथर गुलिक (Luther Gulick)
व्याख्या: लूथर गुलिक, साइमन और गैलडन लोक प्रशासन के 'सीमित दृष्टिकोण' (केवल कार्यपालिका शाखा) के समर्थक हैं। जबकि व्यापक दृष्टिकोण (सरकार के तीनों अंग) का समर्थन ह्वाइट, विलोबी और मार्क्स ने किया था।
व्याख्या: लूथर गुलिक, साइमन और गैलडन लोक प्रशासन के 'सीमित दृष्टिकोण' (केवल कार्यपालिका शाखा) के समर्थक हैं। जबकि व्यापक दृष्टिकोण (सरकार के तीनों अंग) का समर्थन ह्वाइट, विलोबी और मार्क्स ने किया था।
9. "लोक प्रशासन का सम्बन्ध सरकार का 'क्या' और 'कैसे' से है।" यह कहकर लेविस मेरियम के विचारों का समर्थन किस विद्वान ने किया था?
सही उत्तर: A) डिमॉक (Dimock)
व्याख्या: डिमॉक ने स्पष्ट किया कि 'क्या' (What) का सम्बन्ध लोक प्रशासन की 'विषय-वस्तु' (Subject matter) से है और 'कैसे' (How) का सम्बन्ध 'प्रबन्ध' (Management/POSDCORB) से है।
व्याख्या: डिमॉक ने स्पष्ट किया कि 'क्या' (What) का सम्बन्ध लोक प्रशासन की 'विषय-वस्तु' (Subject matter) से है और 'कैसे' (How) का सम्बन्ध 'प्रबन्ध' (Management/POSDCORB) से है।
10. 1954 में स्थापित 'भारतीय लोक प्रशासन संस्थान' (IIPA) की स्थापना किन दो रिपोर्टों की सिफारिश के आधार पर नई दिल्ली में की गई थी?
सही उत्तर: B) गोरवाला रिपोर्ट (1951) और एप्पलबी रिपोर्ट (1953)
व्याख्या: पॉल एच. एप्पलबी और ए.डी. गोरवाला की सिफारिशों पर भारत में लोक प्रशासन के शोध एवं प्रशिक्षण के लिए 1954 में IIPA की स्थापना की गई थी।
व्याख्या: पॉल एच. एप्पलबी और ए.डी. गोरवाला की सिफारिशों पर भारत में लोक प्रशासन के शोध एवं प्रशिक्षण के लिए 1954 में IIPA की स्थापना की गई थी।
11. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में असमानता (Differences) के विषय में कौन-से कथन सही हैं?
1. लोक प्रशासन जन-कल्याण की भावना से काम करता है, जबकि निजी प्रशासन का मूल उद्देश्य लाभ (Profit) कमाना है।
2. लोक प्रशासन राजकीय कार्यों पर एकाधिकार (Monopoly) रखता है, जबकि निजी प्रशासन में प्रतिस्पर्धा (Competition) होती है।
3. लोक प्रशासन का व्यवहार संवेदनशील होता है, जबकि निजी प्रशासन नियमों के कारण कठोर होता है।
4. साइमन और एप्पलबी दोनों को समान (Similar) मानते हैं।
सही कूट:
2. लोक प्रशासन राजकीय कार्यों पर एकाधिकार (Monopoly) रखता है, जबकि निजी प्रशासन में प्रतिस्पर्धा (Competition) होती है।
3. लोक प्रशासन का व्यवहार संवेदनशील होता है, जबकि निजी प्रशासन नियमों के कारण कठोर होता है।
4. साइमन और एप्पलबी दोनों को समान (Similar) मानते हैं।
सही उत्तर: C) केवल 1 और 2
व्याख्या: कथन 3 उल्टा लिखा है (लोक प्रशासन कठोर और संवेदनहीन होता है, जबकि निजी प्रशासन ग्राहकों के प्रति संवेदनशील होता है)। कथन 4 गलत है क्योंकि साइमन और एप्पलबी दोनों को असमान (Different) मानते हैं, समान नहीं।
व्याख्या: कथन 3 उल्टा लिखा है (लोक प्रशासन कठोर और संवेदनहीन होता है, जबकि निजी प्रशासन ग्राहकों के प्रति संवेदनशील होता है)। कथन 4 गलत है क्योंकि साइमन और एप्पलबी दोनों को असमान (Different) मानते हैं, समान नहीं।
12. लोक प्रशासन के विकास का छठा चरण (1991 - अब तक) मुख्य रूप से किस अवधारणा पर बल देता है?
सही उत्तर: B) उदारीकरण, बाजारीकरण, पेशेवर प्रबन्ध...
व्याख्या: 1991 के बाद (LPG एरा में) लोक प्रशासन को अधिक प्रतिस्पर्धी, मितव्ययी और जन-जवाबदेह (विकेंद्रीकृत) बनाने पर जोर दिया गया है। इसे New Public Management (NPM) का दौर भी कहा जाता है।
व्याख्या: 1991 के बाद (LPG एरा में) लोक प्रशासन को अधिक प्रतिस्पर्धी, मितव्ययी और जन-जवाबदेह (विकेंद्रीकृत) बनाने पर जोर दिया गया है। इसे New Public Management (NPM) का दौर भी कहा जाता है।
13. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): विकास के पहले चरण (1887-1926) में 'राजनीति-प्रशासन पृथक्करण' (Politics-Administration Dichotomy) का सिद्धान्त प्रमुख था।
कारण (R): वुडरो विल्सन और फ्रैंक गुडनाउ का मानना था कि 'नीति निर्धारण' का कार्य राजनीतिज्ञों का है, और 'नीति क्रियान्वयन' का कार्य प्रशासकों का है, अतः दोनों अलग-अलग होने चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): वुडरो विल्सन और फ्रैंक गुडनाउ का मानना था कि 'नीति निर्धारण' का कार्य राजनीतिज्ञों का है, और 'नीति क्रियान्वयन' का कार्य प्रशासकों का है, अतः दोनों अलग-अलग होने चाहिए।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: पहले चरण की पूरी नींव ही इस अलगाव (Dichotomy) पर रखी गई थी कि राजनीति और प्रशासन दो बिल्कुल अलग-अलग क्षेत्र हैं।
व्याख्या: पहले चरण की पूरी नींव ही इस अलगाव (Dichotomy) पर रखी गई थी कि राजनीति और प्रशासन दो बिल्कुल अलग-अलग क्षेत्र हैं।
14. "लोक प्रशासन में वे सभी कार्य आ जाते है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक नीतियों को पूरा करना या लागू करना होता है।" यह परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: C) L.D. ह्वाइट (L.D. White)
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट व्यापक दृष्टिकोण के समर्थक थे। उन्होंने लोक प्रशासन को सार्वजनिक नीतियों (Public Policies) की पूर्ति का साधन माना।
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट व्यापक दृष्टिकोण के समर्थक थे। उन्होंने लोक प्रशासन को सार्वजनिक नीतियों (Public Policies) की पूर्ति का साधन माना।
15. निम्नलिखित में से किसे 'अमेरिकी लोक प्रशासन का जनक' (Father of American Public Administration) माना जाता है?
सही उत्तर: B) फ्रैंक जे. गुडनाउ (Frank J. Goodnow)
व्याख्या: जहाँ वुडरो विल्सन को समग्र 'लोक प्रशासन का जनक' माना जाता है, वहीं फ्रैंक जे. गुडनाउ को विशेष रूप से 'अमेरिकी लोक प्रशासन' का जनक माना जाता है।
व्याख्या: जहाँ वुडरो विल्सन को समग्र 'लोक प्रशासन का जनक' माना जाता है, वहीं फ्रैंक जे. गुडनाउ को विशेष रूप से 'अमेरिकी लोक प्रशासन' का जनक माना जाता है।
16. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के उपागम (Approaches) के विषय में सत्य कथन पहचानें:
1. उपागम का निर्माण = 'केन्द्रीय समस्या' + 'अन्वेषण की पद्धति' (Method) से होता है।
2. द्वितीय विश्व युद्ध से पहले लोक प्रशासन में वैज्ञानिक और तुलनात्मक उपागम का बोलबाला था।
3. ऐतिहासिक, दार्शनिक और कानूनी उपागम 'परम्परागत उपागम' के अंतर्गत आते हैं।
सही कूट:
2. द्वितीय विश्व युद्ध से पहले लोक प्रशासन में वैज्ञानिक और तुलनात्मक उपागम का बोलबाला था।
3. ऐतिहासिक, दार्शनिक और कानूनी उपागम 'परम्परागत उपागम' के अंतर्गत आते हैं।
सही उत्तर: B) केवल 1 और 3
व्याख्या: कथन 2 गलत है। द्वितीय विश्व युद्ध से पहले परम्परागत उपागम (ऐतिहासिक, कानूनी) का बोलबाला था, जबकि विश्व युद्ध के बाद वैज्ञानिक और तुलनात्मक उपागम अस्तित्व में आये।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। द्वितीय विश्व युद्ध से पहले परम्परागत उपागम (ऐतिहासिक, कानूनी) का बोलबाला था, जबकि विश्व युद्ध के बाद वैज्ञानिक और तुलनात्मक उपागम अस्तित्व में आये।
17. किस विचारक ने यह स्पष्ट किया कि "किसी देश का संविधान चाहे कितना ही अच्छा क्यों न हो और उसके मन्त्री योग्य क्यों न हो, परन्तु बिना दक्ष प्रशासन के उस देश में प्रशासन सफल नहीं हो सकता"?
सही उत्तर: B) फाइनर (Finer)
व्याख्या: हरमन फाइनर का यह प्रसिद्ध कथन इस बात को प्रमाणित करता है कि केवल नीतियां और संविधान बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए एक कुशल नौकरशाही (प्रशासन) की सख्त जरूरत होती है।
व्याख्या: हरमन फाइनर का यह प्रसिद्ध कथन इस बात को प्रमाणित करता है कि केवल नीतियां और संविधान बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए एक कुशल नौकरशाही (प्रशासन) की सख्त जरूरत होती है।
18. लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में समानता (Similarities) का समर्थन किन विचारकों ने किया है?
सही उत्तर: A) हेनरी फयोल, लूथर गुलिक, लेण्डल उर्विक और मूने
व्याख्या: प्रबन्धकीय दृष्टिकोण (Classical Theory) के ये विचारक मानते थे कि संगठन, प्रबन्धन, जन-संपर्क आदि के मामले में लोक और निजी प्रशासन एक समान हैं। (साइमन और एप्पलबी असमानता के समर्थक हैं)।
व्याख्या: प्रबन्धकीय दृष्टिकोण (Classical Theory) के ये विचारक मानते थे कि संगठन, प्रबन्धन, जन-संपर्क आदि के मामले में लोक और निजी प्रशासन एक समान हैं। (साइमन और एप्पलबी असमानता के समर्थक हैं)।
19. कथन और कारण:
कथन (A): लोक प्रशासन के विकास के 'चतुर्थ चरण (1948-1970)' को पहचान के संकट का काल कहा जाता है।
कारण (R): इस चरण में लोक प्रशासन ने सार्वभौमिक सिद्धान्तों की विफलता के कारण अपना स्वतंत्र विषय का अस्तित्व खोने लगा और इसे पुनः राजनीतिशास्त्र का अंग (एकीकरण) माना जाने लगा।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इस चरण में लोक प्रशासन ने सार्वभौमिक सिद्धान्तों की विफलता के कारण अपना स्वतंत्र विषय का अस्तित्व खोने लगा और इसे पुनः राजनीतिशास्त्र का अंग (एकीकरण) माना जाने लगा।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: जब तीसरे चरण में साइमन और बर्नार्ड ने पारंपरिक सिद्धान्तों को ध्वस्त कर दिया, तो चौथे चरण में लोक प्रशासन के विद्वान भ्रमित हो गए कि क्या यह वास्तव में एक स्वतंत्र विज्ञान है? इसलिए यह वापस राजनीति विज्ञान के गर्भ में लौटने लगा।
व्याख्या: जब तीसरे चरण में साइमन और बर्नार्ड ने पारंपरिक सिद्धान्तों को ध्वस्त कर दिया, तो चौथे चरण में लोक प्रशासन के विद्वान भ्रमित हो गए कि क्या यह वास्तव में एक स्वतंत्र विज्ञान है? इसलिए यह वापस राजनीति विज्ञान के गर्भ में लौटने लगा।
20. पुस्तक और लेखक को सुमेलित करें:
a. Principle of Public Administration
1. हेनरी फयोल
b. Creative Experience
2. हर्बर्ट साइमन
c. Industrial and General Management
3. विलोबी
d. Administrative Behavior
4. M.P. फारेलेट (Follett)
सही उत्तर: B) a-3, b-4, c-1, d-2
व्याख्या: विलोबी ने 'Principle of Public Administration' लिखी (दूसरे चरण में)। फारेलेट की पुस्तक 'Creative Experience' है। फयोल ने 'Industrial Management' और साइमन (निर्णय सिद्धांत) ने 'Administrative Behavior' लिखी।
व्याख्या: विलोबी ने 'Principle of Public Administration' लिखी (दूसरे चरण में)। फारेलेट की पुस्तक 'Creative Experience' है। फयोल ने 'Industrial Management' और साइमन (निर्णय सिद्धांत) ने 'Administrative Behavior' लिखी।
21. लोक प्रशासन का आशय सरकार की केवल 'कार्यपालिका शाखा' (Executive Branch) की गतिविधियों से है। यह दृष्टिकोण लोक प्रशासन का कौन-सा दृष्टिकोण कहलाता है?
सही उत्तर: B) सीमित दृष्टिकोण (Narrow Approach)
व्याख्या: लूथर गुलिक, साइमन जैसे विचारकों का 'सीमित दृष्टिकोण' मानता है कि विधायिका कानून बनाती है, न्यायपालिका न्याय करती है, और प्रशासन केवल कानूनों को लागू करता है, जो कि पूरी तरह कार्यपालिका का काम है।
व्याख्या: लूथर गुलिक, साइमन जैसे विचारकों का 'सीमित दृष्टिकोण' मानता है कि विधायिका कानून बनाती है, न्यायपालिका न्याय करती है, और प्रशासन केवल कानूनों को लागू करता है, जो कि पूरी तरह कार्यपालिका का काम है।
22. भारत में 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) की परीक्षाओं में लोक प्रशासन को एक स्वतंत्र विषय (Subject) के रूप में किस वर्ष शामिल किया गया?
सही उत्तर: D) 1987
व्याख्या: अलग समिति (Alagh Committee) की सिफारिशों पर लोक प्रशासन को UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 1987 में शामिल किया गया। जबकि UPPSC में इसे 1995 में शामिल किया गया था।
व्याख्या: अलग समिति (Alagh Committee) की सिफारिशों पर लोक प्रशासन को UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 1987 में शामिल किया गया। जबकि UPPSC में इसे 1995 में शामिल किया गया था।
23. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लोक प्रशासन का क्षेत्र वर्तमान समय में इतना विस्तृत हो गया है कि यह व्यक्ति के 'पालने से लेकर कब्र तक' (Cradle to grave) मौजूद है।
कारण (R): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'लोक-कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) का उदय हुआ, जिससे लोक प्रशासन का कार्य केवल पुलिसिंग तक सीमित न रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार तक फैल गया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'लोक-कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) का उदय हुआ, जिससे लोक प्रशासन का कार्य केवल पुलिसिंग तक सीमित न रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार तक फैल गया।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 19वीं सदी का राज्य 'पुलिस राज्य' था, तब प्रशासन सीमित था। 20वीं सदी में 'वेलफेयर स्टेट' के जन्म के साथ ही जन्म-प्रमाण पत्र (पालना) से लेकर मृत्यु-प्रमाण पत्र (कब्र) तक प्रशासन अनिवार्य हो गया।
व्याख्या: 19वीं सदी का राज्य 'पुलिस राज्य' था, तब प्रशासन सीमित था। 20वीं सदी में 'वेलफेयर स्टेट' के जन्म के साथ ही जन्म-प्रमाण पत्र (पालना) से लेकर मृत्यु-प्रमाण पत्र (कब्र) तक प्रशासन अनिवार्य हो गया।
24. "लोक प्रशासन सभ्य जीवन का रक्षक मात्र ही नहीं वरन् सामाजिक न्याय तथा सामाजिक परिवर्तन का महान साधन है।" यह विचार किसका है?
सही उत्तर: B) पण्डित जवाहरलाल नेहरू
व्याख्या: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने लोक प्रशासन को देश में सामाजिक-आर्थिक विकास (Social justice & change) का सबसे शक्तिशाली हथियार माना था।
व्याख्या: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने लोक प्रशासन को देश में सामाजिक-आर्थिक विकास (Social justice & change) का सबसे शक्तिशाली हथियार माना था।
25. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के विकास के दूसरे चरण (1927 - 1937) की मुख्य विशेषताओं में क्या शामिल है?
1. प्रशासन के सार्वभौमिक सिद्धान्तों (Universal Principles) के निर्माण पर बल।
2. लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में समानता स्थापित करना।
3. लोक प्रशासन के अंतर्विषयक (Interdisciplinary) दृष्टिकोण का उदय।
4. प्रबन्ध (Management) और तकनीक पर अत्यधिक बल।
सही कूट:
2. लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में समानता स्थापित करना।
3. लोक प्रशासन के अंतर्विषयक (Interdisciplinary) दृष्टिकोण का उदय।
4. प्रबन्ध (Management) और तकनीक पर अत्यधिक बल।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है, क्योंकि 'अंतर्विषयक दृष्टिकोण' (Interdisciplinary approach) का जन्म पाँचवे चरण (1971-1990) में हुआ था। दूसरा चरण विशुद्ध रूप से सिद्धांतों का 'स्वर्णिम काल' था।
व्याख्या: कथन 3 गलत है, क्योंकि 'अंतर्विषयक दृष्टिकोण' (Interdisciplinary approach) का जन्म पाँचवे चरण (1971-1990) में हुआ था। दूसरा चरण विशुद्ध रूप से सिद्धांतों का 'स्वर्णिम काल' था।
26. एप्पलबी (Appleby) ने लोक प्रशासन और निजी प्रशासन के बीच असमानता बताते हुए किस बात पर सबसे अधिक जोर दिया?
सही उत्तर: C) लोक प्रशासन में जनता के प्रति 'सार्वजनिक उत्तरदायित्व'...
व्याख्या: पॉल एप्पलबी ने कहा था कि एक सरकारी अधिकारी का कार्य हमेशा जनता और मीडिया की नज़रों (Public scrutiny) में रहता है। यह सार्वजनिक उत्तरदायित्व ही इसे निजी प्रशासन से अलग करता है।
व्याख्या: पॉल एप्पलबी ने कहा था कि एक सरकारी अधिकारी का कार्य हमेशा जनता और मीडिया की नज़रों (Public scrutiny) में रहता है। यह सार्वजनिक उत्तरदायित्व ही इसे निजी प्रशासन से अलग करता है।
27. कथन और कारण:
कथन (A): विकास के 5वें चरण (1971-1990) में 'तुलनात्मक लोक प्रशासन' (CPA) और 'नवीन लोक प्रशासन' (NPA) का जन्म हुआ।
कारण (R): लोक प्रशासन को समझने के लिए राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र व मनोविज्ञान जैसे अन्य विषयों का सहारा लिया गया, जिससे यह एक 'अंतर्विषयक' (Interdisciplinary) विज्ञान बन गया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लोक प्रशासन को समझने के लिए राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र व मनोविज्ञान जैसे अन्य विषयों का सहारा लिया गया, जिससे यह एक 'अंतर्विषयक' (Interdisciplinary) विज्ञान बन गया।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: पांचवें चरण में लोक प्रशासन बंद कमरे के सिद्धांतों से बाहर निकला और उसने समाज की वास्तविक समस्याओं (गरीबी, विकास) को सुलझाने के लिए अन्य समाज विज्ञानों से नाता जोड़ा (अंतर्विषयक उपागम)।
व्याख्या: पांचवें चरण में लोक प्रशासन बंद कमरे के सिद्धांतों से बाहर निकला और उसने समाज की वास्तविक समस्याओं (गरीबी, विकास) को सुलझाने के लिए अन्य समाज विज्ञानों से नाता जोड़ा (अंतर्विषयक उपागम)।
28. लोक प्रशासन के 'तीसरे चरण' में किस विचारक ने 'निर्णयन सिद्धान्त' (Decision Making Theory) का प्रतिपादन किया और सिद्धान्तों को विज्ञान मानने पर जोर दिया?
सही उत्तर: A) हर्बर्ट साइमन (Herbert Simon)
व्याख्या: साइमन (जिन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला) ने कहा था कि प्रशासन के तथाकथित सिद्धांत वास्तव में केवल 'मुहावरे' हैं। उन्होंने कहा कि "यदि कोई सिद्धान्त वैज्ञानिक हो सकता है तो वह है निर्णयन् सिद्धान्त (Decision Making)।"
व्याख्या: साइमन (जिन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला) ने कहा था कि प्रशासन के तथाकथित सिद्धांत वास्तव में केवल 'मुहावरे' हैं। उन्होंने कहा कि "यदि कोई सिद्धान्त वैज्ञानिक हो सकता है तो वह है निर्णयन् सिद्धान्त (Decision Making)।"
29. "प्रशासन के मूलतः दो उद्देश्य होते हैं: एक निश्चित उद्देश्य और दूसरा सहकारी सामूहिक प्रयास।" इस आधार पर लोक प्रशासन का 'लोक' (Public) शब्द क्या दर्शाता है?
सही उत्तर: B) सरकारी (Governmental) प्रकृति
व्याख्या: लोक प्रशासन में 'लोक' (Public) का अर्थ 'सरकारी' से है। अतः सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा जनकल्याण के निश्चित उद्देश्य के लिए किया गया सामूहिक प्रयास ही लोक प्रशासन है।
व्याख्या: लोक प्रशासन में 'लोक' (Public) का अर्थ 'सरकारी' से है। अतः सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा जनकल्याण के निश्चित उद्देश्य के लिए किया गया सामूहिक प्रयास ही लोक प्रशासन है।
30. भारत में सरकारी एवं गैर-सरकारी उच्च पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए 1947 में 'Administrative Staff College' की स्थापना कहाँ की गई थी?
सही उत्तर: D) हैदराबाद (Hyderabad)
व्याख्या: प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए 1947 में हैदराबाद में एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज की स्थापना की गई थी। (IIPA नई दिल्ली में 1954 में बना था)।
व्याख्या: प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए 1947 में हैदराबाद में एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज की स्थापना की गई थी। (IIPA नई दिल्ली में 1954 में बना था)।
31. कथन और कारण:
कथन (A): लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में 'सेवा सुरक्षा' (Job Security) और 'एकाधिकार' (Monopoly) को लेकर बड़ा अंतर है।
कारण (R): लोक प्रशासन में कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित होती है और राज्य के कार्यों (जैसे रेलवे, रक्षा) पर सरकार का एकाधिकार होता है, जबकि निजी प्रशासन में प्रतिस्पर्धा होती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लोक प्रशासन में कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित होती है और राज्य के कार्यों (जैसे रेलवे, रक्षा) पर सरकार का एकाधिकार होता है, जबकि निजी प्रशासन में प्रतिस्पर्धा होती है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लोक प्रशासन में कार्य की प्रकृति एकाधिकारी (Monopolistic) होती है और सिविल सेवकों को संवैधानिक सुरक्षा मिलती है। जबकि निजी क्षेत्र में बाजार की प्रतिस्पर्धा (Competition) के अनुसार ही नौकरियां टिकती हैं।
व्याख्या: लोक प्रशासन में कार्य की प्रकृति एकाधिकारी (Monopolistic) होती है और सिविल सेवकों को संवैधानिक सुरक्षा मिलती है। जबकि निजी क्षेत्र में बाजार की प्रतिस्पर्धा (Competition) के अनुसार ही नौकरियां टिकती हैं।
32. बहु-कथन प्रश्न: 'POSDCORB' दृष्टिकोण की आलोचना के सन्दर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं?
1. निक्रो और लेविस मेरियम ने इसकी कड़ी आलोचना की।
2. आलोचना का मुख्य बिंदु यह था कि इसमें लोक प्रशासन की 'विषय-वस्तु' (जैसे स्वास्थ्य, कृषि) की उपेक्षा की गई।
3. एप्पलबी ने कहा कि प्रशासन केवल 'नीतियों का क्रियान्वयन' ही नहीं, बल्कि 'नीतियों का निर्माण' भी करता है।
4. POSDCORB ने प्रशासन को पूरी तरह से राजनीति विज्ञान के अधीन कर दिया था।
सही कूट:
2. आलोचना का मुख्य बिंदु यह था कि इसमें लोक प्रशासन की 'विषय-वस्तु' (जैसे स्वास्थ्य, कृषि) की उपेक्षा की गई।
3. एप्पलबी ने कहा कि प्रशासन केवल 'नीतियों का क्रियान्वयन' ही नहीं, बल्कि 'नीतियों का निर्माण' भी करता है।
4. POSDCORB ने प्रशासन को पूरी तरह से राजनीति विज्ञान के अधीन कर दिया था।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। POSDCORB तो प्रबन्धकीय (Management) सिद्धांत था, इसने प्रशासन को 'प्रबन्धन' (Business) के करीब किया, राजनीति विज्ञान के नहीं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। POSDCORB तो प्रबन्धकीय (Management) सिद्धांत था, इसने प्रशासन को 'प्रबन्धन' (Business) के करीब किया, राजनीति विज्ञान के नहीं।
33. "किसी प्रयोजन या उद्देश्य के लिए बहुत ही कम मनुष्यों का निर्देशन, समन्वय तथा नियन्त्रण ही प्रशासन है।" लोक प्रशासन की यह परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: B) L.D. ह्वाइट (L.D. White)
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट ने प्रशासन की मूल प्रकृति को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन का अर्थ किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लोगों को निर्देशित और नियंत्रित करना है।
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट ने प्रशासन की मूल प्रकृति को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन का अर्थ किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लोगों को निर्देशित और नियंत्रित करना है।
34. भारत के विश्वविद्यालयों में लोक प्रशासन विषय के प्रारम्भ के संबंध में असत्य (False) मिलान को पहचानें:
सही उत्तर: D) सागर विश्वविद्यालय (म.प्र.) – 1954
व्याख्या: यह मिलान असत्य है। सागर विश्वविद्यालय (मध्य प्रदेश) में लोक प्रशासन का अध्ययन 1968 में प्रारम्भ हुआ था, न कि 1954 में (1954 में IIPA नई दिल्ली बना था)।
व्याख्या: यह मिलान असत्य है। सागर विश्वविद्यालय (मध्य प्रदेश) में लोक प्रशासन का अध्ययन 1968 में प्रारम्भ हुआ था, न कि 1954 में (1954 में IIPA नई दिल्ली बना था)।
35. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लोक प्रशासन के विकास के तीसरे चरण (1938-1947) में केंद्रीकरण, पद सोपान और आदेश की एकता जैसे पारंपरिक सिद्धान्तों का कड़ा उपहास किया गया।
कारण (R): एल्टन मेयो और हर्बर्ट साइमन का मानना था कि ये सिद्धांत अव्यावहारिक (Impractical) हैं और संगठन में 'मानवीय तत्वों' व 'मूल्यों' (Values) पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए।
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कारण (R): एल्टन मेयो और हर्बर्ट साइमन का मानना था कि ये सिद्धांत अव्यावहारिक (Impractical) हैं और संगठन में 'मानवीय तत्वों' व 'मूल्यों' (Values) पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: तीसरे चरण में शास्त्रीय सिद्धांतों (Classical theories) की जड़ता को तोड़ा गया। एल्टन मेयो ने 'Human Relations Theory' देकर यह सिद्ध किया कि कर्मचारी मशीन नहीं हैं, उनकी भावनाएं और नैतिकता भी उत्पादन को प्रभावित करती हैं।
व्याख्या: तीसरे चरण में शास्त्रीय सिद्धांतों (Classical theories) की जड़ता को तोड़ा गया। एल्टन मेयो ने 'Human Relations Theory' देकर यह सिद्ध किया कि कर्मचारी मशीन नहीं हैं, उनकी भावनाएं और नैतिकता भी उत्पादन को प्रभावित करती हैं।
36. 1887 में वुडरो विल्सन का प्रसिद्ध लेख "The study of administration" किस पत्रिका (Journal) में प्रकाशित हुआ था, जहाँ से लोक प्रशासन का जन्म माना जाता है?
सही उत्तर: C) Political Science Quarterly
व्याख्या: अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक वुडरो विल्सन ने अपना ऐतिहासिक लेख इसी जर्नल में प्रकाशित किया था, जिसने पहली बार राजनीति और प्रशासन को अलग-अलग विषय के रूप में स्थापित करने की बात कही।
व्याख्या: अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक वुडरो विल्सन ने अपना ऐतिहासिक लेख इसी जर्नल में प्रकाशित किया था, जिसने पहली बार राजनीति और प्रशासन को अलग-अलग विषय के रूप में स्थापित करने की बात कही।
37. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में समानताएँ (Similarities) किन आधारों पर बताई गई हैं?
1. दोनों में अपने कार्य को सम्पन्न करने के लिए 'संगठन' (Organization) की आवश्यकता होती है।
2. दोनों की 'कार्य-प्रणाली' में लगभग समानता होती है (नियोजन, क्रियान्वयन)।
3. दोनों में 'अन्वेषण' (Research/खोज) को महत्व दिया जाता है।
4. दोनों में 'जन-सम्पर्क' (Public Relations) की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
सही कूट:
2. दोनों की 'कार्य-प्रणाली' में लगभग समानता होती है (नियोजन, क्रियान्वयन)।
3. दोनों में 'अन्वेषण' (Research/खोज) को महत्व दिया जाता है।
4. दोनों में 'जन-सम्पर्क' (Public Relations) की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4
व्याख्या: हेनरी फयोल और उर्विक जैसे विचारकों के अनुसार, चाहे वह सरकारी दफ्तर हो या प्राइवेट कम्पनी, दोनों को संगठन, रिसर्च, मैनेजमेंट और जन-संपर्क की समान आवश्यकता होती है।
व्याख्या: हेनरी फयोल और उर्विक जैसे विचारकों के अनुसार, चाहे वह सरकारी दफ्तर हो या प्राइवेट कम्पनी, दोनों को संगठन, रिसर्च, मैनेजमेंट और जन-संपर्क की समान आवश्यकता होती है।
38. भारत में लोक प्रशासन के अध्ययन के जनक के रूप में किसे याद किया जाता है, जो 1959 में लखनऊ विश्वविद्यालय में लोक प्रशासन के पहले प्रोफ़ेसर बने थे?
सही उत्तर: C) प्रो. M.P. शर्मा
व्याख्या: भारत में शैक्षणिक स्तर पर लोक प्रशासन का अध्ययन राजनीति विज्ञान विभाग के अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय में 1959 में प्रो. M.P. शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुआ था।
व्याख्या: भारत में शैक्षणिक स्तर पर लोक प्रशासन का अध्ययन राजनीति विज्ञान विभाग के अंतर्गत लखनऊ विश्वविद्यालय में 1959 में प्रो. M.P. शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुआ था।
39. कथन और कारण:
कथन (A): लोक प्रशासन के विकास के छठे चरण (1991 के बाद) में 'राज्य की भूमिका' को कम करने (Rollback of the state) का प्रयास किया गया।
कारण (R): इस चरण में उदारीकरण (Liberalization) और बाजारीकरण के कारण प्रशासन में मितव्ययिता, कार्य-कुशलता और प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया, जिसे 'न्यू पब्लिक मैनेजमेंट' (NPM) कहा जाता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इस चरण में उदारीकरण (Liberalization) और बाजारीकरण के कारण प्रशासन में मितव्ययिता, कार्य-कुशलता और प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया, जिसे 'न्यू पब्लिक मैनेजमेंट' (NPM) कहा जाता है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 1991 के बाद वैश्वीकरण के दौर में सरकारी नौकरशाही को कम करने और बाजार (निजी क्षेत्र) को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई। प्रशासन को कॉर्पोरेट मैनेजमेंट की तरह कुशल बनाने (NPM) पर जोर दिया गया।
व्याख्या: 1991 के बाद वैश्वीकरण के दौर में सरकारी नौकरशाही को कम करने और बाजार (निजी क्षेत्र) को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई। प्रशासन को कॉर्पोरेट मैनेजमेंट की तरह कुशल बनाने (NPM) पर जोर दिया गया।
40. निम्नलिखित में से 'विस्तृत दृष्टिकोण' (Broad Approach) का प्रमुख विचार क्या है?
सही उत्तर: C) लोक प्रशासन का सम्बन्ध सरकार के तीनों अंगों... से है।
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट, विलोबी और एफ.एम. मार्क्स का मानना था कि प्रशासन केवल मंत्रियों (कार्यपालिका) तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद द्वारा कानून बनाना और न्यायालयों द्वारा न्याय करना भी प्रशासन का ही विस्तृत हिस्सा है।
व्याख्या: एल.डी. ह्वाइट, विलोबी और एफ.एम. मार्क्स का मानना था कि प्रशासन केवल मंत्रियों (कार्यपालिका) तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद द्वारा कानून बनाना और न्यायालयों द्वारा न्याय करना भी प्रशासन का ही विस्तृत हिस्सा है।
41. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के उपागमों (Approaches) के सम्बन्ध में कौन-से कथन सही हैं?
1. उपागम (Approach) किसी भी समस्या को एक विशेष पद्धति से हल करने का दृष्टिकोण है।
2. लोक प्रशासन विज्ञान (ज्ञान) भी है और कला (व्यवहार/आचरण) भी है।
3. जब किसी प्रशासनिक समस्या को 'ऐतिहासिक पद्धति' से हल करते हैं तो वह दार्शनिक उपागम कहलाता है।
4. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'वैज्ञानिक उपागम' का महत्त्व बढ़ गया।
सही कूट:
2. लोक प्रशासन विज्ञान (ज्ञान) भी है और कला (व्यवहार/आचरण) भी है।
3. जब किसी प्रशासनिक समस्या को 'ऐतिहासिक पद्धति' से हल करते हैं तो वह दार्शनिक उपागम कहलाता है।
4. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'वैज्ञानिक उपागम' का महत्त्व बढ़ गया।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। यदि किसी समस्या को ऐतिहासिक पद्धति से हल किया जाता है तो उसे 'ऐतिहासिक उपागम' कहा जाता है। नैतिकता के आधार पर हल करने को 'दार्शनिक उपागम' कहा जाता है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। यदि किसी समस्या को ऐतिहासिक पद्धति से हल किया जाता है तो उसे 'ऐतिहासिक उपागम' कहा जाता है। नैतिकता के आधार पर हल करने को 'दार्शनिक उपागम' कहा जाता है।
42. लोक प्रशासन के 'स्वर्णिम काल' (दूसरे चरण) के दौरान 'Creative Experience' (सृजनात्मक अनुभव) नामक प्रसिद्ध पुस्तक किसने लिखी थी?
सही उत्तर: C) M.P. फारेलेट (Mary Parker Follett)
व्याख्या: मैरी पार्कर फॉलेट (M.P. Follett) ने अपनी पुस्तक 'Creative Experience' में प्रशासन के सिद्धांतों को मनोवैज्ञानिक और मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया था, जो दूसरे चरण की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
व्याख्या: मैरी पार्कर फॉलेट (M.P. Follett) ने अपनी पुस्तक 'Creative Experience' में प्रशासन के सिद्धांतों को मनोवैज्ञानिक और मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया था, जो दूसरे चरण की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी।
43. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में 'सेवा की भावना' (Spirit of Service) को लेकर अंतर पाया जाता है।
कारण (R): लोक प्रशासन सेवा के बजाय 'औपचारिकता' (Formality/नियमों) को अधिक महत्व देता है, जबकि निजी प्रशासन ग्राहकों को बेहतर सेवा देकर अधिक 'लाभ' (Profit) कमाना चाहता है।
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कारण (R): लोक प्रशासन सेवा के बजाय 'औपचारिकता' (Formality/नियमों) को अधिक महत्व देता है, जबकि निजी प्रशासन ग्राहकों को बेहतर सेवा देकर अधिक 'लाभ' (Profit) कमाना चाहता है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यद्यपि लोक प्रशासन का उद्देश्य जन-कल्याण है, लेकिन यह नियमों (Red tapism) से इतना बंधा होता है कि इसका व्यवहार औपचारिकता मात्र रह जाता है। वहीं निजी प्रशासन 'ग्राहक ही भगवान है' की नीति पर काम करता है ताकि लाभ अधिकतम हो।
व्याख्या: यद्यपि लोक प्रशासन का उद्देश्य जन-कल्याण है, लेकिन यह नियमों (Red tapism) से इतना बंधा होता है कि इसका व्यवहार औपचारिकता मात्र रह जाता है। वहीं निजी प्रशासन 'ग्राहक ही भगवान है' की नीति पर काम करता है ताकि लाभ अधिकतम हो।
44. वुडरो विल्सन के 'राजनीति-प्रशासन पृथक्करण' (Politics-Administration Dichotomy) का मूल अर्थ क्या है?
सही उत्तर: C) राजनीति का काम 'नीति निर्माण' है, और प्रशासन का काम उसे 'लागू करना' है।
व्याख्या: विल्सन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को राजनीति के दलदल से बाहर रहना चाहिए। प्रशासन एक व्यवसाय (Business) की तरह होना चाहिए जिसका काम सिर्फ राजनेताओं द्वारा बनाए गए कानून को दक्षता से लागू करना है।
व्याख्या: विल्सन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को राजनीति के दलदल से बाहर रहना चाहिए। प्रशासन एक व्यवसाय (Business) की तरह होना चाहिए जिसका काम सिर्फ राजनेताओं द्वारा बनाए गए कानून को दक्षता से लागू करना है।
45. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के विकास के पहले चरण (1887-1926) के विषय में सही कथनों का चयन करें:
1. इसे राजनीति-प्रशासन पृथक्करण का चरण कहा जाता है।
2. इस चरण में लोक प्रशासन के कानूनी प्रकृति पर बल दिया गया।
3. इस चरण में लोक प्रशासन एक स्वतंत्र विषय के रूप में जन्मा।
4. इस चरण में उदारीकरण और बाजारीकरण पर जोर दिया गया।
सही कूट:
2. इस चरण में लोक प्रशासन के कानूनी प्रकृति पर बल दिया गया।
3. इस चरण में लोक प्रशासन एक स्वतंत्र विषय के रूप में जन्मा।
4. इस चरण में उदारीकरण और बाजारीकरण पर जोर दिया गया।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। उदारीकरण (Liberalization) और बाजारीकरण लोक प्रशासन के विकास के छठे चरण (1991 के बाद) की विशेषता है, पहले चरण की नहीं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। उदारीकरण (Liberalization) और बाजारीकरण लोक प्रशासन के विकास के छठे चरण (1991 के बाद) की विशेषता है, पहले चरण की नहीं।
46. "लोक प्रशासन कैंची के दो फलकों के समान है, एक फलक का सम्बन्ध 'प्रबन्ध' से है तो दूसरे का सम्बन्ध 'विषय-वस्तु' से है।" यह रूपक (Metaphor) किसने प्रयोग किया था?
सही उत्तर: C) लेविस मेरियम (Lewis Meriam)
व्याख्या: लेविस मेरियम ने POSDCORB सिद्धांत की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया था कि जैसे कैंची काटने के लिए दोनों फलकों पर निर्भर करती है, वैसे ही सफल प्रशासन के लिए प्रबन्धन तकनीक (POSDCORB) और विषय-वस्तु (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि का ज्ञान) दोनों जरूरी हैं।
व्याख्या: लेविस मेरियम ने POSDCORB सिद्धांत की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया था कि जैसे कैंची काटने के लिए दोनों फलकों पर निर्भर करती है, वैसे ही सफल प्रशासन के लिए प्रबन्धन तकनीक (POSDCORB) और विषय-वस्तु (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि का ज्ञान) दोनों जरूरी हैं।
47. कथन और कारण:
कथन (A): लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में 'उत्तरदायित्व' (Accountability) की दिशा अलग-अलग होती है।
कारण (R): लोक प्रशासन का उत्तरदायित्व अपने विभाग, बड़े अधिकारी और संसद/जनता के प्रति होता है, जबकि निजी प्रशासन मुख्य रूप से ग्राहक की 'सन्तुष्टि' (Customer satisfaction) के प्रति उत्तरदायी होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लोक प्रशासन का उत्तरदायित्व अपने विभाग, बड़े अधिकारी और संसद/जनता के प्रति होता है, जबकि निजी प्रशासन मुख्य रूप से ग्राहक की 'सन्तुष्टि' (Customer satisfaction) के प्रति उत्तरदायी होता है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लोक प्रशासन में पदानुक्रम (Hierarchy) और जन-जवाबदेही बहुत मजबूत होती है, क्योंकि यह करदाताओं के पैसे से चलता है। निजी क्षेत्र केवल तभी तक उत्तरदायी है जब तक ग्राहक उनकी सेवाएँ खरीद रहा है।
व्याख्या: लोक प्रशासन में पदानुक्रम (Hierarchy) और जन-जवाबदेही बहुत मजबूत होती है, क्योंकि यह करदाताओं के पैसे से चलता है। निजी क्षेत्र केवल तभी तक उत्तरदायी है जब तक ग्राहक उनकी सेवाएँ खरीद रहा है।
48. लोक प्रशासन के 'प्रबन्धकीय दृष्टिकोण' (Managerial View) के समर्थकों में किसका नाम प्रमुखता से आता है?
सही उत्तर: B) हेनरी फयोल, लूथर गुलिक, और लिंडल उर्विक
व्याख्या: इन विचारकों ने प्रशासन को एक विशुद्ध 'प्रबन्ध' (Management) माना। लूथर गुलिक ने इसी दृष्टिकोण के आधार पर POSDCORB का सूत्र दिया था।
व्याख्या: इन विचारकों ने प्रशासन को एक विशुद्ध 'प्रबन्ध' (Management) माना। लूथर गुलिक ने इसी दृष्टिकोण के आधार पर POSDCORB का सूत्र दिया था।
49. बहु-कथन प्रश्न: लोक प्रशासन के विकास के छठे चरण (1991 के बाद) में किन प्रमुख बातों पर बल दिया गया है?
1. प्रतिस्पर्धा एवं विकास (Competition and Development)
2. नियमों की गुणवत्ता में सुधार (Better Regulations)
3. विकेंद्रीकरण (Decentralization) और जन जवाबदेही
4. नौकरशाही (Bureaucracy) के आकार और कठोरता में वृद्धि
सही कूट:
2. नियमों की गुणवत्ता में सुधार (Better Regulations)
3. विकेंद्रीकरण (Decentralization) और जन जवाबदेही
4. नौकरशाही (Bureaucracy) के आकार और कठोरता में वृद्धि
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 1991 के बाद के दौर में प्रशासन को 'नौकरशाही विरोधी' (Anti-bureaucratic) बनाने का प्रयास किया गया है, अर्थात् नौकरशाही के आकार (Red tapism) को कम करके प्रशासन को लचीला बनाने पर जोर दिया गया है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 1991 के बाद के दौर में प्रशासन को 'नौकरशाही विरोधी' (Anti-bureaucratic) बनाने का प्रयास किया गया है, अर्थात् नौकरशाही के आकार (Red tapism) को कम करके प्रशासन को लचीला बनाने पर जोर दिया गया है।
50. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लोक प्रशासन आधुनिक समय में केवल एक 'अध्ययन का विषय' नहीं, बल्कि 'कला' (Art) और 'विज्ञान' (Science) दोनों है।
कारण (R): लोक प्रशासन के 'विज्ञान' का अर्थ इसके व्यवस्थित ज्ञान और सिद्धांतों से है, जबकि 'कला' का आशय प्रशासकों के आचरण, कौशल और व्यावहारिक तौर-तरीकों से है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लोक प्रशासन के 'विज्ञान' का अर्थ इसके व्यवस्थित ज्ञान और सिद्धांतों से है, जबकि 'कला' का आशय प्रशासकों के आचरण, कौशल और व्यावहारिक तौर-तरीकों से है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लोक प्रशासन का सैद्धांतिक पक्ष विज्ञान है (जिसमें शोध, अन्वेषण और सिद्धांत निर्माण होते हैं) और जब कोई अधिकारी उन सिद्धांतों का प्रयोग करके किसी ज़िले या विभाग को कुशलता से चलाता है, तो वह एक कला (व्यावहारिक कौशल) बन जाता है।
व्याख्या: लोक प्रशासन का सैद्धांतिक पक्ष विज्ञान है (जिसमें शोध, अन्वेषण और सिद्धांत निर्माण होते हैं) और जब कोई अधिकारी उन सिद्धांतों का प्रयोग करके किसी ज़िले या विभाग को कुशलता से चलाता है, तो वह एक कला (व्यावहारिक कौशल) बन जाता है।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):50
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. लोक प्रशासन का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर: वुडरो विल्सन को लोक प्रशासन का जनक माना जाता है। 1887 में उनके एक लेख "The study of administration" के प्रकाशन के साथ ही अध्ययन के विषय के रूप में लोक प्रशासन का जन्म हुआ था।
Q2. लोक प्रशासन में POSDCORB का क्या अर्थ है?
उत्तर: POSDCORB प्रबन्धकीय दृष्टिकोण का एक सूत्र है (लूथर गुलिक द्वारा) जिसका अर्थ है: P- Planning (योजना), O- Organization (संगठन), S- Staffing (कर्मचारी नियुक्ति), D- Directing (दिशा-निर्देश), Co- Coordinating (समन्वय), R- Reporting (रपट), और B- Budgeting (बजट बनाना)।
Q3. लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में सबसे मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: इन दोनों में मुख्य अंतर 'लाभ' और 'सेवा की भावना' का है। लोक प्रशासन जन-कल्याण और सेवा की भावना से कार्य करता है, जबकि निजी प्रशासन मुख्य रूप से लाभ कमाने के उद्देश्य (Profit Motive) से कार्य करता है।
Q4. लोक प्रशासन के अध्ययन के 'सीमित दृष्टिकोण' (Narrow Approach) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सीमित दृष्टिकोण (जिसके समर्थक लूथर गुलिक, साइमन आदि हैं) के अनुसार, लोक प्रशासन का संबंध केवल सरकार की 'कार्यपालिका' (Executive) शाखा की गतिविधियों से होता है, क्योंकि नीतियों का क्रियान्वयन केवल कार्यपालिका ही करती है।
