उदारवाद और व्यक्तिवाद: 100 अति महत्वपूर्ण MCQs
| उदारवाद (Liberalism) और व्यक्तिवाद: 100 Premium MCQs (मॉक टेस्ट) |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda के इस प्रीमियम मॉक टेस्ट में उदारवाद (नकारात्मक, सकारात्मक, नव-उदारवाद) और व्यक्तिवाद की विचारधारा पर 100 अति-महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं। इसमें जॉन लॉक, बेंथम, एडम स्मिथ, हर्बर्ट स्पेंसर, टी.एच. ग्रीन, लास्की, नोज़िक और कार्ल पॉपर के सिद्धांतों पर कथन-कारण (बदले हुए विकल्पों के साथ), कूट मिलान और 5-विकल्पों वाले उच्च स्तरीय पर आधारित उच्च स्तरीय प्रश्न दिए गए हैं। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और बहु-कथन वाले उन प्रश्नों का समावेश है, जो TGT, PGT, LT, GIC और NET-JRF जैसी परीक्षाओं में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। |
1. नव-उदारवाद (Neo-Liberalism) के जनक के रूप में किस विचारक को जाना जाता है, जिन्होंने राज्य को केवल 'रात्रि प्रहरी' (Night Watchman) तक सीमित रखने की वकालत की?
सही उत्तर: E) रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick)
व्याख्या: रॉबर्ट नोज़िक ने अपनी पुस्तक (Anarchy, State, and Utopia) में लोककल्याणकारी राज्य का विरोध किया और नकारात्मक उदारवाद को नए सिरे से स्थापित करते हुए नव-उदारवाद (इच्छा स्वातंत्रवाद) की नींव रखी।
व्याख्या: रॉबर्ट नोज़िक ने अपनी पुस्तक (Anarchy, State, and Utopia) में लोककल्याणकारी राज्य का विरोध किया और नकारात्मक उदारवाद को नए सिरे से स्थापित करते हुए नव-उदारवाद (इच्छा स्वातंत्रवाद) की नींव रखी।
2. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): व्यक्तिवाद (Individualism) की विचारधारा राज्य को 'साध्य' (End) और व्यक्ति को 'साधन' (Means) मानती है。
कारण (R): व्यक्तिवादियों का मानना है कि राज्य का निर्माण व्यक्तियों ने आपस में मिलकर किया है, अतः राज्य एक कृत्रिम संस्था है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): व्यक्तिवादियों का मानना है कि राज्य का निर्माण व्यक्तियों ने आपस में मिलकर किया है, अतः राज्य एक कृत्रिम संस्था है।
सही उत्तर: B) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है。
व्याख्या: कथन (A) उल्टा लिखा है। समाजवाद/फासीवाद राज्य को साध्य मानता है। व्यक्तिवाद व्यक्ति को साध्य (End) और राज्य को साधन (Means) मानता है। कारण (R) बिल्कुल सही है।
व्याख्या: कथन (A) उल्टा लिखा है। समाजवाद/फासीवाद राज्य को साध्य मानता है। व्यक्तिवाद व्यक्ति को साध्य (End) और राज्य को साधन (Means) मानता है। कारण (R) बिल्कुल सही है।
3. "राज्य एक आवश्यक बुराई न होकर एक सकारात्मक भलाई (Positive Good) है।" यह विचार प्रस्तुत करके किसने नकारात्मक स्वतंत्रता के स्थान पर 'सकारात्मक स्वतंत्रता' का मार्ग प्रशस्त किया?
सही उत्तर: C) टी. एच. ग्रीन (T.H. Green)
व्याख्या: टी.एच. ग्रीन ने मिल की कमियों को दूर किया और कहा कि 'मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है'। राज्य का काम केवल पुलिसिंग नहीं, बल्कि शिक्षा और गरीबी दूर करके सकारात्मक भलाई करना है।
व्याख्या: टी.एच. ग्रीन ने मिल की कमियों को दूर किया और कहा कि 'मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है'। राज्य का काम केवल पुलिसिंग नहीं, बल्कि शिक्षा और गरीबी दूर करके सकारात्मक भलाई करना है।
4. बहु-कथन प्रश्न: हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) के 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' के सन्दर्भ में क्या सही है?
1. इन्होंने राज्य का 'सावयवी/शरीर सिद्धान्त' (Organic Theory) दिया।
2. इन्होंने 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the Fittest) का सिद्धान्त प्रतिपादित किया।
3. ये राज्य के न्यूनतम कार्यों के घोर विरोधी थे और लोककल्याणकारी राज्य चाहते थे।
4. इनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'The Man Versus The State' है।
सही कूट:
2. इन्होंने 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the Fittest) का सिद्धान्त प्रतिपादित किया।
3. ये राज्य के न्यूनतम कार्यों के घोर विरोधी थे और लोककल्याणकारी राज्य चाहते थे।
4. इनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'The Man Versus The State' है।
सही उत्तर: E) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। स्पेंसर लोककल्याणकारी राज्य के घोर विरोधी थे। वे राज्य को एक 'आवश्यक बुराई' मानते थे और राज्य को केवल 3 कार्य (बाह्य सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, न्याय) तक सीमित रखना चाहते थे।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। स्पेंसर लोककल्याणकारी राज्य के घोर विरोधी थे। वे राज्य को एक 'आवश्यक बुराई' मानते थे और राज्य को केवल 3 कार्य (बाह्य सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, न्याय) तक सीमित रखना चाहते थे।
5. 1944 में इंग्लैण्ड में 'लॉर्ड विलियम बेवरिज' की अध्यक्षता में बनी रिपोर्ट (Beveridge Report) ने समाज की किन 5 बुराइयों (Evils) को दूर करने की बात कही, जिससे 'लोककल्याणकारी राज्य' का जन्म हुआ?
सही उत्तर: A) अशिक्षा, बेरोजगारी, बीमारी, आश्रय का अभाव, दरिद्रता (गरीबी)
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्लीमेंट एटली की सरकार ने बेवरिज रिपोर्ट को लागू किया। इस रिपोर्ट ने 5 बड़ी सामाजिक बुराइयों (Ignorance, Idleness, Disease, Squalor, Want) को मिटाने के लिए राज्य के हस्तक्षेप को अनिवार्य बताया।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्लीमेंट एटली की सरकार ने बेवरिज रिपोर्ट को लागू किया। इस रिपोर्ट ने 5 बड़ी सामाजिक बुराइयों (Ignorance, Idleness, Disease, Squalor, Want) को मिटाने के लिए राज्य के हस्तक्षेप को अनिवार्य बताया।
6. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): एडम स्मिथ को 'आर्थिक उदारवाद' (Economic Liberalism) का जनक माना जाता है。
कारण (R): एडम स्मिथ ने 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (1776) में 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) की नीति का कड़ा विरोध किया और राज्य को बाजार पर पूर्ण नियंत्रण रखने की सलाह दी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): एडम स्मिथ ने 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (1776) में 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) की नीति का कड़ा विरोध किया और राज्य को बाजार पर पूर्ण नियंत्रण रखने की सलाह दी।
सही उत्तर: C) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है。
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। एडम स्मिथ ने 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) का प्रबल समर्थन किया था, न कि विरोध। उनका मानना था कि राज्य को बाजार (अर्थव्यवस्था) में कोई दखल नहीं देना चाहिए।
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। एडम स्मिथ ने 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) का प्रबल समर्थन किया था, न कि विरोध। उनका मानना था कि राज्य को बाजार (अर्थव्यवस्था) में कोई दखल नहीं देना चाहिए।
7. "समुदाय (जनता) एक ऐसे गृह स्वामी की तरह है जो अपने लिए पहरेदार की नियुक्ति करता है... यदि वह सोता हुआ मिलता है तो उसे हटाकर नये पहरेदार की नियुक्ति कर देता है।" यह क्रान्तिकारी विचार किसका है?
सही उत्तर: E) जॉन लॉक (John Locke)
व्याख्या: लॉक ने राज्य (सरकार) को केवल एक 'पहरेदार' (Night watchman) माना है, जिसका काम जनता के प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा करना है। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता, तो जनता को उसे हटाने का पूर्ण अधिकार है।
व्याख्या: लॉक ने राज्य (सरकार) को केवल एक 'पहरेदार' (Night watchman) माना है, जिसका काम जनता के प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा करना है। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता, तो जनता को उसे हटाने का पूर्ण अधिकार है।
8. बहु-कथन प्रश्न: नकारात्मक उदारवाद (व्यक्तिवाद) की प्रमुख मान्यताओं को चुनें:
1. राज्य एक 'आवश्यक बुराई' (Necessary Evil) है।
2. राज्य एक 'साधन' (Means) है और व्यक्ति 'साध्य' (End) है।
3. यह मध्यवर्ग (पूँजीपतियों) के हितों का पोषक है।
4. राज्य को आर्थिक समानता लाने के लिए गरीबों को मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य देना चाहिए।
सही कूट:
2. राज्य एक 'साधन' (Means) है और व्यक्ति 'साध्य' (End) है।
3. यह मध्यवर्ग (पूँजीपतियों) के हितों का पोषक है।
4. राज्य को आर्थिक समानता लाने के लिए गरीबों को मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य देना चाहिए।
सही उत्तर: D) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 'सकारात्मक उदारवाद / लोककल्याणकारी राज्य' की विशेषता है, न कि नकारात्मक उदारवाद की। नकारात्मक उदारवाद राज्य के लोक-कल्याणकारी कार्यों का घोर विरोधी है।
व्याख्या: कथन 4 'सकारात्मक उदारवाद / लोककल्याणकारी राज्य' की विशेषता है, न कि नकारात्मक उदारवाद की। नकारात्मक उदारवाद राज्य के लोक-कल्याणकारी कार्यों का घोर विरोधी है।
9. 'समतावाद' (Egalitarianism), जिसे समकालीन सकारात्मक उदारवाद भी कहा जाता है, के जनक कौन माने जाते हैं?
सही उत्तर: C) सी.बी. मैकफर्सन (C.B. Macpherson)
व्याख्या: मैकफर्सन समतावाद के जनक हैं। यह विचारधारा स्वेच्छातंत्रवाद (नोज़िक) का विरोध करती है और राज्य को एक सकारात्मक संस्था मानकर समाज के कमजोर वर्गों (कमजोर कड़ी) को मजबूत करने पर बल देती है।
व्याख्या: मैकफर्सन समतावाद के जनक हैं। यह विचारधारा स्वेच्छातंत्रवाद (नोज़िक) का विरोध करती है और राज्य को एक सकारात्मक संस्था मानकर समाज के कमजोर वर्गों (कमजोर कड़ी) को मजबूत करने पर बल देती है।
10. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) ने 'प्राकृतिक अधिकारों' (Natural Rights) के सिद्धान्त का प्रबल समर्थन किया。
कारण (R): क्योंकि बेंथम मानते थे कि 'स्वतंत्रता एक प्राकृतिक अधिकार है' और यह सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि बेंथम मानते थे कि 'स्वतंत्रता एक प्राकृतिक अधिकार है' और यह सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों असत्य (False) हैं。
व्याख्या: बेंथम प्राकृतिक अधिकारों (जॉन लॉक के विचार) के घोर विरोधी थे। वे वैधानिक (कानूनी) अधिकारों के समर्थक थे। उन्होंने कहा था- "लोग सुरक्षा चाहते हैं, स्वतंत्रता नहीं।" दोनों कथन पूर्णतः गलत हैं।
व्याख्या: बेंथम प्राकृतिक अधिकारों (जॉन लॉक के विचार) के घोर विरोधी थे। वे वैधानिक (कानूनी) अधिकारों के समर्थक थे। उन्होंने कहा था- "लोग सुरक्षा चाहते हैं, स्वतंत्रता नहीं।" दोनों कथन पूर्णतः गलत हैं।
11. "राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए, वरना उद्योग ही राज्य पर नियंत्रण कर लेंगे।" पूँजीवाद की आलोचना करते हुए यह प्रसिद्ध चेतावनी किसने दी थी?
सही उत्तर: D) हेराल्ड लास्की (H.J. Laski)
व्याख्या: लास्की (A Grammar of Politics) लोककल्याणकारी राज्य के बहुत बड़े समर्थक थे। उन्होंने उद्योगों के 'राष्ट्रीयकरण' का समर्थन किया ताकि पूँजीपति देश की सत्ता को हाईजैक न कर लें।
व्याख्या: लास्की (A Grammar of Politics) लोककल्याणकारी राज्य के बहुत बड़े समर्थक थे। उन्होंने उद्योगों के 'राष्ट्रीयकरण' का समर्थन किया ताकि पूँजीपति देश की सत्ता को हाईजैक न कर लें।
12. बहु-कथन प्रश्न: उदारवाद (Liberalism) की उत्पत्ति और शाब्दिक अर्थ के विषय में क्या सही है?
1. यह 'पुनर्जागरण' और 'धर्मसुधार आन्दोलन' की देन है।
2. इसका मूलमंत्र 'स्वतंत्रता' है।
3. यह 'विवेक' (Reason) पर आधारित एक लचीली एवं परिवर्तनशील व्यवस्था है।
4. यह लोकतंत्र और विधि के शासन का घोर विरोध करता है।
सही कूट:
2. इसका मूलमंत्र 'स्वतंत्रता' है।
3. यह 'विवेक' (Reason) पर आधारित एक लचीली एवं परिवर्तनशील व्यवस्था है।
4. यह लोकतंत्र और विधि के शासन का घोर विरोध करता है।
सही उत्तर: D) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। उदारवाद लोकतंत्र और 'विधि के शासन' (Rule of Law) में गहरी आस्था रखता है, विरोध नहीं करता।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। उदारवाद लोकतंत्र और 'विधि के शासन' (Rule of Law) में गहरी आस्था रखता है, विरोध नहीं करता।
13. किस विचारक ने अपनी पुस्तक 'Open Society and its Enemies' में मार्क्सवाद को 'मुक्त समाज' (बाजार व्यवस्था) का दुश्मन ठहराया है?
सही उत्तर: C) कार्ल पॉपर (Karl Popper)
व्याख्या: कार्ल पॉपर ने मार्क्सवाद और फासीवाद दोनों को 'खुले समाज का दुश्मन' बताया और 'खण्डशः सामाजिक परिवर्तन' (Piecemeal Social Engineering) का सिद्धान्त प्रस्तुत किया।
व्याख्या: कार्ल पॉपर ने मार्क्सवाद और फासीवाद दोनों को 'खुले समाज का दुश्मन' बताया और 'खण्डशः सामाजिक परिवर्तन' (Piecemeal Social Engineering) का सिद्धान्त प्रस्तुत किया।
14. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): सकारात्मक उदारवाद (Positive Liberalism) का जन्म मार्क्सवाद (Marxism) के प्रभाव को रोकने के लिए हुआ था。
कारण (R): नकारात्मक उदारवाद ने समाज में अमीर-गरीब की खाई बहुत बढ़ा दी थी, जिससे शोषित वर्ग क्रांति (मार्क्सवाद) की ओर मुड़ रहा था। अतः उदारवाद को बचाने के लिए राज्य को सकारात्मक कार्य (लोककल्याण) सौंपे गए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): नकारात्मक उदारवाद ने समाज में अमीर-गरीब की खाई बहुत बढ़ा दी थी, जिससे शोषित वर्ग क्रांति (मार्क्सवाद) की ओर मुड़ रहा था। अतः उदारवाद को बचाने के लिए राज्य को सकारात्मक कार्य (लोककल्याण) सौंपे गए।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: इसे 'प्रतिक्रिया का चक्र' (Reaction Cycle) कहते हैं। जब व्यक्तिवाद ने गरीबों को मरने के लिए छोड़ दिया, तो मार्क्सवाद पनपा। मार्क्सवाद की खूनी क्रांति से पूँजीवाद को बचाने के लिए ही 'सकारात्मक उदारवाद / वेलफेयर स्टेट' का जन्म हुआ।
व्याख्या: इसे 'प्रतिक्रिया का चक्र' (Reaction Cycle) कहते हैं। जब व्यक्तिवाद ने गरीबों को मरने के लिए छोड़ दिया, तो मार्क्सवाद पनपा। मार्क्सवाद की खूनी क्रांति से पूँजीवाद को बचाने के लिए ही 'सकारात्मक उदारवाद / वेलफेयर स्टेट' का जन्म हुआ।
15. जे.एस. मिल (J.S. Mill) ने नकारात्मक उदारवाद को सकारात्मक उदारवाद में बदलने का पहला उल्लेखनीय प्रयास किया। उन्होंने राज्य के हस्तक्षेप के विषय में क्या विचार दिया?
सही उत्तर: B) राज्य को सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में विषमता मिटाने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए...
व्याख्या: मिल ने 'The Principles of Political Economy' में पहली बार माना कि आर्थिक विषमता प्राकृतिक नहीं है, इसलिए राज्य को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी भलाई (सकारात्मक कार्य) के लिए बाज़ार में हस्तक्षेप करना चाहिए।
व्याख्या: मिल ने 'The Principles of Political Economy' में पहली बार माना कि आर्थिक विषमता प्राकृतिक नहीं है, इसलिए राज्य को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी भलाई (सकारात्मक कार्य) के लिए बाज़ार में हस्तक्षेप करना चाहिए।
16. "कानून एक अनिवार्य दोष है।" (Law is a necessary evil). सुरक्षा को स्वतंत्रता से अधिक महत्व देने वाला यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham)
व्याख्या: बेंथम मानते हैं कि 'स्वतंत्रता' इंसान को सुरक्षित नहीं रख सकती। सुरक्षा के लिए 'कानून' (प्रतिबंध) ज़रूरी है। चूँकि कानून आज़ादी छीनता है इसलिए 'दोष/बुराई' है, पर सुरक्षा के लिए 'अनिवार्य' है।
व्याख्या: बेंथम मानते हैं कि 'स्वतंत्रता' इंसान को सुरक्षित नहीं रख सकती। सुरक्षा के लिए 'कानून' (प्रतिबंध) ज़रूरी है। चूँकि कानून आज़ादी छीनता है इसलिए 'दोष/बुराई' है, पर सुरक्षा के लिए 'अनिवार्य' है।
17. बहु-कथन प्रश्न: रॉबर्ट नोज़िक और नव-उदारवादियों (इच्छा स्वातंत्रवाद) के अनुसार 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) के क्या परिणाम हुए हैं?
1. इससे समाज में भ्रष्टाचार तेजी के साथ फैला है।
2. इससे व्यक्ति आलसी और कायर हो जाता है, जिससे कार्य क्षमता घट जाती है।
3. इससे सरकार का राजस्व घाटा (Fiscal Deficit) बढ़ जाता है।
4. इससे समाज में पूर्ण आर्थिक समानता आ गई है।
सही कूट:
2. इससे व्यक्ति आलसी और कायर हो जाता है, जिससे कार्य क्षमता घट जाती है।
3. इससे सरकार का राजस्व घाटा (Fiscal Deficit) बढ़ जाता है।
4. इससे समाज में पूर्ण आर्थिक समानता आ गई है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: नव-उदारवादियों का तर्क था कि 'मुफ्त की रेवड़ियां' (Welfare) बांटने से देश कर्जे में डूब जाता है और लोग कामचोर हो जाते हैं। आर्थिक समानता (कथन 4) उनका लक्ष्य नहीं था, वे मुक्त प्रतिस्पर्धा चाहते थे।
व्याख्या: नव-उदारवादियों का तर्क था कि 'मुफ्त की रेवड़ियां' (Welfare) बांटने से देश कर्जे में डूब जाता है और लोग कामचोर हो जाते हैं। आर्थिक समानता (कथन 4) उनका लक्ष्य नहीं था, वे मुक्त प्रतिस्पर्धा चाहते थे।
18. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): टी. एच. ग्रीन ने कहा कि "स्वतंत्रता ऐसे कार्यों को करने या कराने का नाम है जो करने योग्य हो" (सामाजिक हित में हो)。
कारण (R): ग्रीन नकारात्मक स्वतंत्रता (प्रतिबंधों का अभाव) के समर्थक थे और मानते थे कि व्यक्ति समाज के बिना भी अपना पूर्ण विकास कर सकता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ग्रीन नकारात्मक स्वतंत्रता (प्रतिबंधों का अभाव) के समर्थक थे और मानते थे कि व्यक्ति समाज के बिना भी अपना पूर्ण विकास कर सकता है।
सही उत्तर: E) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है。
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। ग्रीन 'सकारात्मक स्वतंत्रता' के समर्थक थे और उनका स्पष्ट मानना था कि 'आत्म तत्व समाज तत्व है', अर्थात् व्यक्ति समाज के बाहर अपना विकास कर ही नहीं सकता।
व्याख्या: कारण (R) पूरी तरह गलत है। ग्रीन 'सकारात्मक स्वतंत्रता' के समर्थक थे और उनका स्पष्ट मानना था कि 'आत्म तत्व समाज तत्व है', अर्थात् व्यक्ति समाज के बाहर अपना विकास कर ही नहीं सकता।
19. "लोककल्याणकारी राज्य उदारवाद और साम्यवाद के मध्य का मार्ग है।" यह प्रसिद्ध परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: A) हॉबमैन (Hobman)
व्याख्या: हॉबमैन ने लोककल्याणकारी राज्य (Welfare State) को 'पूंजीवाद की स्वतंत्रता' और 'साम्यवाद की समानता' के बीच का गोल्डन रास्ता (Middle path) बताया, जहाँ दोनों के गुण मौजूद हों।
व्याख्या: हॉबमैन ने लोककल्याणकारी राज्य (Welfare State) को 'पूंजीवाद की स्वतंत्रता' और 'साम्यवाद की समानता' के बीच का गोल्डन रास्ता (Middle path) बताया, जहाँ दोनों के गुण मौजूद हों।
20. 'चरम स्वेच्छातंत्रवाद' (Extreme Libertarianism) के समर्थकों को राजनीति विज्ञान में और किस नाम से जाना जाता है, जो सभी प्रकार के शासन को अवैध मानते हैं?
सही उत्तर: B) अराजकतावादी (Anarchists)
व्याख्या: चरम नव-उदारवादी (Anarcho-capitalists) मानते हैं कि राज्य नाम की संस्था ही डकैती (टैक्स के माध्यम से) करती है। इंसान खुद बहुत समझदार है, इसलिए राज्य को पूरी तरह से नष्ट (अराजकता) कर देना चाहिए।
व्याख्या: चरम नव-उदारवादी (Anarcho-capitalists) मानते हैं कि राज्य नाम की संस्था ही डकैती (टैक्स के माध्यम से) करती है। इंसान खुद बहुत समझदार है, इसलिए राज्य को पूरी तरह से नष्ट (अराजकता) कर देना चाहिए।
21. बहु-कथन प्रश्न: जॉन लॉक (John Locke) के विचारों के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. उन्होंने 'प्राकृतिक अधिकारों' (जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति) का सिद्धांत दिया।
2. उन्होंने 'सीमित सरकार' और 'प्रतिनिधि सरकार' का समर्थन किया।
3. उन्होंने कहा कि "विधि और स्वतंत्रता एक-दूसरे के पूरक हैं।"
4. उन्होंने राज्य को साध्य (End) और व्यक्ति को साधन (Means) माना।
सही कूट:
2. उन्होंने 'सीमित सरकार' और 'प्रतिनिधि सरकार' का समर्थन किया।
3. उन्होंने कहा कि "विधि और स्वतंत्रता एक-दूसरे के पूरक हैं।"
4. उन्होंने राज्य को साध्य (End) और व्यक्ति को साधन (Means) माना।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। लॉक 'व्यक्तिवाद/उदारवाद' के जनक हैं, इसलिए वे व्यक्ति को साध्य (End) और राज्य को केवल एक चौकीदार (साधन) मानते हैं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। लॉक 'व्यक्तिवाद/उदारवाद' के जनक हैं, इसलिए वे व्यक्ति को साध्य (End) और राज्य को केवल एक चौकीदार (साधन) मानते हैं।
22. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): टी. एच. ग्रीन ने कहा कि राज्य का कार्य "बाधाओं को बाधित करना" (Hindering the hindrances) है。
कारण (R): ग्रीन मानते थे कि राज्य सीधे तौर पर किसी को नैतिक नहीं बना सकता, लेकिन वह उन सामाजिक बुराइयों (अशिक्षा, नशाखोरी, गरीबी) को हटा सकता है जो व्यक्ति के विकास में बाधा बनती हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): ग्रीन मानते थे कि राज्य सीधे तौर पर किसी को नैतिक नहीं बना सकता, लेकिन वह उन सामाजिक बुराइयों (अशिक्षा, नशाखोरी, गरीबी) को हटा सकता है जो व्यक्ति के विकास में बाधा बनती हैं।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: सकारात्मक उदारवाद में राज्य का काम यह नहीं है कि वह आपका जीवन जिए, बल्कि राज्य का काम आपके रास्ते के काँटों (बाधाओं) को हटाना है ताकि आप खुद अपनी मंज़िल (नैतिकता/विकास) तक पहुँच सकें।
व्याख्या: सकारात्मक उदारवाद में राज्य का काम यह नहीं है कि वह आपका जीवन जिए, बल्कि राज्य का काम आपके रास्ते के काँटों (बाधाओं) को हटाना है ताकि आप खुद अपनी मंज़िल (नैतिकता/विकास) तक पहुँच सकें।
23. आर्थिक उदारवाद (Economic Liberalism) के जनक एडम स्मिथ ने अपनी किस प्रसिद्ध पुस्तक में 'लेसेजफेयर' (Laissez-Faire) का सिद्धांत प्रस्तुत किया?
सही उत्तर: A) The Wealth of Nations (1776)
व्याख्या: एडम स्मिथ ने इस महान ग्रंथ में तर्क दिया कि यदि राज्य अर्थव्यवस्था (बाजार) में दखल देना बंद कर दे (अहस्तक्षेप), तो 'अदृश्य हाथ' (Invisible hand) से सबकी आय और राष्ट्र की आय अपने-आप बढ़ जाएगी।
व्याख्या: एडम स्मिथ ने इस महान ग्रंथ में तर्क दिया कि यदि राज्य अर्थव्यवस्था (बाजार) में दखल देना बंद कर दे (अहस्तक्षेप), तो 'अदृश्य हाथ' (Invisible hand) से सबकी आय और राष्ट्र की आय अपने-आप बढ़ जाएगी।
24. जे. एम. कीन्स (J.M. Keynes) और जे. के. गैलब्रेथ का सम्बन्ध किस विचारधारा से है, जिन्होंने आर्थिक क्षेत्र में 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' (Mixed Economy) का विचार दिया?
सही उत्तर: D) सकारात्मक उदारवाद / लोककल्याणकारी राज्य
व्याख्या: 1929 की आर्थिक मंदी के बाद जे.एम. कीन्स ने कहा कि एडम स्मिथ का 'अहस्तक्षेप' फेल हो गया है। बाज़ार को डूबने से बचाने के लिए राज्य को अर्थव्यवस्था में सकारात्मक 'हस्तक्षेप' (Positive Intervention) करना ही पड़ेगा।
व्याख्या: 1929 की आर्थिक मंदी के बाद जे.एम. कीन्स ने कहा कि एडम स्मिथ का 'अहस्तक्षेप' फेल हो गया है। बाज़ार को डूबने से बचाने के लिए राज्य को अर्थव्यवस्था में सकारात्मक 'हस्तक्षेप' (Positive Intervention) करना ही पड़ेगा।
25. बहु-कथन प्रश्न: हर्बर्ट स्पेंसर के 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' से सम्बंधित पुस्तकों और सिद्धान्तों को पहचानें:
1. 'The Man Versus The State' (पुस्तक)
2. 'Social Statics' (पुस्तक)
3. सावयवी सिद्धान्त (Organic Theory)
4. राज्य का आधार 'उपयोगिता' है, समझौता नहीं।
सही कूट:
2. 'Social Statics' (पुस्तक)
3. सावयवी सिद्धान्त (Organic Theory)
4. राज्य का आधार 'उपयोगिता' है, समझौता नहीं।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'राज्य का आधार उपयोगिता है, समझौता नहीं'— यह विचार जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) का है, न कि हर्बर्ट स्पेंसर का।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'राज्य का आधार उपयोगिता है, समझौता नहीं'— यह विचार जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) का है, न कि हर्बर्ट स्पेंसर का।
26. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जेरेमी बेंथम को 'प्रतिनिधि लोकतंत्र' (Representative Democracy) का जनक भी माना जाता है。
कारण (R): बेंथम ने 'एक व्यक्ति और एक वोट' (One man, one vote) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था, जो आधुनिक लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली का मूल आधार है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम ने 'एक व्यक्ति और एक वोट' (One man, one vote) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था, जो आधुनिक लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली का मूल आधार है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: उपयोगितावादी विचारक बेंथम ने समाज के सभी व्यक्तियों के 'सुख' को बराबर माना, इसलिए उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट देते समय हर व्यक्ति की कीमत (Value) 'एक' ही होनी चाहिए।
व्याख्या: उपयोगितावादी विचारक बेंथम ने समाज के सभी व्यक्तियों के 'सुख' को बराबर माना, इसलिए उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट देते समय हर व्यक्ति की कीमत (Value) 'एक' ही होनी चाहिए।
27. "केवल उत्तम मनुष्य ही उत्तम समाज का निर्माण कर सकता है।" नैतिकता और समाजवाद को आधार बनाने वाले इस विचारक का क्या नाम है, जिनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'The Acquisitive Society' है?
सही उत्तर: D) आर. एच. टॉनी (R.H. Tawney)
व्याख्या: आर.एच. टॉनी एक लोकतंत्रीय समाजवादी थे। उन्होंने मार्क्स की 'हिंसक क्रांति' को नकार कर कहा कि जब तक मनुष्य अंदर से नैतिक (उत्तम) नहीं होगा, तब तक कोई भी व्यवस्था समाज का भला नहीं कर सकती।
व्याख्या: आर.एच. टॉनी एक लोकतंत्रीय समाजवादी थे। उन्होंने मार्क्स की 'हिंसक क्रांति' को नकार कर कहा कि जब तक मनुष्य अंदर से नैतिक (उत्तम) नहीं होगा, तब तक कोई भी व्यवस्था समाज का भला नहीं कर सकती।
28. नकारात्मक उदारवाद (व्यक्तिवाद) का सबसे अधिक लाभ किस वर्ग को मिला और यह किस वर्ग के हितों का पोषक था?
सही उत्तर: B) मध्यवर्ग या उद्योगपति (पूँजीपति) वर्ग
व्याख्या: अहस्तक्षेप (Laissez-faire) की नीति का सबसे ज़्यादा फायदा फैक्ट्री मालिकों को हुआ क्योंकि राज्य ने मज़दूरों की भलाई के लिए कोई कानून नहीं बनाया। वे कम वेतन देकर अमीर (पूँजीपति) बन गए।
व्याख्या: अहस्तक्षेप (Laissez-faire) की नीति का सबसे ज़्यादा फायदा फैक्ट्री मालिकों को हुआ क्योंकि राज्य ने मज़दूरों की भलाई के लिए कोई कानून नहीं बनाया। वे कम वेतन देकर अमीर (पूँजीपति) बन गए।
29. बहु-कथन प्रश्न: 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) की अवधारणा के विषय में सत्य कथन पहचानें:
1. 'लोककल्याणकारी राज्य' शब्द का पहली बार प्रयोग आर्क विशप टेम्पिल ने किया था।
2. यह समाजवाद और पूंजीवाद दोनों के लक्षणों का मिश्रण है।
3. इसका उदय मुख्य रूप से इंग्लैण्ड में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ।
4. यह राज्य के न्यूनतम कार्यों (नकारात्मक) का समर्थन करता है।
सही कूट:
2. यह समाजवाद और पूंजीवाद दोनों के लक्षणों का मिश्रण है।
3. इसका उदय मुख्य रूप से इंग्लैण्ड में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ।
4. यह राज्य के न्यूनतम कार्यों (नकारात्मक) का समर्थन करता है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। 'लोककल्याणकारी राज्य' राज्य के अधिकतम और सकारात्मक (Positive) कार्यों का समर्थन करता है, न्यूनतम कार्यों (नकारात्मक) का नहीं।
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। 'लोककल्याणकारी राज्य' राज्य के अधिकतम और सकारात्मक (Positive) कार्यों का समर्थन करता है, न्यूनतम कार्यों (नकारात्मक) का नहीं।
30. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): सी.बी. मैकफर्सन (C.B. Macpherson) द्वारा समर्थित 'समतावाद' (Egalitarianism) राज्य को एक 'सकारात्मक संस्था' मानता है。
कारण (R): समतावादियों का मानना है कि समाज एक श्रृंखला (Chain) की तरह है, और राज्य को समाज के सबसे 'कमजोर वर्गों' (Weakest links) को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): समतावादियों का मानना है कि समाज एक श्रृंखला (Chain) की तरह है, और राज्य को समाज के सबसे 'कमजोर वर्गों' (Weakest links) को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: नव-उदारवाद (नोज़िक) जहाँ अमीरों पर टैक्स लगाने का विरोध करता है, वहीं समतावाद (मैकफर्सन, रॉल्स) 'सकारात्मक भेदभाव' (आरक्षण/सहायता) के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को ऊपर उठाने की वकालत करता है।
व्याख्या: नव-उदारवाद (नोज़िक) जहाँ अमीरों पर टैक्स लगाने का विरोध करता है, वहीं समतावाद (मैकफर्सन, रॉल्स) 'सकारात्मक भेदभाव' (आरक्षण/सहायता) के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को ऊपर उठाने की वकालत करता है।
31. "आज तक मैंने ऐसा कानून नहीं देखा जिस पर बेंथम का प्रभाव ना हो।" जेरेमी बेंथम के विधायी (Legal) योगदानों की प्रशंसा करते हुए यह कथन किसका है?
सही उत्तर: B) सर हेनरी मैन (Sir Henry Maine)
व्याख्या: बेंथम को 'सकारात्मक कानून' (Positive/Legal Law) का पिता कहा जाता है। दुनिया भर में जो भी कानून 'सुधार' या 'उपयोगिता' के उद्देश्य से बनाए गए, उन सब पर बेंथम की छाप है।
व्याख्या: बेंथम को 'सकारात्मक कानून' (Positive/Legal Law) का पिता कहा जाता है। दुनिया भर में जो भी कानून 'सुधार' या 'उपयोगिता' के उद्देश्य से बनाए गए, उन सब पर बेंथम की छाप है।
32. 'परिमिति या संमत स्वेच्छातंत्रवाद' (Limited Libertarianism) के विचारकों को 'अर्ध अराजकतावादी' क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: B) क्योंकि वे राज्य का पूर्णतः विरोध नहीं करते, बल्कि उसे केवल 'सुरक्षा, शांति और न्याय' तक ही सीमित रखना चाहते हैं।
व्याख्या: पूर्ण अराजकतावादी तो राज्य को ही खत्म करना चाहते हैं। लेकिन रॉबर्ट नोज़िक जैसे विचारक कहते हैं कि सुरक्षा और कोर्ट जैसे काम व्यक्ति खुद नहीं कर सकता, इसलिए केवल इतनी ही सरकार (Night Watchman) होनी चाहिए।
व्याख्या: पूर्ण अराजकतावादी तो राज्य को ही खत्म करना चाहते हैं। लेकिन रॉबर्ट नोज़िक जैसे विचारक कहते हैं कि सुरक्षा और कोर्ट जैसे काम व्यक्ति खुद नहीं कर सकता, इसलिए केवल इतनी ही सरकार (Night Watchman) होनी चाहिए।
33. बहु-कथन प्रश्न: पुनर्जागरण आन्दोलन (Renaissance) और 'उदारवाद' के विकास के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. 15वीं व 16वीं शताब्दी के पुनर्जागरण ने 'स्वतंत्रता', 'समानता', और 'मानववाद' को जन्म दिया।
2. इसी आन्दोलन ने राज्य की सर्वोच्चता को चुनौती दी और 'व्यक्तिवाद' का उदय किया।
3. उदारवाद का शाब्दिक अर्थ 'विवेक' (Reason) पर आधारित एक 'लचीली व परिवर्तनशील' व्यवस्था है।
4. पुनर्जागरण ने सामंती व्यवस्था (Feudalism) को और अधिक मजबूत कर दिया।
सही कूट:
2. इसी आन्दोलन ने राज्य की सर्वोच्चता को चुनौती दी और 'व्यक्तिवाद' का उदय किया।
3. उदारवाद का शाब्दिक अर्थ 'विवेक' (Reason) पर आधारित एक 'लचीली व परिवर्तनशील' व्यवस्था है।
4. पुनर्जागरण ने सामंती व्यवस्था (Feudalism) को और अधिक मजबूत कर दिया।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। पुनर्जागरण (और धर्म सुधार) ने तो सामंती व्यवस्था और चर्च के विशेषाधिकारों (Feudalism) को उखाड़ फेंका था, जिससे इंसान आज़ाद हुआ और उदारवाद जन्मा।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। पुनर्जागरण (और धर्म सुधार) ने तो सामंती व्यवस्था और चर्च के विशेषाधिकारों (Feudalism) को उखाड़ फेंका था, जिससे इंसान आज़ाद हुआ और उदारवाद जन्मा।
34. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): हर्बर्ट स्पेंसर के 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' ने 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the Fittest) के सिद्धांत का समर्थन किया。
कारण (R): स्पेंसर का मानना था कि जो व्यक्ति प्राकृतिक सामंजस्य नहीं बैठा सकता (जैसे कमजोर या बीमार), राज्य को उसे बचाने के लिए कल्याणकारी नीतियां नहीं बनानी चाहिए; उसे नष्ट हो जाना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): स्पेंसर का मानना था कि जो व्यक्ति प्राकृतिक सामंजस्य नहीं बैठा सकता (जैसे कमजोर या बीमार), राज्य को उसे बचाने के लिए कल्याणकारी नीतियां नहीं बनानी चाहिए; उसे नष्ट हो जाना चाहिए।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: डार्विन का जीव-विज्ञान का नियम स्पेंसर ने समाज पर लागू कर दिया। यह व्यक्तिवाद (पूँजीवाद) का सबसे क्रूर (Cruel) रूप था, जिसने गरीबों को उनके हाल पर छोड़ देने की वकालत की।
व्याख्या: डार्विन का जीव-विज्ञान का नियम स्पेंसर ने समाज पर लागू कर दिया। यह व्यक्तिवाद (पूँजीवाद) का सबसे क्रूर (Cruel) रूप था, जिसने गरीबों को उनके हाल पर छोड़ देने की वकालत की।
35. "आधुनिक समाज की समस्या अनुपातों की समस्या है, न कि परिणामों की। न्याय की समस्या है, न कि खुशहाली का।" यह मार्मिक कथन किस समाजवादी विचारक का है?
सही उत्तर: C) आर. एच. टॉनी (R.H. Tawney)
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'Equality' में टॉनी ने कहा कि समाज में धन तो बहुत है (खुशहाली), लेकिन वह कुछ ही हाथों में जमा है (अनुपात की समस्या), जो घोर अन्याय है।
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'Equality' में टॉनी ने कहा कि समाज में धन तो बहुत है (खुशहाली), लेकिन वह कुछ ही हाथों में जमा है (अनुपात की समस्या), जो घोर अन्याय है।
36. जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) के 'उपयोगितावाद' (Utilitarianism) का मुख्य आधार/नारा क्या है?
सही उत्तर: B) अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख
व्याख्या: बेंथम के अनुसार राज्य का कोई 'दैवीय' या 'प्राकृतिक' आधार नहीं है। राज्य सिर्फ एक मशीन है जिसका मूल्यांकन इसी बात पर होगा कि उसके कानूनों से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को 'सुख' (Utility) मिल रहा है या नहीं।
व्याख्या: बेंथम के अनुसार राज्य का कोई 'दैवीय' या 'प्राकृतिक' आधार नहीं है। राज्य सिर्फ एक मशीन है जिसका मूल्यांकन इसी बात पर होगा कि उसके कानूनों से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को 'सुख' (Utility) मिल रहा है या नहीं।
37. बहु-कथन प्रश्न: सकारात्मक उदारवाद (Positive Liberalism) के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. यह 'राज्य' को साधन और साध्य दोनों रूप में देखता है।
2. यह मनुष्य को एक 'सामाजिक प्राणी' के रूप में देखता है, 'आणविक' (अकेला) नहीं।
3. यह राज्य को अर्थव्यवस्था और समाज में सकारात्मक हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है।
4. यह मार्क्सवाद के 'वर्ग संघर्ष' (खूनी क्रांति) का पूर्ण समर्थन करता है।
सही कूट:
2. यह मनुष्य को एक 'सामाजिक प्राणी' के रूप में देखता है, 'आणविक' (अकेला) नहीं।
3. यह राज्य को अर्थव्यवस्था और समाज में सकारात्मक हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है।
4. यह मार्क्सवाद के 'वर्ग संघर्ष' (खूनी क्रांति) का पूर्ण समर्थन करता है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। सकारात्मक उदारवाद तो मार्क्सवाद को रोकने (उसे काउंटर करने) के लिए ही लाया गया था। यह क्रांति की जगह राज्य द्वारा शांतिपूर्ण 'सुधारों' (Welfare) में विश्वास करता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। सकारात्मक उदारवाद तो मार्क्सवाद को रोकने (उसे काउंटर करने) के लिए ही लाया गया था। यह क्रांति की जगह राज्य द्वारा शांतिपूर्ण 'सुधारों' (Welfare) में विश्वास करता है।
38. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जॉन लॉक ने प्राकृतिक अधिकारों (Natural Rights) में 'सम्पत्ति के अधिकार' (Right to Property) को सर्वाधिक महत्व दिया है。
कारण (R): क्योंकि लॉक का मानना था कि सम्पत्ति के अधिकार के भीतर ही व्यक्ति के जीवन (Life) और स्वतंत्रता (Liberty) के अधिकार सुरक्षित होते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि लॉक का मानना था कि सम्पत्ति के अधिकार के भीतर ही व्यक्ति के जीवन (Life) और स्वतंत्रता (Liberty) के अधिकार सुरक्षित होते हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: वाहन (Vaughan) ने लिखा है कि "लॉक के दर्शन का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की सम्पत्ति की सुरक्षा करना है।" लॉक पूंजीवादी (मध्यवर्ग) विचारधारा के पैरोकार थे।
व्याख्या: वाहन (Vaughan) ने लिखा है कि "लॉक के दर्शन का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की सम्पत्ति की सुरक्षा करना है।" लॉक पूंजीवादी (मध्यवर्ग) विचारधारा के पैरोकार थे।
39. मैकाइवर (MacIver) ने अपनी पुस्तक 'The Modern State' में आधुनिक राज्य का मुख्य कार्य क्या बताया है?
सही उत्तर: B) समाज में मौजूद विभिन्न समूहों के हितों में सामंजस्य स्थापित करना।
व्याख्या: मैकाइवर मानते थे कि समाज में कई तरह के गुट और संस्थाएं (मज़दूर, मालिक, किसान) हैं। 'आधुनिक राज्य' (Welfare state) का काम इन सबके बीच बैलेंस बनाकर रखना है।
व्याख्या: मैकाइवर मानते थे कि समाज में कई तरह के गुट और संस्थाएं (मज़दूर, मालिक, किसान) हैं। 'आधुनिक राज्य' (Welfare state) का काम इन सबके बीच बैलेंस बनाकर रखना है।
40. नव-उदारवाद (Neo-Liberalism) में उदारीकरण (Liberalization), निजीकरण (Privatization) और वैश्वीकरण (Globalization) को किस रूप में देखा जाता है?
सही उत्तर: B) उदारीकरण = सिद्धांत, निजीकरण = प्रक्रिया, और वैश्वीकरण = व्यावहारिक रूप
व्याख्या: 1980-90 के दशक में उदारीकरण (नियमों में छूट देना) को थ्योरी बनाया गया, निजीकरण (सरकारी संपत्तियां बेचना) उसका प्रोसेस बना, और पूरी दुनिया का बाज़ार जुड़ जाना (वैश्वीकरण) उसका प्रैक्टिकल रिजल्ट बना।
व्याख्या: 1980-90 के दशक में उदारीकरण (नियमों में छूट देना) को थ्योरी बनाया गया, निजीकरण (सरकारी संपत्तियां बेचना) उसका प्रोसेस बना, और पूरी दुनिया का बाज़ार जुड़ जाना (वैश्वीकरण) उसका प्रैक्टिकल रिजल्ट बना।
41. बहु-कथन प्रश्न: 'बेवरिज रिपोर्ट' (1944) के सन्दर्भ में क्या सही है?
1. यह रिपोर्ट अमेरिका में लागू की गई थी।
2. इसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने लागू करवाया था।
3. इसका उद्देश्य समाज की 5 बड़ी बुराइयों (जैसे बीमारी, बेरोजगारी, अज्ञानता) को नष्ट करना था।
4. इसी रिपोर्ट के लागू होने से दुनिया में व्यावहारिक रूप से 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) का जन्म हुआ।
सही कूट:
2. इसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने लागू करवाया था।
3. इसका उद्देश्य समाज की 5 बड़ी बुराइयों (जैसे बीमारी, बेरोजगारी, अज्ञानता) को नष्ट करना था।
4. इसी रिपोर्ट के लागू होने से दुनिया में व्यावहारिक रूप से 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) का जन्म हुआ।
सही उत्तर: A) 2, 3 और 4
व्याख्या: कथन 1 गलत है। बेवरिज रिपोर्ट इंग्लैंड (ब्रिटेन) में लार्ड विलियम बेवरिज की अध्यक्षता में बनी थी, अमेरिका में नहीं। इसने ही मॉडर्न 'स्टेट स्पॉन्सर्ड वेलफेयर' की नींव रखी।
व्याख्या: कथन 1 गलत है। बेवरिज रिपोर्ट इंग्लैंड (ब्रिटेन) में लार्ड विलियम बेवरिज की अध्यक्षता में बनी थी, अमेरिका में नहीं। इसने ही मॉडर्न 'स्टेट स्पॉन्सर्ड वेलफेयर' की नींव रखी।
42. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): टी. एच. ग्रीन ने कहा था कि "राज्य एक आवश्यक बुराई न होकर एक सकारात्मक भलाई है।"
कारण (R): क्योंकि ग्रीन 'सकारात्मक उदारवाद' के समर्थक थे और उनका मानना था कि राज्य का मुख्य कार्य व्यक्ति के आंतरिक व बाह्य जीवन के मार्ग में आने वाली 'बाधाओं को बाधित' करके उसे नैतिक और पूर्ण जीवन जीने में मदद करना है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि ग्रीन 'सकारात्मक उदारवाद' के समर्थक थे और उनका मानना था कि राज्य का मुख्य कार्य व्यक्ति के आंतरिक व बाह्य जीवन के मार्ग में आने वाली 'बाधाओं को बाधित' करके उसे नैतिक और पूर्ण जीवन जीने में मदद करना है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: व्यक्तिवादियों के लिए राज्य 'बुराई' था। ग्रीन ने इसे पलट कर कहा कि राज्य 'भलाई' है क्योंकि वह गरीबी/अशिक्षा हटाकर व्यक्ति को सच्ची आज़ादी (सकारात्मक) देता है।
व्याख्या: व्यक्तिवादियों के लिए राज्य 'बुराई' था। ग्रीन ने इसे पलट कर कहा कि राज्य 'भलाई' है क्योंकि वह गरीबी/अशिक्षा हटाकर व्यक्ति को सच्ची आज़ादी (सकारात्मक) देता है।
43. जे. के. गैलब्रेथ (J.K. Galbraith) की प्रसिद्ध पुस्तकों 'The Affluent Society' और 'The New Industrial State' में अर्थव्यवस्था के किस मॉडल का समर्थन किया गया है?
सही उत्तर: B) मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy)
व्याख्या: गैलब्रेथ मानते हैं कि एक आधुनिक औद्योगिक राज्य में कुछ उद्योग प्राइवेट हाथों में (पूंजीवाद) और कुछ बड़े लोककल्याणकारी उद्योग राज्य के नियंत्रण में (समाजवाद) होने चाहिए।
व्याख्या: गैलब्रेथ मानते हैं कि एक आधुनिक औद्योगिक राज्य में कुछ उद्योग प्राइवेट हाथों में (पूंजीवाद) और कुछ बड़े लोककल्याणकारी उद्योग राज्य के नियंत्रण में (समाजवाद) होने चाहिए।
44. "विधि और स्वतंत्रता एक दूसरे के पूरक हैं।" (Law and Liberty are complementary). अर्थात "जहां विधि नहीं, वहां स्वतंत्रता नहीं।" यह ऐतिहासिक कथन किसका है?
सही उत्तर: A) जॉन लॉक (John Locke)
व्याख्या: जॉन लॉक का मानना था कि अगर जंगल राज होगा तो ताकतवर इंसान कमजोर की आज़ादी छीन लेगा। राज्य जब 'कानून' (Law) बनाता है, तभी हर इंसान की 'आज़ादी' (Liberty) सुरक्षित रह पाती है।
व्याख्या: जॉन लॉक का मानना था कि अगर जंगल राज होगा तो ताकतवर इंसान कमजोर की आज़ादी छीन लेगा। राज्य जब 'कानून' (Law) बनाता है, तभी हर इंसान की 'आज़ादी' (Liberty) सुरक्षित रह पाती है।
45. बहु-कथन प्रश्न: नकारात्मक उदारवाद (व्यक्तिवाद) में 'राज्य के आवश्यक कार्य' के अंतर्गत क्या-क्या शामिल किया गया है?
1. बाहरी शत्रुओं (विदेशी हमलों) से देश की सीमाओं की सुरक्षा करना।
2. देश के अंदर शांति और व्यवस्था बनाए रखना (पुलिसिंग)।
3. नागरिकों को 'न्याय' प्रदान करना।
4. नागरिकों के लिए रोजगार और पेंशन की व्यवस्था करना।
सही कूट:
2. देश के अंदर शांति और व्यवस्था बनाए रखना (पुलिसिंग)।
3. नागरिकों को 'न्याय' प्रदान करना।
4. नागरिकों के लिए रोजगार और पेंशन की व्यवस्था करना।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। रोजगार, पेंशन, अस्पताल— ये सब लोककल्याणकारी (Welfare) कार्य हैं। व्यक्तिवाद केवल पहले 3 कार्यों को ही राज्य का काम मानता है (Night Watchman)।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। रोजगार, पेंशन, अस्पताल— ये सब लोककल्याणकारी (Welfare) कार्य हैं। व्यक्तिवाद केवल पहले 3 कार्यों को ही राज्य का काम मानता है (Night Watchman)।
46. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): व्यक्तिवादी विचारक 'राज्य और समाज' दोनों को एक 'कृत्रिम संस्था' (Artificial Institution) मानते हैं。
कारण (R): क्योंकि उनका मानना है कि प्राकृतिक रूप से सारे व्यक्ति बराबर हैं और उन्होंने अपनी सुविधा के लिए आपस में समझौता करके राज्य/समाज को एक 'मशीन या यंत्र' की तरह खुद बनाया है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि उनका मानना है कि प्राकृतिक रूप से सारे व्यक्ति बराबर हैं और उन्होंने अपनी सुविधा के लिए आपस में समझौता करके राज्य/समाज को एक 'मशीन या यंत्र' की तरह खुद बनाया है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: फासीवाद या आदर्शवाद राज्य को ईश्वर या प्राकृतिक मानता है। लेकिन उदारवाद/व्यक्तिवाद राज्य को इंसान द्वारा बनाई गई एक मशीन (यंत्र) मानता है, जिसे इंसान जब चाहे अपनी सहूलियत के लिए बदल सकता है।
व्याख्या: फासीवाद या आदर्शवाद राज्य को ईश्वर या प्राकृतिक मानता है। लेकिन उदारवाद/व्यक्तिवाद राज्य को इंसान द्वारा बनाई गई एक मशीन (यंत्र) मानता है, जिसे इंसान जब चाहे अपनी सहूलियत के लिए बदल सकता है।
47. "दुनिया में सभी पतित हैं क्योंकि अमीर कभी झुके नहीं और गरीब कभी उठे नहीं।" यह अत्यंत भावपूर्ण कथन किस भारतीय विचारक का है?
सही उत्तर: C) विनोबा भावे (Vinoba Bhave)
व्याख्या: भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे ने समाज में फैली भीषण आर्थिक असमानता पर कटाक्ष करते हुए यह कहा था। यह लोककल्याणकारी राज्य की आवश्यकता को दर्शाता है।
व्याख्या: भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे ने समाज में फैली भीषण आर्थिक असमानता पर कटाक्ष करते हुए यह कहा था। यह लोककल्याणकारी राज्य की आवश्यकता को दर्शाता है।
48. हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) ने अपनी पुस्तक 'Social Statics' में एक 'आदर्श समाज' (Ideal Society) की क्या कल्पना की है?
सही उत्तर: B) एक ऐसा समाज जिसमें 'राज्य' नाम की कोई संस्था ही न हो...
व्याख्या: स्पेंसर मानते हैं कि कानून और आज़ादी एक-दूसरे के दुश्मन हैं। सबसे अच्छी स्थिति वह होगी जब इंसान इतना समझदार हो जाए कि उसे 'राज्य' (पुलिस/कानून) की ज़रूरत ही न पड़े।
व्याख्या: स्पेंसर मानते हैं कि कानून और आज़ादी एक-दूसरे के दुश्मन हैं। सबसे अच्छी स्थिति वह होगी जब इंसान इतना समझदार हो जाए कि उसे 'राज्य' (पुलिस/कानून) की ज़रूरत ही न पड़े।
49. बहु-कथन प्रश्न: 'समाजवाद/फासीवाद/आदर्शवाद' का 'उदारवाद' से तुलना करने पर क्या मूल अंतर स्पष्ट होता है?
1. समाजवाद/फासीवाद 'राज्य को साध्य (End) और व्यक्ति को साधन (Means)' मानते हैं।
2. ये विचारधाराएं व्यक्ति का हित राज्य के हित में ही विलीन देखती हैं।
3. उदारवाद (व्यक्तिवाद) 'व्यक्ति को साध्य और राज्य को साधन' मानता है।
4. सकारात्मक उदारवाद राज्य को साध्य और साधन दोनों रूपों में देखता है।
सही कूट:
2. ये विचारधाराएं व्यक्ति का हित राज्य के हित में ही विलीन देखती हैं।
3. उदारवाद (व्यक्तिवाद) 'व्यक्ति को साध्य और राज्य को साधन' मानता है।
4. सकारात्मक उदारवाद राज्य को साध्य और साधन दोनों रूपों में देखता है।
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: राजनीतिक विचारधारा का यही मूल आधार है। फासीवाद में राज्य सब कुछ है (व्यक्ति कुर्बान)। व्यक्तिवाद में व्यक्ति सब कुछ है (राज्य मशीन)। और कल्याणकारी उदारवाद में राज्य एक ऐसा साधन है जो खुद में एक साध्य (भलाई) बन जाता है।
व्याख्या: राजनीतिक विचारधारा का यही मूल आधार है। फासीवाद में राज्य सब कुछ है (व्यक्ति कुर्बान)। व्यक्तिवाद में व्यक्ति सब कुछ है (राज्य मशीन)। और कल्याणकारी उदारवाद में राज्य एक ऐसा साधन है जो खुद में एक साध्य (भलाई) बन जाता है।
50. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): हॉबहाउस (Hobhouse) को 'सामाजिक उदारवाद' (Social Liberalism) का समर्थक माना जाता है。
कारण (R): क्योंकि उन्होंने लोकतंत्रीय व्यवस्था में केवल मुक्त व्यापार (अहस्तक्षेप) पर जोर दिया और राज्य के 'सामाजिक उत्तरदायित्व' को पूरी तरह से नकार दिया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि उन्होंने लोकतंत्रीय व्यवस्था में केवल मुक्त व्यापार (अहस्तक्षेप) पर जोर दिया और राज्य के 'सामाजिक उत्तरदायित्व' को पूरी तरह से नकार दिया।
सही उत्तर: C) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है。
व्याख्या: कथन (A) सही है। लेकिन कारण (R) पूरी तरह गलत है। हॉबहाउस ने 'मुक्त व्यापार' की जगह राज्य के सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) को बढ़ावा दिया था, नकारा नहीं था।
व्याख्या: कथन (A) सही है। लेकिन कारण (R) पूरी तरह गलत है। हॉबहाउस ने 'मुक्त व्यापार' की जगह राज्य के सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) को बढ़ावा दिया था, नकारा नहीं था।
51. जे.एस. मिल (J.S. Mill) ने यद्यपि सकारात्मक उदारवाद का मार्ग प्रशस्त किया, फिर भी उन्हें पूर्णतः 'सकारात्मक उदारवादी' क्यों नहीं माना जाता?
सही उत्तर: B) क्योंकि उन्होंने... 'राजनीतिक क्षेत्र' में वे अभी भी राज्य के 'अहस्तक्षेप' पर अड़े रहे।
व्याख्या: मिल एक दोराहे (Crossroads) पर खड़े विचारक थे। वे पुराने व्यक्तिवाद से बाहर तो निकले, लेकिन राजनीतिक आज़ादी (अभिव्यक्ति की पूर्ण आज़ादी) में राज्य का ज़रा भी दखल उन्हें बर्दाश्त नहीं था।
व्याख्या: मिल एक दोराहे (Crossroads) पर खड़े विचारक थे। वे पुराने व्यक्तिवाद से बाहर तो निकले, लेकिन राजनीतिक आज़ादी (अभिव्यक्ति की पूर्ण आज़ादी) में राज्य का ज़रा भी दखल उन्हें बर्दाश्त नहीं था।
52. बहु-कथन प्रश्न: 'नकारात्मक अर्थशास्त्र' (Negative Economics) के सन्दर्भ में क्या-क्या सत्य है?
1. एडम स्मिथ ने 'लेसेजफेयर' (अहस्तक्षेप) के माध्यम से इसकी नींव रखी।
2. थॉमस माल्थस ने 'जनसंख्या सिद्धान्त' (Population Theory) दिया जो इसका हिस्सा है।
3. डेविड रिकार्डो ने 'लगान सिद्धान्त' और 'मजदूरी का लौह नियम' दिया।
4. ये सभी विचारक चाहते थे कि सरकार मज़दूरों की न्यूनतम मज़दूरी तय करे।
सही कूट:
2. थॉमस माल्थस ने 'जनसंख्या सिद्धान्त' (Population Theory) दिया जो इसका हिस्सा है।
3. डेविड रिकार्डो ने 'लगान सिद्धान्त' और 'मजदूरी का लौह नियम' दिया।
4. ये सभी विचारक चाहते थे कि सरकार मज़दूरों की न्यूनतम मज़दूरी तय करे।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। स्मिथ, रिकार्डो, माल्थस सरकार द्वारा न्यूनतम मज़दूरी तय करने के कट्टर विरोधी थे। वे मानते थे कि मज़दूरी बाज़ार तय करेगा।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। स्मिथ, रिकार्डो, माल्थस सरकार द्वारा न्यूनतम मज़दूरी तय करने के कट्टर विरोधी थे। वे मानते थे कि मज़दूरी बाज़ार तय करेगा।
53. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): नव-उदारवादी विचारक रॉबर्ट नोज़िक ने राज्य को 'रात्रि प्रहरी' (Night Watchman) की संज्ञा दी है。
कारण (R): नोज़िक का मानना है कि राज्य का काम केवल देश को बाहरी और भीतरी खतरों से बचाना है (चौकीदारी करना), उसे जनता की संपत्ति या कल्याण के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): नोज़िक का मानना है कि राज्य का काम केवल देश को बाहरी और भीतरी खतरों से बचाना है (चौकीदारी करना), उसे जनता की संपत्ति या कल्याण के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: रॉबर्ट नोज़िक (Entitlement Theory) मानते हैं कि यदि किसी ने मेहनत से पैसा कमाया है, तो राज्य को उसे टैक्स के रूप में 'छीनने' (Welfare के नाम पर) का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। राज्य सिर्फ चौकीदार है।
व्याख्या: रॉबर्ट नोज़िक (Entitlement Theory) मानते हैं कि यदि किसी ने मेहनत से पैसा कमाया है, तो राज्य को उसे टैक्स के रूप में 'छीनने' (Welfare के नाम पर) का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। राज्य सिर्फ चौकीदार है।
54. "एक व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार जो करना चाहता है, वह करने के लिए स्वतंत्र है, बशर्ते दूसरे व्यक्ति के उसी प्रकार के कार्यों में कोई बाधा न आए।" स्वतंत्रता की यह अति-व्यक्तिवादी परिभाषा किसने दी?
सही उत्तर: C) हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer)
व्याख्या: 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' के जनक स्पेंसर व्यक्ति को पूरी तरह मुक्त रखना चाहते थे। उनका मानना था कि आज़ादी की एकमात्र सीमा बस यही है कि आप दूसरे की आज़ादी में टांग न अड़ाएं।
व्याख्या: 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' के जनक स्पेंसर व्यक्ति को पूरी तरह मुक्त रखना चाहते थे। उनका मानना था कि आज़ादी की एकमात्र सीमा बस यही है कि आप दूसरे की आज़ादी में टांग न अड़ाएं।
55. बहु-कथन प्रश्न: टी. एच. ग्रीन (T.H. Green) के 'सकारात्मक उदारवाद' के सन्दर्भ में क्या असत्य (False) है?
1. इन्होंने कहा कि 'आत्म तत्व समाज तत्व है', अर्थात् मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
2. इन्होंने राज्य को एक 'सकारात्मक भलाई' (Positive Good) माना।
3. इन्होंने 'सकारात्मक स्वतंत्रता' का विचार दिया, जहाँ स्वतंत्रता प्रतिबंधों की उपस्थिति है।
4. इन्होंने एडम स्मिथ के 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) सिद्धांत का पूर्ण समर्थन किया।
सही कूट:
2. इन्होंने राज्य को एक 'सकारात्मक भलाई' (Positive Good) माना।
3. इन्होंने 'सकारात्मक स्वतंत्रता' का विचार दिया, जहाँ स्वतंत्रता प्रतिबंधों की उपस्थिति है।
4. इन्होंने एडम स्मिथ के 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) सिद्धांत का पूर्ण समर्थन किया।
सही उत्तर: C) केवल 4
व्याख्या: कथन 4 असत्य है। टी.एच. ग्रीन ने 'अहस्तक्षेप' का कड़ा विरोध किया था। उनका मानना था कि राज्य को अशिक्षा और गरीबी दूर करने के लिए समाज में हस्तक्षेप करना ही पड़ेगा।
व्याख्या: कथन 4 असत्य है। टी.एच. ग्रीन ने 'अहस्तक्षेप' का कड़ा विरोध किया था। उनका मानना था कि राज्य को अशिक्षा और गरीबी दूर करने के लिए समाज में हस्तक्षेप करना ही पड़ेगा।
56. जेरेमी बेंथम के उपयोगितावाद (Utilitarianism) का एक प्रमुख योगदान यह भी है कि उन्होंने 'प्रतिनिधि लोकतंत्र' की नींव रखी। इसके लिए उन्होंने कौन-सा प्रसिद्ध राजनीतिक नारा/सिद्धांत दिया?
सही उत्तर: B) एक व्यक्ति, एक वोट (One man, one vote)
व्याख्या: चूँकि बेंथम मानते थे कि हर इंसान का 'सुख' समान है, इसलिए राजनीतिक फैसले लेने के लिए हर इंसान के वोट की कीमत भी समान (एक) होनी चाहिए, चाहे वह अमीर हो या गरीब।
व्याख्या: चूँकि बेंथम मानते थे कि हर इंसान का 'सुख' समान है, इसलिए राजनीतिक फैसले लेने के लिए हर इंसान के वोट की कीमत भी समान (एक) होनी चाहिए, चाहे वह अमीर हो या गरीब।
57. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): नव-उदारवादी या स्वेच्छातंत्रवादी मानते हैं कि 'स्वतंत्रता' और 'समानता' एक-दूसरे के घोर विरोधी हैं。
कारण (R): उनका तर्क है कि यदि राज्य लोगों में 'आर्थिक समानता' लाने की कोशिश करेगा (अमीरों से टैक्स लेकर गरीबों को बांटेगा), तो इससे अमीरों की संपत्ति कमाने की 'स्वतंत्रता' का हनन होगा।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका तर्क है कि यदि राज्य लोगों में 'आर्थिक समानता' लाने की कोशिश करेगा (अमीरों से टैक्स लेकर गरीबों को बांटेगा), तो इससे अमीरों की संपत्ति कमाने की 'स्वतंत्रता' का हनन होगा।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: मिल्टन फ्रीडमैन और नोज़िक कहते हैं कि 'आप सबको आज़ाद छोड़ दीजिए'। जो टैलेंटेड होगा वो अमीर बनेगा, जो नहीं होगा वो गरीब रहेगा। 'समानता' लाने के लिए आप किसी की आज़ादी (संपत्ति) नहीं छीन सकते।
व्याख्या: मिल्टन फ्रीडमैन और नोज़िक कहते हैं कि 'आप सबको आज़ाद छोड़ दीजिए'। जो टैलेंटेड होगा वो अमीर बनेगा, जो नहीं होगा वो गरीब रहेगा। 'समानता' लाने के लिए आप किसी की आज़ादी (संपत्ति) नहीं छीन सकते।
58. कार्ल पॉपर (Karl Popper) ने मार्क्सवादी क्रांति (जो एक साथ पूरी व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की बात करती है) को खारिज करते हुए समाज सुधार का कौन-सा नया सिद्धांत दिया?
सही उत्तर: C) क्रमिक / खण्डशः सामाजिक परिवर्तन (Piecemeal Social Engineering)
व्याख्या: पॉपर (Open Society and its Enemies) मार्क्सवाद की 'Wholesale Engineering' के खिलाफ थे। वे कहते थे कि समाज की मशीन के एक-एक पुर्जे (Piecemeal) को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सुधारना चाहिए।
व्याख्या: पॉपर (Open Society and its Enemies) मार्क्सवाद की 'Wholesale Engineering' के खिलाफ थे। वे कहते थे कि समाज की मशीन के एक-एक पुर्जे (Piecemeal) को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सुधारना चाहिए।
59. बहु-कथन प्रश्न: 'उदारवाद' (Liberalism) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चरणों का सही मिलान (Match) पहचानें:
1. 15वीं व 16वीं शताब्दी = पुनर्जागरण और व्यक्तिवाद का उदय
2. 18वीं व 19वीं शताब्दी (प्रारंभ) = नकारात्मक उदारवाद / अहस्तक्षेप
3. 20वीं शताब्दी (मध्य) = लोककल्याणकारी राज्य / सकारात्मक उदारवाद
4. 1980 का दशक = नव-उदारवाद (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण)
सही कूट:
2. 18वीं व 19वीं शताब्दी (प्रारंभ) = नकारात्मक उदारवाद / अहस्तक्षेप
3. 20वीं शताब्दी (मध्य) = लोककल्याणकारी राज्य / सकारात्मक उदारवाद
4. 1980 का दशक = नव-उदारवाद (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण)
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: उदारवाद की पूरी टाइमलाइन (Evolution) बिल्कुल इसी क्रम में आगे बढ़ी है। यह उदारवाद के 'लचीलेपन' को दर्शाता है कि कैसे उसने खुद को समय के साथ तीन बार पूरी तरह से बदल लिया।
व्याख्या: उदारवाद की पूरी टाइमलाइन (Evolution) बिल्कुल इसी क्रम में आगे बढ़ी है। यह उदारवाद के 'लचीलेपन' को दर्शाता है कि कैसे उसने खुद को समय के साथ तीन बार पूरी तरह से बदल लिया।
60. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): एडम स्मिथ मानते हैं कि राष्ट्रीय आय को बढ़ाने के लिए राज्य को बाज़ार में कोई योजना (Planning) या हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए (यद्भाव्यम् की नीति)।
कारण (R): उनका तर्क था कि राष्ट्रीय आय वास्तव में 'व्यक्तियों की आय का योग' है। यदि प्रत्येक व्यक्ति को मुक्त प्रतियोगिता (Free competition) के लिए खुला छोड़ दिया जाए, तो वह अपना मुनाफा बढ़ाएगा, जिससे देश की आय स्वमेव बढ़ जाएगी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका तर्क था कि राष्ट्रीय आय वास्तव में 'व्यक्तियों की आय का योग' है। यदि प्रत्येक व्यक्ति को मुक्त प्रतियोगिता (Free competition) के लिए खुला छोड़ दिया जाए, तो वह अपना मुनाफा बढ़ाएगा, जिससे देश की आय स्वमेव बढ़ जाएगी।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: यह एडम स्मिथ की क्लासिकल 'कैपिटलिस्ट' सोच है। उनका मानना था कि 'स्वार्थ' (Self-interest) ही बाजार को चलाता है, और जब सब अपना स्वार्थ पूरा करेंगे तो देश अपने आप अमीर हो जाएगा (Invisible Hand)।
व्याख्या: यह एडम स्मिथ की क्लासिकल 'कैपिटलिस्ट' सोच है। उनका मानना था कि 'स्वार्थ' (Self-interest) ही बाजार को चलाता है, और जब सब अपना स्वार्थ पूरा करेंगे तो देश अपने आप अमीर हो जाएगा (Invisible Hand)।
61. "समाज में सभी व्यक्ति समानता के आधार पर जन्म नहीं लेते, इसलिए सामाजिक-आर्थिक विषमता (Inequality) स्वाभाविक है।" यह तर्क किस उदारवादी विचारक ने अपनी पुस्तक 'The Principles of Political Economy' में दिया था?
सही उत्तर: D) जे. एस. मिल (J.S. Mill)
व्याख्या: मिल ने सबसे पहले यह स्वीकार किया कि बाज़ार व्यवस्था (पूँजीवाद) सबको बराबर का मौका नहीं देती। कोई अमीर घर में पैदा होता है, कोई गरीब। इसलिए राज्य को बीच-बचाव करके इस अंतर को पाटना चाहिए।
व्याख्या: मिल ने सबसे पहले यह स्वीकार किया कि बाज़ार व्यवस्था (पूँजीवाद) सबको बराबर का मौका नहीं देती। कोई अमीर घर में पैदा होता है, कोई गरीब। इसलिए राज्य को बीच-बचाव करके इस अंतर को पाटना चाहिए।
62. बहु-कथन प्रश्न: 'चरम स्वेच्छातंत्रवाद' (Extreme Libertarianism / Anarchism) की मान्यताओं में क्या शामिल है?
1. ये सभी प्रकार के शासन (सरकार) को 'अवैध' (Illegal) मानते हैं।
2. इनका मानना है कि मानव स्वभाव से अच्छा होता है, लेकिन राजनीतिक संस्थाएं (राज्य) उसे भ्रष्ट बना देती हैं।
3. ये चाहते हैं कि राज्य केवल रक्षा और न्याय (Police state) का कार्य करे।
4. इनकी विचारधारा काफी हद तक 'मार्क्सवाद' की राज्य-विहीन (Stateless) कल्पना से मिलती-जुलती है।
सही कूट:
2. इनका मानना है कि मानव स्वभाव से अच्छा होता है, लेकिन राजनीतिक संस्थाएं (राज्य) उसे भ्रष्ट बना देती हैं।
3. ये चाहते हैं कि राज्य केवल रक्षा और न्याय (Police state) का कार्य करे।
4. इनकी विचारधारा काफी हद तक 'मार्क्सवाद' की राज्य-विहीन (Stateless) कल्पना से मिलती-जुलती है।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। पुलिस और न्याय का काम राज्य को सौंपना 'अर्ध अराजकतावाद' (रॉबर्ट नोज़िक) की सोच है। 'चरम' अराजकतावादी तो राज्य का नामो-निशान (पुलिस भी नहीं) मिटा देना चाहते हैं।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। पुलिस और न्याय का काम राज्य को सौंपना 'अर्ध अराजकतावाद' (रॉबर्ट नोज़िक) की सोच है। 'चरम' अराजकतावादी तो राज्य का नामो-निशान (पुलिस भी नहीं) मिटा देना चाहते हैं।
63. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जॉन लॉक को मध्यवर्ग (Middle Class) या पूँजीवाद की विचारधारा का जनक माना जाता है。
कारण (R): लॉक ने 'सम्पत्ति के अधिकार' (Right to Property) को प्राकृतिक अधिकारों में सबसे ऊँचा स्थान दिया और कहा कि राज्य का मुख्य उद्देश्य इसी सम्पत्ति की रक्षा करना है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लॉक ने 'सम्पत्ति के अधिकार' (Right to Property) को प्राकृतिक अधिकारों में सबसे ऊँचा स्थान दिया और कहा कि राज्य का मुख्य उद्देश्य इसी सम्पत्ति की रक्षा करना है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: वाहन (Vaughan) ने लिखा है कि "लॉक के दर्शन का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की सम्पत्ति की सुरक्षा करना है।" लॉक पूंजीवादी (मध्यवर्ग) विचारधारा के पैरोकार थे।
व्याख्या: वाहन (Vaughan) ने लिखा है कि "लॉक के दर्शन का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की सम्पत्ति की सुरक्षा करना है।" लॉक पूंजीवादी (मध्यवर्ग) विचारधारा के पैरोकार थे।
64. "उदारवाद" शब्द का प्रयोग सबसे पहले 19वीं शताब्दी के मध्य में किस बड़ी घटना के बाद प्रमुखता से सुना गया?
सही उत्तर: B) औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution)
व्याख्या: यद्यपि 'व्यक्तिवाद' का जन्म पुनर्जागरण से हो गया था (लॉक का समय), लेकिन 'Liberalism' (उदारवाद) शब्द का बाकायदा राजनीतिक इस्तेमाल 19वीं सदी में इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के दौरान फ्री-ट्रेड और मध्यवर्ग के उभार के साथ हुआ।
व्याख्या: यद्यपि 'व्यक्तिवाद' का जन्म पुनर्जागरण से हो गया था (लॉक का समय), लेकिन 'Liberalism' (उदारवाद) शब्द का बाकायदा राजनीतिक इस्तेमाल 19वीं सदी में इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के दौरान फ्री-ट्रेड और मध्यवर्ग के उभार के साथ हुआ।
65. 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) शब्द का प्रयोग पहली बार मध्य काल में निरंकुश सत्ता के विरुद्ध किस विचारक ने अपनी पुस्तक 'Citizen and Churchman' में किया था?
सही उत्तर: B) आर्क विशप टेम्पिल (Archbishop Temple)
व्याख्या: यद्यपि 20वीं सदी में एटली और बेवरिज ने इसे लागू किया, लेकिन 'वेलफेयर स्टेट' शब्द पहली बार आर्कबिशप टेम्पिल द्वारा गढ़ा गया था, जिन्होंने तत्कालीन 'पावर स्टेट' (तानाशाही) के विकल्प के रूप में यह शब्द दिया।
व्याख्या: यद्यपि 20वीं सदी में एटली और बेवरिज ने इसे लागू किया, लेकिन 'वेलफेयर स्टेट' शब्द पहली बार आर्कबिशप टेम्पिल द्वारा गढ़ा गया था, जिन्होंने तत्कालीन 'पावर स्टेट' (तानाशाही) के विकल्प के रूप में यह शब्द दिया।
66. बहु-कथन प्रश्न: टी. एच. ग्रीन (T.H. Green) के 'सकारात्मक उदारवाद' के विचारों का चयन करें:
1. ग्रीन नकारात्मक स्वतंत्रता (प्रतिबंधों की अनुपस्थिति) के स्थान पर 'सकारात्मक स्वतंत्रता' (प्रतिबंधों की उपस्थिति) का विचार देते हैं।
2. ग्रीन कहते हैं कि राज्य को 'अशिक्षा, नशाखोरी और दरिद्रता' को दूर करना चाहिए।
3. ग्रीन का मानना है कि राज्य का कार्य 'व्यक्तिगत हित' और 'सामाजिक हित' में सामंजस्य स्थापित करना है।
4. जब ग्रीन कहते हैं कि राज्य का कार्य "बाधाओं को बाधित करना" है, तब वह 'मार्क्सवाद' की नींव रखते हैं।
सही कूट:
2. ग्रीन कहते हैं कि राज्य को 'अशिक्षा, नशाखोरी और दरिद्रता' को दूर करना चाहिए।
3. ग्रीन का मानना है कि राज्य का कार्य 'व्यक्तिगत हित' और 'सामाजिक हित' में सामंजस्य स्थापित करना है।
4. जब ग्रीन कहते हैं कि राज्य का कार्य "बाधाओं को बाधित करना" है, तब वह 'मार्क्सवाद' की नींव रखते हैं।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। जब ग्रीन कहते हैं कि राज्य का कार्य 'बाधाओं को बाधित करना' (Hindering the hindrances) है, तब वह मार्क्सवाद की नहीं, बल्कि 'प्रत्ययवाद' (Idealism / आदर्शवाद) की नींव रखते हैं, जहाँ राज्य एक नैतिक भलाई है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। जब ग्रीन कहते हैं कि राज्य का कार्य 'बाधाओं को बाधित करना' (Hindering the hindrances) है, तब वह मार्क्सवाद की नहीं, बल्कि 'प्रत्ययवाद' (Idealism / आदर्शवाद) की नींव रखते हैं, जहाँ राज्य एक नैतिक भलाई है।
67. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): सी.बी. मैकफर्सन (C.B. Macpherson) के 'समतावाद' (Egalitarianism) को 'सकारात्मक उदारवाद' का सबसे परिष्कृत (Refined) रूप माना जाता है。
कारण (R): क्योंकि समतावाद मानता है कि 'समाज एक श्रृंखला (Chain) है', और राज्य को अहस्तक्षेप (Laissez-faire) की नीति अपनाकर सबसे अमीर वर्ग (पूँजीपतियों) का साथ देना चाहिए ताकि वे समाज को आगे खींच सकें।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि समतावाद मानता है कि 'समाज एक श्रृंखला (Chain) है', और राज्य को अहस्तक्षेप (Laissez-faire) की नीति अपनाकर सबसे अमीर वर्ग (पूँजीपतियों) का साथ देना चाहिए ताकि वे समाज को आगे खींच सकें।
सही उत्तर: D) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है。
व्याख्या: कथन (A) सही है। लेकिन कारण (R) पूरी तरह गलत है। समतावाद (रॉल्स/मैकफर्सन) मानता है कि राज्य को "श्रृंखला की सबसे कमज़ोर कड़ी (समाज के सबसे गरीब और पिछड़े वर्ग)" को मज़बूत करने के लिए काम करना चाहिए, न कि अमीरों को खुला छोड़ने (Laissez-faire) के लिए।
व्याख्या: कथन (A) सही है। लेकिन कारण (R) पूरी तरह गलत है। समतावाद (रॉल्स/मैकफर्सन) मानता है कि राज्य को "श्रृंखला की सबसे कमज़ोर कड़ी (समाज के सबसे गरीब और पिछड़े वर्ग)" को मज़बूत करने के लिए काम करना चाहिए, न कि अमीरों को खुला छोड़ने (Laissez-faire) के लिए।
68. हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) के 'सावयवी सिद्धान्त' (Organic Theory) की तुलना भारतीय राजनीतिक विचारधारा में किस प्राचीन विचारक के सिद्धान्त से की जाती है?
सही उत्तर: B) कौटिल्य / चाणक्य (सप्तांग सिद्धांत)
व्याख्या: जैसे स्पेंसर ने राज्य को एक 'शरीर' और व्यक्तियों को उसके 'अंग' माना, वैसे ही कौटिल्य ने अपने सप्तांग सिद्धांत में राज्य की तुलना शरीर से की थी (जैसे- राजा को सिर, अमात्य को आँखें आदि माना)।
व्याख्या: जैसे स्पेंसर ने राज्य को एक 'शरीर' और व्यक्तियों को उसके 'अंग' माना, वैसे ही कौटिल्य ने अपने सप्तांग सिद्धांत में राज्य की तुलना शरीर से की थी (जैसे- राजा को सिर, अमात्य को आँखें आदि माना)।
69. "उदारवाद विवेक (Reason) पर आधारित एक ऐसी परिवर्तनशील एवं लचीली व्यवस्था है, जो _____ में विश्वास करते हुए और लोकतंत्र में आस्था रखते हुए समय एवं परिस्थितियों के अनुसार बदल जाती है।" रिक्त स्थान की पूर्ति करें:
सही उत्तर: D) विधि के शासन (Rule of Law)
व्याख्या: उदारवाद की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 'कानून के राज' (शांतिपूर्ण व संवैधानिक साधनों) में विश्वास करता है, न कि हिंसा या तख्तापलट में।
व्याख्या: उदारवाद की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 'कानून के राज' (शांतिपूर्ण व संवैधानिक साधनों) में विश्वास करता है, न कि हिंसा या तख्तापलट में।
70. बहु-कथन प्रश्न: जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) के विचारों के बारे में असत्य (False) कथन कौन-सा है?
1. उन्होंने 'प्राकृतिक कानूनों' (Natural laws) का कड़ा विरोध किया और 'वैधानिक कानूनों' (Legal laws) का समर्थन किया।
2. उन्होंने कहा कि "राज्य का आधार समझौता नहीं बल्कि उपयोगिता (Utility) है।"
3. वे 'व्यक्तिवादियों' की तरह राज्य के 'न्यूनतम कार्यों' के पक्षधर थे।
4. उन्होंने 'स्वतंत्रता' को 'सुरक्षा' से अधिक महत्वपूर्ण (Superior) माना।
सही कूट:
2. उन्होंने कहा कि "राज्य का आधार समझौता नहीं बल्कि उपयोगिता (Utility) है।"
3. वे 'व्यक्तिवादियों' की तरह राज्य के 'न्यूनतम कार्यों' के पक्षधर थे।
4. उन्होंने 'स्वतंत्रता' को 'सुरक्षा' से अधिक महत्वपूर्ण (Superior) माना।
सही उत्तर: A) केवल 4
व्याख्या: कथन 4 असत्य है। बेंथम ने स्पष्ट कहा था कि "लोग सुरक्षा चाहते हैं, स्वतंत्रता नहीं।" उनके लिए 'सुरक्षा' (Security) स्वतंत्रता से कहीं अधिक बड़ी उपयोगिता थी।
व्याख्या: कथन 4 असत्य है। बेंथम ने स्पष्ट कहा था कि "लोग सुरक्षा चाहते हैं, स्वतंत्रता नहीं।" उनके लिए 'सुरक्षा' (Security) स्वतंत्रता से कहीं अधिक बड़ी उपयोगिता थी।
71. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लोककल्याणकारी राज्य (Welfare State) में 'पूंजीवाद' और 'समाजवाद' दोनों के लक्षण विद्यमान हैं。
कारण (R): यह राज्य मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) का समर्थन करता है, जहाँ निजी संपत्ति (पूंजीवाद) की छूट होती है, और साथ ही राज्य अमीरों पर टैक्स लगाकर गरीबों की बुनियादी ज़रूरतें (समाजवाद) भी पूरी करता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): यह राज्य मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) का समर्थन करता है, जहाँ निजी संपत्ति (पूंजीवाद) की छूट होती है, और साथ ही राज्य अमीरों पर टैक्स लगाकर गरीबों की बुनियादी ज़रूरतें (समाजवाद) भी पूरी करता है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: हॉबमैन ने वेलफेयर स्टेट को 'उदारवाद और साम्यवाद के मध्य का मार्ग' बताया है। यह पूंजीवाद की स्वतंत्रता को बनाए रखता है, लेकिन उसकी क्रूरता (गरीबी) को समाजवादी तरीकों (कल्याणकारी योजनाओं) से मिटाता है।
व्याख्या: हॉबमैन ने वेलफेयर स्टेट को 'उदारवाद और साम्यवाद के मध्य का मार्ग' बताया है। यह पूंजीवाद की स्वतंत्रता को बनाए रखता है, लेकिन उसकी क्रूरता (गरीबी) को समाजवादी तरीकों (कल्याणकारी योजनाओं) से मिटाता है।
72. 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (The Wealth of Nations - 1776) नामक प्रसिद्ध पुस्तक का लेखक कौन है, जिसने 'आर्थिक मानव' (Economic Man) की अवधारणा प्रस्तुत की?
सही उत्तर: C) एडम स्मिथ (Adam Smith)
व्याख्या: एडम स्मिथ को 'अर्थशास्त्र का पिता' और 'आर्थिक उदारवाद का जनक' कहा जाता है। उन्होंने ही 1776 में प्रकाशित इस पुस्तक में 'लेसेजफेयर' (मुक्त व्यापार) की नींव रखी थी।
व्याख्या: एडम स्मिथ को 'अर्थशास्त्र का पिता' और 'आर्थिक उदारवाद का जनक' कहा जाता है। उन्होंने ही 1776 में प्रकाशित इस पुस्तक में 'लेसेजफेयर' (मुक्त व्यापार) की नींव रखी थी।
73. नकारात्मक उदारवाद (Negative Liberalism) के अनुसार 'स्वतंत्रता' (Liberty) का वास्तविक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: C) व्यक्ति के कार्यों पर राज्य के प्रतिबंधों (Restrictions) का पूर्णतः अभाव होना।
व्याख्या: नकारात्मक विचारकों (लॉक, स्पेंसर) का मानना है कि 'मुझे अकेला छोड़ दो' (Leave me alone)। राज्य जितना कम दखल देगा, व्यक्ति उतना ही 'आज़ाद' महसूस करेगा। (समाज के हित में कार्य करना 'सकारात्मक स्वतंत्रता' है, जो ग्रीन ने दी)।
व्याख्या: नकारात्मक विचारकों (लॉक, स्पेंसर) का मानना है कि 'मुझे अकेला छोड़ दो' (Leave me alone)। राज्य जितना कम दखल देगा, व्यक्ति उतना ही 'आज़ाद' महसूस करेगा। (समाज के हित में कार्य करना 'सकारात्मक स्वतंत्रता' है, जो ग्रीन ने दी)।
74. बहु-कथन प्रश्न: 'नव-उदारवाद' (Neo-Liberalism), जिसका उदय 1970 के दशक में हुआ, के विषय में क्या सत्य है?
1. यह लोककल्याणकारी राज्य (Welfare State) के विरुद्ध एक 'प्रतिक्रिया' के रूप में आया।
2. इसमें 'उदारीकरण' (Liberalization), 'निजीकरण' (Privatization) और 'वैश्वीकरण' (Globalization) शामिल हैं।
3. इसके जनक रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick) माने जाते हैं।
4. यह मार्गरेट थैचर (Margaret Thatcher) की नीतियों का सैद्धांतिक आधार बना।
सही कूट:
2. इसमें 'उदारीकरण' (Liberalization), 'निजीकरण' (Privatization) और 'वैश्वीकरण' (Globalization) शामिल हैं।
3. इसके जनक रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick) माने जाते हैं।
4. यह मार्गरेट थैचर (Margaret Thatcher) की नीतियों का सैद्धांतिक आधार बना।
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: 1970-80 के दशक में जब इंग्लैंड और अमेरिका कल्याणकारी योजनाओं के भारी खर्च (Deficit) से जूझ रहे थे, तब थैचर (ब्रिटेन) और रीगन (अमेरिका) ने 'नव-उदारवाद' को अपनाया और सरकारी कंपनियों को प्राइवेट (निजीकरण) करना शुरू किया।
व्याख्या: 1970-80 के दशक में जब इंग्लैंड और अमेरिका कल्याणकारी योजनाओं के भारी खर्च (Deficit) से जूझ रहे थे, तब थैचर (ब्रिटेन) और रीगन (अमेरिका) ने 'नव-उदारवाद' को अपनाया और सरकारी कंपनियों को प्राइवेट (निजीकरण) करना शुरू किया।
75. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): हेराल्ड लास्की (H.J. Laski) ने 'पुलिस राज्य' (Police State) की विचारधारा का कड़ा विरोध किया और 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) की तरफ ध्यान आकर्षित किया。
कारण (R): लास्की का मानना था कि यदि राज्य केवल 'सुरक्षा और शांति' (पुलिसिंग) तक सीमित रहेगा और उद्योगों पर नियंत्रण नहीं करेगा, तो पूँजीपति देश की सत्ता पर हावी हो जाएंगे और गरीबों का शोषण करेंगे।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लास्की का मानना था कि यदि राज्य केवल 'सुरक्षा और शांति' (पुलिसिंग) तक सीमित रहेगा और उद्योगों पर नियंत्रण नहीं करेगा, तो पूँजीपति देश की सत्ता पर हावी हो जाएंगे और गरीबों का शोषण करेंगे।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: लास्की (A Grammar of Politics) ने पूंजीवाद की कमियों को देखा था। उन्होंने साफ कहा था कि "राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए, वरना उद्योग ही राज्य पर नियंत्रण कर लेंगे।"
व्याख्या: लास्की (A Grammar of Politics) ने पूंजीवाद की कमियों को देखा था। उन्होंने साफ कहा था कि "राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए, वरना उद्योग ही राज्य पर नियंत्रण कर लेंगे।"
76. प्राचीन काल और मध्यकाल में, व्यक्तिवाद (उदारवाद) के जन्म से पूर्व, राज्य और व्यक्ति के संबंधों में किसकी सर्वोच्चता स्थापित थी?
सही उत्तर: B) राज्य (तानाशाही / सामन्ती व्यवस्था) की सर्वोच्चता...
व्याख्या: 15वीं सदी के पुनर्जागरण से पहले, इंसान की अपनी कोई 'व्यक्तिगत आज़ादी' नहीं थी। वह या तो राजा का गुलाम था या जमींदारों (Feudalism) का या चर्च का। राज्य (राजा) ही सब कुछ था।
व्याख्या: 15वीं सदी के पुनर्जागरण से पहले, इंसान की अपनी कोई 'व्यक्तिगत आज़ादी' नहीं थी। वह या तो राजा का गुलाम था या जमींदारों (Feudalism) का या चर्च का। राज्य (राजा) ही सब कुछ था।
77. डब्ल्यू. टी. कांट (W.T. Kant) के अनुसार लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की सबसे स्पष्ट और सरल परिभाषा क्या है?
सही उत्तर: C) वह राज्य जो अपने नागरिकों को 'सामाजिक सेवाएं' उपलब्ध कराता है।
व्याख्या: कांट ने वेलफेयर स्टेट को बहुत ही संक्षेप में परिभाषित किया कि इसका काम नागरिकों को बुनियादी सामाजिक सेवाएं (शिक्षा, पेंशन, अस्पताल, बेरोजगारी भत्ता) मुहैय्या कराना है।
व्याख्या: कांट ने वेलफेयर स्टेट को बहुत ही संक्षेप में परिभाषित किया कि इसका काम नागरिकों को बुनियादी सामाजिक सेवाएं (शिक्षा, पेंशन, अस्पताल, बेरोजगारी भत्ता) मुहैय्या कराना है।
78. बहु-कथन प्रश्न: टी. एच. ग्रीन (T.H. Green) की 'स्वतंत्रता' (Liberty) की अवधारणा को स्पष्ट करने वाले कथन कौन-से हैं?
1. स्वतंत्रता प्रतिबंधों की पूर्ण अनुपस्थिति (Absence of restraint) है।
2. स्वतंत्रता 'प्रतिबंधों की उपस्थिति' (Presence of restraint) है, बशर्ते वे प्रतिबंध व्यक्ति की भलाई के लिए हों।
3. स्वतंत्रता ऐसे कार्यों को 'करने या कराने का नाम है जो करने योग्य हो' (सामाजिक हित में)।
4. स्वतंत्रता का अर्थ अपनी मर्जी से किसी का भी शोषण करना है।
सही कूट:
2. स्वतंत्रता 'प्रतिबंधों की उपस्थिति' (Presence of restraint) है, बशर्ते वे प्रतिबंध व्यक्ति की भलाई के लिए हों।
3. स्वतंत्रता ऐसे कार्यों को 'करने या कराने का नाम है जो करने योग्य हो' (सामाजिक हित में)।
4. स्वतंत्रता का अर्थ अपनी मर्जी से किसी का भी शोषण करना है।
सही उत्तर: A) केवल 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 नकारात्मक स्वतंत्रता (लॉक/स्पेंसर) का विचार है। ग्रीन (सकारात्मक स्वतंत्रता) मानते हैं कि अगर राज्य 'नशे' (शराब) पर प्रतिबंध लगाता है, तो वह आज़ादी छीन नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति को 'अच्छे काम' करने के लिए स्वतंत्र कर रहा है।
व्याख्या: कथन 1 नकारात्मक स्वतंत्रता (लॉक/स्पेंसर) का विचार है। ग्रीन (सकारात्मक स्वतंत्रता) मानते हैं कि अगर राज्य 'नशे' (शराब) पर प्रतिबंध लगाता है, तो वह आज़ादी छीन नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति को 'अच्छे काम' करने के लिए स्वतंत्र कर रहा है।
79. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जॉन लॉक ने राज्य को एक 'कृत्रिम संस्था' (Artificial Institution) माना है जो सामाजिक समझौते (Social Contract) का परिणाम है。
कारण (R): लॉक का मानना था कि व्यक्ति के 'प्राकृतिक अधिकार' (जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति) राज्य के जन्म से पहले से (प्राकृतिक अवस्था में) मौजूद थे। राज्य का निर्माण केवल इन अधिकारों की सुरक्षा (पहरेदारी) के लिए एक साधन के रूप में किया गया है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लॉक का मानना था कि व्यक्ति के 'प्राकृतिक अधिकार' (जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति) राज्य के जन्म से पहले से (प्राकृतिक अवस्था में) मौजूद थे। राज्य का निर्माण केवल इन अधिकारों की सुरक्षा (पहरेदारी) के लिए एक साधन के रूप में किया गया है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: यह जॉन लॉक (Father of Liberalism) की थ्योरी का मूल आधार (Core) है। अधिकार भगवान/प्रकृति ने दिए हैं, राज्य ने नहीं। राज्य (मशीन/कृत्रिम) तो सिर्फ उनकी रक्षा के लिए इंसानों ने बनाया है।
व्याख्या: यह जॉन लॉक (Father of Liberalism) की थ्योरी का मूल आधार (Core) है। अधिकार भगवान/प्रकृति ने दिए हैं, राज्य ने नहीं। राज्य (मशीन/कृत्रिम) तो सिर्फ उनकी रक्षा के लिए इंसानों ने बनाया है।
80. 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the Fittest) का जीव-विज्ञान (Biology) का सिद्धान्त (डार्विन का), समाजशास्त्र और राजनीति में 'वैज्ञानिक व्यक्तिवाद' के रूप में किसने लागू किया?
सही उत्तर: C) हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer)
व्याख्या: स्पेंसर ने 'Social Darwinism' (सामाजिक डार्विनवाद) का सिद्धांत देते हुए कहा कि जो इंसान बाज़ार की प्रतियोगिता में अपनी योग्यता साबित नहीं कर सकता (जैसे बीमार या गरीब), उसे प्रकृति के नियम अनुसार खत्म हो जाना चाहिए; राज्य को उसे नहीं बचाना चाहिए।
व्याख्या: स्पेंसर ने 'Social Darwinism' (सामाजिक डार्विनवाद) का सिद्धांत देते हुए कहा कि जो इंसान बाज़ार की प्रतियोगिता में अपनी योग्यता साबित नहीं कर सकता (जैसे बीमार या गरीब), उसे प्रकृति के नियम अनुसार खत्म हो जाना चाहिए; राज्य को उसे नहीं बचाना चाहिए।
81. 'उदारवाद' (Liberalism) शब्द दो शब्दों 'उदार' + 'वाद' से बना है। यहाँ 'उदार' (Liberal) शब्द का राजनीतिक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: B) 'विवेक' पर आधारित एक लचीला और परिवर्तनशील दृष्टिकोण...
व्याख्या: उदार होने का मतलब है 'Open-minded' होना। उदारवाद समय और विवेक के अनुसार बदल जाता है। (जैसे 18वीं सदी में वह नकारात्मक था, 20वीं सदी में वह सकारात्मक हो गया)।
व्याख्या: उदार होने का मतलब है 'Open-minded' होना। उदारवाद समय और विवेक के अनुसार बदल जाता है। (जैसे 18वीं सदी में वह नकारात्मक था, 20वीं सदी में वह सकारात्मक हो गया)।
82. बहु-कथन प्रश्न: नकारात्मक अर्थशास्त्र (Negative Economics) से जुड़े विद्वानों और उनके सिद्धान्तों का सही मिलान करें:
1. एडम स्मिथ = अहस्तक्षेप (Laissez-Faire)
2. थॉमस माल्थस = जनसंख्या सिद्धान्त (Population Theory)
3. डेविड रिकार्डो = लगान सिद्धान्त और मजदूरी का लौह नियम
4. जे. एम. कीन्स = अहस्तक्षेप का घोर समर्थन
सही कूट:
2. थॉमस माल्थस = जनसंख्या सिद्धान्त (Population Theory)
3. डेविड रिकार्डो = लगान सिद्धान्त और मजदूरी का लौह नियम
4. जे. एम. कीन्स = अहस्तक्षेप का घोर समर्थन
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। जे.एम. कीन्स (J.M. Keynes) सकारात्मक अर्थशास्त्र (Positive Economics) के समर्थक थे और उन्होंने एडम स्मिथ के 'अहस्तक्षेप' का घोर विरोध किया था और राज्य के हस्तक्षेप की वकालत की थी।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। जे.एम. कीन्स (J.M. Keynes) सकारात्मक अर्थशास्त्र (Positive Economics) के समर्थक थे और उन्होंने एडम स्मिथ के 'अहस्तक्षेप' का घोर विरोध किया था और राज्य के हस्तक्षेप की वकालत की थी।
83. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): रॉबर्ट नोज़िक (Robert Nozick) के 'नव-उदारवाद' को 'इच्छा स्वातंत्रवाद' (Libertarianism) भी कहा जाता है, जो लोककल्याणकारी राज्य का पूर्ण विरोधी है。
कारण (R): नोज़िक का मानना है कि राज्य द्वारा अमीरों से टैक्स वसूल कर (जबरदस्ती) गरीबों में बांटना एक प्रकार की 'वैध डकैती' (Legalized Theft) है, जो व्यक्ति के संपत्ति के अधिकार (आज़ादी) का हनन है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): नोज़िक का मानना है कि राज्य द्वारा अमीरों से टैक्स वसूल कर (जबरदस्ती) गरीबों में बांटना एक प्रकार की 'वैध डकैती' (Legalized Theft) है, जो व्यक्ति के संपत्ति के अधिकार (आज़ादी) का हनन है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: Libertarians मानते हैं कि इंसान अपनी मेहनत से जो कमाता है (Entitlement Theory), उस पर सिर्फ उसका हक़ है। 'वेलफेयर' के नाम पर राज्य द्वारा टैक्स लगाना 'बंधुआ मज़दूरी' या 'डकैती' के समान है।
व्याख्या: Libertarians मानते हैं कि इंसान अपनी मेहनत से जो कमाता है (Entitlement Theory), उस पर सिर्फ उसका हक़ है। 'वेलफेयर' के नाम पर राज्य द्वारा टैक्स लगाना 'बंधुआ मज़दूरी' या 'डकैती' के समान है।
84. 15वीं और 16वीं शताब्दी में 'पुनर्जागरण आन्दोलन' (Renaissance) ने जिस नई विचारधारा को जन्म दिया, जिसने धर्म (चर्च) और सामंतवाद की सत्ता को हिला कर रख दिया, उसका मूल मंत्र क्या था?
सही उत्तर: B) "मानव ही सभी वस्तुओं का मापदण्ड है"
व्याख्या: पुनर्जागरण ने 'मानववाद' (Humanism) को जन्म दिया। यह घोषणा की गई कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण 'व्यक्ति' है (ईश्वर या चर्च नहीं), इसी से आगे चलकर 'व्यक्तिवाद' (उदारवाद) की नींव पड़ी।
व्याख्या: पुनर्जागरण ने 'मानववाद' (Humanism) को जन्म दिया। यह घोषणा की गई कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण 'व्यक्ति' है (ईश्वर या चर्च नहीं), इसी से आगे चलकर 'व्यक्तिवाद' (उदारवाद) की नींव पड़ी।
85. 'सकारात्मक उदारवाद' (Positive Liberalism) के सन्दर्भ में मैकाइवर (MacIver) ने अपनी पुस्तक 'Democracy and Economic Challenge' में लोक कल्याणकारी राज्य का क्या उद्देश्य बताया?
सही उत्तर: A) ऐसी व्यवस्था करना जिसमें राज्य की छत्रछाया में सर्वसाधारण अभाव व असुरक्षा से पीड़ित न हो।
व्याख्या: मैकाइवर मानते थे कि लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है जब देश का हर नागरिक भूखा और असुरक्षित न हो (Welfare State)।
व्याख्या: मैकाइवर मानते थे कि लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है जब देश का हर नागरिक भूखा और असुरक्षित न हो (Welfare State)।
86. बहु-कथन प्रश्न: 'व्यक्तिवाद' (Individualism) की मान्यताओं में क्या-क्या शामिल है?
1. व्यक्ति साध्य (End) है, राज्य साधन (Means) है।
2. व्यक्ति अपने हितों का सबसे अच्छा निर्णायक (Best judge of his own interests) स्वयं है।
3. राज्य को 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) की नीति अपनानी चाहिए।
4. राज्य को सामाजिक और आर्थिक समानता स्थापित करने के लिए 'संपत्ति का पुनर्वितरण' (Redistribution) करना चाहिए।
सही कूट:
2. व्यक्ति अपने हितों का सबसे अच्छा निर्णायक (Best judge of his own interests) स्वयं है।
3. राज्य को 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) की नीति अपनानी चाहिए।
4. राज्य को सामाजिक और आर्थिक समानता स्थापित करने के लिए 'संपत्ति का पुनर्वितरण' (Redistribution) करना चाहिए।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'संपत्ति का पुनर्वितरण' (अमीरों से लेकर गरीबों को देना) समाजवाद या सकारात्मक उदारवाद का लक्षण है। व्यक्तिवाद (पूंजीवाद) इसके सख्त खिलाफ है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'संपत्ति का पुनर्वितरण' (अमीरों से लेकर गरीबों को देना) समाजवाद या सकारात्मक उदारवाद का लक्षण है। व्यक्तिवाद (पूंजीवाद) इसके सख्त खिलाफ है।
87. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham) ने 'प्राकृतिक कानूनों' (Natural Laws) की खिल्ली उड़ाई और 'वैधानिक/कानूनी कानूनों' (Positive Laws) का समर्थन किया。
कारण (R): बेंथम का तर्क था कि प्रकृति में कोई कानून नहीं होता, कानून केवल 'राज्य' (State) यानी संप्रभु द्वारा बनाया जा सकता है, जो समाज के 'उपयोग' (Utility) के लिए हो।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम का तर्क था कि प्रकृति में कोई कानून नहीं होता, कानून केवल 'राज्य' (State) यानी संप्रभु द्वारा बनाया जा सकता है, जो समाज के 'उपयोग' (Utility) के लिए हो।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: जॉन लॉक ने 'प्राकृतिक कानून' दिए थे। बेंथम (Legal Positivist) ने इसे 'बकवास' (Nonsense upon stilts) कहा। बेंथम के अनुसार कानून वह है जिसे संसद पास करे और जिससे लोगों को सुख मिले।
व्याख्या: जॉन लॉक ने 'प्राकृतिक कानून' दिए थे। बेंथम (Legal Positivist) ने इसे 'बकवास' (Nonsense upon stilts) कहा। बेंथम के अनुसार कानून वह है जिसे संसद पास करे और जिससे लोगों को सुख मिले।
88. कार्ल पॉपर (Karl Popper) के 'खण्डशः सामाजिक परिवर्तन' (Piecemeal Social Engineering) के सिद्धांत का मुख्य आशय क्या है?
सही उत्तर: A) समाज की समस्याओं को एक साथ क्रांति से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे, एक-एक करके सुलझाना चाहिए।
व्याख्या: पॉपर (Open Society and its Enemies) मार्क्सवाद की 'Wholesale/Utopian Engineering' (पूरी व्यवस्था उखाड़ फेंकने) के खिलाफ थे। वे कहते थे कि समाज की मशीन के एक-एक पुर्जे (Piecemeal) को आराम से सुधारना चाहिए।
व्याख्या: पॉपर (Open Society and its Enemies) मार्क्सवाद की 'Wholesale/Utopian Engineering' (पूरी व्यवस्था उखाड़ फेंकने) के खिलाफ थे। वे कहते थे कि समाज की मशीन के एक-एक पुर्जे (Piecemeal) को आराम से सुधारना चाहिए।
89. 'लोककल्याणकारी राज्य' (Welfare State) के निर्माण में 1944 की 'बेवरिज रिपोर्ट' (Beveridge Report) का ऐतिहासिक महत्व है। यह रिपोर्ट किस देश की सरकार द्वारा लागू की गई थी?
सही उत्तर: C) इंग्लैण्ड (Britain)
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में लेबर पार्टी की क्लीमेंट एटली सरकार बनी, जिसने लॉर्ड बेवरिज की रिपोर्ट लागू करके दुनिया का पहला आधुनिक 'लोककल्याणकारी राज्य' (NHS, Pension etc.) स्थापित किया।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में लेबर पार्टी की क्लीमेंट एटली सरकार बनी, जिसने लॉर्ड बेवरिज की रिपोर्ट लागू करके दुनिया का पहला आधुनिक 'लोककल्याणकारी राज्य' (NHS, Pension etc.) स्थापित किया।
90. बहु-कथन प्रश्न: 'नव-उदारवाद' (Neo-Liberalism) के बारे में क्या सत्य है?
1. यह 1970 के दशक में 'लोककल्याणकारी राज्य की विफलताओं' (भ्रष्टाचार, राजस्व घाटे) की प्रतिक्रिया में उत्पन्न हुआ।
2. यह पूँजीवाद (नकारात्मक उदारवाद) को नए सिरे से (नए तर्कों के साथ) स्थापित करने का प्रयास है।
3. मार्गरेट थैचर (ब्रिटेन) और रोनाल्ड रीगन (अमेरिका) की नीतियां इसी पर आधारित थीं।
4. यह राज्य द्वारा गरीबों को मुफ्त सब्सिडी देने का कड़ा समर्थक है।
सही कूट:
2. यह पूँजीवाद (नकारात्मक उदारवाद) को नए सिरे से (नए तर्कों के साथ) स्थापित करने का प्रयास है।
3. मार्गरेट थैचर (ब्रिटेन) और रोनाल्ड रीगन (अमेरिका) की नीतियां इसी पर आधारित थीं।
4. यह राज्य द्वारा गरीबों को मुफ्त सब्सिडी देने का कड़ा समर्थक है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। नव-उदारवाद 'मुफ्त की सब्सिडी' (Freebies/Welfare) का सबसे बड़ा विरोधी है। उनका मानना है कि इससे लोग आलसी होते हैं और अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। नव-उदारवाद 'मुफ्त की सब्सिडी' (Freebies/Welfare) का सबसे बड़ा विरोधी है। उनका मानना है कि इससे लोग आलसी होते हैं और अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है।
91. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): सी.बी. मैकफर्सन (C.B. Macpherson) के 'समतावाद' (Egalitarianism) को रॉबर्ट नोज़िक के 'स्वेच्छातंत्रवाद' (Libertarianism) का घोर विरोधी माना जाता है。
कारण (R): नोज़िक राज्य को एक 'नकारात्मक संस्था' मानते हैं जो केवल पुलिसिंग करे, जबकि मैकफर्सन राज्य को एक 'सकारात्मक संस्था' मानते हैं जो समाज की कमजोर कड़ियों (गरीबों) की सहायता करे।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): नोज़िक राज्य को एक 'नकारात्मक संस्था' मानते हैं जो केवल पुलिसिंग करे, जबकि मैकफर्सन राज्य को एक 'सकारात्मक संस्था' मानते हैं जो समाज की कमजोर कड़ियों (गरीबों) की सहायता करे।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: समकालीन उदारवाद में यही दो सबसे बड़ी डिबेट हैं। राइट-विंग (नोज़िक) कहता है कि राज्य सिर्फ नाइट वॉचमैन है। लेफ्ट-लिबरल (मैकफर्सन/रॉल्स) कहते हैं कि राज्य एक वेलफेयर बॉडी (पॉजिटिव) है।
व्याख्या: समकालीन उदारवाद में यही दो सबसे बड़ी डिबेट हैं। राइट-विंग (नोज़िक) कहता है कि राज्य सिर्फ नाइट वॉचमैन है। लेफ्ट-लिबरल (मैकफर्सन/रॉल्स) कहते हैं कि राज्य एक वेलफेयर बॉडी (पॉजिटिव) है।
92. हर्बर्ट स्पेंसर (Herbert Spencer) ने किस आधार पर "योग्यतम की उत्तरजीविता" (Survival of the Fittest) का सिद्धांत समाज पर लागू किया था?
सही उत्तर: A) डार्विन के जीव विज्ञान के सिद्धान्त से प्रभावित होकर...
व्याख्या: इसे 'Social Darwinism' कहते हैं। डार्विन ने कहा था कि जंगल में वही जानवर बचता है जो सबसे फिट हो। स्पेंसर ने कहा कि बाज़ार (समाज) में भी वही बचेगा जो 'फिट' (अमीर/काबिल) है, बाकी को मिटने दो।
व्याख्या: इसे 'Social Darwinism' कहते हैं। डार्विन ने कहा था कि जंगल में वही जानवर बचता है जो सबसे फिट हो। स्पेंसर ने कहा कि बाज़ार (समाज) में भी वही बचेगा जो 'फिट' (अमीर/काबिल) है, बाकी को मिटने दो।
93. "प्रतिक्रिया का चक्र" (Reaction Cycle) के अनुसार 'सकारात्मक उदारवाद' (Positive Liberalism) का जन्म किन दो विचारधाराओं के टकराव (परिणाम) से हुआ?
सही उत्तर: B) नकारात्मक उदारवाद (पूंजीवाद की क्रूरता) और मार्क्सवाद (साम्यवादी क्रांति का डर)
व्याख्या: नकारात्मक उदारवाद ने अमीरों को और अमीर बना दिया, जिससे गरीब मार्क्स की 'खूनी क्रांति' की तरफ भागने लगे। अपनी जान (पूँजीवाद) बचाने के लिए ही उदारवादियों ने 'कल्याणकारी राज्य' (सकारात्मक उदारवाद) का चोला पहन लिया।
व्याख्या: नकारात्मक उदारवाद ने अमीरों को और अमीर बना दिया, जिससे गरीब मार्क्स की 'खूनी क्रांति' की तरफ भागने लगे। अपनी जान (पूँजीवाद) बचाने के लिए ही उदारवादियों ने 'कल्याणकारी राज्य' (सकारात्मक उदारवाद) का चोला पहन लिया।
94. बहु-कथन प्रश्न: एडम स्मिथ (Adam Smith) के 'आर्थिक उदारवाद' के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. इनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'The Wealth of Nations' (1776) है।
2. इन्होंने 'आर्थिक मानव' (Economic Man) की संकल्पना दी।
3. इन्होंने 'लेसेजफेयर' (Laissez-Faire) या अहस्तक्षेप के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।
4. इन्होंने कहा कि "वाणिज्य और स्वतंत्रता एक दूसरे के पूरक हैं।"
सही कूट:
2. इन्होंने 'आर्थिक मानव' (Economic Man) की संकल्पना दी।
3. इन्होंने 'लेसेजफेयर' (Laissez-Faire) या अहस्तक्षेप के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।
4. इन्होंने कहा कि "वाणिज्य और स्वतंत्रता एक दूसरे के पूरक हैं।"
सही उत्तर: B) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: एडम स्मिथ को 'पूँजीवाद/अर्थशास्त्र का पिता' माना जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि बाज़ार को राज्य के कंट्रोल (Mercantilism) से आज़ाद कर दो, बाज़ार अपने-आप ('अदृश्य हाथ' से) सबको अमीर बना देगा।
व्याख्या: एडम स्मिथ को 'पूँजीवाद/अर्थशास्त्र का पिता' माना जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि बाज़ार को राज्य के कंट्रोल (Mercantilism) से आज़ाद कर दो, बाज़ार अपने-आप ('अदृश्य हाथ' से) सबको अमीर बना देगा।
95. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): जे.एस. मिल (J.S. Mill) को पूर्णतः सकारात्मक उदारवादी (Complete Positive Liberal) नहीं माना जाता, यद्यपि उन्होंने इसका पहला प्रयास किया था。
कारण (R): मिल ने 'सामाजिक-आर्थिक' क्षेत्र में तो राज्य के 'हस्तक्षेप' (कल्याणकारी कार्य) का समर्थन किया, लेकिन 'राजनीतिक' क्षेत्र (जैसे अभिव्यक्ति की आज़ादी) में वे 'अहस्तक्षेप' (व्यक्तिवाद) पर ही डटे रहे।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मिल ने 'सामाजिक-आर्थिक' क्षेत्र में तो राज्य के 'हस्तक्षेप' (कल्याणकारी कार्य) का समर्थन किया, लेकिन 'राजनीतिक' क्षेत्र (जैसे अभिव्यक्ति की आज़ादी) में वे 'अहस्तक्षेप' (व्यक्तिवाद) पर ही डटे रहे।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: मिल एक 'संक्रमणकालीन' विचारक थे (पुल की तरह)। उनका आधा पैर पुराने व्यक्तिवाद (आज़ादी) में था और आधा पैर नए सकारात्मक उदारवाद (कल्याण) में था।
व्याख्या: मिल एक 'संक्रमणकालीन' विचारक थे (पुल की तरह)। उनका आधा पैर पुराने व्यक्तिवाद (आज़ादी) में था और आधा पैर नए सकारात्मक उदारवाद (कल्याण) में था।
96. "लोककल्याणकारी राज्य उदारवाद और साम्यवाद के मध्य का मार्ग है।" यह प्रसिद्ध टिप्पणी किसने की थी?
सही उत्तर: A) हॉबमैन (Hobman)
व्याख्या: हॉबमैन ने बिल्कुल सही कहा कि 'वेलफेयर स्टेट' एक गोल्डन मिडिल-पाथ (Middle path) है। इसमें उदारवाद की 'स्वतंत्रता' भी है और साम्यवाद की 'समानता/कल्याण' भी है।
व्याख्या: हॉबमैन ने बिल्कुल सही कहा कि 'वेलफेयर स्टेट' एक गोल्डन मिडिल-पाथ (Middle path) है। इसमें उदारवाद की 'स्वतंत्रता' भी है और साम्यवाद की 'समानता/कल्याण' भी है।
97. बहु-कथन प्रश्न: हेराल्ड लास्की (H.J. Laski) के लोककल्याणकारी विचारों के सन्दर्भ में क्या असत्य (False) है?
1. लास्की पहले विचारक हैं जिन्होंने विश्व का ध्यान 'पुलिस राज्य' से 'लोककल्याणकारी राज्य' की ओर खींचा।
2. इनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'A Grammar of Politics' है।
3. लास्की उद्योगों के 'निजीकरण' (Privatization) के घोर समर्थक थे।
4. लास्की का मानना था कि सरकार को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सही कूट:
2. इनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'A Grammar of Politics' है।
3. लास्की उद्योगों के 'निजीकरण' (Privatization) के घोर समर्थक थे।
4. लास्की का मानना था कि सरकार को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सही उत्तर: C) केवल 3
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल असत्य है। लास्की 'निजीकरण' के नहीं, बल्कि उद्योगों के 'राष्ट्रीयकरण' (Nationalization) के पक्षधर थे (कि राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए)।
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल असत्य है। लास्की 'निजीकरण' के नहीं, बल्कि उद्योगों के 'राष्ट्रीयकरण' (Nationalization) के पक्षधर थे (कि राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए)।
98. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): चरम स्वेच्छातंत्रवादी (Extreme Libertarians) सभी प्रकार के 'शासन' (सरकार) को अवैध (Illegal) मानते हैं。
कारण (R): उनका मानना है कि मानव स्वभाव से अच्छा होता है, लेकिन राजनीतिक संस्थाएं (राज्य/सरकार) उसे भ्रष्ट बना देती हैं, इसलिए राजनीतिक संस्थाएं नष्ट होनी चाहिए (अराजकतावाद)।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका मानना है कि मानव स्वभाव से अच्छा होता है, लेकिन राजनीतिक संस्थाएं (राज्य/सरकार) उसे भ्रष्ट बना देती हैं, इसलिए राजनीतिक संस्थाएं नष्ट होनी चाहिए (अराजकतावाद)।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है。
व्याख्या: यह 'Anarcho-capitalism' (अराजक-पूँजीवाद) की सोच है। ये लोग मानते हैं कि सुरक्षा और अदालत जैसी चीजें भी 'प्राइवेट कम्पनियों' द्वारा (बाज़ार से) खरीदी जानी चाहिए, राज्य की कोई ज़रूरत नहीं है।
व्याख्या: यह 'Anarcho-capitalism' (अराजक-पूँजीवाद) की सोच है। ये लोग मानते हैं कि सुरक्षा और अदालत जैसी चीजें भी 'प्राइवेट कम्पनियों' द्वारा (बाज़ार से) खरीदी जानी चाहिए, राज्य की कोई ज़रूरत नहीं है।
99. 'उदारवाद' (Liberalism) की विचारधारा राजनीति विज्ञान में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह विचारधारा राज्य और व्यक्ति के सम्बन्धों को किस रूप में परिभाषित करती है?
सही उत्तर: C) यह राज्य को 'साधन' (Means) के रूप में देखती है, जो 'व्यक्ति' (साध्य) की स्वतंत्रता के लिए बना है।
व्याख्या: उदारवाद का पूरा 'ग्रेविटेशनल सेंटर' (केंद्र) इंसान है। राज्य तो बस एक टूल (मशीन) है जो इंसानों ने अपने फायदे (आज़ादी, सुरक्षा, कल्याण) के लिए बनाई है।
व्याख्या: उदारवाद का पूरा 'ग्रेविटेशनल सेंटर' (केंद्र) इंसान है। राज्य तो बस एक टूल (मशीन) है जो इंसानों ने अपने फायदे (आज़ादी, सुरक्षा, कल्याण) के लिए बनाई है।
100. टी. एच. ग्रीन (T.H. Green) ने 'सकारात्मक स्वतंत्रता' (Positive Liberty) को परिभाषित करते हुए क्या कहा था?
सही उत्तर: C) "स्वतंत्रता ऐसे कार्यों को 'करने या कराने का नाम है जो करने योग्य हो'।"
व्याख्या: ग्रीन ने साफ किया कि 'कुछ भी करने' (जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने) की आज़ादी सच्ची आज़ादी नहीं है। आज़ादी का मतलब वह काम करना है जिससे आपका अपना और 'समाज का भला' हो।
व्याख्या: ग्रीन ने साफ किया कि 'कुछ भी करने' (जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने) की आज़ादी सच्ची आज़ादी नहीं है। आज़ादी का मतलब वह काम करना है जिससे आपका अपना और 'समाज का भला' हो।
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★ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. उदारवाद (Liberalism) का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: उदारवाद का जनक जॉन लॉक (John Locke) को माना जाता है। उन्होंने व्यक्तिवाद को दार्शनिक आधार प्रदान किया और प्राकृतिक अधिकारों (जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति) का समर्थन किया।
Q2. "राज्य एक आवश्यक बुराई है" - यह किस विचारधारा का मानना है?
उत्तर: यह नकारात्मक उदारवाद (व्यक्तिवाद) की मान्यता है। यह आवश्यक इसलिए है क्योंकि यह सुरक्षा और न्याय प्रदान करता है, तथा बुराई इसलिए है क्योंकि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करता है।
Q3. 'लेसेजफेयर' (Laissez-Faire) या अहस्तक्षेप का सिद्धांत किसने दिया?
उत्तर: आर्थिक उदारवाद के जनक एडम स्मिथ (Adam Smith) ने अपनी पुस्तक "The Wealth of Nations" (1776) में यह सिद्धांत दिया, जिसका अर्थ है राज्य को अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
Q4. नव-उदारवाद (Neo-Liberalism) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उदय लोककल्याणकारी राज्य की विफलताओं के विरुद्ध एक प्रतिक्रिया के रूप में हुआ। यह राज्य के न्यूनतम कार्यों और मुक्त बाज़ार पर बल देता है। इसके जनक रॉबर्ट नोज़िक माने जाते हैं।
Q5. "राज्य को उद्योगों पर नियंत्रण करना चाहिए, वरना उद्योग ही राज्य पर नियंत्रण कर लेंगे" - यह किसने कहा?
उत्तर: यह प्रसिद्ध कथन लोककल्याणकारी राज्य के प्रमुख समर्थक और सकारात्मक उदारवादी विचारक हेराल्ड लास्की (H.J. Laski) का है।
