संविधान, संवैधानिक सरकार और संविधानवाद: 50 अति महत्वपूर्ण MCQs
| संविधान, संवैधानिक सरकार और संविधानवाद: 50 Premium MCQs |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट संविधान, संवैधानिक सरकार (Constitutional Government) और संविधानवाद (Constitutionalism) पर आधारित है। इसमें कथन-कारण (घूमे हुए विकल्पों के साथ), कूट मिलान और 5-विकल्पों वाले 50 उच्च स्तरीय प्रश्न शामिल हैं जो PGT, TGT, NET-JRF और UPSC परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण हैं। |
1. "संविधान निर्मित नहीं होते हैं, अपितु विकसित होते हैं।" यह कथन मुख्य रूप से किस देश के संविधान के सन्दर्भ में कहा गया है और यह किसका विचार है?
सही उत्तर: C) ब्रिटिश संविधान – हेनरी मेन (Henry Maine)
व्याख्या: हेनरी मेन ने यह बात ब्रिटेन के 'अलिखित और विकसित' संविधान को ध्यान में रखकर कही थी, जो सदियों की परम्पराओं से धीरे-धीरे विकसित हुआ है, किसी संविधान सभा द्वारा रातों-रात निर्मित नहीं हुआ।
व्याख्या: हेनरी मेन ने यह बात ब्रिटेन के 'अलिखित और विकसित' संविधान को ध्यान में रखकर कही थी, जो सदियों की परम्पराओं से धीरे-धीरे विकसित हुआ है, किसी संविधान सभा द्वारा रातों-रात निर्मित नहीं हुआ।
2. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): विकासशील देशों (एशिया, अफ्रीका) में 'संविधानवाद' (Constitutionalism) पूरी तरह से सफल और स्थिर हो चुका है。
कारण (R): इन देशों ने औपनिवेशिक दासता से मुक्त होने के बाद पाश्चात्य उदारवादी व्यवस्था को ज्यों-का-त्यों सफलतापूर्वक अपना लिया है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इन देशों ने औपनिवेशिक दासता से मुक्त होने के बाद पाश्चात्य उदारवादी व्यवस्था को ज्यों-का-त्यों सफलतापूर्वक अपना लिया है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों असत्य (False) हैं।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। विकासशील देशों में संविधानवाद अभी 'संक्रमणकालीन' और 'अस्थिर' है। राजनीतिक अस्थिरता, सत्ता की वैधता का संकट और गरीबी के कारण उन्होंने पश्चिमी मॉडल को पूरी तरह सफलतापूर्वक नहीं अपनाया है।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। विकासशील देशों में संविधानवाद अभी 'संक्रमणकालीन' और 'अस्थिर' है। राजनीतिक अस्थिरता, सत्ता की वैधता का संकट और गरीबी के कारण उन्होंने पश्चिमी मॉडल को पूरी तरह सफलतापूर्वक नहीं अपनाया है।
3. अरस्तू के राज्य के वर्गीकरण के अनुसार, 'कुछ व्यक्तियों का शासन' (Rule of Few) यदि जनहित (उत्कृष्ट रूप) में कार्य करता है, तो उसे क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: B) कुलीन तंत्र (Aristocracy)
व्याख्या: अरस्तू के अनुसार जब कुछ योग्य व्यक्ति समाज की भलाई के लिए शासन करते हैं, तो वह 'कुलीन तंत्र' कहलाता है। जब वे स्वार्थ में अंधे हो जाते हैं, तो वह 'वर्ग तंत्र या धनिक तंत्र' (Oligarchy) बन जाता है।
व्याख्या: अरस्तू के अनुसार जब कुछ योग्य व्यक्ति समाज की भलाई के लिए शासन करते हैं, तो वह 'कुलीन तंत्र' कहलाता है। जब वे स्वार्थ में अंधे हो जाते हैं, तो वह 'वर्ग तंत्र या धनिक तंत्र' (Oligarchy) बन जाता है।
4. बहु-कथन प्रश्न: संविधानवाद (Constitutionalism) की विशेषताओं के सन्दर्भ में सत्य कथन चुनें:
1. यह एक 'साध्य-मूलक' (End-oriented) अवधारणा है।
2. यह एक 'मूल्य सम्बद्ध' (Value-bound) और 'संस्कृति सम्बद्ध' (Culture-bound) अवधारणा है।
3. यह एक अत्यंत 'स्थिर और जड़' (Static) विचारधारा है जो कभी नहीं बदलती।
4. यह एक सहभागी (Participatory) अवधारणा है।
सही कूट:
2. यह एक 'मूल्य सम्बद्ध' (Value-bound) और 'संस्कृति सम्बद्ध' (Culture-bound) अवधारणा है।
3. यह एक अत्यंत 'स्थिर और जड़' (Static) विचारधारा है जो कभी नहीं बदलती।
4. यह एक सहभागी (Participatory) अवधारणा है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। संविधानवाद एक गत्यात्मक (Dynamic) अवधारणा है। समाज के मूल्यों और आस्थाओं के बदलने के साथ यह भी समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। संविधानवाद एक गत्यात्मक (Dynamic) अवधारणा है। समाज के मूल्यों और आस्थाओं के बदलने के साथ यह भी समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है।
5. "संविधान विहीन राज्य की कल्पना नहीं की जा सकती। संविधान के अभाव में राज्य, राज्य न होकर एक प्रकार की अराजकता (Anarchy) होगी।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: A) जेलिनेक (Jellinek)
व्याख्या: जेलिनेक ने स्पष्ट किया था कि बिना नियमों (संविधान) के कोई भी राज्य नहीं चल सकता, वह सिर्फ जंगल राज या अराजकता बन जाएगा।
व्याख्या: जेलिनेक ने स्पष्ट किया था कि बिना नियमों (संविधान) के कोई भी राज्य नहीं चल सकता, वह सिर्फ जंगल राज या अराजकता बन जाएगा।
6. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): साम्यवादी देशों (जैसे पूर्व सोवियत संघ या चीन) में 'संविधान' तो होता है, किन्तु वहाँ 'संविधानवाद' (Constitutionalism) का अभाव पाया जाता है。
कारण (R): साम्यवादी व्यवस्था में एक ही पार्टी (कम्युनिस्ट पार्टी) का एकाधिकार होता है, जो संविधान से भी ऊपर होती है, जिससे 'सीमित सरकार' और 'विधि के शासन' की अवधारणा समाप्त हो जाती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): साम्यवादी व्यवस्था में एक ही पार्टी (कम्युनिस्ट पार्टी) का एकाधिकार होता है, जो संविधान से भी ऊपर होती है, जिससे 'सीमित सरकार' और 'विधि के शासन' की अवधारणा समाप्त हो जाती है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: संविधानवाद 'सीमित सरकार' की मांग करता है। साम्यवादी देशों में कम्युनिस्ट पार्टी निरंकुश होती है और संविधान केवल दिखावे (Facade) के लिए होता है, इसलिए वहाँ संविधानवाद नहीं होता।
व्याख्या: संविधानवाद 'सीमित सरकार' की मांग करता है। साम्यवादी देशों में कम्युनिस्ट पार्टी निरंकुश होती है और संविधान केवल दिखावे (Facade) के लिए होता है, इसलिए वहाँ संविधानवाद नहीं होता।
7. "लिखित तथा अलिखित संविधान में अन्तर केवल मात्रा का है, प्रकार का नहीं।" (The difference is only of degree, not of kind). यह विचार किस विद्वान का है?
सही उत्तर: C) गार्नर (Garner)
व्याख्या: गार्नर का मानना था कि कोई भी लिखित संविधान पूरी तरह लिखित नहीं होता (उसमें कुछ परम्पराएं होती हैं) और कोई अलिखित संविधान पूरी तरह अलिखित नहीं होता (उसमें कुछ लिखित कानून होते हैं)।
व्याख्या: गार्नर का मानना था कि कोई भी लिखित संविधान पूरी तरह लिखित नहीं होता (उसमें कुछ परम्पराएं होती हैं) और कोई अलिखित संविधान पूरी तरह अलिखित नहीं होता (उसमें कुछ लिखित कानून होते हैं)।
8. बहु-कथन प्रश्न: संवैधानिक सरकार (Constitutional Government) के 4 प्रमुख तत्वों में किसे शामिल किया जाता है?
1. सीमित सरकार (Limited Government)
2. शक्तियों का पूर्ण केन्द्रीकरण (Complete Centralization)
3. विधि का शासन (Rule of Law)
4. नागरिक अधिकारों का समावेश
सही कूट:
2. शक्तियों का पूर्ण केन्द्रीकरण (Complete Centralization)
3. विधि का शासन (Rule of Law)
4. नागरिक अधिकारों का समावेश
सही उत्तर: B) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। संवैधानिक सरकार शक्तियों के 'विकेंद्रीकरण' (Decentralization) और 'पृथक्करण' (Separation) पर बल देती है ताकि तानाशाही न पनपे।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। संवैधानिक सरकार शक्तियों के 'विकेंद्रीकरण' (Decentralization) और 'पृथक्करण' (Separation) पर बल देती है ताकि तानाशाही न पनपे।
9. संविधान (Constitution) और संविधानवाद (Constitutionalism) के बीच के संबंध को स्पष्ट करने वाला सबसे सटीक कथन कौन-सा है?
सही उत्तर: B) संविधानवाद एक साध्य (End) है, जबकि संविधान उसे प्राप्त करने का साधन (Means) है।
व्याख्या: जनता की स्वतंत्रता और न्याय की रक्षा करना 'संविधानवाद' (मंज़िल/साध्य) है, और इस मंज़िल तक पहुँचने के लिए 'संविधान' (रास्ता/साधन) नामक नियम-पुस्तिका बनाई जाती है।
व्याख्या: जनता की स्वतंत्रता और न्याय की रक्षा करना 'संविधानवाद' (मंज़िल/साध्य) है, और इस मंज़िल तक पहुँचने के लिए 'संविधान' (रास्ता/साधन) नामक नियम-पुस्तिका बनाई जाती है।
10. "ब्रिटिश संसद इतनी शक्तिशाली है कि वह स्त्री को पुरुष, और पुरुष को स्त्री बनाने के अतिरिक्त सब कुछ में परिवर्तन कर सकती है।" यह अतिशयोक्तिपूर्ण (Exaggerated) कथन किसका है?
सही उत्तर: C) डी. लोल्मे (De Lolme)
व्याख्या: यह कथन ब्रिटेन में 'संसदीय संप्रभुता' (Parliamentary Sovereignty) की सर्वोच्चता को दर्शाता है, जहाँ कोई लिखित संविधान संसद के कानूनों को अवैध घोषित नहीं कर सकता।
व्याख्या: यह कथन ब्रिटेन में 'संसदीय संप्रभुता' (Parliamentary Sovereignty) की सर्वोच्चता को दर्शाता है, जहाँ कोई लिखित संविधान संसद के कानूनों को अवैध घोषित नहीं कर सकता।
11. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): इंग्लैंड में कोई लिखित संविधान नहीं है, फिर भी वहाँ 'संवैधानिक सरकार' (Constitutional Govt) मौजूद है。
कारण (R): इंग्लैंड में 'विधि का शासन' (Rule of Law), जन-अधिकारों की रक्षा और एक उत्तरदायी सरकार मौजूद है, जो संवैधानिक सरकार के मूल तत्व हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इंग्लैंड में 'विधि का शासन' (Rule of Law), जन-अधिकारों की रक्षा और एक उत्तरदायी सरकार मौजूद है, जो संवैधानिक सरकार के मूल तत्व हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: संवैधानिक सरकार के लिए एक पुस्तक (लिखित संविधान) का होना ज़रूरी नहीं है, बल्कि सरकार की शक्तियों पर अंकुश (सीमित सरकार) होना ज़रूरी है, जो ब्रिटेन में परम्पराओं और संसदीय कानूनों से स्थापित है।
व्याख्या: संवैधानिक सरकार के लिए एक पुस्तक (लिखित संविधान) का होना ज़रूरी नहीं है, बल्कि सरकार की शक्तियों पर अंकुश (सीमित सरकार) होना ज़रूरी है, जो ब्रिटेन में परम्पराओं और संसदीय कानूनों से स्थापित है।
12. संविधानवाद के विकास में विभिन्न देशों के योगदान को सुमेलित करें:
a. 'विधि के शासन' का विचार
1. फ्रांस
b. स्वतंत्रता, समानता व बन्धुता
2. U.S.A
c. लिखित संविधान व शक्तियों का पृथक्करण
3. ब्रिटेन
d. अंतरराष्ट्रीयवाद (UNO)
4. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद
सही उत्तर: B) a-3, b-1, c-2, d-4
व्याख्या: ब्रिटेन ने Rule of law दिया; फ्रांस ने 1789 की क्रांति से समानता/स्वतंत्रता दी; अमेरिका ने पहला लिखित संविधान (1789) दिया; और UNO ने आधुनिक अंतरराष्ट्रीयवाद की नींव रखी।
व्याख्या: ब्रिटेन ने Rule of law दिया; फ्रांस ने 1789 की क्रांति से समानता/स्वतंत्रता दी; अमेरिका ने पहला लिखित संविधान (1789) दिया; और UNO ने आधुनिक अंतरराष्ट्रीयवाद की नींव रखी।
13. "संविधान उन समस्त नियमों का संग्रह है जिसका राज्य की प्रभुत्व सत्ता के प्रयोग अथवा वितरण पर प्रभाव पड़ता है।" यह परिभाषा किस विचारक की है?
सही उत्तर: D) डायसी (A.V. Dicey)
व्याख्या: 'विधि के शासन' के प्रणेता डायसी ने संविधान को संप्रभु शक्ति (Sovereign power) के वितरण और प्रयोग को नियंत्रित करने वाले नियमों का समूह माना है।
व्याख्या: 'विधि के शासन' के प्रणेता डायसी ने संविधान को संप्रभु शक्ति (Sovereign power) के वितरण और प्रयोग को नियंत्रित करने वाले नियमों का समूह माना है।
14. बहु-कथन प्रश्न: संविधानवाद की उदारवादी (पाश्चात्य) अवधारणा के दो मुख्य स्तंभ हैं— 'सीमित सरकार' और 'राजनीतिक उत्तरदायित्व'। राजनीतिक उत्तरदायित्व (Political Accountability) के तत्वों में कौन शामिल हैं?
1. राजनीतिक दलों का अस्तित्व
2. समय-समय पर निष्पक्ष चुनाव
3. प्रेस की स्वतंत्रता व निष्पक्षता
4. स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका
सही कूट:
2. समय-समय पर निष्पक्ष चुनाव
3. प्रेस की स्वतंत्रता व निष्पक्षता
4. स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: 'स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका' (कथन 4) 'सीमित सरकार' (Limited Govt) का तत्व है, न कि 'राजनीतिक उत्तरदायित्व' का। राजनीतिक उत्तरदायित्व जनता, चुनाव और प्रेस से जुड़ा होता है।
व्याख्या: 'स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका' (कथन 4) 'सीमित सरकार' (Limited Govt) का तत्व है, न कि 'राजनीतिक उत्तरदायित्व' का। राजनीतिक उत्तरदायित्व जनता, चुनाव और प्रेस से जुड़ा होता है।
15. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): किसी देश का संविधान उसकी जनता के 'मूल्यों और संस्कृति' से कटा हुआ (निर्लिप्त) हो सकता है, लेकिन संविधानवाद ऐसा नहीं हो सकता。
कारण (R): संविधानवाद एक 'संस्कृति सम्बद्ध' (Culture-bound) और 'मूल्य सम्बद्ध' (Value-bound) अवधारणा है जो जनता के गहरे विश्वासों पर टिकी होती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): संविधानवाद एक 'संस्कृति सम्बद्ध' (Culture-bound) और 'मूल्य सम्बद्ध' (Value-bound) अवधारणा है जो जनता के गहरे विश्वासों पर टिकी होती है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: एक तानाशाह विदेशी कानूनों को थोपकर संविधान बना सकता है (जो संस्कृति से कटा हो), लेकिन वह 'संविधानवाद' नहीं कहलाएगा। संविधानवाद तभी पनपता है जब वह उस समाज की संस्कृति और मूल्यों से उपजा हो।
व्याख्या: एक तानाशाह विदेशी कानूनों को थोपकर संविधान बना सकता है (जो संस्कृति से कटा हो), लेकिन वह 'संविधानवाद' नहीं कहलाएगा। संविधानवाद तभी पनपता है जब वह उस समाज की संस्कृति और मूल्यों से उपजा हो।
16. "व्यवस्थित परिवर्तन की जटिल प्रकार्यात्मक व्यवस्था ही संविधानवाद है।" यह पारिभाषिक कथन किस विचारक का है?
सही उत्तर: B) कार्ल जे. फ्रेडरिक (Carl J. Friedrich)
व्याख्या: कार्ल जे. फ्रेडरिक ने संविधानवाद को एक 'गत्यात्मक' (Dynamic) अवधारणा माना है जो समाज की जरूरतों के अनुसार शांतिपूर्ण और 'व्यवस्थित परिवर्तन' (Orderly change) की अनुमति देता है।
व्याख्या: कार्ल जे. फ्रेडरिक ने संविधानवाद को एक 'गत्यात्मक' (Dynamic) अवधारणा माना है जो समाज की जरूरतों के अनुसार शांतिपूर्ण और 'व्यवस्थित परिवर्तन' (Orderly change) की अनुमति देता है।
17. अरस्तू के वर्गीकरण में, एक व्यक्ति का शासन यदि 'स्वार्थ' (विकृत रूप) में बदल जाए तो उसे क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: D) निरंकुश तंत्र (Tyranny)
व्याख्या: अरस्तू के अनुसार एक व्यक्ति का उत्कृष्ट शासन 'राजतंत्र' है, लेकिन जब वही राजा कानून को छोड़कर अपनी मनमर्जी (स्वार्थ) चलाने लगता है, तो वह 'निरंकुश तंत्र' (Tyranny) बन जाता है।
व्याख्या: अरस्तू के अनुसार एक व्यक्ति का उत्कृष्ट शासन 'राजतंत्र' है, लेकिन जब वही राजा कानून को छोड़कर अपनी मनमर्जी (स्वार्थ) चलाने लगता है, तो वह 'निरंकुश तंत्र' (Tyranny) बन जाता है।
18. "संविधान शक्ति सम्बन्धों की आत्मकथा है।" (Constitution is the autobiography of power relations). यह बहुत ही यथार्थवादी कथन किसका है?
सही उत्तर: B) फाइनर (H. Finer)
व्याख्या: हर्मन फाइनर का यह कथन बताता है कि किसी भी देश का संविधान वास्तव में यह तय करता है कि उस समाज में असली शक्ति (Power) किसके पास है और शक्तियों का वितरण कैसे हुआ है।
व्याख्या: हर्मन फाइनर का यह कथन बताता है कि किसी भी देश का संविधान वास्तव में यह तय करता है कि उस समाज में असली शक्ति (Power) किसके पास है और शक्तियों का वितरण कैसे हुआ है।
19. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): भारतीय संविधान, ब्रिटेन के संविधान की तरह पूरी तरह लचीला (Flexible) है。
कारण (R): भारत के संविधान के सभी अनुच्छेदों में संसद द्वारा सामान्य बहुमत से (आसानी से) संशोधन किया जा सकता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): भारत के संविधान के सभी अनुच्छेदों में संसद द्वारा सामान्य बहुमत से (आसानी से) संशोधन किया जा सकता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों असत्य (False) हैं।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। भारत का संविधान न तो पूरी तरह लचीला है और न ही पूरी तरह कठोर, बल्कि यह दोनों का 'अद्भुत समन्वय' (Mixture) है। इसके कुछ हिस्सों में संशोधन करना (विशेष बहुमत + राज्यों की सहमति) बहुत कठिन है।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। भारत का संविधान न तो पूरी तरह लचीला है और न ही पूरी तरह कठोर, बल्कि यह दोनों का 'अद्भुत समन्वय' (Mixture) है। इसके कुछ हिस्सों में संशोधन करना (विशेष बहुमत + राज्यों की सहमति) बहुत कठिन है।
20. "ब्रिटिश संविधान का कोई अस्तित्व नहीं है।" (There is no such thing as a British Constitution). यह टिप्पणी किस फ्रांसीसी विचारक ने की थी?
सही उत्तर: C) डी. टॉकविले (De Tocqueville)
व्याख्या: डी. टॉकविले, जो अमेरिका के लिखित संविधान से प्रभावित थे, ने ब्रिटेन में किसी 'एक लिखित दस्तावेज़' के अभाव को देखकर यह टिप्पणी की थी कि ब्रिटेन का तो कोई संविधान ही नहीं है।
व्याख्या: डी. टॉकविले, जो अमेरिका के लिखित संविधान से प्रभावित थे, ने ब्रिटेन में किसी 'एक लिखित दस्तावेज़' के अभाव को देखकर यह टिप्पणी की थी कि ब्रिटेन का तो कोई संविधान ही नहीं है।
21. बहु-कथन प्रश्न: संविधानवाद की 'पाश्चात्य या उदारवादी अवधारणा' (Liberal Concept) की केन्द्रीय विशेषताएँ क्या हैं?
1. यह 'विधि के शासन' (Rule of Law) को सर्वोपरि मानती है।
2. यह व्यक्ति के 'मौलिक अधिकारों' की सुरक्षा पर बल देती है।
3. यह शक्तियों के 'पूर्ण केन्द्रीकरण' का समर्थन करती है।
4. यह 'सीमित सरकार' (Limited Govt.) के सिद्धांत पर आधारित है।
सही कूट:
2. यह व्यक्ति के 'मौलिक अधिकारों' की सुरक्षा पर बल देती है।
3. यह शक्तियों के 'पूर्ण केन्द्रीकरण' का समर्थन करती है।
4. यह 'सीमित सरकार' (Limited Govt.) के सिद्धांत पर आधारित है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। उदारवाद सत्ता के 'केन्द्रीकरण' का घोर विरोधी है। वह शक्तियों के विकेन्द्रीकरण और पृथक्करण (Decentralization & Separation) का समर्थन करता है ताकि तानाशाही न पनपे।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। उदारवाद सत्ता के 'केन्द्रीकरण' का घोर विरोधी है। वह शक्तियों के विकेन्द्रीकरण और पृथक्करण (Decentralization & Separation) का समर्थन करता है ताकि तानाशाही न पनपे।
22. सरकार के तीन प्रमुख अंगों में से 'व्यवस्थापिका' (Legislature) का मुख्य कार्य क्या होता है?
सही उत्तर: C) सामान्य कानून (Law) बनाना
व्याख्या: सरकार के तीन अंग हैं- व्यवस्थापिका (कानून बनाना - जैसे संसद), कार्यपालिका (कानून लागू करना), और न्यायपालिका (कानूनों की व्याख्या और न्याय करना)।
व्याख्या: सरकार के तीन अंग हैं- व्यवस्थापिका (कानून बनाना - जैसे संसद), कार्यपालिका (कानून लागू करना), और न्यायपालिका (कानूनों की व्याख्या और न्याय करना)।
23. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): "संविधान एवं संविधानवाद में कोई अन्तर नहीं है।" (सी. एफ. स्ट्रॉन्ग के अनुसार)
कारण (R): संविधानवाद के निर्माण और अस्तित्व के लिए 'संविधान' और 'संवैधानिक सरकार' का होना एक अनिवार्य पूर्व-शर्त (Prerequisite) है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): संविधानवाद के निर्माण और अस्तित्व के लिए 'संविधान' और 'संवैधानिक सरकार' का होना एक अनिवार्य पूर्व-शर्त (Prerequisite) है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: सी.एफ. स्ट्रॉन्ग जैसे विचारकों का मानना है कि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिना संविधान के संविधानवाद खड़ा नहीं हो सकता, इसलिए व्यवहार में दोनों को एक समान माना जाता है।
व्याख्या: सी.एफ. स्ट्रॉन्ग जैसे विचारकों का मानना है कि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बिना संविधान के संविधानवाद खड़ा नहीं हो सकता, इसलिए व्यवहार में दोनों को एक समान माना जाता है।
24. "राज्य नये हैं और राजनीतिक खेल के नियम प्रवाह में हैं इसलिये संविधानवाद अभी तक स्थिर नहीं हो सका है।" विकासशील देशों के सन्दर्भ में यह टिप्पणी किसने की है?
सही उत्तर: B) फ्रेड रिग्स (Fred Riggs)
व्याख्या: फ्रेड रिग्स, जिन्होंने विकासशील (संक्रमणकालीन/Prismatic) समाजों का गहराई से अध्ययन किया, ने बताया कि एशिया/अफ्रीका में अभी संस्थाएं बन रही हैं और नियम बदल रहे हैं (प्रवाह में हैं), इसलिए वहां संविधानवाद अस्थिर है।
व्याख्या: फ्रेड रिग्स, जिन्होंने विकासशील (संक्रमणकालीन/Prismatic) समाजों का गहराई से अध्ययन किया, ने बताया कि एशिया/अफ्रीका में अभी संस्थाएं बन रही हैं और नियम बदल रहे हैं (प्रवाह में हैं), इसलिए वहां संविधानवाद अस्थिर है।
25. संविधान के प्रकार (Types of Constitution) के सन्दर्भ में कौन-सा मिलान (Match) असत्य (False) है?
सही उत्तर: C) परिवर्तनशीलता के आधार पर: संघात्मक और एकात्मक
व्याख्या: यह मिलान असत्य है। 'परिवर्तनशीलता' (संशोधन की प्रक्रिया) के आधार पर संविधान लचीला (Flexible) और कठोर (Rigid) होता है। (संघात्मक/एकात्मक शक्तियों के विभाजन पर आधारित है)।
व्याख्या: यह मिलान असत्य है। 'परिवर्तनशीलता' (संशोधन की प्रक्रिया) के आधार पर संविधान लचीला (Flexible) और कठोर (Rigid) होता है। (संघात्मक/एकात्मक शक्तियों के विभाजन पर आधारित है)।
26. बहु-कथन प्रश्न: विकासशील देशों में 'संविधानवाद' की समस्याओं में क्या-क्या शामिल हैं?
1. राजनीतिक स्थायित्व (Political Instability) की समस्या।
2. राजनीतिक सत्ता की 'वैधता' (Legitimacy) का संकट।
3. आर्थिक विकास और सुरक्षा की समस्या।
4. पाश्चात्य संस्कृति का पूरी तरह से हावी हो जाना।
सही कूट:
2. राजनीतिक सत्ता की 'वैधता' (Legitimacy) का संकट।
3. आर्थिक विकास और सुरक्षा की समस्या।
4. पाश्चात्य संस्कृति का पूरी तरह से हावी हो जाना।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। विकासशील देशों की समस्या 'संस्कृति साम्य' की है—अर्थात् वहां पारंपरिक संस्कृति मौजूद है और आधुनिक मूल्य थोपे गए हैं, जिससे दोनों के बीच टकराव होता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। विकासशील देशों की समस्या 'संस्कृति साम्य' की है—अर्थात् वहां पारंपरिक संस्कृति मौजूद है और आधुनिक मूल्य थोपे गए हैं, जिससे दोनों के बीच टकराव होता है।
27. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): किन्हीं दो देशों के संविधान एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हो सकते हैं, लेकिन उनका 'संविधानवाद' एक समान हो सकता है。
कारण (R): संविधानवाद उन 'आदर्शों और मूल्यों' (जैसे- लोकतंत्र, स्वतंत्रता) का नाम है, जिन्हें अलग-अलग देशों के अलग-अलग संवैधानिक ढांचों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): संविधानवाद उन 'आदर्शों और मूल्यों' (जैसे- लोकतंत्र, स्वतंत्रता) का नाम है, जिन्हें अलग-अलग देशों के अलग-अलग संवैधानिक ढांचों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: भारत (संसदीय) और अमेरिका (अध्यक्षीय) के 'संविधान' एकदम अलग हैं, लेकिन दोनों का 'संविधानवाद' एक ही है- 'सीमित सरकार और जनता की स्वतंत्रता की रक्षा'।
व्याख्या: भारत (संसदीय) और अमेरिका (अध्यक्षीय) के 'संविधान' एकदम अलग हैं, लेकिन दोनों का 'संविधानवाद' एक ही है- 'सीमित सरकार और जनता की स्वतंत्रता की रक्षा'।
28. "विकासशील देशों के संविधान नाममात्र (Facade) के संविधान हैं।" यह कटु सत्य किस विचारक ने कहा था?
सही उत्तर: C) कार्ल लोवेन्स्टीन (Karl Loewenstein)
व्याख्या: कार्ल लोवेन्स्टीन ने देखा कि कई अफ्रीकी-एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में संविधान तो बहुत शानदार लिखे गए हैं, लेकिन तानाशाह शासक उन्हें मानते ही नहीं। अतः वे केवल नाममात्र (दिखावे) के हैं।
व्याख्या: कार्ल लोवेन्स्टीन ने देखा कि कई अफ्रीकी-एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में संविधान तो बहुत शानदार लिखे गए हैं, लेकिन तानाशाह शासक उन्हें मानते ही नहीं। अतः वे केवल नाममात्र (दिखावे) के हैं।
29. "संविधान उन सिद्धान्तों का संग्रह है जिसके द्वारा सरकार की शक्तियों, शासितों के अधिकार तथा शासक व शासितों के पारस्परिक सम्बन्धों का नियमन होता है।" यह परिभाषा किसकी है?
सही उत्तर: D) सी. एफ. स्ट्रॉन्ग (C.F. Strong)
व्याख्या: सी.एफ. स्ट्रॉन्ग ने संविधान को एक त्रिकोणीय संबंध माना है: 1. सरकार की शक्तियां, 2. जनता (शासित) के अधिकार, और 3. इन दोनों के बीच का संबंध।
व्याख्या: सी.एफ. स्ट्रॉन्ग ने संविधान को एक त्रिकोणीय संबंध माना है: 1. सरकार की शक्तियां, 2. जनता (शासित) के अधिकार, और 3. इन दोनों के बीच का संबंध।
30. बहु-कथन प्रश्न: संविधानवाद की 'उदारवादी अवधारणा' की सफलता का मुख्य कारण क्या माना जाता है?
1. इसने शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) को व्यावहारिक रूप दिया।
2. इसने 'कम्युनिस्ट पार्टी' को सर्वोच्च मान लिया।
3. इसने स्वतंत्र न्यायपालिका की स्थापना की।
4. इसने व्यक्तिगत अधिकारों (Individual rights) की सुरक्षा सुनिश्चित की।
सही कूट:
2. इसने 'कम्युनिस्ट पार्टी' को सर्वोच्च मान लिया।
3. इसने स्वतंत्र न्यायपालिका की स्थापना की।
4. इसने व्यक्तिगत अधिकारों (Individual rights) की सुरक्षा सुनिश्चित की।
सही उत्तर: C) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। कम्युनिस्ट पार्टी को सर्वोच्च मानना 'साम्यवादी (Communist) अवधारणा' का हिस्सा है, जिसे उदारवादी व्यवस्था पूरी तरह नकारती है।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। कम्युनिस्ट पार्टी को सर्वोच्च मानना 'साम्यवादी (Communist) अवधारणा' का हिस्सा है, जिसे उदारवादी व्यवस्था पूरी तरह नकारती है।
31. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): किसी तानाशाह द्वारा जबरदस्ती बनाया गया संविधान 'संविधानवाद' (Constitutionalism) नहीं कहला सकता。
कारण (R): संविधानवाद एक 'मूल्य सम्बद्ध' अवधारणा है, जो उस देश की जनता की आस्थाओं, आदर्शों और विश्वासों पर आधारित होनी चाहिए, बल प्रयोग पर नहीं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): संविधानवाद एक 'मूल्य सम्बद्ध' अवधारणा है, जो उस देश की जनता की आस्थाओं, आदर्शों और विश्वासों पर आधारित होनी चाहिए, बल प्रयोग पर नहीं।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: संविधानवाद केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह जनता की इच्छा (Will of the people) का प्रकटीकरण है। तानाशाही में संविधान तो हो सकता है, लेकिन संविधानवाद नहीं।
व्याख्या: संविधानवाद केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह जनता की इच्छा (Will of the people) का प्रकटीकरण है। तानाशाही में संविधान तो हो सकता है, लेकिन संविधानवाद नहीं।
32. अरस्तू (Aristotle) के अनुसार, "संविधान उस (जीवन) पद्धति का प्रतीक होता है जो किसी राज्य द्वारा..." रिक्त स्थान भरें।
सही उत्तर: B) "...अपने लिये अपनायी जाती है।"
व्याख्या: अरस्तू का मानना था कि संविधान केवल कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह उस समाज के 'वे ऑफ़ लाइफ' (Way of life) यानी जीवन पद्धति का अक्स है, जिसे वे खुद अपने लिए चुनते हैं।
व्याख्या: अरस्तू का मानना था कि संविधान केवल कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह उस समाज के 'वे ऑफ़ लाइफ' (Way of life) यानी जीवन पद्धति का अक्स है, जिसे वे खुद अपने लिए चुनते हैं।
33. 'सीमित सरकार' (Limited Government) की अवधारणा, जो संविधानवाद का मूल है, का वास्तविक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: C) सरकार की शक्तियों पर संविधान और कानून का अंकुश होना चाहिए...
व्याख्या: 'Limited Govt' का अर्थ है 'शक्ति पर नियंत्रण' (Checks and Balances)। सरकार अपनी मर्जी से नागरिकों के जीवन/स्वतंत्रता को नहीं छीन सकती, उसे संविधान की सीमा में रहना होगा।
व्याख्या: 'Limited Govt' का अर्थ है 'शक्ति पर नियंत्रण' (Checks and Balances)। सरकार अपनी मर्जी से नागरिकों के जीवन/स्वतंत्रता को नहीं छीन सकती, उसे संविधान की सीमा में रहना होगा।
34. बहु-कथन प्रश्न: संवैधानिक सरकार (Constitutional Govt) और हिटलर/स्टालिन की सरकारों में क्या अंतर था?
1. हिटलर और स्टालिन के पास लिखित संविधान नहीं था।
2. हिटलर और स्टालिन के पास संविधान तो था, लेकिन उनकी सरकारें संवैधानिक (सीमित) नहीं थीं।
3. संवैधानिक सरकार में व्यक्ति विशेष की इच्छा के बजाय 'विधि' (Law) का शासन होता है।
4. तानाशाहों के शासन में सरकार संविधान से ऊपर होती है।
सही कूट:
2. हिटलर और स्टालिन के पास संविधान तो था, लेकिन उनकी सरकारें संवैधानिक (सीमित) नहीं थीं।
3. संवैधानिक सरकार में व्यक्ति विशेष की इच्छा के बजाय 'विधि' (Law) का शासन होता है।
4. तानाशाहों के शासन में सरकार संविधान से ऊपर होती है।
सही उत्तर: C) 2, 3 और 4
व्याख्या: कथन 1 गलत है। जर्मनी (वीमर संविधान/नाज़ी नियम) और सोवियत रूस में संविधान था। समस्या संविधान की अनुपस्थिति नहीं थी, बल्कि उनकी निरंकुशता थी, जो 'संवैधानिक सरकार' की अवधारणा के विपरीत है।
व्याख्या: कथन 1 गलत है। जर्मनी (वीमर संविधान/नाज़ी नियम) और सोवियत रूस में संविधान था। समस्या संविधान की अनुपस्थिति नहीं थी, बल्कि उनकी निरंकुशता थी, जो 'संवैधानिक सरकार' की अवधारणा के विपरीत है।
35. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): स्वतंत्रता के बाद अधिकांश विकासशील देशों में 'सैनिक तानाशाहियां' पनप गईं और संविधानवाद का पतन हो गया。
कारण (R): इन देशों ने 'राष्ट्र-निर्माण' और 'गरीबी उन्मूलन' जैसे विशाल लक्ष्यों को जल्दी प्राप्त करने के लिए शक्तियों का केन्द्रीकरण (Centralization) कर लिया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इन देशों ने 'राष्ट्र-निर्माण' और 'गरीबी उन्मूलन' जैसे विशाल लक्ष्यों को जल्दी प्राप्त करने के लिए शक्तियों का केन्द्रीकरण (Centralization) कर लिया।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: एशिया और अफ्रीका (जैसे पाकिस्तान, म्यांमार) के देशों में नेताओं ने विकास के नाम पर संविधान की सीमाओं को तोड़कर सारी शक्तियां अपने हाथ में ले लीं, जिससे 'सीमित सरकार' का अंत हो गया और सैन्य शासन आ गया।
व्याख्या: एशिया और अफ्रीका (जैसे पाकिस्तान, म्यांमार) के देशों में नेताओं ने विकास के नाम पर संविधान की सीमाओं को तोड़कर सारी शक्तियां अपने हाथ में ले लीं, जिससे 'सीमित सरकार' का अंत हो गया और सैन्य शासन आ गया।
36. "संविधान राजकीय विधान का वह आचरण है जिसमें..."
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संविधान के अर्थ को पूर्ण करता है?
सही उत्तर: B) ...व्यक्ति व राज्य तथा सरकार के विविध अंगों के बीच के संबंधों को सुनिश्चित किया जाता है।
व्याख्या: संविधान वह सर्वोच्च नियम है जो बताता है कि सरकार के तीनों अंग कैसे काम करेंगे, उनकी सीमाएं क्या होंगी और आम नागरिक के साथ उनका कैसा संबंध (अधिकार/कर्तव्य) होगा।
व्याख्या: संविधान वह सर्वोच्च नियम है जो बताता है कि सरकार के तीनों अंग कैसे काम करेंगे, उनकी सीमाएं क्या होंगी और आम नागरिक के साथ उनका कैसा संबंध (अधिकार/कर्तव्य) होगा।
37. संविधानवाद के विकास में 'अंतरराष्ट्रीयवाद' (Internationalism) का उदय किस घटना के बाद हुआ?
सही उत्तर: C) प्रथम विश्व युद्ध के बाद 'राष्ट्र संघ' के रूप में
व्याख्या: राष्ट्रों के बीच कानूनों और नियमों का पालन कराने के लिए 'अंतरराष्ट्रीय संविधानवाद' की नींव लीग ऑफ नेशंस से पड़ी, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद UNO (संयुक्त राष्ट्र) ने और सशक्त किया।
व्याख्या: राष्ट्रों के बीच कानूनों और नियमों का पालन कराने के लिए 'अंतरराष्ट्रीय संविधानवाद' की नींव लीग ऑफ नेशंस से पड़ी, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद UNO (संयुक्त राष्ट्र) ने और सशक्त किया।
38. बहु-कथन प्रश्न: 'लिखित' और 'अलिखित' संविधान के संदर्भ में सत्य कथन चुनें:
1. अमेरिका (USA) का संविधान विश्व का प्रथम लिखित संविधान है।
2. ब्रिटेन का संविधान पूरी तरह से अलिखित और परम्पराओं पर आधारित है।
3. भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
4. गार्नर के अनुसार लिखित और अलिखित में कोई अंतर नहीं होता, दोनों एक ही हैं।
सही कूट:
2. ब्रिटेन का संविधान पूरी तरह से अलिखित और परम्पराओं पर आधारित है।
3. भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
4. गार्नर के अनुसार लिखित और अलिखित में कोई अंतर नहीं होता, दोनों एक ही हैं।
सही उत्तर: A) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। गार्नर ने यह नहीं कहा कि दोनों एक हैं, बल्कि यह कहा था कि दोनों में "मात्रा (Degree) का अन्तर है, प्रकार (Kind) का नहीं"।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। गार्नर ने यह नहीं कहा कि दोनों एक हैं, बल्कि यह कहा था कि दोनों में "मात्रा (Degree) का अन्तर है, प्रकार (Kind) का नहीं"।
39. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): व्यवस्थापिका द्वारा बनाए गए सामान्य कानूनों (जैसे पोटा, टाडा) की तुलना में संविधान की स्थिति सर्वोच्च होती है。
कारण (R): संविधान देश का मौलिक और सर्वोच्च कानून होता है, और यदि व्यवस्थापिका का कोई कानून संविधान का उल्लंघन करता है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): संविधान देश का मौलिक और सर्वोच्च कानून होता है, और यदि व्यवस्थापिका का कोई कानून संविधान का उल्लंघन करता है, तो उसे असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: संसद (व्यवस्थापिका) संप्रभु नहीं है, बल्कि संविधान संप्रभु है। संसद का हर कानून संविधान की कसौटी पर परखा जाता है, जो संविधानवाद की 'सीमित सरकार' का हिस्सा है।
व्याख्या: संसद (व्यवस्थापिका) संप्रभु नहीं है, बल्कि संविधान संप्रभु है। संसद का हर कानून संविधान की कसौटी पर परखा जाता है, जो संविधानवाद की 'सीमित सरकार' का हिस्सा है।
40. संविधानवाद को एक 'गत्यात्मक' (Dynamic) अवधारणा क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: C) क्योंकि यह समय और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को बदलता रहता है।
व्याख्या: यदि संविधानवाद समय के साथ (संशोधनों या परम्पराओं के माध्यम से) नहीं बदलेगा, तो वह जड़ (Static) हो जाएगा और क्रांतियों को जन्म देगा। कार्ल जे. फ्रेडरिक ने इसे 'व्यवस्थित परिवर्तन' कहा है।
व्याख्या: यदि संविधानवाद समय के साथ (संशोधनों या परम्पराओं के माध्यम से) नहीं बदलेगा, तो वह जड़ (Static) हो जाएगा और क्रांतियों को जन्म देगा। कार्ल जे. फ्रेडरिक ने इसे 'व्यवस्थित परिवर्तन' कहा है।
41. 'कठोर संविधान' (Rigid Constitution) से मुख्य रूप से क्या अभिप्राय है?
सही उत्तर: C) जिसमें... विशेष और कठिन प्रक्रिया द्वारा ही संशोधन किया जा सकता है।
व्याख्या: लचीले संविधान (जैसे ब्रिटेन) में संसद आसानी से बहुमत से बदलाव कर सकती है, लेकिन कठोर संविधान (जैसे USA या भारत के कुछ हिस्से) में संशोधन के लिए विशेष बहुमत (2/3) या राज्यों की सहमति की आवश्यकता होती है।
व्याख्या: लचीले संविधान (जैसे ब्रिटेन) में संसद आसानी से बहुमत से बदलाव कर सकती है, लेकिन कठोर संविधान (जैसे USA या भारत के कुछ हिस्से) में संशोधन के लिए विशेष बहुमत (2/3) या राज्यों की सहमति की आवश्यकता होती है।
42. बहु-कथन प्रश्न: संवैधानिक सरकार (Constitutional Government) के सम्बन्ध में असत्य (False) कथन चुनें:
1. यह व्यक्ति विशेष की इच्छाओं पर संचालित होती है।
2. इसमें सरकार संविधान के अनुसार नियंत्रित और संगठित होती है。
3. यह 'सीमित सरकार' (Limited Govt) का ही दूसरा नाम है।
4. इसमें 'विधि के शासन' (Rule of Law) का पालन किया जाता है।
सही कूट:
2. इसमें सरकार संविधान के अनुसार नियंत्रित और संगठित होती है。
3. यह 'सीमित सरकार' (Limited Govt) का ही दूसरा नाम है।
4. इसमें 'विधि के शासन' (Rule of Law) का पालन किया जाता है।
सही उत्तर: B) केवल 1
व्याख्या: कथन 1 असत्य है, क्योंकि संवैधानिक सरकार व्यक्ति विशेष (राजा या तानाशाह) की इच्छाओं से नहीं, बल्कि 'कानून' (विधि) के अनुसार चलती है।
व्याख्या: कथन 1 असत्य है, क्योंकि संवैधानिक सरकार व्यक्ति विशेष (राजा या तानाशाह) की इच्छाओं से नहीं, बल्कि 'कानून' (विधि) के अनुसार चलती है।
43. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): विकासशील देशों में संविधानवाद मिश्रित प्रकृति का और दिशा रहित है。
कारण (R): इन देशों में 'राजनीतिक सांस्कृतिक साम्य' (Cultural homogeneity) का अभाव है और जनता अभी भी पारंपरिक व आधुनिक मूल्यों के बीच द्वंद्व का सामना कर रही है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इन देशों में 'राजनीतिक सांस्कृतिक साम्य' (Cultural homogeneity) का अभाव है और जनता अभी भी पारंपरिक व आधुनिक मूल्यों के बीच द्वंद्व का सामना कर रही है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: विकासशील समाजों में एक ही समय पर पश्चिमी मूल्य (लोकतंत्र) और स्थानीय मूल्य (जातिवाद/धर्म) मौजूद हैं। इसी सांस्कृतिक टकराव (साम्य की समस्या) के कारण वहाँ का संविधानवाद स्थिर दिशा नहीं पकड़ पाया है।
व्याख्या: विकासशील समाजों में एक ही समय पर पश्चिमी मूल्य (लोकतंत्र) और स्थानीय मूल्य (जातिवाद/धर्म) मौजूद हैं। इसी सांस्कृतिक टकराव (साम्य की समस्या) के कारण वहाँ का संविधानवाद स्थिर दिशा नहीं पकड़ पाया है।
44. संविधान शब्द का निर्माण 'सम' (समान) और 'विधान' से हुआ है। यहाँ 'विधान' से क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर: B) कानून या नियम
व्याख्या: 'विधान' का शाब्दिक अर्थ 'कानून या नियम' (Laws/Rules) है। अर्थात् ऐसा विशेष कानून जो पूरे देश पर समान (सम) रूप से लागू हो।
व्याख्या: 'विधान' का शाब्दिक अर्थ 'कानून या नियम' (Laws/Rules) है। अर्थात् ऐसा विशेष कानून जो पूरे देश पर समान (सम) रूप से लागू हो।
45. 'स्वस्थ परम्पराएँ एवं सामाजिक बहुलवाद' (Social Pluralism) संविधानवाद की उदारवादी अवधारणा के किस हिस्से के अंतर्गत आते हैं?
सही उत्तर: B) राजनीतिक उत्तरदायित्व के तत्व
व्याख्या: राजनीतिक उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए केवल चुनाव काफी नहीं हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ परंपराएं और विभिन्न दबाव समूहों/दलों (सामाजिक बहुलवाद) का मौजूद होना आवश्यक है।
व्याख्या: राजनीतिक उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए केवल चुनाव काफी नहीं हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ परंपराएं और विभिन्न दबाव समूहों/दलों (सामाजिक बहुलवाद) का मौजूद होना आवश्यक है।
46. बहु-कथन प्रश्न: विकासशील देशों में संविधानवाद (Constitutionalism) की समस्याओं को पहचानने वाले विचारकों में किसका नाम प्रमुखता से लिया जाता है?
1. फ्रेड रिग्स (Fred Riggs)
2. कार्ल लोवेन्स्टीन (Karl Loewenstein)
3. डी. लोल्मे (De Lolme)
4. हेनरी मेन (Henry Maine)
सही कूट:
2. कार्ल लोवेन्स्टीन (Karl Loewenstein)
3. डी. लोल्मे (De Lolme)
4. हेनरी मेन (Henry Maine)
सही उत्तर: C) 1 और 2
व्याख्या: फ्रेड रिग्स (जिन्होंने कहा कि नियम प्रवाह में हैं) और कार्ल लोवेन्स्टीन (जिन्होंने विकासशील देशों के संविधान को नाममात्र का बताया) इस संदर्भ के मुख्य विचारक हैं। डी. लोल्मे और हेनरी मेन ब्रिटिश संविधान से जुड़े हैं।
व्याख्या: फ्रेड रिग्स (जिन्होंने कहा कि नियम प्रवाह में हैं) और कार्ल लोवेन्स्टीन (जिन्होंने विकासशील देशों के संविधान को नाममात्र का बताया) इस संदर्भ के मुख्य विचारक हैं। डी. लोल्मे और हेनरी मेन ब्रिटिश संविधान से जुड़े हैं।
47. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): संविधानवाद एक अत्यंत आदर्शवादी (Idealistic) अवधारणा है, जिसका व्यवहार में पूर्णतः प्रकटीकरण सम्भव नहीं हो पाता。
कारण (R): कोई भी सरकार पूरी तरह से जनता के आदर्शों और मूल्यों पर खरी नहीं उतर सकती, सत्ता का कुछ न कुछ दुरूपयोग हर व्यवस्था में होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): कोई भी सरकार पूरी तरह से जनता के आदर्शों और मूल्यों पर खरी नहीं उतर सकती, सत्ता का कुछ न कुछ दुरूपयोग हर व्यवस्था में होता है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'संविधानवाद' एक परफेक्ट 'यूटोपिया' (आदर्श) की तरह है जहाँ शक्ति का बिल्कुल दुरूपयोग न हो। वास्तविक दुनिया में ऐसा 100% संभव नहीं है, लेकिन देश इसके जितना करीब होते हैं, वे उतने ही 'संवैधानिक' कहलाते हैं।
व्याख्या: 'संविधानवाद' एक परफेक्ट 'यूटोपिया' (आदर्श) की तरह है जहाँ शक्ति का बिल्कुल दुरूपयोग न हो। वास्तविक दुनिया में ऐसा 100% संभव नहीं है, लेकिन देश इसके जितना करीब होते हैं, वे उतने ही 'संवैधानिक' कहलाते हैं।
48. निम्नलिखित में से 'संविधानवाद की पाश्चात्य अवधारणा' किस बात का विरोध करती है?
सही उत्तर: C) शक्तियों के केन्द्रीकरण और तानाशाही का
व्याख्या: उदारवादी/पाश्चात्य अवधारणा का मूल ही 'सीमित सरकार' है। अतः यह सत्ता के एक ही जगह सिमटने (केन्द्रीकरण) या किसी व्यक्ति विशेष के तानाशाही शासन का कड़ा विरोध करती है।
व्याख्या: उदारवादी/पाश्चात्य अवधारणा का मूल ही 'सीमित सरकार' है। अतः यह सत्ता के एक ही जगह सिमटने (केन्द्रीकरण) या किसी व्यक्ति विशेष के तानाशाही शासन का कड़ा विरोध करती है।
49. फ्रांस ने संविधानवाद के वैश्विक विकास में कौन-सा महत्वपूर्ण आदर्श (Ideal) प्रदान किया?
सही उत्तर: B) स्वतंत्रता, समानता व बन्धुता
व्याख्या: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति ने दुनिया को 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' का नारा दिया, जो आज विश्व के लगभग सभी लोकतांत्रिक संविधानों (संविधानवाद) का आधार है।
व्याख्या: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति ने दुनिया को 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' का नारा दिया, जो आज विश्व के लगभग सभी लोकतांत्रिक संविधानों (संविधानवाद) का आधार है।
50. निष्कर्षतः, वर्तमान विश्व में संविधानवाद की कौन-सी अवधारणा सर्वाधिक मान्य और व्यावहारिक रूप से सफल सिद्ध हुई है?
सही उत्तर: B) उदारवादी / पाश्चात्य अवधारणा
व्याख्या: साम्यवादी देशों में संविधान सिर्फ दिखावा है और विकासशील देशों में यह अभी अस्थिर है। अतः केवल 'उदारवादी अवधारणा' (जिसमें स्वतंत्र न्यायपालिका और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित हैं) ही वर्तमान में सबसे सफल और मान्य है।
व्याख्या: साम्यवादी देशों में संविधान सिर्फ दिखावा है और विकासशील देशों में यह अभी अस्थिर है। अतः केवल 'उदारवादी अवधारणा' (जिसमें स्वतंत्र न्यायपालिका और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित हैं) ही वर्तमान में सबसे सफल और मान्य है।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):50
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
★ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. संविधानवाद (Constitutionalism) का मूल अर्थ क्या है?
उत्तर: संविधानवाद का अर्थ है शासन की वह व्यवस्था जो जनता के आदर्शों, मूल्यों और विश्वासों पर आधारित हो। यह 'सीमित सरकार' और 'विधि के शासन' की वकालत करता है।
Q2. क्या हर उस देश में जहाँ संविधान है, वहाँ संवैधानिक सरकार भी होती है?
उत्तर: नहीं! हिटलर और स्टालिन के पास भी संविधान था, लेकिन उनकी सरकार निरंकुश थी। संवैधानिक सरकार होने के लिए सरकार का संविधान के अनुसार संचालित होना और नागरिक अधिकारों का सुरक्षित होना अनिवार्य है।
Q3. संविधानवाद की कौन-सी अवधारणा वर्तमान में सर्वाधिक मान्य है?
उत्तर: वर्तमान में पाश्चात्य या उदारवादी अवधारणा ही सर्वाधिक मान्य है, क्योंकि यह विधि के शासन, स्वतंत्र न्यायपालिका और राजनीतिक उत्तरदायित्व (स्वतंत्र प्रेस, चुनाव आदि) पर आधारित है।
Q4. "संविधान शक्ति सम्बन्धों की आत्मकथा है" - यह किसका कथन है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध कथन राजनीतिशास्त्री फाइनर (H. Finer) का है।
Q5. विकासशील देशों में संविधानवाद की क्या स्थिति है?
उत्तर: विकासशील देशों में संविधानवाद अभी संक्रमणकालीन, मिश्रित और दिशा रहित स्थिति में है। फ्रेड रिग्स के अनुसार, यहाँ "राजनीतिक खेल के नियम अभी प्रवाह में हैं और स्थिर नहीं हो सके हैं।"
