तुलनात्मक राजनीति : 100 अति महत्वपूर्ण MCQs
| तुलनात्मक राजनीति (Comparative Politics): 100 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट तुलनात्मक राजनीति के अर्थ, क्षेत्र, विकास के चरणों, उपागमों और प्रमुख विचारकों के सिद्धान्तों पर आधारित है। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और 5-विकल्पों वाले 100 उच्च स्तरीय प्रश्न शामिल हैं। |
1. डेविड ईस्टन (David Easton) के व्यवस्था सिद्धान्त (Input-Output Model) में 'आगत' (Input) के अंतर्गत किन तत्वों को शामिल किया जाता है?
सही उत्तर: B) माँग और समर्थन (Demand and Support)
व्याख्या: ईस्टन के मॉडल में पर्यावरण से उठने वाली 'माँग' और जनता का 'समर्थन' आगत (Input) होते हैं, जो राजनीतिक व्यवस्था में जाकर 'निर्णय' (Output) में बदल जाते हैं।
व्याख्या: ईस्टन के मॉडल में पर्यावरण से उठने वाली 'माँग' और जनता का 'समर्थन' आगत (Input) होते हैं, जो राजनीतिक व्यवस्था में जाकर 'निर्णय' (Output) में बदल जाते हैं।
2. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): वर्तमान में तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन के लिए 'लम्बात्मक/उर्ध्वाधर' (Vertical) अध्ययन को सर्वथा उपयुक्त माना जाता है।
कारण (R): उर्ध्वाधर तुलना में एक ही देश की संघ, राज्य और स्थानीय सरकारों की तुलना की जाती है, जिनमें असमानताएं बहुत अधिक होती हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उर्ध्वाधर तुलना में एक ही देश की संघ, राज्य और स्थानीय सरकारों की तुलना की जाती है, जिनमें असमानताएं बहुत अधिक होती हैं।
सही उत्तर: D) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
व्याख्या: कथन (A) गलत है क्योंकि वर्तमान में 'क्षैतिज' (Horizontal) तुलना को उपयुक्त माना जाता है, 'उर्ध्वाधर' को नहीं (क्योंकि इसमें असमानताएं ज्यादा होती हैं)।
व्याख्या: कथन (A) गलत है क्योंकि वर्तमान में 'क्षैतिज' (Horizontal) तुलना को उपयुक्त माना जाता है, 'उर्ध्वाधर' को नहीं (क्योंकि इसमें असमानताएं ज्यादा होती हैं)।
3. "तुलनात्मक राजनीति सब कुछ है या कुछ भी नहीं है।" (Comparative politics is everything or it is nothing) यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: C) जी. के. राबर्ट्स
व्याख्या: जी.के. राबर्ट्स ने अपनी पुस्तक 'Comparative Politics Today' में इसके अनिश्चित और असीम क्षेत्र को दर्शाते हुए यह टिप्पणी की थी।
व्याख्या: जी.के. राबर्ट्स ने अपनी पुस्तक 'Comparative Politics Today' में इसके अनिश्चित और असीम क्षेत्र को दर्शाते हुए यह टिप्पणी की थी।
4. अरस्तू (Aristotle) द्वारा किए गए शासन प्रणालियों के वर्गीकरण में 'बहुत से व्यक्तियों के शासन' का निकृष्ट/भ्रष्ट (Corrupt) रूप किसे माना गया है?
सही उत्तर: C) भीड़तंत्र / लोकतंत्र (Mobocracy/Democracy)
व्याख्या: अरस्तू ने बहुत से लोगों के शासन के उत्कृष्ट रूप को 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) और उसके निकृष्ट/भ्रष्ट रूप को 'भीड़तंत्र या लोकतंत्र' कहा है।
व्याख्या: अरस्तू ने बहुत से लोगों के शासन के उत्कृष्ट रूप को 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) और उसके निकृष्ट/भ्रष्ट रूप को 'भीड़तंत्र या लोकतंत्र' कहा है।
5. बहु-कथन प्रश्न: तुलनात्मक राजनीति के 'आधुनिक उपागम' (Modern Approach) की विशेषताओं को पहचानें:
1. यह वर्णनात्मक (Descriptive) के बजाय विश्लेषणात्मक (Analytical) है।
2. यह संस्थाओं के अध्ययन पर बल देता है, मानव व्यवहार पर नहीं।
3. यह अन्तः अनुशासनात्मक (Interdisciplinary) अध्ययन को बढ़ावा देता है।
4. इसमें विकासशील देशों (Third World) का भी अध्ययन शामिल किया गया है।
सही कूट:
2. यह संस्थाओं के अध्ययन पर बल देता है, मानव व्यवहार पर नहीं।
3. यह अन्तः अनुशासनात्मक (Interdisciplinary) अध्ययन को बढ़ावा देता है।
4. इसमें विकासशील देशों (Third World) का भी अध्ययन शामिल किया गया है।
सही उत्तर: C) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। आधुनिक उपागम संस्थाओं (Institutions) के बजाय मानव व्यवहार (Human Behavior) पर अधिक बल देता है।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। आधुनिक उपागम संस्थाओं (Institutions) के बजाय मानव व्यवहार (Human Behavior) पर अधिक बल देता है।
6. सूची-I (पुस्तक) को सूची-II (लेखक) के साथ सुमेलित करें:
a. The Process of Government
1. डेविड ट्रूमैन
b. Government of Process
2. मैकियावेली
c. Human Nature in Politics
3. आर्थर बेन्टले
d. Discourses on Livy
4. ग्राहम वालास
सही उत्तर: B) a-3, b-1, c-4, d-2
व्याख्या: बेन्टले (Process of Govt), ट्रूमैन (Govt of Process), ग्राहम वालास (Human Nature in Politics), मैकियावेली (Discourses on Livy)।
व्याख्या: बेन्टले (Process of Govt), ट्रूमैन (Govt of Process), ग्राहम वालास (Human Nature in Politics), मैकियावेली (Discourses on Livy)।
7. "जहाँ के लोग चरित्रवान् और अच्छे हों, वहाँ गणतंत्र (Republic) सफल होगा।" यह 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) का सिद्धांत किसने दिया?
सही उत्तर: B) मैकियावेली
व्याख्या: मैकियावेली ने पुनर्जागरण काल में यह सिद्ध किया कि शासन प्रणाली समाज के चरित्र पर निर्भर करती है। अच्छे लोगों के लिए गणतंत्र और इटली जैसे भ्रष्ट समाज के लिए निरंकुश राजतंत्र।
व्याख्या: मैकियावेली ने पुनर्जागरण काल में यह सिद्ध किया कि शासन प्रणाली समाज के चरित्र पर निर्भर करती है। अच्छे लोगों के लिए गणतंत्र और इटली जैसे भ्रष्ट समाज के लिए निरंकुश राजतंत्र।
8. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति की शब्दावली में भारी बदलाव आया। 'संस्था' (Institution) शब्द के स्थान पर आधुनिक राजनीति में किस शब्द का प्रयोग होने लगा?
सही उत्तर: D) संरचना (Structure)
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद व्यवहारवादी क्रांति के कारण राज्य ➡️ राजनीतिक व्यवस्था, संस्था ➡️ संरचना, कार्य ➡️ प्रकार्य और लोकमत ➡️ राजनीतिक संस्कृति में बदल गए।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद व्यवहारवादी क्रांति के कारण राज्य ➡️ राजनीतिक व्यवस्था, संस्था ➡️ संरचना, कार्य ➡️ प्रकार्य और लोकमत ➡️ राजनीतिक संस्कृति में बदल गए।
9. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मार्क्सवादी उपागम के अनुसार मुक्त व्यापार और वाणिज्य मनुष्य की स्वतंत्रता को बढ़ाते हैं।
कारण (R): मार्क्सवाद मानता है कि पूँजीवादी संरचना को ध्वस्त किए बिना समाज में सच्ची समानता नहीं आ सकती।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्सवाद मानता है कि पूँजीवादी संरचना को ध्वस्त किए बिना समाज में सच्ची समानता नहीं आ सकती।
सही उत्तर: B) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
व्याख्या: कथन A गलत है, क्योंकि 'उदारवादी विश्लेषण' (एडम स्मिथ) मानता है कि मुक्त व्यापार स्वतंत्रता बढ़ाता है। मार्क्सवाद इसे पूँजीपतियों के प्रभुत्व का साधन मानता है।
व्याख्या: कथन A गलत है, क्योंकि 'उदारवादी विश्लेषण' (एडम स्मिथ) मानता है कि मुक्त व्यापार स्वतंत्रता बढ़ाता है। मार्क्सवाद इसे पूँजीपतियों के प्रभुत्व का साधन मानता है।
10. 'उपागम' (Approach) का निर्माण किन दो तत्वों के मिलने से होता है?
सही उत्तर: B) पद्धति (Method) + केन्द्रीय समस्या (Core Problem)
व्याख्या: किसी घटना की विस्तृत जानकारी के लिये उपयुक्त 'पद्धति' के साथ-साथ 'केन्द्रीय समस्या' का निर्णय करना ही 'उपागम' (Approach) कहलाता है।
व्याख्या: किसी घटना की विस्तृत जानकारी के लिये उपयुक्त 'पद्धति' के साथ-साथ 'केन्द्रीय समस्या' का निर्णय करना ही 'उपागम' (Approach) कहलाता है।
11. गैब्रियल आमण्ड (Gabriel Almond) का 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक मॉडल' किस प्रसिद्ध समाज वैज्ञानिक के सैद्धांतिक ढाँचे पर आधारित है?
सही उत्तर: D) टालकॉट पार्सन्स (Talcott Parsons)
व्याख्या: समाजशास्त्री टालकॉट पार्सन्स ने 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक' ढांचा दिया था, जिसे राजनीति विज्ञान में गैब्रियल आमण्ड ने लागू किया।
व्याख्या: समाजशास्त्री टालकॉट पार्सन्स ने 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक' ढांचा दिया था, जिसे राजनीति विज्ञान में गैब्रियल आमण्ड ने लागू किया।
12. निम्नलिखित में से कौन-सी 'तुलनात्मक राजनीति की समस्या' (Problem of Comparative Politics) नहीं है?
सही उत्तर: D) दार्शनिक और वैज्ञानिक लक्ष्य की प्राप्ति
व्याख्या: दार्शनिक और वैज्ञानिक लक्ष्य तुलनात्मक राजनीति के 'उद्देश्य' (Objectives) हैं, न कि समस्याएँ (Problems)। अन्य सभी तथ्य एकत्र करने और कंसेप्ट बनाने से जुड़ी समस्याएँ हैं।
व्याख्या: दार्शनिक और वैज्ञानिक लक्ष्य तुलनात्मक राजनीति के 'उद्देश्य' (Objectives) हैं, न कि समस्याएँ (Problems)। अन्य सभी तथ्य एकत्र करने और कंसेप्ट बनाने से जुड़ी समस्याएँ हैं।
13. बहु-कथन प्रश्न: मैक्रिडिस (Macridis) द्वारा 'परम्परागत उपागम' की बताई गई कमियों में क्या शामिल है?
1. यह विश्लेषणात्मक है, वर्णनात्मक नहीं।
2. इसमें तुलनात्मक दृष्टिकोण का अभाव है।
3. इसका दृष्टिकोण अत्यंत संकुचित (Narrow) है।
4. इसमें गतिशील तत्वों का अभाव (Lack of dynamism) है।
सही कूट:
2. इसमें तुलनात्मक दृष्टिकोण का अभाव है।
3. इसका दृष्टिकोण अत्यंत संकुचित (Narrow) है।
4. इसमें गतिशील तत्वों का अभाव (Lack of dynamism) है।
सही उत्तर: C) 2, 3 और 4
व्याख्या: कथन 1 उल्टा लिखा है। मैक्रिडिस ने कहा था कि परम्परागत उपागम "वर्णनात्मक (Descriptive) है, विश्लेषणात्मक (Analytical) नहीं।"
व्याख्या: कथन 1 उल्टा लिखा है। मैक्रिडिस ने कहा था कि परम्परागत उपागम "वर्णनात्मक (Descriptive) है, विश्लेषणात्मक (Analytical) नहीं।"
14. "वाणिज्य एवं स्वतंत्रता एक दूसरे के पूरक हैं।" राजनीतिक अर्थशास्त्र के उदारवादी दृष्टिकोण का यह विचार किसने दिया?
सही उत्तर: B) एडम स्मिथ
व्याख्या: एडम स्मिथ ने राजनीतिक-आर्थिक उपागम के 'उदारवादी' पक्ष का समर्थन करते हुए वाणिज्य (व्यापार) को मानव स्वतंत्रता से जोड़ा।
व्याख्या: एडम स्मिथ ने राजनीतिक-आर्थिक उपागम के 'उदारवादी' पक्ष का समर्थन करते हुए वाणिज्य (व्यापार) को मानव स्वतंत्रता से जोड़ा।
15. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): अरस्तू को तुलनात्मक राजनीति का जनक कहा जाता है।
कारण (R): अरस्तू पहले विचारक थे जिन्होंने 158 देशों के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन 'आगमन और ऐतिहासिक पद्धति' (Inductive & Historical Method) से किया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): अरस्तू पहले विचारक थे जिन्होंने 158 देशों के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन 'आगमन और ऐतिहासिक पद्धति' (Inductive & Historical Method) से किया।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: अरस्तू को 158 संविधानों के उनके ऐतिहासिक और तुलनात्मक विश्लेषण के कारण ही राजनीति विज्ञान के साथ-साथ तुलनात्मक राजनीति का भी पितामह माना जाता है।
व्याख्या: अरस्तू को 158 संविधानों के उनके ऐतिहासिक और तुलनात्मक विश्लेषण के कारण ही राजनीति विज्ञान के साथ-साथ तुलनात्मक राजनीति का भी पितामह माना जाता है।
16. राजनीतिक-आर्थिक उपागम का 'पराश्रितता मॉडल या केन्द्र-परिधि मॉडल' (Dependency/Center-Periphery Model) क्या समझाता है?
सही उत्तर: C) कि किस प्रकार व्यापार की आड़ में विकसित देश...
व्याख्या: पराश्रितता (Dependency) सिद्धांत स्पष्ट करता है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था इस तरह बनी है कि गरीब देश (परिधि) हमेशा अमीर देशों (केंद्र) पर आर्थिक रूप से निर्भर रहते हैं।
व्याख्या: पराश्रितता (Dependency) सिद्धांत स्पष्ट करता है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था इस तरह बनी है कि गरीब देश (परिधि) हमेशा अमीर देशों (केंद्र) पर आर्थिक रूप से निर्भर रहते हैं।
17. किस विचारक ने तुलनात्मक राजनीति में 'सांविधानिक अभियंत्रण' (Constitutional Engineering) और 'शक्तियों के पृथक्करण' पर सबसे अधिक बल दिया?
सही उत्तर: D) माण्टेस्क्यू (Montesquieu)
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' में माण्टेस्क्यू ने शासन की शक्तियों को अलग-अलग (Separation of Powers) करने का सिद्धांत दिया जिसे सांविधानिक अभियंत्रण कहा जाता है।
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' में माण्टेस्क्यू ने शासन की शक्तियों को अलग-अलग (Separation of Powers) करने का सिद्धांत दिया जिसे सांविधानिक अभियंत्रण कहा जाता है।
18. "सबसे अधिक आधारभूत बात तुलनात्मक राजनीति के बारे में यह है कि आज यह ऐसा विषय क्षेत्र है जिसमें अत्यधिक विवाद है क्योंकि राष्ट्र संक्रमण की स्थिति में हैं।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: B) हैरी एक्सस्टीन (Harry Eckstein)
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन ने तुलनात्मक राजनीति के अनिश्चित क्षेत्र और इसके विश्लेषण शैली के लगातार बदलते स्वरूप (संक्रमण) को उजागर किया था।
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन ने तुलनात्मक राजनीति के अनिश्चित क्षेत्र और इसके विश्लेषण शैली के लगातार बदलते स्वरूप (संक्रमण) को उजागर किया था।
19. बहु-कथन प्रश्न: 18वीं-19वीं शताब्दी (परम्परागत) और 20वीं शताब्दी (आधुनिक) की तुलनात्मक राजनीति के अंतर को पहचानें:
1. 18वीं शताब्दी में 'संस्थाओं' (Institutions) पर बल था, जबकि 20वीं शताब्दी में 'मानव व्यवहार' पर।
2. परम्परागत राजनीति 'तथ्यों' (Facts) पर बल देती थी, जबकि आधुनिक 'मूल्यों' (Values) पर।
3. परम्परागत राजनीति केवल 'यूरोपीय' थी, जबकि आधुनिक 'अन्तर्राष्ट्रीय' (Third world सहित) है।
सही कूट:
2. परम्परागत राजनीति 'तथ्यों' (Facts) पर बल देती थी, जबकि आधुनिक 'मूल्यों' (Values) पर।
3. परम्परागत राजनीति केवल 'यूरोपीय' थी, जबकि आधुनिक 'अन्तर्राष्ट्रीय' (Third world सहित) है।
सही उत्तर: C) केवल 1 और 3
व्याख्या: कथन 2 उल्टा लिखा है। परम्परागत राजनीति 'मूल्यों' (Values) पर आधारित थी (आदर्शवादी), जबकि आधुनिक राजनीति वैज्ञानिक है जो 'तथ्यों' (Facts) पर बल देती है।
व्याख्या: कथन 2 उल्टा लिखा है। परम्परागत राजनीति 'मूल्यों' (Values) पर आधारित थी (आदर्शवादी), जबकि आधुनिक राजनीति वैज्ञानिक है जो 'तथ्यों' (Facts) पर बल देती है।
20. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आमण्ड और पॉवेल के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति संकीर्णता से निकलकर व्यापकता की ओर गई।
कारण (R): युद्ध के बाद एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में नए राष्ट्र-राज्यों (Third World) का उदय हुआ, जिससे अध्ययन का दायरा यूरोप से बाहर निकल गया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): युद्ध के बाद एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में नए राष्ट्र-राज्यों (Third World) का उदय हुआ, जिससे अध्ययन का दायरा यूरोप से बाहर निकल गया।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: डिकॉलोनाइजेशन के कारण नए राष्ट्र अस्तित्व में आए, जिससे तुलनात्मक राजनीति के विद्वानों को नई गैर-पश्चिमी राजनीतिक प्रणालियों का अध्ययन करने का अवसर मिला।
व्याख्या: डिकॉलोनाइजेशन के कारण नए राष्ट्र अस्तित्व में आए, जिससे तुलनात्मक राजनीति के विद्वानों को नई गैर-पश्चिमी राजनीतिक प्रणालियों का अध्ययन करने का अवसर मिला।
21. अरस्तू ने 'शासन प्रणाली के चक्राकार नियम' (Cyclical Theory) का प्रतिपादन किया। उन्होंने किस शासन प्रणाली को 'स्वर्णिम मध्यमान' (Golden Mean) और सबसे उत्कृष्ट बताया है?
सही उत्तर: C) मध्यवर्ग तंत्र (Polity)
व्याख्या: अरस्तू का मानना था कि बहुत अमीर लोग अहंकारी होते हैं और बहुत गरीब लोग विद्रोही। इसलिए शासन की स्थिरता के लिए 'मध्यम वर्ग' (Polity) का शासन ही सर्वश्रेष्ठ (स्वर्णिम मध्यमान) है।
व्याख्या: अरस्तू का मानना था कि बहुत अमीर लोग अहंकारी होते हैं और बहुत गरीब लोग विद्रोही। इसलिए शासन की स्थिरता के लिए 'मध्यम वर्ग' (Polity) का शासन ही सर्वश्रेष्ठ (स्वर्णिम मध्यमान) है।
22. "तुलनात्मक राजनीति, संस्थाओं एवं सरकारों के विविध प्रकारों का एक तुलनात्मक विवेचन एवं विश्लेषण है।" यह परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: B) एडवर्ड फ्रीमैन
व्याख्या: एडवर्ड फ्रीमैन ने संस्थात्मक (Institutional) दृष्टिकोण से तुलनात्मक राजनीति को परिभाषित करते हुए यह वाक्य कहा था।
व्याख्या: एडवर्ड फ्रीमैन ने संस्थात्मक (Institutional) दृष्टिकोण से तुलनात्मक राजनीति को परिभाषित करते हुए यह वाक्य कहा था।
23. 'राजनीतिक-समाजशास्त्री उपागम' (Political-Sociological Approach) की मूल मान्यता क्या है?
सही उत्तर: C) राजनीतिक शक्ति का आधार 'समाज' होता है...
व्याख्या: इस उपागम के अनुसार, किसी देश की राजनीति उसके समाज के ढाँचे, धर्म, जाति और सामाजिक वर्गों की भागीदारी से प्रभावित होती है।
व्याख्या: इस उपागम के अनुसार, किसी देश की राजनीति उसके समाज के ढाँचे, धर्म, जाति और सामाजिक वर्गों की भागीदारी से प्रभावित होती है।
24. क्षैतिज तुलना (Horizontal Comparison) के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
सही उत्तर: B) इसमें एक देश में विविध कालों की सरकारों या विभिन्न देशों...
व्याख्या: क्षैतिज तुलना (जैसे भारत के प्रधानमंत्री की तुलना ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से करना) में समता होती है, इसलिए आधुनिक तुलनात्मक राजनीति ने इसी प्रकृति को स्वीकार किया है।
व्याख्या: क्षैतिज तुलना (जैसे भारत के प्रधानमंत्री की तुलना ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से करना) में समता होती है, इसलिए आधुनिक तुलनात्मक राजनीति ने इसी प्रकृति को स्वीकार किया है।
25. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आधुनिक तुलनात्मक राजनीति में 'गैर राजनीतिक संरचनाओं' (Non-political structures) के अध्ययन को भी शामिल किया गया है。
कारण (R): आधुनिक विचारक मानते हैं कि धर्म, जाति, परिवार और मीडिया जैसी गैर-राजनीतिक संरचनाएँ भी किसी देश के राजनीतिक व्यवहार (चुनाव, नीतियां) को गहराई से प्रभावित करती हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): आधुनिक विचारक मानते हैं कि धर्म, जाति, परिवार और मीडिया जैसी गैर-राजनीतिक संरचनाएँ भी किसी देश के राजनीतिक व्यवहार (चुनाव, नीतियां) को गहराई से प्रभावित करती हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: परम्परागत राजनीति केवल 'संसद' और 'संविधान' पढ़ती थी। आधुनिक राजनीति (विशेषकर विकासशील देशों में) यह देखती है कि जाति और धर्म (गैर-राजनीतिक) का वोटिंग पर क्या असर होता है।
व्याख्या: परम्परागत राजनीति केवल 'संसद' और 'संविधान' पढ़ती थी। आधुनिक राजनीति (विशेषकर विकासशील देशों में) यह देखती है कि जाति और धर्म (गैर-राजनीतिक) का वोटिंग पर क्या असर होता है।
26. तुलनात्मक राजनीति के क्षेत्र (Scope) के अंतर्गत मुख्य रूप से किन तीन पक्षों का अध्ययन किया जाता है?
सही उत्तर: C) राजनीतिक क्रिया-कलाप, राजनीतिक प्रक्रिया और राजनीतिक सत्ता
व्याख्या: यद्यपि तुलनात्मक राजनीति का क्षेत्र बहुत व्यापक है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से इन तीन मूल तत्वों (Activity, Process, Authority) के इर्द-गिर्द ही इसका ढाँचा बुना गया है।
व्याख्या: यद्यपि तुलनात्मक राजनीति का क्षेत्र बहुत व्यापक है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से इन तीन मूल तत्वों (Activity, Process, Authority) के इर्द-गिर्द ही इसका ढाँचा बुना गया है।
27. बहु-कथन प्रश्न: तुलनात्मक राजनीति के उद्देश्यों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं?
1. दार्शनिक लक्ष्य (Philosophical goals)
2. वैज्ञानिक लक्ष्य (Scientific goals)
3. तथ्य एकत्रीकरण की समस्या (Problem of data collection)
4. शासन नीति के प्रयोग का लक्ष्य (Application to policy)
सही कूट:
2. वैज्ञानिक लक्ष्य (Scientific goals)
3. तथ्य एकत्रीकरण की समस्या (Problem of data collection)
4. शासन नीति के प्रयोग का लक्ष्य (Application to policy)
सही उत्तर: A) 1, 2 और 4
व्याख्या: 'तथ्य एकत्रीकरण' (Data collection) तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन में आने वाली एक 'समस्या' है, न कि इसका कोई 'उद्देश्य'।
व्याख्या: 'तथ्य एकत्रीकरण' (Data collection) तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन में आने वाली एक 'समस्या' है, न कि इसका कोई 'उद्देश्य'।
28. मैकियावेली (Machiavelli) की वह कौन-सी प्रसिद्ध पुस्तक है जिसमें उन्होंने शासन प्रणाली का वर्गीकरण किया और 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) का सिद्धांत दिया?
सही उत्तर: D) Discourses on Livy
व्याख्या: यद्यपि 'The Prince' मैकियावेली की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक है, परन्तु शासन प्रणालियों का तुलनात्मक वर्गीकरण (गणतंत्र vs राजतंत्र) उन्होंने 'Discourses on Livy' में किया है।
व्याख्या: यद्यपि 'The Prince' मैकियावेली की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक है, परन्तु शासन प्रणालियों का तुलनात्मक वर्गीकरण (गणतंत्र vs राजतंत्र) उन्होंने 'Discourses on Livy' में किया है।
29. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): राबर्ट्सन (Robertson) ने स्वीकार किया कि तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक सरकार (शासन) में कोई अन्तर नहीं है।
कारण (R): आज तुलनात्मक शासन को अलग न मानकर 'तुलनात्मक शासन की राजनीति' कहा जाने लगा है क्योंकि दोनों एक-दूसरे में घुल-मिल गए हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): आज तुलनात्मक शासन को अलग न मानकर 'तुलनात्मक शासन की राजनीति' कहा जाने लगा है क्योंकि दोनों एक-दूसरे में घुल-मिल गए हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: पहले सरकार (संस्थाओं) और राजनीति (प्रक्रियाओं) को अलग माना जाता था, लेकिन आधुनिक विचारकों (जैसे राबर्ट्सन) ने स्पष्ट किया कि बिना सरकार के राजनीति और बिना राजनीति के सरकार का अध्ययन अधूरा है।
व्याख्या: पहले सरकार (संस्थाओं) और राजनीति (प्रक्रियाओं) को अलग माना जाता था, लेकिन आधुनिक विचारकों (जैसे राबर्ट्सन) ने स्पष्ट किया कि बिना सरकार के राजनीति और बिना राजनीति के सरकार का अध्ययन अधूरा है।
30. माण्टेस्क्यू (Montesquieu) द्वारा अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' में शासन प्रणाली को किन तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है?
सही उत्तर: C) गणतंत्र, राजतंत्र और स्वेच्छातंत्र
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने 'सांविधानिक अभियंत्रण' के तहत शासन को तीन रूपों में बांटा: 1. Republic (गणतंत्र), 2. Monarchy (राजतंत्र- जहाँ नियम हों), 3. Despotism (स्वेच्छातंत्र/अधिनायक- जहाँ शासक की मनमर्जी हो)।
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने 'सांविधानिक अभियंत्रण' के तहत शासन को तीन रूपों में बांटा: 1. Republic (गणतंत्र), 2. Monarchy (राजतंत्र- जहाँ नियम हों), 3. Despotism (स्वेच्छातंत्र/अधिनायक- जहाँ शासक की मनमर्जी हो)।
31. 'परम्परागत उपागम' (Traditional Approach) के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम शामिल नहीं है?
सही उत्तर: D) व्यवस्थावादी व प्रकार्यात्मक उपागम
व्याख्या: डेविड ईस्टन का व्यवस्थावादी और आमण्ड का प्रकार्यात्मक उपागम आधुनिक (Modern) उपागम का हिस्सा है जो 20वीं सदी (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद) में अस्तित्व में आया।
व्याख्या: डेविड ईस्टन का व्यवस्थावादी और आमण्ड का प्रकार्यात्मक उपागम आधुनिक (Modern) उपागम का हिस्सा है जो 20वीं सदी (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद) में अस्तित्व में आया।
32. "हैरोडोटस तथा अरस्तू के समय से ही राजनीतिक मूल्यों, विश्वासों और संस्थाओं में विविधताएं जीवन्त रही हैं... इन समान तत्वों की छानबीन करने वाली पद्धति को तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण कहा जाता है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: A) मैक्रिडिस (Macridis)
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने तुलनात्मक राजनीति की ऐतिहासिक जड़ों (हैरोडोटस और अरस्तू) को याद करते हुए इसके विश्लेषणात्मक स्वरूप को इस प्रकार परिभाषित किया था।
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने तुलनात्मक राजनीति की ऐतिहासिक जड़ों (हैरोडोटस और अरस्तू) को याद करते हुए इसके विश्लेषणात्मक स्वरूप को इस प्रकार परिभाषित किया था।
33. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): 20वीं शताब्दी में तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन का केन्द्र 'व्यक्ति' से हटकर 'समूह' (Group) हो गया।
कारण (R): आर्थर बेन्टले ने 1908 में 'The Process of Government' में यह स्पष्ट किया कि राजनीति को समझने के लिए समूहों (दबाव समूहों) के बीच संघर्ष को समझना आवश्यक है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): आर्थर बेन्टले ने 1908 में 'The Process of Government' में यह स्पष्ट किया कि राजनीति को समझने के लिए समूहों (दबाव समूहों) के बीच संघर्ष को समझना आवश्यक है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बेन्टले का 'समूह सिद्धांत' (Group Theory) 20वीं सदी की एक बड़ी क्रांति थी, जिसने यह माना कि राजनीति व्यक्तियों से नहीं, बल्कि विभिन्न हित-समूहों के टकराव से चलती है।
व्याख्या: बेन्टले का 'समूह सिद्धांत' (Group Theory) 20वीं सदी की एक बड़ी क्रांति थी, जिसने यह माना कि राजनीति व्यक्तियों से नहीं, बल्कि विभिन्न हित-समूहों के टकराव से चलती है।
34. बहु-कथन प्रश्न: आमण्ड और पॉवेल द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति में बताए गए बदलावों में क्या शामिल है?
1. यह संकीर्णता से निकलकर व्यापकता की ओर गयी।
2. यह यथार्थवाद (Realism) की खोज में संलग्न हुई।
3. यह सुनिश्चितता (Precision) की खोज में लगी।
4. इसमें बौद्धिक व्यवस्था की खोज (जैसे नई शब्दावली) पर बल दिया गया।
सही कूट:
2. यह यथार्थवाद (Realism) की खोज में संलग्न हुई।
3. यह सुनिश्चितता (Precision) की खोज में लगी।
4. इसमें बौद्धिक व्यवस्था की खोज (जैसे नई शब्दावली) पर बल दिया गया।
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4
व्याख्या: गैब्रियल आमण्ड और जी.बी. पॉवेल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक (Comparative Politics: A Developmental Approach) में ये चारों विशेषताएँ बताईं जो आधुनिक तुलनात्मक राजनीति को नई पहचान देती हैं।
व्याख्या: गैब्रियल आमण्ड और जी.बी. पॉवेल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक (Comparative Politics: A Developmental Approach) में ये चारों विशेषताएँ बताईं जो आधुनिक तुलनात्मक राजनीति को नई पहचान देती हैं।
35. राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में, किसने यह घोषित किया कि "राजनीति विज्ञान = राजनीतिक सिद्धान्त + तुलनात्मक राजनीति"?
सही उत्तर: C) यह तुलनात्मक राजनीति के आधुनिक विद्वानों की एक सामान्य स्वीकृति है।
व्याख्या: आज यह माना जाता है कि समग्र 'राजनीति विज्ञान' केवल इन दो स्तंभों पर टिका है- पहला थ्योरी (सिद्धान्त) और दूसरा प्रैक्टिकल (विभिन्न देशों की राजनीति की तुलना)।
व्याख्या: आज यह माना जाता है कि समग्र 'राजनीति विज्ञान' केवल इन दो स्तंभों पर टिका है- पहला थ्योरी (सिद्धान्त) और दूसरा प्रैक्टिकल (विभिन्न देशों की राजनीति की तुलना)।
36. "तुलनात्मक सरकार समकालीन विश्व में राष्ट्रीय सरकारों के प्रतिमानों का अध्ययन है।" यह परिभाषा किसने दी है?
सही उत्तर: B) जीन ब्लोण्डेल (Jean Blondel)
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने तुलनात्मक सरकार को वर्तमान विश्व (समकालीन) के राष्ट्रों के शासन के मॉडल्स (प्रतिमानों) का वैज्ञानिक अध्ययन माना है।
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने तुलनात्मक सरकार को वर्तमान विश्व (समकालीन) के राष्ट्रों के शासन के मॉडल्स (प्रतिमानों) का वैज्ञानिक अध्ययन माना है।
37. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लम्बात्मक या उर्ध्वाधर (Vertical) अध्ययन पद्धति को तुलनात्मक राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है。
कारण (R): क्योंकि एक ही देश की संघ सरकार (Union) और स्थानीय सरकार (Local) की शक्तियां, संसाधन और प्रकृति लगभग एक समान (Equal) होती हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि एक ही देश की संघ सरकार (Union) और स्थानीय सरकार (Local) की शक्तियां, संसाधन और प्रकृति लगभग एक समान (Equal) होती हैं।
सही उत्तर: E) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
व्याख्या: कथन (A) सही है कि वर्टिकल तुलना उपयुक्त नहीं है। लेकिन कारण (R) गलत है क्योंकि संघ और स्थानीय सरकार में समानता नहीं, बल्कि भारी असमानता होती है, और तुलना हमेशा समान स्तर (क्षैतिज) की चीजों में की जाती है।
व्याख्या: कथन (A) सही है कि वर्टिकल तुलना उपयुक्त नहीं है। लेकिन कारण (R) गलत है क्योंकि संघ और स्थानीय सरकार में समानता नहीं, बल्कि भारी असमानता होती है, और तुलना हमेशा समान स्तर (क्षैतिज) की चीजों में की जाती है।
38. अरस्तू ने किस पद्धति का प्रयोग करते हुए 158 देशों के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन किया था?
सही उत्तर: B) आगमन और ऐतिहासिक पद्धति (Inductive & Historical)
व्याख्या: प्लेटो ने जहाँ निगमन (पहले कल्पना, फिर तथ्य) का प्रयोग किया, वहीं अरस्तू ने आगमन (पहले 158 देशों के वास्तविक तथ्य जुटाए, फिर निष्कर्ष निकाला) और ऐतिहासिक पद्धति का प्रयोग किया।
व्याख्या: प्लेटो ने जहाँ निगमन (पहले कल्पना, फिर तथ्य) का प्रयोग किया, वहीं अरस्तू ने आगमन (पहले 158 देशों के वास्तविक तथ्य जुटाए, फिर निष्कर्ष निकाला) और ऐतिहासिक पद्धति का प्रयोग किया।
39. बहु-कथन प्रश्न: 'आधुनिक तुलनात्मक राजनीति' के नए विषयों (शब्दावली) में किन-किन का अध्ययन किया जाता है?
1. राजनीतिक संस्कृति (Political Culture)
2. राजनीतिक आधुनिकीकरण (Political Modernization)
3. राजनीतिक समाजीकरण (Political Socialization)
4. राजनीतिक विकास (Political Development)
सही कूट:
2. राजनीतिक आधुनिकीकरण (Political Modernization)
3. राजनीतिक समाजीकरण (Political Socialization)
4. राजनीतिक विकास (Political Development)
सही उत्तर: C) 1, 2, 3 और 4
व्याख्या: 20वीं सदी के मध्य में (व्यवहारवादी क्रांति के बाद) तुलनात्मक राजनीति में इन सभी समाजशास्त्रीय-मनोवैज्ञानिक शब्दावलियों (बौद्धिक व्यवस्था) का विकास हुआ।
व्याख्या: 20वीं सदी के मध्य में (व्यवहारवादी क्रांति के बाद) तुलनात्मक राजनीति में इन सभी समाजशास्त्रीय-मनोवैज्ञानिक शब्दावलियों (बौद्धिक व्यवस्था) का विकास हुआ।
40. पुनर्जागरण आन्दोलन (Renaissance) का वह कौन-सा प्रसिद्ध नारा था जिसके आधार पर मैकियावेली ने अपना तुलनात्मक अध्ययन किया?
सही उत्तर: C) "मानव ही सभी वस्तुओं का मापदण्ड है।"
व्याख्या: पुनर्जागरण ने धर्म (Church) के स्थान पर 'मानव' (Humanism) को केंद्र में ला दिया। मैकियावेली ने इसी आधार पर मानव स्वभाव और चरित्र को शासन प्रणाली की सफलता का आधार माना।
व्याख्या: पुनर्जागरण ने धर्म (Church) के स्थान पर 'मानव' (Humanism) को केंद्र में ला दिया। मैकियावेली ने इसी आधार पर मानव स्वभाव और चरित्र को शासन प्रणाली की सफलता का आधार माना।
41. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): तुलनात्मक राजनीति का क्षेत्र (Scope) पूरी तरह से निश्चित और स्थिर हो गया है。
कारण (R): विद्वानों का मानना है कि तुलनात्मक राजनीति अभी 'शैशवावस्था' (Infancy) में है, और समाज के बदलावों के साथ इसका क्षेत्र लगातार बदल रहा है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): विद्वानों का मानना है कि तुलनात्मक राजनीति अभी 'शैशवावस्था' (Infancy) में है, और समाज के बदलावों के साथ इसका क्षेत्र लगातार बदल रहा है।
सही उत्तर: E) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
व्याख्या: कथन (A) बिल्कुल गलत है। तुलनात्मक राजनीति का क्षेत्र स्थिर नहीं, बल्कि अत्यधिक गतिशील (Dynamic) है, इसीलिए इसे अभी शैशवावस्था में (विकासशील) माना जाता है।
व्याख्या: कथन (A) बिल्कुल गलत है। तुलनात्मक राजनीति का क्षेत्र स्थिर नहीं, बल्कि अत्यधिक गतिशील (Dynamic) है, इसीलिए इसे अभी शैशवावस्था में (विकासशील) माना जाता है।
42. 'The Process of Government' नामक पुस्तक, जिसने 20वीं शताब्दी में तुलनात्मक राजनीति के आधुनिक उपागम की नींव रखी, के लेखक कौन हैं?
सही उत्तर: C) आर्थर बेन्टले (Arthur Bentley)
व्याख्या: 1908 में प्रकाशित आर्थर बेन्टले की इस पुस्तक ने 'समूह सिद्धांत' (Group Theory) का प्रतिपादन कर राजनीति विज्ञान में एक नई क्रान्ति ला दी थी।
व्याख्या: 1908 में प्रकाशित आर्थर बेन्टले की इस पुस्तक ने 'समूह सिद्धांत' (Group Theory) का प्रतिपादन कर राजनीति विज्ञान में एक नई क्रान्ति ला दी थी।
43. तुलनात्मक राजनीति के 'प्रथम चरण' (First Phase) के विकास के अंतर्गत किन तीन युगों का वर्णन किया जाता है?
सही उत्तर: A) अरस्तू युग, मैकियावेली युग, और माण्टेस्क्यू युग
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के पहले (परम्परागत) तुलनात्मक राजनीति के विकास को इन्हीं तीन ऐतिहासिक माइलस्टोन्स (Aristotle, Machiavelli, Montesquieu) में बाँटा जाता है।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के पहले (परम्परागत) तुलनात्मक राजनीति के विकास को इन्हीं तीन ऐतिहासिक माइलस्टोन्स (Aristotle, Machiavelli, Montesquieu) में बाँटा जाता है।
44. बहु-कथन प्रश्न: डेविड ईस्टन के 'व्यवस्था सिद्धान्त' (Input-Output Model) के संदर्भ में सत्य कथन पहचानें:
1. यह राजनीति को सामाजिक पर्यावरण का एक अंग मानता है।
2. इसके अंतर्गत जनता की 'माँगों' को निर्गत (Output) माना जाता है।
3. सरकार (राजनीतिक व्यवस्था) द्वारा लिए गए 'निर्णय' निर्गत (Output) होते हैं।
4. यह एक आधुनिक उपागम है।
सही कूट:
2. इसके अंतर्गत जनता की 'माँगों' को निर्गत (Output) माना जाता है।
3. सरकार (राजनीतिक व्यवस्था) द्वारा लिए गए 'निर्णय' निर्गत (Output) होते हैं।
4. यह एक आधुनिक उपागम है।
सही उत्तर: B) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि जनता की 'माँगें' (Demands) व्यवस्था में जाने वाला आगत (Input) होती हैं, न कि निर्गत (Output)।
व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि जनता की 'माँगें' (Demands) व्यवस्था में जाने वाला आगत (Input) होती हैं, न कि निर्गत (Output)।
45. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): अरस्तू ने 'वर्ग तंत्र' (Oligarchy) को कुछ व्यक्तियों के शासन का उत्कृष्ट (Best) रूप माना है。
कारण (R): जब शासक जनहित के बजाय केवल अपने स्वार्थ (धन/शक्ति) के लिए शासन करता है, तो वह शासन का निकृष्ट (भ्रष्ट) रूप कहलाता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): जब शासक जनहित के बजाय केवल अपने स्वार्थ (धन/शक्ति) के लिए शासन करता है, तो वह शासन का निकृष्ट (भ्रष्ट) रूप कहलाता है।
सही उत्तर: C) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
व्याख्या: कथन A गलत है, क्योंकि 'कुछ व्यक्तियों' के शासन का उत्कृष्ट रूप 'कुलीन तंत्र' (Aristocracy) है, जबकि 'वर्ग तंत्र' (Oligarchy) उसका भ्रष्ट/निकृष्ट रूप है। कारण (R) बिल्कुल सही है।
व्याख्या: कथन A गलत है, क्योंकि 'कुछ व्यक्तियों' के शासन का उत्कृष्ट रूप 'कुलीन तंत्र' (Aristocracy) है, जबकि 'वर्ग तंत्र' (Oligarchy) उसका भ्रष्ट/निकृष्ट रूप है। कारण (R) बिल्कुल सही है।
46. 'तुलनात्मक सरकार (राजनीति) के अध्ययन में उन तरीकों का जिनसे समाज में मूल्यों का अधिकृत वितरण (Authoritative allocation of values) होता है, परीक्षण किया जाता है।' यह विचार मुख्य रूप से किन विचारकों का है?
सही उत्तर: C) जीन ब्लोण्डेल व डेविड ईस्टन
व्याख्या: 'मूल्यों का अधिकृत वितरण' (Authoritative allocation of values) राजनीति विज्ञान में डेविड ईस्टन की सबसे प्रसिद्ध परिभाषा है, जिसे ब्लोण्डेल ने भी तुलनात्मक राजनीति के उद्देश्य के रूप में स्वीकारा।
व्याख्या: 'मूल्यों का अधिकृत वितरण' (Authoritative allocation of values) राजनीति विज्ञान में डेविड ईस्टन की सबसे प्रसिद्ध परिभाषा है, जिसे ब्लोण्डेल ने भी तुलनात्मक राजनीति के उद्देश्य के रूप में स्वीकारा।
47. तुलनात्मक राजनीति के परम्परागत उपागम (Traditional Approach) के प्रमुख दोषों को उजागर करने वाले विचारक का नाम क्या है?
सही उत्तर: A) मैक्रिडिस (Roy Macridis)
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने पारंपरिक दृष्टिकोण की चार प्रमुख कमियों (वर्णनात्मक होना, संकुचित होना, गतिहीनता, और तुलनात्मक दृष्टि का अभाव) को गिनाया था।
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने पारंपरिक दृष्टिकोण की चार प्रमुख कमियों (वर्णनात्मक होना, संकुचित होना, गतिहीनता, और तुलनात्मक दृष्टि का अभाव) को गिनाया था।
48. किस विचारक ने पहली बार 'शक्तियों के पृथक्करण' (Separation of Powers) का सिद्धांत देकर 'सांविधानिक अभियंत्रण' की नींव रखी, जिसे बाद में अमेरिका के संविधान ने अपनाया?
सही उत्तर: C) माण्टेस्क्यू (Montesquieu)
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' (1748) में स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को अलग-अलग रखने का सिद्धांत दिया था।
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' (1748) में स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को अलग-अलग रखने का सिद्धांत दिया था।
49. बहु-कथन प्रश्न: 'क्षैतिज तुलना' (Horizontal Comparison) की विशेषताओं को चुनें:
1. इसमें एक देश में विविध कालों में प्रचलित सरकारों की तुलना की जाती है (जैसे नेहरू vs इंदिरा गांधी काल)।
2. इसमें विभिन्न राष्ट्रों की समान स्तर की सरकारों की तुलना की जाती है (जैसे भारत की संसद vs ब्रिटेन की संसद)।
3. इसमें समानता के तत्व अधिक पाए जाते हैं, इसलिए यह अधिक वैज्ञानिक है।
4. आधुनिक राजनीति विज्ञान इसे पूरी तरह से अस्वीकार करता है।
सही कूट:
2. इसमें विभिन्न राष्ट्रों की समान स्तर की सरकारों की तुलना की जाती है (जैसे भारत की संसद vs ब्रिटेन की संसद)।
3. इसमें समानता के तत्व अधिक पाए जाते हैं, इसलिए यह अधिक वैज्ञानिक है।
4. आधुनिक राजनीति विज्ञान इसे पूरी तरह से अस्वीकार करता है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। आधुनिक राजनीति विज्ञान इसे स्वीकार करता है, अस्वीकार नहीं। वर्टिकल (लम्बात्मक) तुलना को अस्वीकार किया गया है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। आधुनिक राजनीति विज्ञान इसे स्वीकार करता है, अस्वीकार नहीं। वर्टिकल (लम्बात्मक) तुलना को अस्वीकार किया गया है।
50. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): द्वितीय विश्व युद्ध से पहले (18वीं-19वीं सदी में) तुलनात्मक राजनीति का दायरा अत्यंत संकुचित (Narrow) था।
कारण (R): उस समय अध्ययन का केंद्र केवल 'यूरोपीय राजनीति' (विशेषकर U.S.A और पश्चिमी यूरोप) की संस्थाओं तक ही सीमित था, और 'तीसरी दुनिया' के देशों को अनदेखा किया जाता था।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उस समय अध्ययन का केंद्र केवल 'यूरोपीय राजनीति' (विशेषकर U.S.A और पश्चिमी यूरोप) की संस्थाओं तक ही सीमित था, और 'तीसरी दुनिया' के देशों को अनदेखा किया जाता था।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: परम्परागत दृष्टिकोण का सबसे बड़ा दोष यही था कि वे मानते थे कि केवल पश्चिमी देशों (यूरोप/अमेरिका) के पास ही राजनीतिक संस्थाएं हैं, इसलिए अध्ययन संकुचित था।
व्याख्या: परम्परागत दृष्टिकोण का सबसे बड़ा दोष यही था कि वे मानते थे कि केवल पश्चिमी देशों (यूरोप/अमेरिका) के पास ही राजनीतिक संस्थाएं हैं, इसलिए अध्ययन संकुचित था।
51. 'Human Nature in Politics' (1908) पुस्तक के लेखक कौन हैं, जिन्होंने राजनीति में मनोविज्ञान (Psychology) के महत्व को स्थापित किया?
सही उत्तर: B) ग्राहम वालास (Graham Wallas)
व्याख्या: ग्राहम वालास ने अपनी इस पुस्तक में तर्क दिया कि मनुष्य पूरी तरह तार्किक नहीं होता, उसकी राजनीतिक पसंद-नापसंद मानवीय भावनाओं (मनोविज्ञान) पर निर्भर करती है।
व्याख्या: ग्राहम वालास ने अपनी इस पुस्तक में तर्क दिया कि मनुष्य पूरी तरह तार्किक नहीं होता, उसकी राजनीतिक पसंद-नापसंद मानवीय भावनाओं (मनोविज्ञान) पर निर्भर करती है।
52. तुलनात्मक राजनीति के परम्परागत उपागम (Traditional Approach) के अंतर्गत किस बात पर सबसे अधिक बल दिया जाता था?
सही उत्तर: C) राजनीतिक संस्थाओं और मूल्यों का औपचारिक अध्ययन
व्याख्या: 18वीं-19वीं सदी का परम्परागत अध्ययन केवल संविधान की धाराओं, संसद और न्यायपालिका की बनावट (संस्थाओं) तक सीमित था। मानव व्यवहार (आधुनिक) को इसमें शामिल नहीं किया गया था।
व्याख्या: 18वीं-19वीं सदी का परम्परागत अध्ययन केवल संविधान की धाराओं, संसद और न्यायपालिका की बनावट (संस्थाओं) तक सीमित था। मानव व्यवहार (आधुनिक) को इसमें शामिल नहीं किया गया था।
53. बहु-कथन प्रश्न: अरस्तू (Aristotle) के तुलनात्मक अध्ययन के विषय में सत्य कथन चुनें:
1. उन्होंने 158 देशों के संविधानों का अध्ययन किया।
2. उन्होंने 'आगमन पद्धति' (Inductive Method) का प्रयोग किया।
3. उन्होंने बताया कि शासन प्रणाली 'चक्राकार' (Cyclical) नियम के अनुसार बदलती रहती है।
4. उन्होंने 'लोकतंत्र' (Democracy) को शासन का सबसे उत्कृष्ट (Best) रूप माना।
सही कूट:
2. उन्होंने 'आगमन पद्धति' (Inductive Method) का प्रयोग किया।
3. उन्होंने बताया कि शासन प्रणाली 'चक्राकार' (Cyclical) नियम के अनुसार बदलती रहती है।
4. उन्होंने 'लोकतंत्र' (Democracy) को शासन का सबसे उत्कृष्ट (Best) रूप माना।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। अरस्तू ने 'लोकतंत्र/भीड़तंत्र' को भ्रष्ट रूप माना था, उनके अनुसार 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) शासन का सबसे उत्कृष्ट रूप है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। अरस्तू ने 'लोकतंत्र/भीड़तंत्र' को भ्रष्ट रूप माना था, उनके अनुसार 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) शासन का सबसे उत्कृष्ट रूप है।
54. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डेविड ट्रूमैन (David Truman) की पुस्तक 'Government of Process' है।
कारण (R): 20वीं शताब्दी में तुलनात्मक राजनीति में 'समूह' (Group) के बजाय केवल 'व्यक्ति' (Individual) को अध्ययन का केंद्र बिंदु मान लिया गया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): 20वीं शताब्दी में तुलनात्मक राजनीति में 'समूह' (Group) के बजाय केवल 'व्यक्ति' (Individual) को अध्ययन का केंद्र बिंदु मान लिया गया।
सही उत्तर: E) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
व्याख्या: कारण (R) उल्टा लिखा है। 20वीं सदी (आधुनिक काल) में व्यक्ति के बजाय 'समूह' (Group/दबाव समूह) को अध्ययन का केंद्र बिंदु माना गया।
व्याख्या: कारण (R) उल्टा लिखा है। 20वीं सदी (आधुनिक काल) में व्यक्ति के बजाय 'समूह' (Group/दबाव समूह) को अध्ययन का केंद्र बिंदु माना गया।
55. गैब्रियल आमण्ड और जी.बी. पॉवेल ने 'आधुनिक तुलनात्मक राजनीति' के विषय में "बौद्धिक व्यवस्था की खोज" का जिक्र किया है। इसका क्या अर्थ है?
सही उत्तर: C) राजनीति विज्ञान को स्पष्ट करने के लिए नई वैज्ञानिक शब्दावली गढ़ना।
व्याख्या: 'बौद्धिक व्यवस्था की खोज' का तात्पर्य उन नए कॉन्सेप्ट्स और शब्दों (Vocabularies) के निर्माण से है जो दुनिया भर की राजनीतिक व्यवस्थाओं (विशेषकर तीसरी दुनिया) को समझने के लिए जरूरी थे।
व्याख्या: 'बौद्धिक व्यवस्था की खोज' का तात्पर्य उन नए कॉन्सेप्ट्स और शब्दों (Vocabularies) के निर्माण से है जो दुनिया भर की राजनीतिक व्यवस्थाओं (विशेषकर तीसरी दुनिया) को समझने के लिए जरूरी थे।
56. राजनीति विज्ञान में 'मूल्यों' (Values) के स्थान पर 'तथ्यों' (Facts) को सर्वोपरि मानने वाली क्रांति किस शताब्दी की देन है?
सही उत्तर: C) 20वीं शताब्दी
व्याख्या: 20वीं सदी में 'व्यवहारवादी क्रांति' (Behavioral Revolution) आई, जिसने कहा कि राजनीति विज्ञान को 'क्या होना चाहिए' (मूल्य) के बजाय 'क्या है' (तथ्य) पर ध्यान देना चाहिए।
व्याख्या: 20वीं सदी में 'व्यवहारवादी क्रांति' (Behavioral Revolution) आई, जिसने कहा कि राजनीति विज्ञान को 'क्या होना चाहिए' (मूल्य) के बजाय 'क्या है' (तथ्य) पर ध्यान देना चाहिए।
57. सूची-I (शब्दावली परिवर्तन) को सूची-II (आधुनिक रूप) के साथ सुमेलित करें, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति में आए:
a. राज्य (State)
1. संरचना (Structure)
b. संस्था (Institution)
2. राजनीतिक संस्कृति (Political Culture)
c. कार्य (Function)
3. राजनीतिक व्यवस्था (Political System)
d. लोकमत (Public Opinion)
4. प्रकार्य (Role/Function)
सही उत्तर: A) a-3, b-1, c-4, d-2
व्याख्या: व्यवहारवादी प्रभाव के कारण 'राज्य' व्यवस्था बन गया, 'संस्थाएं' संरचना बन गईं, 'कार्य' को प्रकार्य कहा जाने लगा और 'लोकमत' का व्यापक रूप राजनीतिक संस्कृति बन गया।
व्याख्या: व्यवहारवादी प्रभाव के कारण 'राज्य' व्यवस्था बन गया, 'संस्थाएं' संरचना बन गईं, 'कार्य' को प्रकार्य कहा जाने लगा और 'लोकमत' का व्यापक रूप राजनीतिक संस्कृति बन गया।
58. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): तुलनात्मक राजनीति की समस्याओं में एक मुख्य समस्या 'अमूर्तिकरण के स्तर का वर्गीकरण' (Level of Abstraction) है。
कारण (R): क्योंकि विभिन्न देशों के मॉडल (जैसे अमेरिका का राष्ट्रपति और भारत का राष्ट्रपति) एक समान शब्द (President) का प्रयोग करते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक शक्ति और प्रकृति में जमीन-आसमान का अंतर होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि विभिन्न देशों के मॉडल (जैसे अमेरिका का राष्ट्रपति और भारत का राष्ट्रपति) एक समान शब्द (President) का प्रयोग करते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक शक्ति और प्रकृति में जमीन-आसमान का अंतर होता है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: तुलना करते समय यह बड़ी समस्या है कि समान दिखने वाले शब्द या संस्थाएँ (अमूर्तिकरण) अलग-अलग देशों की संस्कृति और संविधान में बिल्कुल अलग तरीके से व्यवहार करती हैं।
व्याख्या: तुलना करते समय यह बड़ी समस्या है कि समान दिखने वाले शब्द या संस्थाएँ (अमूर्तिकरण) अलग-अलग देशों की संस्कृति और संविधान में बिल्कुल अलग तरीके से व्यवहार करती हैं।
59. तुलनात्मक राजनीति के 'राजनीतिक-समाजशास्त्री उपागम' के अनुसार, राज्य शक्ति का प्रयोग किन हाथों में है, इस प्रश्न का उत्तर किस आधार पर समझा जा सकता है?
सही उत्तर: C) समाज के विभिन्न तत्वों की भागीदारी के आधार पर।
व्याख्या: यह उपागम मानता है कि राजनीति शून्य में नहीं होती, यह समाज का ही एक हिस्सा है। राज्य की नीतियां समाज के ताकतवर वर्गों द्वारा ही निर्धारित होती हैं।
व्याख्या: यह उपागम मानता है कि राजनीति शून्य में नहीं होती, यह समाज का ही एक हिस्सा है। राज्य की नीतियां समाज के ताकतवर वर्गों द्वारा ही निर्धारित होती हैं।
60. बहु-कथन प्रश्न: माण्टेस्क्यू (Montesquieu) के तुलनात्मक अध्ययन के संदर्भ में सत्य कथन की पहचान करें:
1. इन्हें 'बुद्धिवादी युग' (Rationalist era) का विचारक माना जाता है।
2. इन्होंने अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' में 'आगमन पद्धति' का प्रयोग किया।
3. इन्होंने 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) पर सर्वाधिक बल दिया।
4. इन्होंने शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) का सिद्धांत दिया।
सही कूट:
2. इन्होंने अपनी पुस्तक 'The Spirit of Laws' में 'आगमन पद्धति' का प्रयोग किया।
3. इन्होंने 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) पर सर्वाधिक बल दिया।
4. इन्होंने शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) का सिद्धांत दिया।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) मैकियावेली का विचार है, जबकि माण्टेस्क्यू ने 'सांविधानिक अभियंत्रण' (Constitutional Engineering) पर अधिक बल दिया।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। 'सामाजिक अभियंत्रण' (Social Engineering) मैकियावेली का विचार है, जबकि माण्टेस्क्यू ने 'सांविधानिक अभियंत्रण' (Constitutional Engineering) पर अधिक बल दिया।
61. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति के क्षेत्र में अचानक से विस्तार (Expansion) हुआ। इसके पीछे निम्नलिखित में से कौन-सा कारण नहीं है?
सही उत्तर: C) सम्पूर्ण विश्व में राजतंत्र (Monarchy) की पुनर्स्थापना।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजतंत्रों का पतन हुआ और लोकतंत्र, साम्यवाद व राष्ट्र-राज्यों का उदय हुआ, जिसने तुलनात्मक अध्ययन को नई दिशा दी।
व्याख्या: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजतंत्रों का पतन हुआ और लोकतंत्र, साम्यवाद व राष्ट्र-राज्यों का उदय हुआ, जिसने तुलनात्मक अध्ययन को नई दिशा दी।
62. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आधुनिक तुलनात्मक राजनीति में 'लम्बात्मक' (Vertical) तुलना को स्वीकार कर लिया गया है।
कारण (R): लम्बात्मक तुलना में संघ सरकार और राज्य सरकार की शक्तियां समान होती हैं जिससे तुलना करना वैज्ञानिक हो जाता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): लम्बात्मक तुलना में संघ सरकार और राज्य सरकार की शक्तियां समान होती हैं जिससे तुलना करना वैज्ञानिक हो जाता है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों असत्य (False) हैं।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। आधुनिक राजनीति में वर्टिकल तुलना को अस्वीकार किया गया है, क्योंकि संघ और राज्य सरकारों की शक्तियों में भारी असमानता होती है।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। आधुनिक राजनीति में वर्टिकल तुलना को अस्वीकार किया गया है, क्योंकि संघ और राज्य सरकारों की शक्तियों में भारी असमानता होती है।
63. 'राजनीतिक-आर्थिक उपागम' (Political-Economic Approach) के मार्क्सवादी दृष्टिकोण का मूल विचार क्या है?
सही उत्तर: C) मुक्त व्यापार मनुष्य की स्वतंत्रता नहीं बढ़ाता, बल्कि पूंजीपतियों...
व्याख्या: मार्क्सवादी उपागम एडम स्मिथ के 'उदारवादी' उपागम का कड़ा विरोध करता है। मार्क्स के अनुसार पूँजीवाद केवल शोषण को जन्म देता है और इसे खत्म करके ही समानता आ सकती है।
व्याख्या: मार्क्सवादी उपागम एडम स्मिथ के 'उदारवादी' उपागम का कड़ा विरोध करता है। मार्क्स के अनुसार पूँजीवाद केवल शोषण को जन्म देता है और इसे खत्म करके ही समानता आ सकती है।
64. मैकियावेली के अनुसार, इटली में 'निरंकुश राजतंत्र' (Despotic Monarchy) की वकालत क्यों की गई थी?
सही उत्तर: A) क्योंकि वहाँ के लोग चरित्रहीन, भ्रष्ट तथा बेईमान थे।
व्याख्या: मैकियावेली के 'सामाजिक अभियंत्रण' के अनुसार भ्रष्ट समाज को नियंत्रित करने के लिए गणतंत्र काम नहीं करेगा, वहाँ एक शक्तिशाली 'प्रिंस' (निरंकुश शासक) की जरूरत होती है।
व्याख्या: मैकियावेली के 'सामाजिक अभियंत्रण' के अनुसार भ्रष्ट समाज को नियंत्रित करने के लिए गणतंत्र काम नहीं करेगा, वहाँ एक शक्तिशाली 'प्रिंस' (निरंकुश शासक) की जरूरत होती है।
65. बहु-कथन प्रश्न: परम्परागत तुलनात्मक राजनीति (18वीं-19वीं शताब्दी) की विशेषताओं में कौन-सी शामिल हैं?
1. यह मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोपीय देशों तक सीमित थी।
2. इसमें तथ्यों (Facts) पर बल दिया गया।
3. यह मूल्यों (Values) और आदर्शों पर आधारित थी।
4. इसमें संस्थाओं (Institutions) के अध्ययन पर बल दिया गया।
सही कूट:
2. इसमें तथ्यों (Facts) पर बल दिया गया।
3. यह मूल्यों (Values) और आदर्शों पर आधारित थी।
4. इसमें संस्थाओं (Institutions) के अध्ययन पर बल दिया गया।
सही उत्तर: C) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। परम्परागत राजनीति 'तथ्यों' के बजाय 'मूल्यों' (आदर्शों - क्या होना चाहिए) पर बल देती थी। 'तथ्यों' पर बल 20वीं सदी (आधुनिक काल) में दिया गया।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। परम्परागत राजनीति 'तथ्यों' के बजाय 'मूल्यों' (आदर्शों - क्या होना चाहिए) पर बल देती थी। 'तथ्यों' पर बल 20वीं सदी (आधुनिक काल) में दिया गया।
66. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आधुनिक तुलनात्मक राजनीति में 'विकासशील देशों' (Third World) का अध्ययन एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है。
कारण (R): आधुनिक विचारकों का मानना है कि यूरोपीय मॉडल विकासशील देशों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जटिलताओं को समझने के लिए अपर्याप्त है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): आधुनिक विचारकों का मानना है कि यूरोपीय मॉडल विकासशील देशों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जटिलताओं को समझने के लिए अपर्याप्त है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: पश्चिमी देशों के पास लिखित संविधान और पुरानी संस्थाएं थीं। लेकिन अफ्रीका और एशिया में जाति, धर्म और गरीबी राजनीति को तय करते हैं, इसलिए नए उपागमों (जैसे संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक) की आवश्यकता पड़ी।
व्याख्या: पश्चिमी देशों के पास लिखित संविधान और पुरानी संस्थाएं थीं। लेकिन अफ्रीका और एशिया में जाति, धर्म और गरीबी राजनीति को तय करते हैं, इसलिए नए उपागमों (जैसे संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक) की आवश्यकता पड़ी।
67. "सबसे अधिक आधारभूत बात तुलनात्मक राजनीति के बारे में यह है कि आज यह ऐसा विषय क्षेत्र है जिसमें अत्यधिक विवाद है।" यह टिप्पणी किस संदर्भ में की गई थी?
सही उत्तर: A) तुलनात्मक राजनीति के अनिश्चित 'क्षेत्र' और विश्लेषण शैली के लगातार बदलते स्वरूप के संदर्भ में।
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन का यह कथन यह दर्शाता है कि चूंकि समाज और राष्ट्र लगातार बदल रहे हैं (संक्रमण में हैं), इसलिए इसका अध्ययन क्षेत्र भी फिक्स नहीं है और विद्वानों में इसके तरीकों को लेकर विवाद है।
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन का यह कथन यह दर्शाता है कि चूंकि समाज और राष्ट्र लगातार बदल रहे हैं (संक्रमण में हैं), इसलिए इसका अध्ययन क्षेत्र भी फिक्स नहीं है और विद्वानों में इसके तरीकों को लेकर विवाद है।
68. गैब्रियल आमण्ड (Gabriel Almond) ने कौन-सा सिद्धान्त/मॉडल प्रस्तुत किया जो डेविड ईस्टन के मॉडल का ही एक विकसित और समाजशास्त्रीय रूप है?
सही उत्तर: B) संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक मॉडल
व्याख्या: आमण्ड ने टालकॉट पार्सन्स के समाजशास्त्रीय ढांचे का उपयोग करते हुए राजनीति विज्ञान में संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक दृष्टिकोण विकसित किया, जो यह देखता है कि कौन सी संरचना (Structure) क्या कार्य (Function) कर रही है।
व्याख्या: आमण्ड ने टालकॉट पार्सन्स के समाजशास्त्रीय ढांचे का उपयोग करते हुए राजनीति विज्ञान में संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक दृष्टिकोण विकसित किया, जो यह देखता है कि कौन सी संरचना (Structure) क्या कार्य (Function) कर रही है।
69. बहु-कथन प्रश्न: तुलनात्मक राजनीति की समस्याओं (Problems) की पहचान करें:
1. प्रत्ययों (Concepts) की रचना एवं उनकी सर्वमान्य परिभाषा खोजना।
2. विकासशील और विकसित देशों के बीच अमूर्तिकरण के स्तर (Level of Abstraction) को मापना।
3. राजनीतिक व्यवस्था का अध्ययन सिर्फ यूरोपीय देशों तक सीमित रखना।
4. मानको (आदर्शों), संस्थाओं व वास्तविक व्यवहार के बीच के सम्बन्ध (Interrelationship) को समझना।
सही कूट:
2. विकासशील और विकसित देशों के बीच अमूर्तिकरण के स्तर (Level of Abstraction) को मापना।
3. राजनीतिक व्यवस्था का अध्ययन सिर्फ यूरोपीय देशों तक सीमित रखना।
4. मानको (आदर्शों), संस्थाओं व वास्तविक व्यवहार के बीच के सम्बन्ध (Interrelationship) को समझना।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। तुलनात्मक राजनीति अब केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, यह एक वैश्विक अध्ययन बन चुका है। अन्य सभी इसकी प्रमुख व्यावहारिक समस्याएँ हैं।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। तुलनात्मक राजनीति अब केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, यह एक वैश्विक अध्ययन बन चुका है। अन्य सभी इसकी प्रमुख व्यावहारिक समस्याएँ हैं।
70. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): अरस्तू को राजनीति विज्ञान का जनक तो माना जाता है, किन्तु उन्हें तुलनात्मक राजनीति का जनक नहीं माना जाता।
कारण (R): अरस्तू ने 158 देशों के संविधानों का जो अध्ययन किया, वह केवल दार्शनिक और काल्पनिक था, ऐतिहासिक नहीं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): अरस्तू ने 158 देशों के संविधानों का जो अध्ययन किया, वह केवल दार्शनिक और काल्पनिक था, ऐतिहासिक नहीं।
सही उत्तर: D) A और R दोनों असत्य (False) हैं।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। अरस्तू को ही तुलनात्मक राजनीति का जनक माना जाता है। और उनका अध्ययन 'काल्पनिक' नहीं बल्कि 'आगमन और ऐतिहासिक पद्धति' पर आधारित पूर्णतः व्यावहारिक था।
व्याख्या: दोनों कथन गलत हैं। अरस्तू को ही तुलनात्मक राजनीति का जनक माना जाता है। और उनका अध्ययन 'काल्पनिक' नहीं बल्कि 'आगमन और ऐतिहासिक पद्धति' पर आधारित पूर्णतः व्यावहारिक था।
71. माण्टेस्क्यू (Montesquieu) के वर्गीकरण के अनुसार, वह कौन-सी शासन प्रणाली है जहाँ शासक अपनी इच्छा और मनमर्जी से शासन चलाता है, और कोई निश्चित कानून नहीं होता?
सही उत्तर: C) स्वेच्छातंत्र / अधिनायक (Despotism)
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने कहा था कि राजतंत्र में राजा होता है लेकिन वह 'कानून' से बंधा होता है। जबकि स्वेच्छातंत्र (Despotism) में शासक बिना किसी नियम-कानून के मनमानी करता है (तानाशाही)।
व्याख्या: माण्टेस्क्यू ने कहा था कि राजतंत्र में राजा होता है लेकिन वह 'कानून' से बंधा होता है। जबकि स्वेच्छातंत्र (Despotism) में शासक बिना किसी नियम-कानून के मनमानी करता है (तानाशाही)।
72. राजनीति विज्ञान में 'व्यवहारवाद' (Behavioralism) का जनक किसे माना जाता है, जिन्होंने 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल भी प्रस्तुत किया?
सही उत्तर: C) डेविड ईस्टन (David Easton)
व्याख्या: डेविड ईस्टन को व्यवहारवादी क्रांति के प्रणेता के रूप में जाना जाता है, और उन्होंने ही राजनीति को समझने के लिए 'व्यवस्था सिद्धान्त' (Systems Theory) विकसित किया।
व्याख्या: डेविड ईस्टन को व्यवहारवादी क्रांति के प्रणेता के रूप में जाना जाता है, और उन्होंने ही राजनीति को समझने के लिए 'व्यवस्था सिद्धान्त' (Systems Theory) विकसित किया।
73. बहु-कथन प्रश्न: 'क्षैतिज तुलना' (Horizontal Comparison) के उदाहरण कौन-से हैं?
1. भारत की केंद्र सरकार की तुलना भारत की राज्य सरकार से करना।
2. भारत के संसदीय स्वरूप की तुलना ब्रिटेन के संसदीय स्वरूप से करना।
3. पंडित नेहरू की विदेश नीति की तुलना इंदिरा गांधी की विदेश नीति से करना।
4. उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायत की तुलना भारत के सर्वोच्च न्यायालय से करना।
सही कूट:
2. भारत के संसदीय स्वरूप की तुलना ब्रिटेन के संसदीय स्वरूप से करना।
3. पंडित नेहरू की विदेश नीति की तुलना इंदिरा गांधी की विदेश नीति से करना।
4. उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायत की तुलना भारत के सर्वोच्च न्यायालय से करना।
सही उत्तर: B) केवल 2 और 3
व्याख्या: क्षैतिज तुलना समान स्तर की संस्थाओं या कालों के बीच होती है (जैसे देश A vs देश B, या काल X vs काल Y)। 1 और 4 'उर्ध्वाधर' (Vertical) तुलना के उदाहरण हैं, जिन्हें वैज्ञानिक नहीं माना जाता।
व्याख्या: क्षैतिज तुलना समान स्तर की संस्थाओं या कालों के बीच होती है (जैसे देश A vs देश B, या काल X vs काल Y)। 1 और 4 'उर्ध्वाधर' (Vertical) तुलना के उदाहरण हैं, जिन्हें वैज्ञानिक नहीं माना जाता।
74. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आधुनिक तुलनात्मक राजनीति 'अन्तः अनुशासनात्मक' (Interdisciplinary) अध्ययन पर जोर देती है。
कारण (R): इसका मानना है कि किसी राजनीतिक घटना को समझने के लिए समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे अन्य विषयों का ज्ञान आवश्यक है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इसका मानना है कि किसी राजनीतिक घटना को समझने के लिए समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे अन्य विषयों का ज्ञान आवश्यक है।
सही उत्तर: E) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 20वीं सदी के विचारकों ने महसूस किया कि राजनीति एक अलग-थलग विषय नहीं है। वोटिंग को समझने के लिए 'मनोविज्ञान' और चुनाव जीतने को समझने के लिए 'समाजशास्त्र' का सहारा लेना ही अन्तः अनुशासनात्मक दृष्टिकोण है।
व्याख्या: 20वीं सदी के विचारकों ने महसूस किया कि राजनीति एक अलग-थलग विषय नहीं है। वोटिंग को समझने के लिए 'मनोविज्ञान' और चुनाव जीतने को समझने के लिए 'समाजशास्त्र' का सहारा लेना ही अन्तः अनुशासनात्मक दृष्टिकोण है।
75. अरस्तू के अनुसार शासन प्रणालियों का 'उत्कृष्ट रूप' (Pure Form) वह होता है जब:
सही उत्तर: B) शासक वर्ग शासन की शक्तियों का प्रयोग 'जनहित' में करता है।
व्याख्या: अरस्तू का स्पष्ट मानना था कि शासकों की संख्या चाहे 1 हो, कुछ हो या अनेक हो, यदि वे 'जनता की भलाई' के लिए काम कर रहे हैं, तो वह शासन का उत्कृष्ट (Pure) रूप है। यदि स्वार्थ के लिए, तो वह निकृष्ट (Corrupt) रूप है।
व्याख्या: अरस्तू का स्पष्ट मानना था कि शासकों की संख्या चाहे 1 हो, कुछ हो या अनेक हो, यदि वे 'जनता की भलाई' के लिए काम कर रहे हैं, तो वह शासन का उत्कृष्ट (Pure) रूप है। यदि स्वार्थ के लिए, तो वह निकृष्ट (Corrupt) रूप है।
76. तुलनात्मक राजनीति के 'राजनीतिक-आर्थिक उपागम' के अंतर्गत 'केन्द्र-परिधि मॉडल' (Center-Periphery Model) का संबंध किस विचारधारा से है?
सही उत्तर: B) मार्क्सवादी/नव-मार्क्सवादी विचारधारा (पराश्रितता सिद्धांत)
व्याख्या: आंद्रे गुंडर फ्रैंक और इमानुएल वालरस्टीन जैसे नव-मार्क्सवादी विचारकों ने यह मॉडल दिया। यह बताता है कि कैसे 'केन्द्र' (विकसित पूँजीवादी देश) 'परिधि' (विकासशील देशों) का आर्थिक शोषण करते हैं।
व्याख्या: आंद्रे गुंडर फ्रैंक और इमानुएल वालरस्टीन जैसे नव-मार्क्सवादी विचारकों ने यह मॉडल दिया। यह बताता है कि कैसे 'केन्द्र' (विकसित पूँजीवादी देश) 'परिधि' (विकासशील देशों) का आर्थिक शोषण करते हैं।
77. बहु-कथन प्रश्न: राॅबर्ट्सन (Robertson) के विचारों के सम्बन्ध में सत्य कथन है:
1. उन्होंने 'तुलनात्मक राजनीति' और 'तुलनात्मक सरकार' को दो पूरी तरह से अलग विषय माना।
2. उन्होंने स्वीकार किया कि तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक सरकार में कोई अन्तर नहीं है।
3. उन्होंने आधुनिक तुलनात्मक राजनीति को 'तुलनात्मक शासन की राजनीति' कहना उचित माना।
सही कूट:
2. उन्होंने स्वीकार किया कि तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक सरकार में कोई अन्तर नहीं है।
3. उन्होंने आधुनिक तुलनात्मक राजनीति को 'तुलनात्मक शासन की राजनीति' कहना उचित माना।
सही उत्तर: C) केवल 2 और 3
व्याख्या: पुराने समय में इन दोनों को अलग माना जाता था। लेकिन राबर्ट्सन ने स्पष्ट किया कि 'सरकार' (ढांचा) और 'राजनीति' (प्रक्रिया) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इनमें कोई अंतर नहीं है।
व्याख्या: पुराने समय में इन दोनों को अलग माना जाता था। लेकिन राबर्ट्सन ने स्पष्ट किया कि 'सरकार' (ढांचा) और 'राजनीति' (प्रक्रिया) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इनमें कोई अंतर नहीं है।
78. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आर्थर बेन्टले ने 1908 में राजनीति विज्ञान को एक नया आयाम दिया।
कारण (R): उन्होंने अपनी पुस्तक 'The Process of Government' में यह सिद्ध किया कि राजनीति केवल औपचारिक संस्थाओं (संसद) से नहीं, बल्कि समाज में मौजूद 'दबाव समूहों' (Interest Groups) की गतिविधियों से चलती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उन्होंने अपनी पुस्तक 'The Process of Government' में यह सिद्ध किया कि राजनीति केवल औपचारिक संस्थाओं (संसद) से नहीं, बल्कि समाज में मौजूद 'दबाव समूहों' (Interest Groups) की गतिविधियों से चलती है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बेन्टले का 'समूह सिद्धांत' परम्परागत राजनीति विज्ञान पर एक करारा प्रहार था। इसने राजनीति की परिभाषा को 'संस्था' से 'प्रक्रिया' (Process) में बदल दिया।
व्याख्या: बेन्टले का 'समूह सिद्धांत' परम्परागत राजनीति विज्ञान पर एक करारा प्रहार था। इसने राजनीति की परिभाषा को 'संस्था' से 'प्रक्रिया' (Process) में बदल दिया।
79. 'शक्तियों का पृथक्करण' (Separation of Powers) सिद्धांत, जिसे माण्टेस्क्यू ने दिया था, मुख्य रूप से किस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए था?
सही उत्तर: C) नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा करने और निरंकुशता को रोकने के लिए।
व्याख्या: माण्टेस्क्यू का तर्क था कि यदि कानून बनाने, लागू करने और न्याय करने की शक्ति एक ही व्यक्ति (या संस्था) के पास आ गई, तो वह तानाशाह बन जाएगा, जिससे नागरिक स्वतंत्रता नष्ट हो जाएगी।
व्याख्या: माण्टेस्क्यू का तर्क था कि यदि कानून बनाने, लागू करने और न्याय करने की शक्ति एक ही व्यक्ति (या संस्था) के पास आ गई, तो वह तानाशाह बन जाएगा, जिससे नागरिक स्वतंत्रता नष्ट हो जाएगी।
80. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजनीति की भाषा में 'लोकमत' (Public Opinion) शब्द को किस नए और व्यापक शब्द से प्रतिस्थापित (Replace) कर दिया गया?
सही उत्तर: B) राजनीतिक संस्कृति (Political Culture)
व्याख्या: 'लोकमत' एक संकुचित शब्द था जो केवल चुनाव तक सीमित था। 'राजनीतिक संस्कृति' (Political Culture) में लोगों के विश्वास, मूल्य और राजनीति के प्रति उनकी भावनाएं (व्यापक रूप से) शामिल होती हैं।
व्याख्या: 'लोकमत' एक संकुचित शब्द था जो केवल चुनाव तक सीमित था। 'राजनीतिक संस्कृति' (Political Culture) में लोगों के विश्वास, मूल्य और राजनीति के प्रति उनकी भावनाएं (व्यापक रूप से) शामिल होती हैं।
81. बहु-कथन प्रश्न: 'आधुनिक उपागम' के प्रमुख विचारकों की सूची में कौन-से नाम शामिल हैं?
1. डेविड ईस्टन
2. गैब्रियल आमण्ड
3. लासवेल और मैक्रिडिस
4. एडवर्ड फ्रीमैन
सही कूट:
2. गैब्रियल आमण्ड
3. लासवेल और मैक्रिडिस
4. एडवर्ड फ्रीमैन
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: एडवर्ड फ्रीमैन 'परम्परागत उपागम' (Traditional/Institutional Approach) के विचारक थे, जिन्होंने राजनीति को केवल संस्थाओं का अध्ययन माना था। अन्य सभी आधुनिक (व्यवहारवादी) विचारक हैं।
व्याख्या: एडवर्ड फ्रीमैन 'परम्परागत उपागम' (Traditional/Institutional Approach) के विचारक थे, जिन्होंने राजनीति को केवल संस्थाओं का अध्ययन माना था। अन्य सभी आधुनिक (व्यवहारवादी) विचारक हैं।
82. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन में 'तथ्य एकत्रीकरण' (Data Collection) एक बड़ी समस्या है。
कारण (R): सभी देशों (विशेषकर विकासशील और तानाशाह देशों) से विश्वसनीय, निष्पक्ष और सटीक राजनीतिक आंकड़े (Data) आसानी से उपलब्ध नहीं होते।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): सभी देशों (विशेषकर विकासशील और तानाशाह देशों) से विश्वसनीय, निष्पक्ष और सटीक राजनीतिक आंकड़े (Data) आसानी से उपलब्ध नहीं होते।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: तुलनात्मक अध्ययन तभी हो सकता है जब सही आंकड़े (तथ्य) मिलें। लेकिन उत्तर कोरिया या चीन जैसे बंद समाजों से सही आंकड़े पाना राजनीति विज्ञानियों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है।
व्याख्या: तुलनात्मक अध्ययन तभी हो सकता है जब सही आंकड़े (तथ्य) मिलें। लेकिन उत्तर कोरिया या चीन जैसे बंद समाजों से सही आंकड़े पाना राजनीति विज्ञानियों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है।
83. "तुलनात्मक सरकार समकालीन विश्व में राष्ट्रीय सरकारों का प्रतिमानों (Patterns) का अध्ययन है।" यह परिभाषा किस विद्वान ने प्रस्तुत की?
सही उत्तर: C) जीन ब्लोण्डेल (Jean Blondel)
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने 'समकालीन विश्व' (Contemporary World) और 'प्रतिमानों' (Patterns) शब्दों का प्रयोग कर तुलनात्मक सरकार को परिभाषित किया था।
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने 'समकालीन विश्व' (Contemporary World) और 'प्रतिमानों' (Patterns) शब्दों का प्रयोग कर तुलनात्मक सरकार को परिभाषित किया था।
84. डेविड ईस्टन के 'आगत-निर्गत व्यवस्था सिद्धान्त' (Input-Output Model) में, राजनीतिक व्यवस्था द्वारा लिया गया 'निर्णय' (Decision) या 'नीति' (Policy) क्या कहलाती है?
सही उत्तर: C) निर्गत (Output)
व्याख्या: जनता 'माँग' (Input) करती है, सरकार (System) उस पर विचार करती है, और जो 'कानून या नीति' बनकर बाहर आती है, उसे 'निर्गत' (Output) कहा जाता है।
व्याख्या: जनता 'माँग' (Input) करती है, सरकार (System) उस पर विचार करती है, और जो 'कानून या नीति' बनकर बाहर आती है, उसे 'निर्गत' (Output) कहा जाता है।
85. बहु-कथन प्रश्न: अरस्तू के शासन प्रणाली वर्गीकरण के सम्बन्ध में असत्य (False) कथन कौन-सा है?
1. एक व्यक्ति का उत्कृष्ट शासन: राजतंत्र (Monarchy)
2. कुछ व्यक्तियों का उत्कृष्ट शासन: कुलीन तंत्र (Aristocracy)
3. बहुत से व्यक्तियों का उत्कृष्ट शासन: भीड़तंत्र (Mobocracy)
4. एक व्यक्ति का भ्रष्ट शासन: निरंकुश तंत्र (Tyranny)
सही कूट:
2. कुछ व्यक्तियों का उत्कृष्ट शासन: कुलीन तंत्र (Aristocracy)
3. बहुत से व्यक्तियों का उत्कृष्ट शासन: भीड़तंत्र (Mobocracy)
4. एक व्यक्ति का भ्रष्ट शासन: निरंकुश तंत्र (Tyranny)
सही उत्तर: B) केवल 3
व्याख्या: कथन 3 असत्य है, क्योंकि अरस्तू के अनुसार बहुत से व्यक्तियों का 'उत्कृष्ट' (Pure) शासन 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) है, जबकि 'भीड़तंत्र' (Mobocracy/Democracy) उसका भ्रष्ट (Corrupt) रूप है।
व्याख्या: कथन 3 असत्य है, क्योंकि अरस्तू के अनुसार बहुत से व्यक्तियों का 'उत्कृष्ट' (Pure) शासन 'Polity' (मध्यवर्ग तंत्र) है, जबकि 'भीड़तंत्र' (Mobocracy/Democracy) उसका भ्रष्ट (Corrupt) रूप है।
86. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): मैक्रिडिस (Macridis) ने परम्परागत उपागम को 'विश्लेषणात्मक' (Analytical) माना है。
कारण (R): परम्परागत उपागम केवल संविधान की धाराओं और संस्थाओं का वर्णन (Description) करता था, उनके कार्य-व्यवहार का गहराई से विश्लेषण नहीं करता था।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): परम्परागत उपागम केवल संविधान की धाराओं और संस्थाओं का वर्णन (Description) करता था, उनके कार्य-व्यवहार का गहराई से विश्लेषण नहीं करता था।
सही उत्तर: A) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
व्याख्या: मैक्रिडिस की सबसे बड़ी आलोचना यही थी कि परम्परागत उपागम 'विश्लेषणात्मक' नहीं है, बल्कि केवल 'वर्णनात्मक' (Descriptive) है। (कथन A गलत है)।
व्याख्या: मैक्रिडिस की सबसे बड़ी आलोचना यही थी कि परम्परागत उपागम 'विश्लेषणात्मक' नहीं है, बल्कि केवल 'वर्णनात्मक' (Descriptive) है। (कथन A गलत है)।
87. 'Government of Process' नामक प्रसिद्ध पुस्तक किसने लिखी है, जो 20वीं शताब्दी में तुलनात्मक राजनीति के समूह सिद्धान्त का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी?
सही उत्तर: B) डेविड ट्रूमैन (David Truman)
व्याख्या: आर्थर बेन्टले ने 'The Process of Government' (1908) लिखी, जबकि डेविड ट्रूमैन ने 'The Governmental Process' (अक्सर Government of Process कहा जाता है) 1951 में लिखी थी।
व्याख्या: आर्थर बेन्टले ने 'The Process of Government' (1908) लिखी, जबकि डेविड ट्रूमैन ने 'The Governmental Process' (अक्सर Government of Process कहा जाता है) 1951 में लिखी थी।
88. किस युग को तुलनात्मक राजनीति के विकास के 'प्रथम चरण' में 'पुनर्जागरण काल का युग' (Renaissance Era) कहा जाता है?
सही उत्तर: C) मैकियावेली युग
व्याख्या: मध्यकाल के अंधकार के बाद पुनर्जागरण (Renaissance) आया, जिसमें मैकियावेली ने धर्म के स्थान पर 'मानव' को केंद्र में रखकर राजनीति का यथार्थवादी और तुलनात्मक अध्ययन किया।
व्याख्या: मध्यकाल के अंधकार के बाद पुनर्जागरण (Renaissance) आया, जिसमें मैकियावेली ने धर्म के स्थान पर 'मानव' को केंद्र में रखकर राजनीति का यथार्थवादी और तुलनात्मक अध्ययन किया।
89. बहु-कथन प्रश्न: 'राजनीतिक-समाजशास्त्री उपागम' (Political-Sociological Approach) की विशेषताओं में कौन-सी बातें शामिल हैं?
1. राज्य की रचना में समाज के विभिन्न तत्वों की भूमिका होती है।
2. राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव को 'सामाजिक दृष्टि' से समझा जाना चाहिए।
3. राज्य के नीतियों व निर्णयों में सामाजिक पहलू स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
4. यह उपागम राजनीति को समाजशास्त्र से पूरी तरह अलग मानता है।
सही कूट:
2. राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव को 'सामाजिक दृष्टि' से समझा जाना चाहिए।
3. राज्य के नीतियों व निर्णयों में सामाजिक पहलू स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
4. यह उपागम राजनीति को समाजशास्त्र से पूरी तरह अलग मानता है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। यह उपागम राजनीति और समाजशास्त्र को 'अलग' नहीं, बल्कि 'एक-दूसरे पर गहराई से निर्भर' (अन्तः अनुशासनात्मक) मानता है।
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। यह उपागम राजनीति और समाजशास्त्र को 'अलग' नहीं, बल्कि 'एक-दूसरे पर गहराई से निर्भर' (अन्तः अनुशासनात्मक) मानता है।
90. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति में 'बौद्धिक व्यवस्था की खोज' (Search for Intellectual Order) की गई।
कारण (R): पुराने शब्द (जैसे 'राज्य', 'संस्था') तीसरी दुनिया की नई राजनीतिक व्यवस्थाओं और मानव व्यवहार को समझाने के लिए अपर्याप्त हो गए थे, इसलिए नए शब्द (जैसे व्यवस्था, प्रकार्य) गढ़े गए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): पुराने शब्द (जैसे 'राज्य', 'संस्था') तीसरी दुनिया की नई राजनीतिक व्यवस्थाओं और मानव व्यवहार को समझाने के लिए अपर्याप्त हो गए थे, इसलिए नए शब्द (जैसे व्यवस्था, प्रकार्य) गढ़े गए।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: आमण्ड और पॉवेल ने स्पष्ट किया कि जब विषय का क्षेत्र (Scope) बदला, तो पुराने शब्द फिट नहीं बैठे। इसी नई शब्दावली को विकसित करने की प्रक्रिया को 'बौद्धिक व्यवस्था की खोज' कहा गया।
व्याख्या: आमण्ड और पॉवेल ने स्पष्ट किया कि जब विषय का क्षेत्र (Scope) बदला, तो पुराने शब्द फिट नहीं बैठे। इसी नई शब्दावली को विकसित करने की प्रक्रिया को 'बौद्धिक व्यवस्था की खोज' कहा गया।
91. निम्नलिखित में से किसे 'तुलनात्मक राजनीति विज्ञान का जनक' (Father of Comparative Political Science) माना जाता है?
सही उत्तर: B) अरस्तू
व्याख्या: अरस्तू को केवल राजनीति विज्ञान का ही नहीं, बल्कि 158 संविधानों के अध्ययन के कारण 'तुलनात्मक राजनीति' का भी जनक माना जाता है।
व्याख्या: अरस्तू को केवल राजनीति विज्ञान का ही नहीं, बल्कि 158 संविधानों के अध्ययन के कारण 'तुलनात्मक राजनीति' का भी जनक माना जाता है।
92. 'कानूनी उपागम' (Legal Approach) और 'संस्थात्मक उपागम' (Institutional Approach) किस शताब्दी के तुलनात्मक राजनीति की विशेषता रहे हैं?
सही उत्तर: B) 18वीं - 19वीं शताब्दी (परम्परागत उपागम)
व्याख्या: व्यवहारवादी क्रांति (20वीं सदी) से पहले, राजनीति का अध्ययन केवल कानूनों, संविधानों और संसद जैसी संस्थाओं की औपचारिक बनावट (परम्परागत) तक ही सीमित था।
व्याख्या: व्यवहारवादी क्रांति (20वीं सदी) से पहले, राजनीति का अध्ययन केवल कानूनों, संविधानों और संसद जैसी संस्थाओं की औपचारिक बनावट (परम्परागत) तक ही सीमित था।
93. बहु-कथन प्रश्न: जी. के. राबर्ट्स (G.K. Roberts) के तुलनात्मक राजनीति पर विचारों से संबंधित सत्य कथन है:
1. तुलनात्मक राजनीति सब कुछ है या कुछ भी नहीं है।
2. तुलनात्मक राजनीति व्यापक क्षेत्र का संकेतक है।
3. तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक सरकार में कोई अन्तर नहीं है।
सही कूट:
2. तुलनात्मक राजनीति व्यापक क्षेत्र का संकेतक है।
3. तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक सरकार में कोई अन्तर नहीं है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3
व्याख्या: राबर्ट्स ने तुलनात्मक राजनीति के विशाल और असीम क्षेत्र को देखते हुए ये सभी महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ की थीं, जिनमें सरकार और राजनीति को एक माना गया है।
व्याख्या: राबर्ट्स ने तुलनात्मक राजनीति के विशाल और असीम क्षेत्र को देखते हुए ये सभी महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ की थीं, जिनमें सरकार और राजनीति को एक माना गया है।
94. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): अरस्तू के अनुसार 'शासन प्रणाली का चक्राकार नियम' (Cyclical Theory) लागू होता है。
कारण (R): अरस्तू का मानना था कि कोई भी शासन प्रणाली स्थायी नहीं होती; राजतंत्र भ्रष्ट होकर निरंकुश तंत्र बनता है, फिर क्रांति से कुलीन तंत्र आता है, जो वर्ग तंत्र में बदलता है, और इसी तरह यह चक्र चलता रहता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): अरस्तू का मानना था कि कोई भी शासन प्रणाली स्थायी नहीं होती; राजतंत्र भ्रष्ट होकर निरंकुश तंत्र बनता है, फिर क्रांति से कुलीन तंत्र आता है, जो वर्ग तंत्र में बदलता है, और इसी तरह यह चक्र चलता रहता है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: अरस्तू ने 158 संविधानों को पढ़कर यह निष्कर्ष निकाला था कि शासन व्यवस्थाएं एक पहिये (चक्र) की तरह घूमती हैं, उत्कृष्ट से भ्रष्ट की ओर, और फिर क्रांति के द्वारा नई व्यवस्था की ओर।
व्याख्या: अरस्तू ने 158 संविधानों को पढ़कर यह निष्कर्ष निकाला था कि शासन व्यवस्थाएं एक पहिये (चक्र) की तरह घूमती हैं, उत्कृष्ट से भ्रष्ट की ओर, और फिर क्रांति के द्वारा नई व्यवस्था की ओर।
95. तुलनात्मक राजनीति की प्रकृति (Nature) के संदर्भ में किस विद्वान का कथन है कि, "सबसे अधिक आधारभूत बात यह है कि यह ऐसा विषय है जिसमें अत्यधिक विवाद है क्योंकि राष्ट्र संक्रमण की स्थिति में हैं"?
सही उत्तर: C) हैरी एक्सस्टीन (Harry Eckstein)
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन ने तुलनात्मक राजनीति की प्रकृति को 'अत्यधिक विवादित' और 'संक्रमण काल' (बदलाव के दौर) से गुजरता हुआ विषय माना था।
व्याख्या: हैरी एक्सस्टीन ने तुलनात्मक राजनीति की प्रकृति को 'अत्यधिक विवादित' और 'संक्रमण काल' (बदलाव के दौर) से गुजरता हुआ विषय माना था।
96. माण्टेस्क्यू (Montesquieu) को तुलनात्मक राजनीति के विकास में किस युग का प्रतिनिधित्व करने वाला माना जाता है?
सही उत्तर: B) बुद्धिवादी युग (Rationalist era)
व्याख्या: मैकियावेली को 'पुनर्जागरण युग' और माण्टेस्क्यू को उनके तर्क और संविधान निर्माण (शक्तियों का पृथक्करण) के कारण 'बुद्धिवादी युग' (Rationalist/Enlightenment era) का विचारक माना जाता है।
व्याख्या: मैकियावेली को 'पुनर्जागरण युग' और माण्टेस्क्यू को उनके तर्क और संविधान निर्माण (शक्तियों का पृथक्करण) के कारण 'बुद्धिवादी युग' (Rationalist/Enlightenment era) का विचारक माना जाता है।
97. बहु-कथन प्रश्न: 'लम्बात्मक या उर्ध्वाधर अध्ययन' (Vertical Comparison) के विषय में सत्य कथन है:
1. यह एक ही देश में स्थित विभिन्न स्तरों (संघ, राज्य, स्थानीय) पर स्थापित सरकारों का अध्ययन है।
2. आधुनिक तुलनात्मक राजनीति में इस प्रकृति को पूर्ण रूप से स्वीकार किया गया है।
3. इसमें समानता कम और असमानता ज्यादा होती है।
सही कूट:
2. आधुनिक तुलनात्मक राजनीति में इस प्रकृति को पूर्ण रूप से स्वीकार किया गया है।
3. इसमें समानता कम और असमानता ज्यादा होती है।
सही उत्तर: C) केवल 1 और 3
व्याख्या: कथन 2 गलत है। आधुनिक राजनीति में वर्टिकल तुलना को अस्वीकार किया गया है (क्षैतिज तुलना को स्वीकार किया गया है) क्योंकि तुलना के लिए समान स्तर का होना आवश्यक है।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। आधुनिक राजनीति में वर्टिकल तुलना को अस्वीकार किया गया है (क्षैतिज तुलना को स्वीकार किया गया है) क्योंकि तुलना के लिए समान स्तर का होना आवश्यक है।
98. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): आधुनिक तुलनात्मक राजनीति केवल यूरोपीय देशों के अध्ययन तक सीमित नहीं है。
कारण (R): 20वीं शताब्दी में एशिया, अफ्रीका व लैटिन अमेरिका (तीसरी दुनिया) के नव-स्वतंत्र राष्ट्रों की राजनीतिक व्यवस्थाओं ने अध्ययन के नए द्वार खोल दिए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): 20वीं शताब्दी में एशिया, अफ्रीका व लैटिन अमेरिका (तीसरी दुनिया) के नव-स्वतंत्र राष्ट्रों की राजनीतिक व्यवस्थाओं ने अध्ययन के नए द्वार खोल दिए।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: परम्परागत दृष्टिकोण यूरो-केंद्रित था। आधुनिक दृष्टिकोण (विश्व युद्ध के बाद) ग्लोबल हो गया है क्योंकि तीसरी दुनिया के देशों के अध्ययन से ही राजनीति का वास्तविक स्वरूप सामने आया।
व्याख्या: परम्परागत दृष्टिकोण यूरो-केंद्रित था। आधुनिक दृष्टिकोण (विश्व युद्ध के बाद) ग्लोबल हो गया है क्योंकि तीसरी दुनिया के देशों के अध्ययन से ही राजनीति का वास्तविक स्वरूप सामने आया।
99. 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक मॉडल' (Structural-Functional Model) का विकास राजनीति विज्ञान में मुख्य रूप से किस विद्वान ने किया?
सही उत्तर: C) गैब्रियल आमण्ड (Gabriel Almond)
व्याख्या: यद्यपि इस मॉडल का मूल विचार समाजशास्त्री 'टालकॉट पार्सन्स' का था, परन्तु राजनीति विज्ञान (तुलनात्मक राजनीति) में इसे गैब्रियल आमण्ड ने ही विकसित और लागू किया था।
व्याख्या: यद्यपि इस मॉडल का मूल विचार समाजशास्त्री 'टालकॉट पार्सन्स' का था, परन्तु राजनीति विज्ञान (तुलनात्मक राजनीति) में इसे गैब्रियल आमण्ड ने ही विकसित और लागू किया था।
100. तुलनात्मक राजनीति (Comparative Politics) का अर्थ स्पष्ट करते हुए किस विद्वान ने कहा कि "राजनीतिक मूल्यों, विश्वासों और संस्थाओं में समान तत्वों की छानबीन करने वाली पद्धति को तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण कहा जाना चाहिए"?
सही उत्तर: B) मैक्रिडिस (Roy Macridis)
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने तुलनात्मक राजनीति को 'समान तत्वों' (Similarities/Regularities) और 'विविधताओं' (Diversities) की छानबीन करने वाला एक विश्लेषणात्मक विज्ञान बताया था।
व्याख्या: रॉय मैक्रिडिस ने तुलनात्मक राजनीति को 'समान तत्वों' (Similarities/Regularities) और 'विविधताओं' (Diversities) की छानबीन करने वाला एक विश्लेषणात्मक विज्ञान बताया था।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):100
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
★ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. तुलनात्मक राजनीति के उदय में आधुनिक काल में किसने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया?
उत्तर: आधुनिक काल में आर्थर बेन्टले (The Process of Government) व ग्राहम वालास (Human Nature in Politics) ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Q2. 'तुलनात्मक राजनीति सब कुछ है या कुछ भी नहीं' यह कथन किसका है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध कथन जी. के. रॉबर्ट्स का है।
Q3. तुलनात्मक राजनीति के आधुनिक उपागम के अन्तर्गत क्या-क्या आता है?
उत्तर: आधुनिक उपागम के अन्तर्गत मुख्य रूप से वैज्ञानिक उपागम, व्यवस्थावादी उपागम (डेविड ईस्टन) और प्रकार्यात्मक उपागम आता है।
Q4. तुलनात्मक राजनीति का मुख्य लक्ष्य (उद्देश्य) क्या है?
उत्तर: तुलनात्मक राजनीति के मुख्य लक्ष्य हैं - दार्शनिक लक्ष्य और वैज्ञानिक लक्ष्य।
Q5. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तुलनात्मक राजनीति के विस्तृत क्षेत्र के क्या कारण हैं?
उत्तर: इसके विस्तृत होने के प्रमुख कारण हैं: राष्ट्र-राज्यों का उदय (एशिया, अफ्रीका में), शक्ति का फैलाव और साम्यवाद का उदय।
Q6. तुलनात्मक राजनीति के परम्परागत उपागम के अन्तर्गत क्या-क्या आता है?
उत्तर: परम्परागत उपागम के अन्तर्गत ऐतिहासिक, दार्शनिक, कानूनी व संस्थागत उपागम आते हैं।
Q7. तुलनात्मक राजनीति के अध्ययन का कौन सा तरीका सर्वश्रेष्ठ माना जाता है?
उत्तर: वर्तमान समय में क्षैतिज तुलना (Horizontal Comparison) को अध्ययन का सर्वश्रेष्ठ तरीका माना जाता है क्योंकि इसमें समानताएं अधिक होती हैं।
