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📢 "Polity Study Adda पर आपका स्वागत है!📜राजव्यवस्था रटना छोड़ दो, अब समझने की बारी है! 📜 यहाँ आपको TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET/JRF और UPSC, State PCS, SSC व अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Political Science के प्रमाणित नोट्स और महत्वपूर्ण MCQs मिलेंगे। 📜"
INDIAN POLITY MCQs
POLITICAL THINKER MCQs
POLITICAL THEORY MCQs
COMPARATIVE POLITICS MCQs
PUBLIC ADMINISTRATION MCQs
INTERNATIONAL RELATION MCQs
INDIAN POLITY NOTES
POLITICAL THINKER NOTES
POLITICAL THEORY NOTES
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INTERNATIONAL RELATION NOTES

Polity Study Adda वेबसाइट क्या है?

Polity Study Adda पर TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET, UPSC, SSC सहित सभी One-Day प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राजनीति विज्ञान और भारतीय राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण MCQs और नोट्स पढ़ें। 'राजव्यवस्था रटने का नहीं, समझने का विषय है' — इसी मूल विचार के साथ, यह सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन मंच है।

यहाँ हम संपूर्ण राजनीति विज्ञान से संबंधित उच्च-स्तरीय MCQs, विस्तृत नोट्स और तथ्यपूर्ण आर्टिकल्स नियमित रूप से अपलोड करते हैं। संविधान के अनुच्छेदों, शासन व्यवस्था और जटिल राजनीतिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाना ही हमारा लक्ष्य है।

यह एक निजी एजुकेशनल (शैक्षिक) पोर्टल है जिसे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) विषय के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहराना चाहते हैं।

Polity Study Adda की मुख्य विशेषताएँ

  • विषयवार विस्तृत आर्टिकल्स: भारतीय राजव्यवस्था, राजनीतिक चिंतक, सिद्धांत, लोक प्रशासन और IR की संपूर्ण सामग्री।
  • उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): हर टॉपिक पर आधारित अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) और Mock Tests।
  • परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट नोट्स: त्वरित रिवीजन (Quick Revision) के लिए टू-द-पॉइंट (To-the-point) आर्टिकल्स।
  • सरल और स्पष्ट भाषा: कठिन से कठिन विषय को भी आसान शब्दों में समझाने का प्रयास।

Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग क्यों करना चाहिए?

राजनीति विज्ञान अक्सर छात्रों को केवल अनुच्छेदों (Articles) और अधिनियमों को याद रखने वाला विषय लगता है। इस भ्रांति को दूर करने के लिए आपको इसका उपयोग करना चाहिए क्योंकि:

  • यहाँ रटने के बजाय देश की व्यवस्था समझने पर जोर दिया जाता है।
  • यह TGT/PGT/LT और UGC NET के विस्तृत सिलेबस को कवर करता है, जिससे One-Day परीक्षाएँ स्वतः ही आसान हो जाती हैं।
  • परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुसार नवीनतम सामग्री लगातार अपडेट होती है।

Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं?

  • कैटेगरी चुनें: होमपेज पर Indian Polity, Political Thinker या Theory के सेक्शन में जाएं।
  • सर्च करें: किसी विशेष विषय (जैसे- मूल अधिकार, प्लेटो) के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग करें।
  • रिवीजन और प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के बाद उसी विषय के MCQs और Mock Tests को हल करें।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 'राजनीति विज्ञान' विषय का क्या महत्व है?

भारत में सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती (Teaching Exams) जैसे क्षेत्रों में राजव्यवस्था की भूमिका निर्णायक होती है:

  • सामान्य अध्ययन (GS) का आधार: UPSC और State PCS में राजव्यवस्था (Polity) से संविधान और गवर्नेंस पर कई प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • स्कोरिंग विषय: यदि कॉन्सेप्ट क्लियर हों, तो राजनीति विज्ञान में पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
  • सामाजिक और कानूनी समझ: यह विषय हमें हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और देश की कानूनी प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।

हम परीक्षाओं में राजनीति विज्ञान में अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

  • क्रमबद्ध अध्ययन: अनुच्छेदों को रटने के बजाय भागों और संबंधित अवधारणाओं के साथ पढ़ें।
  • मानक स्रोत: केवल प्रामाणिक पुस्तकों और Polity Study Adda जैसे सटीक प्लेटफॉर्म्स पर अध्ययन करें।
  • MCQs की प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के तुरंत बाद उससे जुड़े अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें।
  • शॉर्ट नोट्स: एग्जाम के अंतिम दिनों के लिए खुद के की-वर्ड्स (Keywords) वाले नोट्स बनाएं।

भारत में सरकारी नौकरियां लोगों को क्यों पसंद हैं?

हमारे देश में सरकारी नौकरी (Government Job) को लेकर युवाओं में एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। इसे केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • करियर और जॉब सिक्योरिटी: प्राइवेट सेक्टर की अनिश्चितता के उलट, सरकारी सेवा में नौकरी जाने का डर न के बराबर होता है।
  • शानदार वेतन और सुविधाएं: आकर्षक सैलरी के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया (HRA) और मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।
  • समाज में प्रतिष्ठा: सरकारी अफसर या शिक्षक बनने पर समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान और रुतबा बढ़ता है।
  • तनावमुक्त पारिवारिक जीवन: फिक्स वर्किंग आवर्स और सरकारी छुट्टियों के कारण आप अपने परिवार को क्वालिटी टाइम दे पाते हैं।

सरकारी नौकरी हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सरकारी नौकरी पाना रातों-रात का चमत्कार नहीं है; इसके लिए सही दिशा, अटूट धैर्य और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है:

  • अपना फोकस साफ रखें: सबसे पहले तय करें कि आपको टीचिंग फील्ड (TGT, PGT, NET) में जाना है या प्रशासनिक सेवा (UPSC, PCS) में।
  • पाठ्यक्रम (Syllabus) से चिपके रहें: ऑफिशियल सिलेबस का प्रिंटआउट लें और पिछले 5-10 सालों के प्रश्न-पत्रों (Previous Year Papers) का बारीकी से अध्ययन करें।
  • प्रामाणिक अध्ययन सामग्री: 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से बेहतर है कि 1 अच्छी किताब को 10 बार पढ़ें। पॉलिटी के लिए Polity Study Adda के सटीक नोट्स फॉलो करें।
  • रोज़ाना प्रैक्टिस: सिर्फ थ्योरी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। जो टॉपिक पढ़ें, तुरंत उसके MCQs हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारें।

Polity Study Adda आपकी कैसे मदद कर सकता है?

  • सिलेबस-आधारित सामग्री: TGT, PGT, UPSC, NET/JRF के लेटेस्ट सिलेबस के अनुसार कंटेंट।
  • समय की बचत: आपको कई किताबें छानने की जरूरत नहीं, सभी प्रामाणिक स्रोतों का निचोड़ मिलता है।
  • मार्गदर्शन: किस परीक्षा के लिए क्या और कितना पढ़ना है, इसका सही मार्गदर्शन।

Polity Study Adda पर हमें भरोसा क्यों करना चाहिए?

  • तथ्यों की प्रामाणिकता: हमारा कंटेंट मानक राजनीतिक पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।
  • छात्र-हित सर्वोपरि: हमारा उद्देश्य भ्रामक जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्र की सफलता को सुनिश्चित करना है।
  • लगातार अपडेट्स: हम पुरानी सामग्री पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कंटेंट को अपडेट करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Polity Study Adda वेबसाइट क्या है?

उत्तर: यह एक निजी शैक्षिक (Educational) पोर्टल है जो विशेष रूप से 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) और 'भारतीय राजव्यवस्था' (Indian Polity) विषय की तैयारी कर रहे छात्रों (TGT, PGT, UPSC, NET आदि) के लिए बनाया गया है।

Q2. क्या यह एक सरकारी वेबसाइट है?

उत्तर: नहीं, यह एक निजी (Private) प्लेटफॉर्म है जो छात्रों को मुफ्त एवं उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

Q3. यह वेबसाइट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

उत्तर: मुख्य रूप से Teaching Exams (TGT, PGT, LT Grade, UGC NET) और Civil Services (UPSC, State PCS, SSC, Railway) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।

Q4. क्या यहाँ मुझे लोक प्रशासन (Public Administration) के नोट्स मिलेंगे?

उत्तर: हाँ, भारतीय राजव्यवस्था और राजनीतिक विचारकों के साथ-साथ आपको लोक प्रशासन और अन्तर्राष्ट्रीय संबंध (IR) के भी विस्तृत नोट्स और MCQs यहाँ प्राप्त होंगे。

Q5. क्या वेबसाइट पर केवल थ्योरी (Theory) पढ़ाई जाती है?

उत्तर: नहीं, थ्योरी के साथ-साथ आपकी प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective MCQs) और मॉक टेस्ट भी उपलब्ध हैं。

Q6. क्या वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी प्रामाणिक है?

उत्तर: बिल्कुल, यहाँ उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्री मानक और प्रामाणिक राजनीतिक पुस्तकों के गहन अध्ययन के बाद ही तैयार की जाती है।

Q7. मैं इस वेबसाइट पर किसी विशेष टॉपिक की मांग कैसे कर सकता हूँ?

उत्तर: आप 'Contact Us' पेज पर जाकर या सीधे PolityStudyAdda@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से हमें अपने सुझाव और डिमांड भेज सकते हैं।

Q8. क्या पॉलिटी स्टडी अड्डा का कोई यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया ग्रुप है?

उत्तर: हाँ, आप वेबसाइट के फुटर (सबसे नीचे) में दिए गए लिंक के माध्यम से हमारे Telegram, WhatsApp और YouTube चैनल आदि से जुड़ सकते हैं।

Q9. भारत में सरकारी नौकरी (Government Job) की इतनी मांग क्यों है?

उत्तर: जॉब सिक्योरिटी, बेहतर वेतन, भत्ते और समाज में उच्च सम्मान के कारण सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद होती है।

Q10. मैं शिक्षक या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर: सिलेबस के अनुसार रणनीति बनाकर पढ़ने, प्रामाणिक स्रोतों (जैसे Polity Study Adda) का उपयोग करने और नियमित MCQs की प्रैक्टिस करने से सफलता निश्चित है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

'Polity Study Adda' पर प्रकाशित सभी अध्ययन सामग्री, नोट्स, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अन्य सूचनाएं केवल छात्रों की परीक्षा की तैयारी और उनके त्वरित मार्गदर्शन के लिए प्रदान की गई हैं। इन्हें कानूनी दस्तावेज़ या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि हमारी टीम ने सभी तथ्यों और उत्तरों को मानक पुस्तकों के आधार पर पूरी तरह से सटीक और प्रामाणिक रखने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम अनजाने में हुई किसी भी मानवीय त्रुटि, टाइपिंग की गलती या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

प्रश्नों के उत्तर और आयोग (Commissions) के संबंध में विशेष सूचना —
राजनीति विज्ञान जैसे विस्तृत विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग भर्ती आयोग (Commissions) कभी-कभी एक ही प्रश्न के अलग-अलग उत्तरों को सही मान लेते हैं, या विवाद की स्थिति में एक से अधिक विकल्पों को सही ठहरा देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी प्रश्न का उत्तर एक आयोग के अनुसार कुछ और होता है, जबकि दूसरे आयोग के अनुसार कुछ और। आधिकारिक 'उत्तर कुंजी' (Official Answer Key) और हमारे द्वारा दिए गए उत्तरों में भिन्नता होने की स्थिति में 'Polity Study Adda' किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी जाती है कि किसी भी उत्तर या तथ्य की अंतिम पुष्टि के लिए वे संबंधित विभाग/आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, उनकी उत्तर कुंजी और मान्यता प्राप्त मानक पुस्तकों (Standard Books) का ही संदर्भ लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संगठन या आयोग से संबद्ध नहीं है; यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र और निजी शैक्षिक मंच है।

न्याय : 50 अति महत्वपूर्ण MCQs | TGT, PGT, LT/GIC, NET-JRF

न्याय (Justice): 50 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs
न्याय (Justice): 50 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs
Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट न्याय (Justice) के ऐतिहासिक विकास, विविध पक्षों (कानूनी, राजनीतिक, सामाजिक) और जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धांत पर आधारित है। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और 5-विकल्पों (A, B, C, D, E) वाले द्विभाषी (Bilingual) प्रश्न शामिल हैं।
1. 'न्याय' (Justice) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के किस शब्द से हुई है और उसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
  • A) 'Just' (जस्ट), जिसका अर्थ है 'समानता' (Equality)
  • B) 'Jus' (जस) या 'Juticia', जिसका अर्थ है 'समाज को जोड़ना' (To bind or join society)
  • C) 'Judex' (जुडेक्स), जिसका अर्थ है 'निर्णय करना' (To judge)
  • D) 'Juris' (ज्यूरिस), जिसका अर्थ है 'कानून' (Law)
  • E) 'Jura' (जूरा), जिसका अर्थ है 'अधिकार' (Rights)
सही उत्तर: B) 'Jus' (जस) या 'Juticia', जिसका अर्थ है 'समाज को जोड़ना' (To bind or join society)
व्याख्या: एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका (Encyclopaedia Britannica) के अनुसार Justice शब्द लैटिन भाषा के 'Jus' से बना है। इसका मूल उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, अधिकारों और स्वतंत्रताओं के बीच एक कड़ी (बंधन) स्थापित करना है।
2. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): 20वीं शताब्दी में न्याय की अवधारणा में परिवर्तन हुआ और 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) का बोलबाला हुआ。
कारण (R): आधुनिक काल में मनुष्य को एक 'सामाजिक प्राणी' (Social Animal) के रूप में देखा जाता है, इसलिए कानून का प्रयोग करते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि समाज के गरीब और वंचित वर्गों (Poor and Deprived) पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है (Not correct explanation)।
  • B) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है।
  • C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • D) A असत्य (False) है, लेकिन R सत्य (True) है।
  • E) A और R दोनों असत्य (False) हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
व्याख्या: 20वीं सदी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) के साथ जब 'नैतिकता' (Morality) और समाज कल्याण को जोड़ दिया गया, तो वह 'सामाजिक न्याय' बन गया। कारण (R) इसकी बिल्कुल सही पृष्ठभूमि प्रस्तुत करता है।
3. "जिस राज्य में न्याय व्यवस्था नहीं पायी जाती है, वह राज्य डाकुओं का झुण्ड (Band of robbers) बन जाता है।" राजनीति विज्ञान में न्याय के महत्व को दर्शाने वाला यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
  • A) प्लेटो (Plato)
  • B) अरस्तू (Aristotle)
  • C) थॉमस हॉब्स (Thomas Hobbes)
  • D) संत अगस्टाइन (St. Augustine)
  • E) जॉन रॉल्स (John Rawls)
सही उत्तर: D) संत अगस्टाइन (St. Augustine)
व्याख्या: ईसाई विचारक संत अगस्टाइन ने अपनी पुस्तक 'The City of God' में यह कहा था कि यदि राज्य से न्याय (Justice) को निकाल दिया जाए, तो राज्य और लुटेरों के गिरोह में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
4. 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural Justice) और 'तात्विक न्याय' (Substantive Justice) के बीच मूल अंतर क्या है? (बहु-कथन)
1. प्रक्रियात्मक न्याय 'बाजार आधारित' (Market-based) और 'योग्यता' (Merit) पर बल देता है।
2. तात्विक न्याय 'नैतिकता' (Morality) और 'विषय के औचित्य' (Justification of subject) पर आधारित होता है।
3. प्रक्रियात्मक न्याय मुख्य रूप से 'उदारवाद' (Liberalism) से निकटता रखता है।
4. तात्विक न्याय 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) की नीति का समर्थन करता है।
सही कूट चुनें:
  • A) केवल 1 और 4 (Only 1 and 4)
  • B) केवल 1, 2 और 3 (Only 1, 2 and 3)
  • C) 2, 3 और 4 (2, 3 and 4)
  • D) 1 और 2 (1 and 2)
  • E) सभी 1, 2, 3 और 4 (All)
सही उत्तर: B) केवल 1, 2 और 3 (Only 1, 2 and 3)
व्याख्या: कथन 4 गलत है। तात्विक (Substantive) न्याय परिणामों (Outcomes) की न्यायपूर्णता देखता है, इसलिए वह राज्य के हस्तक्षेप (कल्याण) की मांग कर सकता है, अहस्तक्षेप की नहीं। प्रक्रियात्मक न्याय (Procedural) केवल यह देखता है कि नियम (Rule) सही ढंग से लागू हुआ या नहीं (जैसे परीक्षा प्रणाली)।
5. सूची-I (विचारक) को सूची-II (न्याय सम्बन्धी उनके कथन) से सुमेलित करें:
a. सिसरो (Cicero)
1. न्याय शक्तिशाली का हित है (Justice is the interest of the strong)।
b. प्लेटो (Plato)
2. प्रत्येक को उसका उचित भाग मिल जाना ही न्याय है।
c. थ्रेसीमेकस (Thrasymachus)
3. न्याय समस्त सद्गुणों का मुकुट मणि है।
d. अरस्तू (Aristotle)
4. अपने-अपने निर्धारित कार्यों को करते हुए एक दूसरे में सामंजस्य स्थापित करना ही न्याय है।
  • A) a-1, b-4, c-3, d-2
  • B) a-3, b-2, c-1, d-4
  • C) a-3, b-4, c-1, d-2
  • D) a-4, b-3, c-2, d-1
  • E) a-2, b-4, c-1, d-3
सही उत्तर: C) a-3, b-4, c-1, d-2
व्याख्या: सिसरो: सद्गुणों का मुकुट। प्लेटो: कार्य-विभाजन और सामंजस्य। थ्रेसीमेकस (सोफिस्ट): शक्तिशाली का हित। अरस्तू: समानुपातिक न्याय (उचित भाग)।
6. जॉन रॉल्स (John Rawls) ने अपनी पुस्तक 'A Theory of Justice' (1971) में न्याय के सिद्धान्त को स्थापित करने के लिए मुख्य रूप से किस प्राचीन राजनीतिक सिद्धान्त को पुनर्जीवित (Revived) किया?
  • A) दैवीय अधिकारों का सिद्धान्त (Divine Right Theory)
  • B) उपयोगितावाद का सिद्धान्त (Utilitarianism)
  • C) सामाजिक समझौते का सिद्धान्त (Social Contract Theory)
  • D) विकासवादी सिद्धान्त (Evolutionary Theory)
  • E) ऐतिहासिक सिद्धान्त (Historical Theory)
सही उत्तर: C) सामाजिक समझौते का सिद्धान्त (Social Contract Theory)
व्याख्या: जॉन रॉल्स ने न्याय के नियमों को तय करने के लिए हॉब्स, लॉक और रूसो की तरह एक 'मूल अवस्था' (Original Position) की कल्पना की, जहाँ लोग 'अज्ञानता के पर्दे' (Veil of Ignorance) के पीछे बैठकर एक सामाजिक समझौता (Contract) करते हैं।
7. "यदि कहीं भी अन्याय होता है, तो वह न्याय के लिए सब जगह खतरा पैदा कर देता है।" (Injustice anywhere is a threat to justice everywhere). यह विश्व प्रसिद्ध कथन किसका है?
  • A) जॉन रॉल्स (John Rawls)
  • B) महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi)
  • C) नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela)
  • D) मार्टिन लूथर किंग जूनियर (Martin Luther King Jr.)
  • E) अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln)
सही उत्तर: D) मार्टिन लूथर किंग जूनियर (Martin Luther King Jr.)
व्याख्या: अमेरिका में नागरिक अधिकारों (Civil Rights) के लिए लड़ने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने यह कथन दिया था, जो न्याय की सार्वभौमिकता (Universality of Justice) को दर्शाता है।
8. भारत और अमेरिका (USA) की न्यायपालिका प्रणाली में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) के सन्दर्भ में क्या मुख्य अंतर है?
  • A) भारत में न्यायपालिका प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) पर आधारित है, जबकि USA में कृत्रिम न्याय (Artificial Justice) पर।
  • B) भारत की न्यायपालिका 'कृत्रिम न्याय' (लिखे हुए कानून/विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया) पर आधारित है, जबकि USA की न्यायपालिका 'प्राकृतिक न्याय' (न्यायाधीश के विवेक/Due process of law) पर भी आधारित है।
  • C) दोनों देशों की न्यायपालिकाएँ केवल धर्मग्रंथों पर आधारित हैं।
  • D) भारत में न्यायपालिका के पास कोई शक्ति नहीं है, जबकि USA में असीमित है।
  • E) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
सही उत्तर: B) भारत की न्यायपालिका 'कृत्रिम न्याय' पर आधारित है, जबकि USA की न्यायपालिका 'प्राकृतिक न्याय' पर...
व्याख्या: भारत में "Procedure established by law" (विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया) का प्रयोग होता है, जहाँ लिखा हुआ कानून सर्वोच्च है। अमेरिका में "Due process of law" (विधि की उचित प्रक्रिया) है, जहाँ न्यायाधीश प्राकृतिक न्याय (विवेक) का प्रयोग कर कानून को ही रद्द कर सकते हैं।
9. जॉन रॉल्स (John Rawls) के अनुसार न्याय की मुख्य समस्या 'प्राथमिक वस्तुओं' (Primary Goods) के न्यायपूर्ण वितरण की समस्या है। निम्नलिखित में से कौन-सी रॉल्स द्वारा बताई गई प्राथमिक वस्तु नहीं है?
  • A) अधिकार और स्वतंत्रताएं (Rights and Liberties)
  • B) शक्तियां और अवसर (Powers and Opportunities)
  • C) धार्मिक मान्यताएं और परम्पराएं (Religious Beliefs and Customs)
  • D) आय और सम्पदा (Income and Wealth)
  • E) आत्म-सम्मान के साधन (Means of Self-respect)
सही उत्तर: C) धार्मिक मान्यताएं और परम्पराएं (Religious Beliefs and Customs)
व्याख्या: रॉल्स ने 'Primary Goods' (प्राथमिक वस्तुओं) की एक सूची दी है जो हर व्यक्ति को चाहिए। इसमें अधिकार, अवसर, आय-संपत्ति और आत्म-सम्मान के साधन शामिल हैं। धर्म या परम्पराएँ इस सूची में नहीं हैं।
10. कथन और कारण:
कथन (A): जॉन रॉल्स (John Rawls) ने बेंथम (Bentham) के 'उपयोगितावाद' (Utilitarianism) के सिद्धान्त का कड़ा खण्डन किया है。
कारण (R): उपयोगितावाद "अधिकतम लोगों के अधिकतम सुख" (Greatest happiness of the greatest number) की बात करता है, जिसमें अल्पसंख्यक या दुखी व्यक्तियों के हितों की बलि दी जा सकती है, जो कि रॉल्स के न्याय (व्यक्ति की गरिमा) के खिलाफ है।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • B) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • C) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
व्याख्या: रॉल्स ने स्पष्ट लिखा है कि "सुखी लोगों के सुख को कितना भी क्यों न बढ़ा दिया जाय, उससे दुखी व्यक्तियों का दुख कम नहीं हो जाता।" रॉल्स एक भी व्यक्ति के नुकसान की कीमत पर बहुसंख्यक का सुख नहीं चाहते।
11. "न्याय अपने और पराये को नहीं पहचानता, मित्र और शत्रु में अंतर नहीं करता, यही कारण है कि उसे सब जगह अंधा दिखाया जाता है।" (Justice is blind). यह प्रसिद्ध उक्ति किसकी है?
  • A) बार्कर (Barker)
  • B) पास्कल (Pascal)
  • C) ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde)
  • D) जोसेफ (Joseph)
  • E) सिसरो (Cicero)
सही उत्तर: D) जोसेफ (Joseph)
व्याख्या: जोसेफ ने न्याय की देवी (Lady Justice) के आँखों पर बँधी पट्टी का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है कि न्याय पूर्णतः निष्पक्ष (Impartial) होता है, वह चेहरे देखकर फैसले नहीं सुनाता।
12. 'आर्थिक न्याय' (Economic Justice) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य (False) है?
  • A) यह मुख्य रूप से मार्क्सवाद (Marxism) और समाजवादी आन्दोलन से सम्बद्ध है।
  • B) इसका मुख्य उद्देश्य समाज में आर्थिक विषमता (Economic Inequality) को मिटाना है।
  • C) यह राज्य के 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) की नीति का प्रबल समर्थन करता है।
  • D) कार्ल मार्क्स के अनुसार, आर्थिक न्याय ही 'सम्पूर्ण न्याय' का आधार है।
  • E) यह उत्पादन के साधनों पर सम्पूर्ण समाज के नियंत्रण की वकालत करता है।
सही उत्तर: C) यह राज्य के 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) की नीति का प्रबल समर्थन करता है।
व्याख्या: आर्थिक न्याय 'अहस्तक्षेप' (अर्थव्यवस्था को खुला छोड़ देना) का विरोधी है। यह राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप (Intervention) या उत्पादन के साधनों के सामाजीकरण की मांग करता है ताकि गरीबों का शोषण न हो।
13. न्याय के ऐतिहासिक विकास के चरणों (Phases of Historical Development) का सही क्रम पहचानें:
1. कानूनी न्याय (Legal Justice - 16th-19th Century)
2. नैतिक न्याय (Moral Justice - Ancient/Medieval period)
3. सामाजिक न्याय (Social Justice - 20th Century)
  • A) 1 ➔ 2 ➔ 3
  • B) 3 ➔ 1 ➔ 2
  • C) 2 ➔ 1 ➔ 3
  • D) 2 ➔ 3 ➔ 1
  • E) 1 ➔ 3 ➔ 2
सही उत्तर: C) 2 ➔ 1 ➔ 3
व्याख्या: सबसे पहले प्राचीन ग्रीक/रोमन और मध्यकाल में न्याय 'नैतिकता' (चरित्र) पर आधारित था (2)। आधुनिक काल में यह कानून के समक्ष समानता (कानूनी न्याय) बना (1)। 20वीं सदी में गरीबों और वंचितों के अधिकारों की चेतना जगी, जिससे यह 'सामाजिक न्याय' बना (3)।
14. "शक्ति के बिना न्याय पंगु (Lame) है और न्याय के बिना शक्ति अत्याचार का साधन (Tyranny) है।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
  • A) पास्कल (Pascal)
  • B) ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde)
  • C) थॉमस हॉब्स (Thomas Hobbes)
  • D) सिसरो (Cicero)
  • E) संत अगस्टाइन (St. Augustine)
सही उत्तर: A) पास्कल (Pascal)
व्याख्या: पास्कल का यह कथन राज्य की दण्डकारी शक्ति (Coercive power) और न्याय के बीच संतुलन को दर्शाता है। यदि न्यायलय के पास सजा देने की ताकत नहीं है तो न्याय बेकार है, और अगर ताकत न्यायपूर्ण नहीं है तो वह तानाशाही है।
15. जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धान्त को "शुद्ध प्रक्रियात्मक न्याय" (Pure Procedural Justice) क्यों कहा जाता है?
  • A) क्योंकि यह केवल न्यायालय की न्यायिक प्रक्रियाओं से संबंधित है।
  • B) क्योंकि रॉल्स का मानना है कि यदि न्याय के नियम तय करने की "प्रक्रिया" (Procedure - अज्ञानता के पर्दे के पीछे) निष्पक्ष हो, तो उससे निकलने वाला परिणाम (Outcome) भी स्वतः ही न्यायपूर्ण होगा।
  • C) क्योंकि यह केवल पूँजीपतियों के लाभ की प्रक्रिया पर केंद्रित है।
  • D) क्योंकि यह पूर्णतः 'तात्विक न्याय' (Substantive Justice) का विरोधी है।
  • E) क्योंकि इसमें राज्य की कोई भूमिका नहीं होती।
सही उत्तर: B) क्योंकि रॉल्स का मानना है कि यदि न्याय के नियम तय करने की "प्रक्रिया"...
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) एक शुद्ध प्रक्रिया है। अगर केक काटने वाले को यह न पता हो कि उसे कौन-सा टुकड़ा मिलेगा, तो वह प्रक्रिया इतनी निष्पक्ष (Fair) अपनाएगा कि सबको बराबर हिस्सा मिले। यही 'Justice as Fairness' है।
16. कथन और कारण:
कथन (A): सी. बी. मैकफरसन (Macpherson) ने जॉन रॉल्स को "उदार-लोकतांत्रिक, पूँजीवादी, लोककल्याणकारी राज्य का अधिवक्ता" कहकर पुकारा है。
कारण (R): रॉल्स का न्याय सिद्धान्त पूरी तरह से पूँजीवाद को नष्ट करके साम्यवाद (Communism) की स्थापना करना चाहता है।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: C) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है।
व्याख्या: रॉल्स साम्यवाद (Communism) के समर्थक नहीं थे। उनका सिद्धांत पूँजीवादी लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर ही राज्य को कल्याणकारी (Welfare) बनाने की बात करता है, इसलिए मैकफरसन ने उन्हें पूँजीवादी-कल्याणकारी राज्य का वकील (Advocate) कहा।
17. "न्याय अंतिम मूल्य है जो स्वतंत्रता और समानता में समन्वय स्थापित करता है... राजसत्ता कानून को वैधता प्रदान करती है और न्याय उसे मूल्य प्रदान करता है।" न्याय को परिभाषित करने वाला यह कथन किसका है?
  • A) जॉन रॉल्स (John Rawls)
  • B) अरस्तू (Aristotle)
  • C) अर्नेस्ट बार्कर (Ernest Barker)
  • D) हेरोल्ड लास्की (Harold Laski)
  • E) टी. एच. ग्रीन (T.H. Green)
सही उत्तर: C) अर्नेस्ट बार्कर (Ernest Barker)
व्याख्या: बार्कर ने न्याय को एक 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) माना है, जो समाज में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के बीच संतुलन (Balance) बनाता है।
18. जॉन रॉल्स (John Rawls) के 'न्याय के दो सिद्धान्तों' (Two Principles of Justice) के सम्बन्ध में कौन-सा कूट सही है?
1. सभी की समान स्वतंत्रता बनी रहे (Equal Liberty)।
2. भेद-मूलक सिद्धांत (Difference Principle): न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति को अधिकतम लाभ मिले।
3. अवसर की उचित समानता (Fair Equality of Opportunity)।
4. संपत्ति का पूर्ण राष्ट्रीयकरण (Total Nationalization of Property)।
सही विकल्प:
  • A) 1, 2, 3 और 4
  • B) केवल 1 और 2
  • C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
  • D) 2, 3 और 4
  • E) केवल 1 और 3
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
व्याख्या: रॉल्स पूँजीवाद के अंदर न्याय चाहते हैं, इसलिए वे संपत्ति के 'पूर्ण राष्ट्रीयकरण' (Marxism) की बात नहीं करते। उनके सिद्धांत के 3 मुख्य हिस्से हैं: समान स्वतंत्रता, अवसर की समानता, और भेद-मूलक सिद्धांत (गरीबों का अधिकतम लाभ)।
19. 'राजनीतिक न्याय' (Political Justice) के सन्दर्भ में कौन-सा कथन असत्य (False) है?
  • A) इसका संबंध मुख्य रूप से 'उदारवाद' (Liberalism) और 'लोकतंत्र' (Democracy) से है।
  • B) इसमें 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' (Universal Adult Franchise) शामिल है।
  • C) यह मानता है कि सरकार का निर्माण जनता की सहमति (Consent of people) से होना चाहिए।
  • D) यह समाज में सम्पत्ति के समान वितरण (Equal distribution of wealth) पर सर्वाधिक बल देता है।
  • E) यह जाति, धर्म, लिंग के आधार पर राजनीतिक भेदभाव का विरोध करता है।
सही उत्तर: D) यह समाज में सम्पत्ति के समान वितरण पर सर्वाधिक बल देता है।
व्याख्या: 'सम्पत्ति का समान वितरण' आर्थिक न्याय (Economic Justice) का लक्षण है, राजनीतिक न्याय का नहीं। राजनीतिक न्याय का सम्बन्ध वोट देने, चुनाव लड़ने और सरकार बनाने (लोकतंत्र) से है।
20. "एक ही बात ऐसी है जो अन्याय से भी बुरी है वह यह कि न्याय की देवी के हाथ में तलवार न होना।" (Worse than injustice is a blind justice without a sword). यह कथन किसका है?
  • A) पास्कल (Pascal)
  • B) ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde)
  • C) सिसरो (Cicero)
  • D) थॉमस हॉब्स (Thomas Hobbes)
  • E) अरस्तू (Aristotle)
सही उत्तर: B) ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde)
व्याख्या: ऑस्कर वाइल्ड का यह कथन दर्शाता है कि यदि न्यायपालिका के पास अपने आदेशों का पालन करवाने की 'शक्ति' (तलवार/Dand) नहीं है, तो वह व्यवस्था खुले अन्याय से भी ज्यादा खतरनाक है।
21. जॉन रॉल्स ने अपने न्याय के सिद्धान्तों को लागू करने के लिए एक 'प्राथमिकता क्रम' (Lexical Priority) तय किया है। सही क्रम कौन-सा है?
  • A) भेद-मूलक सिद्धांत > अवसर की समानता > स्वतंत्रता
  • B) स्वतंत्रता (Liberty) > अवसर की समानता (Equality of Opportunity) > भेद-मूलक सिद्धांत (Difference Principle)
  • C) अवसर की समानता > स्वतंत्रता > भेद-मूलक सिद्धांत
  • D) स्वतंत्रता > भेद-मूलक सिद्धांत > अवसर की समानता
  • E) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
सही उत्तर: B) स्वतंत्रता > अवसर की समानता > भेद-मूलक सिद्धांत
व्याख्या: रॉल्स के अनुसार, सबसे पहले हर इंसान की 'स्वतंत्रता' सुरक्षित होनी चाहिए। उसके बाद 'अवसर की समानता' दी जाए। और अगर फिर भी समाज में असमानता हो, तो उसे इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि सबसे गरीब को फायदा हो (भेद-मूलक सिद्धांत)। यह क्रम तोड़ा नहीं जा सकता।
22. निम्नलिखित में से 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) का सबसे सटीक अर्थ क्या है?
  • A) समाज में केवल धनवानों को न्याय मिलना।
  • B) कानून के शासन को पूरी तरह समाप्त कर देना।
  • C) एक ऐसे समाज की स्थापना करना जो जाति, धर्म, भाषा, लिंग और विशेषाधिकारों पर आधारित न हो और जहाँ निर्बल/गरीब पक्ष को विशेष संरक्षण मिले।
  • D) समाज में सभी की आय (Income) को बिल्कुल बराबर कर देना।
  • E) न्यायपालिका का चुनाव जनता द्वारा किया जाना।
सही उत्तर: C) एक ऐसे समाज की स्थापना करना जो जाति, धर्म, लिंग और विशेषाधिकारों पर आधारित न हो...
व्याख्या: 20वीं सदी का 'सामाजिक न्याय' लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) का आधार है। इसका मतलब है कि जन्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो और राज्य समाज के पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC, महिला, गरीब) को ऊपर उठाने के लिए सकारात्मक कदम (आरक्षण/सुविधाएं) उठाए।
23. कथन और कारण:
कथन (A): भारतीय संविधान का बजट और उसकी आर्थिक नीतियाँ मूलतः 'राजनीतिक' (Political) होती हैं。
कारण (R): बजट का निर्माण राजनीतिक दल (सरकार) द्वारा किया जाता है, जिसमें वे अक्सर अपने 'राजनीतिक न्याय' और वोट बैंक (वैकल्पिक सामाजिक न्याय) को ध्यान में रखते हुए आर्थिक संसाधनों का वितरण करते हैं।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • C) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट किया गया है कि "बजट राजनीतिक होता है।" इसका कारण यही है कि अर्थव्यवस्था में 'किसको कितना मिलेगा' (Distributive Justice), यह फैसला राजनीति (संसद/सरकार) करती है।
24. "प्रत्येक को उसका उचित भाग मिल जाना ही न्याय है।" (Giving everyone their due is justice). यह समानुपातिक न्याय (Proportional Justice) का सिद्धान्त किस प्राचीन यूनानी विचारक का है?
  • A) अरस्तू (Aristotle)
  • B) प्लेटो (Plato)
  • C) सिसरो (Cicero)
  • D) सुकरात (Socrates)
  • E) थ्रेसीमेकस (Thrasymachus)
सही उत्तर: A) अरस्तू (Aristotle)
व्याख्या: अरस्तू का न्याय (वितरणात्मक न्याय) अंकगणितीय (बराबर बाँटना) नहीं था, बल्कि 'समानुपातिक' (Proportional) था। अर्थात् जो राज्य को जितना अधिक योगदान देगा (योग्यता/सद्गुण), उसे उतना ही अधिक पद या सम्मान (उचित भाग) मिलेगा।
25. जॉन रॉल्स (John Rawls) ने अपनी 'थ्योरी ऑफ जस्टिस' में समाज को किस रूप में देखा है?
  • A) एक मशीन (Machine) के रूप में।
  • B) एक युद्ध के मैदान (Battlefield) के रूप में।
  • C) एक शृंखला (Chain) के रूप में, जिसमें सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत बनाना राज्य का कर्तव्य है।
  • D) एक जैविक शरीर (Organic Body) के रूप में।
  • E) एक कंपनी (Corporation) के रूप में।
सही उत्तर: C) एक शृंखला (Chain) के रूप में, जिसमें सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत बनाना राज्य का कर्तव्य है।
व्याख्या: रॉल्स का 'Maximin Principle' (Difference principle) यही कहता है कि एक जंजीर (Chain) उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी (Weakest link)। अतः समाज को मजबूत करने के लिए सबसे गरीब/पिछड़े वर्ग को अधिकतम लाभ देना चाहिए।
26. बहु-कथन प्रश्न: न्याय (Justice) के ऐतिहासिक विकास के सन्दर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं?
1. प्राचीन यूनान में न्याय मुख्य रूप से 'नैतिकता और कर्तव्य' (Morality and Duty) पर आधारित था।
2. 16वीं-19वीं शताब्दी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) उदित हुआ, जिसमें कानून के समक्ष सभी को समान माना गया।
3. 20वीं शताब्दी में 'नैतिक न्याय' और 'कानूनी न्याय' दोनों मिलकर 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) बन गए।
4. 20वीं शताब्दी में न्यायपालिका ने 'धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र' के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया।
सही कूट चुनें:
  • A) 1, 2 और 4
  • B) केवल 2 और 3
  • C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
  • D) 1, 3 और 4
  • E) सभी 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 20वीं सदी की न्यायपालिका (विशेषकर भारत में) ने संविधान के मूल ढाँचे (धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र) की रक्षा की है, न कि उसके खिलाफ काम किया है। अन्य तीनों कथन न्याय के विकास को सही दर्शाते हैं।
27. जॉन रॉल्स के न्याय सिद्धांत की एक प्रमुख आलोचना यह है कि यह 'आदर्शवादी' (Idealistic) और 'काल्पनिक' है। इसे दर्शनशास्त्र में किस विशेष शब्द से सम्बोधित किया जाता है?
  • A) प्रत्ययवादी (Conceptual / Idealist)
  • B) उपयोगितावादी (Utilitarian)
  • C) यथार्थवादी (Realist)
  • D) ऐतिहासिक (Historical)
  • E) व्यवहारवादी (Behavioral)
सही उत्तर: A) प्रत्ययवादी (Conceptual / Idealist)
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) और 'मूल अवस्था' (Original Position) वास्तविक इतिहास में कभी घटित नहीं हुए, वे केवल एक कल्पना (Thought Experiment) हैं। इसलिए उनके सिद्धांत को 'प्रत्ययवादी' (आदर्शवादी) माना जाता है।
28. "आदर्शवाद का दूसरा नाम प्रत्ययवाद भी है और प्रत्ययवाद समूहवाद है।" यह कथन राजनीति विज्ञान के किस मूल सिद्धांत को दर्शाता है?
  • A) व्यक्तिवाद (Individualism)
  • B) आदर्शवाद (Idealism) और समाज/राज्य को साध्य मानना
  • C) मार्क्सवाद (Marxism)
  • D) अराजकतावाद (Anarchism)
  • E) नव-उदारवाद (Neo-liberalism)
सही उत्तर: B) आदर्शवाद (Idealism) और समाज/राज्य को साध्य मानना
व्याख्या: आदर्शवाद (कांट, हीगल) 'समूह' (राज्य/समाज) को सर्वोपरि मानता है। व्यक्ति का अस्तित्व केवल समूह (राज्य) के अंग के रूप में है। इसलिए प्रत्ययवाद (Idealism) अंततः समूहवाद (Collectivism) का ही रूप बन जाता है।
29. कथन और कारण:
कथन (A): न्याय (Justice) समाज की एक 'अंतिम निर्णायक अवधारणा' (Final decisive concept) है।
कारण (R): स्वतंत्रता, समानता, अधिकार और संपत्ति जैसी सभी राजनीतिक अवधारणाएं आपस में टकरा सकती हैं, लेकिन न्याय ही वह 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) है जो इन सबके बीच उचित संतुलन (Balance) स्थापित करता है।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • C) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: न्याय कोई एक अकेली चीज़ नहीं है। बार्कर के अनुसार, स्वतंत्रता और समानता आपस में विरोधी लग सकते हैं, लेकिन 'न्याय' वह टोकरी है जिसमें ये दोनों सही अनुपात में रखे जाते हैं। इसलिए न्याय सर्वोत्तम मूल्य है।
30. प्लेटो (Plato) के अनुसार 'न्याय' (Justice) क्या है?
  • A) कानून के सामने सभी का बराबर होना (Equality before Law)।
  • B) राज्य में रहने वाले प्रत्येक वर्ग (शासक, सैनिक, उत्पादक) द्वारा केवल अपने निर्धारित कार्यों को करना और दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप न करना (सामंजस्य)।
  • C) शक्तिशाली का हित पूरा करना (Interest of the strong)।
  • D) सभी को समान संपत्ति बाँट देना (Equal distribution of wealth)।
  • E) न्यायालयों द्वारा निष्पक्ष फैसला देना।
सही उत्तर: B) राज्य में रहने वाले प्रत्येक वर्ग द्वारा केवल अपने निर्धारित कार्यों को करना...
व्याख्या: प्लेटो का न्याय आधुनिक 'कानूनी न्याय' नहीं था, बल्कि यह एक 'नैतिक न्याय' था, जो कार्य-विशिष्टीकरण (Specialization) और अहस्तक्षेप (Non-interference in others' work) पर आधारित था।
31. "न्याय शक्तिशाली का हित है" (Justice is the interest of the stronger). प्राचीन यूनान में यह विचार किस 'सोफिस्ट' (Sophist) विचारक ने दिया था?
  • A) सुकरात (Socrates)
  • B) अरस्तू (Aristotle)
  • C) थ्रेसीमेकस (Thrasymachus)
  • D) ग्लौकन (Glaucon)
  • E) प्रोटागोरस (Protagoras)
सही उत्तर: C) थ्रेसीमेकस (Thrasymachus)
व्याख्या: प्लेटो की 'रिपब्लिक' में थ्रेसीमेकस एक सोफिस्ट विचारक था जिसने तर्क दिया कि समाज में कानून वही बनाता है जिसके पास 'शक्ति' होती है (राजा/सरकार), और वह कानून हमेशा उसी के फायदे के लिए होता है।
32. जॉन रॉल्स (John Rawls) की 'A Theory of Justice' के विषय में कौन-सा कथन गलत (Wrong) है?
  • A) उन्होंने 'अज्ञानता के पर्दे' (Veil of Ignorance) की अवधारणा का प्रयोग किया।
  • B) उन्होंने उपयोगितावाद (Utilitarianism) का पूर्ण समर्थन (Full support) किया।
  • C) व्यक्ति की गरिमा (Human Dignity) रॉल्स की न्याय प्रणाली का केन्द्र बिन्दु है।
  • D) उन्होंने न्याय को "सामाजिक संस्थाओं का प्रथम सद्गुण" (First virtue of social institutions) बताया।
  • E) उन्होंने वितरणात्मक न्याय (Distributive Justice) का सिद्धांत दिया।
सही उत्तर: B) उन्होंने उपयोगितावाद (Utilitarianism) का पूर्ण समर्थन किया।
व्याख्या: रॉल्स की पूरी पुस्तक ही 'उपयोगितावाद' (अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) के खण्डन (Critique) पर आधारित है। रॉल्स मानते हैं कि बहुसंख्यक के फायदे के लिए एक अकेले इंसान के हकों (गरिमा) को भी कुचला नहीं जा सकता।
33. 'न्याय' शब्द की उत्पत्ति (Etymology) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों में से गलत युग्म को पहचानें:
  • A) इंग्लैण्ड (England) — आंग्ल (Anglo)
  • B) यूनान (Greece) — लैटिन (Latin)
  • C) फ्रांस (France) — फ्रेंच (French)
  • D) यूरोप (Europe) — लैटिन (Latin)
  • E) 'Jus' (जस) — समाज को जोड़ना (To bind)
सही उत्तर: B) यूनान (Greece) — लैटिन (Latin)
व्याख्या: यूनान (Greece) की भाषा 'ग्रीक' (Greek) थी, न कि लैटिन। लैटिन मुख्य रूप से प्राचीन रोम (यूरोप) की भाषा थी जहाँ से 'Jus' शब्द निकला है।
34. जॉन रॉल्स की न्याय की अवधारणा में 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) क्या सुनिश्चित करता है?
  • A) कि लोग समाज के नियम बनाते समय बहुत ही स्वार्थी और चालाक हों।
  • B) कि नियम बनाने वालों को समाज में अपनी जाति, वर्ग, धर्म या हैसियत का पता न हो, ताकि वे जो भी नियम बनाएँ वो सबके लिए पूरी तरह निष्पक्ष (Fair) हों।
  • C) कि लोगों को कानून की कोई जानकारी न हो।
  • D) कि राजा अपनी मर्जी से कोई भी कानून थोप दे।
  • E) कि समाज में शिक्षा का प्रसार न हो।
सही उत्तर: B) कि नियम बनाने वालों को समाज में अपनी हैसियत का पता न हो...
व्याख्या: रॉल्स का तर्क है कि यदि कोई अमीर है, तो वह अमीरों के पक्ष में नियम बनाएगा। 'अज्ञानता के पर्दे' के पीछे व्यक्ति को पता नहीं होता कि वह अमीर बनेगा या गरीब, इसलिए डर के मारे वह ऐसे नियम बनाएगा जो सबसे गरीब (कमजोर) के लिए भी अच्छे हों।
35. बहु-कथन प्रश्न: 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) के विषय में सही कथनों का चयन करें:
1. यह लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की आधारशिला है।
2. यह मानव द्वारा मानव के शोषण को समाप्त करना चाहता है।
3. यह निर्बल और निर्धन पक्ष को 'विशेष सहायता और संरक्षण' (Protective discrimination) प्रदान करने की मांग करता है।
4. यह 16वीं शताब्दी में अस्तित्व में आया था।
सही कूट:
  • A) 1, 2, 3 और 4
  • B) केवल 1, 2 और 3
  • C) केवल 2 और 3
  • D) 1, 3 और 4
  • E) केवल 1 और 4
सही उत्तर: B) केवल 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 16वीं सदी में कानूनी/राजनीतिक न्याय था। 'सामाजिक न्याय' की अवधारणा 20वीं शताब्दी में (उदारवाद के सकारात्मक रूप और समाजवाद के प्रभाव से) मुख्य रूप से उभरी।
36. "समाज में अनेक सद्गुण अपेक्षित हैं, उसमें न्याय का स्थान सर्वप्रथम है। न्याय उत्तम समाज की आवश्यक शर्त है परंतु यह पर्याप्त नहीं है..." यह न्याय को 'प्रथम सद्गुण' (First Virtue) मानने वाला कथन किसका है?
  • A) अरस्तू (Aristotle)
  • B) कार्ल मार्क्स (Karl Marx)
  • C) जॉन रॉल्स (John Rawls)
  • D) टी. एच. ग्रीन (T.H. Green)
  • E) सिसरो (Cicero)
सही उत्तर: C) जॉन रॉल्स (John Rawls)
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'A Theory of Justice' की शुरुआत ही रॉल्स इस प्रसिद्ध वाक्य से करते हैं कि "जिस तरह सत्य (Truth) विचार-प्रणालियों का प्रथम सद्गुण है, उसी तरह न्याय (Justice) सामाजिक संस्थाओं का प्रथम सद्गुण है।"
37. कथन और कारण:
कथन (A): कार्ल मार्क्स (Karl Marx) ने 'आर्थिक न्याय' (Economic Justice) को ही सम्पूर्ण न्याय का आधार बताया है。
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि यदि समाज की 'आर्थिक परिस्थितियों' (Base/उत्पादन के साधन) में परिवर्तन करके समानता ला दी जाए, तो राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था (Superstructure) में अपने आप न्यायपूर्ण परिवर्तन हो जाएगा।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स के 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' (Historical Materialism) का यही सार है। अर्थव्यवस्था 'आधार' (Base) है। जब अर्थव्यवस्था पर सबका समान अधिकार होगा (आर्थिक न्याय), तो राज्य, कानून, धर्म (ऊपरी ढाँचा) सब अपने आप न्यायपूर्ण हो जाएंगे।
38. "न्याय समस्त सद्गुणों का मुकुट मणि है" (Justice is the crowning glory of all virtues). प्राचीन रोम के किस महान दार्शनिक और न्यायविद् ने यह कहा था?
  • A) सिसरो (Cicero)
  • B) सुकरात (Socrates)
  • C) प्लेटो (Plato)
  • D) मैकियावेली (Machiavelli)
  • E) बोदां (Bodin)
सही उत्तर: A) सिसरो (Cicero)
व्याख्या: रोमन दार्शनिक सिसरो ने प्राकृतिक कानून और नैतिकता पर बहुत लिखा है। उनका मानना था कि इंसान के अंदर दया, साहस आदि कई सद्गुण हो सकते हैं, लेकिन 'न्याय' उन सबका मुकुट (सबसे ऊपर) है।
39. जॉन रॉल्स (John Rawls) के 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference Principle) का क्या अर्थ है?
  • A) समाज में योग्यता के आधार पर अमीर और गरीब के बीच भेदभाव करना।
  • B) समाज में सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को इस तरह से व्यवस्थित करना कि उससे 'न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति' (Least Advantaged) को 'अधिकतम लाभ' (Maximum Benefit) प्राप्त हो सके।
  • C) समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच कार्यों का भेदभाव करना।
  • D) संपत्ति को पूरी तरह से समान भागों में बांट देना।
  • E) केवल पूँजीपतियों को टैक्स में छूट देना।
सही उत्तर: B) समाज में सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को इस तरह से व्यवस्थित करना कि...
व्याख्या: रॉल्स का Difference Principle ('Maximin' principle) असमानता को तभी सही मानता है जब उस असमानता (जैसे डॉक्टर को ज्यादा वेतन) से समाज के सबसे गरीब/निचले तबके को सबसे ज्यादा फायदा हो (ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके)।
40. निम्नलिखित में से 'राजनीतिक न्याय' (Political Justice) का सबसे अनिवार्य लक्षण कौन-सा है?
  • A) राज्य द्वारा सबको रोजगार की गारंटी।
  • B) कानून के समक्ष सभी नागरिकों की समानता।
  • C) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) और सरकार का जनता की सहमति पर आधारित होना।
  • D) समाज में छुआछूत का अंत।
  • E) न्यायालयों में मुफ्त कानूनी सहायता।
सही उत्तर: C) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और सरकार का जनता की सहमति पर आधारित होना।
व्याख्या: राजनीतिक न्याय का सीधा संबंध 'लोकतंत्र' से है, जहाँ प्रत्येक नागरिक (बिना किसी भेदभाव के) वोट देकर और चुनाव लड़कर शासन की प्रक्रिया में भाग ले सके।
41. न्याय के 'तात्विक दृष्टिकोण' (Substantive Justice) का मुख्य सरोकार (Concern) किससे होता है?
  • A) कि क्या नियम/प्रक्रिया (Procedure) सही ढंग से लागू हुई है?
  • B) कि क्या नियम/परिणाम वास्तव में 'नैतिक' (Moral) और 'न्यायपूर्ण' (Justifiable) हैं?
  • C) कि क्या बाजार में खुली प्रतिस्पर्धा है?
  • D) कि क्या राजा के आदेश का पालन हुआ है?
  • E) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
सही उत्तर: B) कि क्या नियम/परिणाम वास्तव में 'नैतिक' और 'न्यायपूर्ण' हैं?
व्याख्या: 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural) केवल यह देखता है कि रेस (परीक्षा) में नियम सही थे या नहीं। 'तात्विक न्याय' (Substantive) यह देखता है कि क्या रेस में दौड़ने वाले दोनों व्यक्ति बराबर सक्षम (लंगड़े और एथलीट की रेस तो नहीं) थे? तात्विक न्याय परिणामों की नैतिकता देखता है।
42. जॉन रॉल्स (John Rawls) की न्याय प्रणाली को मुख्य रूप से किस विचारधारा (Ideology) के अंतर्गत रखा जाता है?
  • A) रूढ़िवाद (Conservatism)
  • B) शास्त्रीय उदारवाद / व्यक्तिवाद (Classical Liberalism)
  • C) समकालीन सकारात्मक उदारवाद / कल्याणकारी राज्य (Contemporary Positive Liberalism / Welfare State)
  • D) मार्क्सवादी समाजवाद (Marxist Socialism)
  • E) फासीवाद (Fascism)
सही उत्तर: C) समकालीन सकारात्मक उदारवाद / कल्याणकारी राज्य
व्याख्या: यद्यपि रॉल्स पूँजीवादी लोकतंत्र के समर्थक हैं (स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हैं), लेकिन उनका 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference principle) राज्य को कमजोरों के लिए कल्याणकारी (Welfare) नीतियां बनाने का निर्देश देता है। इसलिए वे समकालीन 'सकारात्मक' उदारवादी हैं।
43. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): कानूनी न्याय (Legal Justice) का अर्थ केवल कानून का निर्माण करना नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष रूप से पालन कराना भी है。
कारण (R): राज्य का विधानमण्डल कानून बनाता है, लेकिन न्याय का कानूनी पक्ष यह देखता है कि उन कानूनों को कैसे लागू किया जाए और उल्लंघन करने वालों को दंडित कर 'कानून के समक्ष समानता' कैसे सुनिश्चित की जाए।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: कानूनी न्याय का मतलब सिर्फ संसद द्वारा पास किया गया 'कानून' नहीं है। एक अच्छी न्यायपालिका (Court system) जो बिना डरे और बिना किसी के पक्ष में झुके उस कानून को लागू करवाए, वह कानूनी न्याय का मूल है।
44. "न्याय उत्तम समाज की आवश्यक शर्त है परंतु यह पर्याप्त नहीं है, इसके अलावा उत्तम समाज में नैतिकता (Morality) का भी समावेश होना चाहिए।" यह विचार किसका है?
  • A) जॉन रॉल्स (John Rawls)
  • B) कांट (Kant)
  • C) हीगल (Hegel)
  • D) टी. एच. ग्रीन (T.H. Green)
  • E) बोसांके (Bosanquet)
सही उत्तर: A) जॉन रॉल्स (John Rawls)
व्याख्या: रॉल्स ने यद्यपि न्याय को समाज का 'प्रथम सद्गुण' कहा है, लेकिन उन्होंने यह भी माना है कि केवल न्याय ही सब कुछ नहीं है, एक अच्छे समाज के लिए प्रेम, दया और नैतिकता जैसे अन्य सद्गुण भी आवश्यक हैं।
45. 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural Justice) निम्नलिखित में से किस व्यवस्था का प्रबल समर्थन करता है?
  • A) समाजवाद (Socialism)
  • B) बाजार व्यवस्था (Market System) और योग्यता आधारित प्रणाली (Merit-based system)
  • C) साम्यवाद (Communism)
  • D) तानाशाही (Dictatorship)
  • E) सामंतवाद (Feudalism)
सही उत्तर: B) बाजार व्यवस्था और योग्यता आधारित प्रणाली
व्याख्या: प्रक्रियात्मक न्याय (रॉबर्ट नोजिक, हेयक आदि) मानता है कि यदि बाज़ार के नियम (प्रक्रिया) सबके लिए समान हैं, तो बाज़ार में जो जितना योग्य होगा वह उतना कमाएगा। यह 'परिणामों की समानता' (Outcome) की फिक्र नहीं करता।
46. बहु-कथन प्रश्न: जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धान्त (Justice as Fairness) के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. यह 'वितरणात्मक न्याय' (Distributive Justice) का एक उत्कृष्ट रूप है。
2. रॉल्स ने अपने सिद्धान्त को 'शुद्ध प्रक्रियात्मक न्याय' (Pure Procedural Justice) का नाम दिया था。
3. यह 'सामाजिक समझौते' (Social Contract) पर आधारित है。
4. यह सिद्धान्त उपयोगितावाद (Utilitarianism) का समर्थन करता है।
सही कूट:
  • A) 1, 2, 3 और 4
  • B) 1, 2 और 3
  • C) केवल 1 और 4
  • D) केवल 2 और 3
  • E) 1, 3 और 4
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: रॉल्स ने उपयोगितावाद (Utilitarianism - अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) का घोर विरोध (खण्डन) किया था। शेष तीनों कथन रॉल्स की थ्योरी (Primary goods का वितरण, प्रक्रियात्मक तरीका, और समझौते का विचार) की सही व्याख्या हैं।
47. "न्याय अपने और पराये को नहीं पहचानता... यही कारण है कि उसे सब जगह अंधा (Blind) दिखाया जाता है।" जोसेफ के इस कथन का क्या अर्थ है?
  • A) न्याय प्रणाली में भ्रष्टाचार होना।
  • B) कानून के समक्ष सभी की पूर्ण समानता और निष्पक्षता (Absolute impartiality and Equality before Law)।
  • C) न्यायाधीशों का अज्ञानी होना।
  • D) न्याय का प्राकृतिक होना।
  • E) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
सही उत्तर: B) कानून के समक्ष सभी की पूर्ण समानता और निष्पक्षता
व्याख्या: न्याय की देवी की आँखों पर पट्टी (Blindfold) यह दर्शाती है कि न्याय करते समय अदालत यह नहीं देखती कि सामने खड़ा व्यक्ति कितना अमीर, गरीब, किस जाति या धर्म का है, वह सबके लिए 'कानून के आधार पर' निष्पक्ष फैसला सुनाती है।
48. कथन और कारण:
कथन (A): भारतीय न्यायपालिका के निर्णय मुख्य रूप से 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) के सिद्धान्त से प्रभावित होते हैं。
कारण (R): भारत एक लोक कल्याणकारी (Welfare) और लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जहाँ न्यायपालिका केवल 'कठोर कानूनों' पर नहीं, बल्कि समाज के शोषित और वंचित वर्गों के संरक्षण (Protection) और संविधान के मूल ढाँचे की रक्षा पर भी ध्यान देती है।
सही विकल्प चुनें:
  • A) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  • B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
  • C) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
  • E) A और R दोनों असत्य हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: भारत में PIL (जनहित याचिका) जैसी व्यवस्थाएं 'सामाजिक न्याय' का ही रूप हैं, जहाँ न्यायपालिका तकनीकी कानूनी पहलुओं (प्रक्रिया) से आगे बढ़कर समाज के कमजोर वर्ग को न्याय (तात्विक न्याय) दिलाने का कार्य करती है।
49. किस विचारक ने जॉन रॉल्स (John Rawls) की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें "उदारलोकतांत्रिक, पूँजीवादी, लोककल्याणकारी राज्य का अधिवक्ता (Advocate)" कहा था?
  • A) सी. बी. मैकफरसन (C.B. Macpherson)
  • B) कार्ल मार्क्स (Karl Marx)
  • C) रॉबर्ट नोजिक (Robert Nozick)
  • D) आइज़िया बर्लिन (Isaiah Berlin)
  • E) माइकल सैंडेल (Michael Sandel)
सही उत्तर: A) सी. बी. मैकफरसन (C.B. Macpherson)
व्याख्या: वामपंथी झुकाव वाले विचारक मैकफरसन का तर्क था कि रॉल्स की थ्योरी कुछ और नहीं, बल्कि डूबते हुए पूँजीवाद को 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare state) का लेप लगाकर बचाने (वकालत करने) का एक दार्शनिक प्रयास मात्र है।
50. प्राचीन काल में 'नैतिक न्याय' (Moral Justice) का मुख्य आधार क्या था?
  • A) न्यायालयों में लिखे गए कठोर कानून (Written Laws)।
  • B) आर्थिक समानता (Economic Equality)।
  • C) व्यक्तियों का चरित्र, सद्गुण (Virtues) और समाज में अपने प्राकृतिक कर्तव्यों (Duties) का पालन करना।
  • D) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Franchise)।
  • E) अंतर्राष्ट्रीय संधियों का पालन (International Treaties)।
सही उत्तर: C) व्यक्तियों का चरित्र, सद्गुण और समाज में अपने प्राकृतिक...
व्याख्या: प्लेटो और अरस्तू जैसे प्राचीन यूनानी विचारकों के लिए 'न्याय' कोई कानूनी कोर्ट का मामला नहीं था, बल्कि यह आत्मा का गुण (Virtue of soul) था— कि व्यक्ति लालच न करे और समाज में अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):50
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%

📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. 'Justice' शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?
उत्तर: 'Justice' शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द 'Jus' या 'Juticia' से हुई है, जिसका अर्थ है 'जोड़ना' (समाज को जोड़ना)।
Q2. "जिस राज्य में न्याय व्यवस्था नहीं पायी जाती है, वह राज्य डाकुओं का झुण्ड बन जाता है"— यह कथन किसका है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध और सबसे अधिक पूछा जाने वाला कथन संत अगस्टाइन (St. Augustine) का है।
Q3. प्रक्रियात्मक न्याय (Procedural Justice) और तात्विक न्याय में क्या अंतर है?
उत्तर: प्रक्रियात्मक न्याय बाजार आधारित और योग्यता (Merit) पर बल देता है (यह उदारवाद से जुड़ा है), जबकि तात्विक न्याय परिणामों की नैतिकता और विषय के औचित्य पर आधारित होता है।
Q4. जॉन रॉल्स ने अपनी 'न्याय थ्योरी' (Theory of Justice) में 'प्राथमिक वस्तुएं' किसे माना है?
उत्तर: रॉल्स ने अधिकार, स्वतंत्रता, शक्तियां, अवसर, आय, सम्पदा और आत्म-सम्मान के साधनों को प्राथमिक वस्तुएं (Primary Goods) माना है और इनके न्यायपूर्ण वितरण की बात कही है।
Q5. जॉन रॉल्स के 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference Principle) का क्या अर्थ है?
उत्तर: रॉल्स के अनुसार, समाज में असमानता केवल तभी उचित है जब उससे समाज के सबसे गरीब या न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति (Least advantaged) को अधिकतम लाभ मिलता हो।
Q6. आर्थिक न्याय (Economic Justice) का प्रमुख समर्थक किसे माना जाता है?
उत्तर: आर्थिक न्याय मुख्य रूप से मार्क्सवाद (कार्ल मार्क्स) से जुड़ा है, जो समाज में आर्थिक विषमता को समाप्त कर साधनों पर सम्पूर्ण समाज के नियंत्रण की वकालत करता है।
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