न्याय : 50 अति महत्वपूर्ण MCQs
| न्याय (Justice): 50 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट न्याय (Justice) के ऐतिहासिक विकास, विविध पक्षों (कानूनी, राजनीतिक, सामाजिक) और जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धांत पर आधारित है। इसमें कथन-कारण, कूट मिलान और 5-विकल्पों (A, B, C, D, E) वाले द्विभाषी (Bilingual) प्रश्न शामिल हैं। |
1. 'न्याय' (Justice) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के किस शब्द से हुई है और उसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: B) 'Jus' (जस) या 'Juticia', जिसका अर्थ है 'समाज को जोड़ना' (To bind or join society)
व्याख्या: एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका (Encyclopaedia Britannica) के अनुसार Justice शब्द लैटिन भाषा के 'Jus' से बना है। इसका मूल उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, अधिकारों और स्वतंत्रताओं के बीच एक कड़ी (बंधन) स्थापित करना है।
व्याख्या: एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका (Encyclopaedia Britannica) के अनुसार Justice शब्द लैटिन भाषा के 'Jus' से बना है। इसका मूल उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, अधिकारों और स्वतंत्रताओं के बीच एक कड़ी (बंधन) स्थापित करना है।
2. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): 20वीं शताब्दी में न्याय की अवधारणा में परिवर्तन हुआ और 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) का बोलबाला हुआ。
कारण (R): आधुनिक काल में मनुष्य को एक 'सामाजिक प्राणी' (Social Animal) के रूप में देखा जाता है, इसलिए कानून का प्रयोग करते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि समाज के गरीब और वंचित वर्गों (Poor and Deprived) पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): आधुनिक काल में मनुष्य को एक 'सामाजिक प्राणी' (Social Animal) के रूप में देखा जाता है, इसलिए कानून का प्रयोग करते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि समाज के गरीब और वंचित वर्गों (Poor and Deprived) पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
व्याख्या: 20वीं सदी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) के साथ जब 'नैतिकता' (Morality) और समाज कल्याण को जोड़ दिया गया, तो वह 'सामाजिक न्याय' बन गया। कारण (R) इसकी बिल्कुल सही पृष्ठभूमि प्रस्तुत करता है।
व्याख्या: 20वीं सदी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) के साथ जब 'नैतिकता' (Morality) और समाज कल्याण को जोड़ दिया गया, तो वह 'सामाजिक न्याय' बन गया। कारण (R) इसकी बिल्कुल सही पृष्ठभूमि प्रस्तुत करता है।
3. "जिस राज्य में न्याय व्यवस्था नहीं पायी जाती है, वह राज्य डाकुओं का झुण्ड (Band of robbers) बन जाता है।" राजनीति विज्ञान में न्याय के महत्व को दर्शाने वाला यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: D) संत अगस्टाइन (St. Augustine)
व्याख्या: ईसाई विचारक संत अगस्टाइन ने अपनी पुस्तक 'The City of God' में यह कहा था कि यदि राज्य से न्याय (Justice) को निकाल दिया जाए, तो राज्य और लुटेरों के गिरोह में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
व्याख्या: ईसाई विचारक संत अगस्टाइन ने अपनी पुस्तक 'The City of God' में यह कहा था कि यदि राज्य से न्याय (Justice) को निकाल दिया जाए, तो राज्य और लुटेरों के गिरोह में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
4. 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural Justice) और 'तात्विक न्याय' (Substantive Justice) के बीच मूल अंतर क्या है? (बहु-कथन)
1. प्रक्रियात्मक न्याय 'बाजार आधारित' (Market-based) और 'योग्यता' (Merit) पर बल देता है।
2. तात्विक न्याय 'नैतिकता' (Morality) और 'विषय के औचित्य' (Justification of subject) पर आधारित होता है।
3. प्रक्रियात्मक न्याय मुख्य रूप से 'उदारवाद' (Liberalism) से निकटता रखता है।
4. तात्विक न्याय 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) की नीति का समर्थन करता है।
सही कूट चुनें:
2. तात्विक न्याय 'नैतिकता' (Morality) और 'विषय के औचित्य' (Justification of subject) पर आधारित होता है।
3. प्रक्रियात्मक न्याय मुख्य रूप से 'उदारवाद' (Liberalism) से निकटता रखता है।
4. तात्विक न्याय 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) की नीति का समर्थन करता है।
सही उत्तर: B) केवल 1, 2 और 3 (Only 1, 2 and 3)
व्याख्या: कथन 4 गलत है। तात्विक (Substantive) न्याय परिणामों (Outcomes) की न्यायपूर्णता देखता है, इसलिए वह राज्य के हस्तक्षेप (कल्याण) की मांग कर सकता है, अहस्तक्षेप की नहीं। प्रक्रियात्मक न्याय (Procedural) केवल यह देखता है कि नियम (Rule) सही ढंग से लागू हुआ या नहीं (जैसे परीक्षा प्रणाली)।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। तात्विक (Substantive) न्याय परिणामों (Outcomes) की न्यायपूर्णता देखता है, इसलिए वह राज्य के हस्तक्षेप (कल्याण) की मांग कर सकता है, अहस्तक्षेप की नहीं। प्रक्रियात्मक न्याय (Procedural) केवल यह देखता है कि नियम (Rule) सही ढंग से लागू हुआ या नहीं (जैसे परीक्षा प्रणाली)।
5. सूची-I (विचारक) को सूची-II (न्याय सम्बन्धी उनके कथन) से सुमेलित करें:
a. सिसरो (Cicero)
1. न्याय शक्तिशाली का हित है (Justice is the interest of the strong)।
b. प्लेटो (Plato)
2. प्रत्येक को उसका उचित भाग मिल जाना ही न्याय है।
c. थ्रेसीमेकस
3. न्याय समस्त सद्गुणों का मुकुट मणि है।
d. अरस्तू (Aristotle)
4. अपने-अपने निर्धारित कार्यों को करते हुए एक दूसरे में सामंजस्य स्थापित करना ही न्याय है।
सही उत्तर: C) a-3, b-4, c-1, d-2
व्याख्या: सिसरो: सद्गुणों का मुकुट। प्लेटो: कार्य-विभाजन और सामंजस्य। थ्रेसीमेकस (सोफिस्ट): शक्तिशाली का हित। अरस्तू: समानुपातिक न्याय (उचित भाग)।
व्याख्या: सिसरो: सद्गुणों का मुकुट। प्लेटो: कार्य-विभाजन और सामंजस्य। थ्रेसीमेकस (सोफिस्ट): शक्तिशाली का हित। अरस्तू: समानुपातिक न्याय (उचित भाग)।
6. जॉन रॉल्स (John Rawls) ने अपनी पुस्तक 'A Theory of Justice' (1971) में न्याय के सिद्धान्त को स्थापित करने के लिए मुख्य रूप से किस प्राचीन राजनीतिक सिद्धान्त को पुनर्जीवित (Revived) किया?
सही उत्तर: C) सामाजिक समझौते का सिद्धान्त (Social Contract Theory)
व्याख्या: जॉन रॉल्स ने न्याय के नियमों को तय करने के लिए हॉब्स, लॉक और रूसो की तरह एक 'मूल अवस्था' (Original Position) की कल्पना की, जहाँ लोग 'अज्ञानता के पर्दे' (Veil of Ignorance) के पीछे बैठकर एक सामाजिक समझौता (Contract) करते हैं।
व्याख्या: जॉन रॉल्स ने न्याय के नियमों को तय करने के लिए हॉब्स, लॉक और रूसो की तरह एक 'मूल अवस्था' (Original Position) की कल्पना की, जहाँ लोग 'अज्ञानता के पर्दे' (Veil of Ignorance) के पीछे बैठकर एक सामाजिक समझौता (Contract) करते हैं।
7. "यदि कहीं भी अन्याय होता है, तो वह न्याय के लिए सब जगह खतरा पैदा कर देता है।" (Injustice anywhere is a threat to justice everywhere). यह विश्व प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: D) मार्टिन लूथर किंग जूनियर (Martin Luther King Jr.)
व्याख्या: अमेरिका में नागरिक अधिकारों (Civil Rights) के लिए लड़ने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने यह कथन दिया था, जो न्याय की सार्वभौमिकता (Universality of Justice) को दर्शाता है।
व्याख्या: अमेरिका में नागरिक अधिकारों (Civil Rights) के लिए लड़ने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने यह कथन दिया था, जो न्याय की सार्वभौमिकता (Universality of Justice) को दर्शाता है।
8. भारत और अमेरिका (USA) की न्यायपालिका प्रणाली में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) के सन्दर्भ में क्या मुख्य अंतर है?
सही उत्तर: B) भारत की न्यायपालिका 'कृत्रिम न्याय' पर आधारित है, जबकि USA की न्यायपालिका 'प्राकृतिक न्याय' पर...
व्याख्या: भारत में "Procedure established by law" (विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया) का प्रयोग होता है, जहाँ लिखा हुआ कानून सर्वोच्च है। अमेरिका में "Due process of law" (विधि की उचित प्रक्रिया) है, जहाँ न्यायाधीश प्राकृतिक न्याय (विवेक) का प्रयोग कर कानून को ही रद्द कर सकते हैं।
व्याख्या: भारत में "Procedure established by law" (विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया) का प्रयोग होता है, जहाँ लिखा हुआ कानून सर्वोच्च है। अमेरिका में "Due process of law" (विधि की उचित प्रक्रिया) है, जहाँ न्यायाधीश प्राकृतिक न्याय (विवेक) का प्रयोग कर कानून को ही रद्द कर सकते हैं।
9. जॉन रॉल्स (John Rawls) के अनुसार न्याय की मुख्य समस्या 'प्राथमिक वस्तुओं' (Primary Goods) के न्यायपूर्ण वितरण की समस्या है। निम्नलिखित में से कौन-सी रॉल्स द्वारा बताई गई प्राथमिक वस्तु नहीं है?
सही उत्तर: C) धार्मिक मान्यताएं और परम्पराएं (Religious Beliefs and Customs)
व्याख्या: रॉल्स ने 'Primary Goods' (प्राथमिक वस्तुओं) की एक सूची दी है जो हर व्यक्ति को चाहिए। इसमें अधिकार, अवसर, आय-संपत्ति और आत्म-सम्मान के साधन शामिल हैं। धर्म या परम्पराएँ इस सूची में नहीं हैं।
व्याख्या: रॉल्स ने 'Primary Goods' (प्राथमिक वस्तुओं) की एक सूची दी है जो हर व्यक्ति को चाहिए। इसमें अधिकार, अवसर, आय-संपत्ति और आत्म-सम्मान के साधन शामिल हैं। धर्म या परम्पराएँ इस सूची में नहीं हैं।
10. कथन और कारण:
कथन (A): जॉन रॉल्स (John Rawls) ने बेंथम (Bentham) के 'उपयोगितावाद' (Utilitarianism) के सिद्धान्त का कड़ा खण्डन किया है。
कारण (R): उपयोगितावाद "अधिकतम लोगों के अधिकतम सुख" (Greatest happiness of the greatest number) की बात करता है, जिसमें अल्पसंख्यक या दुखी व्यक्तियों के हितों की बलि दी जा सकती है, जो कि रॉल्स के न्याय (व्यक्ति की गरिमा) के खिलाफ है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उपयोगितावाद "अधिकतम लोगों के अधिकतम सुख" (Greatest happiness of the greatest number) की बात करता है, जिसमें अल्पसंख्यक या दुखी व्यक्तियों के हितों की बलि दी जा सकती है, जो कि रॉल्स के न्याय (व्यक्ति की गरिमा) के खिलाफ है।
सही उत्तर: D) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या (Correct Explanation) करता है।
व्याख्या: रॉल्स ने स्पष्ट लिखा है कि "सुखी लोगों के सुख को कितना भी क्यों न बढ़ा दिया जाय, उससे दुखी व्यक्तियों का दुख कम नहीं हो जाता।" रॉल्स एक भी व्यक्ति के नुकसान की कीमत पर बहुसंख्यक का सुख नहीं चाहते।
व्याख्या: रॉल्स ने स्पष्ट लिखा है कि "सुखी लोगों के सुख को कितना भी क्यों न बढ़ा दिया जाय, उससे दुखी व्यक्तियों का दुख कम नहीं हो जाता।" रॉल्स एक भी व्यक्ति के नुकसान की कीमत पर बहुसंख्यक का सुख नहीं चाहते।
11. "न्याय अपने और पराये को नहीं पहचानता, मित्र और शत्रु में अंतर नहीं करता, यही कारण है कि उसे सब जगह अंधा दिखाया जाता है।" (Justice is blind). यह प्रसिद्ध उक्ति किसकी है?
सही उत्तर: D) जोसेफ (Joseph)
व्याख्या: जोसेफ ने न्याय की देवी (Lady Justice) के आँखों पर बँधी पट्टी का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है कि न्याय पूर्णतः निष्पक्ष (Impartial) होता है, वह चेहरे देखकर फैसले नहीं सुनाता।
व्याख्या: जोसेफ ने न्याय की देवी (Lady Justice) के आँखों पर बँधी पट्टी का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा है कि न्याय पूर्णतः निष्पक्ष (Impartial) होता है, वह चेहरे देखकर फैसले नहीं सुनाता।
12. 'आर्थिक न्याय' (Economic Justice) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य (False) है?
सही उत्तर: C) यह राज्य के 'अहस्तक्षेप' (Laissez-Faire) की नीति का प्रबल समर्थन करता है।
व्याख्या: आर्थिक न्याय 'अहस्तक्षेप' (अर्थव्यवस्था को खुला छोड़ देना) का विरोधी है। यह राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप (Intervention) या उत्पादन के साधनों के सामाजीकरण की मांग करता है ताकि गरीबों का शोषण न हो।
व्याख्या: आर्थिक न्याय 'अहस्तक्षेप' (अर्थव्यवस्था को खुला छोड़ देना) का विरोधी है। यह राज्य द्वारा अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप (Intervention) या उत्पादन के साधनों के सामाजीकरण की मांग करता है ताकि गरीबों का शोषण न हो।
13. न्याय के ऐतिहासिक विकास के चरणों (Phases of Historical Development) का सही क्रम पहचानें:
1. कानूनी न्याय (Legal Justice - 16th-19th Century)
2. नैतिक न्याय (Moral Justice - Ancient/Medieval period)
3. सामाजिक न्याय (Social Justice - 20th Century)
2. नैतिक न्याय (Moral Justice - Ancient/Medieval period)
3. सामाजिक न्याय (Social Justice - 20th Century)
सही उत्तर: C) 2 ➔ 1 ➔ 3
व्याख्या: सबसे पहले प्राचीन ग्रीक/रोमन और मध्यकाल में न्याय 'नैतिकता' (चरित्र) पर आधारित था (2)। आधुनिक काल में यह कानून के समक्ष समानता (कानूनी न्याय) बना (1)। 20वीं सदी में गरीबों और वंचितों के अधिकारों की चेतना जगी, जिससे यह 'सामाजिक न्याय' बना (3)।
व्याख्या: सबसे पहले प्राचीन ग्रीक/रोमन और मध्यकाल में न्याय 'नैतिकता' (चरित्र) पर आधारित था (2)। आधुनिक काल में यह कानून के समक्ष समानता (कानूनी न्याय) बना (1)। 20वीं सदी में गरीबों और वंचितों के अधिकारों की चेतना जगी, जिससे यह 'सामाजिक न्याय' बना (3)।
14. "शक्ति के बिना न्याय पंगु (Lame) है और न्याय के बिना शक्ति अत्याचार का साधन (Tyranny) है।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: A) पास्कल (Pascal)
व्याख्या: पास्कल का यह कथन राज्य की दण्डकारी शक्ति (Coercive power) और न्याय के बीच संतुलन को दर्शाता है। यदि न्यायलय के पास सजा देने की ताकत नहीं है तो न्याय बेकार है, और अगर ताकत न्यायपूर्ण नहीं है तो वह तानाशाही है।
व्याख्या: पास्कल का यह कथन राज्य की दण्डकारी शक्ति (Coercive power) और न्याय के बीच संतुलन को दर्शाता है। यदि न्यायलय के पास सजा देने की ताकत नहीं है तो न्याय बेकार है, और अगर ताकत न्यायपूर्ण नहीं है तो वह तानाशाही है।
15. जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धान्त को "शुद्ध प्रक्रियात्मक न्याय" (Pure Procedural Justice) क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: B) क्योंकि रॉल्स का मानना है कि यदि न्याय के नियम तय करने की "प्रक्रिया"...
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) एक शुद्ध प्रक्रिया है। अगर केक काटने वाले को यह न पता हो कि उसे कौन-सा टुकड़ा मिलेगा, तो वह प्रक्रिया इतनी निष्पक्ष (Fair) अपनाएगा कि सबको बराबर हिस्सा मिले। यही 'Justice as Fairness' है।
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) एक शुद्ध प्रक्रिया है। अगर केक काटने वाले को यह न पता हो कि उसे कौन-सा टुकड़ा मिलेगा, तो वह प्रक्रिया इतनी निष्पक्ष (Fair) अपनाएगा कि सबको बराबर हिस्सा मिले। यही 'Justice as Fairness' है।
16. कथन और कारण:
कथन (A): सी. बी. मैकफरसन (Macpherson) ने जॉन रॉल्स को "उदार-लोकतांत्रिक, पूँजीवादी, लोककल्याणकारी राज्य का अधिवक्ता" कहकर पुकारा है。
कारण (R): रॉल्स का न्याय सिद्धान्त पूरी तरह से पूँजीवाद को नष्ट करके साम्यवाद (Communism) की स्थापना करना चाहता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): रॉल्स का न्याय सिद्धान्त पूरी तरह से पूँजीवाद को नष्ट करके साम्यवाद (Communism) की स्थापना करना चाहता है।
सही उत्तर: C) A सत्य (True) है, लेकिन R असत्य (False) है।
व्याख्या: रॉल्स साम्यवाद (Communism) के समर्थक नहीं थे। उनका सिद्धांत पूँजीवादी लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर ही राज्य को कल्याणकारी (Welfare) बनाने की बात करता है, इसलिए मैकफरसन ने उन्हें पूँजीवादी-कल्याणकारी राज्य का वकील (Advocate) कहा।
व्याख्या: रॉल्स साम्यवाद (Communism) के समर्थक नहीं थे। उनका सिद्धांत पूँजीवादी लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर ही राज्य को कल्याणकारी (Welfare) बनाने की बात करता है, इसलिए मैकफरसन ने उन्हें पूँजीवादी-कल्याणकारी राज्य का वकील (Advocate) कहा।
17. "न्याय अंतिम मूल्य है जो स्वतंत्रता और समानता में समन्वय स्थापित करता है... राजसत्ता कानून को वैधता प्रदान करती है और न्याय उसे मूल्य प्रदान करता है।" न्याय को परिभाषित करने वाला यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) अर्नेस्ट बार्कर (Ernest Barker)
व्याख्या: बार्कर ने न्याय को एक 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) माना है, जो समाज में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के बीच संतुलन (Balance) बनाता है।
व्याख्या: बार्कर ने न्याय को एक 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) माना है, जो समाज में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के बीच संतुलन (Balance) बनाता है।
18. जॉन रॉल्स (John Rawls) के 'न्याय के दो सिद्धान्तों' (Two Principles of Justice) के सम्बन्ध में कौन-सा कूट सही है?
1. सभी की समान स्वतंत्रता बनी रहे (Equal Liberty)।
2. भेद-मूलक सिद्धांत (Difference Principle): न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति को अधिकतम लाभ मिले।
3. अवसर की उचित समानता (Fair Equality of Opportunity)।
4. संपत्ति का पूर्ण राष्ट्रीयकरण (Total Nationalization of Property)।
सही विकल्प:
2. भेद-मूलक सिद्धांत (Difference Principle): न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति को अधिकतम लाभ मिले।
3. अवसर की उचित समानता (Fair Equality of Opportunity)।
4. संपत्ति का पूर्ण राष्ट्रीयकरण (Total Nationalization of Property)।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
व्याख्या: रॉल्स पूँजीवाद के अंदर न्याय चाहते हैं, इसलिए वे संपत्ति के 'पूर्ण राष्ट्रीयकरण' (Marxism) की बात नहीं करते। उनके सिद्धांत के 3 मुख्य हिस्से हैं: समान स्वतंत्रता, अवसर की समानता, और भेद-मूलक सिद्धांत (गरीबों का अधिकतम लाभ)।
व्याख्या: रॉल्स पूँजीवाद के अंदर न्याय चाहते हैं, इसलिए वे संपत्ति के 'पूर्ण राष्ट्रीयकरण' (Marxism) की बात नहीं करते। उनके सिद्धांत के 3 मुख्य हिस्से हैं: समान स्वतंत्रता, अवसर की समानता, और भेद-मूलक सिद्धांत (गरीबों का अधिकतम लाभ)।
19. 'राजनीतिक न्याय' (Political Justice) के सन्दर्भ में कौन-सा कथन असत्य (False) है?
सही उत्तर: D) यह समाज में सम्पत्ति के समान वितरण पर सर्वाधिक बल देता है।
व्याख्या: 'सम्पत्ति का समान वितरण' आर्थिक न्याय (Economic Justice) का लक्षण है, राजनीतिक न्याय का नहीं। राजनीतिक न्याय का सम्बन्ध वोट देने, चुनाव लड़ने और सरकार बनाने (लोकतंत्र) से है।
व्याख्या: 'सम्पत्ति का समान वितरण' आर्थिक न्याय (Economic Justice) का लक्षण है, राजनीतिक न्याय का नहीं। राजनीतिक न्याय का सम्बन्ध वोट देने, चुनाव लड़ने और सरकार बनाने (लोकतंत्र) से है।
20. "एक ही बात ऐसी है जो अन्याय से भी बुरी है वह यह कि न्याय की देवी के हाथ में तलवार न होना।" (Worse than injustice is a blind justice without a sword). यह कथन किसका है?
सही उत्तर: B) ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde)
व्याख्या: ऑस्कर वाइल्ड का यह कथन दर्शाता है कि यदि न्यायपालिका के पास अपने आदेशों का पालन करवाने की 'शक्ति' (तलवार/Dand) नहीं है, तो वह व्यवस्था खुले अन्याय से भी ज्यादा खतरनाक है।
व्याख्या: ऑस्कर वाइल्ड का यह कथन दर्शाता है कि यदि न्यायपालिका के पास अपने आदेशों का पालन करवाने की 'शक्ति' (तलवार/Dand) नहीं है, तो वह व्यवस्था खुले अन्याय से भी ज्यादा खतरनाक है।
21. जॉन रॉल्स ने अपने न्याय के सिद्धान्तों को लागू करने के लिए एक 'प्राथमिकता क्रम' (Lexical Priority) तय किया है। सही क्रम कौन-सा है?
सही उत्तर: B) स्वतंत्रता > अवसर की समानता > भेद-मूलक सिद्धांत
व्याख्या: रॉल्स के अनुसार, सबसे पहले हर इंसान की 'स्वतंत्रता' सुरक्षित होनी चाहिए। उसके बाद 'अवसर की समानता' दी जाए। और अगर फिर भी समाज में असमानता हो, तो उसे इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि सबसे गरीब को फायदा हो (भेद-मूलक सिद्धांत)। यह क्रम तोड़ा नहीं जा सकता।
व्याख्या: रॉल्स के अनुसार, सबसे पहले हर इंसान की 'स्वतंत्रता' सुरक्षित होनी चाहिए। उसके बाद 'अवसर की समानता' दी जाए। और अगर फिर भी समाज में असमानता हो, तो उसे इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि सबसे गरीब को फायदा हो (भेद-मूलक सिद्धांत)। यह क्रम तोड़ा नहीं जा सकता।
22. निम्नलिखित में से 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) का सबसे सटीक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: C) एक ऐसे समाज की स्थापना करना जो जाति, धर्म, लिंग और विशेषाधिकारों पर आधारित न हो...
व्याख्या: 20वीं सदी का 'सामाजिक न्याय' लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) का आधार है। इसका मतलब है कि जन्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो और राज्य समाज के पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC, महिला, गरीब) को ऊपर उठाने के लिए सकारात्मक कदम (आरक्षण/सुविधाएं) उठाए।
व्याख्या: 20वीं सदी का 'सामाजिक न्याय' लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) का आधार है। इसका मतलब है कि जन्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो और राज्य समाज के पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC, महिला, गरीब) को ऊपर उठाने के लिए सकारात्मक कदम (आरक्षण/सुविधाएं) उठाए।
23. कथन और कारण:
कथन (A): भारतीय संविधान का बजट और उसकी आर्थिक नीतियाँ मूलतः 'राजनीतिक' (Political) होती हैं。
कारण (R): बजट का निर्माण राजनीतिक दल (सरकार) द्वारा किया जाता है, जिसमें वे अक्सर अपने 'राजनीतिक न्याय' और वोट बैंक (वैकल्पिक सामाजिक न्याय) को ध्यान में रखते हुए आर्थिक संसाधनों का वितरण करते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बजट का निर्माण राजनीतिक दल (सरकार) द्वारा किया जाता है, जिसमें वे अक्सर अपने 'राजनीतिक न्याय' और वोट बैंक (वैकल्पिक सामाजिक न्याय) को ध्यान में रखते हुए आर्थिक संसाधनों का वितरण करते हैं।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट किया गया है कि "बजट राजनीतिक होता है।" इसका कारण यही है कि अर्थव्यवस्था में 'किसको कितना मिलेगा' (Distributive Justice), यह फैसला राजनीति (संसद/सरकार) करती है।
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट किया गया है कि "बजट राजनीतिक होता है।" इसका कारण यही है कि अर्थव्यवस्था में 'किसको कितना मिलेगा' (Distributive Justice), यह फैसला राजनीति (संसद/सरकार) करती है।
24. "प्रत्येक को उसका उचित भाग मिल जाना ही न्याय है।" (Giving everyone their due is justice). यह समानुपातिक न्याय (Proportional Justice) का सिद्धान्त किस प्राचीन यूनानी विचारक का है?
सही उत्तर: A) अरस्तू (Aristotle)
व्याख्या: अरस्तू का न्याय (वितरणात्मक न्याय) अंकगणितीय (बराबर बाँटना) नहीं था, बल्कि 'समानुपातिक' (Proportional) था। अर्थात् जो राज्य को जितना अधिक योगदान देगा (योग्यता/सद्गुण), उसे उतना ही अधिक पद या सम्मान (उचित भाग) मिलेगा।
व्याख्या: अरस्तू का न्याय (वितरणात्मक न्याय) अंकगणितीय (बराबर बाँटना) नहीं था, बल्कि 'समानुपातिक' (Proportional) था। अर्थात् जो राज्य को जितना अधिक योगदान देगा (योग्यता/सद्गुण), उसे उतना ही अधिक पद या सम्मान (उचित भाग) मिलेगा।
25. जॉन रॉल्स (John Rawls) ने अपनी 'थ्योरी ऑफ जस्टिस' में समाज को किस रूप में देखा है?
सही उत्तर: C) एक शृंखला (Chain) के रूप में, जिसमें सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत बनाना राज्य का कर्तव्य है।
व्याख्या: रॉल्स का 'Maximin Principle' (Difference principle) यही कहता है कि एक जंजीर (Chain) उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी (Weakest link)। अतः समाज को मजबूत करने के लिए सबसे गरीब/पिछड़े वर्ग को अधिकतम लाभ देना चाहिए।
व्याख्या: रॉल्स का 'Maximin Principle' (Difference principle) यही कहता है कि एक जंजीर (Chain) उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी (Weakest link)। अतः समाज को मजबूत करने के लिए सबसे गरीब/पिछड़े वर्ग को अधिकतम लाभ देना चाहिए।
26. बहु-कथन प्रश्न: न्याय (Justice) के ऐतिहासिक विकास के सन्दर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं?
1. प्राचीन यूनान में न्याय मुख्य रूप से 'नैतिकता और कर्तव्य' (Morality and Duty) पर आधारित था।
2. 16वीं-19वीं शताब्दी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) उदित हुआ, जिसमें कानून के समक्ष सभी को समान माना गया।
3. 20वीं शताब्दी में 'नैतिक न्याय' और 'कानूनी न्याय' दोनों मिलकर 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) बन गए।
4. 20वीं शताब्दी में न्यायपालिका ने 'धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र' के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया।
सही कूट चुनें:
2. 16वीं-19वीं शताब्दी में 'कानूनी न्याय' (Legal Justice) उदित हुआ, जिसमें कानून के समक्ष सभी को समान माना गया।
3. 20वीं शताब्दी में 'नैतिक न्याय' और 'कानूनी न्याय' दोनों मिलकर 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) बन गए।
4. 20वीं शताब्दी में न्यायपालिका ने 'धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र' के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3 (1, 2 and 3)
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 20वीं सदी की न्यायपालिका (विशेषकर भारत में) ने संविधान के मूल ढाँचे (धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र) की रक्षा की है, न कि उसके खिलाफ काम किया है। अन्य तीनों कथन न्याय के विकास को सही दर्शाते हैं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 20वीं सदी की न्यायपालिका (विशेषकर भारत में) ने संविधान के मूल ढाँचे (धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र) की रक्षा की है, न कि उसके खिलाफ काम किया है। अन्य तीनों कथन न्याय के विकास को सही दर्शाते हैं।
27. जॉन रॉल्स के न्याय सिद्धांत की एक प्रमुख आलोचना यह है कि यह 'आदर्शवादी' (Idealistic) और 'काल्पनिक' है। इसे दर्शनशास्त्र में किस विशेष शब्द से सम्बोधित किया जाता है?
सही उत्तर: A) प्रत्ययवादी (Conceptual / Idealist)
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) और 'मूल अवस्था' (Original Position) वास्तविक इतिहास में कभी घटित नहीं हुए, वे केवल एक कल्पना (Thought Experiment) हैं। इसलिए उनके सिद्धांत को 'प्रत्ययवादी' (आदर्शवादी) माना जाता है।
व्याख्या: रॉल्स का 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) और 'मूल अवस्था' (Original Position) वास्तविक इतिहास में कभी घटित नहीं हुए, वे केवल एक कल्पना (Thought Experiment) हैं। इसलिए उनके सिद्धांत को 'प्रत्ययवादी' (आदर्शवादी) माना जाता है।
28. "आदर्शवाद का दूसरा नाम प्रत्ययवाद भी है और प्रत्ययवाद समूहवाद है।" यह कथन राजनीति विज्ञान के किस मूल सिद्धांत को दर्शाता है?
सही उत्तर: B) आदर्शवाद (Idealism) और समाज/राज्य को साध्य मानना
व्याख्या: आदर्शवाद (कांट, हीगल) 'समूह' (राज्य/समाज) को सर्वोपरि मानता है। व्यक्ति का अस्तित्व केवल समूह (राज्य) के अंग के रूप में है। इसलिए प्रत्ययवाद (Idealism) अंततः समूहवाद (Collectivism) का ही रूप बन जाता है।
व्याख्या: आदर्शवाद (कांट, हीगल) 'समूह' (राज्य/समाज) को सर्वोपरि मानता है। व्यक्ति का अस्तित्व केवल समूह (राज्य) के अंग के रूप में है। इसलिए प्रत्ययवाद (Idealism) अंततः समूहवाद (Collectivism) का ही रूप बन जाता है।
29. कथन और कारण:
कथन (A): न्याय (Justice) समाज की एक 'अंतिम निर्णायक अवधारणा' (Final decisive concept) है।
कारण (R): स्वतंत्रता, समानता, अधिकार और संपत्ति जैसी सभी राजनीतिक अवधारणाएं आपस में टकरा सकती हैं, लेकिन न्याय ही वह 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) है जो इन सबके बीच उचित संतुलन (Balance) स्थापित करता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): स्वतंत्रता, समानता, अधिकार और संपत्ति जैसी सभी राजनीतिक अवधारणाएं आपस में टकरा सकती हैं, लेकिन न्याय ही वह 'संयोजक मूल्य' (Co-ordinating value) है जो इन सबके बीच उचित संतुलन (Balance) स्थापित करता है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: न्याय कोई एक अकेली चीज़ नहीं है। बार्कर के अनुसार, स्वतंत्रता और समानता आपस में विरोधी लग सकते हैं, लेकिन 'न्याय' वह टोकरी है जिसमें ये दोनों सही अनुपात में रखे जाते हैं। इसलिए न्याय सर्वोत्तम मूल्य है।
व्याख्या: न्याय कोई एक अकेली चीज़ नहीं है। बार्कर के अनुसार, स्वतंत्रता और समानता आपस में विरोधी लग सकते हैं, लेकिन 'न्याय' वह टोकरी है जिसमें ये दोनों सही अनुपात में रखे जाते हैं। इसलिए न्याय सर्वोत्तम मूल्य है।
30. प्लेटो (Plato) के अनुसार 'न्याय' (Justice) क्या है?
सही उत्तर: B) राज्य में रहने वाले प्रत्येक वर्ग द्वारा केवल अपने निर्धारित कार्यों को करना...
व्याख्या: प्लेटो का न्याय आधुनिक 'कानूनी न्याय' नहीं था, बल्कि यह एक 'नैतिक न्याय' था, जो कार्य-विशिष्टीकरण (Specialization) और अहस्तक्षेप (Non-interference in others' work) पर आधारित था।
व्याख्या: प्लेटो का न्याय आधुनिक 'कानूनी न्याय' नहीं था, बल्कि यह एक 'नैतिक न्याय' था, जो कार्य-विशिष्टीकरण (Specialization) और अहस्तक्षेप (Non-interference in others' work) पर आधारित था।
31. "न्याय शक्तिशाली का हित है" (Justice is the interest of the stronger). प्राचीन यूनान में यह विचार किस 'सोफिस्ट' (Sophist) विचारक ने दिया था?
सही उत्तर: C) थ्रेसीमेकस (Thrasymachus)
व्याख्या: प्लेटो की 'रिपब्लिक' में थ्रेसीमेकस एक सोफिस्ट विचारक था जिसने तर्क दिया कि समाज में कानून वही बनाता है जिसके पास 'शक्ति' होती है (राजा/सरकार), और वह कानून हमेशा उसी के फायदे के लिए होता है।
व्याख्या: प्लेटो की 'रिपब्लिक' में थ्रेसीमेकस एक सोफिस्ट विचारक था जिसने तर्क दिया कि समाज में कानून वही बनाता है जिसके पास 'शक्ति' होती है (राजा/सरकार), और वह कानून हमेशा उसी के फायदे के लिए होता है।
32. जॉन रॉल्स (John Rawls) की 'A Theory of Justice' के विषय में कौन-सा कथन गलत (Wrong) है?
सही उत्तर: B) उन्होंने उपयोगितावाद (Utilitarianism) का पूर्ण समर्थन किया।
व्याख्या: रॉल्स की पूरी पुस्तक ही 'उपयोगितावाद' (अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) के खण्डन (Critique) पर आधारित है। रॉल्स मानते हैं कि बहुसंख्यक के फायदे के लिए एक अकेले इंसान के हकों (गरिमा) को भी कुचला नहीं जा सकता।
व्याख्या: रॉल्स की पूरी पुस्तक ही 'उपयोगितावाद' (अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) के खण्डन (Critique) पर आधारित है। रॉल्स मानते हैं कि बहुसंख्यक के फायदे के लिए एक अकेले इंसान के हकों (गरिमा) को भी कुचला नहीं जा सकता।
33. 'न्याय' शब्द की उत्पत्ति (Etymology) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों में से गलत युग्म को पहचानें:
सही उत्तर: B) यूनान (Greece) — लैटिन (Latin)
व्याख्या: यूनान (Greece) की भाषा 'ग्रीक' (Greek) थी, न कि लैटिन। लैटिन मुख्य रूप से प्राचीन रोम (यूरोप) की भाषा थी जहाँ से 'Jus' शब्द निकला है।
व्याख्या: यूनान (Greece) की भाषा 'ग्रीक' (Greek) थी, न कि लैटिन। लैटिन मुख्य रूप से प्राचीन रोम (यूरोप) की भाषा थी जहाँ से 'Jus' शब्द निकला है।
34. जॉन रॉल्स की न्याय की अवधारणा में 'अज्ञानता का पर्दा' (Veil of Ignorance) क्या सुनिश्चित करता है?
सही उत्तर: B) कि नियम बनाने वालों को समाज में अपनी हैसियत का पता न हो...
व्याख्या: रॉल्स का तर्क है कि यदि कोई अमीर है, तो वह अमीरों के पक्ष में नियम बनाएगा। 'अज्ञानता के पर्दे' के पीछे व्यक्ति को पता नहीं होता कि वह अमीर बनेगा या गरीब, इसलिए डर के मारे वह ऐसे नियम बनाएगा जो सबसे गरीब (कमजोर) के लिए भी अच्छे हों।
व्याख्या: रॉल्स का तर्क है कि यदि कोई अमीर है, तो वह अमीरों के पक्ष में नियम बनाएगा। 'अज्ञानता के पर्दे' के पीछे व्यक्ति को पता नहीं होता कि वह अमीर बनेगा या गरीब, इसलिए डर के मारे वह ऐसे नियम बनाएगा जो सबसे गरीब (कमजोर) के लिए भी अच्छे हों।
35. बहु-कथन प्रश्न: 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) के विषय में सही कथनों का चयन करें:
1. यह लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की आधारशिला है।
2. यह मानव द्वारा मानव के शोषण को समाप्त करना चाहता है।
3. यह निर्बल और निर्धन पक्ष को 'विशेष सहायता और संरक्षण' (Protective discrimination) प्रदान करने की मांग करता है।
4. यह 16वीं शताब्दी में अस्तित्व में आया था।
सही कूट:
2. यह मानव द्वारा मानव के शोषण को समाप्त करना चाहता है।
3. यह निर्बल और निर्धन पक्ष को 'विशेष सहायता और संरक्षण' (Protective discrimination) प्रदान करने की मांग करता है।
4. यह 16वीं शताब्दी में अस्तित्व में आया था।
सही उत्तर: B) केवल 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 16वीं सदी में कानूनी/राजनीतिक न्याय था। 'सामाजिक न्याय' की अवधारणा 20वीं शताब्दी में (उदारवाद के सकारात्मक रूप और समाजवाद के प्रभाव से) मुख्य रूप से उभरी।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 16वीं सदी में कानूनी/राजनीतिक न्याय था। 'सामाजिक न्याय' की अवधारणा 20वीं शताब्दी में (उदारवाद के सकारात्मक रूप और समाजवाद के प्रभाव से) मुख्य रूप से उभरी।
36. "समाज में अनेक सद्गुण अपेक्षित हैं, उसमें न्याय का स्थान सर्वप्रथम है। न्याय उत्तम समाज की आवश्यक शर्त है परंतु यह पर्याप्त नहीं है..." यह न्याय को 'प्रथम सद्गुण' (First Virtue) मानने वाला कथन किसका है?
सही उत्तर: C) जॉन रॉल्स (John Rawls)
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'A Theory of Justice' की शुरुआत ही रॉल्स इस प्रसिद्ध वाक्य से करते हैं कि "जिस तरह सत्य (Truth) विचार-प्रणालियों का प्रथम सद्गुण है, उसी तरह न्याय (Justice) सामाजिक संस्थाओं का प्रथम सद्गुण है।"
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'A Theory of Justice' की शुरुआत ही रॉल्स इस प्रसिद्ध वाक्य से करते हैं कि "जिस तरह सत्य (Truth) विचार-प्रणालियों का प्रथम सद्गुण है, उसी तरह न्याय (Justice) सामाजिक संस्थाओं का प्रथम सद्गुण है।"
37. कथन और कारण:
कथन (A): कार्ल मार्क्स (Karl Marx) ने 'आर्थिक न्याय' (Economic Justice) को ही सम्पूर्ण न्याय का आधार बताया है。
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि यदि समाज की 'आर्थिक परिस्थितियों' (Base/उत्पादन के साधन) में परिवर्तन करके समानता ला दी जाए, तो राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था (Superstructure) में अपने आप न्यायपूर्ण परिवर्तन हो जाएगा।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): मार्क्स का मानना था कि यदि समाज की 'आर्थिक परिस्थितियों' (Base/उत्पादन के साधन) में परिवर्तन करके समानता ला दी जाए, तो राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था (Superstructure) में अपने आप न्यायपूर्ण परिवर्तन हो जाएगा।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मार्क्स के 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' (Historical Materialism) का यही सार है। अर्थव्यवस्था 'आधार' (Base) है। जब अर्थव्यवस्था पर सबका समान अधिकार होगा (आर्थिक न्याय), तो राज्य, कानून, धर्म (ऊपरी ढाँचा) सब अपने आप न्यायपूर्ण हो जाएंगे।
व्याख्या: मार्क्स के 'ऐतिहासिक भौतिकवाद' (Historical Materialism) का यही सार है। अर्थव्यवस्था 'आधार' (Base) है। जब अर्थव्यवस्था पर सबका समान अधिकार होगा (आर्थिक न्याय), तो राज्य, कानून, धर्म (ऊपरी ढाँचा) सब अपने आप न्यायपूर्ण हो जाएंगे।
38. "न्याय समस्त सद्गुणों का मुकुट मणि है" (Justice is the crowning glory of all virtues). प्राचीन रोम के किस महान दार्शनिक और न्यायविद् ने यह कहा था?
सही उत्तर: A) सिसरो (Cicero)
व्याख्या: रोमन दार्शनिक सिसरो ने प्राकृतिक कानून और नैतिकता पर बहुत लिखा है। उनका मानना था कि इंसान के अंदर दया, साहस आदि कई सद्गुण हो सकते हैं, लेकिन 'न्याय' उन सबका मुकुट (सबसे ऊपर) है।
व्याख्या: रोमन दार्शनिक सिसरो ने प्राकृतिक कानून और नैतिकता पर बहुत लिखा है। उनका मानना था कि इंसान के अंदर दया, साहस आदि कई सद्गुण हो सकते हैं, लेकिन 'न्याय' उन सबका मुकुट (सबसे ऊपर) है।
39. जॉन रॉल्स (John Rawls) के 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference Principle) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) समाज में सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को इस तरह से व्यवस्थित करना कि...
व्याख्या: रॉल्स का Difference Principle ('Maximin' principle) असमानता को तभी सही मानता है जब उस असमानता (जैसे डॉक्टर को ज्यादा वेतन) से समाज के सबसे गरीब/निचले तबके को सबसे ज्यादा फायदा हो (ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके)।
व्याख्या: रॉल्स का Difference Principle ('Maximin' principle) असमानता को तभी सही मानता है जब उस असमानता (जैसे डॉक्टर को ज्यादा वेतन) से समाज के सबसे गरीब/निचले तबके को सबसे ज्यादा फायदा हो (ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके)।
40. निम्नलिखित में से 'राजनीतिक न्याय' (Political Justice) का सबसे अनिवार्य लक्षण कौन-सा है?
सही उत्तर: C) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और सरकार का जनता की सहमति पर आधारित होना।
व्याख्या: राजनीतिक न्याय का सीधा संबंध 'लोकतंत्र' से है, जहाँ प्रत्येक नागरिक (बिना किसी भेदभाव के) वोट देकर और चुनाव लड़कर शासन की प्रक्रिया में भाग ले सके।
व्याख्या: राजनीतिक न्याय का सीधा संबंध 'लोकतंत्र' से है, जहाँ प्रत्येक नागरिक (बिना किसी भेदभाव के) वोट देकर और चुनाव लड़कर शासन की प्रक्रिया में भाग ले सके।
41. न्याय के 'तात्विक दृष्टिकोण' (Substantive Justice) का मुख्य सरोकार (Concern) किससे होता है?
सही उत्तर: B) कि क्या नियम/परिणाम वास्तव में 'नैतिक' और 'न्यायपूर्ण' हैं?
व्याख्या: 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural) केवल यह देखता है कि रेस (परीक्षा) में नियम सही थे या नहीं। 'तात्विक न्याय' (Substantive) यह देखता है कि क्या रेस में दौड़ने वाले दोनों व्यक्ति बराबर सक्षम (लंगड़े और एथलीट की रेस तो नहीं) थे? तात्विक न्याय परिणामों की नैतिकता देखता है।
व्याख्या: 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural) केवल यह देखता है कि रेस (परीक्षा) में नियम सही थे या नहीं। 'तात्विक न्याय' (Substantive) यह देखता है कि क्या रेस में दौड़ने वाले दोनों व्यक्ति बराबर सक्षम (लंगड़े और एथलीट की रेस तो नहीं) थे? तात्विक न्याय परिणामों की नैतिकता देखता है।
42. जॉन रॉल्स (John Rawls) की न्याय प्रणाली को मुख्य रूप से किस विचारधारा (Ideology) के अंतर्गत रखा जाता है?
सही उत्तर: C) समकालीन सकारात्मक उदारवाद / कल्याणकारी राज्य
व्याख्या: यद्यपि रॉल्स पूँजीवादी लोकतंत्र के समर्थक हैं (स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हैं), लेकिन उनका 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference principle) राज्य को कमजोरों के लिए कल्याणकारी (Welfare) नीतियां बनाने का निर्देश देता है। इसलिए वे समकालीन 'सकारात्मक' उदारवादी हैं।
व्याख्या: यद्यपि रॉल्स पूँजीवादी लोकतंत्र के समर्थक हैं (स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हैं), लेकिन उनका 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference principle) राज्य को कमजोरों के लिए कल्याणकारी (Welfare) नीतियां बनाने का निर्देश देता है। इसलिए वे समकालीन 'सकारात्मक' उदारवादी हैं।
43. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): कानूनी न्याय (Legal Justice) का अर्थ केवल कानून का निर्माण करना नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष रूप से पालन कराना भी है。
कारण (R): राज्य का विधानमण्डल कानून बनाता है, लेकिन न्याय का कानूनी पक्ष यह देखता है कि उन कानूनों को कैसे लागू किया जाए और उल्लंघन करने वालों को दंडित कर 'कानून के समक्ष समानता' कैसे सुनिश्चित की जाए।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): राज्य का विधानमण्डल कानून बनाता है, लेकिन न्याय का कानूनी पक्ष यह देखता है कि उन कानूनों को कैसे लागू किया जाए और उल्लंघन करने वालों को दंडित कर 'कानून के समक्ष समानता' कैसे सुनिश्चित की जाए।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: कानूनी न्याय का मतलब सिर्फ संसद द्वारा पास किया गया 'कानून' नहीं है। एक अच्छी न्यायपालिका (Court system) जो बिना डरे और बिना किसी के पक्ष में झुके उस कानून को लागू करवाए, वह कानूनी न्याय का मूल है।
व्याख्या: कानूनी न्याय का मतलब सिर्फ संसद द्वारा पास किया गया 'कानून' नहीं है। एक अच्छी न्यायपालिका (Court system) जो बिना डरे और बिना किसी के पक्ष में झुके उस कानून को लागू करवाए, वह कानूनी न्याय का मूल है।
44. "न्याय उत्तम समाज की आवश्यक शर्त है परंतु यह पर्याप्त नहीं है, इसके अलावा उत्तम समाज में नैतिकता (Morality) का भी समावेश होना चाहिए।" यह विचार किसका है?
सही उत्तर: A) जॉन रॉल्स (John Rawls)
व्याख्या: रॉल्स ने यद्यपि न्याय को समाज का 'प्रथम सद्गुण' कहा है, लेकिन उन्होंने यह भी माना है कि केवल न्याय ही सब कुछ नहीं है, एक अच्छे समाज के लिए प्रेम, दया और नैतिकता जैसे अन्य सद्गुण भी आवश्यक हैं।
व्याख्या: रॉल्स ने यद्यपि न्याय को समाज का 'प्रथम सद्गुण' कहा है, लेकिन उन्होंने यह भी माना है कि केवल न्याय ही सब कुछ नहीं है, एक अच्छे समाज के लिए प्रेम, दया और नैतिकता जैसे अन्य सद्गुण भी आवश्यक हैं।
45. 'प्रक्रियात्मक न्याय' (Procedural Justice) निम्नलिखित में से किस व्यवस्था का प्रबल समर्थन करता है?
सही उत्तर: B) बाजार व्यवस्था और योग्यता आधारित प्रणाली
व्याख्या: प्रक्रियात्मक न्याय (रॉबर्ट नोजिक, हेयक आदि) मानता है कि यदि बाज़ार के नियम (प्रक्रिया) सबके लिए समान हैं, तो बाज़ार में जो जितना योग्य होगा वह उतना कमाएगा। यह 'परिणामों की समानता' (Outcome) की फिक्र नहीं करता।
व्याख्या: प्रक्रियात्मक न्याय (रॉबर्ट नोजिक, हेयक आदि) मानता है कि यदि बाज़ार के नियम (प्रक्रिया) सबके लिए समान हैं, तो बाज़ार में जो जितना योग्य होगा वह उतना कमाएगा। यह 'परिणामों की समानता' (Outcome) की फिक्र नहीं करता।
46. बहु-कथन प्रश्न: जॉन रॉल्स (John Rawls) के न्याय सिद्धान्त (Justice as Fairness) के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. यह 'वितरणात्मक न्याय' (Distributive Justice) का एक उत्कृष्ट रूप है。
2. रॉल्स ने अपने सिद्धान्त को 'शुद्ध प्रक्रियात्मक न्याय' (Pure Procedural Justice) का नाम दिया था。
3. यह 'सामाजिक समझौते' (Social Contract) पर आधारित है。
4. यह सिद्धान्त उपयोगितावाद (Utilitarianism) का समर्थन करता है।
सही कूट:
2. रॉल्स ने अपने सिद्धान्त को 'शुद्ध प्रक्रियात्मक न्याय' (Pure Procedural Justice) का नाम दिया था。
3. यह 'सामाजिक समझौते' (Social Contract) पर आधारित है。
4. यह सिद्धान्त उपयोगितावाद (Utilitarianism) का समर्थन करता है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: रॉल्स ने उपयोगितावाद (Utilitarianism - अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) का घोर विरोध (खण्डन) किया था। शेष तीनों कथन रॉल्स की थ्योरी (Primary goods का वितरण, प्रक्रियात्मक तरीका, और समझौते का विचार) की सही व्याख्या हैं।
व्याख्या: रॉल्स ने उपयोगितावाद (Utilitarianism - अधिकतम लोगों का अधिकतम सुख) का घोर विरोध (खण्डन) किया था। शेष तीनों कथन रॉल्स की थ्योरी (Primary goods का वितरण, प्रक्रियात्मक तरीका, और समझौते का विचार) की सही व्याख्या हैं।
47. "न्याय अपने और पराये को नहीं पहचानता... यही कारण है कि उसे सब जगह अंधा (Blind) दिखाया जाता है।" जोसेफ के इस कथन का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) कानून के समक्ष सभी की पूर्ण समानता और निष्पक्षता
व्याख्या: न्याय की देवी की आँखों पर पट्टी (Blindfold) यह दर्शाती है कि न्याय करते समय अदालत यह नहीं देखती कि सामने खड़ा व्यक्ति कितना अमीर, गरीब, किस जाति या धर्म का है, वह सबके लिए 'कानून के आधार पर' निष्पक्ष फैसला सुनाती है।
व्याख्या: न्याय की देवी की आँखों पर पट्टी (Blindfold) यह दर्शाती है कि न्याय करते समय अदालत यह नहीं देखती कि सामने खड़ा व्यक्ति कितना अमीर, गरीब, किस जाति या धर्म का है, वह सबके लिए 'कानून के आधार पर' निष्पक्ष फैसला सुनाती है।
48. कथन और कारण:
कथन (A): भारतीय न्यायपालिका के निर्णय मुख्य रूप से 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) के सिद्धान्त से प्रभावित होते हैं。
कारण (R): भारत एक लोक कल्याणकारी (Welfare) और लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जहाँ न्यायपालिका केवल 'कठोर कानूनों' पर नहीं, बल्कि समाज के शोषित और वंचित वर्गों के संरक्षण (Protection) और संविधान के मूल ढाँचे की रक्षा पर भी ध्यान देती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): भारत एक लोक कल्याणकारी (Welfare) और लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जहाँ न्यायपालिका केवल 'कठोर कानूनों' पर नहीं, बल्कि समाज के शोषित और वंचित वर्गों के संरक्षण (Protection) और संविधान के मूल ढाँचे की रक्षा पर भी ध्यान देती है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: भारत में PIL (जनहित याचिका) जैसी व्यवस्थाएं 'सामाजिक न्याय' का ही रूप हैं, जहाँ न्यायपालिका तकनीकी कानूनी पहलुओं (प्रक्रिया) से आगे बढ़कर समाज के कमजोर वर्ग को न्याय (तात्विक न्याय) दिलाने का कार्य करती है।
व्याख्या: भारत में PIL (जनहित याचिका) जैसी व्यवस्थाएं 'सामाजिक न्याय' का ही रूप हैं, जहाँ न्यायपालिका तकनीकी कानूनी पहलुओं (प्रक्रिया) से आगे बढ़कर समाज के कमजोर वर्ग को न्याय (तात्विक न्याय) दिलाने का कार्य करती है।
49. किस विचारक ने जॉन रॉल्स (John Rawls) की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें "उदारलोकतांत्रिक, पूँजीवादी, लोककल्याणकारी राज्य का अधिवक्ता (Advocate)" कहा था?
सही उत्तर: A) सी. बी. मैकफरसन (C.B. Macpherson)
व्याख्या: वामपंथी झुकाव वाले विचारक मैकफरसन का तर्क था कि रॉल्स की थ्योरी कुछ और नहीं, बल्कि डूबते हुए पूँजीवाद को 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare state) का लेप लगाकर बचाने (वकालत करने) का एक दार्शनिक प्रयास मात्र है।
व्याख्या: वामपंथी झुकाव वाले विचारक मैकफरसन का तर्क था कि रॉल्स की थ्योरी कुछ और नहीं, बल्कि डूबते हुए पूँजीवाद को 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare state) का लेप लगाकर बचाने (वकालत करने) का एक दार्शनिक प्रयास मात्र है।
50. प्राचीन काल में 'नैतिक न्याय' (Moral Justice) का मुख्य आधार क्या था?
सही उत्तर: C) व्यक्तियों का चरित्र, सद्गुण और समाज में अपने प्राकृतिक...
व्याख्या: प्लेटो और अरस्तू जैसे प्राचीन यूनानी विचारकों के लिए 'न्याय' कोई कानूनी कोर्ट का मामला नहीं था, बल्कि यह आत्मा का गुण (Virtue of soul) था— कि व्यक्ति लालच न करे और समाज में अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे।
व्याख्या: प्लेटो और अरस्तू जैसे प्राचीन यूनानी विचारकों के लिए 'न्याय' कोई कानूनी कोर्ट का मामला नहीं था, बल्कि यह आत्मा का गुण (Virtue of soul) था— कि व्यक्ति लालच न करे और समाज में अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):50
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. 'Justice' शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?
उत्तर: 'Justice' शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द 'Jus' या 'Juticia' से हुई है, जिसका अर्थ है 'जोड़ना' (समाज को जोड़ना)।
Q2. "जिस राज्य में न्याय व्यवस्था नहीं पायी जाती है, वह राज्य डाकुओं का झुण्ड बन जाता है"— यह कथन किसका है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध और सबसे अधिक पूछा जाने वाला कथन संत अगस्टाइन (St. Augustine) का है।
Q3. प्रक्रियात्मक न्याय (Procedural Justice) और तात्विक न्याय में क्या अंतर है?
उत्तर: प्रक्रियात्मक न्याय बाजार आधारित और योग्यता (Merit) पर बल देता है (यह उदारवाद से जुड़ा है), जबकि तात्विक न्याय परिणामों की नैतिकता और विषय के औचित्य पर आधारित होता है।
Q4. जॉन रॉल्स ने अपनी 'न्याय थ्योरी' (Theory of Justice) में 'प्राथमिक वस्तुएं' किसे माना है?
उत्तर: रॉल्स ने अधिकार, स्वतंत्रता, शक्तियां, अवसर, आय, सम्पदा और आत्म-सम्मान के साधनों को प्राथमिक वस्तुएं (Primary Goods) माना है और इनके न्यायपूर्ण वितरण की बात कही है।
Q5. जॉन रॉल्स के 'भेद-मूलक सिद्धांत' (Difference Principle) का क्या अर्थ है?
उत्तर: रॉल्स के अनुसार, समाज में असमानता केवल तभी उचित है जब उससे समाज के सबसे गरीब या न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्ति (Least advantaged) को अधिकतम लाभ मिलता हो।
Q6. आर्थिक न्याय (Economic Justice) का प्रमुख समर्थक किसे माना जाता है?
उत्तर: आर्थिक न्याय मुख्य रूप से मार्क्सवाद (कार्ल मार्क्स) से जुड़ा है, जो समाज में आर्थिक विषमता को समाप्त कर साधनों पर सम्पूर्ण समाज के नियंत्रण की वकालत करता है।
