Polity Study Adda™ Official Website - PolityStudyAdda.com
📢 "Polity Study Adda पर आपका स्वागत है!📜राजव्यवस्था रटना छोड़ दो, अब समझने की बारी है! 📜 यहाँ आपको TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET/JRF और UPSC, State PCS, SSC व अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Political Science के प्रमाणित नोट्स और महत्वपूर्ण MCQs मिलेंगे। 📜"
Polity Study Adda पर TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET, UPSC, SSC सहित सभी One-Day प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राजनीति विज्ञान और भारतीय राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण MCQs और नोट्स पढ़ें। 'राजव्यवस्था रटने का नहीं, समझने का विषय है' — इसी मूल विचार के साथ, यह सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन मंच है।
यहाँ हम संपूर्ण राजनीति विज्ञान से संबंधित उच्च-स्तरीय MCQs, विस्तृत नोट्स और तथ्यपूर्ण आर्टिकल्स नियमित रूप से अपलोड करते हैं। संविधान के अनुच्छेदों, शासन व्यवस्था और जटिल राजनीतिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाना ही हमारा लक्ष्य है।
यह एक निजी एजुकेशनल (शैक्षिक) पोर्टल है जिसे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) विषय के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहराना चाहते हैं।
Polity Study Adda की मुख्य विशेषताएँ
•विषयवार विस्तृत आर्टिकल्स: भारतीय राजव्यवस्था, राजनीतिक चिंतक, सिद्धांत, लोक प्रशासन और IR की संपूर्ण सामग्री।
•उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): हर टॉपिक पर आधारित अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) और Mock Tests।
•परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट नोट्स: त्वरित रिवीजन (Quick Revision) के लिए टू-द-पॉइंट (To-the-point) आर्टिकल्स।
•सरल और स्पष्ट भाषा: कठिन से कठिन विषय को भी आसान शब्दों में समझाने का प्रयास।
Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग क्यों करना चाहिए?
राजनीति विज्ञान अक्सर छात्रों को केवल अनुच्छेदों (Articles) और अधिनियमों को याद रखने वाला विषय लगता है। इस भ्रांति को दूर करने के लिए आपको इसका उपयोग करना चाहिए क्योंकि:
• यहाँ रटने के बजाय देश की व्यवस्था समझने पर जोर दिया जाता है।
• यह TGT/PGT/LT और UGC NET के विस्तृत सिलेबस को कवर करता है, जिससे One-Day परीक्षाएँ स्वतः ही आसान हो जाती हैं।
• परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुसार नवीनतम सामग्री लगातार अपडेट होती है।
Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं?
•कैटेगरी चुनें: होमपेज पर Indian Polity, Political Thinker या Theory के सेक्शन में जाएं।
•सर्च करें: किसी विशेष विषय (जैसे- मूल अधिकार, प्लेटो) के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग करें।
•रिवीजन और प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के बाद उसी विषय के MCQs और Mock Tests को हल करें।
प्रतियोगी परीक्षाओं में 'राजनीति विज्ञान' विषय का क्या महत्व है?
भारत में सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती (Teaching Exams) जैसे क्षेत्रों में राजव्यवस्था की भूमिका निर्णायक होती है:
•सामान्य अध्ययन (GS) का आधार: UPSC और State PCS में राजव्यवस्था (Polity) से संविधान और गवर्नेंस पर कई प्रश्न पूछे जाते हैं।
•स्कोरिंग विषय: यदि कॉन्सेप्ट क्लियर हों, तो राजनीति विज्ञान में पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
•सामाजिक और कानूनी समझ: यह विषय हमें हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और देश की कानूनी प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।
हम परीक्षाओं में राजनीति विज्ञान में अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
•क्रमबद्ध अध्ययन: अनुच्छेदों को रटने के बजाय भागों और संबंधित अवधारणाओं के साथ पढ़ें।
•मानक स्रोत: केवल प्रामाणिक पुस्तकों और Polity Study Adda जैसे सटीक प्लेटफॉर्म्स पर अध्ययन करें।
•MCQs की प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के तुरंत बाद उससे जुड़े अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें।
•शॉर्ट नोट्स: एग्जाम के अंतिम दिनों के लिए खुद के की-वर्ड्स (Keywords) वाले नोट्स बनाएं।
भारत में सरकारी नौकरियां लोगों को क्यों पसंद हैं?
हमारे देश में सरकारी नौकरी (Government Job) को लेकर युवाओं में एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। इसे केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
•करियर और जॉब सिक्योरिटी: प्राइवेट सेक्टर की अनिश्चितता के उलट, सरकारी सेवा में नौकरी जाने का डर न के बराबर होता है।
•शानदार वेतन और सुविधाएं: आकर्षक सैलरी के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया (HRA) और मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।
•समाज में प्रतिष्ठा: सरकारी अफसर या शिक्षक बनने पर समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान और रुतबा बढ़ता है।
•तनावमुक्त पारिवारिक जीवन: फिक्स वर्किंग आवर्स और सरकारी छुट्टियों के कारण आप अपने परिवार को क्वालिटी टाइम दे पाते हैं।
सरकारी नौकरी हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
सरकारी नौकरी पाना रातों-रात का चमत्कार नहीं है; इसके लिए सही दिशा, अटूट धैर्य और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है:
•अपना फोकस साफ रखें: सबसे पहले तय करें कि आपको टीचिंग फील्ड (TGT, PGT, NET) में जाना है या प्रशासनिक सेवा (UPSC, PCS) में।
•पाठ्यक्रम (Syllabus) से चिपके रहें: ऑफिशियल सिलेबस का प्रिंटआउट लें और पिछले 5-10 सालों के प्रश्न-पत्रों (Previous Year Papers) का बारीकी से अध्ययन करें।
•प्रामाणिक अध्ययन सामग्री: 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से बेहतर है कि 1 अच्छी किताब को 10 बार पढ़ें। पॉलिटी के लिए Polity Study Adda के सटीक नोट्स फॉलो करें।
•रोज़ाना प्रैक्टिस: सिर्फ थ्योरी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। जो टॉपिक पढ़ें, तुरंत उसके MCQs हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारें।
Polity Study Adda आपकी कैसे मदद कर सकता है?
•सिलेबस-आधारित सामग्री: TGT, PGT, UPSC, NET/JRF के लेटेस्ट सिलेबस के अनुसार कंटेंट।
•समय की बचत: आपको कई किताबें छानने की जरूरत नहीं, सभी प्रामाणिक स्रोतों का निचोड़ मिलता है।
•मार्गदर्शन: किस परीक्षा के लिए क्या और कितना पढ़ना है, इसका सही मार्गदर्शन।
Polity Study Adda पर हमें भरोसा क्यों करना चाहिए?
•तथ्यों की प्रामाणिकता: हमारा कंटेंट मानक राजनीतिक पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।
•छात्र-हित सर्वोपरि: हमारा उद्देश्य भ्रामक जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्र की सफलता को सुनिश्चित करना है।
•लगातार अपडेट्स: हम पुरानी सामग्री पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कंटेंट को अपडेट करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Polity Study Adda वेबसाइट क्या है?
उत्तर: यह एक निजी शैक्षिक (Educational) पोर्टल है जो विशेष रूप से 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) और 'भारतीय राजव्यवस्था' (Indian Polity) विषय की तैयारी कर रहे छात्रों (TGT, PGT, UPSC, NET आदि) के लिए बनाया गया है।
Q2. क्या यह एक सरकारी वेबसाइट है?
उत्तर: नहीं, यह एक निजी (Private) प्लेटफॉर्म है जो छात्रों को मुफ्त एवं उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।
Q3. यह वेबसाइट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
उत्तर: मुख्य रूप से Teaching Exams (TGT, PGT, LT Grade, UGC NET) और Civil Services (UPSC, State PCS, SSC, Railway) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।
Q4. क्या यहाँ मुझे लोक प्रशासन (Public Administration) के नोट्स मिलेंगे?
उत्तर: हाँ, भारतीय राजव्यवस्था और राजनीतिक विचारकों के साथ-साथ आपको लोक प्रशासन और अन्तर्राष्ट्रीय संबंध (IR) के भी विस्तृत नोट्स और MCQs यहाँ प्राप्त होंगे。
Q5. क्या वेबसाइट पर केवल थ्योरी (Theory) पढ़ाई जाती है?
उत्तर: नहीं, थ्योरी के साथ-साथ आपकी प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective MCQs) और मॉक टेस्ट भी उपलब्ध हैं。
Q6. क्या वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी प्रामाणिक है?
उत्तर: बिल्कुल, यहाँ उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्री मानक और प्रामाणिक राजनीतिक पुस्तकों के गहन अध्ययन के बाद ही तैयार की जाती है।
Q7. मैं इस वेबसाइट पर किसी विशेष टॉपिक की मांग कैसे कर सकता हूँ?
Q8. क्या पॉलिटी स्टडी अड्डा का कोई यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया ग्रुप है?
उत्तर: हाँ, आप वेबसाइट के फुटर (सबसे नीचे) में दिए गए लिंक के माध्यम से हमारे Telegram, WhatsApp और YouTube चैनल आदि से जुड़ सकते हैं।
Q9. भारत में सरकारी नौकरी (Government Job) की इतनी मांग क्यों है?
उत्तर: जॉब सिक्योरिटी, बेहतर वेतन, भत्ते और समाज में उच्च सम्मान के कारण सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद होती है।
Q10. मैं शिक्षक या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?
उत्तर: सिलेबस के अनुसार रणनीति बनाकर पढ़ने, प्रामाणिक स्रोतों (जैसे Polity Study Adda) का उपयोग करने और नियमित MCQs की प्रैक्टिस करने से सफलता निश्चित है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
'Polity Study Adda' पर प्रकाशित सभी अध्ययन सामग्री, नोट्स, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अन्य सूचनाएं केवल छात्रों की परीक्षा की तैयारी और उनके त्वरित मार्गदर्शन के लिए प्रदान की गई हैं। इन्हें कानूनी दस्तावेज़ या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि हमारी टीम ने सभी तथ्यों और उत्तरों को मानक पुस्तकों के आधार पर पूरी तरह से सटीक और प्रामाणिक रखने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम अनजाने में हुई किसी भी मानवीय त्रुटि, टाइपिंग की गलती या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
प्रश्नों के उत्तर और आयोग (Commissions) के संबंध में विशेष सूचना —
राजनीति विज्ञान जैसे विस्तृत विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग भर्ती आयोग (Commissions) कभी-कभी एक ही प्रश्न के अलग-अलग उत्तरों को सही मान लेते हैं, या विवाद की स्थिति में एक से अधिक विकल्पों को सही ठहरा देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी प्रश्न का उत्तर एक आयोग के अनुसार कुछ और होता है, जबकि दूसरे आयोग के अनुसार कुछ और। आधिकारिक 'उत्तर कुंजी' (Official Answer Key) और हमारे द्वारा दिए गए उत्तरों में भिन्नता होने की स्थिति में 'Polity Study Adda' किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।
छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी जाती है कि किसी भी उत्तर या तथ्य की अंतिम पुष्टि के लिए वे संबंधित विभाग/आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, उनकी उत्तर कुंजी और मान्यता प्राप्त मानक पुस्तकों (Standard Books) का ही संदर्भ लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संगठन या आयोग से संबद्ध नहीं है; यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र और निजी शैक्षिक मंच है।
सम्प्रभुता के सिद्धान्त: 100 अति महत्वपूर्ण MCQs
Sovereignty (सम्प्रभुता) MCQ Quiz
सम्प्रभुता (Sovereignty) के सिद्धान्त: 100 अति महत्वपूर्ण MCQs
Study Material Overview:Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट सम्प्रभुता के एकलवादी और बहुलवादी सिद्धान्तों के गहन अध्ययन पर आधारित है। इसमें UPSC, PCS, UGC NET/JRF, TGT और PGT परीक्षाओं के स्तर के कथन-कारण, कूट मिलान और बहु-कथन वाले 100 अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल हैं।
1. सम्प्रभुता (Sovereignty) शब्द लैटिन भाषा के किन शब्दों से मिलकर बना है, और इसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
A) Sover + Reign, जिसका अर्थ है 'राज्य की शक्ति'
B) Super + Anus, जिसका अर्थ है 'सर्वोच्च सत्ता'
C) Super + Nity, जिसका अर्थ है 'असीमित अधिकार'
D) Sovran + Anus, जिसका अर्थ है 'ईश्वरीय सत्ता'
सही उत्तर: B) Super + Anus, जिसका अर्थ है 'सर्वोच्च सत्ता' व्याख्या: सम्प्रभुता आधुनिक कालीन अवधारणा है जो लैटिन भाषा के Super और Anus शब्दों से बनी है। इसका शाब्दिक अर्थ Supreme Power (सर्वोच्च सत्ता) होता है।
2. राजनीति विज्ञान में सम्प्रभुता (Sovereignty) का सर्वप्रथम स्पष्ट और वैज्ञानिक विचार किसने और किस पुस्तक में प्रस्तुत किया?
A) थॉमस हॉब्स ने 'लेवियाथन' (Leviathan) में
B) जॉन ऑस्टिन ने 'लेक्चर्स ऑन ज्यूरिसप्रूडेंस' में
C) जीन बोदां ने 'द सिक्स बुक्स ऑफ द रिपब्लिक' (1576) में
D) मैकियावेली ने 'द प्रिंस' में
सही उत्तर: C) जीन बोदां ने 'द सिक्स बुक्स ऑफ द रिपब्लिक' (1576) में व्याख्या: फ्रांसीसी विचारक जीन बोदां (Jean Bodin) ने 1576 में सर्वप्रथम संप्रभुता का वैज्ञानिक विचार दिया। इसलिए उन्हें आधुनिक सम्प्रभुता का जनक माना जाता है।
3. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. प्राचीन काल में अरस्तू ने सम्प्रभुता के लिए 'सर्वोच्च सत्ता' शब्द का प्रयोग किया था।
2. आधुनिक काल में 'सम्प्रभुता' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग जॉन लॉक ने किया था।
3. मध्यकाल में सम्प्रभुता के लिए 'क्षेत्रीय आधिपत्य' शब्द का प्रयोग किया जाता था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) 1, 2 और 3 सभी
D) केवल 1 और 3
सही उत्तर: C) 1, 2 और 3 सभी व्याख्या: तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। यद्यपि सम्प्रभुता का वैज्ञानिक जनक बोदां है, लेकिन 'सम्प्रभुता' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग जॉन लॉक ने किया था।
4. सूची-I (व्यवस्था) को सूची-II (सम्प्रभुता का निवास) के साथ सुमेलित करें:
a. लोकतंत्र (Democracy)
1. संविधान (Constitution)
b. संघात्मक व्यवस्था (Federal)
2. संसद (Parliament)
c. संसदीय व्यवस्था (जैसे ब्रिटेन)
3. जनता (Public)
सही कूट का चयन करें:
A) a-1, b-2, c-3
B) a-2, b-3, c-1
C) a-3, b-1, c-2
D) a-3, b-2, c-1
सही उत्तर: C) a-3, b-1, c-2 व्याख्या: लोकतंत्र में सम्प्रभुता जनता में होती है। संघात्मक व्यवस्था (जैसे भारत) में संविधान सर्वोच्च होता है। संसदीय व्यवस्था (जैसे ब्रिटेन) में संसद सम्प्रभु होती है।
5. "विभाजित सम्प्रभुता अपने आप में एक विरोधाभास है।" यह कथन किस विद्वान का है?
A) गेटेल (Gettell)
B) कालहन (Calhoun)
C) थॉमस हॉब्स (Thomas Hobbes)
D) जॉन ऑस्टिन (John Austin)
सही उत्तर: A) गेटेल (Gettell) व्याख्या: गेटेल ने सम्प्रभुता की अविभाज्यता का समर्थन करते हुए कहा था कि सम्प्रभुता को बाँटा नहीं जा सकता, इसे विभाजित करना एक विरोधाभास है। (नोट: हॉब्स ने 'सीमित' सम्प्रभुता को विरोधाभास कहा है)।
6. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): संसदीय शासन प्रणाली में औपचारिक सम्प्रभुता और वास्तविक सम्प्रभुता अलग-अलग हाथों में होती है। कारण (R): अध्यक्षीय शासन प्रणाली में राष्ट्र का संवैधानिक प्रधान और सरकार का वास्तविक प्रधान एक ही व्यक्ति होता है।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। व्याख्या: दोनों कथन अपनी जगह बिल्कुल सत्य हैं। लेकिन कारण (R) अध्यक्षीय प्रणाली की बात कर रहा है, जो यह स्पष्ट नहीं करता कि संसदीय प्रणाली में शक्तियों का बँटवारा (कथन A) क्यों होता है।
7. कानूनी संप्रभुता (Legal Sovereignty) और राजनीतिक संप्रभुता (Political Sovereignty) के मध्य सबसे पहले स्पष्ट अंतर किस विचारक ने किया था?
A) जॉन लॉक
B) गिलक्राइस्ट
C) ए. वी. डायसी
D) रूसो
सही उत्तर: C) ए. वी. डायसी (A.V. Dicey) व्याख्या: ए. वी. डायसी पहले विचारक हैं जिन्होंने कहा कि वकीलों द्वारा मान्य 'कानूनी सम्प्रभु' के पीछे एक ऐसा 'राजनीतिक सम्प्रभु' (जनता/निर्वाचक मंडल) होता है, जिसके सामने कानूनी सम्प्रभु को झुकना पड़ता है।
8. ए. आर. लॉर्ड (A.R. Lord) द्वारा बताए गए सम्प्रभुता के वर्गीकरण के अनुसार, 'लौकिक सम्प्रभुता' (Popular Sovereignty) का जनक किसे माना जाता है?
A) जीन बोदां
B) जॉन लॉक
C) जीन जैक्स रूसो
D) अल्थ्यूसियस
सही उत्तर: C) जीन जैक्स रूसो (J.J. Rousseau) व्याख्या: लॉर्ड के अनुसार कानूनी सम्प्रभुता के जनक बोदां हैं, राजनीतिक सम्प्रभुता के जॉन लॉक, और लौकिक (जनता में निहित) सम्प्रभुता के जनक रूसो हैं।
9. "सम्प्रभुता राज्य की सर्वोच्च इच्छा है।" यह परिभाषा किस विद्वान ने दी है?
A) विलोबी (Willoughby)
B) वुडरो विल्सन
C) डॉ. गार्नर
D) लीबर
सही उत्तर: A) विलोबी (Willoughby) व्याख्या: विलोबी ने संप्रभुता को बहुत ही संक्षिप्त और सटीक रूप में 'राज्य की सर्वोच्च इच्छा' (Supreme Will of the State) के रूप में परिभाषित किया है।
10. सम्प्रभुता के 'एकलवादी / परम्परागत सिद्धान्त' (Monistic Theory) के विकास का सही ऐतिहासिक क्रम क्या है?
A) हॉब्स ➔ बोदां ➔ ऑस्टिन
B) ऑस्टिन ➔ बोदां ➔ हॉब्स
C) बोदां ➔ हॉब्स ➔ ऑस्टिन
D) बोदां ➔ रूसो ➔ ऑस्टिन
सही उत्तर: C) बोदां ➔ हॉब्स ➔ ऑस्टिन व्याख्या: बोदां (जनक) ने इसे शुरू किया, हॉब्स ने इसे आगे बढ़ाया और पूर्णतः निरंकुश बनाया, और अंत में जॉन ऑस्टिन ने इसे चरम सीमा पर पहुँचाकर पूर्ण वैज्ञानिक स्वरूप दिया।
11. जीन बोदां ने सम्प्रभुता का निरंकुश विचार तो दिया, लेकिन उसने सम्प्रभु पर कुछ प्रतिबंध भी लगा दिए। निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिबंध बोदां द्वारा 'नहीं' लगाया गया था?
A) ईश्वरीय कानून (Divine Law)
B) अंतर्राष्ट्रीय कानून (International Law)
C) जनमत और प्रेस (Public Opinion & Press)
D) मौलिक कानून/संविधान (Fundamental Law)
सही उत्तर: C) जनमत और प्रेस व्याख्या: बोदां ने सम्प्रभु पर मौलिक कानून, अंतर्राष्ट्रीय कानून, ईश्वरीय कानून और शाश्वत कानून का प्रतिबंध लगाया था। इसी कारण यह कहा गया कि "वह न तो मध्यकालीन रहा और न ही आधुनिक बन सका।" जनमत का प्रतिबंध उसने नहीं लगाया।
12. "कानून सम्प्रभु का आदेश है।" (Law is the command of the sovereign) - यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
A) थॉमस हॉब्स
B) जॉन ऑस्टिन
C) हेरोल्ड लास्की
D) मैकाइवर
सही उत्तर: B) जॉन ऑस्टिन व्याख्या: यह जॉन ऑस्टिन का सबसे प्रसिद्ध कथन है जो उनके एकलवादी (कानूनी) संप्रभुता के सिद्धांत का मूल आधार है।
13. जॉन ऑस्टिन के कानूनी सिद्धान्त के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प असत्य (False) है?
A) संप्रभुता एक निश्चित एवं श्रेष्ठ व्यक्ति में निहित होनी चाहिए।
B) संप्रभुता को राज्य और अन्य संघों के बीच विभाजित किया जा सकता है।
C) संप्रभु की आज्ञा का पालन संपूर्ण समाज स्वभावतः (आदत से) करता हो।
D) कानून उच्चतर द्वारा निम्नतर को दिया गया आदेश है।
सही उत्तर: B) संप्रभुता को राज्य और अन्य संघों के बीच विभाजित... व्याख्या: ऑस्टिन एकलवादी विचारक हैं। उनके अनुसार सम्प्रभुता पूर्णतः 'अविभाज्य' (Indivisible) है। इसे विभाजित करने की बात 'बहुलवादी' करते हैं।
14. सूची-I (आलोचक) को सूची-II (ऑस्टिन के सिद्धान्त की आलोचनात्मक कथन) से सुमेलित करें:
a. सर हेनरी मेन
1. दर्शन से हवलदारी की गंध आती है
b. हर्नशा
2. सिद्धान्त आधुनिक राज्यों से काफी दूर है
c. अर्नेस्ट बार्कर
3. इतना निरंकुश संप्रभु इतिहास में नहीं ढूँढा जा सकता
A) a-1, b-2, c-3
B) a-3, b-1, c-2
C) a-2, b-3, c-1
D) a-3, b-2, c-1
सही उत्तर: B) a-3, b-1, c-2 व्याख्या: मेन ने इसे ऐतिहासिक दृष्टि से गलत बताया। हर्नशा ने इसके अत्यधिक कठोर (कमांड आधारित) होने पर हवलदारी की गंध की बात कही और बार्कर ने इसे आधुनिक राज्यों के लिए अनुपयुक्त बताया।
15. "समाज का स्वरूप संघात्मक (Federal) है, अतः सत्ता का स्वरूप भी संघात्मक होना चाहिए।" यह बहुलवादी दृष्टिकोण किस विचारक का है?
A) मैकाइवर
B) हेरोल्ड लास्की
C) क्रैब
D) फिगिस
सही उत्तर: B) हेरोल्ड लास्की (Harold Laski) व्याख्या: लास्की ने अपनी पुस्तक 'A Grammar of Politics' में तर्क दिया कि चूँकि समाज विभिन्न संघों से मिलकर बना है, इसलिए सत्ता का भी विकेन्द्रीकरण (संघात्मक स्वरूप) होना चाहिए।
16. सम्प्रभुता के बहुलवादी सिद्धान्त (Pluralism) के जनक संयुक्त रूप से किसे माना जाता है?
A) लास्की और मैकाइवर
B) डिग्बी और क्रैब
C) गियर्क और मेटलैंड (Gierke & Maitland)
D) लिंडसे और फिगिस
सही उत्तर: C) गियर्क और मेटलैंड (Gierke & Maitland) व्याख्या: जर्मनी के ओटो वॉन गियर्क और इंग्लैंड के एफ. डब्ल्यू. मेटलैंड को संयुक्त रूप से बहुलवाद का जनक माना जाता है। अमेरिका में इसे विलियम जेम्स ने दार्शनिक आधार दिया।
17. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'बहुलवादी सम्प्रभुता' (Pluralistic Sovereignty) से सम्बंधित नहीं है?
A) यह सत्ता के विकेन्द्रीकरण में विश्वास करता है।
B) यह सकारात्मक उदारवाद और लोककल्याणकारी राज्य का समर्थक है।
C) यह राज्य को पूर्णतः समाप्त कर देना (End of State) चाहता है।
D) यह सम्प्रभुता को विभाज्य और सीमित मानता है।
सही उत्तर: C) यह राज्य को पूर्णतः समाप्त कर देना चाहता है। व्याख्या: बहुलवादी राज्य को समाप्त नहीं करना चाहते (मार्क्सवादियों और अराजकतावादियों की तरह), बल्कि वे राज्य की असीमित शक्तियों को सीमित (Limit) कर उसे समाज के अन्य संघों के बराबर लाना चाहते हैं।
18. "राज्य संघों का संघ है" (State is the Union of Unions) - यह बहुलवाद का मूल मंत्र विशेष रूप से किस विचारक से जुड़ा है?
A) ए. डी. लिंडसे
B) जी. डी. एच. कोल
C) मिस फॉलेट
D) ऑस्टिन
सही उत्तर: A) ए. डी. लिंडसे (A.D. Lindsay) व्याख्या: यद्यपि यह सम्पूर्ण बहुलवादी विचारधारा का सार है, किन्तु यह प्रसिद्ध वाक्य मुख्य रूप से लिंडसे द्वारा प्रतिपादित किया गया है।
19. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): बहुलवादी यद्यपि राज्य और अन्य संघों को समान मानते हैं, फिर भी वे राज्य को 'सर्व-समावेशक शक्ति' के रूप में कुछ श्रेष्ठता प्रदान करते हैं। कारण (R): राज्य की सदस्यता अनिवार्य होती है और उसके पास दण्डकारी (बाध्यकारी) शक्ति होती है जो अन्य संघों के पास नहीं होती।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: लास्की जैसे बहुलवादियों ने स्पष्ट किया कि राज्य संघों का संघ होते हुए भी इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि इसकी सदस्यता ऐच्छिक नहीं बल्कि अनिवार्य है, और यह विवादों के निपटारे हेतु दण्ड का प्रयोग कर सकता है।
20. "यदि संप्रभुता सम्बन्धी सम्पूर्ण विचार का परित्याग कर दिया जाय तो राजनीतिशास्त्र को एक स्थायी लाभ होगा।" यह समालोचनात्मक कथन किसका है?
A) क्रैब
B) डिग्बी
C) हेरोल्ड लास्की
D) गार्नर
सही उत्तर: C) हेरोल्ड लास्की व्याख्या: लास्की ने एकलवादी (परम्परागत) सम्प्रभुता के विचार को मानव कल्याण के विरुद्ध मानते हुए कहा था कि राजनीति विज्ञान को इस विचार को पूरी तरह त्याग देना चाहिए।
21. निम्नलिखित में से कौन-से दो विचारक कानूनी संप्रभुता (Law is the command of sovereign) पर कड़ा प्रहार करते हुए मानते हैं कि "कानून संप्रभु का आदेश नहीं है, बल्कि कानून ने ही राज्य या संप्रभु को जन्म दिया है"?
A) बोदां और हॉब्स
B) लास्की और मैकाइवर
C) डिग्बी और क्रैब
D) गियर्क और मेटलैंड
सही उत्तर: C) डिग्बी और क्रैब (Diguit & Krabbe) व्याख्या: डिग्बी और क्रैब ने यह सिद्ध किया कि कानून समाज की उपज है। राज्य या संप्रभु के आने से बहुत पहले से कानून विद्यमान थे, अतः कानून सर्वोच्च है, राज्य नहीं।
22. डिग्बी और क्रैब के विचारों के मध्य मूल अंतर क्या है?
A) डिग्बी कानून को ईश्वर की देन मानता है, क्रैब इसे राजा की देन मानता है।
B) डिग्बी के अनुसार कानून का पालन करना 'कर्तव्य' (Duty) है, जबकि क्रैब के अनुसार यह एक 'स्वतः बोध/दायित्व' (Liability) है।
C) डिग्बी बहुलवादी है, जबकि क्रैब एकलवादी है।
D) दोनों के विचारों में कोई अंतर नहीं है।
सही उत्तर: B) डिग्बी (कर्तव्य) और क्रैब (स्वतः बोध/दायित्व) व्याख्या: डिग्बी मानते हैं कि सामाजिक एकजुटता के लिए कानून मानना लोगों का कर्तव्य है, जबकि क्रैब कहते हैं कि लोग कानून इसलिए मानते हैं क्योंकि उनकी अंतरात्मा (स्वतः बोध) कहती है कि यह सही है।
23. "राज्य शक्ति का नहीं बल्कि सेवा का साधन है।" (State is an instrument of service, not power). यह प्रसिद्ध कथन किस विचारक का है?
A) कार्ल मार्क्स
B) हेरोल्ड लास्की
C) आर. एम. मैकाइवर (R.M. MacIver)
D) वुडरो विल्सन
सही उत्तर: C) आर. एम. मैकाइवर (R.M. MacIver) व्याख्या: मैकाइवर एक समाजशास्त्रीय बहुलवादी थे। उन्होंने 'सेवाधर्मी राज्य' की अवधारणा दी और राज्य को समाज का केवल एक अंग माना जो व्यवस्था बनाये रखने का काम (सेवा) करता है।
24. भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सन्दर्भ में, 'विधि सम्मत (De Jure)' और 'तथ्य सम्मत (De Facto)' सम्प्रभुता का सही मिलान कौन-सा है?
A) दोनों विधि सम्मत हैं।
B) प्रधानमंत्री विधि सम्मत है, राष्ट्रपति तथ्य सम्मत है।
C) राष्ट्रपति विधि सम्मत (De Jure) है, प्रधानमंत्री तथ्य सम्मत (De Facto) है।
D) दोनों तथ्य सम्मत हैं।
सही उत्तर: C) राष्ट्रपति विधि सम्मत है, प्रधानमंत्री तथ्य सम्मत है। व्याख्या: संविधान (विधि) के अनुसार समस्त कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित है (De Jure), लेकिन व्यवहार में उन शक्तियों का प्रयोग प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद करती है (De Facto)।
25. "मानव समाज व्यक्तियों का ऐसा बालू का ढेर नहीं है जो केवल राज्य के जरिये ही एक-दूसरे से जुड़े हों, बल्कि समाज में तो नीचे से ऊपर तक सोपानित क्रम से एक के ऊपर एक संघ होते हैं।" यह कथन किसका है?
A) गियर्क
B) फिगिस
C) मेटलैंड
D) लिंडसे
सही उत्तर: B) फिगिस (Figgis) व्याख्या: ईसाई विचारक फिगिस ने ऑस्टिन के इस विचार का खंडन किया कि समाज में केवल व्यक्ति और राज्य हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और राज्य के बीच परिवार, चर्च, मजदूर संघ जैसे अनेक महत्वपूर्ण संघ हैं।
26. बहुलवादी सिद्धान्त का एक महत्वपूर्ण पहलू 'व्यावसायिक प्रतिनिधित्व' (Occupational Representation) है। इसके प्रमुख समर्थक कौन माने जाते हैं?
A) रूसो
B) जी. डी. एच. कोल
C) मिस फॉलेट
D) जीन बोदां
सही उत्तर: B) जी. डी. एच. कोल (G.D.H. Cole) व्याख्या: गिल्ड समाजवादी (Guild Socialist) कोल का मानना था कि संसद में प्रतिनिधित्व भौगोलिक (क्षेत्र) आधार पर नहीं, बल्कि व्यवसाय (किसानों का प्रतिनिधि किसान, शिक्षकों का शिक्षक) के आधार पर होना चाहिए।
27. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. "राज्य कानून का शिशु व जनक दोनों है।" - मैकाइवर
2. "मेरी आत्मा का निवास राज्य में है।" - मिस फॉलेट
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: C) 1 और 2 दोनों व्याख्या: मैकाइवर ने राज्य को कानून का शिशु (कानून ने राज्य को बनाया) और जनक (राज्य कानून बनाता है) दोनों माना है। मिस फॉलेट ने मनोवैज्ञानिक आधार पर राज्य के महत्व को स्वीकारते हुए आत्मा का निवास राज्य में बताया।
28. थॉमस हॉब्स ने यद्यपि राज्य को पूर्णतः निरंकुश (Absolute) माना, फिर भी उसने जनता को किस एक परिस्थिति में सम्प्रभु का विरोध करने का अधिकार (अपवाद) दिया है?
A) यदि सम्प्रभु संपत्ति छीन ले।
B) यदि सम्प्रभु कर (Tax) बढ़ा दे।
C) यदि सम्प्रभु जनता के प्राणों की रक्षा न कर सके (आत्मरक्षा का अधिकार)।
D) यदि सम्प्रभु धर्म का पालन न करने दे।
सही उत्तर: C) यदि सम्प्रभु जनता के प्राणों की रक्षा न कर सके व्याख्या: हॉब्स के अनुसार सामाजिक समझौते का मुख्य उद्देश्य 'जीवन की रक्षा' था। यदि लेवियाथन (सम्प्रभु) व्यक्ति के प्राण ही लेने लगे या उसकी रक्षा न कर पाए, तो व्यक्ति को उसके खिलाफ विद्रोह (आत्मरक्षा) का अधिकार है।
29. "जिस प्रकार अर्द्ध-त्रिभुज और अर्द्ध-वृत्त की कल्पना नहीं की जा सकती, उसी प्रकार आधी-तिहाई सम्प्रभुता की भी कल्पना नहीं की जा सकती।" यह कथन किसका है?
A) हॉब्स
B) कालहन
C) रूसो
D) लीबर
सही उत्तर: B) कालहन (Calhoun) व्याख्या: कालहन ने सम्प्रभुता की अविभाज्यता (Indivisibility) को गणितीय उदाहरणों से समझाते हुए कहा कि सम्प्रभुता या तो पूरी होती है या बिल्कुल नहीं होती। इसे टुकड़ों में नहीं बाँटा जा सकता।
30. 20वीं शताब्दी में सम्प्रभुता के बहुलवादी सिद्धान्त के उदय का प्रमुख कारण क्या था?
A) मार्क्सवाद का पूर्ण पतन
B) ऑस्टिन के कठोर एकलवादी/निरंकुश सिद्धान्त के विरुद्ध प्रतिक्रिया और विश्वयुद्धों की विभीषिका
C) राजतन्त्र (Monarchy) की पुनर्स्थापना की चाहत
D) चर्च (पोप) के प्रभाव में अत्यधिक वृद्धि
सही उत्तर: B) ऑस्टिन के कठोर एकलवादी... के विरुद्ध प्रतिक्रिया व्याख्या: जब राज्यों ने अपनी असीमित सम्प्रभुता का प्रयोग करते हुए विश्वयुद्ध (WWI & WWII) किए, तो विचारकों (लास्की आदि) ने माना कि राज्य की यह असीमित शक्ति मानवता के लिए खतरा है, इसलिए इसे अन्य संघों और अंतर्राष्ट्रीय नियमों से 'सीमित' करना आवश्यक है।
31. वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में सम्प्रभुता पर बाह्य (अंतर्राष्ट्रीय) प्रतिबंध लगाने वाली प्रमुख संस्थाएं कौन-सी हैं?
A) केवल UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ)
B) केवल WTO (विश्व व्यापार संगठन)
C) केवल MNCs (बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ)
D) उपर्युक्त सभी (UNO, WTO, IMF, MNCs)
सही उत्तर: D) उपर्युक्त सभी व्याख्या: आधुनिक वैश्वीकरण के युग में कोई भी राज्य पूर्णतः स्वतंत्र नहीं है। आर्थिक मामलों में WTO, IMF, MNCs और राजनीतिक मामलों में UNO राज्य की सम्प्रभुता को काफी हद तक सीमित करते हैं।
32. "सम्प्रभुता उस व्यक्ति में निहित सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति है जिसके कार्य अन्य किसी पर आश्रित न हो और जो अपने आप के अलावा अन्य किसी से सीमित न हो।" बाह्य सम्प्रभुता के जनक द्वारा दी गई यह परिभाषा किसकी है?
A) गार्नर
B) ग्रोसियस
C) ऑस्टिन
D) बोदां
सही उत्तर: B) ग्रोसियस (Grotius) व्याख्या: डच विद्वान ह्यूगो ग्रोसियस को बाह्य सम्प्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का जनक माना जाता है। उन्होंने यह परिभाषा राज्य की बाहरी स्वतंत्रता (अन्य देशों के दबाव से मुक्त) को दर्शाने के लिए दी थी।
33. ऑस्टिन के सम्प्रभुता सिद्धांत (Monism) की विशेषता नहीं है:
A) निरंकुशता (Absolute)
B) विकेन्द्रीकरण (Decentralization)
C) अविभाज्यता (Indivisibility)
D) निश्चित श्रेष्ठ मानव (Determinate Human Superior)
सही उत्तर: B) विकेन्द्रीकरण (Decentralization) व्याख्या: ऑस्टिन का सिद्धान्त सत्ता के पूर्ण 'केन्द्रीकरण' (Centralization) पर आधारित है। विकेन्द्रीकरण बहुलवादी (Pluralist) सिद्धान्त की विशेषता है।
34. सूची-I (ग्रंथ/पुस्तक) को सूची-II (लेखक) के साथ सुमेलित करें:
a. द सिक्स बुक्स ऑफ द रिपब्लिक
1. हेरोल्ड लास्की
b. लेक्चर्स ऑन ज्यूरिसप्रूडेंस
2. आर. एम. मैकाइवर
c. द मॉडर्न स्टेट
3. जीन बोदां
d. ए ग्रामर ऑफ पॉलिटिक्स
4. जॉन ऑस्टिन
A) a-3, b-4, c-1, d-2
B) a-3, b-4, c-2, d-1
C) a-4, b-3, c-2, d-1
D) a-2, b-1, c-4, d-3
सही उत्तर: B) a-3, b-4, c-2, d-1 व्याख्या: बोदां - Six Books, ऑस्टिन - Lectures on Jurisprudence, मैकाइवर - The Modern State, लास्की - A Grammar of Politics.
35. बहुलवाद (Pluralism) के अनुसार, व्यक्ति की निष्ठा (Loyalty) का विभाजन किस प्रकार होता है?
A) व्यक्ति की सम्पूर्ण निष्ठा केवल राज्य के प्रति होती है।
B) व्यक्ति की निष्ठा राज्य और समाज के अन्य संघों (चर्च, मजदूर संघ आदि) के बीच बँटी होती है।
C) व्यक्ति की निष्ठा केवल अपने परिवार तक सीमित होती है।
D) व्यक्ति किसी भी संस्था के प्रति निष्ठावान नहीं होता।
सही उत्तर: B) व्यक्ति की निष्ठा राज्य और समाज के अन्य संघों... व्याख्या: चूँकि व्यक्ति की आवश्यकताएं विविध हैं और कोई एक संस्था (राज्य) उन्हें पूरा नहीं कर सकती, इसलिए व्यक्ति राज्य के साथ-साथ अन्य सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक संघों का भी सदस्य होता है और उनके प्रति भी निष्ठा रखता है।
36. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): बहुलवाद राज्य की सत्ता को समाप्त करने का पक्षधर नहीं है। कारण (R): बहुलवादी मानते हैं कि विभिन्न संघों के बीच समन्वय और सामंजस्य स्थापित करने के लिए राज्य जैसी 'सर्व-समावेशक शक्ति' की आवश्यकता होती है।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: अराजकतावाद के विपरीत, बहुलवादी राज्य को खत्म नहीं करते। वे मानते हैं कि यदि राज्य नहीं होगा, तो विभिन्न संघ आपस में लड़ने लगेंगे। अतः उनके बीच विवाद सुलझाने के लिए राज्य जरूरी है।
37. "जिस प्रकार निज (स्वयं) को नष्ट किये बिना मनुष्य अपने जीवन तथा व्यक्तित्व को अलग नहीं कर सकता, उसी प्रकार सम्प्रभुता को भी राज्य से पृथक नहीं किया जा सकता।" यह कथन किसका है?
A) रूसो
B) हॉब्स
C) लीबर
D) गेटेल
सही उत्तर: C) लीबर (Lieber) व्याख्या: लीबर ने सम्प्रभुता को राज्य का 'प्राण तत्व' मानते हुए कहा है कि सम्प्रभुता को राज्य से अलग करना राज्य को मारने के समान है।
38. निम्नलिखित में से कौन-सा विचारक 'लौकिक सम्प्रभुता' (Popular Sovereignty - 'सार्वजनिक संकल्प ही सम्प्रभु है') का प्रबल समर्थक और जनक है?
A) जॉन लॉक
B) जीन जैक्स रूसो
C) थॉमस हॉब्स
D) जॉन ऑस्टिन
सही उत्तर: B) जीन जैक्स रूसो (J.J. Rousseau) व्याख्या: रूसो ने अपनी पुस्तक 'Social Contract' में 'सामान्य इच्छा' (General Will) का सिद्धांत दिया और माना कि अंतिम सत्ता जनता (Public) में निवास करती है, जिसे लौकिक सम्प्रभुता कहते हैं।
39. बहुलवादी विचारक 'राज्य' को क्या मानते हैं?
A) एक ईश्वरीय संस्था
B) समाज के अन्य संघों के समान ही एक संघ, जो सर्व-समावेशक है
C) पूँजीपतियों की कार्यकारिणी समिति (मार्क्सवाद की तरह)
D) एक अनावश्यक बुराई
सही उत्तर: B) समाज के अन्य संघों के समान ही एक संघ... व्याख्या: बहुलवादियों के अनुसार राज्य भी एक समुदाय (Association) है, जैसे चर्च, मजदूर संघ आदि। बस अंतर इतना है कि इसका उद्देश्य सभी समुदायों में समन्वय बनाना है।
40. निम्नलिखित में से कौन-सी दो विचारधाराएँ सम्प्रभुता को राज्य की 'निरंकुश' और 'असीमित' शक्ति मानती हैं?
A) बहुलवाद और उदारवाद
B) निरंकुश राजतन्त्र और एकलवादी (Monistic) सिद्धान्त
C) मार्क्सवाद और अराजकतावाद
D) गिल्ड समाजवाद और संघवाद
सही उत्तर: B) निरंकुश राजतन्त्र और एकलवादी (Monistic) सिद्धान्त व्याख्या: हॉब्स, बोदां और ऑस्टिन (एकलवादी) राज्य को असीमित मानते हैं। बहुलवादी इसे सीमित मानते हैं।
41. राजनीतिक सम्प्रभुता (Political Sovereignty) के विषय में गिलक्राइस्ट का क्या मत है?
A) यह संसद के कानूनों में निहित होती है।
B) यह किसी राज्य के अंतर्गत पाये जाने वाले समस्त प्रभावों का योग होता है।
C) यह केवल राजा की इच्छा पर निर्भर करती है।
D) इसका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं होता।
सही उत्तर: B) यह किसी राज्य के अंतर्गत पाये जाने वाले समस्त... व्याख्या: गिलक्राइस्ट ने राजनीतिक संप्रभुता की बहुत व्यापक परिभाषा दी है, जिसके अंतर्गत जनमत, प्रेस, राजनीतिक दल, निर्वाचक मण्डल आदि सभी प्रभावकारी तत्व आ जाते हैं।
42. यदि किसी देश में तख्तापलट (Coup) के द्वारा सेना सत्ता पर अधिकार कर ले, तो सेनाध्यक्ष किस प्रकार का सम्प्रभु कहलाएगा?
A) विधि सम्मत सम्प्रभु (De Jure Sovereign)
B) तथ्य सम्मत सम्प्रभु (De Facto Sovereign)
C) नाममात्र का सम्प्रभु (Titular Sovereign)
D) लौकिक सम्प्रभु (Popular Sovereign)
सही उत्तर: B) तथ्य सम्मत सम्प्रभु (De Facto Sovereign) व्याख्या: चूँकि उसे संविधान (कानून) के अनुसार सत्ता नहीं मिली है, लेकिन वास्तव में (तथ्यात्मक रूप से) उसके पास शक्ति (बल) है और वह शासन कर रहा है, इसलिए वह De Facto सम्प्रभु है।
43. सम्प्रभुता के 'लक्षणों' में 'अदेयता' (Imprescriptibility) का क्या अर्थ है?
A) सम्प्रभुता को बांटा नहीं जा सकता।
B) यदि सम्प्रभुता का लम्बे समय तक प्रयोग न किया जाए, तब भी वह नष्ट नहीं होती।
C) सम्प्रभुता किसी को दान में नहीं दी जा सकती।
D) सम्प्रभुता पर कानून का कोई बंधन नहीं है।
सही उत्तर: B) यदि सम्प्रभुता का लम्बे समय तक प्रयोग न किया जाए... व्याख्या: अदेयता (Imprescriptibility) का अर्थ है कि सम्प्रभुता कालातीत होती है। समय बीतने (Time limit) के कारण राज्य की सम्प्रभुता कभी खत्म नहीं होती, चाहे उसका प्रयोग कितने भी दिन न किया गया हो।
44. "सम्प्रभुता उस व्यक्ति में निहित सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति है... जो अपने आप के अलावा अन्य किसी से सीमित न हो।" यह कथन ग्रोसियस ने किस संदर्भ में कहा था?
A) आंतरिक सम्प्रभुता के संदर्भ में
B) बाह्य सम्प्रभुता (External Sovereignty) के संदर्भ में
C) लौकिक सम्प्रभुता के संदर्भ में
D) नाममात्र की सम्प्रभुता के संदर्भ में
सही उत्तर: B) बाह्य सम्प्रभुता (External Sovereignty) के संदर्भ में व्याख्या: ग्रोसियस अंतर्राष्ट्रीय कानून के जनक हैं। उनका यह कथन राज्य की उस शक्ति को दर्शाता है जिसके कारण वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र है और किसी अन्य देश की नीतियों से बंधा हुआ नहीं है।
45. 'बहुलवादी विचारधारा' (Pluralism) के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
A) यह 16वीं शताब्दी में विकसित हुई।
B) यह सम्प्रभुता को विभाज्य (Divisible) मानती है।
C) यह एकात्मक शासन व्यवस्था (Unitary System) का प्रबल समर्थन करती है।
D) यह राज्य को पूर्णतः निरंकुश मानती है।
सही उत्तर: B) यह सम्प्रभुता को विभाज्य (Divisible) मानती है। व्याख्या: बहुलवाद 20वीं शताब्दी की उपज है। यह राज्य की निरंकुशता का विरोध करता है, सत्ता के विकेन्द्रीकरण (विभाजन) का समर्थन करता है और संघात्मक व्यवस्था पर बल देता है।
46. लास्की के 'बहुलवाद' के संबंध में दो महत्वपूर्ण कथन चुनिए (कूट आधारित प्रश्न):
1. "समाज का स्वरूप संघात्मक है, अतः सत्ता का स्वरूप भी संघात्मक होना चाहिए।"
2. "संघ राज्य से कम प्रभुत्व सम्पन्न नहीं है।"
3. "कानून सम्प्रभु का आदेश है।"
4. "राज्य केवल एक दमनकारी संस्था है, इसे नष्ट कर देना चाहिए।"
सही कूट:
A) 1 और 3
B) 1 और 2
C) 2 और 4
D) 3 और 4
सही उत्तर: B) 1 और 2 व्याख्या: कथन 1 और 2 लास्की के प्रसिद्ध बहुलवादी विचार हैं। कथन 3 ऑस्टिन (एकलवादी) का है, और कथन 4 मार्क्सवादियों/अराजकतावादियों का है।
47. "सम्प्रभुता राज्य की ऐसी विशेषता है जिसके कारण वह अपनी इच्छा के अलावा और किसी चीज से बंधा नहीं होता।" यह परिभाषा किसकी है?
A) जीन बोदां
B) वुडरो विल्सन
C) डॉ. गार्नर
D) रूसो
सही उत्तर: C) डॉ. गार्नर (Garner) व्याख्या: गार्नर ने राज्य की सम्प्रभुता (विशेषकर आंतरिक) को स्पष्ट करते हुए यह परिभाषा दी थी। गार्नर राज्य विज्ञान के प्रमुख विद्वान माने जाते हैं।
48. किस बहुलवादी विचारक ने अर्नेस्ट बार्कर द्वारा नामंजूर की गई 'संघों के वास्तविक व्यक्तित्व' (Real personality of associations) की धारणा प्रस्तुत की थी?
A) लास्की और मैकाइवर
B) गियर्क और मेटलैंड
C) डिग्बी और क्रैब
D) लिंडसे
सही उत्तर: B) गियर्क और मेटलैंड व्याख्या: गियर्क और मेटलैंड का मानना था कि संघों का अपना स्वतंत्र और स्थायी व्यक्तित्व (चेतना/इच्छा) होता है। हालांकि अर्नेस्ट बार्कर ने इस धारणा को अस्वीकार कर दिया था।
49. बहुलवादी विचारक 'जी. डी. एच. कोल (G.D.H. Cole)' का मुख्य योगदान किस अवधारणा में है?
A) निरंकुश राजतंत्र का समर्थन
B) व्यावसायिक प्रतिनिधित्व (Occupational Representation)
C) तथ्य सम्मत सम्प्रभुता
D) बाह्य सम्प्रभुता
सही उत्तर: B) व्यावसायिक प्रतिनिधित्व (Occupational Representation) व्याख्या: कोल का मानना था कि प्रतिनिधित्व क्षेत्र (भूगोल) के आधार पर न होकर व्यवसाय के आधार पर होना चाहिए, ताकि हर पेशे के लोगों को संसद में उनका सही प्रतिनिधि मिल सके।
50. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'लोक कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) और 'बहुलवाद' के संबंध को सही रूप में दर्शाता है?
A) बहुलवाद लोक कल्याणकारी राज्य का विरोध करता है।
B) बहुलवाद सकारात्मक उदारवाद और लोक कल्याणकारी राज्य के विचारों का समर्थन करता है।
C) बहुलवाद केवल पुलिस राज्य (नकारात्मक उदारवाद) का समर्थन करता है।
D) दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: B) बहुलवाद सकारात्मक उदारवाद और लोक कल्याणकारी राज्य... व्याख्या: 20वीं शताब्दी में जब राज्य का स्वरूप 'नकारात्मक' (केवल सुरक्षा) से बदलकर 'सकारात्मक' (लोक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य) हो गया, तब बहुलवाद ने इस विकेन्द्रीकृत और जन-कल्याणकारी दृष्टिकोण का समर्थन किया।
51. कथन (Assertion) और कारण (Reason) पर विचार करें:
कथन (A): जीन बोदां को आधुनिक सम्प्रभुता का जनक माना जाता है, फिर भी कहा जाता है कि वह न तो मध्यकालीन रहा और न ही आधुनिक बन सका। कारण (R): बोदां ने सम्प्रभुता का आधुनिक (वैज्ञानिक) विचार तो दिया, लेकिन उस पर ईश्वरीय और शाश्वत कानूनों का प्रतिबंध लगाकर उसे वापस मध्यकाल की ओर धकेल दिया।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: बोदां अपने ही विचारों में उलझ गया था। उसने सम्प्रभु को निरंकुश बताया लेकिन उस पर धर्म (ईश्वर) और नैतिकता का प्रतिबंध लगा दिया, जो मध्यकालीन सोच का प्रतीक था।
52. बहुलवादी विचारक 'जी. डी. एच. कोल' (G.D.H. Cole) ने किस विशेष प्रकार के प्रतिनिधित्व का प्रबल समर्थन किया था?
A) आनुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation)
B) क्षेत्रीय या भौगोलिक प्रतिनिधित्व (Territorial Representation)
C) व्यावसायिक प्रतिनिधित्व (Occupational Representation)
D) साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व (Communal Representation)
सही उत्तर: C) व्यावसायिक प्रतिनिधित्व (Occupational Representation) व्याख्या: कोल का मानना था कि एक व्यक्ति जो शिक्षक है, वह किसानों की समस्याओं को संसद में नहीं उठा सकता। इसलिए प्रतिनिधित्व क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि पेशे (व्यवसाय) के आधार पर होना चाहिए।
53. "राजनीतिक सम्प्रभुता किसी राज्य के अंतर्गत पाये जाने वाले समस्त प्रभावों का योग होता है।" यह व्यापक दृष्टिकोण किस विद्वान ने प्रस्तुत किया?
A) ए. वी. डायसी
B) गिलक्राइस्ट
C) जॉन लॉक
D) रूसो
सही उत्तर: B) गिलक्राइस्ट (Gilchrist) व्याख्या: गिलक्राइस्ट ने राजनीतिक संप्रभुता में जनमत, प्रेस, राजनीतिक दल, और दबाव समूहों जैसे सभी 'प्रभावों' को शामिल किया है, जो कानूनी संप्रभु (संसद) को कानून बनाने के लिए विवश करते हैं।
54. सूची-I (सम्प्रभुता का प्रकार) को सूची-II (उसका निवास स्थान) से सुमेलित करें:
a. भारत की विधि सम्मत सम्प्रभुता
1. जनता (Public) में
b. भारत की तथ्य सम्मत सम्प्रभुता
2. संसद (Parliament) में
c. लौकिक (Popular) सम्प्रभुता
3. प्रधानमंत्री (मंत्रिपरिषद) में
d. ब्रिटेन की कानूनी सम्प्रभुता
4. राष्ट्रपति में
A) a-4, b-3, c-1, d-2
B) a-3, b-4, c-2, d-1
C) a-4, b-1, c-3, d-2
D) a-1, b-3, c-4, d-2
सही उत्तर: A) a-4, b-3, c-1, d-2 व्याख्या: भारत में कानूनी रूप (De Jure) से राष्ट्रपति सर्वोच्च है, लेकिन वास्तव (De Facto) में सत्ता प्रधानमंत्री के पास है। लौकिक सम्प्रभुता जनता में होती है और ब्रिटेन में संसद सम्प्रभु है।
55. किस विचारक ने ऑस्टिन के कानूनी सम्प्रभुता सिद्धान्त की आलोचना करते हुए कहा था कि "ऑस्टिन के दर्शन से हवलदारी की गंध आती है"?
A) सर हेनरी मेन
B) हर्नशा
C) अर्नेस्ट बार्कर
D) हेरोल्ड लास्की
सही उत्तर: B) हर्नशा (Hearnshaw) व्याख्या: चूँकि ऑस्टिन का सिद्धांत पूरी तरह 'आदेश और दंड' (Command and Punishment) पर आधारित था, इसलिए हर्नशा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह पुलिस या हवलदार जैसी मानसिकता को दर्शाता है।
56. निम्नलिखित में से कौन-सा बहुलवादी विचारक 'कानून' को 'राज्य' से श्रेष्ठ मानता है और कहता है कि "राज्य कानून का शिशु व जनक दोनों है"?
A) डिग्बी
B) क्रैब
C) मैकाइवर
D) गियर्क
सही उत्तर: C) मैकाइवर (R.M. MacIver) व्याख्या: मैकाइवर ने सिद्ध किया कि कानून (रीति-रिवाज आदि) राज्य के बनने से पहले से थे (अतः राज्य शिशु है)। लेकिन बनने के बाद राज्य ही नए कानूनों को लागू करता है (अतः राज्य जनक भी है)।
57. कथन और कारण (तार्किक प्रश्न):
कथन (A): अप्रत्यक्ष लोकतंत्र (Indirect Democracy) में लौकिक सम्प्रभुता और राजनीतिक सम्प्रभुता के बीच स्पष्ट अंतर पाया जाता है। कारण (R): प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) में जनता स्वयं कानून बनाती है, इसलिए वहाँ राजनीतिक और लौकिक सम्प्रभुता दोनों एक ही (जनता) में समाहित होती हैं।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही तार्किक पृष्ठभूमि (व्याख्या) प्रस्तुत करता है।
B) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं... व्याख्या: अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में राजनीतिक सम्प्रभुता (विधायक/सांसद) और लौकिक सम्प्रभुता (आम जनता) अलग-अलग होते हैं। कारण (R) स्पष्ट करता है कि प्रत्यक्ष लोकतंत्र में यह अंतर क्यों मिट जाता है।
58. "मेरी आत्मा का निवास राज्य में है।" (My soul resides in the State). यह कथन किस विचारक का है, जो राज्य के मनोवैज्ञानिक महत्व को दर्शाता है?
A) हेरोल्ड लास्की
B) ए. डी. लिंडसे
C) मिस फॉलेट
D) एफ. डब्ल्यू. मेटलैंड
सही उत्तर: C) मिस फॉलेट (Miss Follett) व्याख्या: मैरी पार्कर फॉलेट (Miss Follett) ने बहुलवाद का समर्थन करते हुए भी राज्य के एकीकरण और मनोवैज्ञानिक पहलू को बहुत महत्व दिया था।
59. बहुलवादी दृष्टिकोण के अनुसार, राज्य और समाज के अन्य संघों (Associations) के मध्य क्या मौलिक समानता है?
A) दोनों के पास दण्ड देने की समान शक्ति होती है।
B) दोनों की सदस्यता प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य होती है।
C) व्यक्ति की निष्ठा और आवश्यकताएँ जिस प्रकार राज्य से पूरी होती हैं, वैसे ही अन्य संघों से भी पूरी होती हैं।
D) दोनों अंतर्राष्ट्रीय कानूनों से पूर्णतः मुक्त होते हैं।
सही उत्तर: C) व्यक्ति की निष्ठा और आवश्यकताएँ जिस प्रकार राज्य से... व्याख्या: बहुलवादियों का तर्क है कि मनुष्य बहुआयामी है। उसकी धार्मिक आवश्यकता चर्च पूरी करता है, आर्थिक आवश्यकता मजदूर संघ। अतः राज्य भी इन संघों के समान ही केवल एक संघ है।
60. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन 'एकलवादी सम्प्रभुता' (Monistic Sovereignty) से मेल नहीं खाता है?
A) यह सत्ता के केन्द्रीकरण (Centralization) पर आधारित है।
B) यह व्यक्तिवादी और नकारात्मक उदारवाद का समर्थन करता है।
C) यह समाज को 'संघों का संघ' (Union of unions) मानता है।
D) इसका मानना है कि सम्प्रभुता अविभाज्य (Indivisible) है।
सही उत्तर: C) यह समाज को 'संघों का संघ' मानता है। व्याख्या: 'संघों का संघ' (Union of Unions) मानना बहुलवाद (Pluralism) की विशेषता है, न कि एकलवाद (Monism) की।
61. "सम्प्रभुता अन्य सभी से आदेश पालन कराने की स्थिति में होती है किन्तु स्वयं किसी के भी आदेश का पालन करने का अभ्यस्त नहीं होती।" यह कथन किसका है?
A) जीन बोदां
B) जॉन ऑस्टिन
C) थॉमस हॉब्स
D) जेरेमी बेंथम
सही उत्तर: B) जॉन ऑस्टिन व्याख्या: ऑस्टिन ने सम्प्रभुता की परिभाषा देते हुए यह स्पष्ट किया था कि सम्प्रभु वही है जिसकी आज्ञा सब मानें (Habitual obedience), लेकिन वह खुद किसी की आज्ञा मानने का आदी न हो।
62. डिग्बी और क्रैब (Diguit and Krabbe) के अनुसार "कानून" (Law) क्या है?
A) कानून सम्प्रभु (राजा या संसद) का आदेश है।
B) कानून सम्प्रभु से श्रेष्ठ है, क्योंकि कानून ने ही राज्य/सम्प्रभु को जन्म दिया है।
C) कानून केवल ईश्वर द्वारा दी गई आज्ञा है।
D) कानून अंतर्राष्ट्रीय संधियों का परिणाम है।
सही उत्तर: B) कानून सम्प्रभु से श्रेष्ठ है, क्योंकि कानून ने ही राज्य... व्याख्या: डिग्बी और क्रैब दोनों बहुलवादी/कानूनवादी विचारक हैं। वे ऑस्टिन का खंडन करते हुए कहते हैं कि राज्य कानून नहीं बनाता, बल्कि समाज के परम्परागत कानूनों ने व्यवस्था बनाने के लिए राज्य को जन्म दिया है।
63. कथन और कारण:
कथन (A): सर हेनरी मेन ने ऑस्टिन के कानूनी सम्प्रभुता के सिद्धान्त की आलोचना की। कारण (R): मेन के अनुसार, इतिहास में ऐसा कोई निरंकुश सम्प्रभु नहीं मिलता जिसने केवल अपने आदेशों से शासन किया हो, बल्कि रीति-रिवाजों का प्रभाव हमेशा राजा पर रहा है।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: हेनरी मेन ऐतिहासिक पद्धति के विचारक थे। उन्होंने 'रणजीत सिंह' का उदाहरण देकर सिद्ध किया कि एक निरंकुश शासक भी अपने समाज के रीति-रिवाजों (Customs) को नहीं बदल सकता।
64. बहुलवादी विचारक 'फिगिस' (Figgis) ने राज्य के मुकाबले किस संस्था (संघ) को अत्यधिक महत्व प्रदान किया?
A) व्यापारिक और मजदूर संघों (Trade Unions) को
B) चर्च या धार्मिक संघों (Religious Associations) को
C) शैक्षणिक संस्थाओं (Educational Institutions) को
D) अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (जैसे UNO) को
सही उत्तर: B) चर्च या धार्मिक संघों को व्याख्या: फिगिस एक ईसाई विचारक थे। उनका मुख्य उद्देश्य चर्च की स्वतंत्रता की रक्षा करना था। उन्होंने राज्य की निरंकुशता का विरोध कर चर्च को राज्य के बराबर का संघ माना।
65. निम्नलिखित में से कौन-सा बहुलवाद (Pluralism) का एक मूल सिद्धान्त नहीं है?
A) राज्य की सत्ता सीमित होनी चाहिए।
B) समाज की संरचना संघात्मक (Federal) है।
C) न्यायपूर्ण वितरण के बजाय राज्य का कार्य केवल पुलिस (सुरक्षा) तक सीमित होना चाहिए।
D) सत्ता का विकेन्द्रीकरण आवश्यक है।
सही उत्तर: C) न्यायपूर्ण वितरण के बजाय राज्य का कार्य केवल पुलिस... व्याख्या: राज्य को केवल 'पुलिस राज्य' मानना व्यक्तिवादियों/एकलवादियों (Negative Liberalism) का लक्षण है। बहुलवादी लोक-कल्याणकारी राज्य (Positive Liberalism) का समर्थन करते हैं।
66. ए. आर. लॉर्ड (A.R. Lord) ने सम्प्रभुता को तीन मुख्य भागों में बाँटा था। निम्नलिखित में से कौन-सा उनके वर्गीकरण का हिस्सा नहीं है?
A) कानूनी सम्प्रभुता (Legal Sovereignty)
B) राजनीतिक सम्प्रभुता (Political Sovereignty)
C) लौकिक सम्प्रभुता (Popular Sovereignty)
D) ईश्वरीय सम्प्रभुता (Divine Sovereignty)
सही उत्तर: D) ईश्वरीय सम्प्रभुता (Divine Sovereignty) व्याख्या: लॉर्ड ने केवल कानूनी (बोदां), राजनीतिक (लॉक), और लौकिक (रूसो) सम्प्रभुता का वर्गीकरण प्रस्तुत किया था।
67. "सम्प्रभुता उस व्यक्ति में निहित सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति है जिसके कार्य अन्य किसी पर आश्रित न हो।" यह परिभाषा अंतर्राष्ट्रीय कानून के किस जनक ने दी है?
A) ह्यूगो ग्रोसियस (Hugo Grotius)
B) मैकियावेली (Machiavelli)
C) वुडरो विल्सन (Woodrow Wilson)
D) विलोबी (Willoughby)
सही उत्तर: A) ह्यूगो ग्रोसियस (Hugo Grotius) व्याख्या: ह्यूगो ग्रोसियस ने इस परिभाषा के माध्यम से 'बाह्य सम्प्रभुता' (External Sovereignty) का प्रतिपादन किया था, जो राज्यों की अंतर्राष्ट्रीय स्वतंत्रता को सुनिश्चित करती है।
68. लास्की (Laski) के विचारों का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि वह मूल रूप से एक:
A) कट्टर फासीवादी (Fascist) थे।
B) घोर व्यक्तिवादी (Individualist) थे।
C) समालोचक (Critic) और समय के साथ बदलने वाले बहुलवादी थे।
D) उग्र मार्क्सवादी थे जिन्होंने राज्य के खात्मे की बात कही।
सही उत्तर: C) समालोचक (Critic) और समय के साथ बदलने वाले... व्याख्या: लास्की ने अपने जीवन (1893-1950) में दोनों विश्वयुद्ध, आर्थिक मंदी आदि को देखा और समय के साथ उनके विचारों में परिवर्तन आया। अंततः वे एक प्रमुख बहुलवादी (Pluralist) के रूप में जाने गए।
69. बहुलवाद के विषय में दो सही कथनों का चयन करें (कूट आधारित):
1. यह सत्ता के एक स्थान पर केन्द्रीकरण का विरोध करता है।
2. यह एकात्मक (Unitary) शासन प्रणाली को सर्वश्रेष्ठ मानता है।
3. यह लोककल्याणकारी राज्य (Welfare State) की अवधारणा का समर्थन करता है।
4. यह जॉन ऑस्टिन के कानूनी सम्प्रभुता सिद्धान्त का प्रबल समर्थन करता है।
सही कूट चुनें:
A) 2 और 4
B) 1 और 4
C) 1 और 3
D) 2 और 3
सही उत्तर: C) 1 और 3 व्याख्या: बहुलवाद विकेन्द्रीकरण (केंद्रीकरण का विरोध) और लोककल्याणकारी राज्य का समर्थन करता है। यह ऑस्टिन (एकलवाद) का घोर विरोधी है और एकात्मक के बजाय संघात्मक व्यवस्था चाहता है।
70. "ऑस्टिन का सम्प्रभुता सम्बन्धी विचार आधुनिक राज्यों से काफी दूर है।" ऑस्टिन की यह आलोचना किस विचारक ने की थी?
A) सर हेनरी मेन
B) अर्नेस्ट बार्कर
C) हर्नशा
D) हेरोल्ड लास्की
सही उत्तर: B) अर्नेस्ट बार्कर (Ernest Barker) व्याख्या: अर्नेस्ट बार्कर ने माना कि आधुनिक लोकतांत्रिक और लोक-कल्याणकारी राज्यों में ऑस्टिन का निरंकुश 'आदेशवादी' (Command) सम्प्रभुता सिद्धान्त बिल्कुल लागू नहीं हो सकता।
71. सम्प्रभुता (Sovereignty) की अवधारणा का उदय मुख्य रूप से किस संस्था (Institution) के विकास के साथ जुड़ा हुआ है?
A) सामंतवाद (Feudalism)
B) राष्ट्र-राज्य (Nation-State) की अवधारणा
C) प्राचीन यूनानी नगर-राज्य (City-States)
D) रोमन साम्राज्य (Roman Empire)
सही उत्तर: B) राष्ट्र-राज्य (Nation-State) की अवधारणा व्याख्या: 16वीं शताब्दी में जैसे-जैसे यूरोप में मध्यकालीन सामंतवाद और पोप (चर्च) का पतन हुआ और आधुनिक 'राष्ट्र-राज्यों' का उदय हुआ, वैसे-वैसे राज्य की सर्वोच्च शक्ति के रूप में 'सम्प्रभुता' का विकास हुआ।
72. कथन और कारण:
कथन (A): जीन बोदां का मानना था कि "सम्प्रभुता धार्मिक युद्धों की देन है।" कारण (R): 16वीं सदी के फ्रांस में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट के बीच भयंकर रक्तपात हो रहा था, जिसे रोकने के लिए बोदां ने राजा को निरंकुश (सर्वोच्च) शक्ति सौंपने का विचार दिया।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: फ्रांस की तत्कालीन असुरक्षित परिस्थितियों (धार्मिक गृहयुद्ध) ने ही बोदां को प्रेरित किया कि वह एक ऐसी सर्वोच्च और निरंकुश सत्ता (सम्प्रभुता) की कल्पना करे जो देश में शांति ला सके।
73. बहुलवादी विचारक 'मैकाइवर' (MacIver) के अनुसार 'निगमनात्मक राज्य' (Corporate State) का क्या अर्थ है?
A) राज्य का काम केवल कर (Tax) वसूलना है।
B) राज्य समाज के विभिन्न संघों (Corporations) के बीच समन्वय और तालमेल बैठाने वाली एक संस्था है।
C) राज्य पूंजीपतियों के एक निगम (Company) की तरह है जो लाभ कमाता है।
D) राज्य सभी संघों को पूरी तरह से समाप्त कर देता है।
सही उत्तर: B) राज्य समाज के विभिन्न संघों के बीच समन्वय... व्याख्या: मैकाइवर ने राज्य को एक ऐसा 'निगम' माना है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में मौजूद अनगिनत संघों (व्यापारिक, धार्मिक, सांस्कृतिक) के हितों में सामंजस्य स्थापित करना है।
74. "यदि एक निश्चित एवं श्रेष्ठ व्यक्ति जो अपने ही समकक्ष अन्य किसी श्रेष्ठ व्यक्ति की आज्ञा के पालन का आदी न हो..." यह कथन जॉन ऑस्टिन की किस प्रसिद्ध पुस्तक से लिया गया है?
A) A Grammar of Politics
B) The Prince
C) Lectures on Jurisprudence
D) Leviathan
सही उत्तर: C) Lectures on Jurisprudence व्याख्या: ऑस्टिन ने 1832 में प्रकाशित अपनी इसी पुस्तक में 'कानूनी सम्प्रभुता' का अपना प्रसिद्ध और चरम सिद्धान्त प्रस्तुत किया था।
75. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'सत्य' (True) है?
A) हॉब्स ने सम्प्रभुता को पूर्णतः विभाजित (Divisible) माना था।
B) बहुलवाद 'एकात्मक व्यवस्था' (Unitary system) का प्रबल समर्थक है।
C) अर्नेस्ट बार्कर ने गियर्क एवं मेटलैंड द्वारा प्रतिपादित 'संघों के वास्तविक व्यक्तित्व' की धारणा को नामंजूर कर दिया था।
D) जॉन ऑस्टिन ने 'राजनीतिक सम्प्रभुता' का विचार दिया था।
सही उत्तर: C) अर्नेस्ट बार्कर ने गियर्क एवं मेटलैंड... व्याख्या: बार्कर ने संघों के अस्तित्व को माना, लेकिन उन्हें 'वास्तविक व्यक्तित्व' (Real personality - जीवित प्राणी की तरह) मानने से इनकार कर दिया। हॉब्स एकलवादी था, बहुलवाद संघात्मक का समर्थक है, और ऑस्टिन ने कानूनी सम्प्रभुता दी थी।
76. "सम्प्रभुता वह शक्ति है जो सदा सक्रिय रहकर कानून बनाती है और उसका पालन करवाती है।" यह कथन किस अमेरिकी विचारक/राष्ट्रपति का है?
A) अब्राहम लिंकन
B) थॉमस जेफरसन
C) वुडरो विल्सन
D) कालहन
सही उत्तर: C) वुडरो विल्सन (Woodrow Wilson) व्याख्या: राजनीति विज्ञान के विद्वान और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने सम्प्रभुता को कानून के निर्माण और उसके प्रवर्तन (Enforcement) की सक्रिय शक्ति के रूप में परिभाषित किया था।
77. राज्य के सम्प्रभु होने के बावजूद आज के युग में उस पर कई प्रकार के 'बाहरी (अन्तर्राष्ट्रीय) प्रतिबंध' कार्य करते हैं। इनमें से कौन-सा एक बाहरी प्रतिबंध नहीं है?
A) विश्व बैंक (World Bank) और IMF की नीतियां
B) संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के चार्टर
C) देश का अपना संविधान (Constitution)
D) बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs)
सही उत्तर: C) देश का अपना संविधान (Constitution) व्याख्या: देश का संविधान 'आंतरिक' प्रतिबंध (Internal Limitation) है, न कि बाह्य। UNO, IMF, WTO और MNCs बाह्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हैं जो सम्प्रभुता को सीमित करते हैं।
78. "राज्य केवल एक दमनकारी संस्था है, इसलिए सम्प्रभुता को समाप्त कर देना चाहिए।" यह विचार मुख्य रूप से किन विचारधाराओं से संबंधित है?
A) बहुलवाद और उदारवाद
B) मार्क्सवाद और अराजकतावाद
C) आदर्शवाद और फासीवाद
D) व्यक्तिवाद और उपयोगितावाद
सही उत्तर: B) मार्क्सवाद और अराजकतावाद व्याख्या: मार्क्सवादी राज्य को पूँजीपतियों के शोषण का यंत्र मानते हैं, और अराजकतावादी इसे अनावश्यक बुराई मानते हैं। दोनों ही राज्य (सम्प्रभुता) का पूर्ण अंत चाहते हैं।
79. बहुलवाद के विकास में किस एक प्रमुख कारक ने 'उत्प्रेरक' (Catalyst) का काम किया?
A) राजतन्त्र का पतन
B) प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्धों के विनाशकारी परिणाम
C) फ्रांसीसी क्रांति
D) पुनर्जागरण आन्दोलन
सही उत्तर: B) प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्धों के विनाशकारी परिणाम व्याख्या: 20वीं शताब्दी में राज्यों की निरंकुश सम्प्रभुता के कारण हुए भयंकर विश्वयुद्धों ने विचारकों (जैसे लास्की) को यह सोचने पर विवश कर दिया कि राज्य की सत्ता को सीमित करना (बहुलवाद) अत्यंत आवश्यक है।
80. "सम्प्रभुता को राज्य से पृथक नहीं किया जा सकता।" यह सम्प्रभुता के किस लक्षण (Feature) को इंगित करता है?
A) निरंकुशता (Autocracy)
B) अदेयता (Imprescriptibility)
C) अहस्तान्तरणीयता (Inalienability)
D) सार्वभौमिकता (Universality)
सही उत्तर: C) अहस्तान्तरणीयता (Inalienability) व्याख्या: अहस्तान्तरणीयता का अर्थ है कि राज्य अपनी सम्प्रभुता किसी और को ट्रांसफर (हस्तांतरित) नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करता है, तो राज्य का स्वयं का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
81. जॉन लॉक (John Locke) ने 'लौकिक सम्प्रभुता' के बजाय किस शब्द का प्रयोग किया था, जो बाद में 'राजनीतिक सम्प्रभुता' का आधार बना?
A) सामान्य इच्छा (General Will)
B) सर्वोच्च सत्ता (Supreme Power)
C) प्राकृतिक अधिकार (Natural Rights)
D) दैवीय अधिकार (Divine Rights)
सही उत्तर: B) सर्वोच्च सत्ता (Supreme Power) व्याख्या: यद्यपि जॉन लॉक ने आधुनिक अर्थों में सम्प्रभुता शब्द का प्रयोग किया, लेकिन उन्होंने इसके लिए 'सर्वोच्च सत्ता' (Supreme Power) शब्द का इस्तेमाल किया जो जनता/समाज में निहित थी।
82. "कानून सम्प्रभु का आदेश है" - ऑस्टिन के इस कथन का बहुलवादियों द्वारा क्या कहकर खंडन किया गया?
A) कानून केवल धर्मग्रंथों में लिखे होते हैं।
B) कानून समाज के रीति-रिवाजों और परम्पराओं से बनते हैं, सम्प्रभु तो केवल उन्हें मान्यता (औपचारिकता) प्रदान करता है।
C) कानून केवल पूँजीपतियों के फायदे के लिए होते हैं।
D) कानून अंतर्राष्ट्रीय संधियों का ही एक रूप है।
सही उत्तर: B) कानून समाज के रीति-रिवाजों और परम्पराओं से... व्याख्या: डिग्बी, क्रैब और मैकाइवर जैसे बहुलवादियों का तर्क है कि समाज में नियम (Customs/Traditions) राज्य के आने से बहुत पहले से थे। राज्य ने उन्हें बनाया नहीं, बल्कि सिर्फ लागू किया है।
83. कथन और कारण:
कथन (A): बहुलवादी विचारक 'सत्ता के विकेन्द्रीकरण' (Decentralization of Power) के प्रबल समर्थक हैं। कारण (R): उनका मानना है कि चूंकि व्यक्ति की आवश्यकताएँ विविध हैं और उन्हें पूरा करने के लिए विभिन्न संघ होते हैं, इसलिए सत्ता भी इन संघों के बीच बँटी होनी चाहिए।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: बहुलवाद का मूल आधार ही यही है कि समाज बहुआयामी है, अतः सत्ता एक केंद्र (राज्य) में केंद्रित न होकर समाज के विभिन्न आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक संघों में विकेंद्रीकृत होनी चाहिए।
84. जॉन ऑस्टिन (John Austin) का 'कानूनी सम्प्रभुता सिद्धान्त' मुख्य रूप से किस देश की शासन व्यवस्था (विशेषकर वहाँ की संसद) से प्रभावित होकर लिखा गया था?
A) फ्रांस
B) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
C) ब्रिटेन (इंग्लैंड)
D) जर्मनी
सही उत्तर: C) ब्रिटेन (इंग्लैंड) व्याख्या: ऑस्टिन इंग्लैंड के न्यायवादी थे। उनके दिमाग में ब्रिटिश संसद (जो किसी भी न्यायालय या लिखित संविधान से ऊपर है) की निरंकुश शक्ति थी, जिसे ध्यान में रखकर उन्होंने यह सिद्धान्त दिया था।
85. निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा (विचारक - पुस्तक) सुमेलित नहीं (Not Matched) है?
A) थॉमस हॉब्स — लेवियाथन (Leviathan)
B) हेरोल्ड लास्की — ए ग्रामर ऑफ पॉलिटिक्स (A Grammar of Politics)
C) जीन बोदां — द प्रिंस
D) आर. एम. मैकाइवर — द मॉडर्न स्टेट (The Modern State)
सही उत्तर: C) जीन बोदां — द प्रिंस (The Prince) व्याख्या: 'द प्रिंस' मैकियावेली की रचना है। जीन बोदां की प्रसिद्ध रचना का नाम 'द सिक्स बुक्स ऑफ द रिपब्लिक' (The Six Books of the Republic - 1576) है।
86. बहुलवाद (Pluralism) के अनुसार 'राज्य' (State) का मुख्य कार्य क्या है?
A) धर्म का प्रचार करना।
B) समाज में विद्यमान विभिन्न संघों के बीच उत्पन्न विवादों को सुलझाना और समन्वय (Coordination) स्थापित करना।
C) अन्य देशों पर युद्ध थोपना।
D) व्यक्ति के सभी अधिकारों को छीन लेना।
सही उत्तर: B) समाज में विद्यमान विभिन्न संघों के बीच उत्पन्न विवादों... व्याख्या: बहुलवादियों का मानना है कि चूंकि समाज में कई शक्तिशाली संघ (जैसे मजदूर संघ, व्यापार संघ) होते हैं, अतः उनके आपसी टकराव को रोकने और तालमेल बिठाने के लिए राज्य रूपी अम्पायर (Umpire) की जरूरत होती है।
87. "सीमित सम्प्रभुता अपने आप में विरोधाभास है।" (Limited sovereignty is a contradiction in terms). यह कथन किसका है?
A) थॉमस हॉब्स
B) गेटेल
C) हेरोल्ड लास्की
D) रूसो
सही उत्तर: A) थॉमस हॉब्स व्याख्या: हॉब्स ने सम्प्रभुता को पूर्णतः निरंकुश (Absolute) माना। उसका तर्क था कि यदि सम्प्रभुता सीमित है, तो इसका मतलब है कि उसे सीमित करने वाला कोई और उससे भी बड़ा सम्प्रभु मौजूद है, जो तार्किक रूप से असंभव है। (ध्यान दें: गेटेल ने 'विभाजित सम्प्रभुता' को विरोधाभास कहा था)।
88. भारत के परिप्रेक्ष्य में 'सम्प्रभुता' के संबंध में कौन-सा कथन पूर्णतः सत्य है?
A) भारत में कानूनी सम्प्रभुता राष्ट्रपति में और राजनीतिक सम्प्रभुता प्रधानमंत्री में निहित है।
B) भारत में सर्वोच्च सम्प्रभुता 'संविधान' (Constitution) में निहित है, और लौकिक सम्प्रभुता 'भारत के लोगों' (We the People of India) में निहित है।
C) भारत की सम्प्रभुता को ब्रिटेन की संसद द्वारा सीमित किया जा सकता है।
D) भारत में राज्यों (States) के पास अपनी अलग स्वतंत्र बाह्य सम्प्रभुता है।
सही उत्तर: B) भारत में सर्वोच्च सम्प्रभुता 'संविधान' में निहित है... व्याख्या: भारत एक संघात्मक गणराज्य है, अतः यहाँ संविधान सर्वोच्च है। साथ ही, प्रस्तावना के शब्दों ("हम भारत के लोग...") से स्पष्ट होता है कि शक्ति का अंतिम स्रोत (लौकिक सम्प्रभुता) जनता में है।
89. क्रैब (Krabbe) के अनुसार, लोग कानून का पालन इसलिए करते हैं क्योंकि:
A) उन्हें पुलिस और जेल (दंड) का डर होता है।
B) यह उनके 'स्वतः बोध' (Sense of right/Liability) का हिस्सा है और उनकी अंतरात्मा उसे सही मानती है।
C) ऐसा करना उनका वैधानिक कर्तव्य (Duty) है।
D) सम्प्रभु ने उन्हें ऐसा करने का कठोर आदेश दिया है।
सही उत्तर: B) यह उनके 'स्वतः बोध' का हिस्सा है... व्याख्या: बहुलवादी विचारक क्रैब का स्पष्ट मानना था कि कानून का पालन डर (ऑस्टिन का विचार) से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आंतरिक न्याय बोध (Sense of justice) के कारण होता है।
90. "सार्वजनिक संकल्प ही सम्प्रभु है।" (General Will is Sovereign). रूसो के इस कथन में 'सार्वजनिक संकल्प' (General Will) का वास्तविक अर्थ क्या है?
A) केवल बहुसंख्यक वर्ग की इच्छा।
B) राजा या तानाशाह की व्यक्तिगत इच्छा।
C) समाज के सभी व्यक्तियों की वह आदर्श इच्छा जो सम्पूर्ण समाज के सामान्य हित (Common Good) से प्रेरित हो।
D) संसद द्वारा पारित किया गया कोई भी कानून।
सही उत्तर: C) समाज के सभी व्यक्तियों की वह आदर्श इच्छा... व्याख्या: रूसो की 'General Will' स्वार्थ पर आधारित इच्छाओं का योग नहीं है, बल्कि यह वह शुद्ध (आदर्श) इच्छा है जो पूरे समाज के भले (कल्याण) के बारे में सोचती है।
91. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कारक सम्प्रभुता के 'एकलवादी सिद्धान्त' (Monistic Theory) के पतन का कारण नहीं बना?
A) अंतर्राष्ट्रीयतावाद (Internationalism) का बढ़ता प्रभाव।
B) लोकतांत्रिक और लोककल्याणकारी राज्यों का उदय।
C) समाज में धर्म (चर्च) के प्रभाव की पूर्ण समाप्ति।
D) मजदूर संघों और व्यावसायिक संगठनों का बढ़ता राजनीतिक हस्तक्षेप।
सही उत्तर: C) समाज में धर्म (चर्च) के प्रभाव की पूर्ण समाप्ति। व्याख्या: चर्च का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था (फिगिस जैसे बहुलवादी इसका प्रमाण हैं)। वास्तव में अंतर्राष्ट्रीयता, लोकतंत्र, और संघों की ताकत बढ़ने के कारण ही ऑस्टिन के निरंकुश एकलवादी सिद्धान्त का पतन हुआ।
92. कथन और कारण:
कथन (A): बहुलवाद यह मानता है कि राज्य समाज के अन्य संघों की तुलना में श्रेष्ठ (Superior) है। कारण (R): राज्य के पास बल प्रयोग (Coercive power) का विशेषाधिकार होता है, जिसका प्रयोग वह अन्य संघों को नियंत्रित करने के लिए कर सकता है।
सही विकल्प चुनें:
A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C) A सही है, लेकिन R गलत है।
D) A गलत है, लेकिन R सही है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है। व्याख्या: यद्यपि बहुलवाद राज्य और संघों को समान मानता है, लेकिन अंतिम रूप से वह राज्य को 'सर्व-समावेशक' और श्रेष्ठ मानता है, क्योंकि केवल राज्य के पास ही कानूनी रूप से दंड (Coercive) देने की शक्ति है।
93. "सम्प्रभुता को राजनीतिशास्त्र से हटा देना चाहिए।" (The concept of sovereignty must be expunged from political theory). यह उग्र बहुलवादी कथन किसका है?
A) हेरोल्ड लास्की
B) क्रैब
C) जी. डी. एच. कोल
D) मैकाइवर
सही उत्तर: B) क्रैब (Krabbe) व्याख्या: डच कानूनविद् क्रैब ने संप्रभुता के विचार को इतना खतरनाक और निरर्थक माना कि उन्होंने इसे राजनीति विज्ञान की डिक्शनरी से ही हमेशा के लिए हटा देने की वकालत की।
94. किस बहुलवादी ने सर्वप्रथम यह विचार दिया था कि "समाज का स्वरूप संघात्मक (Federal) है"?
A) हेरोल्ड लास्की
B) जीन बोदां
C) थॉमस हॉब्स
D) जॉन ऑस्टिन
सही उत्तर: A) हेरोल्ड लास्की व्याख्या: लास्की ने ही सबसे पहले यह मजबूत तर्क दिया था कि चूंकि समाज विभिन्न वर्गों, संघों और हितों (संघात्मक) से मिलकर बना है, इसलिए उसे नियंत्रित करने वाली सत्ता भी किसी एक जगह (एकात्मक) नहीं हो सकती, बल्कि संघात्मक होनी चाहिए।
95. 'आंतरिक सम्प्रभुता' (Internal Sovereignty) और 'बाह्य सम्प्रभुता' (External Sovereignty) के जनक क्रमशः कौन हैं?
A) ऑस्टिन और हॉब्स
B) लॉक और रूसो
C) गार्नर और ग्रोसियस
D) बोदां और लास्की
सही उत्तर: C) गार्नर और ग्रोसियस व्याख्या: यद्यपि बोदां ने सम्प्रभुता का सिद्धांत दिया, लेकिन 'आंतरिक सम्प्रभुता' को डॉ. गार्नर ने और 'बाह्य सम्प्रभुता' को ह्यूगो ग्रोसियस ने स्पष्ट रूप से परिभाषित किया था।
96. यदि कोई राज्य किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि (International Treaty) पर हस्ताक्षर करता है और अपने देश में उसे लागू करता है, तो बहुलवादी दृष्टिकोण से यह क्या दर्शाता है?
A) राज्य की निरंकुश और असीमित शक्ति को।
B) राज्य की बाह्य सम्प्रभुता पर लगे प्रतिबंध (Limitation) को।
C) राज्य के पतन (End of State) को।
D) यह दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ कोई महत्व नहीं रखतीं।
सही उत्तर: B) राज्य की बाह्य सम्प्रभुता पर लगे प्रतिबंध को। व्याख्या: बहुलवादियों का तर्क है कि अंतर्राष्ट्रीय संधियों और कानूनों का पालन करना यह सिद्ध करता है कि कोई भी राज्य पूरी तरह से स्वतंत्र (निरंकुश) नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा सीमित है।
97. सम्प्रभुता का वह कौन-सा लक्षण (Feature) है जो यह बताता है कि एक राज्य में केवल एक ही सम्प्रभु (सर्वोच्च शक्ति) हो सकता है, दो नहीं?
A) अदेयता (Imprescriptibility)
B) पूर्णता या एकात्मकता (Absoluteness / Exclusiveness)
C) अहस्तान्तरणीयता (Inalienability)
D) मौलिकता (Originality)
सही उत्तर: B) पूर्णता या एकात्मकता (Exclusiveness) व्याख्या: एकात्मकता या पूर्णता (Exclusiveness) का अर्थ है कि एक राज्य में दो सम्प्रभु शक्तियां नहीं हो सकतीं। यदि ऐसा होता है, तो राज्य का विभाजन हो जाएगा और वह एक राज्य नहीं रहेगा।
98. निम्नलिखित में से कौन-सा बहुलवादी विचारक 'गिल्ड समाजवाद' (Guild Socialism) से जुड़ा है और प्रतिनिधित्व को भूगोल (Geography) के बजाय व्यवसाय (Occupation) पर आधारित मानता है?
A) जी. डी. एच. कोल (G.D.H. Cole)
B) हेरोल्ड लास्की
C) ए. डी. लिंडसे
D) क्रैब
सही उत्तर: A) जी. डी. एच. कोल (G.D.H. Cole) व्याख्या: गिल्ड समाजवाद आर्थिक संघों (Guilds) को मजबूत करने पर बल देता है। कोल का मानना था कि संसद में विभिन्न व्यवसायों (किसानों, इंजीनियरों, डॉक्टरों) के प्रतिनिधि होने चाहिए, न कि केवल भौगोलिक क्षेत्रों के।
99. 20वीं शताब्दी के बहुलवाद (Pluralism) के संबंध में दो महत्वपूर्ण कथन चुनें:
1. यह विचारधारा समाज कल्याण (Social Welfare) और सामाजिक न्याय पर बल देती है।
2. यह जॉन ऑस्टिन के 'आदेशात्मक कानून' (Command Theory of Law) को सही ठहराती है।
3. यह राज्य को समाज का एकमात्र संघ मानती है।
4. यह सत्ता के विकेन्द्रीकरण (Decentralization) को लोकतंत्र का मूल आधार मानती है।
सही कूट:
A) 1 और 2
B) 1 और 4
C) 2 और 3
D) 3 और 4
सही उत्तर: B) 1 और 4 व्याख्या: बहुलवाद विकेन्द्रीकरण और लोककल्याणकारी राज्य (सकारात्मक उदारवाद) का समर्थन करता है। कथन 2 (ऑस्टिन का समर्थन) और कथन 3 (एकमात्र संघ) दोनों ही बहुलवाद के धुर विरोधी विचार हैं।
100. अंततः, 'बहुलवाद' (Pluralism) का राजनीति विज्ञान में सबसे बड़ा योगदान क्या माना जाता है?
A) इसने राज्य रूपी संस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।
B) इसने राज्य की निरंकुशता (Absolutism) पर प्रहार किया और व्यक्ति की स्वतंत्रता व संघों की महत्ता को स्थापित कर लोकतंत्र को मजबूत किया।
C) इसने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया।
D) इसने चर्च (धर्म) को राज्य का सर्वोच्च शासक बना दिया।
सही उत्तर: B) इसने राज्य की निरंकुशता पर प्रहार किया और... व्याख्या: बहुलवाद की सबसे बड़ी जीत यही है कि उसने ऑस्टिन और हॉब्स के उस खतरनाक विचार को नकार दिया जिसमें राज्य असीमित शक्ति रखता था। इसने संघात्मक व्यवस्था और संघों की स्वतंत्रता के माध्यम से आधुनिक लोकतंत्र को एक नई और सुरक्षित दिशा प्रदान की।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total Questions):100
सही उत्तर (Correct Answers):0
गलत उत्तर (Incorrect Answers):0
छोड़े गए प्रश्न (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
📚 Sovereignty: कॉन्सेप्ट्स क्लियर करें, विस्तृत नोट्स पढ़ें!
MCQs हल करने के बाद या किसी भी डाउट को दूर करने के लिए,
सम्प्रभुता के सिद्धान्त: अर्थ, लक्षण, एकलवादी और बहुलवादी सिद्धान्त
के हमारे
विस्तृत नोट्स को एक बार जरूर पढ़ें। इससे आपकी तैयारी और मजबूत होगी।
Q1. सम्प्रभुता (Sovereignty) की सबसे सटीक परिभाषा क्या है?
उत्तर: सम्प्रभुता राज्य का वह प्राण तत्व है जिसके कारण राज्य अपनी सीमाओं के भीतर (आंतरिक रूप से) सर्वोच्च होता है और अपनी सीमाओं के बाहर (बाह्य रूप से) किसी भी विदेशी नियंत्रण या दबाव से पूर्णतः स्वतंत्र होता है।
Q2. एकलवादी (Monistic) और बहुलवादी (Pluralistic) सम्प्रभुता में मूल अंतर क्या है?
उत्तर: एकलवादी सिद्धांत (जैसे- ऑस्टिन, हॉब्स) मानता है कि राज्य की सारी शक्ति एक ही जगह (व्यक्ति/संस्था) पर केंद्रित होती है और वह अविभाज्य है। इसके विपरीत, बहुलवादी सिद्धांत (जैसे- लास्की, मैकाइवर) मानता है कि शक्ति केवल राज्य में नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न संघों में विकेंद्रीकृत (बँटी हुई) है।
Q3. "कानून सम्प्रभु का आदेश है" - यह विचार किसका है और बहुलवादी इसका विरोध क्यों करते हैं?
उत्तर: यह विचार जॉन ऑस्टिन का है। बहुलवादी (जैसे डिग्बी और क्रैब) इसका विरोध करते हुए कहते हैं कि कानून समाज की उपज है। राज्य या सम्प्रभु ने कानून नहीं बनाया, बल्कि कानून ने ही सम्प्रभु को जन्म दिया है।
Q4. 'लोकप्रिय सम्प्रभुता' (Popular Sovereignty) का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि राज्य की अंतिम सत्ता 'जनता' (Public) में निवास करती है। इसके जनक रूसो थे। आधुनिक लोकतांत्रिक देशों (जैसे भारत - "हम भारत के लोग...") में लोकप्रिय सम्प्रभुता ही पाई जाती है।
Q5. यदि राज्य और अन्य संघ समान हैं, तो बहुलवादी राज्य को श्रेष्ठ क्यों मानते हैं?
उत्तर: लास्की के अनुसार, राज्य इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि 1. राज्य की सदस्यता अनिवार्य है (संघों की ऐच्छिक)। 2. राज्य के पास दण्डकारी/बाध्यकारी शक्ति है जिससे वह संघों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
Disclaimer: 'Polity Study Adda' पर उपलब्ध सभी अध्ययन सामग्री और नोट्स केवल छात्रों के त्वरित मार्गदर्शन और परीक्षा की तैयारी के लिए हैं; इन्हें कानूनी दस्तावेज़ न मानें। राजनीति विज्ञान के प्रश्नों में अक्सर अलग-अलग भर्ती आयोगों (Commissions) द्वारा अलग-अलग उत्तरों को सही मान लिया जाता है। अतः, किसी भी मानवीय/टाइपिंग त्रुटि या आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) से भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मानक पुस्तकों का ही संदर्भ लें। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें