जेरेमी बेंथम : उपयोगितावाद, राजनीतिक विचार और 50 Premium MCQs Test
| जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham): 50 Premium MCQs Test |
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| Mock Test Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट जेरेमी बेंथम के जीवन, उपयोगितावाद (Utilitarianism), सुख-दुख मापक यंत्र, कृत्रिम कानूनों और दण्ड व्यवस्था पर आधारित है। इसमें UPSC, PCS, RO/ARO, TGT, PGT और NET/JRF स्तर के कथन-कारण, कूट मिलान और 5-विकल्पों (A, B, C, D, E) वाले 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं। |
1. आधुनिक काल में 'उपयोगितावाद' (Utilitarianism) का जनक (Father) किसे माना जाता है?
सही उत्तर: C) जेरेमी बेंथम (Jeremy Bentham)
व्याख्या: यद्यपि उपयोगितावाद का विचार डेविड ह्यूम ने पहले दिया था, लेकिन इसे एक व्यवस्थित दर्शन (Systematic philosophy) का रूप देकर राजनीति में स्थापित करने का श्रेय जेरेमी बेंथम को जाता है, इसलिए उन्हें इसका जनक माना जाता है।
व्याख्या: यद्यपि उपयोगितावाद का विचार डेविड ह्यूम ने पहले दिया था, लेकिन इसे एक व्यवस्थित दर्शन (Systematic philosophy) का रूप देकर राजनीति में स्थापित करने का श्रेय जेरेमी बेंथम को जाता है, इसलिए उन्हें इसका जनक माना जाता है।
2. जेरेमी बेंथम का जन्म 1748 में किस देश में हुआ था, जहाँ उन्होंने प्रारम्भ में अपने पिता के साथ वकालत (Advocacy) की थी?
सही उत्तर: C) इंग्लैण्ड (Britain)
व्याख्या: बेंथम का जन्म इंग्लैण्ड के एक सम्पन्न वकील परिवार में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी, लेकिन इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था में भ्रष्टाचार और प्राकृतिक कानूनों का पाखण्ड देखकर उन्होंने वकालत छोड़ दी।
व्याख्या: बेंथम का जन्म इंग्लैण्ड के एक सम्पन्न वकील परिवार में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी, लेकिन इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था में भ्रष्टाचार और प्राकृतिक कानूनों का पाखण्ड देखकर उन्होंने वकालत छोड़ दी।
3. बेंथम के समय इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था में किस प्रकार के कानूनों का बोलबाला (Dominance) था, जिसका बेंथम ने कड़ा विरोध किया?
सही उत्तर: B) प्राकृतिक कानूनों (Natural Laws) का
व्याख्या: प्राकृतिक कानून 'विवेक' और 'अलिखित परम्पराओं' पर आधारित थे। बेंथम ने देखा कि इसी अस्पष्टता का फायदा उठाकर वकील निर्दोषों को सजा दिला देते थे। अतः उसने इन प्राकृतिक कानूनों का खण्डन किया।
व्याख्या: प्राकृतिक कानून 'विवेक' और 'अलिखित परम्पराओं' पर आधारित थे। बेंथम ने देखा कि इसी अस्पष्टता का फायदा उठाकर वकील निर्दोषों को सजा दिला देते थे। अतः उसने इन प्राकृतिक कानूनों का खण्डन किया।
4. प्राकृतिक कानूनों (Natural Laws) का खण्डन करके बेंथम ने किस प्रकार के कानून का मण्डन (समर्थन) किया?
सही उत्तर: C) कृत्रिम कानून (Artificial Laws)
व्याख्या: बेंथम ने कहा कि कानून राज्य द्वारा (संसद द्वारा) लिखित और निर्मित होना चाहिए जो तथ्यों (विज्ञान) पर आधारित हो, न कि खोखले 'विवेक' पर। इसे ही कृत्रिम या कानूनी/वैधानिक (Positive) कानून कहा गया।
व्याख्या: बेंथम ने कहा कि कानून राज्य द्वारा (संसद द्वारा) लिखित और निर्मित होना चाहिए जो तथ्यों (विज्ञान) पर आधारित हो, न कि खोखले 'विवेक' पर। इसे ही कृत्रिम या कानूनी/वैधानिक (Positive) कानून कहा गया।
5. 1776 ई. में बेंथम द्वारा प्रकाशित वह कौन-सी प्रसिद्ध पुस्तक थी जिसमें उन्होंने प्राकृतिक कानूनों की धज्जियां उड़ा दीं?
सही उत्तर: B) फ्रैगमेंट ऑन गवर्नमेंट (Fragment on Government)
व्याख्या: इसी पुस्तक में बेंथम ने ब्लैकस्टोन (Blackstone) जैसे प्राकृतिक कानूनों के समर्थकों की कड़ी आलोचना की थी। (नोट: उनकी उपयोगितावाद वाली महान पुस्तक 1789 में आई थी)।
व्याख्या: इसी पुस्तक में बेंथम ने ब्लैकस्टोन (Blackstone) जैसे प्राकृतिक कानूनों के समर्थकों की कड़ी आलोचना की थी। (नोट: उनकी उपयोगितावाद वाली महान पुस्तक 1789 में आई थी)।
6. उपयोगितावाद का मूल मंत्र (Core philosophy) "अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख" (Greatest happiness of the greatest number) है। यह वाक्य बेंथम ने किस विचारक की पुस्तक से ग्रहण किया था?
सही उत्तर: B) जोसेफ प्रिस्टले (Joseph Priestley)
व्याख्या: प्रिस्टले ने अपनी पुस्तक 'Essay on Government' में पहली बार इस वाक्य का प्रयोग किया था, जिसे बाद में बेंथम ने अपने उपयोगितावादी दर्शन का आधार (मूल मंत्र) बना लिया।
व्याख्या: प्रिस्टले ने अपनी पुस्तक 'Essay on Government' में पहली बार इस वाक्य का प्रयोग किया था, जिसे बाद में बेंथम ने अपने उपयोगितावादी दर्शन का आधार (मूल मंत्र) बना लिया।
7. बेंथम का 'उपयोगितावाद' (Utilitarianism) का सिद्धान्त मुख्य रूप से किस बात पर आधारित है?
सही उत्तर: C) सुख और दुख की गणना पर (Hedonism)
व्याख्या: उपयोगितावाद का शाब्दिक अर्थ है— हमें वही कार्य करना चाहिए जो हमारे लिए उपयोगी (सुख देने वाला) है और वह कार्य नहीं करना चाहिए जो अनुपयोगी (दुख देने वाला) है।
व्याख्या: उपयोगितावाद का शाब्दिक अर्थ है— हमें वही कार्य करना चाहिए जो हमारे लिए उपयोगी (सुख देने वाला) है और वह कार्य नहीं करना चाहिए जो अनुपयोगी (दुख देने वाला) है।
8. "प्रकृति ने मानव जाति को सुख और दुख दो सम्प्रभु स्वामियों (Sovereign Masters) के अधीन रखा है।" यह उपयोगितावाद का सबसे प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: B) जेरेमी बेंथम
व्याख्या: बेंथम ने अपनी पुस्तक (1789) की शुरुआत ही इसी पंक्ति से की है। इसका अर्थ है कि मनुष्य का हर काम केवल इन दो भावनाओं (सुख की प्राप्ति और दुख से बचाव) से ही संचालित होता है।
व्याख्या: बेंथम ने अपनी पुस्तक (1789) की शुरुआत ही इसी पंक्ति से की है। इसका अर्थ है कि मनुष्य का हर काम केवल इन दो भावनाओं (सुख की प्राप्ति और दुख से बचाव) से ही संचालित होता है।
9. बहु-कथन प्रश्न: बेंथम के उपयोगितावाद की प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में सही कथन चुनें:
1. यह एक 'मात्रात्मक' (Quantitative) सिद्धान्त है, अर्थात् यह सुख की मात्रा (Quantity) पर बल देता है, गुण (Quality) पर नहीं。
2. यह एक व्यक्तिवादी सिद्धान्त है जो मानता है कि 'समाज व्यक्तियों का योग' है。
3. यह नैतिक और आध्यात्मिक सुख को सर्वोच्च मानता है。
4. इसका मूल मंत्र 'अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख' है।
सही कूट:
2. यह एक व्यक्तिवादी सिद्धान्त है जो मानता है कि 'समाज व्यक्तियों का योग' है。
3. यह नैतिक और आध्यात्मिक सुख को सर्वोच्च मानता है。
4. इसका मूल मंत्र 'अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख' है।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। बेंथम एक घोर भौतिकवादी विचारक है। उसके उपयोगितावाद में नैतिकता या अध्यात्म (पाप-पुण्य) का कोई स्थान नहीं है; उसके लिए केवल 'भौतिक सुख' ही सब कुछ है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। बेंथम एक घोर भौतिकवादी विचारक है। उसके उपयोगितावाद में नैतिकता या अध्यात्म (पाप-पुण्य) का कोई स्थान नहीं है; उसके लिए केवल 'भौतिक सुख' ही सब कुछ है।
10. "यदि सुख की मात्रा समान है तो 'पुष्पिन' (Pushpin - बच्चों का खेल) का खेल और 'काव्य' (Poetry) का पाठ दोनों बराबर हैं।" बेंथम का यह कथन किस बात की पुष्टि करता है?
सही उत्तर: A) कि सुख केवल मात्रात्मक होता है, उसमें कोई गुणात्मक अंतर नहीं होता।
व्याख्या: बेंथम के अनुसार सुख का 'स्रोत' महत्वपूर्ण नहीं है। चाहे सुख ताश खेलने से मिले या कोई महान ग्रन्थ पढ़ने से, यदि दोनों से मिलने वाले सुख का 'वजन/मात्रा' बराबर है, तो दोनों ही कार्य समान रूप से अच्छे हैं।
व्याख्या: बेंथम के अनुसार सुख का 'स्रोत' महत्वपूर्ण नहीं है। चाहे सुख ताश खेलने से मिले या कोई महान ग्रन्थ पढ़ने से, यदि दोनों से मिलने वाले सुख का 'वजन/मात्रा' बराबर है, तो दोनों ही कार्य समान रूप से अच्छे हैं।
11. राजनीतिशास्त्र के क्षेत्र में 'न्यूटन' (Newton) बनने की तमन्ना रखने वाले बेंथम ने सुख और दुख को मापने (Measure) के लिए किस यंत्र की कल्पना की थी?
सही उत्तर: C) सुख-दुख मापक यंत्र (Felicific Calculus)
व्याख्या: बेंथम ने सुख और दुख की गणना करने के लिए एक गणितीय पैमाना 'Felicific Calculus' (आनंद मापक) दिया। इसमें 7 तत्व (जैसे तीव्रता, अवधि, निश्चितता आदि) होते हैं जिनके आधार पर सुख को नापा जाता है।
व्याख्या: बेंथम ने सुख और दुख की गणना करने के लिए एक गणितीय पैमाना 'Felicific Calculus' (आनंद मापक) दिया। इसमें 7 तत्व (जैसे तीव्रता, अवधि, निश्चितता आदि) होते हैं जिनके आधार पर सुख को नापा जाता है।
12. बेंथम के अनुसार किसी कानून या राज्य के कार्य को अच्छा या बुरा मानने की एकमात्र कसौटी (Criterion) क्या है?
सही उत्तर: C) कि वह कानून अधिकतम व्यक्तियों के सुख में वृद्धि करता है या दुख में।
व्याख्या: उपयोगितावाद की दृष्टि से कोई भी कानून या संस्था स्वतः अच्छी या बुरी नहीं होती। यदि वह समाज के 'बहुमत' (अधिकतम लोगों) को सुख देती है, तो वह उपयोगी/अच्छी है, अन्यथा उसे बदल देना चाहिए।
व्याख्या: उपयोगितावाद की दृष्टि से कोई भी कानून या संस्था स्वतः अच्छी या बुरी नहीं होती। यदि वह समाज के 'बहुमत' (अधिकतम लोगों) को सुख देती है, तो वह उपयोगी/अच्छी है, अन्यथा उसे बदल देना चाहिए।
13. जॉन लॉक द्वारा प्रतिपादित 'प्राकृतिक अधिकारों' (Natural Rights) के सिद्धान्त का बेंथम ने किस प्रकार मूल्यांकन किया है?
सही उत्तर: B) उसने प्राकृतिक अधिकारों को 'कपोल-कल्पना' कहकर खारिज कर दिया।
व्याख्या: बेंथम का मानना था कि अधिकार आसमान से नहीं टपकते। प्राकृतिक अवस्था (जहाँ राज्य नहीं था) में कोई अधिकार नहीं हो सकता। असली अधिकार वह है जो राज्य (संसद/कानून) अपने नागरिकों को देता है।
व्याख्या: बेंथम का मानना था कि अधिकार आसमान से नहीं टपकते। प्राकृतिक अवस्था (जहाँ राज्य नहीं था) में कोई अधिकार नहीं हो सकता। असली अधिकार वह है जो राज्य (संसद/कानून) अपने नागरिकों को देता है।
14. बेंथम ने प्राकृतिक अधिकारों का खण्डन करते हुए किस प्रकार के अधिकारों का समर्थन किया, जिसके कारण उसे इसका 'जनक' भी माना जाता है?
सही उत्तर: B) कानूनी/वैधानिक अधिकार (Legal Rights)
व्याख्या: बेंथम को 'कानूनी अधिकारों के सिद्धान्त का जनक' (Father of Legal Theory of Rights) माना जाता है। उसके अनुसार अधिकार राज्य (कानून) की उपज हैं, और न्यायालय ही इनकी रक्षा करता है।
व्याख्या: बेंथम को 'कानूनी अधिकारों के सिद्धान्त का जनक' (Father of Legal Theory of Rights) माना जाता है। उसके अनुसार अधिकार राज्य (कानून) की उपज हैं, और न्यायालय ही इनकी रक्षा करता है।
15. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): बेंथम ने 'स्वतंत्रता' (Liberty) की अपेक्षा 'सुरक्षा' (Security) को अधिक महत्व दिया है。
कारण (R): बेंथम को स्वतंत्रता शब्द से चिढ़ थी क्योंकि यह एक प्राकृतिक अधिकार माना जाता था। बेंथम का स्पष्ट मत था कि "लोग सुरक्षा चाहते हैं स्वतंत्रता नहीं।"
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम को स्वतंत्रता शब्द से चिढ़ थी क्योंकि यह एक प्राकृतिक अधिकार माना जाता था। बेंथम का स्पष्ट मत था कि "लोग सुरक्षा चाहते हैं स्वतंत्रता नहीं।"
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बेंथम के लिए राज्य का मुख्य काम व्यक्ति को कानून के जरिए 'सुरक्षा' (Security) प्रदान करना है। उनका मानना था कि यदि सुरक्षा मिल गई, तो स्वतंत्रता अपने आप उसी में निहित हो जाती है।
व्याख्या: बेंथम के लिए राज्य का मुख्य काम व्यक्ति को कानून के जरिए 'सुरक्षा' (Security) प्रदान करना है। उनका मानना था कि यदि सुरक्षा मिल गई, तो स्वतंत्रता अपने आप उसी में निहित हो जाती है।
16. "कानून एक अनिवार्य बुराई/दोष (Necessary Evil) है।" बेंथम ने यह कथन किस संदर्भ में कहा था?
सही उत्तर: B) क्योंकि हर कानून स्वतंत्रता पर रोक लगाता है, लेकिन सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
व्याख्या: बेंथम का मानना है कि राज्य को उतने ही कानून बनाने चाहिए जितने लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। बहुत अधिक कानून मनुष्य की आज़ादी छीनकर 'असुरक्षा' पैदा कर देते हैं।
व्याख्या: बेंथम का मानना है कि राज्य को उतने ही कानून बनाने चाहिए जितने लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। बहुत अधिक कानून मनुष्य की आज़ादी छीनकर 'असुरक्षा' पैदा कर देते हैं।
17. बेंथम ने राज्य की उत्पत्ति के 'सामाजिक समझौते' (Social Contract) के सिद्धान्त का भी खण्डन कर दिया। उसके अनुसार राज्य का असली आधार क्या है?
सही उत्तर: C) उपयोगिता (आज्ञापालन की आदत)
व्याख्या: बेंथम ने लॉक और रूसो के समझौते के सिद्धान्त को काल्पनिक बताकर खारिज कर दिया। उसका प्रसिद्ध कथन है: "राज्य का आधार आदत (उपयोगिता) है, समझौता नहीं।" लोग राज्य की बात इसलिए मानते हैं क्योंकि इससे उन्हें 'सुख/फायदा' मिलता है।
व्याख्या: बेंथम ने लॉक और रूसो के समझौते के सिद्धान्त को काल्पनिक बताकर खारिज कर दिया। उसका प्रसिद्ध कथन है: "राज्य का आधार आदत (उपयोगिता) है, समझौता नहीं।" लोग राज्य की बात इसलिए मानते हैं क्योंकि इससे उन्हें 'सुख/फायदा' मिलता है।
18. "राज्य व्यक्ति के लिए है न कि व्यक्ति राज्य के लिए।" इस कथन के आधार पर बेंथम को किस श्रेणी का विचारक माना जाता है?
सही उत्तर: C) व्यक्तिवादी (Individualist)
व्याख्या: उपयोगितावादी मूल रूप से 'व्यक्तिवादी' होते हैं। बेंथम राज्य को एक 'कृत्रिम साधन' (Means) मानता है जिसका उद्देश्य व्यक्ति (साध्य/End) के सुख में वृद्धि करना है।
व्याख्या: उपयोगितावादी मूल रूप से 'व्यक्तिवादी' होते हैं। बेंथम राज्य को एक 'कृत्रिम साधन' (Means) मानता है जिसका उद्देश्य व्यक्ति (साध्य/End) के सुख में वृद्धि करना है।
19. बेंथम किस राजनीतिक विचारक / अर्थशास्त्री की पुस्तक 'वेल्थ ऑफ नेशन्स' (1776) से अत्यधिक प्रभावित था और उसने भी आर्थिक क्षेत्र में 'अहस्तक्षेप' (Laissez-faire) का समर्थन किया?
सही उत्तर: C) एडम स्मिथ (Adam Smith)
व्याख्या: पूंजीवाद के जनक एडम स्मिथ के विचारों से प्रभावित होकर बेंथम ने भी कहा कि राज्य को व्यापार और अर्थव्यवस्था में कम से कम हस्तक्षेप (Laissez-faire) करना चाहिए ताकि व्यक्ति अपनी मेहनत से अधिकतम सुख (सम्पत्ति) अर्जित कर सके।
व्याख्या: पूंजीवाद के जनक एडम स्मिथ के विचारों से प्रभावित होकर बेंथम ने भी कहा कि राज्य को व्यापार और अर्थव्यवस्था में कम से कम हस्तक्षेप (Laissez-faire) करना चाहिए ताकि व्यक्ति अपनी मेहनत से अधिकतम सुख (सम्पत्ति) अर्जित कर सके।
20. बेंथम को किस प्रकार की लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का जनक (Father) माना जाता है?
सही उत्तर: B) प्रतिनिधि लोकतंत्र का (Representative Democracy)
व्याख्या: बेंथम ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकतम सुख प्राप्त करने के लिए 'प्रतिनिधि लोकतंत्र' (Representative Democracy) ही एकमात्र व्यावहारिक शासन व्यवस्था है।
व्याख्या: बेंथम ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकतम सुख प्राप्त करने के लिए 'प्रतिनिधि लोकतंत्र' (Representative Democracy) ही एकमात्र व्यावहारिक शासन व्यवस्था है।
21. "प्रत्येक व्यक्ति को एक माना जाय, किसी को एक से अधिक नहीं।" (Each to count for one and none for more than one). यह कथन बेंथम के किस सिद्धान्त को पुष्ट करता है?
सही उत्तर: A) 'एक व्यक्ति - एक वोट' (One man - one vote) के सिद्धान्त को
व्याख्या: बेंथम के उपयोगितावाद का यह एक बड़ा लोकतांत्रिक पहलू है। वह मानता था कि सुख की गणना करते समय राजा और रंक, दोनों के वोट (सुख) की कीमत बराबर (एक) होनी चाहिए।
व्याख्या: बेंथम के उपयोगितावाद का यह एक बड़ा लोकतांत्रिक पहलू है। वह मानता था कि सुख की गणना करते समय राजा और रंक, दोनों के वोट (सुख) की कीमत बराबर (एक) होनी चाहिए।
22. बेंथम ने अपने मताधिकार (Voting Rights) के सिद्धान्त में किन वर्गों को वोट देने के अधिकार से वंचित (Excluded) कर दिया था?
सही उत्तर: C) अशिक्षितों और महिलाओं को
व्याख्या: यद्यपि बेंथम 'एक व्यक्ति-एक वोट' का समर्थक था, लेकिन अपने युग की पितृसत्तात्मक सोच और शिक्षा की कमी के कारण उसने केवल 'शिक्षित पुरुषों' को ही मताधिकार देने का समर्थन किया। (महिलाओं को मताधिकार देने की बात बाद में जे.एस. मिल ने की)।
व्याख्या: यद्यपि बेंथम 'एक व्यक्ति-एक वोट' का समर्थक था, लेकिन अपने युग की पितृसत्तात्मक सोच और शिक्षा की कमी के कारण उसने केवल 'शिक्षित पुरुषों' को ही मताधिकार देने का समर्थन किया। (महिलाओं को मताधिकार देने की बात बाद में जे.एस. मिल ने की)।
23. बेंथम इंग्लैण्ड की संसद (संसदीय सुधारों) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से किसका विरोधी (Opponent) था?
सही उत्तर: C) लॉर्ड सभा (House of Lords) का
व्याख्या: बेंथम हाउस ऑफ लॉर्ड्स (उच्च सदन) को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहता था क्योंकि यह आनुवांशिक (Heredity/वंशानुगत कुलीनों) पर आधारित था और उपयोगिता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता था।
व्याख्या: बेंथम हाउस ऑफ लॉर्ड्स (उच्च सदन) को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहता था क्योंकि यह आनुवांशिक (Heredity/वंशानुगत कुलीनों) पर आधारित था और उपयोगिता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता था।
24. बेंथम ने चुनाव में किस प्रकार की मतदान प्रणाली का समर्थन किया था?
सही उत्तर: B) गुप्त मतदान (Secret Ballot)
व्याख्या: मतदाताओं को डराने-धमकाने और रिश्वतखोरी से बचाने के लिए बेंथम ने 'गुप्त मतदान' का प्रबल समर्थन किया था (जबकि जे.एस. मिल 'खुले मतदान' का समर्थक था)।
व्याख्या: मतदाताओं को डराने-धमकाने और रिश्वतखोरी से बचाने के लिए बेंथम ने 'गुप्त मतदान' का प्रबल समर्थन किया था (जबकि जे.एस. मिल 'खुले मतदान' का समर्थक था)।
25. बेंथम के 'दण्ड के सिद्धान्त' (Theory of Punishment) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य (True) है?
सही उत्तर: C) वह दण्ड का विरोधी है, परन्तु समाज की सुरक्षा के लिए 'सुधारात्मक दण्ड' का समर्थक है।
व्याख्या: उपयोगितावाद के अनुसार 'दुख' देना बुरी बात है। इसलिए दण्ड बुरा है। लेकिन अगर एक अपराधी को सजा (दुख) देने से पूरे समाज को सुरक्षा (सुख) मिलती है, तो उपयोगिता की दृष्टि से दण्ड देना सही है।
व्याख्या: उपयोगितावाद के अनुसार 'दुख' देना बुरी बात है। इसलिए दण्ड बुरा है। लेकिन अगर एक अपराधी को सजा (दुख) देने से पूरे समाज को सुरक्षा (सुख) मिलती है, तो उपयोगिता की दृष्टि से दण्ड देना सही है।
26. बेंथम ने फ्रांस और इंग्लैण्ड की जेल व्यवस्था (Prison system) में सुधार के लिए एक 'आदर्श जेल' का गोल/चक्राकार नक्शा (योजना) प्रस्तुत किया था। इस आदर्श जेल को क्या नाम दिया गया?
सही उत्तर: C) पैनॉप्टिकन (Panopticon)
व्याख्या: 'Panopticon' का अर्थ है जहाँ से 'सब कुछ देखा जा सके'। यह एक गोलाकार जेल की डिज़ाइन थी जिसके केंद्र में गार्ड बैठता है और वह बिना कैदियों को दिखे उन पर चौबीसों घंटे नज़र रख सकता है। यह बेंथम का एक महान सामाजिक सुधार था।
व्याख्या: 'Panopticon' का अर्थ है जहाँ से 'सब कुछ देखा जा सके'। यह एक गोलाकार जेल की डिज़ाइन थी जिसके केंद्र में गार्ड बैठता है और वह बिना कैदियों को दिखे उन पर चौबीसों घंटे नज़र रख सकता है। यह बेंथम का एक महान सामाजिक सुधार था।
27. तत्कालीन इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था और वकीलों/न्यायाधीशों पर बेंथम ने क्या कटु टिप्पणी की थी?
सही उत्तर: C) उसने न्यायाधीशों को "Judges & Company" कहकर पुकारा था।
व्याख्या: बेंथम को वकीलों और जजों के उस गठजोड़ से नफरत थी जो आम जनता को बेवकूफ बनाकर पैसे लूटते थे। उसने कहा कि यह न्याय नहीं, बल्कि जजों की अपनी एक 'व्यापारिक कंपनी' चल रही है।
व्याख्या: बेंथम को वकीलों और जजों के उस गठजोड़ से नफरत थी जो आम जनता को बेवकूफ बनाकर पैसे लूटते थे। उसने कहा कि यह न्याय नहीं, बल्कि जजों की अपनी एक 'व्यापारिक कंपनी' चल रही है।
28. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): बेंथम के उपयोगितावाद को जे. एस. मिल (J.S. Mill) ने बाद में 'गुणात्मक' (Qualitative) रूप देने का प्रयास किया और कहा कि "एक संतुष्ट सूअर होने से बेहतर है एक असंतुष्ट सुकरात होना।"
कारण (R): बेंथम का सिद्धान्त पूर्णतः 'मात्रात्मक' (Quantitative) था, जिसके कारण आलोचकों (जैसे कार्लाइल) ने उपयोगितावाद को 'सूअरों का दर्शन' (Pig philosophy) कहकर आलोचना की थी।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम का सिद्धान्त पूर्णतः 'मात्रात्मक' (Quantitative) था, जिसके कारण आलोचकों (जैसे कार्लाइल) ने उपयोगितावाद को 'सूअरों का दर्शन' (Pig philosophy) कहकर आलोचना की थी।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: चूँकि बेंथम ने कहा था कि "कविता पढ़ने और ताश खेलने में मिलने वाला सुख बराबर है", इसलिए कार्लाइल ने कहा कि यह तो सूअरों वाला दर्शन है जो केवल 'मात्रा/पेट भरने' पर ध्यान देता है। इसी कलंक को धोने के लिए मिल ने इसमें 'गुण' (Quality) का सिद्धान्त जोड़ा।
व्याख्या: चूँकि बेंथम ने कहा था कि "कविता पढ़ने और ताश खेलने में मिलने वाला सुख बराबर है", इसलिए कार्लाइल ने कहा कि यह तो सूअरों वाला दर्शन है जो केवल 'मात्रा/पेट भरने' पर ध्यान देता है। इसी कलंक को धोने के लिए मिल ने इसमें 'गुण' (Quality) का सिद्धान्त जोड़ा।
29. "बेंथम विधि (Law) का प्रथम प्रतिपादक है।" यह कथन किस राजनीतिक विचारक का है?
सही उत्तर: B) ए. वी. डायसी (A.V. Dicey)
व्याख्या: 'विधि के शासन' (Rule of Law) के लिए प्रसिद्ध ए. वी. डायसी ने बेंथम के कानूनी सुधारों की प्रशंसा करते हुए यह बात कही थी।
व्याख्या: 'विधि के शासन' (Rule of Law) के लिए प्रसिद्ध ए. वी. डायसी ने बेंथम के कानूनी सुधारों की प्रशंसा करते हुए यह बात कही थी।
30. "आज तक इतिहास में कोई ऐसा कानून नहीं बना जिस पर बेंथम का प्रभाव न दिखाई देता हो।" बेंथम के विधायी (Legislative) योगदान को रेखांकित करने वाला यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) सर हेनरी मेन (Sir Henry Maine)
व्याख्या: सर हेनरी मेन का यह कथन स्पष्ट करता है कि 19वीं सदी के बाद पूरी दुनिया में कानूनों को सरल, मानवीय और जन-उपयोगी बनाने में बेंथम के उपयोगितावाद का कितना भारी प्रभाव रहा है।
व्याख्या: सर हेनरी मेन का यह कथन स्पष्ट करता है कि 19वीं सदी के बाद पूरी दुनिया में कानूनों को सरल, मानवीय और जन-उपयोगी बनाने में बेंथम के उपयोगितावाद का कितना भारी प्रभाव रहा है।
31. बेंथम के उपयोगितावादी सिद्धान्त ने भारत में किस 'गवर्नर जनरल' (Governor General) के काल में व्यापक सामाजिक और कानूनी सुधारों (जैसे सती प्रथा का अंत, ठगी का अंत) को प्रेरित किया, जिसके कारण उसे 'बेंथमवादी गवर्नर जनरल' कहा जाता है?
सही उत्तर: C) लॉर्ड विलियम बेंटिक
व्याख्या: लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) बेंथम के घोर प्रशंसक और मित्र थे। भारत आने से पहले उन्होंने बेंथम से मुलाकात की थी और भारत में 'अधिकतम लोगों के सुख' के लिए कई सुधार किए।
व्याख्या: लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) बेंथम के घोर प्रशंसक और मित्र थे। भारत आने से पहले उन्होंने बेंथम से मुलाकात की थी और भारत में 'अधिकतम लोगों के सुख' के लिए कई सुधार किए।
32. "यदि आप अपनी बुद्धि का 1/20 भाग किसी योजना में लगाते तो आप दुनिया के महान व्यक्ति होते, लेकिन आप तो एक योजना छोड़कर दूसरी योजना बनाते रहते हैं।" यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी बेंथम के बारे में किसने की थी?
सही उत्तर: C) वुडरो विल्सन (Wilson)
व्याख्या: बेंथम ने जेल सुधार, कानून, अर्थव्यवस्था आदि पर ढेरों अधूरी पांडुलिपियां (Manuscripts) लिख डाली थीं और किसी एक पर टिक कर पूरा काम नहीं किया, इसी पर विल्सन ने यह टिप्पणी की थी।
व्याख्या: बेंथम ने जेल सुधार, कानून, अर्थव्यवस्था आदि पर ढेरों अधूरी पांडुलिपियां (Manuscripts) लिख डाली थीं और किसी एक पर टिक कर पूरा काम नहीं किया, इसी पर विल्सन ने यह टिप्पणी की थी।
33. उपयोगितावाद (Utilitarianism) को राजनीतिक दर्शन के रूप में व्यवस्थित करने वाली बेंथम की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक 'An Introduction to the Principles of Morals and Legislation' किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?
सही उत्तर: B) 1789 ई.
व्याख्या: यह पुस्तक 1789 में छपी (जिस वर्ष फ्रांसीसी क्रांति शुरू हुई थी)। इसी पुस्तक में बेंथम ने 'सुख-दुख मापक यंत्र' और उपयोगिता का पूरा खाका पेश किया।
व्याख्या: यह पुस्तक 1789 में छपी (जिस वर्ष फ्रांसीसी क्रांति शुरू हुई थी)। इसी पुस्तक में बेंथम ने 'सुख-दुख मापक यंत्र' और उपयोगिता का पूरा खाका पेश किया।
34. "उपयोगितावाद" (Utilitarianism) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग स्पष्ट रूप से किसने किया था (यद्यपि सिद्धांत बेंथम ने व्यवस्थित किया था)?
सही उत्तर: C) जॉन स्टुअर्ट मिल (J. S. Mill)
व्याख्या: जे. एस. मिल ने इस शब्द (Utilitarianism) को लोकप्रिय बनाया और बेंथम के सिद्धांत की कमियों को दूर करके अपनी पुस्तक का नाम भी 'यूटिलिटेरियनिज्म' रखा।
व्याख्या: जे. एस. मिल ने इस शब्द (Utilitarianism) को लोकप्रिय बनाया और बेंथम के सिद्धांत की कमियों को दूर करके अपनी पुस्तक का नाम भी 'यूटिलिटेरियनिज्म' रखा।
35. बहु-कथन प्रश्न: बेंथम के राजनीतिक विचारों के सम्बन्ध में असत्य (False) कथन पहचानें:
1. बेंथम एक भौतिकवादी (Materialist) विचारक था जो उपनिवेशवाद (Colonialism) का विरोधी था。
2. बेंथम ने महिलाओं और अशिक्षितों को वोट देने का कड़ा विरोध किया था。
3. बेंथम प्राकृतिक कानूनों और प्राकृतिक अधिकारों का प्रबल समर्थक था。
4. बेंथम का राज्य एक 'कृत्रिम संस्था' है जिसका उद्देश्य अधिकतम सुख है।
सही कूट (असत्य कथन):
2. बेंथम ने महिलाओं और अशिक्षितों को वोट देने का कड़ा विरोध किया था。
3. बेंथम प्राकृतिक कानूनों और प्राकृतिक अधिकारों का प्रबल समर्थक था。
4. बेंथम का राज्य एक 'कृत्रिम संस्था' है जिसका उद्देश्य अधिकतम सुख है।
सही उत्तर: C) केवल 3 (Only 3)
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल गलत है। बेंथम प्राकृतिक कानूनों का सबसे बड़ा आलोचक (विरोधी) था; उसने इसे 'बकवास' (Nonsense) कहा था और 'कानूनी अधिकारों' का समर्थन किया था।
व्याख्या: कथन 3 बिल्कुल गलत है। बेंथम प्राकृतिक कानूनों का सबसे बड़ा आलोचक (विरोधी) था; उसने इसे 'बकवास' (Nonsense) कहा था और 'कानूनी अधिकारों' का समर्थन किया था।
36. सुख-दुख मापक यंत्र (Felicific Calculus) में बेंथम ने किसी सुख या दुख को मापने के लिए कुल कितने तत्वों (Dimensions) का उल्लेख किया है?
सही उत्तर: C) 7 तत्व
व्याख्या: बेंथम ने सुख को तौलने के 7 पैमाने बताए हैं— 1. तीव्रता (Intensity), 2. अवधि (Duration), 3. निश्चितता (Certainty), 4. निकटता (Propinquity), 5. उत्पादकता (Fecundity), 6. शुद्धता (Purity), 7. विस्तार (Extent)।
व्याख्या: बेंथम ने सुख को तौलने के 7 पैमाने बताए हैं— 1. तीव्रता (Intensity), 2. अवधि (Duration), 3. निश्चितता (Certainty), 4. निकटता (Propinquity), 5. उत्पादकता (Fecundity), 6. शुद्धता (Purity), 7. विस्तार (Extent)।
37. बेंथम के अनुसार, यदि कोई कानून "विशाल जनमत" (Large Public Opinion) के विरोध में हो, तो राज्य को क्या करना चाहिए?
सही उत्तर: B) वह उसे कानून का रूप कदापि न दे।
व्याख्या: चूँकि कानून का उद्देश्य 'अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख' है, इसलिए यदि बहुमत (अधिकतम लोग) ही उस कानून से दुखी (विरोध) है, तो वह कानून 'अनुपयोगी' है और उसे नहीं बनाना चाहिए।
व्याख्या: चूँकि कानून का उद्देश्य 'अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख' है, इसलिए यदि बहुमत (अधिकतम लोग) ही उस कानून से दुखी (विरोध) है, तो वह कानून 'अनुपयोगी' है और उसे नहीं बनाना चाहिए।
38. प्राचीन यूनान (Ancient Greece) के किस दर्शन में बेंथम के उपयोगितावाद (सुखवाद) के बीज दिखाई पड़ते हैं?
सही उत्तर: C) एपिक्यूरियल दर्शन (Epicurean Philosophy)
व्याख्या: एपिक्यूरस का दर्शन (Epicureanism) इस बात पर केंद्रित था कि जीवन का परम लक्ष्य सुख (Pleasure) प्राप्त करना और दुख से बचना है। यही विचार बेंथम के उपयोगितावाद का आधार है।
व्याख्या: एपिक्यूरस का दर्शन (Epicureanism) इस बात पर केंद्रित था कि जीवन का परम लक्ष्य सुख (Pleasure) प्राप्त करना और दुख से बचना है। यही विचार बेंथम के उपयोगितावाद का आधार है।
39. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): बेंथम ने मानव के 'आध्यात्मिक और नैतिक' सुखों को पूरी तरह से नकार दिया था。
कारण (R): बेंथम का दृष्टिकोण पूर्णतः 'व्यापक और राजनीतिक' (सार्वजनिक) था; उसके अनुसार जिसे मापा न जा सके (जैसे आत्मा का सुख), वह राज्य के काम का नहीं है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम का दृष्टिकोण पूर्णतः 'व्यापक और राजनीतिक' (सार्वजनिक) था; उसके अनुसार जिसे मापा न जा सके (जैसे आत्मा का सुख), वह राज्य के काम का नहीं है।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बेंथम एक भौतिकवादी विचारक था। उसके उपयोगितावाद का मुख्य कार्य संसद और कानून बनाना था, जो केवल भौतिक (सांसारिक) सुख-दुख को ही नियंत्रित कर सकता है, न कि परलोक या आत्मा को।
व्याख्या: बेंथम एक भौतिकवादी विचारक था। उसके उपयोगितावाद का मुख्य कार्य संसद और कानून बनाना था, जो केवल भौतिक (सांसारिक) सुख-दुख को ही नियंत्रित कर सकता है, न कि परलोक या आत्मा को।
40. "बेंथम का राज्य केवल एक कानून बनाने वाली फैक्ट्री (Law-making factory) है।" ऐसा क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: C) क्योंकि राज्य केवल एक 'उपयोगी और कृत्रिम संस्था' है...
व्याख्या: आदर्शवादी विचारक राज्य को 'ईश्वर का रूप' मानते हैं, लेकिन बेंथम (उपयोगितावादी) के लिए राज्य बस एक टूल (औज़ार) है जिसका काम कानून बनाकर लोगों को सुख/सुरक्षा देना है।
व्याख्या: आदर्शवादी विचारक राज्य को 'ईश्वर का रूप' मानते हैं, लेकिन बेंथम (उपयोगितावादी) के लिए राज्य बस एक टूल (औज़ार) है जिसका काम कानून बनाकर लोगों को सुख/सुरक्षा देना है।
41. 'सुधारात्मक दण्ड सिद्धान्त' (Reformative Theory of Punishment) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है, जिसका बेंथम ने समर्थन किया था?
सही उत्तर: C) अपराधी के चरित्र में सुधार लाना...
व्याख्या: बेंथम के 'पैनॉप्टिकन' (आदर्श जेल) का उद्देश्य भी यही था कि कैदियों पर निगरानी रखकर उन्हें अच्छा इंसान बनाया जाए, ताकि बाहर आकर वे समाज का 'सुख' कम न करें।
व्याख्या: बेंथम के 'पैनॉप्टिकन' (आदर्श जेल) का उद्देश्य भी यही था कि कैदियों पर निगरानी रखकर उन्हें अच्छा इंसान बनाया जाए, ताकि बाहर आकर वे समाज का 'सुख' कम न करें।
42. बेंथम के उपयोगितावाद को 'व्यक्तिवादी' (Individualistic) क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: A) क्योंकि वह मानता है कि 'समाज केवल व्यक्तियों का योग है'।
व्याख्या: उपयोगितावादी समाज को कोई रहस्यमयी देवी-देवता (Organic body) नहीं मानते। उनके अनुसार समाज एक ढेर है; अगर ढेर का हर कण (व्यक्ति) सुखी है, तो ढेर (समाज) भी सुखी है।
व्याख्या: उपयोगितावादी समाज को कोई रहस्यमयी देवी-देवता (Organic body) नहीं मानते। उनके अनुसार समाज एक ढेर है; अगर ढेर का हर कण (व्यक्ति) सुखी है, तो ढेर (समाज) भी सुखी है।
43. किस प्रसिद्ध विचारक ने उपयोगितावाद में 'गुणात्मक' (Qualitative) सुधार करके यह सिद्ध किया कि "खेलने और कविता पढ़ने के सुख में अंतर होता है" और इस प्रकार उसने बेंथम के दर्शन को सूअर के दर्शन के कलंक से बचाया?
सही उत्तर: B) जॉन स्टुअर्ट मिल (J. S. Mill)
व्याख्या: जे. एस. मिल (जो कि बेंथम के मित्र जेम्स मिल का पुत्र था) ने अपने उपयोगितावाद में 'गुण' (Quality) को महत्व दिया और कहा कि बौद्धिक/मानसिक सुख शारीरिक (जानवरों वाले) सुख से बहुत श्रेष्ठ होता है।
व्याख्या: जे. एस. मिल (जो कि बेंथम के मित्र जेम्स मिल का पुत्र था) ने अपने उपयोगितावाद में 'गुण' (Quality) को महत्व दिया और कहा कि बौद्धिक/मानसिक सुख शारीरिक (जानवरों वाले) सुख से बहुत श्रेष्ठ होता है।
44. जमींदारी उन्मूलन (Abolition of Zamindari) के सम्बन्ध में बेंथम के क्या विचार थे?
सही उत्तर: B) वह जमींदारी उन्मूलन का प्रबल पक्षधर था।
व्याख्या: बेंथम का मानना था कि जमींदारी प्रथा समाज के 'बहुमत' (किसानों/आम जनता) को दुख देती है और केवल कुछ मुट्ठीभर लोगों को सुख देती है। अतः उपयोगिता की दृष्टि से यह गलत है और इसे समाप्त कर देना चाहिए।
व्याख्या: बेंथम का मानना था कि जमींदारी प्रथा समाज के 'बहुमत' (किसानों/आम जनता) को दुख देती है और केवल कुछ मुट्ठीभर लोगों को सुख देती है। अतः उपयोगिता की दृष्टि से यह गलत है और इसे समाप्त कर देना चाहिए।
45. बेंथम ने कानून और विधायकों (Law-makers) के लिए किस बात को सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) दी है?
सही उत्तर: C) अधिकतम व्यक्तियों के लिए सुरक्षा और सुख का निर्माण करना।
व्याख्या: बेंथम ने अपनी पूरी जिंदगी इसी बात पर लगा दी कि कानून को ऐसा 'वैज्ञानिक' और 'सरल' बनाया जाए कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा (Utility) पहुँचा सके।
व्याख्या: बेंथम ने अपनी पूरी जिंदगी इसी बात पर लगा दी कि कानून को ऐसा 'वैज्ञानिक' और 'सरल' बनाया जाए कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा (Utility) पहुँचा सके।
46. 'ब्लैकस्टोन' (Blackstone) कौन था, जिसकी बेंथम ने अपनी पुस्तक 'Fragment on Government' में तीखी आलोचना की थी?
सही उत्तर: B) प्राकृतिक कानूनों का सबसे बड़ा व्याख्याकार
व्याख्या: विलियम ब्लैकस्टोन ने इंग्लैण्ड के अलिखित प्राकृतिक कानूनों (Common Law) की बहुत प्रशंसा की थी। बेंथम ने उसी की 'Commentaries on the Laws of England' की धज्जियां उड़ाने के लिए अपनी पुस्तक लिखी थी।
व्याख्या: विलियम ब्लैकस्टोन ने इंग्लैण्ड के अलिखित प्राकृतिक कानूनों (Common Law) की बहुत प्रशंसा की थी। बेंथम ने उसी की 'Commentaries on the Laws of England' की धज्जियां उड़ाने के लिए अपनी पुस्तक लिखी थी।
47. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): बेंथम ने 'प्राकृतिक अधिकारों' (Natural Rights) और फ्रांसीसी क्रांति के 'अधिकारों के घोषणापत्र' की कड़ी निंदा की थी。
कारण (R): बेंथम का मानना था कि अधिकार राज्य से पहले नहीं हो सकते। अधिकार राज्य और कानून (Legal framework) की देन हैं, प्रकृति की नहीं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): बेंथम का मानना था कि अधिकार राज्य से पहले नहीं हो सकते। अधिकार राज्य और कानून (Legal framework) की देन हैं, प्रकृति की नहीं।
सही उत्तर: C) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: बेंथम का प्रसिद्ध तर्क है कि "जहाँ कानून नहीं, वहाँ अधिकार नहीं।" इसलिए प्राकृतिक अवस्था (जहाँ कानून नहीं था) में प्राकृतिक अधिकारों की बात करना मूर्खता (Nonsense) है।
व्याख्या: बेंथम का प्रसिद्ध तर्क है कि "जहाँ कानून नहीं, वहाँ अधिकार नहीं।" इसलिए प्राकृतिक अवस्था (जहाँ कानून नहीं था) में प्राकृतिक अधिकारों की बात करना मूर्खता (Nonsense) है।
48. बेंथम के उपयोगितावाद (Utilitarianism) को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
सही उत्तर: C) सुखवाद (Hedonism)
व्याख्या: चूँकि उपयोगितावाद पूरी तरह से जीवन में 'सुख' (Pleasure) प्राप्त करने और 'दुख' (Pain) से बचने की गणना पर टिका है, इसलिए इसे नैतिक दर्शन की भाषा में सुखवाद (Hedonism) कहा जाता है।
व्याख्या: चूँकि उपयोगितावाद पूरी तरह से जीवन में 'सुख' (Pleasure) प्राप्त करने और 'दुख' (Pain) से बचने की गणना पर टिका है, इसलिए इसे नैतिक दर्शन की भाषा में सुखवाद (Hedonism) कहा जाता है।
49. बहु-कथन प्रश्न: बेंथम के दण्ड व्यवस्था (Penal System) सम्बन्धी विचारों के बारे में सत्य कथन चुनें:
1. दण्ड अपराध के अनुपात (Proportion) में ही होना चाहिए, उससे अधिक नहीं。
2. दण्ड का उद्देश्य प्रतिशोध (बदला) लेना है。
3. यदि दण्ड न देने से समाज को ज्यादा सुख (फायदा) हो रहा हो, तो दण्ड नहीं देना चाहिए (जैसे माफ़ी से सुधार)।
4. बेंथम ने जेल की स्थिति सुधारने के लिए 'Panopticon' का विचार दिया था।
सही कूट:
2. दण्ड का उद्देश्य प्रतिशोध (बदला) लेना है。
3. यदि दण्ड न देने से समाज को ज्यादा सुख (फायदा) हो रहा हो, तो दण्ड नहीं देना चाहिए (जैसे माफ़ी से सुधार)।
4. बेंथम ने जेल की स्थिति सुधारने के लिए 'Panopticon' का विचार दिया था।
सही उत्तर: B) 1, 3 और 4
व्याख्या: कथन 2 गलत है। बेंथम 'प्रतिशोध' (Revenge / आँख के बदले आँख) का विरोधी था, वह 'सुधार' (Reform) का समर्थक था। दण्ड केवल समाज को आगे के नुकसान से बचाने (Deterrence) के लिए होना चाहिए।
व्याख्या: कथन 2 गलत है। बेंथम 'प्रतिशोध' (Revenge / आँख के बदले आँख) का विरोधी था, वह 'सुधार' (Reform) का समर्थक था। दण्ड केवल समाज को आगे के नुकसान से बचाने (Deterrence) के लिए होना चाहिए।
50. निष्कर्ष (Conclusion): जेरेमी बेंथम का राजनीति विज्ञान (Political Science) के क्षेत्र में सबसे बड़ा और स्थायी योगदान क्या माना जाता है?
सही उत्तर: C) राजनीति को अंधविश्वासों से मुक्त कर उसे तर्क और 'उपयोगी आधार' पर स्थापित करना।
व्याख्या: बेंथम ने यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी कानून (Law) या संस्था इसलिए अच्छी नहीं है क्योंकि वह 'पुरानी' है या 'ईश्वर' ने बनाई है। वह तभी अच्छी है जब वह आज के समाज को 'अधिकतम सुख' दे रही हो। इसी यथार्थवादी और वैज्ञानिक सोच ने आधुनिक कानूनों की शक्ल बदल दी।
व्याख्या: बेंथम ने यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी कानून (Law) या संस्था इसलिए अच्छी नहीं है क्योंकि वह 'पुरानी' है या 'ईश्वर' ने बनाई है। वह तभी अच्छी है जब वह आज के समाज को 'अधिकतम सुख' दे रही हो। इसी यथार्थवादी और वैज्ञानिक सोच ने आधुनिक कानूनों की शक्ल बदल दी।
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📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. उपयोगितावाद (Utilitarianism) का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: उपयोगितावाद का जनक 'जेरेमी बेंथम' (Jeremy Bentham) को माना जाता है, यद्यपि आधुनिक काल में इसके सर्वप्रथम प्रतिपादक डेविड ह्यूम थे।
Q2. बेंथम के उपयोगितावाद का मूल मंत्र क्या है?
उत्तर: बेंथम के उपयोगितावाद का मूल मंत्र है — "अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख" (Greatest happiness of the greatest number)।
Q3. बेंथम ने प्राकृतिक अधिकारों को क्या कहा है?
उत्तर: बेंथम ने प्राकृतिक अधिकारों का कड़ा खण्डन करते हुए उन्हें 'कपोल-कल्पना' (Nonsense upon stilts) या 'अहंकारिक शैली की निरर्थक चातुरी' कहकर पुकारा है।
Q4. बेंथम ने इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था को किस नाम से पुकारा है?
उत्तर: बेंथम प्राकृतिक न्याय के विरोधी थे, इसलिए उन्होंने तत्कालीन इंग्लैण्ड की न्याय व्यवस्था और न्यायाधीशों को व्यंग्य में "Judges & Company" (जज और उनकी कम्पनी) कहा है।
Q5. 'Felicific Calculus' (सुख-दुख मापक यंत्र) का विचार किसने दिया था?
उत्तर: जेरेमी बेंथम ने किसी कानून से मिलने वाले सुख और दुख को मापने के लिए एक गणितीय पैमाना 'Hedonistic/Felicific Calculus' प्रस्तुत किया था, जिसमें 7 तत्व शामिल थे।
