राजनीतिक दल, दलीय व्यवस्था और वर्गीकरण: 100 Premium MCQs
| राजनीतिक दल, दलीय व्यवस्था और वर्गीकरण: 100 Premium MCQs |
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| Study Material Overview: प्रस्तुत लेख में राजनीति विज्ञान के अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषय— 'राजनीतिक दल (Political Parties)' तथा 'दलीय व्यवस्था (Party System)' पर आधारित 100 उच्च स्तरीय प्रश्न दिए गए हैं। तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रश्नों को आगे-पीछे (Shuffled) रखा गया है। इसमें सारटोरी, डुवर्जर, मिचेल्स, डाउन्स और लेनिन के सिद्धान्तों से संबंधित TGT, PGT व NET-JRF स्तर के प्रश्न शामिल हैं। |
1. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): राजनीतिक दलों को लोकतन्त्र की 'प्राणवायु' (Oxygen) और रीढ़ की हड्डी माना जाता है।
कारण (R): क्योंकि राजनीतिक दलों के बिना न तो चुनाव संभव हैं, न स्वस्थ जनमत का निर्माण हो सकता है, और न ही जनता व सरकार के बीच कोई 'कड़ी' (Link) बन सकती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि राजनीतिक दलों के बिना न तो चुनाव संभव हैं, न स्वस्थ जनमत का निर्माण हो सकता है, और न ही जनता व सरकार के बीच कोई 'कड़ी' (Link) बन सकती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लोकतन्त्र (विशेषकर प्रतिनिधिक लोकतन्त्र) दलों के बिना कार्य ही नहीं कर सकता। फाइनर ने भी कहा है कि दलों के बिना निर्वाचक नितान्त असहाय हो जायेंगे।
व्याख्या: लोकतन्त्र (विशेषकर प्रतिनिधिक लोकतन्त्र) दलों के बिना कार्य ही नहीं कर सकता। फाइनर ने भी कहा है कि दलों के बिना निर्वाचक नितान्त असहाय हो जायेंगे।
2. मॉरिस डुवर्जर (Maurice Duverger) ने अपनी पुस्तक 'Political Parties' में संगठन के आधार पर राजनीतिक दलों के 4 बुनियादी तत्त्व बताए हैं। इनमें से 'प्रकोष्ठ' (Cell) की क्या विशेषता है?
सही उत्तर: C) यह फासीवादी तथा साम्यवादी दलों का आविष्कार है, जो 'गुप्त गतिविधियों' में अधिक दिलचस्पी लेता है।
व्याख्या: डुवर्जर के अनुसार 'काकस' चुनाव के लिए, 'शाखा' जनता के लिए, 'सेल/प्रकोष्ठ' गुप्त कार्यों के लिए, और 'मिलिशिया' सैन्य कार्यों (तानाशाही) के लिए होता है।
व्याख्या: डुवर्जर के अनुसार 'काकस' चुनाव के लिए, 'शाखा' जनता के लिए, 'सेल/प्रकोष्ठ' गुप्त कार्यों के लिए, और 'मिलिशिया' सैन्य कार्यों (तानाशाही) के लिए होता है।
3. "राजनीतिक दल अनिवार्य हैं, कोई स्वतन्त्र देश उनके बिना नहीं रह सकता... जिस प्रकार ज्वार और भाटा महासागर के जल को ताजा एवं तरंगित रखता है, उसी प्रकार राजनीतिक दल राष्ट्र के दिमाग को ताजा व तरंगित रखते हैं।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: B) लार्ड ब्राइस (Lord Bryce)
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने राजनीतिक दलों को ज्वार-भाटे के समान बताया है, जो जनता के राजनीतिक विचारों (लोकमत) को हमेशा सक्रिय और जागरूक (Fresh) बनाए रखते हैं।
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने राजनीतिक दलों को ज्वार-भाटे के समान बताया है, जो जनता के राजनीतिक विचारों (लोकमत) को हमेशा सक्रिय और जागरूक (Fresh) बनाए रखते हैं।
4. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दल निर्माण के 4 आवश्यक तत्त्वों में क्या शामिल है?
1. औपचारिक संगठन (Formal Organization)
2. विचारधारा में एकरूपता (Ideological uniformity)
3. हिंसक और गैर-संवैधानिक साधनों का प्रयोग
4. राष्ट्रीय हित का संवर्धन (Promotion of national interest)
सही कूट:
2. विचारधारा में एकरूपता (Ideological uniformity)
3. हिंसक और गैर-संवैधानिक साधनों का प्रयोग
4. राष्ट्रीय हित का संवर्धन (Promotion of national interest)
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। राजनीतिक दल सत्ता प्राप्ति के लिए सदैव 'संवैधानिक और शांतिपूर्ण' (Constitutional) साधनों में विश्वास करते हैं, हिंसा में नहीं।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। राजनीतिक दल सत्ता प्राप्ति के लिए सदैव 'संवैधानिक और शांतिपूर्ण' (Constitutional) साधनों में विश्वास करते हैं, हिंसा में नहीं।
5. रॉबर्ट मिचेल्स (Robert Michels) ने राजनीतिक दलों के अध्ययन में कौन-सा प्रसिद्ध सिद्धान्त प्रतिपादित किया था?
सही उत्तर: B) अल्पतन्त्र या गुटतन्त्र का लौह नियम (Iron Law of Oligarchy)
व्याख्या: मिचेल्स का मानना था कि राजनीतिक दल चाहे कितने भी लोकतांत्रिक क्यों न हों, अंततः उनका नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति कुछ विशिष्ट लोगों (एक छोटे गुट) के हाथों में ही आ जाती है।
व्याख्या: मिचेल्स का मानना था कि राजनीतिक दल चाहे कितने भी लोकतांत्रिक क्यों न हों, अंततः उनका नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति कुछ विशिष्ट लोगों (एक छोटे गुट) के हाथों में ही आ जाती है।
6. निम्नलिखित विचारकों और उनकी राजनीतिक दल सम्बन्धी परिभाषाओं के प्रकार का सही मिलान करें:
1. एडमंड बर्क = (i) यथार्थवादी परिभाषा
2. शूम्पीटर = (ii) संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिभाषा
3. एल्डर्सवेल्ड = (iii) कार्यात्मक परिभाषा
4. राबर्ट सी. बोन = (iv) व्यवहारवादी परिभाषा
5. ला पालोम्बारा = (v) संघात्मक/वैचारिक परिभाषा
सही कूट:
2. शूम्पीटर = (ii) संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिभाषा
3. एल्डर्सवेल्ड = (iii) कार्यात्मक परिभाषा
4. राबर्ट सी. बोन = (iv) व्यवहारवादी परिभाषा
5. ला पालोम्बारा = (v) संघात्मक/वैचारिक परिभाषा
सही उत्तर: A) 1-(v), 2-(iii), 3-(iv), 4-(ii), 5-(i)
व्याख्या: बर्क ने वैचारिक, शूम्पीटर ने कार्यों पर, एल्डर्सवेल्ड ने व्यवहार पर, बोन ने संरचना और कार्यों पर, तथा ला पालोम्बारा ने दलों की यथार्थवादी (Realistic) परिभाषा दी है।
व्याख्या: बर्क ने वैचारिक, शूम्पीटर ने कार्यों पर, एल्डर्सवेल्ड ने व्यवहार पर, बोन ने संरचना और कार्यों पर, तथा ला पालोम्बारा ने दलों की यथार्थवादी (Realistic) परिभाषा दी है।
7. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): सारटोरी ने 'ध्रुवीकृत (Polarized) बहु-दलीय प्रणाली' को लोकतन्त्र के लिए खतरनाक बताया है।
कारण (R): क्योंकि ध्रुवीकृत व्यवस्था में 5 या अधिक दल होते हैं और उनके बीच वैचारिक दूरियाँ इतनी अधिक होती हैं कि वे एक-दूसरे के धुर विरोधी बन जाते हैं, जिससे 'राजनीतिक गतिहीनता' (Immobility) आ जाती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि ध्रुवीकृत व्यवस्था में 5 या अधिक दल होते हैं और उनके बीच वैचारिक दूरियाँ इतनी अधिक होती हैं कि वे एक-दूसरे के धुर विरोधी बन जाते हैं, जिससे 'राजनीतिक गतिहीनता' (Immobility) आ जाती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'संयमित' (Moderate) बहु-दलीय व्यवस्था ठीक है, लेकिन 'ध्रुवीकृत' (Polarized) व्यवस्था में दल आपस में इतने लड़ते हैं कि सरकार कोई निर्णय नहीं ले पाती।
व्याख्या: 'संयमित' (Moderate) बहु-दलीय व्यवस्था ठीक है, लेकिन 'ध्रुवीकृत' (Polarized) व्यवस्था में दल आपस में इतने लड़ते हैं कि सरकार कोई निर्णय नहीं ले पाती।
8. "राजनीतिक दल प्रजातन्त्र के यन्त्र में तेल के तुल्य (Like Oil) हैं।" यह संक्षिप्त किन्तु सटीक टिप्पणी किसने की है?
सही उत्तर: B) ह्यूवर (Hoover)
व्याख्या: जैसे बिना तेल (Lubricant) के मशीन सुचारु रूप से नहीं चल सकती, वैसे ही बिना राजनीतिक दलों के लोकतंत्र रूपी मशीन नहीं चल सकती।
व्याख्या: जैसे बिना तेल (Lubricant) के मशीन सुचारु रूप से नहीं चल सकती, वैसे ही बिना राजनीतिक दलों के लोकतंत्र रूपी मशीन नहीं चल सकती।
9. ला पालोम्बारा और मायरन वीनर ने दलों की उत्पत्ति का 'ऐतिहासिक संकट का सिद्धान्त' (Historical Crisis Theory) दिया है। इनमें कौन-सा संकट शामिल नहीं है?
सही उत्तर: C) आर्थिक मंदी का संकट (Crisis of Economic Depression)
व्याख्या: इस सिद्धान्त के अनुसार प्रजातान्त्रिकरण के दौरान राष्ट्र-निर्माण में 3 संकट आते हैं— वैधता, सहभागिता और प्रादेशिक एकीकरण। इन संकटों को सुलझाने के लिए ही राजनीतिक दल बनते हैं।
व्याख्या: इस सिद्धान्त के अनुसार प्रजातान्त्रिकरण के दौरान राष्ट्र-निर्माण में 3 संकट आते हैं— वैधता, सहभागिता और प्रादेशिक एकीकरण। इन संकटों को सुलझाने के लिए ही राजनीतिक दल बनते हैं।
10. बहु-कथन प्रश्न: भारत में 'राजनीतिक दलों के विकास क्रम' का सही कालक्रम पहचानें:
1. 1920: कांग्रेस ने अपना संविधान पहली बार बनाया।
2. 1925: साम्यवादी (Communist) पार्टी ने राजनीतिक रूप धारण किया।
3. 1981: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना।
4. 1984: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की स्थापना।
सही कूट:
2. 1925: साम्यवादी (Communist) पार्टी ने राजनीतिक रूप धारण किया।
3. 1981: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना।
4. 1984: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की स्थापना।
सही उत्तर: B) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: ये सभी वर्ष भारतीय दलीय व्यवस्था के विकास में महत्त्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। (इसके अतिरिक्त 1992 में समाजवादी पार्टी और 1983 में TDP बनी)।
व्याख्या: ये सभी वर्ष भारतीय दलीय व्यवस्था के विकास में महत्त्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। (इसके अतिरिक्त 1992 में समाजवादी पार्टी और 1983 में TDP बनी)।
11. राजनीतिक दलों की उत्पत्ति के 'संस्थात्मक सिद्धान्त' (Institutional Theory) का मुख्य समर्थक किसे माना जाता है, जिन्होंने 'निर्वाचन प्रणालियों' को दलों के विकास का मुख्य कारण बताया?
सही उत्तर: B) मॉरिस डुवर्जर (Maurice Duverger)
व्याख्या: डुवर्जर ने अपनी पुस्तक में बताया कि 'संसद', 'संघात्मक व्यवस्था' और विशेषकर 'निर्वाचन प्रणाली' (जैसे First-Past-The-Post) राजनीतिक दलों की संरचना को सीधे तय करती है।
व्याख्या: डुवर्जर ने अपनी पुस्तक में बताया कि 'संसद', 'संघात्मक व्यवस्था' और विशेषकर 'निर्वाचन प्रणाली' (जैसे First-Past-The-Post) राजनीतिक दलों की संरचना को सीधे तय करती है।
12. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लेनिन के 'लोकतांत्रिक केन्द्रवाद' (Democratic Centralism) के सिद्धान्त में साम्यवादी दल के भीतर प्रतिस्पर्द्धा का अभाव होता है।
कारण (R): क्योंकि निर्णय लेने से पहले पार्टी के भीतर पूरी लोकतांत्रिक बहस होती है, लेकिन एक बार निर्णय लिए जाने के बाद सभी सदस्यों को पूर्ण अनुशासन (कठोरता) के साथ उसका पालन करना होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि निर्णय लेने से पहले पार्टी के भीतर पूरी लोकतांत्रिक बहस होती है, लेकिन एक बार निर्णय लिए जाने के बाद सभी सदस्यों को पूर्ण अनुशासन (कठोरता) के साथ उसका पालन करना होता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: लेनिन का मानना था कि साम्यवादी दल सम्पूर्ण मजदूर वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए पार्टी के भीतर या बाहर किसी अन्य दल से 'प्रतिस्पर्द्धा' (Competition) की कोई आवश्यकता नहीं है।
व्याख्या: लेनिन का मानना था कि साम्यवादी दल सम्पूर्ण मजदूर वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए पार्टी के भीतर या बाहर किसी अन्य दल से 'प्रतिस्पर्द्धा' (Competition) की कोई आवश्यकता नहीं है।
13. "राजनीतिक दल - विचारों का दलाल (Brokers of ideas) है।" यह उक्ति किस राजनीतिक विचारक की है?
सही उत्तर: B) लॉवेल (Lowell)
व्याख्या: लॉवेल का मानना था कि दल जनता और सरकार के बीच एक बिचौलिए (Broker) की तरह काम करते हैं, जो जनता के विचारों को नीतियों में बदलते हैं।
व्याख्या: लॉवेल का मानना था कि दल जनता और सरकार के बीच एक बिचौलिए (Broker) की तरह काम करते हैं, जो जनता के विचारों को नीतियों में बदलते हैं।
14. डुवर्जर के सदस्यता की प्रकृति के आधार पर 'कैडर / संवर्ग पार्टी' (Cadre Party) की मुख्य विशेषता क्या है?
सही उत्तर: B) इसमें आदेश 'ऊपर से नीचे' आते हैं, जैसे कम्युनिस्ट पार्टी में।
व्याख्या: 'कैडर पार्टी' में गुणवत्ता और अनुशासन पर ज़ोर होता है, जबकि 'जनदल' (Mass Party) में संख्याबल और चुनाव जीतने पर ज़ोर होता है।
व्याख्या: 'कैडर पार्टी' में गुणवत्ता और अनुशासन पर ज़ोर होता है, जबकि 'जनदल' (Mass Party) में संख्याबल और चुनाव जीतने पर ज़ोर होता है।
15. बहु-कथन प्रश्न: द्वि-दलीय व्यवस्था (Bi-Party System) के गुणों में क्या शामिल है?
1. यह व्यवस्था संसदीय प्रणाली के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती है।
2. इसमें सरकार का स्थायित्व (Stability) होता है।
3. इसमें विपक्ष (Opposition) की भूमिका অত্যন্ত महत्त्वपूर्ण होती है।
4. इसमें मन्त्रिमण्डल की तानाशाही स्थापित होने का कोई डर नहीं रहता।
सही कूट:
2. इसमें सरकार का स्थायित्व (Stability) होता है।
3. इसमें विपक्ष (Opposition) की भूमिका অত্যন্ত महत्त्वपूर्ण होती है।
4. इसमें मन्त्रिमण्डल की तानाशाही स्थापित होने का कोई डर नहीं रहता।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। द्वि-दलीय व्यवस्था (जैसे UK) का सबसे बड़ा दोष यही है कि पूर्ण बहुमत मिलने के कारण 'मन्त्रिमण्डल की तानाशाही' का डर हमेशा बना रहता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। द्वि-दलीय व्यवस्था (जैसे UK) का सबसे बड़ा दोष यही है कि पूर्ण बहुमत मिलने के कारण 'मन्त्रिमण्डल की तानाशाही' का डर हमेशा बना रहता है।
16. राजनीतिक दलों को "कुछ व्यक्तियों के लाभ के लिये बहुत से लोगों का पागलपन" (Madness of many for the gain of a few) किसने कहा था?
सही उत्तर: C) अलेक्जेंडर पोप (Alexander Pope)
व्याख्या: यह राजनीतिक दलों की एक घोर आलोचनात्मक उक्ति है, जिसमें कहा गया है कि आम जनता तो पागलपन में वोट देती है, लेकिन फायदा कुछ गिने-चुने नेताओं का ही होता है।
व्याख्या: यह राजनीतिक दलों की एक घोर आलोचनात्मक उक्ति है, जिसमें कहा गया है कि आम जनता तो पागलपन में वोट देती है, लेकिन फायदा कुछ गिने-चुने नेताओं का ही होता है।
17. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): एंथनी डाउन्स (Anthony Downs) के 'तर्क संगत चयन ढांचा' (Rational Choice Framework) के अनुसार राजनीतिक दल अधिकतम वोट बटोरने का साधन मात्र हैं।
कारण (R): डाउन्स का मानना है कि राजनीतिक दल आर्थिक बाजार की तरह काम करते हैं, जहाँ दल (Parties) अपनी नीतियां इस तरह बनाते हैं कि वे अलग-अलग विचारधाराओं में बँटे मतदाताओं को लुभाकर सत्ता प्राप्त कर सकें।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): डाउन्स का मानना है कि राजनीतिक दल आर्थिक बाजार की तरह काम करते हैं, जहाँ दल (Parties) अपनी नीतियां इस तरह बनाते हैं कि वे अलग-अलग विचारधाराओं में बँटे मतदाताओं को लुभाकर सत्ता प्राप्त कर सकें।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: इसे 'आर्थिक सिद्धान्त' या समचतुष्कोणीय सिद्धान्त भी कहते हैं। दल वैचारिक निष्ठा से ज्यादा 'वोट मैक्सिमाइजेशन' पर ध्यान देते हैं।
व्याख्या: इसे 'आर्थिक सिद्धान्त' या समचतुष्कोणीय सिद्धान्त भी कहते हैं। दल वैचारिक निष्ठा से ज्यादा 'वोट मैक्सिमाइजेशन' पर ध्यान देते हैं।
18. सारटोरी (Sartori) ने राजनीतिक दलों का वर्गीकरण करते समय किन 3 आधारों को प्रस्तुत किया है?
सही उत्तर: A) दलों की संख्या, विचारधारा की प्रकृति, और वैचारिक फासला।
व्याख्या: सारटोरी ने सिर्फ दलों की गिनती (संख्या) को आधार नहीं माना, बल्कि उनके बीच 'वैचारिक दूरी' (Polarization) को भी दल-व्यवस्था समझने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
व्याख्या: सारटोरी ने सिर्फ दलों की गिनती (संख्या) को आधार नहीं माना, बल्कि उनके बीच 'वैचारिक दूरी' (Polarization) को भी दल-व्यवस्था समझने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
19. राजनीतिक दलों की उत्पत्ति का 'विकासवादी सिद्धान्त' (Developmental Theory) दलों के जन्म को किससे जोड़ता है?
सही उत्तर: C) समाज के आधुनिकीकरण, औद्योगिक क्रान्ति... से
व्याख्या: इस सिद्धान्त (जिसे पीटर मर्केल ने 'सामुदायिक/Integration' सिद्धान्त कहा) के अनुसार, जब समाज आधुनिक हुआ और जनता ने अधिकारों की मांग की, तब राजनीतिक दल (जैसे कांग्रेस) अस्तित्व में आए।
व्याख्या: इस सिद्धान्त (जिसे पीटर मर्केल ने 'सामुदायिक/Integration' सिद्धान्त कहा) के अनुसार, जब समाज आधुनिक हुआ और जनता ने अधिकारों की मांग की, तब राजनीतिक दल (जैसे कांग्रेस) अस्तित्व में आए।
20. बहु-कथन प्रश्न: भारतीय राजनीतिक दलों की प्रमुख विशेषताओं में क्या-क्या शामिल है?
1. अधिकतर दलों में स्पष्ट विचारधारा का अभाव है।
2. ये दल जाति, धर्म और भाषा जैसे सामाजिक पहचान पर आधारित हैं।
3. दलों के भीतर पूर्णतः 'आन्तरिक लोकतन्त्र' (Internal Democracy) पाया जाता है।
4. दलों में 'करिश्माई नेतृत्व' (Charismatic Leadership) और 'दल-बदल' की भारी प्रवृत्ति है।
सही कूट:
2. ये दल जाति, धर्म और भाषा जैसे सामाजिक पहचान पर आधारित हैं।
3. दलों के भीतर पूर्णतः 'आन्तरिक लोकतन्त्र' (Internal Democracy) पाया जाता है।
4. दलों में 'करिश्माई नेतृत्व' (Charismatic Leadership) और 'दल-बदल' की भारी प्रवृत्ति है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। भारतीय राजनीतिक दलों की एक बड़ी समस्या 'आन्तरिक लोकतन्त्र का अभाव' है, जहाँ पार्टी के भीतर चुनाव नहीं होते और शीर्ष नेतृत्व ही सब कुछ तय करता है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। भारतीय राजनीतिक दलों की एक बड़ी समस्या 'आन्तरिक लोकतन्त्र का अभाव' है, जहाँ पार्टी के भीतर चुनाव नहीं होते और शीर्ष नेतृत्व ही सब कुछ तय करता है।
21. 'डुवर्जर का नियम' (Duverger's Law) किस प्रकार की निर्वाचन प्रणाली को 'द्विदलीय प्रणाली' (Bi-Party System) के जन्म का कारण मानता है?
सही उत्तर: B) साधारण बहुमत प्रणाली (First-Past-The-Post System)
व्याख्या: डुवर्जर ने समाजशास्त्रीय सिद्धान्त दिया कि जहाँ भी 'जो सबसे आगे, वही जीते' (FPTP) प्रणाली होती है, वहाँ स्वाभाविक रूप से राजनीति दो बड़े दलों के बीच सिमट जाती है।
व्याख्या: डुवर्जर ने समाजशास्त्रीय सिद्धान्त दिया कि जहाँ भी 'जो सबसे आगे, वही जीते' (FPTP) प्रणाली होती है, वहाँ स्वाभाविक रूप से राजनीति दो बड़े दलों के बीच सिमट जाती है।
22. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): बहु-दलीय प्रणाली (Multi-Party System) में हमेशा मजबूत और स्थायी सरकारों का निर्माण होता है।
कारण (R): क्योंकि इसमें मतदाता को अनेक विकल्प मिलते हैं और संसद में समाज के सभी वर्गों (जाति, भाषा, धर्म) को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो जाता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि इसमें मतदाता को अनेक विकल्प मिलते हैं और संसद में समाज के सभी वर्गों (जाति, भाषा, धर्म) को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो जाता है।
सही उत्तर: D) A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
व्याख्या: कारण (R) सत्य है (यह बहु-दलीय प्रणाली का गुण है), लेकिन कथन (A) पूरी तरह असत्य है क्योंकि बहु-दलीय प्रणाली का सबसे बड़ा दोष 'कमज़ोर और अस्थायी' (Unstable) सरकारों का निर्माण है।
व्याख्या: कारण (R) सत्य है (यह बहु-दलीय प्रणाली का गुण है), लेकिन कथन (A) पूरी तरह असत्य है क्योंकि बहु-दलीय प्रणाली का सबसे बड़ा दोष 'कमज़ोर और अस्थायी' (Unstable) सरकारों का निर्माण है।
23. "दलबंदी एक ऐसी चीज है जो लोकतन्त्र को सम्भव बनाती है।" राजनीतिक दलों की यह प्रशंसा किसने की है?
सही उत्तर: B) लीकॉक (Leacock)
व्याख्या: लीकॉक का मानना था कि राजनीतिक दल (Factionalism/Partisanship) समाज के बिखरे हुए विचारों को एक सूत्र में बांधते हैं, जिससे विशाल देशों में लोकतंत्र संभव हो पाता है।
व्याख्या: लीकॉक का मानना था कि राजनीतिक दल (Factionalism/Partisanship) समाज के बिखरे हुए विचारों को एक सूत्र में बांधते हैं, जिससे विशाल देशों में लोकतंत्र संभव हो पाता है।
24. बहु-कथन प्रश्न: गठबंधन सरकार (Coalition Government) की सफलता के लिए कौन-सी शर्तें आवश्यक मानी जाती हैं?
1. गठबंधन चुनाव के बाद नहीं, बल्कि 'चुनाव के पूर्व' (Pre-poll) होना चाहिए।
2. गठबंधन में किसी एक दल की तानाशाही नहीं होनी चाहिए।
3. गठबंधन के नेता को प्रत्येक दल के साथ समन्वय (Coordination) बनाना चाहिए।
4. क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय सोच का पूर्ण त्याग कर देना चाहिए।
सही कूट:
2. गठबंधन में किसी एक दल की तानाशाही नहीं होनी चाहिए।
3. गठबंधन के नेता को प्रत्येक दल के साथ समन्वय (Coordination) बनाना चाहिए।
4. क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय सोच का पूर्ण त्याग कर देना चाहिए।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। क्षेत्रीय दलों को अपनी पहचान त्यागने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि शर्त यह है कि गठबंधन में शामिल सभी दलों की सोच 'राष्ट्रीय' (National) होनी चाहिए।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। क्षेत्रीय दलों को अपनी पहचान त्यागने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि शर्त यह है कि गठबंधन में शामिल सभी दलों की सोच 'राष्ट्रीय' (National) होनी चाहिए।
25. "राजनीतिक दल समूहीकरण परन्तु विशेष प्रकार के समूहीकरण होते हैं, ऐसा इसलिए कि इनका स्वरूप विस्तृत है और सदस्यता खुली होती है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) जीन ब्लोण्डेल (Jean Blondel)
व्याख्या: ब्लोण्डेल ने राजनीतिक दलों को दबाव समूहों से अलग करते हुए बताया कि दलों की सदस्यता आम जनता के लिए पूरी तरह 'खुली' (Open) होती है और इनका दायरा बहुत विस्तृत होता है।
व्याख्या: ब्लोण्डेल ने राजनीतिक दलों को दबाव समूहों से अलग करते हुए बताया कि दलों की सदस्यता आम जनता के लिए पूरी तरह 'खुली' (Open) होती है और इनका दायरा बहुत विस्तृत होता है।
26. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर (Duverger) के अनुसार 'बाहर से उपजे दल' (Externally created parties) 'भीतर से उपजे दलों' की तुलना में अधिक अनुशासित और केन्द्रीकृत होते हैं।
कारण (R): क्योंकि बाहर से उपजे दल (जैसे श्रमिक आन्दोलनों से बने दल) संसद के बाहर जन्म लेते हैं, और अपने सदस्यों पर नियन्त्रण रखने के लिये इनमें पहले से ही एक विशाल और सख्त संगठन मौजूद होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि बाहर से उपजे दल (जैसे श्रमिक आन्दोलनों से बने दल) संसद के बाहर जन्म लेते हैं, और अपने सदस्यों पर नियन्त्रण रखने के लिये इनमें पहले से ही एक विशाल और सख्त संगठन मौजूद होता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'भीतर से उपजे दल' (जैसे ब्रिटेन में मताधिकार के समय संसद के अंदर बने दल) थोड़े ढीले होते हैं, जबकि बाहर (सड़कों/आन्दोलनों) से उपजे दलों में 'कठोर अनुशासन' होता है।
व्याख्या: 'भीतर से उपजे दल' (जैसे ब्रिटेन में मताधिकार के समय संसद के अंदर बने दल) थोड़े ढीले होते हैं, जबकि बाहर (सड़कों/आन्दोलनों) से उपजे दलों में 'कठोर अनुशासन' होता है।
27. राजनीतिक दलों के 'राष्ट्रीय दल' (National Parties) और 'क्षेत्रीय दल' (Regional Parties) में मूल अंतर क्या है?
सही उत्तर: B) राष्ट्रीय दलों का कार्यक्रम 'राष्ट्र स्तर' के विषयों पर आधारित होता है...
व्याख्या: भारत में क्षेत्रीय दल (जैसे DMK, TDP) मुख्यतः भाषा, जाति या विशेष क्षेत्र के अधिकारों को लेकर राजनीति करते हैं, जो कभी-कभी राष्ट्रीय दलों के सीधे विरोधी बन जाते हैं।
व्याख्या: भारत में क्षेत्रीय दल (जैसे DMK, TDP) मुख्यतः भाषा, जाति या विशेष क्षेत्र के अधिकारों को लेकर राजनीति करते हैं, जो कभी-कभी राष्ट्रीय दलों के सीधे विरोधी बन जाते हैं।
28. "राजनीतिक दलों के बिना निर्वाचक या तो नितान्त असहाय हो जायेंगे या फिर वे असम्भव नीतियों को छिन्न-भिन्न कर देंगे, जिससे राजनीतिक तंत्र नष्ट हो जायेगा।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) फाइनर (Finer)
व्याख्या: फाइनर ने जनता और सरकार के बीच राजनीतिक दलों को एकमात्र तार्किक माध्यम (Logical interface) माना है, जिसके न होने से पूरी व्यवस्था बिखर जाएगी।
व्याख्या: फाइनर ने जनता और सरकार के बीच राजनीतिक दलों को एकमात्र तार्किक माध्यम (Logical interface) माना है, जिसके न होने से पूरी व्यवस्था बिखर जाएगी।
29. बहु-कथन प्रश्न: 'एक दलीय व्यवस्था' (One Party System) के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
1. 'एक दलीय प्रधान प्रणाली' में अन्य दल मौजूद होते हैं, लेकिन सत्ता पर केवल एक ही दल का दबदबा रहता है (जैसे 1989 तक भारत में कांग्रेस)।
2. 'एक दलीय सर्वाधिकारवादी प्रणाली' में संविधान द्वारा केवल एक ही दल को मान्यता दी जाती है (जैसे चीन में साम्यवादी दल)।
3. यह व्यवस्था लोकतन्त्र का सबसे आदर्श रूप है।
4. इसमें विपक्ष (Opposition) को सरकार बनाने का पूरा अवसर मिलता है।
सही कूट:
2. 'एक दलीय सर्वाधिकारवादी प्रणाली' में संविधान द्वारा केवल एक ही दल को मान्यता दी जाती है (जैसे चीन में साम्यवादी दल)।
3. यह व्यवस्था लोकतन्त्र का सबसे आदर्श रूप है।
4. इसमें विपक्ष (Opposition) को सरकार बनाने का पूरा अवसर मिलता है।
सही उत्तर: C) केवल 1 और 2
व्याख्या: कथन 3 और 4 पूरी तरह गलत हैं। 'एक दलीय व्यवस्था' तानाशाही की ओर ले जाती है, जहाँ विपक्ष के पास सरकार बनाने का कोई विकल्प नहीं होता।
व्याख्या: कथन 3 और 4 पूरी तरह गलत हैं। 'एक दलीय व्यवस्था' तानाशाही की ओर ले जाती है, जहाँ विपक्ष के पास सरकार बनाने का कोई विकल्प नहीं होता।
30. राजनीतिक दलों के अध्ययन के लिए किस उपागम (Approach) में चुनाव प्रचार, प्रत्याशियों का चयन और नेताओं की भर्ती जैसे 'कार्यों' (Functions) को आधार मानकर अध्ययन किया जाता है?
सही उत्तर: B) संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक उपागम
व्याख्या: इस दृष्टिकोण में फोकस इस बात पर होता है कि राजनीतिक दल समाज में कौन-सी 'संरचनाएं' बनाते हैं और वे क्या 'प्रकार्य' (Function) करते हैं (भर्ती, सामाजीकरण आदि)।
व्याख्या: इस दृष्टिकोण में फोकस इस बात पर होता है कि राजनीतिक दल समाज में कौन-सी 'संरचनाएं' बनाते हैं और वे क्या 'प्रकार्य' (Function) करते हैं (भर्ती, सामाजीकरण आदि)।
31. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): प्रत्यक्ष लोकतन्त्र (Direct Democracy) में 'दलविहीन व्यवस्था' (Party-less System) पाई जाती है।
कारण (R): क्योंकि प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में जनता स्वयं एक जगह एकत्रित होकर सीधे कानून बनाती है, इसलिए वहाँ जनता और सरकार के बीच मध्यस्थता करने वाले किसी 'राजनीतिक दल' की आवश्यकता नहीं होती।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में जनता स्वयं एक जगह एकत्रित होकर सीधे कानून बनाती है, इसलिए वहाँ जनता और सरकार के बीच मध्यस्थता करने वाले किसी 'राजनीतिक दल' की आवश्यकता नहीं होती।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: स्विट्ज़रलैंड के कैंटनों की लैंड्सजीमाइंड (ओपन एयर असेंबली) इसका उदाहरण है। राजनीतिक दलों की आवश्यकता 'प्रतिनिधिक लोकतंत्र' (Representative Democracy) में होती है।
व्याख्या: स्विट्ज़रलैंड के कैंटनों की लैंड्सजीमाइंड (ओपन एयर असेंबली) इसका उदाहरण है। राजनीतिक दलों की आवश्यकता 'प्रतिनिधिक लोकतंत्र' (Representative Democracy) में होती है।
32. डुवर्जर (Duverger) के अनुसार, 'मिलिशिया' (Militia - नागरिक सेना) किस प्रकार के राजनीतिक दलों का हिस्सा होता है?
सही उत्तर: B) फासीवादी या तानाशाही दलों का
व्याख्या: तानाशाह दल चुनाव प्रचार की बजाय विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए अपनी एक 'प्राइवेट सेना' (Militia) रखते हैं (जैसे मुसोलिनी के 'ब्लैक शर्ट्स')।
व्याख्या: तानाशाह दल चुनाव प्रचार की बजाय विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए अपनी एक 'प्राइवेट सेना' (Militia) रखते हैं (जैसे मुसोलिनी के 'ब्लैक शर्ट्स')।
33. एडमंड बर्क (Edmund Burke) ने राजनीतिक दलों की किस प्रकार की परिभाषा दी है?
सही उत्तर: A) संघात्मक/वैचारिक परिभाषा
व्याख्या: बर्क ने दल को "राष्ट्रीय हित को एक विशिष्ट सिद्धांत के आधार पर बढ़ावा देने के लिए संगठित लोगों का निकाय" माना है, जो पूरी तरह से 'वैचारिक' (Ideological) है।
व्याख्या: बर्क ने दल को "राष्ट्रीय हित को एक विशिष्ट सिद्धांत के आधार पर बढ़ावा देने के लिए संगठित लोगों का निकाय" माना है, जो पूरी तरह से 'वैचारिक' (Ideological) है।
34. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दलों के 'कार्यों' (Functions) में क्या शामिल है?
1. चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना तथा उसे बनाये रखना।
2. सरकारी नीतियों पर अपना विचार (समर्थन या विरोध) व्यक्त करना।
3. जनता की समस्याओं को सरकार तक ले जाना (Link function)।
4. देश के सभी न्यायालयों के मुकदमों का फैसला करना।
सही कूट:
2. सरकारी नीतियों पर अपना विचार (समर्थन या विरोध) व्यक्त करना।
3. जनता की समस्याओं को सरकार तक ले जाना (Link function)।
4. देश के सभी न्यायालयों के मुकदमों का फैसला करना।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। मुकदमों का फैसला करना स्वतंत्र 'न्यायपालिका' का काम है, न कि राजनीतिक दलों का।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। मुकदमों का फैसला करना स्वतंत्र 'न्यायपालिका' का काम है, न कि राजनीतिक दलों का।
35. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर (Duverger) के अनुसार 'काकस' (Caucus) एक अत्यंत विस्तृत और खुली सदस्यता वाला संगठन है।
कारण (R): क्योंकि इसमें दलों के नेता जनता के पास जाते हैं और जनसामान्य को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि इसमें दलों के नेता जनता के पास जाते हैं और जनसामान्य को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
सही उत्तर: D) A और R दोनों असत्य हैं।
व्याख्या: 'काकस' (Caucus) बहुत ही छोटा और एलीट (Elite) लोगों का समूह होता है, जहाँ संख्या नहीं बल्कि गुणवत्ता देखी जाती है। 'शाखा' (Branch) जनता के पास जाती है, न कि काकस।
व्याख्या: 'काकस' (Caucus) बहुत ही छोटा और एलीट (Elite) लोगों का समूह होता है, जहाँ संख्या नहीं बल्कि गुणवत्ता देखी जाती है। 'शाखा' (Branch) जनता के पास जाती है, न कि काकस।
36. "स्वतन्त्र राजनीतिक दलों का शासन प्रजातन्त्रीय शासन का ही दूसरा नाम है। जहां अनेक राजनीतिक दल नहीं रहे वहां प्रजातन्त्रीय शासन कभी नहीं रहा।" यह महत्वपूर्ण विचार किसका है?
सही उत्तर: B) डब्लू. मुनरो (W. Munro)
व्याख्या: मुनरो ने लोकतंत्र और राजनीतिक दलों को एक ही सिक्के के दो पहलू माना है। बिना दलों (विकल्पों) के कोई भी देश लोकतांत्रिक नहीं हो सकता।
व्याख्या: मुनरो ने लोकतंत्र और राजनीतिक दलों को एक ही सिक्के के दो पहलू माना है। बिना दलों (विकल्पों) के कोई भी देश लोकतांत्रिक नहीं हो सकता।
37. भारत में राजनीतिक दलों के विकास क्रम में 'बहुजन समाज पार्टी' (BSP) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
सही उत्तर: B) 1984
व्याख्या: कांशीराम द्वारा 1984 में बसपा (BSP) की स्थापना की गई थी, जो भारत की बहुदलीय व्यवस्था में एक प्रमुख राष्ट्रीय/क्षेत्रीय शक्ति बनकर उभरी।
व्याख्या: कांशीराम द्वारा 1984 में बसपा (BSP) की स्थापना की गई थी, जो भारत की बहुदलीय व्यवस्था में एक प्रमुख राष्ट्रीय/क्षेत्रीय शक्ति बनकर उभरी।
38. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दलों का 'गहराई से अध्ययन' करने वाले विद्वान चार्ल्स मेरियम (Charles Merriam) के अनुसार दलों के प्रमुख कार्य क्या हैं?
1. पदाधिकारी वर्ग का चुनाव करना।
2. लोक नीति का निर्माण करना।
3. सरकार का संचालन या आलोचना करना (विपक्ष के रूप में)।
4. राजनीतिक शिक्षण (Political Education) देना।
सही कूट:
2. लोक नीति का निर्माण करना।
3. सरकार का संचालन या आलोचना करना (विपक्ष के रूप में)।
4. राजनीतिक शिक्षण (Political Education) देना।
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'अमेरिकन पार्टी सिस्टम' में मेरियम ने दलों के ये सभी महत्वपूर्ण 'व्यावहारिक कार्य' गिनाए हैं, जो व्यक्ति और सरकार के बीच मध्यस्थता करते हैं।
व्याख्या: अपनी पुस्तक 'अमेरिकन पार्टी सिस्टम' में मेरियम ने दलों के ये सभी महत्वपूर्ण 'व्यावहारिक कार्य' गिनाए हैं, जो व्यक्ति और सरकार के बीच मध्यस्थता करते हैं।
39. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): 'राष्ट्रीय दल' (National Parties) को 'विचारधारा वाले दल' (Ideological) और 'बिना विचारधारा वाले दल' (Non-ideological) में बाँटा जा सकता है।
कारण (R): नोट्स के अनुसार, भारत में BJP (दक्षिणपंथी) और कम्युनिस्ट पार्टी (वामपंथ) 'विचारधारा वाले दल' हैं, जबकि कांग्रेस को 'बिना किसी निश्चित विचारधारा' वाला दल माना गया है जो समय के अनुसार राष्ट्रहित का पालन करता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): नोट्स के अनुसार, भारत में BJP (दक्षिणपंथी) और कम्युनिस्ट पार्टी (वामपंथ) 'विचारधारा वाले दल' हैं, जबकि कांग्रेस को 'बिना किसी निश्चित विचारधारा' वाला दल माना गया है जो समय के अनुसार राष्ट्रहित का पालन करता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: कांग्रेस पार्टी 'Centrist' (मध्यमार्गी) या 'Catch-all party' की तरह काम करती है, जो समय और परिस्थिति के अनुसार नीतियां बदल लेती है, जबकि वामपंथ/दक्षिणपंथ एक 'कठोर विचारधारा' (Rigid Ideology) पर टिके होते हैं।
व्याख्या: कांग्रेस पार्टी 'Centrist' (मध्यमार्गी) या 'Catch-all party' की तरह काम करती है, जो समय और परिस्थिति के अनुसार नीतियां बदल लेती है, जबकि वामपंथ/दक्षिणपंथ एक 'कठोर विचारधारा' (Rigid Ideology) पर टिके होते हैं।
40. 'व्यवस्था उपागम' (System Approach) के तहत राजनीतिक दलों का अध्ययन किस आधार (मॉडल) पर किया जाता है?
सही उत्तर: B) डेविड ईस्टन के 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल के आधार पर
व्याख्या: व्यवस्था उपागम (System Approach) में दलों को राजनीतिक व्यवस्था (System) का 'अभिन्न अंग' मानकर देखा जाता है कि वे जनता की माँगों (Input) को कैसे नीतियों (Output) में बदलते हैं।
व्याख्या: व्यवस्था उपागम (System Approach) में दलों को राजनीतिक व्यवस्था (System) का 'अभिन्न अंग' मानकर देखा जाता है कि वे जनता की माँगों (Input) को कैसे नीतियों (Output) में बदलते हैं।
41. 'जनदल' या 'मास पार्टी' (Mass Party) की सबसे प्रमुख विशेषता क्या होती है?
सही उत्तर: C) इसकी सदस्यता पूरी तरह 'खुली' होती है और यह संख्याबल पर ज़ोर देती है।
व्याख्या: आधुनिक लोकतंत्र में ज़्यादातर पार्टियां 'Mass Parties' ही हैं (जैसे BJP, Congress), जो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जोड़कर चुनाव जीतना चाहती हैं।
व्याख्या: आधुनिक लोकतंत्र में ज़्यादातर पार्टियां 'Mass Parties' ही हैं (जैसे BJP, Congress), जो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जोड़कर चुनाव जीतना चाहती हैं।
42. बहु-कथन प्रश्न: ला पालोम्बारा (La Palombara) की यथार्थवादी (Realistic) परिभाषा और राजनीतिक दलों से जुड़े विचारों को पहचानें:
1. उन्होंने राजनीतिक दलों की यथार्थवादी परिभाषा प्रस्तुत की है।
2. उन्होंने मायरन वीनर के साथ मिलकर 'ऐतिहासिक संकट' का सिद्धान्त दिया।
3. उनके अनुसार जब राष्ट्र-निर्माण में वैधता या सहभागिता का संकट आता है, तब राजनीतिक दलों का जन्म होता है।
4. उन्होंने 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' दिया है।
सही कूट:
2. उन्होंने मायरन वीनर के साथ मिलकर 'ऐतिहासिक संकट' का सिद्धान्त दिया।
3. उनके अनुसार जब राष्ट्र-निर्माण में वैधता या सहभागिता का संकट आता है, तब राजनीतिक दलों का जन्म होता है।
4. उन्होंने 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' दिया है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' (Iron Law of Oligarchy) ला पालोम्बारा का नहीं, बल्कि रॉबर्ट मिचेल्स का सिद्धांत है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' (Iron Law of Oligarchy) ला पालोम्बारा का नहीं, बल्कि रॉबर्ट मिचेल्स का सिद्धांत है।
43. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): पीटर मर्केल (Peter Merkl) ने राजनीतिक दलों की उत्पत्ति के विकासवादी सिद्धान्त (Developmental Theory) को 'सामुदायिक सिद्धान्त' (Integration Theory) कहा है।
कारण (R): क्योंकि औद्योगिक क्रान्ति, शहरीकरण और शिक्षा के विकास से जो नया समाज बना, उन 'बिखरे हुए समुदायों' को आपस में जोड़कर (Integration) राजनीति में भाग लेने का अवसर 'राजनीतिक दलों' ने ही दिया।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि औद्योगिक क्रान्ति, शहरीकरण और शिक्षा के विकास से जो नया समाज बना, उन 'बिखरे हुए समुदायों' को आपस में जोड़कर (Integration) राजनीति में भाग लेने का अवसर 'राजनीतिक दलों' ने ही दिया।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: आधुनिक समाज (Modern Society) में जनता को सत्ता से 'एकीकृत' (Integrate) करने का काम राजनीतिक दल ही करते हैं, इसलिए इसे Integration Theory कहा गया।
व्याख्या: आधुनिक समाज (Modern Society) में जनता को सत्ता से 'एकीकृत' (Integrate) करने का काम राजनीतिक दल ही करते हैं, इसलिए इसे Integration Theory कहा गया।
44. विश्व में राजनीतिक दलों का उदय सर्वप्रथम किस देश में हुआ था, जहाँ उन्हें 'टोरी' (Tory) व 'व्हिग' (Whig) कहा गया?
सही उत्तर: B) ब्रिटेन (Britain)
व्याख्या: 17वीं सदी में ब्रिटेन की संसद में राजा के समर्थकों को 'Tory' (Conservative) और संसद के अधिकारों के समर्थकों को 'Whig' (Liberal) कहा जाता था। यहीं से पार्टी सिस्टम शुरू हुआ।
व्याख्या: 17वीं सदी में ब्रिटेन की संसद में राजा के समर्थकों को 'Tory' (Conservative) और संसद के अधिकारों के समर्थकों को 'Whig' (Liberal) कहा जाता था। यहीं से पार्टी सिस्टम शुरू हुआ।
45. "राजनीतिक दल तानाशाही से हमारी रक्षा करते हैं।" लोकतन्त्र के प्रबल समर्थक किस विचारक ने यह बात कही?
सही उत्तर: B) लास्की (Laski)
व्याख्या: लास्की का मानना था कि विपक्ष (विरोधी दल) की मौजूदगी हमेशा सत्ता पक्ष को डरा कर रखती है, जिससे सरकार कभी तानाशाह नहीं बन पाती।
व्याख्या: लास्की का मानना था कि विपक्ष (विरोधी दल) की मौजूदगी हमेशा सत्ता पक्ष को डरा कर रखती है, जिससे सरकार कभी तानाशाह नहीं बन पाती।
46. बहु-कथन प्रश्न: 'एक दलीय प्रधान प्रणाली' (One Party Dominant System) के सन्दर्भ में भारत का इतिहास क्या दर्शाता है?
1. भारत में कई राजनीतिक दल (बहु-दलीय व्यवस्था) मौजूद हैं।
2. लेकिन 1989 तक केन्द्र और अधिकांश राज्यों में मुख्य रूप से 'एक ही दल' (कांग्रेस) का दबदबा रहा।
3. इसे प्रसिद्ध राजनीतिक वैज्ञानिक रजनी कोठारी ने 'कांग्रेस प्रणाली' (Congress System) कहा था।
4. इस दौरान भारत का संविधान 'सर्वाधिकारवादी' (Totalitarian) था।
सही कूट:
2. लेकिन 1989 तक केन्द्र और अधिकांश राज्यों में मुख्य रूप से 'एक ही दल' (कांग्रेस) का दबदबा रहा।
3. इसे प्रसिद्ध राजनीतिक वैज्ञानिक रजनी कोठारी ने 'कांग्रेस प्रणाली' (Congress System) कहा था।
4. इस दौरान भारत का संविधान 'सर्वाधिकारवादी' (Totalitarian) था।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। भारत एक लोकतांत्रिक (Democratic) देश है, तानाशाही/सर्वाधिकारवादी नहीं। चुनाव होते थे, विपक्ष मौजूद था, लेकिन जीतती हमेशा कांग्रेस ही थी (इसलिए इसे One Party Dominant कहा गया)।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। भारत एक लोकतांत्रिक (Democratic) देश है, तानाशाही/सर्वाधिकारवादी नहीं। चुनाव होते थे, विपक्ष मौजूद था, लेकिन जीतती हमेशा कांग्रेस ही थी (इसलिए इसे One Party Dominant कहा गया)।
47. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर (Duverger) के अनुसार 'शाखा' (Branch) प्रकार का संगठन 'काकस' (Caucus) की तुलना में बहुत अधिक विस्तृत (व्यापक) होता है।
कारण (R): क्योंकि 'काकस' केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाले कुछ खास एलीट (Elite) लोगों की बंद कमरा बैठक है, जबकि 'शाखा' में नेता लगातार जनता के बीच जाकर आम लोगों को पार्टी का सदस्य बनाने का कार्य करते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि 'काकस' केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाले कुछ खास एलीट (Elite) लोगों की बंद कमरा बैठक है, जबकि 'शाखा' में नेता लगातार जनता के बीच जाकर आम लोगों को पार्टी का सदस्य बनाने का कार्य करते हैं।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यह आधुनिक 'मास पार्टी' का सबसे बड़ा हथियार है। राजनीतिक दल अपनी 'ब्रांच' (शाखाएँ) हर गाँव-शहर में खोलते हैं ताकि जनता को सरकार (सत्ता) से सीधे जोड़ा जा सके।
व्याख्या: यह आधुनिक 'मास पार्टी' का सबसे बड़ा हथियार है। राजनीतिक दल अपनी 'ब्रांच' (शाखाएँ) हर गाँव-शहर में खोलते हैं ताकि जनता को सरकार (सत्ता) से सीधे जोड़ा जा सके।
48. भारत में 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)' [CPI(M)] की स्थापना (विभाजन के बाद) किस वर्ष हुई थी?
सही उत्तर: B) 1964
व्याख्या: मूल कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 1925 में बनी थी, लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध और वैचारिक मतभेदों के बाद 1964 में यह टूटकर CPI और CPI(M) में बँट गई।
व्याख्या: मूल कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) 1925 में बनी थी, लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध और वैचारिक मतभेदों के बाद 1964 में यह टूटकर CPI और CPI(M) में बँट गई।
49. "राजनीतिक दल अनिवार्य हैं, कोई स्वतन्त्र देश उनके बिना नहीं रह सकता, कोई भी यह नहीं बता सकता कि उनके बिना प्रतिनिधि सरकार (Representative Government) किस प्रकार चलायी जा सकती है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) लार्ड ब्राइस (Lord Bryce)
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने आधुनिक विशाल राष्ट्रों में 'प्रत्यक्ष लोकतंत्र' के असंभव होने के कारण 'प्रतिनिधिक सरकार' में राजनीतिक दलों को एक अनिवार्य (Indispensable) संस्था बताया है।
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने आधुनिक विशाल राष्ट्रों में 'प्रत्यक्ष लोकतंत्र' के असंभव होने के कारण 'प्रतिनिधिक सरकार' में राजनीतिक दलों को एक अनिवार्य (Indispensable) संस्था बताया है।
50. 'सम्पूर्ण निष्कर्ष' (Conclusion) के आधार पर, भारतीय लोकतन्त्र में 'गठबंधन सरकारों' (Coalition Governments) की राजनीति ने क्या सिद्ध किया है?
सही उत्तर: C) कि लोकतन्त्र में सत्ता का विकेन्द्रीकरण और जनसहभागिता निरन्तर बढ़ती जा रही है।
व्याख्या: गठबंधन सरकारों (Regional + National parties) का आना यह दर्शाता है कि अब सत्ता सिर्फ दिल्ली में नहीं सिमटी है, बल्कि राज्य और क्षेत्रीय स्तर के मुद्दों (संघवाद) को भी सरकार चलाने में महत्व दिया जा रहा है।
व्याख्या: गठबंधन सरकारों (Regional + National parties) का आना यह दर्शाता है कि अब सत्ता सिर्फ दिल्ली में नहीं सिमटी है, बल्कि राज्य और क्षेत्रीय स्तर के मुद्दों (संघवाद) को भी सरकार चलाने में महत्व दिया जा रहा है।
51. विश्व में सर्वप्रथम राजनीतिक दलों का उदय किस देश में हुआ, जहाँ प्रारम्भ में उन्हें 'टोरी' (Tory) व 'व्हिग' (Whig) के नाम से जाना गया?
सही उत्तर: C) ब्रिटेन (Britain)
व्याख्या: आधुनिक राजनीतिक दलों की शुरुआत ब्रिटेन में हुई। 'टोरी' बाद में अनुदारवादी (Conservative) दल बना और 'व्हिग' उदारवादी (Liberal) दल कहलाया।
व्याख्या: आधुनिक राजनीतिक दलों की शुरुआत ब्रिटेन में हुई। 'टोरी' बाद में अनुदारवादी (Conservative) दल बना और 'व्हिग' उदारवादी (Liberal) दल कहलाया।
52. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): रॉबर्ट मिचेल्स (Robert Michels) ने राजनीतिक दलों के सन्दर्भ में 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' (Iron Law of Oligarchy) प्रतिपादित किया।
कारण (R): उनका मानना था कि चाहे राजनीतिक दल कितना भी लोकतांत्रिक होने का दावा करे, अंततः उसका नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति केवल कुछ 'विशिष्ट लोगों के एक छोटे गुट' (Oligarchy) के हाथों में ही आ जाती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): उनका मानना था कि चाहे राजनीतिक दल कितना भी लोकतांत्रिक होने का दावा करे, अंततः उसका नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति केवल कुछ 'विशिष्ट लोगों के एक छोटे गुट' (Oligarchy) के हाथों में ही आ जाती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मिचेल्स की पुस्तक 'Political Parties' का यह सबसे प्रसिद्ध निष्कर्ष है कि जन-समूह कभी खुद शासन नहीं कर सकता; उसे हमेशा एक छोटे 'नेतृत्व वर्ग' की आवश्यकता होती है, जो अंततः सर्वेसर्वा बन जाता है।
व्याख्या: मिचेल्स की पुस्तक 'Political Parties' का यह सबसे प्रसिद्ध निष्कर्ष है कि जन-समूह कभी खुद शासन नहीं कर सकता; उसे हमेशा एक छोटे 'नेतृत्व वर्ग' की आवश्यकता होती है, जो अंततः सर्वेसर्वा बन जाता है।
53. मॉरिस डुवर्जर (Maurice Duverger) के अनुसार 'बाहर से उपजे दल' (Externally created parties) की मुख्य विशेषता क्या होती है?
सही उत्तर: A) ये संसद के बाहर जन्म लेते हैं और इनमें अत्यधिक कठोर अनुशासन तथा केन्द्रीयकरण होता है।
व्याख्या: बाहर से उपजे दलों (जैसे कम्युनिस्ट या समाजवादी दल) को अपने सदस्यों पर नियंत्रण रखने के लिए एक विशाल और सख्त संगठन की आवश्यकता होती है।
व्याख्या: बाहर से उपजे दलों (जैसे कम्युनिस्ट या समाजवादी दल) को अपने सदस्यों पर नियंत्रण रखने के लिए एक विशाल और सख्त संगठन की आवश्यकता होती है।
54. बहु-कथन प्रश्न: भारतीय राजनीतिक दलों के विकास क्रम का सही मिलान करें:
1. 1925 = (i) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की स्थापना
2. 1949 = (ii) साम्यवादी (Communist) पार्टी ने राजनीतिक रूप धारण किया
3. 1964 = (iii) BJP (भारतीय जनता पार्टी) की स्थापना
4. 1981 = (iv) DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) की स्थापना
सही कूट:
2. 1949 = (ii) साम्यवादी (Communist) पार्टी ने राजनीतिक रूप धारण किया
3. 1964 = (iii) BJP (भारतीय जनता पार्टी) की स्थापना
4. 1981 = (iv) DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) की स्थापना
सही उत्तर: B) 1-(ii), 2-(iv), 3-(i), 4-(iii)
व्याख्या: भारत में दलीय व्यवस्था का विकास विभिन्न चरणों में हुआ। DMK (1949) क्षेत्रीय दलों के उदय का एक प्रमुख उदाहरण है, जबकि 1964 में CPI टूटकर CPI(M) बनी।
व्याख्या: भारत में दलीय व्यवस्था का विकास विभिन्न चरणों में हुआ। DMK (1949) क्षेत्रीय दलों के उदय का एक प्रमुख उदाहरण है, जबकि 1964 में CPI टूटकर CPI(M) बनी।
55. "राजनीतिक दल अनिवार्य हैं, कोई स्वतन्त्र देश उनके बिना नहीं रह सकता, कोई भी यह नहीं बता सकता कि उनके बिना प्रतिनिधि सरकार (Representative Government) किस प्रकार चलायी जा सकती है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: C) लार्ड ब्राइस (Lord Bryce)
व्याख्या: लार्ड ब्राइस का स्पष्ट मत था कि आधुनिक विशाल राज्यों में जनता सीधे शासन नहीं कर सकती; उसे प्रतिनिधि चुनने होते हैं, और प्रतिनिधियों को संगठित करने का एकमात्र साधन राजनीतिक दल हैं।
व्याख्या: लार्ड ब्राइस का स्पष्ट मत था कि आधुनिक विशाल राज्यों में जनता सीधे शासन नहीं कर सकती; उसे प्रतिनिधि चुनने होते हैं, और प्रतिनिधियों को संगठित करने का एकमात्र साधन राजनीतिक दल हैं।
56. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर के अनुसार, 'प्रकोष्ठ' या 'सेल' (Cell) राजनीतिक दलों के संगठन का एक अत्यधिक गुप्त और अनुशासित रूप है।
कारण (R): क्योंकि इस प्रकार का संगठन मुख्य रूप से फासीवादी तथा साम्यवादी दलों द्वारा बनाया जाता है, जिनकी दिलचस्पी सामान्य चुनावी गतिविधियों से अधिक हिंसक और गुप्त गतिविधियों में होती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि इस प्रकार का संगठन मुख्य रूप से फासीवादी तथा साम्यवादी दलों द्वारा बनाया जाता है, जिनकी दिलचस्पी सामान्य चुनावी गतिविधियों से अधिक हिंसक और गुप्त गतिविधियों में होती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'प्रकोष्ठ' (Cell) कार्यस्थल (फैक्ट्री, ऑफिस) पर आधारित होता है और यह बहुत छोटा तथा गुप्त होता है, ताकि सत्ता के खिलाफ काम करते समय पकड़े न जाएं।
व्याख्या: 'प्रकोष्ठ' (Cell) कार्यस्थल (फैक्ट्री, ऑफिस) पर आधारित होता है और यह बहुत छोटा तथा गुप्त होता है, ताकि सत्ता के खिलाफ काम करते समय पकड़े न जाएं।
57. 'तर्क संगत चयन ढांचा' (Rational Choice Framework) जिसे समचतुष्कोणीय सिद्धान्त भी कहा जाता है, किस विचारक ने प्रतिपादित किया था?
सही उत्तर: A) एंथनी डाउन्स (Anthony Downs)
व्याख्या: डाउन्स ने राजनीतिक दलों की तुलना 'बाजार' से की है। दल वोट बटोरने वाले (उद्यमी) हैं और मतदाता अपनी विचारधारा के अनुसार वोट देने वाले (उपभोक्ता) हैं।
व्याख्या: डाउन्स ने राजनीतिक दलों की तुलना 'बाजार' से की है। दल वोट बटोरने वाले (उद्यमी) हैं और मतदाता अपनी विचारधारा के अनुसार वोट देने वाले (उपभोक्ता) हैं।
58. बहु-कथन प्रश्न: सारटोरी (Sartori) द्वारा 'बहु-दलीय प्रणाली' (Multi-Party System) के दो रूपों के बारे में क्या सत्य है?
1. 'संयमित (Moderate) बहु-दलीय प्रणाली' में दल अधिक होते हैं लेकिन उनमें वैचारिक ध्रुवीकरण कम होता है।
2. 'ध्रुवीकृत (Polarized) बहु-दलीय प्रणाली' में दलों के बीच भारी वैचारिक फासला होता है।
3. ध्रुवीकृत व्यवस्था राजनीतिक गतिहीनता (Immobility) को जन्म देती है, जो लोकतंत्र को छिन्न-भिन्न कर सकती है।
4. ध्रुवीकृत व्यवस्था में सरकार बहुत स्थिर और मजबूत होती है।
सही कूट:
2. 'ध्रुवीकृत (Polarized) बहु-दलीय प्रणाली' में दलों के बीच भारी वैचारिक फासला होता है।
3. ध्रुवीकृत व्यवस्था राजनीतिक गतिहीनता (Immobility) को जन्म देती है, जो लोकतंत्र को छिन्न-भिन्न कर सकती है।
4. ध्रुवीकृत व्यवस्था में सरकार बहुत स्थिर और मजबूत होती है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। ध्रुवीकृत व्यवस्था (जैसे 1930 के दशक का जर्मनी या कुछ हद तक इटली) में दल इतने चरमपंथी होते हैं कि सरकार चल ही नहीं पाती, जिससे तानाशाही का खतरा बढ़ता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। ध्रुवीकृत व्यवस्था (जैसे 1930 के दशक का जर्मनी या कुछ हद तक इटली) में दल इतने चरमपंथी होते हैं कि सरकार चल ही नहीं पाती, जिससे तानाशाही का खतरा बढ़ता है।
59. 'छाया मंत्रिमण्डल' (Shadow Cabinet) की परम्परा मुख्य रूप से किस प्रकार की दलीय व्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण गुण माना जाता है?
सही उत्तर: B) द्वि-दलीय व्यवस्था (Bi-Party System)
व्याख्या: इंग्लैण्ड (द्वि-दलीय) में विपक्ष सत्ता पक्ष के हर मंत्री के समानांतर अपना एक छाया मंत्री नियुक्त करता है, ताकि सरकार गिरने पर वे तुरंत सत्ता संभाल सकें।
व्याख्या: इंग्लैण्ड (द्वि-दलीय) में विपक्ष सत्ता पक्ष के हर मंत्री के समानांतर अपना एक छाया मंत्री नियुक्त करता है, ताकि सरकार गिरने पर वे तुरंत सत्ता संभाल सकें।
60. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): लेनिन ने साम्यवादी दल के लिए 'लोकतांत्रिक केन्द्रवाद' (Democratic Centralism) का सिद्धान्त प्रतिपादित किया।
कारण (R): इसके अनुसार, पार्टी में निर्णय लेने से पहले पूर्ण लोकतांत्रिक वाद-विवाद होता है, लेकिन एक बार पार्टी फोरम पर निर्णय हो जाने के बाद उसे पूरे कठोर अनुशासन के साथ लागू किया जाता है और फिर उसका कोई विरोध नहीं कर सकता।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): इसके अनुसार, पार्टी में निर्णय लेने से पहले पूर्ण लोकतांत्रिक वाद-विवाद होता है, लेकिन एक बार पार्टी फोरम पर निर्णय हो जाने के बाद उसे पूरे कठोर अनुशासन के साथ लागू किया जाता है और फिर उसका कोई विरोध नहीं कर सकता।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यही कारण है कि कम्युनिस्ट पार्टी में गुटबाज़ी या बगावत की गुंजाइश नहीं होती। आदेश ऊपर से नीचे जाते हैं और उनका पालन अनिवार्य होता है।
व्याख्या: यही कारण है कि कम्युनिस्ट पार्टी में गुटबाज़ी या बगावत की गुंजाइश नहीं होती। आदेश ऊपर से नीचे जाते हैं और उनका पालन अनिवार्य होता है।
61. "राजनीतिक दल - विचारों का दलाल (Brokers of ideas) है।" यह उक्ति किस विचारक की है?
सही उत्तर: A) लॉवेल (Lowell)
व्याख्या: लॉवेल ने स्पष्ट किया कि दल स्वयं कोई नया मौलिक विचार नहीं बनाते, बल्कि वे समाज में फैले विचारों को एकत्रित कर उन्हें सरकारी नीतियों (कानूनों) में बदलने के लिए दलाल (बिचौलिए) का काम करते हैं।
व्याख्या: लॉवेल ने स्पष्ट किया कि दल स्वयं कोई नया मौलिक विचार नहीं बनाते, बल्कि वे समाज में फैले विचारों को एकत्रित कर उन्हें सरकारी नीतियों (कानूनों) में बदलने के लिए दलाल (बिचौलिए) का काम करते हैं।
62. बहु-कथन प्रश्न: भारतीय राजनीतिक दलों की 'आलोचनात्मक विशेषताओं' में क्या शामिल है?
1. अधिकार दलों की कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है।
2. नेताओं के व्यक्तिगत 'करिश्माई नेतृत्व' पर दल निर्भर करते हैं।
3. दलों का गठन जाति, धर्म और भाषा जैसी सामाजिक पहचानों के आधार पर किया जाता है।
4. दलों के भीतर पूर्णतः आन्तरिक लोकतन्त्र (Internal Democracy) पाया जाता है।
सही कूट:
2. नेताओं के व्यक्तिगत 'करिश्माई नेतृत्व' पर दल निर्भर करते हैं।
3. दलों का गठन जाति, धर्म और भाषा जैसी सामाजिक पहचानों के आधार पर किया जाता है।
4. दलों के भीतर पूर्णतः आन्तरिक लोकतन्त्र (Internal Democracy) पाया जाता है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। भारतीय दलों की एक बड़ी समस्या 'आन्तरिक लोकतन्त्र का अभाव' (Lack of Internal Democracy) है, जहाँ पार्टी पदों के लिए चुनाव नहीं होते बल्कि वे 'हाई कमान' या परिवारवाद द्वारा तय होते हैं।
व्याख्या: कथन 4 बिल्कुल गलत है। भारतीय दलों की एक बड़ी समस्या 'आन्तरिक लोकतन्त्र का अभाव' (Lack of Internal Democracy) है, जहाँ पार्टी पदों के लिए चुनाव नहीं होते बल्कि वे 'हाई कमान' या परिवारवाद द्वारा तय होते हैं।
63. 'डुवर्जर का नियम' (Duverger's Law) यह स्थापित करता है कि 'साधारण बहुमत प्रणाली' (First-Past-The-Post) किस दलीय व्यवस्था को जन्म देती है?
सही उत्तर: C) द्वि-दलीय व्यवस्था (Bi-Party System)
व्याख्या: मॉरिस डुवर्जर के अनुसार, जहाँ भी 'जिसे सबसे ज्यादा वोट मिला, वही जीतेगा' (FPTP) प्रणाली होती है, वहाँ छोटे दल हार के डर से बड़े दलों में मिल जाते हैं और अंततः केवल 2 बड़े दल (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन) ही बचते हैं।
व्याख्या: मॉरिस डुवर्जर के अनुसार, जहाँ भी 'जिसे सबसे ज्यादा वोट मिला, वही जीतेगा' (FPTP) प्रणाली होती है, वहाँ छोटे दल हार के डर से बड़े दलों में मिल जाते हैं और अंततः केवल 2 बड़े दल (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन) ही बचते हैं।
64. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): राजनीतिक दल 'दबाव समूहों' (Pressure Groups) से भिन्न होते हैं।
कारण (R): राजनीतिक दल का प्राथमिक उद्देश्य सीधे चुनाव लड़कर सत्ता (सरकार) पर कब्ज़ा करना होता है, जबकि दबाव समूह चुनाव नहीं लड़ते, वे केवल बाहर से सरकार की नीतियों को अपने पक्ष में प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): राजनीतिक दल का प्राथमिक उद्देश्य सीधे चुनाव लड़कर सत्ता (सरकार) पर कब्ज़ा करना होता है, जबकि दबाव समूह चुनाव नहीं लड़ते, वे केवल बाहर से सरकार की नीतियों को अपने पक्ष में प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यह राजनीतिक दल और दबाव समूह के बीच का सबसे बुनियादी अंतर है। दल 'सत्ता' चाहते हैं, दबाव समूह 'प्रभाव' चाहते हैं।
व्याख्या: यह राजनीतिक दल और दबाव समूह के बीच का सबसे बुनियादी अंतर है। दल 'सत्ता' चाहते हैं, दबाव समूह 'प्रभाव' चाहते हैं।
65. राजनीतिक दलों की उत्पत्ति के 'विकासवादी सिद्धान्त' (Developmental Theory) को पीटर मर्केल ने किस अन्य नाम से पुकारा है?
सही उत्तर: B) सामुदायिक सिद्धान्त (Integration Theory)
व्याख्या: पीटर मर्केल ने अपनी पुस्तक 'Modern Comparative Politics' में इसे इंटीग्रेशन थ्योरी कहा, क्योंकि जब समाज का विकास (आधुनिकीकरण) होता है, तो बिखरे हुए जनसमूहों को 'एकीकृत' (Integrate) करने का काम दल ही करते हैं।
व्याख्या: पीटर मर्केल ने अपनी पुस्तक 'Modern Comparative Politics' में इसे इंटीग्रेशन थ्योरी कहा, क्योंकि जब समाज का विकास (आधुनिकीकरण) होता है, तो बिखरे हुए जनसमूहों को 'एकीकृत' (Integrate) करने का काम दल ही करते हैं।
66. बहु-कथन प्रश्न: 'बहु-दलीय प्रणाली' (Multi-Party System) के दोषों में क्या शामिल है?
1. इसमें स्थायी दलीय व्यवस्था नहीं रहती (स्थायित्व का अभाव)।
2. कमजोर सरकारों का निर्माण होता है।
3. नीति निर्माण में विलम्ब व अनिश्चितता रहती है।
4. मतदाता को विकल्पों (Choices) का भारी अभाव होता है।
सही कूट:
2. कमजोर सरकारों का निर्माण होता है।
3. नीति निर्माण में विलम्ब व अनिश्चितता रहती है।
4. मतदाता को विकल्पों (Choices) का भारी अभाव होता है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। बहु-दलीय प्रणाली का सबसे बड़ा 'गुण' ही यह है कि इसमें मतदाताओं के पास अपनी पसंद (जाति, धर्म, विचारधारा) के अनुसार चुनने के लिए 'पर्याप्त विकल्प' (Many Choices) होते हैं।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। बहु-दलीय प्रणाली का सबसे बड़ा 'गुण' ही यह है कि इसमें मतदाताओं के पास अपनी पसंद (जाति, धर्म, विचारधारा) के अनुसार चुनने के लिए 'पर्याप्त विकल्प' (Many Choices) होते हैं।
67. "राजनीतिक दलों के बिना निर्वाचक या तो नितान्त असहाय हो जायेंगे या फिर वे असम्भव नीतियों को छिन्न-भिन्न कर देंगे..." यह चेतावनी किस राजनीतिक वैज्ञानिक ने दी थी?
सही उत्तर: B) फाइनर (Finer)
व्याख्या: फाइनर ने बताया कि आम मतदाता को राजनीति की समझ नहीं होती। दल ही वे संस्थाएं हैं जो कठिन नीतियों को आसान बनाकर जनता को समझाते हैं और उन्हें चुनाव के लिए तैयार करते हैं।
व्याख्या: फाइनर ने बताया कि आम मतदाता को राजनीति की समझ नहीं होती। दल ही वे संस्थाएं हैं जो कठिन नीतियों को आसान बनाकर जनता को समझाते हैं और उन्हें चुनाव के लिए तैयार करते हैं।
68. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): भारत में 'राष्ट्रीय दलों' को दो भागों (विचारधारा वाले दल और बिना विचारधारा वाले दल) में बाँटा जाता है।
कारण (R): क्योंकि BJP और कम्युनिस्ट पार्टी की एक स्पष्ट वैचारिक लाइन (दक्षिणपंथ और वामपंथ) है, जबकि 'कांग्रेस' को एक ऐसा दल माना गया है जो समय और परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बदलता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि BJP और कम्युनिस्ट पार्टी की एक स्पष्ट वैचारिक लाइन (दक्षिणपंथ और वामपंथ) है, जबकि 'कांग्रेस' को एक ऐसा दल माना गया है जो समय और परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बदलता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: भारत में कांग्रेस को एक 'Catch-all party' (सबको साथ लेकर चलने वाला) माना जाता है, जिसका कोई कठोर 'वाद' (Ism) नहीं है, बल्कि वह राष्ट्रहित के अनुसार लचीली रहती है।
व्याख्या: भारत में कांग्रेस को एक 'Catch-all party' (सबको साथ लेकर चलने वाला) माना जाता है, जिसका कोई कठोर 'वाद' (Ism) नहीं है, बल्कि वह राष्ट्रहित के अनुसार लचीली रहती है।
69. 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक उपागम' (Structural-Functional Approach) के अनुसार राजनीतिक दलों का अध्ययन किस आधार पर किया जाता है?
सही उत्तर: A) दलों के 'कार्यों' (Functions) के आधार पर।
व्याख्या: इस अप्रोच में देखा जाता है कि दल समाज में क्या Function (प्रकार्य) कर रहे हैं, जैसे 'राजनीतिक सामाजीकरण', 'हितों का स्पष्टीकरण' (Interest articulation) आदि। (विकल्प B 'व्यवस्था उपागम' है)।
व्याख्या: इस अप्रोच में देखा जाता है कि दल समाज में क्या Function (प्रकार्य) कर रहे हैं, जैसे 'राजनीतिक सामाजीकरण', 'हितों का स्पष्टीकरण' (Interest articulation) आदि। (विकल्प B 'व्यवस्था उपागम' है)।
70. बहु-कथन प्रश्न: डुवर्जर के अनुसार 'मिलिशिया' (Militia) संगठन के उदाहरण कौन-से हैं?
1. हिटलर के 'ब्राउन शर्ट्स' (Brown Shirts)
2. मुसोलिनी के 'ब्लैक शर्ट्स' (Black Shirts)
3. माओ की 'लाल सेना' (Red Army)
4. महात्मा गाँधी की 'अहिंसा सेना'
सही कूट:
2. मुसोलिनी के 'ब्लैक शर्ट्स' (Black Shirts)
3. माओ की 'लाल सेना' (Red Army)
4. महात्मा गाँधी की 'अहिंसा सेना'
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: 'मिलिशिया' सैन्य प्रकृति की हिंसक प्राइवेट सेना होती है जो विरोधियों को कुचलने के लिए तानाशाहों द्वारा बनाई जाती है। गाँधी जी का इससे कोई संबंध नहीं है।
व्याख्या: 'मिलिशिया' सैन्य प्रकृति की हिंसक प्राइवेट सेना होती है जो विरोधियों को कुचलने के लिए तानाशाहों द्वारा बनाई जाती है। गाँधी जी का इससे कोई संबंध नहीं है।
71. "राजनीतिक दल कुछ व्यक्तियों के लाभ के लिये बहुत से लोगों का पागलपन है।" यह कटु आलोचना किस विद्वान ने की है?
सही उत्तर: A) अलेक्जेंडर पोप (Alexander Pope)
व्याख्या: यह राजनीतिक दलबंदी और पार्टी-पॉलिटिक्स के नकारात्मक (स्वार्थी) पक्ष को उजागर करने वाली सबसे प्रसिद्ध कहावत है।
व्याख्या: यह राजनीतिक दलबंदी और पार्टी-पॉलिटिक्स के नकारात्मक (स्वार्थी) पक्ष को उजागर करने वाली सबसे प्रसिद्ध कहावत है।
72. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर के अनुसार 'कैडर पार्टी' (संवर्ग पार्टी) में प्रतिनिधियों का चुनाव 'नीचे से ऊपर की ओर' होता है, लेकिन आदेश 'ऊपर से नीचे' (Top-down) आते हैं।
कारण (R): क्योंकि इस प्रकार के दलों (जैसे कम्युनिस्ट पार्टी) में सदस्यों की भीड़ से ज़्यादा वैचारिक प्रतिबद्धता (Ideological commitment) और अनुशासन को महत्व दिया जाता है, और सारा निर्णय 'शीर्ष नेतृत्व' ही लेता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि इस प्रकार के दलों (जैसे कम्युनिस्ट पार्टी) में सदस्यों की भीड़ से ज़्यादा वैचारिक प्रतिबद्धता (Ideological commitment) और अनुशासन को महत्व दिया जाता है, और सारा निर्णय 'शीर्ष नेतृत्व' ही लेता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'कैडर' पार्टियां एक कड़क 'फौज' की तरह काम करती हैं, जहाँ क्वालिटी महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत 'जनदल' (Mass Party) में कोई भी सदस्य बन सकता है।
व्याख्या: 'कैडर' पार्टियां एक कड़क 'फौज' की तरह काम करती हैं, जहाँ क्वालिटी महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत 'जनदल' (Mass Party) में कोई भी सदस्य बन सकता है।
73. ला पालोम्बारा और मायरन वीनर के 'ऐतिहासिक संकट के सिद्धान्त' में उन 3 संकटों में से कौन-सा संकट शामिल है जो नव-स्वतंत्र देशों में दलीय व्यवस्था को जन्म देता है?
सही उत्तर: B) वैधता का संकट, सहभागिता का संकट, एकीकरण का संकट
व्याख्या: जब देश आज़ाद होता है तो सरकार को अपनी 'वैधता' (Legitimacy) सिद्ध करनी होती है, जनता 'सहभागिता' मांगती है, और विभिन्न क्षेत्रों को 'एकीकृत' करना होता है। इन संकटों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दल बनते हैं।
व्याख्या: जब देश आज़ाद होता है तो सरकार को अपनी 'वैधता' (Legitimacy) सिद्ध करनी होती है, जनता 'सहभागिता' मांगती है, और विभिन्न क्षेत्रों को 'एकीकृत' करना होता है। इन संकटों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दल बनते हैं।
74. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दलों को परिभाषित करने वाले विचारकों की परिभाषा के प्रकार क्या हैं?
1. एडमंड बर्क = संघात्मक/वैचारिक परिभाषा
2. शूम्पीटर = कार्यात्मक परिभाषा
3. एल्डर्सवेल्ड = व्यवहारवादी परिभाषा
4. ला पालोम्बारा = यथार्थवादी परिभाषा
सही कूट:
2. शूम्पीटर = कार्यात्मक परिभाषा
3. एल्डर्सवेल्ड = व्यवहारवादी परिभाषा
4. ला पालोम्बारा = यथार्थवादी परिभाषा
सही उत्तर: A) 1, 2, 3 और 4 (सभी सही हैं)
व्याख्या: यह राजनीतिक विज्ञान में 'दलों के स्वरूप' को समझने का सबसे प्रामाणिक वर्गीकरण है। बर्क आदर्शवाद (विचार) पर बल देते हैं, तो ला पालोम्बारा ज़मीनी हकीकत (यथार्थ) पर।
व्याख्या: यह राजनीतिक विज्ञान में 'दलों के स्वरूप' को समझने का सबसे प्रामाणिक वर्गीकरण है। बर्क आदर्शवाद (विचार) पर बल देते हैं, तो ला पालोम्बारा ज़मीनी हकीकत (यथार्थ) पर।
75. 'एक दलीय सर्वाधिकारवादी प्रणाली' (Totalitarian One-Party System) का सबसे सटीक उदाहरण कौन-सा देश है?
सही उत्तर: C) चीन (साम्यवादी देश)
व्याख्या: भारत में 'एक दलीय प्रधान प्रणाली' थी क्योंकि अन्य दल मौजूद थे। चीन में 'सर्वाधिकारवादी' व्यवस्था है क्योंकि संविधान केवल एक ही पार्टी (CPC) के अस्तित्व और नियंत्रण को कानूनी मान्यता देता है।
व्याख्या: भारत में 'एक दलीय प्रधान प्रणाली' थी क्योंकि अन्य दल मौजूद थे। चीन में 'सर्वाधिकारवादी' व्यवस्था है क्योंकि संविधान केवल एक ही पार्टी (CPC) के अस्तित्व और नियंत्रण को कानूनी मान्यता देता है।
76. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): 'क्षेत्रीय दल' (Regional Parties) विशेष रूप से राष्ट्रीय दलों के विरोधी होते हैं।
कारण (R): क्योंकि क्षेत्रीय दल संकुचित हितों (जाति, भाषा, विशिष्ट क्षेत्र के विकास) से प्रभावित होते हैं और राष्ट्रीय हितों की अपेक्षा अपने 'सीमित भौगोलिक क्षेत्र' के हितों को अधिक महत्त्व देते हैं।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि क्षेत्रीय दल संकुचित हितों (जाति, भाषा, विशिष्ट क्षेत्र के विकास) से प्रभावित होते हैं और राष्ट्रीय हितों की अपेक्षा अपने 'सीमित भौगोलिक क्षेत्र' के हितों को अधिक महत्त्व देते हैं।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: क्षेत्रीय दल (जैसे TDP, DMK, AGP) अपनी पहचान और वोट बैंक बचाने के लिए अक्सर केन्द्र सरकार (राष्ट्रीय दलों) की नीतियों का कड़ा विरोध करते हैं।
व्याख्या: क्षेत्रीय दल (जैसे TDP, DMK, AGP) अपनी पहचान और वोट बैंक बचाने के लिए अक्सर केन्द्र सरकार (राष्ट्रीय दलों) की नीतियों का कड़ा विरोध करते हैं।
77. "राजनीतिक दल समूहीकरण परन्तु विशेष प्रकार के समूहीकरण होते हैं, ऐसा इसलिए कि इनका स्वरूप विस्तृत है और सदस्यता खुली होती है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: A) जीन ब्लोण्डेल (Jean Blondel)
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने स्पष्ट किया कि कोई भी सामाजिक समूह राजनीतिक दल नहीं बन सकता। दल बनने के लिए उसकी सदस्यता सभी नागरिकों के लिए 'खुली' होनी चाहिए।
व्याख्या: जीन ब्लोण्डेल ने स्पष्ट किया कि कोई भी सामाजिक समूह राजनीतिक दल नहीं बन सकता। दल बनने के लिए उसकी सदस्यता सभी नागरिकों के लिए 'खुली' होनी चाहिए।
78. बहु-कथन प्रश्न: भारतीय राजनीतिक दलों के स्थापना वर्ष का सही मिलान करें:
1. 1977 = (i) जनता पार्टी
2. 1983 = (ii) तेलुगु देशम पार्टी (TDP)
3. 1985 = (iii) असम गण परिषद (AGP)
4. 1992 = (iv) समाजवादी पार्टी (SP)
सही कूट:
2. 1983 = (ii) तेलुगु देशम पार्टी (TDP)
3. 1985 = (iii) असम गण परिषद (AGP)
4. 1992 = (iv) समाजवादी पार्टी (SP)
सही उत्तर: A) सभी सही सुमेलित हैं
व्याख्या: भारत में क्षेत्रीय दलों का उदय 1980 और 1990 के दशक में बहुत तेज़ी से हुआ। एनटी रामाराव द्वारा TDP (1983) और असम आन्दोलन से AGP (1985) का जन्म इसका प्रमाण है।
व्याख्या: भारत में क्षेत्रीय दलों का उदय 1980 और 1990 के दशक में बहुत तेज़ी से हुआ। एनटी रामाराव द्वारा TDP (1983) और असम आन्दोलन से AGP (1985) का जन्म इसका प्रमाण है।
79. एडमंड बर्क (Edmund Burke) की दृष्टि में राजनीतिक दल का 'अंतिम लक्ष्य' (Ultimate Goal) क्या होना चाहिए?
सही उत्तर: C) एक विशिष्ट वैचारिक सिद्धांत के आधार पर 'राष्ट्रीय हित' का संवर्धन करना
व्याख्या: बर्क ने राजनीतिक दलों को स्वार्थ का जरिया नहीं, बल्कि एक 'वैचारिक संस्था' माना जो मिलकर पूरे देश की भलाई (National Interest) के लिए काम करती है।
व्याख्या: बर्क ने राजनीतिक दलों को स्वार्थ का जरिया नहीं, बल्कि एक 'वैचारिक संस्था' माना जो मिलकर पूरे देश की भलाई (National Interest) के लिए काम करती है।
80. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): प्रत्यक्ष लोकतन्त्र (Direct Democracy) में राजनीतिक दलों का कोई विशेष महत्व नहीं होता।
कारण (R): क्योंकि प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में जनता किसी 'प्रतिनिधि' को नहीं चुनती, बल्कि स्वयं सीधे 'जनमत संग्रह' या 'आरंभक' के माध्यम से कानून का निर्माण करती है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में जनता किसी 'प्रतिनिधि' को नहीं चुनती, बल्कि स्वयं सीधे 'जनमत संग्रह' या 'आरंभक' के माध्यम से कानून का निर्माण करती है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: राजनीतिक दलों की उत्पत्ति ही 'प्रतिनिधिक लोकतंत्र' (Representative Democracy) के कारण हुई है। जहाँ जनता सीधे शासन करे, वहाँ बिचौलियों (दलों) की आवश्यकता नहीं होती।
व्याख्या: राजनीतिक दलों की उत्पत्ति ही 'प्रतिनिधिक लोकतंत्र' (Representative Democracy) के कारण हुई है। जहाँ जनता सीधे शासन करे, वहाँ बिचौलियों (दलों) की आवश्यकता नहीं होती।
81. 'व्यवस्था उपागम' (System Approach) का प्रयोग राजनीतिक दलों के अध्ययन में किसने किया था?
सही उत्तर: A) डेविड ईस्टन (David Easton)
व्याख्या: 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल डेविड ईस्टन द्वारा दिया गया है। इसमें यह देखा जाता है कि राजनीतिक दल किस तरह जनता की मांगों (Input) को सरकार की नीतियों (Output) में बदलते हैं।
व्याख्या: 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल डेविड ईस्टन द्वारा दिया गया है। इसमें यह देखा जाता है कि राजनीतिक दल किस तरह जनता की मांगों (Input) को सरकार की नीतियों (Output) में बदलते हैं।
82. बहु-कथन प्रश्न: 'गठबंधन सरकार' (Coalition Government) के सम्बन्ध में क्या सत्य है?
1. यह एक प्रकार की समझौते वाली सरकार है, जहाँ दो या अधिक दल मिलकर बहुमत सिद्ध करते हैं।
2. भारत में 1989 के बाद गठबंधन की राजनीति का दौर शुरू हुआ।
3. गठबंधन की सफलता के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (Common Minimum Programme) का होना आवश्यक है।
4. इसमें हमेशा एक ही दल के पास पूरी शक्ति होती है और अन्य दल मूकदर्शक होते हैं।
सही कूट:
2. भारत में 1989 के बाद गठबंधन की राजनीति का दौर शुरू हुआ।
3. गठबंधन की सफलता के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (Common Minimum Programme) का होना आवश्यक है।
4. इसमें हमेशा एक ही दल के पास पूरी शक्ति होती है और अन्य दल मूकदर्शक होते हैं।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। गठबंधन सरकार का मतलब ही शक्तियों का 'बँटवारा' (Power Sharing) है; इसमें घटक दलों की बातों को सुनना सरकार की मजबूरी होती है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। गठबंधन सरकार का मतलब ही शक्तियों का 'बँटवारा' (Power Sharing) है; इसमें घटक दलों की बातों को सुनना सरकार की मजबूरी होती है।
83. "सार्वजनिक प्रश्नों पर समान रूप से सोचने वाले लोगों का समूह... यह राजनीतिक जीवन की तरल विकृतियों की अपेक्षा उसके आदर्शों की अधिक अभिव्यक्ति करता है।" राजनीतिक दल की यह प्रशंसात्मक परिभाषा किसकी है?
सही उत्तर: C) डब्लू. मुनरो (W. Munro)
व्याख्या: मुनरो राजनीतिक दलों को लोकतंत्र के लिए अति-आवश्यक मानते थे। उनका मानना था कि दल समाज की बुराइयों को नहीं, बल्कि उसके राजनीतिक 'आदर्शों' को सामने लाते हैं।
व्याख्या: मुनरो राजनीतिक दलों को लोकतंत्र के लिए अति-आवश्यक मानते थे। उनका मानना था कि दल समाज की बुराइयों को नहीं, बल्कि उसके राजनीतिक 'आदर्शों' को सामने लाते हैं।
84. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): राजनीतिक दल और 'दबाव समूह' (Pressure Groups) दोनों के निर्माण के लिए एक 'औपचारिक संगठन' (Formal Organization) का होना आवश्यक है।
कारण (R): क्योंकि बिना नियम, अनुशासन और संगठनात्मक ढांचे के कोई भी भीड़ या जन-आंदोलन राजनीतिक दल या एक प्रभावी दबाव समूह का रूप नहीं ले सकता।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): क्योंकि बिना नियम, अनुशासन और संगठनात्मक ढांचे के कोई भी भीड़ या जन-आंदोलन राजनीतिक दल या एक प्रभावी दबाव समूह का रूप नहीं ले सकता।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 'औपचारिक संगठन' (जिसका एक अपना लिखित संविधान हो) राजनीतिक दल के 4 आवश्यक तत्वों में से पहला और सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।
व्याख्या: 'औपचारिक संगठन' (जिसका एक अपना लिखित संविधान हो) राजनीतिक दल के 4 आवश्यक तत्वों में से पहला और सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।
85. 'शूम्पीटर' (Schumpeter) ने राजनीतिक दलों को परिभाषित करने के लिए किस प्रकार की 'परिभाषा' का प्रयोग किया है?
सही उत्तर: B) कार्यात्मक परिभाषा (Functional Definition)
व्याख्या: जोसेफ शूम्पीटर ने लोकतंत्र और राजनीतिक दलों को 'कार्य' (Functions) के आधार पर परिभाषित किया था— अर्थात् नेताओं का काम सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा (Competition) करना है।
व्याख्या: जोसेफ शूम्पीटर ने लोकतंत्र और राजनीतिक दलों को 'कार्य' (Functions) के आधार पर परिभाषित किया था— अर्थात् नेताओं का काम सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा (Competition) करना है।
86. बहु-कथन प्रश्न: 'द्वि-दलीय व्यवस्था' (Bi-Party System) के दोषों (Demerits) में क्या शामिल है?
1. इसमें मतदाताओं के पास विकल्पों का भारी अभाव होता है।
2. पूर्ण बहुमत मिलने के कारण 'मन्त्रिमण्डल की तानाशाही' (Dictatorship of the Cabinet) का डर रहता है।
3. सम्पूर्ण राष्ट्र दो विरोधी और ध्रुवीकृत गुटों में बँट जाता है।
4. इसमें सरकार कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती (अस्थायित्व)।
सही कूट:
2. पूर्ण बहुमत मिलने के कारण 'मन्त्रिमण्डल की तानाशाही' (Dictatorship of the Cabinet) का डर रहता है।
3. सम्पूर्ण राष्ट्र दो विरोधी और ध्रुवीकृत गुटों में बँट जाता है।
4. इसमें सरकार कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती (अस्थायित्व)।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। द्वि-दलीय व्यवस्था (जैसे अमेरिका या ब्रिटेन) का सबसे बड़ा 'गुण' ही यह है कि इसमें सरकार में भारी 'स्थायित्व' (Stability) होता है।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। द्वि-दलीय व्यवस्था (जैसे अमेरिका या ब्रिटेन) का सबसे बड़ा 'गुण' ही यह है कि इसमें सरकार में भारी 'स्थायित्व' (Stability) होता है।
87. डुवर्जर (Duverger) के राजनीतिक दलों के 4 बुनियादी तत्त्वों में 'काकस' (Caucus) का मुख्य गुण क्या होता है?
सही उत्तर: B) यह महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों का छोटा संगठन है, जिसकी शक्ति 'गुणवत्ता' पर आधारित होती है।
व्याख्या: 'काकस' (Committee) अमेरिका और यूरोप में पार्टी के शीर्ष नेताओं की वह छोटी सी बंद कमरा समिति है, जो चुनाव के समय टिकट बांटने और रणनीति बनाने का काम करती है।
व्याख्या: 'काकस' (Committee) अमेरिका और यूरोप में पार्टी के शीर्ष नेताओं की वह छोटी सी बंद कमरा समिति है, जो चुनाव के समय टिकट बांटने और रणनीति बनाने का काम करती है।
88. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): ला पालोम्बारा और मायरन वीनर के अनुसार, राजनीतिक दलों का उदय राष्ट्र-निर्माण के दौरान आने वाले 'ऐतिहासिक संकटों' (Historical Crises) का परिणाम है।
कारण (R): जब जनता राजनीतिक व्यवस्था में अपनी 'सहभागिता' (Crisis of Participation) की मांग करती है, तो उन मांगों को संगठित करके सरकार तक पहुँचाने के लिए राजनीतिक दलों का जन्म होता है।
सही विकल्प चुनें:
कारण (R): जब जनता राजनीतिक व्यवस्था में अपनी 'सहभागिता' (Crisis of Participation) की मांग करती है, तो उन मांगों को संगठित करके सरकार तक पहुँचाने के लिए राजनीतिक दलों का जन्म होता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यह सिद्धांत समझाता है कि जब राजाओं/तानाशाहों का पतन होता है और जनता वोट देने या सत्ता में हिस्सा मांगने लगती है, तो जनता को मोबिलाइज़ (Mobilize) करने के लिए पार्टियां बनती हैं।
व्याख्या: यह सिद्धांत समझाता है कि जब राजाओं/तानाशाहों का पतन होता है और जनता वोट देने या सत्ता में हिस्सा मांगने लगती है, तो जनता को मोबिलाइज़ (Mobilize) करने के लिए पार्टियां बनती हैं।
89. 'संस्थागत सिद्धान्त' (Institutional Theory) के अनुसार राजनीतिक दलों की उत्पत्ति में किन तीन संस्थाओं की मुख्य भूमिका होती है?
सही उत्तर: C) संसद, संघात्मक व्यवस्था और निर्वाचन प्रणाली
व्याख्या: डुवर्जर जैसे विचारकों का मानना है कि 'संसद' के भीतर बैठने के लिए और 'निर्वाचन' (चुनाव) जीतने के लिए ही नेताओं ने समूह बनाए, जो बाद में राजनीतिक दल बन गए।
व्याख्या: डुवर्जर जैसे विचारकों का मानना है कि 'संसद' के भीतर बैठने के लिए और 'निर्वाचन' (चुनाव) जीतने के लिए ही नेताओं ने समूह बनाए, जो बाद में राजनीतिक दल बन गए।
90. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दलों के 'महत्त्व' (Role in Democracy) के सन्दर्भ में कौन-से कथन सत्य हैं?
1. ये जनता और सरकार के बीच एक 'कड़ी' (Link) का कार्य करते हैं।
2. ये स्वस्थ जनमत (Public Opinion) का निर्माण करते हैं और जनता को राजनीतिक शिक्षा देते हैं।
3. ये सरकार के विभिन्न विभागों (विशेषकर संसदीय व्यवस्था में) में समन्वय बनाते हैं।
4. इनका मुख्य कार्य सेना का संचालन करना है।
सही कूट:
2. ये स्वस्थ जनमत (Public Opinion) का निर्माण करते हैं और जनता को राजनीतिक शिक्षा देते हैं।
3. ये सरकार के विभिन्न विभागों (विशेषकर संसदीय व्यवस्था में) में समन्वय बनाते हैं।
4. इनका मुख्य कार्य सेना का संचालन करना है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। सेना का संचालन करना राज्य (सरकार) का कार्य है, न कि राजनीतिक दलों का प्राथमिक कार्य।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। सेना का संचालन करना राज्य (सरकार) का कार्य है, न कि राजनीतिक दलों का प्राथमिक कार्य।
91. "राजनीतिक दलों के बिना निर्वाचक या तो नितान्त असहाय हो जायेंगे या फिर वे असम्भव नीतियों को छिन्न-भिन्न कर देंगे।" फाइनर (Finer) के इस कथन का मुख्य संदेश (Message) क्या है?
सही उत्तर: A) कि राजनीतिक दल जनता को भ्रम से निकालते हैं और विचारों को नीति का रूप देते हैं।
व्याख्या: यदि दल न हों, तो करोड़ों मतदाताओं की अलग-अलग और बेतरतीब माँगें सरकार को पंगु बना देंगी। दल इन माँगों को 'फ़िल्टर' करके एक व्यवस्थित एजेंडा बनाते हैं।
व्याख्या: यदि दल न हों, तो करोड़ों मतदाताओं की अलग-अलग और बेतरतीब माँगें सरकार को पंगु बना देंगी। दल इन माँगों को 'फ़िल्टर' करके एक व्यवस्थित एजेंडा बनाते हैं।
92. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): डुवर्जर के 'भीतर से उपजे दल' (Internally created parties) बाह्य उत्पत्ति वाले दलों की अपेक्षा अधिक स्वतंत्र और कम अनुशासित होते हैं।
कारण (R): क्योंकि इनका जन्म संसद के भीतर (भीतर से) किसी वैचारिक बहस या मताधिकार के विस्तार के समय होता है, अतः इनमें कोई कठोर बाहरी नेतृत्व या विशाल संगठन नहीं थोपा जाता (जैसे ब्रिटेन की लिबरल पार्टी)।
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कारण (R): क्योंकि इनका जन्म संसद के भीतर (भीतर से) किसी वैचारिक बहस या मताधिकार के विस्तार के समय होता है, अतः इनमें कोई कठोर बाहरी नेतृत्व या विशाल संगठन नहीं थोपा जाता (जैसे ब्रिटेन की लिबरल पार्टी)।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: डुवर्जर ने स्पष्ट किया कि जो पार्टियां संसद के अंदर नेताओं के समूह से बनती हैं (Internally created), वे ट्रेड यूनियनों या सड़क के आंदोलनों (Externally created) से बनी पार्टियों की तुलना में कम अनुशासित होती हैं।
व्याख्या: डुवर्जर ने स्पष्ट किया कि जो पार्टियां संसद के अंदर नेताओं के समूह से बनती हैं (Internally created), वे ट्रेड यूनियनों या सड़क के आंदोलनों (Externally created) से बनी पार्टियों की तुलना में कम अनुशासित होती हैं।
93. "राजनीतिक दल अनिवार्य हैं, कोई स्वतन्त्र देश उनके बिना नहीं रह सकता।" यह कहने वाले लॉर्ड ब्राइस (Lord Bryce) ने राजनीतिक दलों को किसके समान बताया था?
सही उत्तर: B) महासागर के ज्वार और भाटा (Tide) के समान
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने कहा कि जिस तरह ज्वार-भाटा समुद्र के पानी को सड़ने से बचाता है (ताजा रखता है), उसी तरह दल जनता के विचारों को सक्रिय और ताज़ा बनाए रखते हैं।
व्याख्या: लॉर्ड ब्राइस ने कहा कि जिस तरह ज्वार-भाटा समुद्र के पानी को सड़ने से बचाता है (ताजा रखता है), उसी तरह दल जनता के विचारों को सक्रिय और ताज़ा बनाए रखते हैं।
94. बहु-कथन प्रश्न: 'बहु-दलीय प्रणाली' (Multi-Party System) के गुणों (Merits) में क्या शामिल है?
1. मतदाता को अपनी पसंद (जाति, विचारधारा) के 'पर्याप्त विकल्प' मिल जाते हैं।
2. संसद में समाज के 'सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व' सुनिश्चित हो जाता है।
3. इसमें तानाशाह सरकार (Dictatorship) बनने की सम्भावना नहीं रहती, क्योंकि किसी एक दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं होता।
4. इसमें निर्णय बहुत जल्दी लिए जाते हैं और सरकार 5 साल तक पूरी तरह स्थायी होती है।
सही कूट:
2. संसद में समाज के 'सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व' सुनिश्चित हो जाता है।
3. इसमें तानाशाह सरकार (Dictatorship) बनने की सम्भावना नहीं रहती, क्योंकि किसी एक दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं होता।
4. इसमें निर्णय बहुत जल्दी लिए जाते हैं और सरकार 5 साल तक पूरी तरह स्थायी होती है।
सही उत्तर: B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 4 गलत है। बहु-दलीय व्यवस्था का सबसे बड़ा दोष ही यही है कि 'निर्णय लेने में देरी' होती है और सरकारें अक्सर 'अस्थायी' (Unstable) होती हैं (जैसे भारत में 1990 के दशक में)।
व्याख्या: कथन 4 गलत है। बहु-दलीय व्यवस्था का सबसे बड़ा दोष ही यही है कि 'निर्णय लेने में देरी' होती है और सरकारें अक्सर 'अस्थायी' (Unstable) होती हैं (जैसे भारत में 1990 के दशक में)।
95. 'विचारधारा में एकरूपता' (Ideological Uniformity) राजनीतिक दल निर्माण का एक आवश्यक तत्व है। इसका क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) कि पार्टी के सभी सदस्यों का 'राजनीतिक तथा आर्थिक मामलों' पर दृष्टिकोण एक समान होना चाहिए।
व्याख्या: यदि नेताओं के विचारों में ही भारी मतभेद होगा, तो वे एक साथ पार्टी नहीं चला सकते। विचारधारा (Ideology) ही वह गोंद है जो पार्टी कार्यकर्ताओं को आपस में जोड़ कर रखती है।
व्याख्या: यदि नेताओं के विचारों में ही भारी मतभेद होगा, तो वे एक साथ पार्टी नहीं चला सकते। विचारधारा (Ideology) ही वह गोंद है जो पार्टी कार्यकर्ताओं को आपस में जोड़ कर रखती है।
96. कथन (Assertion) और कारण (Reason):
कथन (A): भारतीय राजनीतिक दलों में 'आन्तरिक लोकतन्त्र' (Internal Democracy) का भारी अभाव पाया जाता है।
कारण (R): क्योंकि भारत के अधिकांश राजनीतिक दलों में संगठन के पदों (जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष) के लिए नियमित और पारदर्शी चुनाव नहीं होते, बल्कि पार्टी का नियंत्रण किसी एक 'करिश्माई नेता' या एक ही 'परिवार' के पास रहता है।
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कारण (R): क्योंकि भारत के अधिकांश राजनीतिक दलों में संगठन के पदों (जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष) के लिए नियमित और पारदर्शी चुनाव नहीं होते, बल्कि पार्टी का नियंत्रण किसी एक 'करिश्माई नेता' या एक ही 'परिवार' के पास रहता है।
सही उत्तर: A) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: यह भारतीय दलीय व्यवस्था की सबसे बड़ी आलोचना है कि वे बाहर तो लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन पार्टी के भीतर 'तानाशाही या वंशवाद' (Dynasty politics) चलाते हैं।
व्याख्या: यह भारतीय दलीय व्यवस्था की सबसे बड़ी आलोचना है कि वे बाहर तो लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन पार्टी के भीतर 'तानाशाही या वंशवाद' (Dynasty politics) चलाते हैं।
97. "राजनीतिक दल कुछ व्यक्तियों के लाभ के लिये बहुत से लोगों का पागलपन है।" यह कथन किस प्रसिद्ध कवि/विचारक का है?
सही उत्तर: A) अलेक्जेंडर पोप (Alexander Pope)
व्याख्या: यह कथन 'पार्टी-पॉलिटिक्स' की सबसे तीखी आलोचनाओं में गिना जाता है, जहाँ माना जाता है कि आम जनता तो भावनाओं में बह जाती है, पर फायदा सिर्फ कुछ नेताओं का होता है।
व्याख्या: यह कथन 'पार्टी-पॉलिटिक्स' की सबसे तीखी आलोचनाओं में गिना जाता है, जहाँ माना जाता है कि आम जनता तो भावनाओं में बह जाती है, पर फायदा सिर्फ कुछ नेताओं का होता है।
98. "संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक उपागम" (Structural-Functional Approach) का प्रयोग राजनीतिक दलों को परिभाषित करने के लिए किसने किया था?
सही उत्तर: C) राबर्ट सी. बोन (Robert C. Bone)
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट किया गया है कि राबर्ट सी. बोन ने राजनीतिक दलों की 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक' परिभाषा दी है, जो दलों की संरचना और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों (भर्ती, नीतियां) पर बल देती है।
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट किया गया है कि राबर्ट सी. बोन ने राजनीतिक दलों की 'संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक' परिभाषा दी है, जो दलों की संरचना और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों (भर्ती, नीतियां) पर बल देती है।
99. बहु-कथन प्रश्न: राजनीतिक दल और दबाव समूह (Pressure Group) के बीच समानता (Similarity) का क्या आधार है?
1. दोनों के निर्माण के लिए एक 'औपचारिक संगठन' (Formal Organization) का होना आवश्यक है।
2. दोनों 'संवैधानिक साधनों' का प्रयोग करते हैं।
3. दोनों ही सीधे चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।
4. दोनों ही समाज में जनमत (Public opinion) को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
सही कूट:
2. दोनों 'संवैधानिक साधनों' का प्रयोग करते हैं।
3. दोनों ही सीधे चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।
4. दोनों ही समाज में जनमत (Public opinion) को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
सही उत्तर: C) 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है। दबाव समूह कभी भी 'सत्ता प्राप्त करने के लिए चुनाव नहीं लड़ते' (जैसे किसान यूनियन या फिक्की)। चुनाव लड़ना केवल 'राजनीतिक दल' का काम है।
व्याख्या: कथन 3 गलत है। दबाव समूह कभी भी 'सत्ता प्राप्त करने के लिए चुनाव नहीं लड़ते' (जैसे किसान यूनियन या फिक्की)। चुनाव लड़ना केवल 'राजनीतिक दल' का काम है।
100. 'सम्पूर्ण निष्कर्ष' (Conclusion) के आधार पर, भारतीय दलीय व्यवस्था के भविष्य को लेकर क्या कहा जा सकता है?
सही उत्तर: B) कि 'क्षेत्रीय दलों का उदय' और 'गठबंधन सरकारों' की राजनीति ने सिद्ध किया है कि भारत में सत्ता का विकेन्द्रीकरण बढ़ रहा है।
व्याख्या: यह नोट्स का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष है। गठबंधन राजनीति (Coalition Politics) ने भारत के लोकतंत्र को अधिक 'समावेशी' (Inclusive) बना दिया है, क्योंकि अब क्षेत्रीय मुद्दे भी राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गए हैं।
व्याख्या: यह नोट्स का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष है। गठबंधन राजनीति (Coalition Politics) ने भारत के लोकतंत्र को अधिक 'समावेशी' (Inclusive) बना दिया है, क्योंकि अब क्षेत्रीय मुद्दे भी राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गए हैं।
📊 Performance Report
कुल प्रश्न (Total):100
सही उत्तर (Correct):0
गलत उत्तर (Incorrect):0
छोड़े गए (Unattempted):0
सटीकता (Accuracy):0%
★ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. राजनीतिक दल का प्राथमिक और अन्तिम उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: राजनीतिक दल का प्राथमिक उद्देश्य 'जनमत का निर्माण' करना होता है तथा उसका अन्तिम उद्देश्य चुनाव लड़कर 'सत्ता की प्राप्ति' करना होता है।
Q2. 'अल्पतन्त्र का लौह नियम' (Iron Law of Oligarchy) का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया?
उत्तर: यह सिद्धान्त रॉबर्ट मिचेल्स (Robert Michels) ने अपनी पुस्तक 'Political Parties' में दिया था। उनके अनुसार दल का नेतृत्व अन्ततः कुछ चुनिंदा विशिष्ट लोगों (गुट) के हाथों में ही आ जाता है।
Q3. मॉरिस डुवर्जर ने संगठन के आधार पर राजनीतिक दलों के कौन-से 4 बुनियादी तत्त्व बताए हैं?
उत्तर: मॉरिस डुवर्जर ने संगठन के 4 बुनियादी तत्त्व बताए हैं: 1. काकस (Caucus), 2. शाखा (Branch), 3. प्रकोष्ठ/सेल (Cell), और 4. मिलिशिया/नागरिक सेना (Militia)।
Q4. राजनीतिक दलों की उत्पत्ति के सन्दर्भ में 'ऐतिहासिक संकट का सिद्धान्त' किसने दिया?
उत्तर: यह सिद्धान्त मुख्य रूप से ला पालोम्बारा (La Palombara) और मायरन वीनर (Myron Weiner) ने दिया, जिसमें तीन प्रमुख संकट बताए गए हैं: वैधता, सहभागिता, और प्रादेशिक एकीकरण का संकट।
Q5. सारटोरी (Sartori) द्वारा बहु-दलीय प्रणाली को किन दो भागों में बाँटा गया है?
उत्तर: सारटोरी ने बहु-दलीय प्रणाली को दो भागों में बाँटा है: 1. संयमित (Moderate) बहु-दलीय प्रणाली (जिसमें ध्रुवीकरण कम होता है) और 2. ध्रुवीकृत (Polarized) बहु-दलीय प्रणाली (जिसमें वैचारिक दूरियाँ बहुत अधिक होती हैं और गतिहीनता आती है)।
