राजनीतिक सिद्धांत और उपागम : 100 अति महत्वपूर्ण MCQs
| राजनीतिक सिद्धांत: स्वरूप, उपागम एवं ऐतिहासिक विकास (100 MCQs) |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह इंटरैक्टिव मॉक टेस्ट राजनीतिक सिद्धांत और उसके विभिन्न उपागमों (Approaches) के अभ्यास के लिए तैयार किया गया है। इसमें परम्परागत व आधुनिक दृष्टिकोण, व्यवहारवाद, उत्तर-व्यवहारवाद और प्रमुख विचारकों के कथनों पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का संग्रह है। यह टेस्ट UPSC, State PCS, UGC NET/JRF, TGT, PGT परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। अपना उत्तर चुनें और तुरंत व्याख्या देखें! |
1. राजनीति विज्ञान का जनक किसे माना जाता है?
सही उत्तर: B) अरस्तू
व्याख्या: अरस्तू पहले विचारक थे जिन्होंने राजनीतिशास्त्र और नीतिशास्त्र में अंतर किया तथा राजनीति का क्रमबद्ध और वैज्ञानिक अध्ययन किया, इसलिए उन्हें राजनीति विज्ञान का जनक माना जाता है।
व्याख्या: अरस्तू पहले विचारक थे जिन्होंने राजनीतिशास्त्र और नीतिशास्त्र में अंतर किया तथा राजनीति का क्रमबद्ध और वैज्ञानिक अध्ययन किया, इसलिए उन्हें राजनीति विज्ञान का जनक माना जाता है।
2. डेविड ईस्टन द्वारा 1969 में किस नई विचारधारा (आन्दोलन) की नींव रखी गई?
सही उत्तर: C) उत्तर-व्यवहारवाद
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने 1969 में अमेरिकन पोलिटिकल साइंस एसोसिएसन (APSA) के सम्मेलन में व्यवहारवाद की कमियों को दूर करने के लिए 'उत्तर-व्यवहारवाद' की शुरुआत की।
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने 1969 में अमेरिकन पोलिटिकल साइंस एसोसिएसन (APSA) के सम्मेलन में व्यवहारवाद की कमियों को दूर करने के लिए 'उत्तर-व्यवहारवाद' की शुरुआत की।
3. "इतिहास अतीत की राजनीति है, राजनीति वर्तमान का इतिहास।" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: B) फ्रीमैन (Freeman)
व्याख्या: फ्रीमैन ने इतिहास और राजनीति के बीच अटूट संबंध बताते हुए कहा था कि जो आज राजनीति है, वही कल इतिहास बन जाएगी।
व्याख्या: फ्रीमैन ने इतिहास और राजनीति के बीच अटूट संबंध बताते हुए कहा था कि जो आज राजनीति है, वही कल इतिहास बन जाएगी।
4. राजनीतिशास्त्र का उदय सर्वप्रथम किस देश में हुआ था?
सही उत्तर: B) यूनान (Greece)
व्याख्या: राजनीतिशास्त्र का उदय सर्वप्रथम प्राचीन यूनान के नगर-राज्यों (Polis) में हुआ, जहाँ प्लेटो और अरस्तू जैसे विचारकों ने इसके सिद्धांत गढ़े।
व्याख्या: राजनीतिशास्त्र का उदय सर्वप्रथम प्राचीन यूनान के नगर-राज्यों (Polis) में हुआ, जहाँ प्लेटो और अरस्तू जैसे विचारकों ने इसके सिद्धांत गढ़े।
5. परम्परागत राजनीतिक सिद्धांत (Traditional Political Theory) का दृष्टिकोण मुख्य रूप से कैसा था?
सही उत्तर: A) मूल्य-आधारित और दार्शनिक
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत मूल्यों, नैतिकता और आदर्शों पर आधारित था। यह 'राज्य क्या है' के बजाय 'राज्य कैसा होना चाहिए' (What ought to be) पर अधिक बल देता था।
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत मूल्यों, नैतिकता और आदर्शों पर आधारित था। यह 'राज्य क्या है' के बजाय 'राज्य कैसा होना चाहिए' (What ought to be) पर अधिक बल देता था।
6. 'Political Man' नामक प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन हैं?
सही उत्तर: C) सीमोर लिपसेट
व्याख्या: 'Political Man: The Social Bases of Politics' सीमोर लिपसेट द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कृति है।
व्याख्या: 'Political Man: The Social Bases of Politics' सीमोर लिपसेट द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कृति है।
7. "राजनीतिशास्त्र का उदय और अंत राज्य के साथ होता है।" आधुनिक काल में राजनीतिशास्त्र की यह सर्वश्रेष्ठ परिभाषा किसने दी?
सही उत्तर: B) गार्नर (Garner)
व्याख्या: गार्नर ने राज्य को राजनीति विज्ञान का केंद्रीय विषय मानते हुए यह परिभाषा दी थी, जो अत्यंत प्रामाणिक मानी जाती है।
व्याख्या: गार्नर ने राज्य को राजनीति विज्ञान का केंद्रीय विषय मानते हुए यह परिभाषा दी थी, जो अत्यंत प्रामाणिक मानी जाती है।
8. व्यवहारवाद (Behavioralism) का बौद्धिक जनक किसे माना जाता है?
सही उत्तर: B) चार्ल्स मेरियम (Charles Merriam)
व्याख्या: 1925 में अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय (Chicago School) में चार्ल्स मेरियम ने व्यवहारवाद की ठोस नींव रखी। उन्हें व्यवहारवाद का बौद्धिक जनक माना जाता है।
व्याख्या: 1925 में अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय (Chicago School) में चार्ल्स मेरियम ने व्यवहारवाद की ठोस नींव रखी। उन्हें व्यवहारवाद का बौद्धिक जनक माना जाता है।
9. राजनीति विज्ञान के अध्ययन में 'निगमन पद्धति' (Deductive Method) का प्रयोग मुख्य रूप से किस उपागम में किया गया?
सही उत्तर: A) परम्परागत उपागम
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत में निगमन (चिंतनमूलक) पद्धति को महत्व दिया गया, जो अनुभव या प्रयोग पर आधारित न होकर केवल तर्क-वितर्क (Philosophy) पर आधारित थी।
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत में निगमन (चिंतनमूलक) पद्धति को महत्व दिया गया, जो अनुभव या प्रयोग पर आधारित न होकर केवल तर्क-वितर्क (Philosophy) पर आधारित थी।
10. "राजनीति किसी परेशानी को ढूंढ़ने, उसे खोज निकालने (चाहे उसका अस्तित्व हो या न हो), उसका गलत कारण बताने और उसका गलत हल ढूढ़ निकालने की कला है।" यह व्यंग्यात्मक कथन किसका है?
सही उत्तर: C) अर्नेस्ट बेन (Ernest Benn)
व्याख्या: अर्नेस्ट बेन ने राजनेताओं की कार्यप्रणाली पर कड़ा व्यंग्य करते हुए राजनीति की यह परिभाषा दी थी।
व्याख्या: अर्नेस्ट बेन ने राजनेताओं की कार्यप्रणाली पर कड़ा व्यंग्य करते हुए राजनीति की यह परिभाषा दी थी।
11. 'अंतरविषयक उपागम' (Interdisciplinary Approach) का जन्म राजनीतिशास्त्र में किसने किया?
सही उत्तर: B) चार्ल्स मेरियम
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम ने राजनीतिशास्त्र को समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे अन्य विषयों से जोड़कर (अंतः अनुशासनात्मक उपागम) पढ़ने पर बल दिया।
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम ने राजनीतिशास्त्र को समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे अन्य विषयों से जोड़कर (अंतः अनुशासनात्मक उपागम) पढ़ने पर बल दिया।
12. अरस्तू ने अपनी किस प्रसिद्ध पुस्तक में सर्वप्रथम 'राजनीति' (Politics) शब्द का प्रयोग किया था?
सही उत्तर: B) दी पॉलिटिक्स (The Politics)
व्याख्या: अरस्तू की महान रचना 'द पॉलिटिक्स' है, जिसमें उन्होंने पहली बार यूनानी नगर-राज्यों के व्यवस्थित अध्ययन के लिए इस शब्द का प्रयोग किया।
व्याख्या: अरस्तू की महान रचना 'द पॉलिटिक्स' है, जिसमें उन्होंने पहली बार यूनानी नगर-राज्यों के व्यवस्थित अध्ययन के लिए इस शब्द का प्रयोग किया।
13. सीले (Seeley) और लीकाक (Leacock) राजनीतिशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र किसे मानते हैं?
सही उत्तर: B) केवल सरकार को
व्याख्या: जहाँ ब्लंटशली और गार्नर राजनीति विज्ञान को केवल राज्य का अध्ययन मानते हैं, वहीं सीले और लीकाक इसे केवल 'सरकार' का अध्ययन मानते हैं।
व्याख्या: जहाँ ब्लंटशली और गार्नर राजनीति विज्ञान को केवल राज्य का अध्ययन मानते हैं, वहीं सीले और लीकाक इसे केवल 'सरकार' का अध्ययन मानते हैं।
14. 1908 में प्रकाशित 'Human Nature in Politics' पुस्तक के लेखक कौन हैं, जिसे आधुनिक उपागम का अग्रदूत माना जाता है?
सही उत्तर: B) ग्राहम वालेस (Graham Wallas)
व्याख्या: ग्राहम वालेस ने मनोविज्ञान की प्रेरणा से राजनीति के अध्ययन में 'व्यक्ति के व्यवहार' को प्रमुखता दी थी।
व्याख्या: ग्राहम वालेस ने मनोविज्ञान की प्रेरणा से राजनीति के अध्ययन में 'व्यक्ति के व्यवहार' को प्रमुखता दी थी।
15. "जब मैं 'राजनीति विज्ञान' शीर्षक के अंतर्गत अच्छे प्रश्नों के समूह को देखता हूँ तो मुझे प्रश्नों पर नहीं, बल्कि शीर्षक पर खेद होता है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: A) मेटलैण्ड (Maitland)
व्याख्या: मेटलैण्ड ने परम्परागत राजनीतिशास्त्र के अवैज्ञानिक होने पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि इसे 'विज्ञान' (Science) कहना गलत है।
व्याख्या: मेटलैण्ड ने परम्परागत राजनीतिशास्त्र के अवैज्ञानिक होने पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि इसे 'विज्ञान' (Science) कहना गलत है।
16. 'The End of Ideology' (विचारधारा का अंत) नामक प्रसिद्ध पुस्तक किसने लिखी है?
सही उत्तर: B) डेनियल बेल (Daniel Bell)
व्याख्या: डेनियल बेल ने 'The End of Ideology' पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि पुरानी विचारधाराएं अब समाप्त हो चुकी हैं।
व्याख्या: डेनियल बेल ने 'The End of Ideology' पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि पुरानी विचारधाराएं अब समाप्त हो चुकी हैं।
17. व्यवहारवादी उपागम (Behavioral Approach) का मुख्य अध्ययन केंद्र क्या था?
सही उत्तर: C) मनुष्य का राजनीतिक व्यवहार (Political Behavior)
व्याख्या: 20वीं सदी में व्यवहारवाद ने संस्थाओं के स्थान पर मनुष्यों के वास्तविक राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का केंद्र बना दिया।
व्याख्या: 20वीं सदी में व्यवहारवाद ने संस्थाओं के स्थान पर मनुष्यों के वास्तविक राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का केंद्र बना दिया।
18. "राजनीति के बिना इतिहास निष्फल है, इतिहास के बिना राजनीति निर्मूल।" यह कथन किस विचारक का है?
सही उत्तर: B) सीले (Seeley)
व्याख्या: सीले ने इतिहास और राजनीतिशास्त्र के घनिष्ठ संबंध पर जोर देते हुए यह प्रसिद्ध कथन दिया था।
व्याख्या: सीले ने इतिहास और राजनीतिशास्त्र के घनिष्ठ संबंध पर जोर देते हुए यह प्रसिद्ध कथन दिया था।
19. डेविड ईस्टन द्वारा प्रस्तुत 'उत्तर-व्यवहारवाद' (Post-Behavioralism) के दो मुख्य नारे क्या थे?
सही उत्तर: C) कर्म और प्रासंगिकता (Action & Relevance)
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने कहा कि राजनीति विज्ञान को केवल प्रयोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे समाज की समस्याओं को सुलझाने (Action) और समसामयिक प्रासंगिकता (Relevance) पर ध्यान देना चाहिए।
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने कहा कि राजनीति विज्ञान को केवल प्रयोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे समाज की समस्याओं को सुलझाने (Action) और समसामयिक प्रासंगिकता (Relevance) पर ध्यान देना चाहिए।
20. "राजनीतिशास्त्र विज्ञानों का विज्ञान (Master Science) है।" यह किसने कहा था?
सही उत्तर: B) अरस्तू
व्याख्या: अरस्तू ने राजनीति को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानते हुए इसे 'सर्वोच्च विज्ञान' या 'Master Science' की संज्ञा दी।
व्याख्या: अरस्तू ने राजनीति को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानते हुए इसे 'सर्वोच्च विज्ञान' या 'Master Science' की संज्ञा दी।
21. परम्परागत राजनीतिक सिद्धांत का प्रमुख दोष क्या था जिसके कारण इसका पतन हुआ?
सही उत्तर: B) यह यथार्थ से दूर केवल आदर्शवाद और कल्पनाओं में उलझा रहा।
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत वास्तविकता को समझने में विफल रहा और केवल 'राज्य कैसा होना चाहिए' की कल्पना करता रहा, जिसका दुष्परिणाम प्रथम विश्व युद्ध के रूप में सामने आया।
व्याख्या: परम्परागत सिद्धांत वास्तविकता को समझने में विफल रहा और केवल 'राज्य कैसा होना चाहिए' की कल्पना करता रहा, जिसका दुष्परिणाम प्रथम विश्व युद्ध के रूप में सामने आया।
22. 'Polis' (पॉलिस) शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: B) नगर राज्य (City-State)
व्याख्या: प्राचीन यूनान में छोटे-छोटे स्वतंत्र शहर होते थे जिन्हें 'Polis' कहा जाता था। इन्हीं पॉलिस के प्रशासन का अध्ययन पॉलिटिक्स कहलाया।
व्याख्या: प्राचीन यूनान में छोटे-छोटे स्वतंत्र शहर होते थे जिन्हें 'Polis' कहा जाता था। इन्हीं पॉलिस के प्रशासन का अध्ययन पॉलिटिक्स कहलाया।
23. किसने राजनीति को 'सम्भाव्य कला' (Art of the possible) कहा है?
सही उत्तर: A) बिस्मार्क (Bismarck)
व्याख्या: जर्मनी के एकीकरण के जनक बिस्मार्क ने राजनीति को एक कला (Art) माना था, जिसमें परिस्थितियों के अनुसार संभव कार्य किए जाते हैं।
व्याख्या: जर्मनी के एकीकरण के जनक बिस्मार्क ने राजनीति को एक कला (Art) माना था, जिसमें परिस्थितियों के अनुसार संभव कार्य किए जाते हैं।
24. व्यवहारवादी राजनीति विज्ञान ने राजनीतिशास्त्र को कैसा बनाया?
सही उत्तर: B) मूल्य निरपेक्ष (Value-free)
व्याख्या: व्यवहारवाद ने राजनीति से नैतिकता और मूल्यों (Values) को हटाकर पूरी तरह से तथ्यों (Facts) और वैज्ञानिक विश्लेषण पर जोर दिया।
व्याख्या: व्यवहारवाद ने राजनीति से नैतिकता और मूल्यों (Values) को हटाकर पूरी तरह से तथ्यों (Facts) और वैज्ञानिक विश्लेषण पर जोर दिया।
25. सर फ्रेडरिक पोलक ने राजनीतिक सिद्धांत को किन दो भागों में बाँटा है?
सही उत्तर: B) सैद्धांतिक राजनीति और व्यावहारिक राजनीति
व्याख्या: पोलक ने इसे Theoretical Politics (राज्य की मूल समस्याएं) और Practical Politics (सरकार की वास्तविक कार्यपद्धति) में विभाजित किया।
व्याख्या: पोलक ने इसे Theoretical Politics (राज्य की मूल समस्याएं) और Practical Politics (सरकार की वास्तविक कार्यपद्धति) में विभाजित किया।
26. 'दार्शनिक राजनीति' (Philosophical Politics) का जनक किसे माना जाता है?
सही उत्तर: B) प्लेटो
व्याख्या: प्लेटो ने राजनीति को नीतिशास्त्र से अलग नहीं किया और इसे पूरी तरह दर्शन (आदर्शवाद) पर आधारित रखा, इसलिए उन्हें दार्शनिक राजनीति का जनक कहते हैं।
व्याख्या: प्लेटो ने राजनीति को नीतिशास्त्र से अलग नहीं किया और इसे पूरी तरह दर्शन (आदर्शवाद) पर आधारित रखा, इसलिए उन्हें दार्शनिक राजनीति का जनक कहते हैं।
27. "राजनीति विज्ञान मौसम विज्ञान (Meteorology) की तरह एक अनिश्चित विज्ञान है।" यह किसने कहा?
सही उत्तर: B) लॉर्ड ब्राइस
व्याख्या: जिस तरह मौसम की सटीक भविष्यवाणी मुश्किल है, ब्राइस का मानना था कि मनुष्य के व्यवहार पर आधारित होने के कारण राजनीति की भी सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है।
व्याख्या: जिस तरह मौसम की सटीक भविष्यवाणी मुश्किल है, ब्राइस का मानना था कि मनुष्य के व्यवहार पर आधारित होने के कारण राजनीति की भी सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है।
28. 1908 में प्रकाशित 'The Process of Government' जिसमें समूहों के व्यवहार पर ध्यान केंद्रित किया गया, के लेखक कौन हैं?
सही उत्तर: B) आर्थर बेंटले (Arthur Bentley)
व्याख्या: समाजविज्ञान की प्रेरणा से आर्थर बेंटले ने राजनीति में संस्थाओं के बजाय 'समूहों के व्यवहार' के अध्ययन को प्रमुखता दी थी।
व्याख्या: समाजविज्ञान की प्रेरणा से आर्थर बेंटले ने राजनीति में संस्थाओं के बजाय 'समूहों के व्यवहार' के अध्ययन को प्रमुखता दी थी।
29. राजनीति विज्ञान का कौन सा उपागम भौतिकी और रसायन (Natural Sciences) की तरह सार्वभौमिक सिद्धान्त के निर्माण का प्रयास करता है?
सही उत्तर: B) व्यवहारवादी (आधुनिक) उपागम
व्याख्या: व्यवहारवाद ने प्राकृतिक विज्ञानों की तरह प्रयोग और परीक्षण (Empirical) के आधार पर मनुष्य के व्यवहार के सार्वभौमिक नियम खोजने की कोशिश की।
व्याख्या: व्यवहारवाद ने प्राकृतिक विज्ञानों की तरह प्रयोग और परीक्षण (Empirical) के आधार पर मनुष्य के व्यवहार के सार्वभौमिक नियम खोजने की कोशिश की।
30. 'Political Science and Government' (राजनीति विज्ञान और सरकार) पुस्तक किसने लिखी है?
सही उत्तर: A) गार्नर (Garner)
व्याख्या: जेम्स विल्फोर्ड गार्नर ने यह प्रसिद्ध पुस्तक लिखी है, जिसमें उन्होंने राज्य को राजनीतिशास्त्र का प्रारंभ और अंत माना है।
व्याख्या: जेम्स विल्फोर्ड गार्नर ने यह प्रसिद्ध पुस्तक लिखी है, जिसमें उन्होंने राज्य को राजनीतिशास्त्र का प्रारंभ और अंत माना है।
31. "राजनीतिशास्त्र का सम्बन्ध संगठित राज्यों से सम्बंधित मनुष्य के जीवन से है।" यह परिभाषा किसने दी?
सही उत्तर: A) लास्की (Laski)
व्याख्या: हैरोल्ड लास्की ने राजनीति विज्ञान को व्यक्ति और उसके संगठित राज्य के साथ संबंधों का अध्ययन बताया है।
व्याख्या: हैरोल्ड लास्की ने राजनीति विज्ञान को व्यक्ति और उसके संगठित राज्य के साथ संबंधों का अध्ययन बताया है।
32. उत्तर-व्यवहारवाद (Post-Behavioralism) ने राजनीतिशास्त्र में क्या महत्वपूर्ण बदलाव किया?
सही उत्तर: B) तथ्यों (Facts) और मूल्यों (Values) दोनों का समन्वय कर दिया।
व्याख्या: जहाँ व्यवहारवाद ने मूल्यों की उपेक्षा की थी, वहीं उत्तर-व्यवहारवाद ने स्वीकार किया कि समाज की भलाई के लिए वैज्ञानिक तथ्यों के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।
व्याख्या: जहाँ व्यवहारवाद ने मूल्यों की उपेक्षा की थी, वहीं उत्तर-व्यवहारवाद ने स्वीकार किया कि समाज की भलाई के लिए वैज्ञानिक तथ्यों के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।
33. प्राचीन भारत के किस विचारक ने अपनी पुस्तक में राज्य सिद्धांत की अपेक्षा 'शासन कला' और 'दण्ड नीति' पर अधिक बल दिया?
सही उत्तर: B) कौटिल्य
व्याख्या: कौटिल्य (चाणक्य) ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सैद्धांतिक पक्ष से ज़्यादा व्यावहारिक शासन कला, कूटनीति और दण्ड नीति का वर्णन किया है।
व्याख्या: कौटिल्य (चाणक्य) ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सैद्धांतिक पक्ष से ज़्यादा व्यावहारिक शासन कला, कूटनीति और दण्ड नीति का वर्णन किया है।
34. "राजनीति का सरोकार शक्ति को संवारने और मिल-बाँट कर उसका प्रयोग करने से है (शक्ति क्यों, क्या और कैसे)।" यह विचार किसका है?
सही उत्तर: A) हैरोल्ड लासवेल
व्याख्या: लासवेल व्यवहारवाद के प्रमुख समर्थक थे, जिनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'Politics: Who Gets What, When, How' है। उन्होंने राजनीति को शक्ति के वितरण का अध्ययन माना।
व्याख्या: लासवेल व्यवहारवाद के प्रमुख समर्थक थे, जिनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'Politics: Who Gets What, When, How' है। उन्होंने राजनीति को शक्ति के वितरण का अध्ययन माना।
35. 'The End of History' (इतिहास का अंत) के लेखक कौन हैं?
सही उत्तर: C) फ्रांसिस फुकियामा
व्याख्या: शीत युद्ध की समाप्ति पर फुकियामा ने यह पुस्तक लिखी थी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि उदारवादी लोकतंत्र (Liberal Democracy) मानव सभ्यता के राजनीतिक विकास का अंतिम चरण है।
व्याख्या: शीत युद्ध की समाप्ति पर फुकियामा ने यह पुस्तक लिखी थी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि उदारवादी लोकतंत्र (Liberal Democracy) मानव सभ्यता के राजनीतिक विकास का अंतिम चरण है।
36. राजनीतिशास्त्र के अध्ययन की ऐतिहासिक पद्धति (Historical Method) का प्रयोग मुख्य रूप से किन विचारकों ने किया?
सही उत्तर: B) मैकियावेली, कार्ल मार्क्स, अरस्तू
व्याख्या: इन विचारकों ने अतीत की घटनाओं और ऐतिहासिक विकास-क्रम के आधार पर अपने राजनीतिक सिद्धांतों का निर्माण किया।
व्याख्या: इन विचारकों ने अतीत की घटनाओं और ऐतिहासिक विकास-क्रम के आधार पर अपने राजनीतिक सिद्धांतों का निर्माण किया।
37. राजनीति का शाब्दिक अर्थ क्या है?
सही उत्तर: B) सार्वजनिक हित में किया गया कार्य
व्याख्या: राजनीति (राज + नीति) का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर रहने वाले नागरिकों के सार्वजनिक हित के लिए नीतियाँ और कानून बनाना है।
व्याख्या: राजनीति (राज + नीति) का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर रहने वाले नागरिकों के सार्वजनिक हित के लिए नीतियाँ और कानून बनाना है।
38. गैटल (Gettell), गिलक्राइस्ट, और मैकाइवर के अनुसार राजनीतिशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र क्या है?
सही उत्तर: C) राज्य और सरकार दोनों का अध्ययन
व्याख्या: इन विचारकों का मानना था कि राज्य (एक अमूर्त संस्था) और सरकार (उसकी मूर्त कार्यपालिका) दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, अतः दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
व्याख्या: इन विचारकों का मानना था कि राज्य (एक अमूर्त संस्था) और सरकार (उसकी मूर्त कार्यपालिका) दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, अतः दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
39. "व्यवहारवाद परम्परागत राजनीति में एक आन्दोलन है।" यह कथन किसका है?
सही उत्तर: A) राबर्ट डाहल (Robert Dahl)
व्याख्या: डाहल ने व्यवहारवाद को परम्परागत तरीकों के खिलाफ एक बौद्धिक क्रांति (आन्दोलन) माना जो राजनीति को वैज्ञानिक बनाना चाहता था।
व्याख्या: डाहल ने व्यवहारवाद को परम्परागत तरीकों के खिलाफ एक बौद्धिक क्रांति (आन्दोलन) माना जो राजनीति को वैज्ञानिक बनाना चाहता था।
40. राजनीति विज्ञान के अध्ययन में 'उपागम' (Approach) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) विषय को देखने का दृष्टिकोण (Point of view)
व्याख्या: उपागम वह दृष्टिकोण है जिससे हम किसी समस्या को देखते हैं, जबकि 'पद्धति' (Method) उस समस्या को सुलझाने या ज्ञान प्राप्त करने की तकनीक है। (उपागम = पद्धति + केन्द्रीय समस्या)।
व्याख्या: उपागम वह दृष्टिकोण है जिससे हम किसी समस्या को देखते हैं, जबकि 'पद्धति' (Method) उस समस्या को सुलझाने या ज्ञान प्राप्त करने की तकनीक है। (उपागम = पद्धति + केन्द्रीय समस्या)।
41. ' Primary Election' पुस्तक किसने लिखी है, जो व्यवहारवाद के बौद्धिक जनक भी कहलाते हैं?
सही उत्तर: C) चार्ल्स मेरियम
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम शिकागो स्कूल के प्रमुख थे, जहाँ से व्यवहारवाद की शुरुआत हुई।
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम शिकागो स्कूल के प्रमुख थे, जहाँ से व्यवहारवाद की शुरुआत हुई।
42. इतिहास और राजनीति के संबंध में किसने कहा था— "इतिहास के उदार प्रभाव के बिना राजनीति बर्बर है, और राजनीति के साथ अपना सम्बन्ध भुला देने से इतिहास साहित्य मात्र रह जाता है"?
सही उत्तर: B) सीले
व्याख्या: सीले ने स्पष्ट किया कि इतिहास राजनीति को परिपक्व बनाता है और राजनीति इतिहास को अर्थपूर्ण बनाती है, अन्यथा इतिहास केवल एक कहानी (साहित्य) बन कर रह जाएगा।
व्याख्या: सीले ने स्पष्ट किया कि इतिहास राजनीति को परिपक्व बनाता है और राजनीति इतिहास को अर्थपूर्ण बनाती है, अन्यथा इतिहास केवल एक कहानी (साहित्य) बन कर रह जाएगा।
43. किस दृष्टिकोण में राजनीतिशास्त्र को 'स्वायत्त' (Autonomous) नहीं माना गया और यह दर्शन, इतिहास और कानून पर आश्रित रहा?
सही उत्तर: A) परम्परागत उपागम
व्याख्या: 16वीं से 19वीं सदी तक राजनीतिशास्त्र अपना खुद का स्वतंत्र विषय नहीं बन सका था, यह अन्य विषयों की चारदीवारी में ही सीमित था।
व्याख्या: 16वीं से 19वीं सदी तक राजनीतिशास्त्र अपना खुद का स्वतंत्र विषय नहीं बन सका था, यह अन्य विषयों की चारदीवारी में ही सीमित था।
44. "राजनीतिशास्त्र शासन के तत्वों का अनुसंधान उसी प्रकार से करता है जैसे अर्थशास्त्र धन का, जीव विज्ञान जीव का... अध्ययन करता है।" यह विचार किसका है?
सही उत्तर: B) सीले (Seeley)
व्याख्या: सीले ने राजनीति विज्ञान को अन्य विषयों के समानांतर रखते हुए इसका क्षेत्र केवल 'शासन' (Government) तक सीमित माना था।
व्याख्या: सीले ने राजनीति विज्ञान को अन्य विषयों के समानांतर रखते हुए इसका क्षेत्र केवल 'शासन' (Government) तक सीमित माना था।
45. अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय (Chicago School) में 1925 में किस उपागम की वास्तविक शुरुआत हुई?
सही उत्तर: C) व्यवहारवाद (आधुनिक राजनीतिक सिद्धान्त)
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम की अध्यक्षता में शिकागो स्कूल में पारंपरिक दृष्टिकोण को त्यागकर 'व्यवहारवाद' पर ध्यान केंद्रित किया गया।
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम की अध्यक्षता में शिकागो स्कूल में पारंपरिक दृष्टिकोण को त्यागकर 'व्यवहारवाद' पर ध्यान केंद्रित किया गया।
46. "राजनीति विज्ञान के अंतर्गत राज्य के अतीत, वर्तमान और भविष्य तथा राजनीतिक संगठन और राजनीति के मूल तत्वों का अध्ययन किया जाता है।" यह परिभाषा किसने दी?
सही उत्तर: C) गैटल (Gettell)
व्याख्या: गैटल ने राज्य के तीनों कालों (अतीत, वर्तमान, भविष्य) के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का विषय माना है।
व्याख्या: गैटल ने राज्य के तीनों कालों (अतीत, वर्तमान, भविष्य) के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का विषय माना है।
47. डेविड ईस्टन द्वारा प्रस्तुत 'मूल्यों का आधिकारिक आवंटन' (Authoritative Allocation of Values) का सिद्धांत किस उपागम से संबंधित है?
सही उत्तर: B) व्यवहारवादी (व्यवस्था सिद्धांत) उपागम
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने राजनीति को 'मूल्यों के आधिकारिक आवंटन' के रूप में परिभाषित करते हुए 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल दिया, जो व्यवहारवाद का हिस्सा है।
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने राजनीति को 'मूल्यों के आधिकारिक आवंटन' के रूप में परिभाषित करते हुए 'आगत-निर्गत' (Input-Output) मॉडल दिया, जो व्यवहारवाद का हिस्सा है।
48. किस विचारक ने इतिहास को राजनीतिशास्त्र का 'तीसरा आयाम' (Third Dimension) माना है?
सही उत्तर: C) विलोबी (Willoughby)
व्याख्या: विलोबी ने इतिहास के महत्व को स्वीकार करते हुए इसे राजनीति का तीसरा आयाम कहा है।
व्याख्या: विलोबी ने इतिहास के महत्व को स्वीकार करते हुए इसे राजनीति का तीसरा आयाम कहा है।
49. परम्परागत दृष्टिकोण का काल मुख्य रूप से कब से कब तक माना जाता है?
सही उत्तर: B) 16वीं शताब्दी से 19वीं शताब्दी तक
व्याख्या: 16वीं सदी (मैकियावेली के समय) से लेकर 19वीं सदी और द्वितीय विश्व युद्ध से ठीक पहले तक का काल परम्परागत राजनीतिशास्त्र का काल माना जाता है।
व्याख्या: 16वीं सदी (मैकियावेली के समय) से लेकर 19वीं सदी और द्वितीय विश्व युद्ध से ठीक पहले तक का काल परम्परागत राजनीतिशास्त्र का काल माना जाता है।
50. व्यवहारवादी उपागम की असफलता का सबसे बड़ा कारण क्या था, जिसके कारण डेविड ईस्टन को उत्तर-व्यवहारवाद लाना पड़ा?
सही उत्तर: B) मनुष्य के व्यवहार में 'नियमितता' खोजना संभव नहीं था...
व्याख्या: डेविड ईस्टन मनुष्यों के व्यवहार के आधार पर कोई भी सार्वभौमिक सिद्धांत (यंत्रवत मॉडल) नहीं बना पाए क्योंकि मनुष्य की सोच बदलती रहती है। साथ ही, यह समाज की तत्कालीन समस्याओं को सुलझाने में विफल रहा।
व्याख्या: डेविड ईस्टन मनुष्यों के व्यवहार के आधार पर कोई भी सार्वभौमिक सिद्धांत (यंत्रवत मॉडल) नहीं बना पाए क्योंकि मनुष्य की सोच बदलती रहती है। साथ ही, यह समाज की तत्कालीन समस्याओं को सुलझाने में विफल रहा।
51. 'राजनीतिशास्त्र राज्य, सरकार व कानून की व्याख्या करता है।' यह कथन है?
सही उत्तर: A) विलोबी
व्याख्या: विलोबी ने राज्य, सरकार और कानून तीनों को इसका क्षेत्र माना।
व्याख्या: विलोबी ने राज्य, सरकार और कानून तीनों को इसका क्षेत्र माना।
52. "राजनीतिशास्त्र इतिहास की चारदीवारी में फला फूला, यहाँ तथ्यों का संकलन तो हुआ लेकिन विश्लेषण नहीं।" यह किसने कहा?
सही उत्तर: C) राबर्ट सी. बोन
व्याख्या: बोन ने परम्परागत दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल इतिहास में कैद रहा और यथार्थ का विश्लेषण नहीं किया।
व्याख्या: बोन ने परम्परागत दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल इतिहास में कैद रहा और यथार्थ का विश्लेषण नहीं किया।
53. राजनीतिशास्त्र को 'विज्ञान' कहने का मुख्य आधार क्या है?
सही उत्तर: C) तथ्यों का क्रमबद्ध अध्ययन
व्याख्या: विज्ञान का मूल अर्थ है किसी भी विषय का व्यवस्थित और क्रमबद्ध (Systematic) अध्ययन करना।
व्याख्या: विज्ञान का मूल अर्थ है किसी भी विषय का व्यवस्थित और क्रमबद्ध (Systematic) अध्ययन करना।
54. विलियम गॉडविन (William Godwin) ने राजनीति को क्या नाम दिया?
सही उत्तर: A) राजनीति विज्ञान
व्याख्या: गॉडविन ने इसे 'राजनीति विज्ञान' कहा, जबकि पोलक ने इसे 'राजनीति का विज्ञान' कहा।
व्याख्या: गॉडविन ने इसे 'राजनीति विज्ञान' कहा, जबकि पोलक ने इसे 'राजनीति का विज्ञान' कहा।
55. आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत का जन्म किस बड़ी विश्व घटना के बाद पूर्ण रूप से हुआ?
सही उत्तर: B) द्वितीय विश्व युद्ध
व्याख्या: यद्यपि 1925 में शिकागो स्कूल में इसकी शुरुआत हुई, पर पूर्ण रूप से व्यवहारवाद (आधुनिक सिद्धांत) WWII के बाद उभरा।
व्याख्या: यद्यपि 1925 में शिकागो स्कूल में इसकी शुरुआत हुई, पर पूर्ण रूप से व्यवहारवाद (आधुनिक सिद्धांत) WWII के बाद उभरा।
56. 'उपागम = पद्धति + ?' रिक्त स्थान भरें:
सही उत्तर: C) केन्द्रीय समस्या
व्याख्या: उपागम (Approach) = पद्धति (Method) + केन्द्रीय समस्या (Central Problem)।
व्याख्या: उपागम (Approach) = पद्धति (Method) + केन्द्रीय समस्या (Central Problem)।
57. परम्परागत उपागम की प्रकृति कैसी थी?
सही उत्तर: B) व्यक्तिनिष्ठ (Subjective)
व्याख्या: यह विचारक की अपनी कल्पनाओं और आदर्शों पर निर्भर था, इसलिए यह व्यक्तिनिष्ठ था।
व्याख्या: यह विचारक की अपनी कल्पनाओं और आदर्शों पर निर्भर था, इसलिए यह व्यक्तिनिष्ठ था।
58. व्यवहारवाद (Behavioralism) का दृष्टिकोण कैसा है?
सही उत्तर: A) वस्तुनिष्ठ (Objective)
व्याख्या: चूँकि यह प्रयोगों और तथ्यों पर आधारित है, इसलिए इसे वस्तुनिष्ठ माना जाता है, जो व्यक्तिगत भावनाओं से मुक्त हो।
व्याख्या: चूँकि यह प्रयोगों और तथ्यों पर आधारित है, इसलिए इसे वस्तुनिष्ठ माना जाता है, जो व्यक्तिगत भावनाओं से मुक्त हो।
59. राजनीति विज्ञान के अध्ययन में 'प्रत्यक्षवाद' (Positivism) पर किसने जोर दिया?
सही उत्तर: B) व्यवहारवादियों ने
व्याख्या: प्रत्यक्षवाद का अर्थ है कि ज्ञान केवल अवलोकन और अनुभव (Empirical) से ही प्राप्त किया जा सकता है। यह व्यवहारवाद की विशेषता है।
व्याख्या: प्रत्यक्षवाद का अर्थ है कि ज्ञान केवल अवलोकन और अनुभव (Empirical) से ही प्राप्त किया जा सकता है। यह व्यवहारवाद की विशेषता है।
60. वर्तमान में राजनीतिशास्त्र को क्या माना जाता है?
सही उत्तर: C) दर्शन और विज्ञान का समन्वय
व्याख्या: उत्तर-व्यवहारवाद के बाद आज राजनीति विज्ञान तथ्यों (विज्ञान) और मूल्यों (दर्शन) दोनों का समन्वय है।
व्याख्या: उत्तर-व्यवहारवाद के बाद आज राजनीति विज्ञान तथ्यों (विज्ञान) और मूल्यों (दर्शन) दोनों का समन्वय है।
61. "राजनीति विज्ञान का होना न तो सम्भव है न वांछनीय।" यह तीखी आलोचना किसने की?
सही उत्तर: A) बेयर्ड
व्याख्या: बेयर्ड ने परम्परागत राजनीति के अवैज्ञानिक रवैये के कारण इसे विज्ञान मानने से पूरी तरह इंकार कर दिया।
व्याख्या: बेयर्ड ने परम्परागत राजनीति के अवैज्ञानिक रवैये के कारण इसे विज्ञान मानने से पूरी तरह इंकार कर दिया।
62. "राजनीतिशास्त्र उसी प्रकार एक विज्ञान है जिस प्रकार नीति विज्ञान।" यह कथन है?
सही उत्तर: B) पोलक
व्याख्या: पोलक ने राजनीति को नीतिशास्त्र के समान एक विज्ञान माना।
व्याख्या: पोलक ने राजनीति को नीतिशास्त्र के समान एक विज्ञान माना।
63. व्यवहारवादी आन्दोलन को आगे बढ़ाने में किन संगठनों की प्रमुख भूमिका रही?
सही उत्तर: B) APSA और SSRC
व्याख्या: American Political Science Association और Social Science Research Council ने अमेरिका में व्यवहारवाद को बहुत बढ़ावा दिया।
व्याख्या: American Political Science Association और Social Science Research Council ने अमेरिका में व्यवहारवाद को बहुत बढ़ावा दिया।
64. 'अंतरविषयक उपागम' (Interdisciplinary Approach) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर: B) एक विषय पढ़ते समय अन्य विषयों की उपयुक्त सामग्री का उपयोग करना...
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम द्वारा लाये गए इस उपागम में राजनीति को समाजशास्त्र, मनोविज्ञान आदि की मदद से अधिक यथार्थवादी बनाया गया।
व्याख्या: चार्ल्स मेरियम द्वारा लाये गए इस उपागम में राजनीति को समाजशास्त्र, मनोविज्ञान आदि की मदद से अधिक यथार्थवादी बनाया गया।
65. राजनीतिशास्त्र में 'दार्शनिक पद्धति' का उपयोग मुख्यतः किसने किया?
सही उत्तर: A) प्लेटो, हीगल, कांट
व्याख्या: ये सभी आदर्शवादी विचारक थे जिन्होंने दर्शनशास्त्र के माध्यम से राजनीति को समझा।
व्याख्या: ये सभी आदर्शवादी विचारक थे जिन्होंने दर्शनशास्त्र के माध्यम से राजनीति को समझा।
66. मैकाइवर, स्पेंसर और कार्ल मार्क्स मुख्य रूप से किस विषय के विद्वान थे, जिनका प्रभाव राजनीतिशास्त्र पर पड़ा?
सही उत्तर: B) समाजशास्त्र (Sociology)
व्याख्या: इन विद्वानों ने समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से राज्य और समाज के संबंधों की व्याख्या की।
व्याख्या: इन विद्वानों ने समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से राज्य और समाज के संबंधों की व्याख्या की।
67. शक्तिवादी राजनीति (Power Politics) का संबंध किस उपागम से है?
सही उत्तर: B) आधुनिक (व्यवहारवादी)
व्याख्या: विज्ञान शक्ति का प्रतीक है, इसलिए आधुनिक/वैज्ञानिक उपागम को शक्तिवादी राजनीति भी कहा जाता है। कैटलिन और लासवेल इसके प्रमुख समर्थक हैं।
व्याख्या: विज्ञान शक्ति का प्रतीक है, इसलिए आधुनिक/वैज्ञानिक उपागम को शक्तिवादी राजनीति भी कहा जाता है। कैटलिन और लासवेल इसके प्रमुख समर्थक हैं।
68. "राज्य को परम्परा रीतिरिवाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।" यह कथन किस समाजशास्त्री/राजनीतिशास्त्री का है?
सही उत्तर: A) मैकाइवर
व्याख्या: मैकाइवर ने समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समाज को राज्य से बड़ा मानते हुए यह कहा था।
व्याख्या: मैकाइवर ने समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समाज को राज्य से बड़ा मानते हुए यह कहा था।
69. परम्परागत उपागम का उद्देश्य क्या था?
सही उत्तर: B) 'क्या होना चाहिए' (What ought to be) की स्थापना
व्याख्या: यह आदर्शवादी था, इसलिए यथार्थ के बजाय कल्पना और आदर्श (क्या होना चाहिए) पर केंद्रित था।
व्याख्या: यह आदर्शवादी था, इसलिए यथार्थ के बजाय कल्पना और आदर्श (क्या होना चाहिए) पर केंद्रित था।
70. "राजनीति और राजनीति विज्ञान एक-दूसरे के पर्याय हैं।" यह किसने माना?
सही उत्तर: A) लास्की
व्याख्या: लास्की ने राजनीति (Practical) और राजनीति विज्ञान (Theoretical) के बीच कोई भेद नहीं किया और इन्हें समानार्थी माना।
व्याख्या: लास्की ने राजनीति (Practical) और राजनीति विज्ञान (Theoretical) के बीच कोई भेद नहीं किया और इन्हें समानार्थी माना।
71. राजनीतिशास्त्र में 'कानूनी उपागम' (Legal Approach) का हिस्सा कौन सा दृष्टिकोण है?
सही उत्तर: A) परम्परागत उपागम
व्याख्या: परम्परागत राजनीतिशास्त्र में दार्शनिक, ऐतिहासिक, संस्थागत और कानूनी पद्धतियों (उपागमों) का उपयोग किया जाता था।
व्याख्या: परम्परागत राजनीतिशास्त्र में दार्शनिक, ऐतिहासिक, संस्थागत और कानूनी पद्धतियों (उपागमों) का उपयोग किया जाता था।
72. डेविड ईस्टन द्वारा 1969 में शुरू किया गया उत्तर-व्यवहारवाद किसके विरुद्ध प्रतिक्रिया थी?
सही उत्तर: C) व्यवहारवाद की कमियों के विरुद्ध
व्याख्या: जब व्यवहारवाद सामाजिक समस्याओं को सुलझाने में विफल रहा और केवल तकनीकी प्रयोगों में उलझ गया, तब ईस्टन ने उत्तर-व्यवहारवाद की घोषणा की।
व्याख्या: जब व्यवहारवाद सामाजिक समस्याओं को सुलझाने में विफल रहा और केवल तकनीकी प्रयोगों में उलझ गया, तब ईस्टन ने उत्तर-व्यवहारवाद की घोषणा की।
73. राजनीति का केन्द्रीय विषय (Central Subject) क्या है?
सही उत्तर: B) राज्य (State)
व्याख्या: राजनीति का मुख्य संबंध राज्य और उसके द्वारा नागरिकों के हित में किए जाने वाले कार्यों (नीतियों) से है।
व्याख्या: राजनीति का मुख्य संबंध राज्य और उसके द्वारा नागरिकों के हित में किए जाने वाले कार्यों (नीतियों) से है।
74. प्राचीन चीन के किस विचारक ने शासन कला और नीतिशास्त्र पर बल दिया?
सही उत्तर: A) कन्फ्यूशियस
व्याख्या: चीन के प्रसिद्ध दार्शनिक कन्फ्यूशियस ने राज्य के सैद्धांतिक पक्ष के बजाय राजा के नैतिक कर्तव्यों और शासन कला पर अधिक बल दिया।
व्याख्या: चीन के प्रसिद्ध दार्शनिक कन्फ्यूशियस ने राज्य के सैद्धांतिक पक्ष के बजाय राजा के नैतिक कर्तव्यों और शासन कला पर अधिक बल दिया।
75. अरस्तू ने किस आधार पर राजनीतिशास्त्र का क्रमबद्ध अध्ययन किया?
सही उत्तर: B) उसने राजनीतिशास्त्र और नीतिशास्त्र में अंतर किया।
व्याख्या: प्लेटो ने दोनों को एक माना था, लेकिन अरस्तू ने राजनीति को नीतिशास्त्र से अलग करके इसका वैज्ञानिक और व्यावहारिक अध्ययन शुरू किया।
व्याख्या: प्लेटो ने दोनों को एक माना था, लेकिन अरस्तू ने राजनीति को नीतिशास्त्र से अलग करके इसका वैज्ञानिक और व्यावहारिक अध्ययन शुरू किया।
76. "राजनीति विज्ञान का अध्ययन का सम्बन्ध संगठित राज्यों से सम्बंधित मनुष्य के जीवन से है।" यह कथन है?
सही उत्तर: A) लास्की
व्याख्या: लास्की ने व्यक्ति के जीवन को राज्य की संस्थाओं के साथ जोड़कर राजनीतिशास्त्र को परिभाषित किया।
व्याख्या: लास्की ने व्यक्ति के जीवन को राज्य की संस्थाओं के साथ जोड़कर राजनीतिशास्त्र को परिभाषित किया।
77. आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत का अन्य नाम क्या है?
सही उत्तर: C) व्यवहारवादी राजनीति विज्ञान (Behavioralism)
व्याख्या: आधुनिक उपागम पूरी तरह से मनुष्य के राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन पर केंद्रित है, इसलिए इसे व्यवहारवाद कहा जाता है।
व्याख्या: आधुनिक उपागम पूरी तरह से मनुष्य के राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन पर केंद्रित है, इसलिए इसे व्यवहारवाद कहा जाता है।
78. किसने कहा कि 'राजनीतिशास्त्र उसी प्रकार एक विज्ञान है जिस प्रकार नीति विज्ञान'?
सही उत्तर: B) पोलक
व्याख्या: सर फ्रेडरिक पोलक ने राजनीति को भी अन्य सामाजिक विज्ञानों (जैसे नीतिशास्त्र) की तरह एक विज्ञान का दर्जा दिया।
व्याख्या: सर फ्रेडरिक पोलक ने राजनीति को भी अन्य सामाजिक विज्ञानों (जैसे नीतिशास्त्र) की तरह एक विज्ञान का दर्जा दिया।
79. राजनीतिविज्ञान में 'शक्ति' (Power) का शाब्दिक अर्थ क्या माना गया है?
सही उत्तर: A) एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के मस्तिष्क व... नियंत्रण करना
व्याख्या: व्यवहारवाद (शक्तिवादी राजनीति) में शक्ति का अर्थ मनोवैज्ञानिक प्रभाव और नियंत्रण से है।
व्याख्या: व्यवहारवाद (शक्तिवादी राजनीति) में शक्ति का अर्थ मनोवैज्ञानिक प्रभाव और नियंत्रण से है।
80. 1969 से 1950 के बीच राजनीतिशास्त्र में सर्वाधिक किसका निर्माण किया गया?
सही उत्तर: B) मॉडल्स (Models) का
व्याख्या: व्यवहारवाद के दौर (1950-1969) में विचारकों ने प्राकृतिक विज्ञान की तरह राजनीति को समझने के लिए कई 'सिस्टम मॉडल' (जैसे डेविड ईस्टन का आगत-निर्गत मॉडल) बनाए।
व्याख्या: व्यवहारवाद के दौर (1950-1969) में विचारकों ने प्राकृतिक विज्ञान की तरह राजनीति को समझने के लिए कई 'सिस्टम मॉडल' (जैसे डेविड ईस्टन का आगत-निर्गत मॉडल) बनाए।
81. व्यवहारवाद ने राजनीति के अध्ययन में किस चीज़ को 'गौण' (Secondary) बना दिया?
सही उत्तर: C) संस्थाओं के अध्ययन को
व्याख्या: परम्परागत राजनीति में संस्थाएं (जैसे संसद, न्यायपालिका) प्रमुख थीं। व्यवहारवाद ने संस्थाओं के बजाय उन संस्थाओं को चलाने वाले 'मनुष्यों के व्यवहार' को प्रमुख बना दिया।
व्याख्या: परम्परागत राजनीति में संस्थाएं (जैसे संसद, न्यायपालिका) प्रमुख थीं। व्यवहारवाद ने संस्थाओं के बजाय उन संस्थाओं को चलाने वाले 'मनुष्यों के व्यवहार' को प्रमुख बना दिया।
82. "इतिहास वृक्ष है और राजनीति उसमें लगा हुआ फल है।" इस तुलना से क्या स्पष्ट होता है?
सही उत्तर: A) इतिहास राजनीति से पहले आया...
व्याख्या: मानव का इतिहास बहुत पुराना (आद्य काल) है, जबकि राज्य और राजनीति बाद में (सभ्य समाज के निर्माण के बाद) अस्तित्व में आए।
व्याख्या: मानव का इतिहास बहुत पुराना (आद्य काल) है, जबकि राज्य और राजनीति बाद में (सभ्य समाज के निर्माण के बाद) अस्तित्व में आए।
83. ब्लंटशली के अनुसार राजनीतिशास्त्र किसका अध्ययन है?
सही उत्तर: A) राज्य का
व्याख्या: ब्लंटशली एक परम्परागत विचारक हैं जो राजनीतिशास्त्र को राज्य से संबंधित शास्त्र मानते हैं।
व्याख्या: ब्लंटशली एक परम्परागत विचारक हैं जो राजनीतिशास्त्र को राज्य से संबंधित शास्त्र मानते हैं।
84. प्रथम विश्व युद्ध (WWI) को किस उपागम की विफलता माना गया?
सही उत्तर: C) परम्परागत उपागम
व्याख्या: चूँकि परम्परागत सिद्धांत केवल कोरे आदर्शों में उलझा रहा और यथार्थ (तथ्यों) को नहीं समझ सका, जिसका परिणाम प्रथम विश्व युद्ध की त्रासदी के रूप में निकला।
व्याख्या: चूँकि परम्परागत सिद्धांत केवल कोरे आदर्शों में उलझा रहा और यथार्थ (तथ्यों) को नहीं समझ सका, जिसका परिणाम प्रथम विश्व युद्ध की त्रासदी के रूप में निकला।
85. आधुनिक राजनीतिशास्त्र की विशेषता 'आगमन पद्धति' (Inductive Method) का अर्थ क्या है?
सही उत्तर: B) विशेष तथ्यों और अनुभवों से सामान्य सिद्धांत बनाना।
व्याख्या: आगमन पद्धति (वैज्ञानिक पद्धति) में हम पहले डेटा (तथ्य) इकट्ठा करते हैं, फिर उसका विश्लेषण करके निष्कर्ष निकालते हैं।
व्याख्या: आगमन पद्धति (वैज्ञानिक पद्धति) में हम पहले डेटा (तथ्य) इकट्ठा करते हैं, फिर उसका विश्लेषण करके निष्कर्ष निकालते हैं।
86. 'End of Ideology' किसने लिखी है?
सही उत्तर: B) डेनियल बेल
व्याख्या: डेनियल बेल की यह कृति बताती है कि पुरानी विचारधाराएँ अब अप्रासंगिक हो गई हैं।
व्याख्या: डेनियल बेल की यह कृति बताती है कि पुरानी विचारधाराएँ अब अप्रासंगिक हो गई हैं।
87. "सामाजिक न्याय = कानूनी न्याय + ?" रिक्त स्थान भरें।
सही उत्तर: B) नैतिक न्याय
व्याख्या: राजनीति और दर्शनशास्त्र के अंतर्विषयक संबंध में यह माना जाता है कि सामाजिक न्याय, कानूनी और नैतिक न्याय का योग है।
व्याख्या: राजनीति और दर्शनशास्त्र के अंतर्विषयक संबंध में यह माना जाता है कि सामाजिक न्याय, कानूनी और नैतिक न्याय का योग है।
88. किस विचारक ने दण्ड नीति का वर्णन किया है?
सही उत्तर: B) कौटिल्य
व्याख्या: कौटिल्य ने अपने 'अर्थशास्त्र' में कूटनीति, शासन कला और दण्ड नीति का विस्तार से वर्णन किया है।
व्याख्या: कौटिल्य ने अपने 'अर्थशास्त्र' में कूटनीति, शासन कला और दण्ड नीति का विस्तार से वर्णन किया है।
89. चार्ल्स मेरियम की प्रसिद्ध पुस्तक कौन सी है?
सही उत्तर: B) Primary Election
व्याख्या: व्यवहारवाद के बौद्धिक जनक चार्ल्स मेरियम की यह प्रमुख रचना है।
व्याख्या: व्यवहारवाद के बौद्धिक जनक चार्ल्स मेरियम की यह प्रमुख रचना है।
90. पोलक के अनुसार 'सैद्धांतिक राजनीति' (Theoretical Politics) का संबंध किससे है?
सही उत्तर: A) राज्य की मूल समस्याओं से
व्याख्या: पोलक ने सैद्धांतिक राजनीति को राज्य के मूल सिद्धांतों/समस्याओं से जोड़ा और व्यावहारिक राजनीति को सरकार के दैनिक कार्यों से।
व्याख्या: पोलक ने सैद्धांतिक राजनीति को राज्य के मूल सिद्धांतों/समस्याओं से जोड़ा और व्यावहारिक राजनीति को सरकार के दैनिक कार्यों से।
91. व्यवहारवादी राजनीति विज्ञान को पूर्ण रूप से कब से अस्तित्व में माना जाता है?
सही उत्तर: C) 1950 (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद)
व्याख्या: 1908 में इसकी नींव पड़ी, 1925 में शिकागो स्कूल में शुरुआत हुई, लेकिन एक पूर्ण और प्रभावशाली आंदोलन के रूप में यह 1950 (WWII के बाद) उभरा।
व्याख्या: 1908 में इसकी नींव पड़ी, 1925 में शिकागो स्कूल में शुरुआत हुई, लेकिन एक पूर्ण और प्रभावशाली आंदोलन के रूप में यह 1950 (WWII के बाद) उभरा।
92. 'क्या है' (What is) का अध्ययन किस उपागम का हिस्सा है?
सही उत्तर: B) आधुनिक (व्यवहारवादी) उपागम
व्याख्या: परम्परागत राजनीति 'क्या होना चाहिए' पर बात करती है, जबकि आधुनिक राजनीति यथार्थवादी है और 'वर्तमान में वास्तव में क्या हो रहा है' (तथ्यों) पर बल देती है।
व्याख्या: परम्परागत राजनीति 'क्या होना चाहिए' पर बात करती है, जबकि आधुनिक राजनीति यथार्थवादी है और 'वर्तमान में वास्तव में क्या हो रहा है' (तथ्यों) पर बल देती है।
93. "राजनीति शास्त्र एक परिवर्तनशील एवं गतिशील अवधारणा है" क्योंकि?
सही उत्तर: C) समाज का स्वरूप बदलता रहता है...
व्याख्या: राजनीति का केंद्र राज्य है, राज्य समाज में है। जैसे-जैसे समाज बदलता है, राज्य और राजनीति का स्वरूप भी बदलता है।
व्याख्या: राजनीति का केंद्र राज्य है, राज्य समाज में है। जैसे-जैसे समाज बदलता है, राज्य और राजनीति का स्वरूप भी बदलता है।
94. किस विचारक ने राजनीति के अध्ययन में 'मनोविज्ञान' (Psychology) का सहारा लिया?
सही उत्तर: A) ग्राहम वालेस
व्याख्या: 'Human Nature in Politics' में ग्राहम वालेस ने मानव स्वभाव और मनोविज्ञान के माध्यम से राजनीति को समझने का प्रयास किया।
व्याख्या: 'Human Nature in Politics' में ग्राहम वालेस ने मानव स्वभाव और मनोविज्ञान के माध्यम से राजनीति को समझने का प्रयास किया।
95. "राजनीति विज्ञान के अध्ययन का सम्बन्ध संगठित राज्यों से सम्बंधित मनुष्य के जीवन से है।" यह कथन है?
सही उत्तर: A) लास्की (Laski)
व्याख्या: लास्की ने व्यक्ति के जीवन को राज्य की संस्थाओं के साथ जोड़कर राजनीतिशास्त्र को परिभाषित किया।
व्याख्या: लास्की ने व्यक्ति के जीवन को राज्य की संस्थाओं के साथ जोड़कर राजनीतिशास्त्र को परिभाषित किया।
96. उत्तर-व्यवहारवाद ने किसे महत्वपूर्ण माना?
सही उत्तर: C) तथ्यों और मूल्यों दोनों को
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने स्वीकार किया कि समाज की भलाई के लिए वैज्ञानिक शोध (तथ्य) और नैतिक उद्देश्य (मूल्य) दोनों जरूरी हैं।
व्याख्या: डेविड ईस्टन ने स्वीकार किया कि समाज की भलाई के लिए वैज्ञानिक शोध (तथ्य) और नैतिक उद्देश्य (मूल्य) दोनों जरूरी हैं।
97. "राजनीतिशास्त्र विज्ञानों का विज्ञान (Master Science) है।" यह किसने कहा था?
सही उत्तर: B) अरस्तू
व्याख्या: अरस्तू ने राजनीति को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानते हुए इसे 'सर्वोच्च विज्ञान' की संज्ञा दी।
व्याख्या: अरस्तू ने राजनीति को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानते हुए इसे 'सर्वोच्च विज्ञान' की संज्ञा दी।
98. गैटल (Gettell), गिलक्राइस्ट, और मैकाइवर के अनुसार राजनीतिशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र क्या है?
सही उत्तर: C) राज्य और सरकार दोनों का अध्ययन
व्याख्या: इन विचारकों का मानना था कि राज्य (एक अमूर्त संस्था) और सरकार (उसकी मूर्त कार्यपालिका) दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
व्याख्या: इन विचारकों का मानना था कि राज्य (एक अमूर्त संस्था) और सरकार (उसकी मूर्त कार्यपालिका) दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
99. व्यवहारवादी उपागम (Behavioral Approach) का मुख्य अध्ययन केंद्र क्या था?
सही उत्तर: C) मनुष्य का राजनीतिक व्यवहार
व्याख्या: 20वीं सदी में व्यवहारवाद ने संस्थाओं के स्थान पर मनुष्यों के वास्तविक राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का केंद्र बना दिया।
व्याख्या: 20वीं सदी में व्यवहारवाद ने संस्थाओं के स्थान पर मनुष्यों के वास्तविक राजनीतिक व्यवहार के अध्ययन को राजनीतिशास्त्र का केंद्र बना दिया।
100. सीले (Seeley) और लीकाक (Leacock) राजनीतिशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र किसे मानते हैं?
सही उत्तर: B) केवल सरकार को
व्याख्या: जहाँ ब्लंटशली और गार्नर राजनीति विज्ञान को केवल राज्य का अध्ययन मानते हैं, वहीं सीले और लीकाक इसे केवल 'सरकार' का अध्ययन मानते हैं।
व्याख्या: जहाँ ब्लंटशली और गार्नर राजनीति विज्ञान को केवल राज्य का अध्ययन मानते हैं, वहीं सीले और लीकाक इसे केवल 'सरकार' का अध्ययन मानते हैं।
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