विधि और दण्ड का सिद्धान्त: 50 अति महत्वपूर्ण MCQs
| विधि और दण्ड का सिद्धान्त: 50 अति महत्वपूर्ण Premium MCQs |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत यह प्रीमियम मॉक टेस्ट विधि (कानून) के स्रोत, प्रकार, ऐतिहासिक विचारक और दण्ड के 4 प्रमुख सिद्धान्तों पर आधारित है। टीजीटी (TGT), पीजीटी (PGT), और नेट-जेआरएफ (NET-JRF) की परीक्षा हेतु यह टेस्ट अत्यंत लाभकारी है। |
1. नागरिक समाज किसका प्रतीक माना जाता है?
सही उत्तर: B) सभ्यता का
व्याख्या: नागरिक समाज (Civil Society) एक सभ्य समाज है, जिसे सभ्यता का प्रतीक माना जाता है। इसे सफल बनाने के लिए कानून की आवश्यकता होती है।
व्याख्या: नागरिक समाज (Civil Society) एक सभ्य समाज है, जिसे सभ्यता का प्रतीक माना जाता है। इसे सफल बनाने के लिए कानून की आवश्यकता होती है।
2. समाज को सफल बनाने और संचालित करने के लिए किसकी आवश्यकता होती है?
सही उत्तर: C) कानून की
व्याख्या: समाज छोटे-छोटे समूहों में बंटा होता है। नागरिकों के जीवन को संचालित करने और समाज को सफल बनाने के लिए कानून परम आवश्यक है।
व्याख्या: समाज छोटे-छोटे समूहों में बंटा होता है। नागरिकों के जीवन को संचालित करने और समाज को सफल बनाने के लिए कानून परम आवश्यक है।
3. कानून का निर्माण किसके द्वारा किया जाना चाहिए?
सही उत्तर: C) सम्प्रभु (Sovereign) द्वारा
व्याख्या: कानून का निर्माण संप्रभुसत्ता द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका पालन करना नागरिकों के लिए अनिवार्य होता है।
व्याख्या: कानून का निर्माण संप्रभुसत्ता द्वारा किया जाना चाहिए, जिसका पालन करना नागरिकों के लिए अनिवार्य होता है।
4. "राज्य द्वारा निर्मित और लागू किये जाने वाले नियमों को कानून कहते हैं।" यह किसकी सामान्य परिभाषा है?
सही उत्तर: B) कानून (विधि) की
व्याख्या: कानून वह नियम है जिसे राज्य निर्मित करता है और नागरिकों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए लागू करता है।
व्याख्या: कानून वह नियम है जिसे राज्य निर्मित करता है और नागरिकों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए लागू करता है।
5. "सत्ता द्वारा आरोपित आचार व्यवहार के नियम को कानून कहते हैं।" यह परिभाषा किस शब्दकोश में दी गई है?
सही उत्तर: B) ऑक्सफोर्ड शब्दकोश (ब्रिटिश)
व्याख्या: यह प्रसिद्ध परिभाषा ब्रिटिश ऑक्सफोर्ड शब्दकोश द्वारा विधि (कानून) के सन्दर्भ में दी गई है।
व्याख्या: यह प्रसिद्ध परिभाषा ब्रिटिश ऑक्सफोर्ड शब्दकोश द्वारा विधि (कानून) के सन्दर्भ में दी गई है।
6. "कानून संप्रभु का आदेश है" - यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
सही उत्तर: C) ऑस्टिन
व्याख्या: जॉन ऑस्टिन (John Austin) का यह कथन बहुत प्रसिद्ध है कि "Law is the command of the sovereign."
व्याख्या: जॉन ऑस्टिन (John Austin) का यह कथन बहुत प्रसिद्ध है कि "Law is the command of the sovereign."
7. "राज्य कानून का शिशु एवं जनक दोनों है" - यह विचार किस विद्वान का है?
सही उत्तर: A) मैकाइवर
व्याख्या: मैकाइवर का मानना है कि राज्य स्वयं कुछ कानूनों (संविधान) से जन्म लेता है (शिशु) और नए कानूनों का निर्माण भी करता है (जनक)।
व्याख्या: मैकाइवर का मानना है कि राज्य स्वयं कुछ कानूनों (संविधान) से जन्म लेता है (शिशु) और नए कानूनों का निर्माण भी करता है (जनक)।
8. "कानून नियमों का वह समूह है जिसे राज्य मान्यता देता है और न्याय व्यवस्था के प्रशासन में लागू करता है" - यह किसने कहा है?
सही उत्तर: B) सालमण्ड
व्याख्या: प्रसिद्ध न्यायविद् सालमण्ड (Salmond) ने न्याय प्रशासन को कानून का मुख्य उद्देश्य माना है।
व्याख्या: प्रसिद्ध न्यायविद् सालमण्ड (Salmond) ने न्याय प्रशासन को कानून का मुख्य उद्देश्य माना है।
9. किसने कहा है कि "विधि एक ऐसा आदेश है जिसमें दण्ड की भावना निहित होती है"?
सही उत्तर: C) बेंथम
व्याख्या: जेरेमी बेंथम (Bentham) के अनुसार विधि तभी प्रभावी है जब उसके पीछे दण्ड का भय (Sanction) हो।
व्याख्या: जेरेमी बेंथम (Bentham) के अनुसार विधि तभी प्रभावी है जब उसके पीछे दण्ड का भय (Sanction) हो।
10. कानून का पालन न करने पर व्यक्ति किसका भागीदार होता है?
सही उत्तर: B) दण्ड का
व्याख्या: राज्य द्वारा स्वीकृत कानूनों का पालन न किए जाने पर राज्य दण्ड (Punishment) देता है।
व्याख्या: राज्य द्वारा स्वीकृत कानूनों का पालन न किए जाने पर राज्य दण्ड (Punishment) देता है।
11. कानून के लिए किस समाज का अस्तित्व आवश्यक है?
सही उत्तर: C) नागरिक समाज
व्याख्या: कानून के प्रमुख तत्वों में पहला तत्व है कि कानून निर्माण के लिए 'नागरिक समाज' (Civil Society) का अस्तित्व आवश्यक है।
व्याख्या: कानून के प्रमुख तत्वों में पहला तत्व है कि कानून निर्माण के लिए 'नागरिक समाज' (Civil Society) का अस्तित्व आवश्यक है।
12. कानून के निर्माण और क्रियान्वयन (लागू करने) के लिए क्या आवश्यक है?
सही उत्तर: A) संप्रभुसत्ता
व्याख्या: बिना संप्रभुसत्ता (Sovereignty) के राज्य कानून नहीं बना सकता और न ही उसे लागू करवा सकता है।
व्याख्या: बिना संप्रभुसत्ता (Sovereignty) के राज्य कानून नहीं बना सकता और न ही उसे लागू करवा सकता है।
13. कानून का सम्बन्ध व्यक्ति के किस आचरण से होता है?
सही उत्तर: B) बाहरी आचरण
व्याख्या: नैतिकता व्यक्ति के 'आंतरिक' विचारों से जुड़ी है, जबकि राज्य का कानून व्यक्ति के 'बाहरी आचरण' (कार्यों) को नियंत्रित करता है।
व्याख्या: नैतिकता व्यक्ति के 'आंतरिक' विचारों से जुड़ी है, जबकि राज्य का कानून व्यक्ति के 'बाहरी आचरण' (कार्यों) को नियंत्रित करता है।
14. कानून का पालन नागरिकों के लिए कैसा है?
सही उत्तर: C) अनिवार्य
व्याख्या: कानून का पालन नागरिकों के लिए अनिवार्य (Mandatory) है, पालन न करने पर दंड का प्रावधान होता है।
व्याख्या: कानून का पालन नागरिकों के लिए अनिवार्य (Mandatory) है, पालन न करने पर दंड का प्रावधान होता है।
15. नागरिकों को कानून का पालन मुख्य रूप से किस भावना से करना चाहिए?
सही उत्तर: C) सामाजिक हित की भावना से
व्याख्या: यद्यपि कानून के पीछे दंड का भय होता है, लेकिन एक आदर्श समाज में कानून का पालन 'सामाजिक हित' (Social Welfare) की भावना से किया जाना चाहिए।
व्याख्या: यद्यपि कानून के पीछे दंड का भय होता है, लेकिन एक आदर्श समाज में कानून का पालन 'सामाजिक हित' (Social Welfare) की भावना से किया जाना चाहिए।
16. कानून निर्माण का सबसे 'उत्कृष्ट स्रोत' किसे माना जाता है?
सही उत्तर: C) विधायिका
व्याख्या: आधुनिक लोकतांत्रिक राज्यों में 'विधायिका' (Legislature - जैसे संसद) को कानून निर्माण का सबसे मुख्य और उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है।
व्याख्या: आधुनिक लोकतांत्रिक राज्यों में 'विधायिका' (Legislature - जैसे संसद) को कानून निर्माण का सबसे मुख्य और उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है।
17. निम्नलिखित में से कौन सा कानून का स्रोत है?
सही उत्तर: D) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: विधायिका, परम्पराएं, धर्म, न्यायपालिका के निर्णय (Precedents), कानूनी टीकाएं और औचित्य की नीतियाँ—ये सभी कानून के प्रमुख स्रोत हैं।
व्याख्या: विधायिका, परम्पराएं, धर्म, न्यायपालिका के निर्णय (Precedents), कानूनी टीकाएं और औचित्य की नीतियाँ—ये सभी कानून के प्रमुख स्रोत हैं।
18. एक अच्छे कानून के कितने प्रमुख लक्षण बताए गए हैं?
सही उत्तर: C) 6
व्याख्या: नोट्स के अनुसार एक अच्छे कानून के 6 प्रमुख लक्षण होते हैं: सरलता/स्पष्टता, स्थायित्व, व्यापकता, व्यवहारिकता, निष्पक्षता और अधिकारों का संरक्षक।
व्याख्या: नोट्स के अनुसार एक अच्छे कानून के 6 प्रमुख लक्षण होते हैं: सरलता/स्पष्टता, स्थायित्व, व्यापकता, व्यवहारिकता, निष्पक्षता और अधिकारों का संरक्षक।
19. निम्न में से कौन सा एक अच्छे कानून का लक्षण नहीं है?
सही उत्तर: B) पक्षपात और भेदभाव
व्याख्या: एक अच्छा कानून 'निष्पक्ष' (Impartial) होता है। पक्षपात और भेदभाव बुरे कानून की निशानी हैं।
व्याख्या: एक अच्छा कानून 'निष्पक्ष' (Impartial) होता है। पक्षपात और भेदभाव बुरे कानून की निशानी हैं।
20. जो कानून व्यक्तियों के पारस्परिक सम्बन्धों (जैसे ऋण, सम्पत्ति की खरीद-बिक्री) को निश्चित करते हैं, वे क्या कहलाते हैं?
सही उत्तर: B) व्यक्तिगत कानून
व्याख्या: दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच ऋण या सम्पति संबंधी आपसी विवादों को सुलझाने वाले कानूनों को व्यक्तिगत कानून (Private Law) कहते हैं।
व्याख्या: दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच ऋण या सम्पति संबंधी आपसी विवादों को सुलझाने वाले कानूनों को व्यक्तिगत कानून (Private Law) कहते हैं।
21. व्यक्ति व राज्य के मध्य सम्बन्धों को कौन सा कानून सुनिश्चित करता है?
सही उत्तर: C) सार्वजनिक कानून
व्याख्या: सार्वजनिक कानून (Public Law) राज्य और व्यक्ति के संबंधों को सुनिश्चित करता है।
व्याख्या: सार्वजनिक कानून (Public Law) राज्य और व्यक्ति के संबंधों को सुनिश्चित करता है।
22. चोरी, हत्या, डकैती आदि अपराध करने पर राज्य द्वारा दण्ड देना किस कानून के अंतर्गत आता है?
सही उत्तर: A) सार्वजनिक कानून
व्याख्या: अपराध राज्य के खिलाफ माना जाता है, इसलिए ऐसे मामलों में राज्य व्यक्ति को दंडित करता है जो सार्वजनिक कानून (Public Law) के क्षेत्र में आता है।
व्याख्या: अपराध राज्य के खिलाफ माना जाता है, इसलिए ऐसे मामलों में राज्य व्यक्ति को दंडित करता है जो सार्वजनिक कानून (Public Law) के क्षेत्र में आता है।
23. वह कानून जो राज्य या सरकार के ढांचे को तय करता है, क्या कहलाता है?
सही उत्तर: C) संवैधानिक कानून
व्याख्या: संवैधानिक कानून (Constitutional Law) राज्य का सर्वोच्च कानून है जो सरकार (कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका) का ढांचा तय करता है।
व्याख्या: संवैधानिक कानून (Constitutional Law) राज्य का सर्वोच्च कानून है जो सरकार (कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका) का ढांचा तय करता है।
24. कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका को कार्य करने की शक्ति कौन सा कानून प्रदान करता है?
सही उत्तर: C) संवैधानिक कानून
व्याख्या: संवैधानिक कानून ही सरकार के तीनों अंगों के बीच शक्तियों का बंटवारा करता है और नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित करता है।
व्याख्या: संवैधानिक कानून ही सरकार के तीनों अंगों के बीच शक्तियों का बंटवारा करता है और नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित करता है।
25. देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होने वाले कानून को क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: B) सामान्य कानून
व्याख्या: सामान्य कानून (Ordinary Law) विधायिका द्वारा बनाया जाता है और यह देश के सभी नागरिकों (चाहे वे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हों) पर समान रूप से लागू होता है।
व्याख्या: सामान्य कानून (Ordinary Law) विधायिका द्वारा बनाया जाता है और यह देश के सभी नागरिकों (चाहे वे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हों) पर समान रूप से लागू होता है।
26. 'विधि का शासन' (Rule of Law) किस कानून का ही रूप है?
सही उत्तर: B) सामान्य कानून
व्याख्या: सामान्य कानून के अधीन ही सभी नागरिक समान होते हैं, जो कि 'विधि का शासन' (Rule of Law) का मूल आधार है।
व्याख्या: सामान्य कानून के अधीन ही सभी नागरिक समान होते हैं, जो कि 'विधि का शासन' (Rule of Law) का मूल आधार है।
27. सामान्य कानून का आधार क्या होता है?
सही उत्तर: B) संवैधानिक कानून
व्याख्या: कोई भी सामान्य कानून संविधान के खिलाफ नहीं हो सकता, इसलिए सामान्य कानून का आधार हमेशा 'संवैधानिक कानून' ही होता है।
व्याख्या: कोई भी सामान्य कानून संविधान के खिलाफ नहीं हो सकता, इसलिए सामान्य कानून का आधार हमेशा 'संवैधानिक कानून' ही होता है।
28. अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्यों को बताने वाले कानून को क्या कहते हैं?
सही उत्तर: A) प्रशासकीय कानून
व्याख्या: प्रशासकीय कानून (Administrative Law) विशेष रूप से सरकारी अधिकारियों के आचरण को अनुशासित करता है।
व्याख्या: प्रशासकीय कानून (Administrative Law) विशेष रूप से सरकारी अधिकारियों के आचरण को अनुशासित करता है।
29. किस देश में सामान्य 'विधि का शासन' नहीं है, बल्कि उसके स्थान पर 'प्रशासकीय विधि' का बोलबाला है?
सही उत्तर: C) फ्रांस
व्याख्या: फ्रांस (France) में ब्रिटेन की तरह 'सामान्य विधि का शासन' नहीं है, बल्कि वहाँ सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग न्यायालय और 'प्रशासकीय विधि' (Droit Administratif) है।
व्याख्या: फ्रांस (France) में ब्रिटेन की तरह 'सामान्य विधि का शासन' नहीं है, बल्कि वहाँ सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग न्यायालय और 'प्रशासकीय विधि' (Droit Administratif) है।
30. विशेष परिस्थितियों में उत्पन्न संकटों का सामना करने के लिए कार्यपालिका अध्यक्ष द्वारा क्या जारी किया जाता है?
सही उत्तर: B) अध्यादेश
व्याख्या: जब विधायिका का सत्र न चल रहा हो, तो आपातकालीन परिस्थितियों में कार्यपालिका अध्यक्ष 'अध्यादेश' (Ordinance) जारी करता है।
व्याख्या: जब विधायिका का सत्र न चल रहा हो, तो आपातकालीन परिस्थितियों में कार्यपालिका अध्यक्ष 'अध्यादेश' (Ordinance) जारी करता है।
31. अध्यादेश (Ordinance) किस प्रकार का कानून होता है?
सही उत्तर: B) अस्थायी
व्याख्या: अध्यादेश एक अस्थायी (Temporary) कानून है। जब विधायिका का सत्र चलता है तो इसे पक्का कानून बनाने के लिए सदन में रखा जाता है।
व्याख्या: अध्यादेश एक अस्थायी (Temporary) कानून है। जब विधायिका का सत्र चलता है तो इसे पक्का कानून बनाने के लिए सदन में रखा जाता है।
32. विश्व में केवल किस देश के राष्ट्रपति को 'अध्यादेश' जारी करने की शक्ति प्राप्त है?
सही उत्तर: C) भारत
व्याख्या: विश्व के प्रमुख लोकतांत्रिक देशों में, केवल भारत के राष्ट्रपति (अनुच्छेद 123 के तहत) को ही अध्यादेश जारी करने की स्पष्ट संवैधानिक शक्ति प्राप्त है।
व्याख्या: विश्व के प्रमुख लोकतांत्रिक देशों में, केवल भारत के राष्ट्रपति (अनुच्छेद 123 के तहत) को ही अध्यादेश जारी करने की स्पष्ट संवैधानिक शक्ति प्राप्त है।
33. वह कानून जिसका सम्बन्ध संविधान के 'लिखित हिस्से' से होता है और जो सीमित होता है, क्या कहलाता है?
सही उत्तर: B) कृत्रिम कानून
व्याख्या: कृत्रिम कानून (Artificial law) लिखित और राज्य द्वारा निर्मित होता है, इसलिए इसकी सीमाएं तय होती हैं।
व्याख्या: कृत्रिम कानून (Artificial law) लिखित और राज्य द्वारा निर्मित होता है, इसलिए इसकी सीमाएं तय होती हैं।
34. वह कानून जिसका सम्बन्ध संविधान के 'अलिखित हिस्से' से होता है और जिसका आधार 'विवेक' है, क्या कहलाता है?
सही उत्तर: B) प्राकृतिक कानून
व्याख्या: प्राकृतिक कानून (Natural Law) मानव के विवेक (Reason) और नैतिकता पर आधारित होता है और यह असीमित होता है।
व्याख्या: प्राकृतिक कानून (Natural Law) मानव के विवेक (Reason) और नैतिकता पर आधारित होता है और यह असीमित होता है।
35. वह कानून जो राष्ट्र के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है और राज्य सम्प्रभु की देन होता है, क्या कहलाता है?
सही उत्तर: A) राष्ट्रीय कानून
व्याख्या: राष्ट्रीय कानून (National Law) संप्रभु राज्य की देन है, जो इसके भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
व्याख्या: राष्ट्रीय कानून (National Law) संप्रभु राज्य की देन है, जो इसके भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
36. विश्व के स्वतंत्र राष्ट्रों के बीच पारस्परिक सम्बन्धों को सुनिश्चित करने वाला कानून कौन सा है?
सही उत्तर: C) अंतर्राष्ट्रीय कानून
व्याख्या: स्वतंत्र राष्ट्रों (देशों) के बीच के सम्बन्ध और विवाद 'अंतर्राष्ट्रीय कानून' (International Law) के तहत सुलझाए जाते हैं।
व्याख्या: स्वतंत्र राष्ट्रों (देशों) के बीच के सम्बन्ध और विवाद 'अंतर्राष्ट्रीय कानून' (International Law) के तहत सुलझाए जाते हैं।
37. अंतर्राष्ट्रीय कानून किसके द्वारा लागू किया जाता है?
सही उत्तर: B) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
व्याख्या: अंतर्राष्ट्रीय संधियों और कानूनों को 'अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय' (ICJ - International Court of Justice) द्वारा लागू किया जाता है।
व्याख्या: अंतर्राष्ट्रीय संधियों और कानूनों को 'अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय' (ICJ - International Court of Justice) द्वारा लागू किया जाता है।
38. कौन सा कानून बाध्यकारी नहीं होता है, अर्थात् जिसे 'कमजोर' माना जाता है?
सही उत्तर: C) अंतर्राष्ट्रीय कानून
व्याख्या: चूँकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई विश्व-सरकार या दंड देने वाली संप्रभु संस्था नहीं है, इसलिए इसे कमज़ोर और अबाध्यकारी कानून माना जाता है।
व्याख्या: चूँकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई विश्व-सरकार या दंड देने वाली संप्रभु संस्था नहीं है, इसलिए इसे कमज़ोर और अबाध्यकारी कानून माना जाता है।
39. दण्ड मुख्य रूप से किसमें निहित होता है?
सही उत्तर: C) कानून (विधि) में
व्याख्या: दण्ड (Punishment) हमेशा कानून में ही निहित होता है, जो कानून तोड़ने वालों को राज्य द्वारा दिया जाता है।
व्याख्या: दण्ड (Punishment) हमेशा कानून में ही निहित होता है, जो कानून तोड़ने वालों को राज्य द्वारा दिया जाता है।
40. प्रसिद्ध न्यायविद् सामण्ड (Salmond) ने दण्ड के कितने प्रकार (सिद्धान्त) बताए हैं?
सही उत्तर: C) 4
व्याख्या: सामण्ड ने दण्ड के 4 प्रमुख सिद्धान्त बताए हैं: 1. निवृत्तात्मक 2. निरोधात्मक 3. प्रतिफलात्मक 4. सुधारात्मक।
व्याख्या: सामण्ड ने दण्ड के 4 प्रमुख सिद्धान्त बताए हैं: 1. निवृत्तात्मक 2. निरोधात्मक 3. प्रतिफलात्मक 4. सुधारात्मक।
41. अपराधी को ऐसा कठोर दण्ड दिया जाय जिससे समाज सीख ले और अन्य व्यक्ति अपराध करने का विचार छोड़ दें, यह कौन सा सिद्धान्त है?
सही उत्तर: B) निवृत्तात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: निवृत्तात्मक (Deterrent) सिद्धान्त का उद्देश्य अपराधी को कठोर सजा देकर समाज में एक डर (भय का संचार) पैदा करना है ताकि दूसरे लोग अपराध न करें।
व्याख्या: निवृत्तात्मक (Deterrent) सिद्धान्त का उद्देश्य अपराधी को कठोर सजा देकर समाज में एक डर (भय का संचार) पैदा करना है ताकि दूसरे लोग अपराध न करें।
42. अपराधी के मस्तिष्क में भय का संचार करके उसे अपराध करने से रोकना किस सिद्धान्त का उद्देश्य है?
सही उत्तर: A) निवृत्तात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: भय का संचार करना 'निवृत्तात्मक दण्ड' (Deterrent Theory) की ही मूल विशेषता है।
व्याख्या: भय का संचार करना 'निवृत्तात्मक दण्ड' (Deterrent Theory) की ही मूल विशेषता है।
43. यदि कोई व्यक्ति बार-बार अपराध दोहराता है तो उसे अपराध करने लायक न छोड़ना (जैसे आजीवन कारावास), यह दण्ड का कौन सा सिद्धान्त है?
सही उत्तर: C) निरोधात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: निरोधात्मक (Preventive) सिद्धान्त अपराधी को अपराध दोहराने से 'रोकता' है, इसलिए उसे हमेशा के लिए समाज से अलग (जेल में) कर दिया जाता है।
व्याख्या: निरोधात्मक (Preventive) सिद्धान्त अपराधी को अपराध दोहराने से 'रोकता' है, इसलिए उसे हमेशा के लिए समाज से अलग (जेल में) कर दिया जाता है।
44. 'जैसी करनी वैसी भरनी' या 'आँख के बदले आँख' का सिद्धान्त किस दण्ड व्यवस्था से संबंधित है?
सही उत्तर: C) प्रतिफलात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: प्रतिफलात्मक (Retributive) सिद्धान्त विशुद्ध रूप से 'बदले' (Revenge) की भावना पर आधारित है— जिसने जैसा किया है, उसके साथ ठीक वैसा ही किया जाए।
व्याख्या: प्रतिफलात्मक (Retributive) सिद्धान्त विशुद्ध रूप से 'बदले' (Revenge) की भावना पर आधारित है— जिसने जैसा किया है, उसके साथ ठीक वैसा ही किया जाए।
45. सुधारात्मक दण्ड सिद्धान्त (Reformative Theory) का प्रतिपादन किसने किया है?
सही उत्तर: D) बेंथम
व्याख्या: जेरेमी बेंथम ने सुधारात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया, जिसका उद्देश्य अपराधी को सुधारकर वापस समाज की मुख्यधारा में लाना है।
व्याख्या: जेरेमी बेंथम ने सुधारात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया, जिसका उद्देश्य अपराधी को सुधारकर वापस समाज की मुख्यधारा में लाना है।
46. वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में दण्ड का कौन सा सिद्धान्त सर्वमान्य है?
सही उत्तर: D) सुधारात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: आधुनिक लोकतांत्रिक देश (जैसे भारत) 'सुधारात्मक' (Reformative) सिद्धान्त को ही सर्वोत्तम मानते हैं क्योंकि हर अपराधी में सुधार की गुंजाइश होती है।
व्याख्या: आधुनिक लोकतांत्रिक देश (जैसे भारत) 'सुधारात्मक' (Reformative) सिद्धान्त को ही सर्वोत्तम मानते हैं क्योंकि हर अपराधी में सुधार की गुंजाइश होती है।
47. दण्ड का कौन सा सिद्धान्त 'अलोकतांत्रिक' माना जाता है?
सही उत्तर: B) प्रतिफलात्मक सिद्धान्त
व्याख्या: प्रतिफलात्मक (Retributive - आँख के बदले आँख) सिद्धान्त बर्बर और अलोकतांत्रिक माना जाता है, क्योंकि यह केवल बदला लेने पर केंद्रित है।
व्याख्या: प्रतिफलात्मक (Retributive - आँख के बदले आँख) सिद्धान्त बर्बर और अलोकतांत्रिक माना जाता है, क्योंकि यह केवल बदला लेने पर केंद्रित है।
48. "दण्ड का उद्देश्य बदले की भावना नहीं बल्कि अपराधी के चरित्र में सुधार है," यह किस सिद्धान्त का मुख्य बिंदु है?
सही उत्तर: D) सुधारात्मक दण्ड सिद्धान्त
व्याख्या: सुधारात्मक सिद्धान्त मानता है कि अपराध एक सामाजिक बीमारी है, और अपराधी का इलाज (सुधार) होना चाहिए न कि उससे बदला लिया जाना चाहिए।
व्याख्या: सुधारात्मक सिद्धान्त मानता है कि अपराध एक सामाजिक बीमारी है, और अपराधी का इलाज (सुधार) होना चाहिए न कि उससे बदला लिया जाना चाहिए।
49. "न्यायालय में न्याय की देवी हाथ में तराजू लिए खड़ी है" - यह किसकी देन मानी जाती है जो यह बताती है कि अपराध और दण्ड में समानुपात होना चाहिए?
सही उत्तर: A) बेंथम
व्याख्या: बेंथम ने यह विचार दिया कि 'दण्ड' अपराध की मात्रा के ठीक समानुपात (Proportionate) होना चाहिए, इसी को दर्शाने के लिए न्याय की देवी के हाथ में तराजू होता है।
व्याख्या: बेंथम ने यह विचार दिया कि 'दण्ड' अपराध की मात्रा के ठीक समानुपात (Proportionate) होना चाहिए, इसी को दर्शाने के लिए न्याय की देवी के हाथ में तराजू होता है।
50. प्राचीन काल में किस भारतीय चिंतक ने भी सुधारात्मक दण्ड की बात कही है?
सही उत्तर: B) कौटिल्य
व्याख्या: भारतीय राजनीतिक चिंतक कौटिल्य ने भी अपने 'अर्थशास्त्र' में अपराधी के चरित्र में सुधार लाने हेतु सुधारात्मक दण्ड व्यवस्था का समर्थन किया है।
व्याख्या: भारतीय राजनीतिक चिंतक कौटिल्य ने भी अपने 'अर्थशास्त्र' में अपराधी के चरित्र में सुधार लाने हेतु सुधारात्मक दण्ड व्यवस्था का समर्थन किया है।
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कुल प्रश्न (Total):50
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📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. "कानून संप्रभु का आदेश है" - यह कथन किसका है?
उत्तर: यह प्रसिद्ध कथन राजनीति विज्ञान के विद्वान ऑस्टिन (Austin) का है।
Q2. कानून निर्माण का सबसे उत्कृष्ट स्रोत किसे माना जाता है?
उत्तर: कानून निर्माण का सबसे उत्कृष्ट और प्रमुख स्रोत विधायिका (Legislature) को माना जाता है।
Q3. प्रशासकीय कानून (Administrative Law) का बोलबाला किस देश में है?
उत्तर: प्रशासकीय कानून का सबसे अधिक बोलबाला फ्रांस में है। वहाँ सामान्य विधि के शासन के स्थान पर प्रशासकीय विधि का प्रयोग किया जाता है।
Q4. सामण्ड (Salmond) ने दण्ड के कितने प्रकार बताए हैं?
उत्तर: सामण्ड ने दण्ड के 4 प्रमुख प्रकार (सिद्धान्त) बताए हैं: 1. निवृत्तात्मक 2. निरोधात्मक 3. प्रतिफलात्मक और 4. सुधारात्मक।
Q5. वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में दण्ड का कौन-सा सिद्धान्त सर्वमान्य है?
उत्तर: वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधारात्मक दण्ड सिद्धान्त (Reformative Theory) सर्वमान्य है, जिसका प्रतिपादन बेंथम ने किया था। इसका उद्देश्य अपराधी के चरित्र में सुधार करना है।
