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📢 "Polity Study Adda पर आपका स्वागत है!📜राजव्यवस्था रटना छोड़ दो, अब समझने की बारी है! 📜 यहाँ आपको TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET/JRF और UPSC, State PCS, SSC व अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Political Science के प्रमाणित नोट्स और महत्वपूर्ण MCQs मिलेंगे। 📜"
INDIAN POLITY MCQs
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PUBLIC ADMINISTRATION MCQs
INTERNATIONAL RELATION MCQs
INDIAN POLITY NOTES
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Polity Study Adda वेबसाइट क्या है?

Polity Study Adda पर TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET, UPSC, SSC सहित सभी One-Day प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राजनीति विज्ञान और भारतीय राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण MCQs और नोट्स पढ़ें। 'राजव्यवस्था रटने का नहीं, समझने का विषय है' — इसी मूल विचार के साथ, यह सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन मंच है।

यहाँ हम संपूर्ण राजनीति विज्ञान से संबंधित उच्च-स्तरीय MCQs, विस्तृत नोट्स और तथ्यपूर्ण आर्टिकल्स नियमित रूप से अपलोड करते हैं। संविधान के अनुच्छेदों, शासन व्यवस्था और जटिल राजनीतिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाना ही हमारा लक्ष्य है।

यह एक निजी एजुकेशनल (शैक्षिक) पोर्टल है जिसे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) विषय के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहराना चाहते हैं।

Polity Study Adda की मुख्य विशेषताएँ

  • विषयवार विस्तृत आर्टिकल्स: भारतीय राजव्यवस्था, राजनीतिक चिंतक, सिद्धांत, लोक प्रशासन और IR की संपूर्ण सामग्री।
  • उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): हर टॉपिक पर आधारित अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) और Mock Tests।
  • परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट नोट्स: त्वरित रिवीजन (Quick Revision) के लिए टू-द-पॉइंट (To-the-point) आर्टिकल्स।
  • सरल और स्पष्ट भाषा: कठिन से कठिन विषय को भी आसान शब्दों में समझाने का प्रयास।

Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग क्यों करना चाहिए?

राजनीति विज्ञान अक्सर छात्रों को केवल अनुच्छेदों (Articles) और अधिनियमों को याद रखने वाला विषय लगता है। इस भ्रांति को दूर करने के लिए आपको इसका उपयोग करना चाहिए क्योंकि:

  • यहाँ रटने के बजाय देश की व्यवस्था समझने पर जोर दिया जाता है।
  • यह TGT/PGT/LT और UGC NET के विस्तृत सिलेबस को कवर करता है, जिससे One-Day परीक्षाएँ स्वतः ही आसान हो जाती हैं।
  • परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुसार नवीनतम सामग्री लगातार अपडेट होती है।

Polity Study Adda वेबसाइट का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं?

  • कैटेगरी चुनें: होमपेज पर Indian Polity, Political Thinker या Theory के सेक्शन में जाएं।
  • सर्च करें: किसी विशेष विषय (जैसे- मूल अधिकार, प्लेटो) के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग करें।
  • रिवीजन और प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के बाद उसी विषय के MCQs और Mock Tests को हल करें।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 'राजनीति विज्ञान' विषय का क्या महत्व है?

भारत में सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती (Teaching Exams) जैसे क्षेत्रों में राजव्यवस्था की भूमिका निर्णायक होती है:

  • सामान्य अध्ययन (GS) का आधार: UPSC और State PCS में राजव्यवस्था (Polity) से संविधान और गवर्नेंस पर कई प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • स्कोरिंग विषय: यदि कॉन्सेप्ट क्लियर हों, तो राजनीति विज्ञान में पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
  • सामाजिक और कानूनी समझ: यह विषय हमें हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और देश की कानूनी प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।

हम परीक्षाओं में राजनीति विज्ञान में अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

  • क्रमबद्ध अध्ययन: अनुच्छेदों को रटने के बजाय भागों और संबंधित अवधारणाओं के साथ पढ़ें।
  • मानक स्रोत: केवल प्रामाणिक पुस्तकों और Polity Study Adda जैसे सटीक प्लेटफॉर्म्स पर अध्ययन करें।
  • MCQs की प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के तुरंत बाद उससे जुड़े अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें।
  • शॉर्ट नोट्स: एग्जाम के अंतिम दिनों के लिए खुद के की-वर्ड्स (Keywords) वाले नोट्स बनाएं।

भारत में सरकारी नौकरियां लोगों को क्यों पसंद हैं?

हमारे देश में सरकारी नौकरी (Government Job) को लेकर युवाओं में एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। इसे केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • करियर और जॉब सिक्योरिटी: प्राइवेट सेक्टर की अनिश्चितता के उलट, सरकारी सेवा में नौकरी जाने का डर न के बराबर होता है।
  • शानदार वेतन और सुविधाएं: आकर्षक सैलरी के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया (HRA) और मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।
  • समाज में प्रतिष्ठा: सरकारी अफसर या शिक्षक बनने पर समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान और रुतबा बढ़ता है।
  • तनावमुक्त पारिवारिक जीवन: फिक्स वर्किंग आवर्स और सरकारी छुट्टियों के कारण आप अपने परिवार को क्वालिटी टाइम दे पाते हैं।

सरकारी नौकरी हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सरकारी नौकरी पाना रातों-रात का चमत्कार नहीं है; इसके लिए सही दिशा, अटूट धैर्य और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है:

  • अपना फोकस साफ रखें: सबसे पहले तय करें कि आपको टीचिंग फील्ड (TGT, PGT, NET) में जाना है या प्रशासनिक सेवा (UPSC, PCS) में।
  • पाठ्यक्रम (Syllabus) से चिपके रहें: ऑफिशियल सिलेबस का प्रिंटआउट लें और पिछले 5-10 सालों के प्रश्न-पत्रों (Previous Year Papers) का बारीकी से अध्ययन करें।
  • प्रामाणिक अध्ययन सामग्री: 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से बेहतर है कि 1 अच्छी किताब को 10 बार पढ़ें। पॉलिटी के लिए Polity Study Adda के सटीक नोट्स फॉलो करें।
  • रोज़ाना प्रैक्टिस: सिर्फ थ्योरी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। जो टॉपिक पढ़ें, तुरंत उसके MCQs हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारें।

Polity Study Adda आपकी कैसे मदद कर सकता है?

  • सिलेबस-आधारित सामग्री: TGT, PGT, UPSC, NET/JRF के लेटेस्ट सिलेबस के अनुसार कंटेंट।
  • समय की बचत: आपको कई किताबें छानने की जरूरत नहीं, सभी प्रामाणिक स्रोतों का निचोड़ मिलता है।
  • मार्गदर्शन: किस परीक्षा के लिए क्या और कितना पढ़ना है, इसका सही मार्गदर्शन।

Polity Study Adda पर हमें भरोसा क्यों करना चाहिए?

  • तथ्यों की प्रामाणिकता: हमारा कंटेंट मानक राजनीतिक पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।
  • छात्र-हित सर्वोपरि: हमारा उद्देश्य भ्रामक जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्र की सफलता को सुनिश्चित करना है।
  • लगातार अपडेट्स: हम पुरानी सामग्री पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कंटेंट को अपडेट करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Polity Study Adda वेबसाइट क्या है?

उत्तर: यह एक निजी शैक्षिक (Educational) पोर्टल है जो विशेष रूप से 'राजनीति विज्ञान' (Political Science) और 'भारतीय राजव्यवस्था' (Indian Polity) विषय की तैयारी कर रहे छात्रों (TGT, PGT, UPSC, NET आदि) के लिए बनाया गया है।

Q2. क्या यह एक सरकारी वेबसाइट है?

उत्तर: नहीं, यह एक निजी (Private) प्लेटफॉर्म है जो छात्रों को मुफ्त एवं उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

Q3. यह वेबसाइट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

उत्तर: मुख्य रूप से Teaching Exams (TGT, PGT, LT Grade, UGC NET) और Civil Services (UPSC, State PCS, SSC, Railway) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।

Q4. क्या यहाँ मुझे लोक प्रशासन (Public Administration) के नोट्स मिलेंगे?

उत्तर: हाँ, भारतीय राजव्यवस्था और राजनीतिक विचारकों के साथ-साथ आपको लोक प्रशासन और अन्तर्राष्ट्रीय संबंध (IR) के भी विस्तृत नोट्स और MCQs यहाँ प्राप्त होंगे。

Q5. क्या वेबसाइट पर केवल थ्योरी (Theory) पढ़ाई जाती है?

उत्तर: नहीं, थ्योरी के साथ-साथ आपकी प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective MCQs) और मॉक टेस्ट भी उपलब्ध हैं。

Q6. क्या वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी प्रामाणिक है?

उत्तर: बिल्कुल, यहाँ उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्री मानक और प्रामाणिक राजनीतिक पुस्तकों के गहन अध्ययन के बाद ही तैयार की जाती है।

Q7. मैं इस वेबसाइट पर किसी विशेष टॉपिक की मांग कैसे कर सकता हूँ?

उत्तर: आप 'Contact Us' पेज पर जाकर या सीधे PolityStudyAdda@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से हमें अपने सुझाव और डिमांड भेज सकते हैं।

Q8. क्या पॉलिटी स्टडी अड्डा का कोई यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया ग्रुप है?

उत्तर: हाँ, आप वेबसाइट के फुटर (सबसे नीचे) में दिए गए लिंक के माध्यम से हमारे Telegram, WhatsApp और YouTube चैनल आदि से जुड़ सकते हैं।

Q9. भारत में सरकारी नौकरी (Government Job) की इतनी मांग क्यों है?

उत्तर: जॉब सिक्योरिटी, बेहतर वेतन, भत्ते और समाज में उच्च सम्मान के कारण सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद होती है।

Q10. मैं शिक्षक या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर: सिलेबस के अनुसार रणनीति बनाकर पढ़ने, प्रामाणिक स्रोतों (जैसे Polity Study Adda) का उपयोग करने और नियमित MCQs की प्रैक्टिस करने से सफलता निश्चित है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

'Polity Study Adda' पर प्रकाशित सभी अध्ययन सामग्री, नोट्स, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अन्य सूचनाएं केवल छात्रों की परीक्षा की तैयारी और उनके त्वरित मार्गदर्शन के लिए प्रदान की गई हैं। इन्हें कानूनी दस्तावेज़ या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि हमारी टीम ने सभी तथ्यों और उत्तरों को मानक पुस्तकों के आधार पर पूरी तरह से सटीक और प्रामाणिक रखने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम अनजाने में हुई किसी भी मानवीय त्रुटि, टाइपिंग की गलती या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

प्रश्नों के उत्तर और आयोग (Commissions) के संबंध में विशेष सूचना —
राजनीति विज्ञान जैसे विस्तृत विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग भर्ती आयोग (Commissions) कभी-कभी एक ही प्रश्न के अलग-अलग उत्तरों को सही मान लेते हैं, या विवाद की स्थिति में एक से अधिक विकल्पों को सही ठहरा देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी प्रश्न का उत्तर एक आयोग के अनुसार कुछ और होता है, जबकि दूसरे आयोग के अनुसार कुछ और। आधिकारिक 'उत्तर कुंजी' (Official Answer Key) और हमारे द्वारा दिए गए उत्तरों में भिन्नता होने की स्थिति में 'Polity Study Adda' किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी जाती है कि किसी भी उत्तर या तथ्य की अंतिम पुष्टि के लिए वे संबंधित विभाग/आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, उनकी उत्तर कुंजी और मान्यता प्राप्त मानक पुस्तकों (Standard Books) का ही संदर्भ लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संगठन या आयोग से संबद्ध नहीं है; यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र और निजी शैक्षिक मंच है।

नागरिकता का सिद्धांत: अर्थ, प्रकार, अरस्तू एवं टी.एच. मार्शल के विचार

नागरिकता का सिद्धांत, अनुच्छेद 5 से 11, CAA, NRC और NPR
नागरिकता (Citizenship): अर्थ, प्रकार, संवैधानिक प्रावधान (अनु. 5-11), CAA व NRC
Study Material Overview: Polity Study Adda के इस विस्तृत पोस्ट में नागरिकता (Citizenship) की अवधारणा का सम्पूर्ण अध्ययन शामिल है। इसमें औपचारिक व तात्विक नागरिकता, अरस्तू व टी.एच. मार्शल के विचार, भारतीय संविधान के भाग-2 (अनुच्छेद 5 से 11), नागरिकता अधिनियम 1955 (प्राप्त करने की विधियाँ) और NRI, OCI, CAA, NRC तथा NPR जैसे ज्वलंत विषयों को बहुत ही बारीकी से समझाया गया है।

1. नागरिकता: अर्थ एवं राज्य से संबंध

नागरिकता (Citizenship) मूल रूप से 'राज्य का गुण' है। कोई भी देश अपने मूल निवासियों को कुछ विशेष अधिकार देता है, इन अधिकारों को प्राप्त करना ही नागरिकता कहलाता है। एक 'नागरिक' वह होता है जो राज्य में कुछ निश्चित राजनीतिक व सामाजिक अधिकार रखता है और राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है।

प्रजा (Subject) बनाम नागरिक (Citizen):
नागरिकता का विचार केवल लोकतंत्र (Democracy) में ही संभव है। राजतंत्रात्मक व्यवस्था में 'प्रजा' (Subjects) होती है, और प्रजा के पास कोई मूल अधिकार नहीं होते; वे केवल राजा की इच्छा पर निर्भर होते हैं।

भारतीय परिप्रेक्ष्य: भारत में एकहरी नागरिकता (Single Citizenship) का प्रावधान है, जिसे ब्रिटेन के संविधान से लिया गया है। इसका अर्थ है कि हम केवल देश (भारत) के नागरिक हैं, राज्यों के हम नागरिक नहीं बल्कि 'निवासी' (Resident) हैं। स्वतंत्रता से पूर्व भारत कोई संप्रभु 'राज्य' नहीं था, अतः हमारे पास कोई अधिकार नहीं था। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद हम आधिकारिक तौर पर भारत के 'नागरिक' कहलाए।

2. नागरिकता के प्रकार (औपचारिक व तात्विक)

राजनीति विज्ञान में नागरिकता को मुख्य रूप से दो प्रकारों में विभाजित किया जाता है: औपचारिक नागरिकता (Formal Citizenship) और तात्विक नागरिकता (Substantive Citizenship)

औपचारिक नागरिकता (Formal) तात्विक नागरिकता (Substantive)
  • इसके अंतर्गत राज्य में व्यक्ति को केवल नागरिक अधिकार (Civil Rights) ही प्राप्त होते हैं।
  • उदाहरण: भारत ने अपने अप्रवासी भारतीयों (NRI) को औपचारिक नागरिकता प्रदान की है, क्योंकि उनके पास वोट देने या चुनाव लड़ने (राजनीतिक अधिकार) के पूर्ण अधिकार उसी रूप में नहीं होते जैसे देश में रहने वालों के पास होते हैं।
  • इसके अंतर्गत व्यक्ति को राज्य में सभी प्रकार के अधिकार प्राप्त होते हैं— नागरिक, राजनीतिक और सामाजिक (Civil, Political & Social)।
  • यह नागरिकता का पूर्ण और व्यापक स्वरूप है, जहाँ व्यक्ति शासन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकता है और समाज की सभी सुविधाओं का पूर्ण उपयोग कर सकता है।

3. आधुनिक काल में नागरिकता का उदय

नागरिकता का जो वर्तमान (आधुनिक) स्वरूप हम देखते हैं, वह आधुनिक काल की ही देन है। इसका ऐतिहासिक विकास मुख्य रूप से इन क्रांतियों से जुड़ा है:

  • 1. इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति (1688): आधुनिक अर्थों में नागरिकता का उदय 1688 की इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति के बाद से माना जाता है, जब राजा की शक्तियां संसद (जनता) के पास आ गईं।
  • 2. फ्रांसीसी क्रांति (1789): नागरिकता का विचार व्यावहारिक रूप से (Practically) फ्रांसीसी क्रांति से अस्तित्व में आया। इसी क्रांति ने विश्व को 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुता' का नारा दिया।
  • 3. अमेरिकी संविधान का प्रभाव: अमेरिका विश्व का पहला लोकतांत्रिक देश बना। इसीलिए अमेरिका के राष्ट्रपति को 'विश्व का पहला नागरिक' (First Citizen of the World) माना जाता है।

4. प्राचीन काल: नागरिकता पर अरस्तू का दृष्टिकोण

प्राचीन काल में (सर्वप्रथम यूनानी नगर-राज्यों में) नागरिकता पर पहला विवरण महान दार्शनिक अरस्तू (Aristotle) ने दिया था। अरस्तू के समय यूनान (एथेंस आदि) में प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) था।

"नागरिक वह होता है जो राज्य के राजकीय/प्रशासकीय (Deliberative) और न्यायिक (Judicial) कार्यों में भाग लेता हो।"
- अरस्तू

अरस्तू का मानना था कि किसी राज्य में केवल जन्म ले लेने से या वहाँ निवास कर लेने से कोई व्यक्ति नागरिक नहीं हो जाता। उनका दृष्टिकोण बहुत संकीर्ण था।

अरस्तू के अनुसार जनसंख्या का विभाजन (प्रत्यक्ष लोकतंत्र)

नागरिक (Citizens) - 10%

केवल 10% लोग ही नागरिक माने जाते थे। यही लोग राजकीय और न्यायिक कार्यों का संचालन करते थे।

गैर-नागरिक (Non-Citizens) - 90%

शेष 90% लोग गैर-नागरिक माने जाते थे। इनमें स्त्रियाँ, बच्चे, दास (Slaves), और विदेशी शामिल थे। इन्हें कोई अधिकार प्राप्त नहीं था।

5. टी.एच. मार्शल का ऐतिहासिक विकास सिद्धांत

प्रसिद्ध समाजशास्त्री टी.एच. मार्शल (T.H. Marshall) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक "Citizenship and Social Class" (1950) में नागरिकता के अधिकारों के क्रमिक विकास का सबसे व्यवस्थित सिद्धांत प्रस्तुत किया।

मार्शल ने इंग्लैंड के संदर्भ में नागरिकता के विकास को तीन शताब्दियों में बांटा है:

शताब्दी नागरिकता का प्रकार अधिकार एवं रक्षक संस्थाएँ
18वीं शताब्दी नागरिक नागरिकता
(Civil Citizenship)
  • इसमें व्यक्ति को नागरिक अधिकार (Civil Rights) प्राप्त होते हैं।
  • रक्षक संस्था: इनकी रक्षा 'न्यायालय' (Courts) करता है।
19वीं शताब्दी राजनीतिक नागरिकता
(Political Citizenship)
  • इसमें व्यक्ति को राजनीतिक अधिकार (Political Rights) प्राप्त होते हैं।
  • रक्षक संस्था: इनकी रक्षा 'राजनीतिक संस्थाएं' (संसद, नगरपालिका) करती हैं।
20वीं शताब्दी सामाजिक नागरिकता
(Social Citizenship)
  • इसमें व्यक्ति को सामाजिक अधिकार (Social Rights) प्राप्त होते हैं।
  • रक्षक संस्था: इनकी रक्षा 'सामाजिक संस्थाएं' (कल्याणकारी राज्य) करती हैं।

6. भारतीय संविधान में नागरिकता (भाग-2, अनुच्छेद 5-11)

भारतीय संविधान के भाग-2 में अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता का वर्णन है। भारत के नागरिक होने के कारण हमें PAN Card, Aadhaar Card आदि सुविधाएं दी जाती हैं, जो कि गैर-नागरिकों को प्राप्त नहीं होती हैं।

  • अनुच्छेद 5: संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता: अर्थात् जब संविधान बना (26 जनवरी 1950), तो उन सभी लोगों को नागरिकता दी गई जो उस समय भारत के अंदर थे।
  • अनुच्छेद 6: पाकिस्तान से भारत आने वालों की नागरिकता: पाकिस्तान से भारत आए लोगों को नागरिकता दी जाएगी, किन्तु यदि वे संविधान बनने के बाद आएंगे तो नागरिकता नहीं मिलेगी। (Permit Rule लागू: 19 July 1948)
  • अनुच्छेद 7: भारत से पाकिस्तान जाने वालों की नागरिकता: स्वतंत्रता के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए ऐसे व्यक्ति, जो संविधान बनने से पहले लौट आए, तो उन्हें नागरिकता दे दी जाएगी।
  • अनुच्छेद 8: भारत के बाहर रहने वाले उद्भव के व्यक्ति: विदेश भ्रमण एवं नौकरी करने पर भारत की नागरिकता समाप्त नहीं होगी।
  • अनुच्छेद 9: विदेशी नागरिकता ग्रहण करने पर: स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता लेने पर भारत की नागरिकता स्वतः समाप्त कर दी जाएगी।
  • अनुच्छेद 10: नागरिकता के अधिकारों का बना रहना: भारतीयों की नागरिकता तब तक बनी रहेगी जब तक कि वे कोई 'देश विरोधी कार्य' नहीं करते।
  • अनुच्छेद 11: संसद द्वारा कानून बनाना: नागरिकता संबंधी कानून बनाने का अधिकार संसद को है। यह जिम्मेदारी गृह मंत्रालय (Home Ministry) को दी गई है।

7. नागरिकता प्राप्त करने व समाप्त होने की विधियाँ

अनुच्छेद 11 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए संसद ने नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) - 1955 पारित किया। भारत की नागरिकता इसी अधिनियम पर आधारित है। (नोट: नागरिकता में पहली बार संशोधन 1986 में किया गया था)।

भारत में नागरिकता प्राप्त करने की 5 विधियाँ हैं:

विधि का नाम विवरण एवं शर्तें
1. जन्म के आधार पर
(By Birth)
  • (1986 संशोधन): भारत में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को नागरिकता दी जाएगी, यदि उनके माता-पिता भारत के नागरिक हों। (Ex- हम सभी)।
2. वंश के आधार पर
(By Descent)
  • (1992 संशोधन): विदेश में जन्म लेने वाले बच्चों को भी नागरिकता दी जाएगी, यदि उसके माता-पिता या दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक हो। (Ex- शिखर धवन)।
3. पंजीकरण द्वारा
(By Registration)
  • इस विधि द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को 7 साल लगातार भारत में रहना होगा। इस विधि द्वारा राष्ट्रमंडल (Commonwealth) देशों को नागरिकता दी जाती है।
4. देशीयकरण द्वारा
(By Naturalization)
  • वैसा व्यक्ति जो भारत की किसी एक भाषा को जानता हो, भारत के प्रति सकारात्मक सोच रखता हो, वैज्ञानिक या कला में निपुण हो, साथ ही लगातार भारत में 10 साल तक रहा हो। (Ex- अदनान सामी)।
5. अर्जित भूमि द्वारा
(By Incorporation)
  • किसी विदेशी राज्य को भारत में मिला लेने पर वहाँ के लोगों को नागरिकता दे दी जाएगी। (Ex- सिक्किम का भारत में विलय होने के बाद वहाँ के निवासियों को दी गई; या बांग्लादेश के परगना जिले को)।
नागरिकता समाप्त होने के कारण:
देश विरोधी काम करने, पागल हो जाने, या दूसरे राष्ट्र के प्रभाव में आ जाने पर गृह मंत्रालय (Home Ministry) द्वारा नागरिकता समाप्त की जा सकती है।

8. NRI, OCI, VISA और PASSPORT में अंतर

विदेशी यात्रा और नागरिकता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण शब्द निम्नलिखित हैं:

  • 1. NRI (Non-Resident Indian - अप्रवासी भारतीय):
    वह नागरिक जो वर्तमान में भारत में नहीं रह रहा है (लगातार 6 माह से ज्यादा पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश चला गया हो), लेकिन वह भारत का नागरिक है, तो वह NRI कहलाएगा।
  • 2. OCI (Overseas Citizenship of India):
    इसे 2005 में लक्ष्मीमल सिंघवी समिति (L.M. Singhvi Committee) द्वारा जोड़ा गया। यह बड़े-बड़े उद्योगपतियों को दिया जाता है जो विदेशी नागरिकता ग्रहण कर लिए हैं। इस कार्ड को प्राप्त करने वाला व्यक्ति बिना VISA के भारत आ सकता है।
  • 3. VISA (वीज़ा):
    किसी दूसरे देश में जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है। इस अनुमति को ही VISA कहते हैं। बिना VISA के किसी दूसरे देश में प्रवेश नहीं कर सकते।
  • 4. PASSPORT (पासपोर्ट):
    अपने देश को छोड़कर दूसरे देश में जाने के लिए खुद अपने देश से अनुमति लेनी पड़ती है, जिसे Passport कहते हैं।

9. CAA, NRC और NPR: अर्थ एवं महत्वपूर्ण तथ्य

1. CAA (Citizenship Amendment Act - 2019)

नागरिकता संशोधन अधिनियम: यह भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है जिसके द्वारा सन् 1955 के नागरिकता कानून को संशोधित किया गया है।

  • इसके तहत 31 दिसम्बर 2014 के पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना वाले अल्पसंख्यक (हिन्दू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी एवं ईसाई) को भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी। (इसमें मुस्लिम शामिल नहीं हैं)।
  • इस विधेयक में भारतीय नागरिकता को प्राप्त करने के लिए आवश्यक 11 वर्ष तक भारत में रहने की शर्त में छूट देते हुए, इसे केवल 5 वर्ष कर दिया गया।
  • यह अधिनियम 20 दिसम्बर 2019 को पाकिस्तान के 7 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देकर लागू कर दिया गया।

2. NRC (National Register of Citizens)

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर: यह भारत सरकार द्वारा निर्मित एक पंजी (रजिस्टर) है जिसमें उन भारतीय नागरिकों के नाम हैं जो असम (Assam) के वास्तविक (वैध) नागरिक हैं। यह विशेष रूप से असम के लिए ही बनाई गई थी।

  • पृष्ठभूमि: जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में लड़ाई चल रही थी (1971), तो बहुत से लोग भाग कर भारत चले आये। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में कहा था कि जो व्यक्ति 24 मार्च 1971 से पहले भारत आये हैं, उन्हें NRC के तहत नागरिकता दे दी जाए। 2015 में NRC का रजिस्टर बनने लगा।
  • प्रक्रिया: रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए 2 लिस्ट को मिलाकर कुल 30 Document में से कोई 1 होना आवश्यक है। यदि Document नहीं है तो 4 माह का समय दिया जाता है।
  • यदि 4 माह में साबित नहीं कर पाए तो District Court जाना पड़ेगा। यदि वहाँ भी साबित नहीं कर पाए तो Supreme Court जाना पड़ेगा। यदि सुप्रीम कोर्ट भी नागरिकता साबित नहीं मानता है, तो नागरिकता समाप्त कर दी जाएगी और व्यक्ति को Detention Centre (निरोध केंद्र) में भेज दिया जाएगा।

3. NPR (National Population Register)

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर: यह देश के 'निवासियों' (Residents) का एक रजिस्टर है (यह नागरिकों का रजिस्टर नहीं है)।

  • इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता नियम 2003 के प्रावधानों के आधार पर स्थानीय, ग्राम पंचायत, तहसील, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया है।
  • इसमें पूछा जाता है कि— आपके परिवार में कितने लोग हैं? और कौन व्यक्ति कहाँ रहता है?
  • इस आधार पर NPR बनेगा, जिससे जनसंख्या की गणना की जाएगी। NPR के बाद ही सही 'जनगणना' (Census) का आंकड़ा मिलता है।
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Disclaimer: 'Polity Study Adda' पर उपलब्ध सभी अध्ययन सामग्री और नोट्स केवल छात्रों के त्वरित मार्गदर्शन और परीक्षा की तैयारी के लिए हैं; इन्हें कानूनी दस्तावेज़ न मानें। राजनीति विज्ञान के प्रश्नों में अक्सर अलग-अलग भर्ती आयोगों (Commissions) द्वारा अलग-अलग उत्तरों को सही मान लिया जाता है। अतः, किसी भी मानवीय/टाइपिंग त्रुटि या आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) से भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मानक पुस्तकों का ही संदर्भ लें। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है।

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