| नागरिकता (Citizenship): अर्थ, प्रकार, संवैधानिक प्रावधान (अनु. 5-11), CAA व NRC |
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| Study Material Overview: Polity Study Adda के इस विस्तृत पोस्ट में नागरिकता (Citizenship) की अवधारणा का सम्पूर्ण अध्ययन शामिल है। इसमें औपचारिक व तात्विक नागरिकता, अरस्तू व टी.एच. मार्शल के विचार, भारतीय संविधान के भाग-2 (अनुच्छेद 5 से 11), नागरिकता अधिनियम 1955 (प्राप्त करने की विधियाँ) और NRI, OCI, CAA, NRC तथा NPR जैसे ज्वलंत विषयों को बहुत ही बारीकी से समझाया गया है। |
📌 सम्पूर्ण विषय सूची (Table of Contents)
- 1. नागरिकता: अर्थ एवं राज्य से संबंध
- 2. नागरिकता के प्रकार (औपचारिक व तात्विक)
- 3. आधुनिक काल में नागरिकता का उदय
- 4. प्राचीन काल: नागरिकता पर अरस्तू का दृष्टिकोण
- 5. टी.एच. मार्शल का ऐतिहासिक विकास सिद्धांत
- 6. भारतीय संविधान में नागरिकता (भाग-2, अनु. 5-11)
- 7. नागरिकता प्राप्त करने व समाप्त होने की विधियाँ
- 8. NRI, OCI, VISA और PASSPORT में अंतर
- 9. CAA, NRC और NPR: अर्थ एवं महत्वपूर्ण तथ्य
✦ 1. नागरिकता: अर्थ एवं राज्य से संबंध
नागरिकता (Citizenship) मूल रूप से 'राज्य का गुण' है। कोई भी देश अपने मूल निवासियों को कुछ विशेष अधिकार देता है, इन अधिकारों को प्राप्त करना ही नागरिकता कहलाता है। एक 'नागरिक' वह होता है जो राज्य में कुछ निश्चित राजनीतिक व सामाजिक अधिकार रखता है और राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है।
नागरिकता का विचार केवल लोकतंत्र (Democracy) में ही संभव है। राजतंत्रात्मक व्यवस्था में 'प्रजा' (Subjects) होती है, और प्रजा के पास कोई मूल अधिकार नहीं होते; वे केवल राजा की इच्छा पर निर्भर होते हैं।
भारतीय परिप्रेक्ष्य: भारत में एकहरी नागरिकता (Single Citizenship) का प्रावधान है, जिसे ब्रिटेन के संविधान से लिया गया है। इसका अर्थ है कि हम केवल देश (भारत) के नागरिक हैं, राज्यों के हम नागरिक नहीं बल्कि 'निवासी' (Resident) हैं। स्वतंत्रता से पूर्व भारत कोई संप्रभु 'राज्य' नहीं था, अतः हमारे पास कोई अधिकार नहीं था। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद हम आधिकारिक तौर पर भारत के 'नागरिक' कहलाए।
✦ 2. नागरिकता के प्रकार (औपचारिक व तात्विक)
राजनीति विज्ञान में नागरिकता को मुख्य रूप से दो प्रकारों में विभाजित किया जाता है: औपचारिक नागरिकता (Formal Citizenship) और तात्विक नागरिकता (Substantive Citizenship)।
| औपचारिक नागरिकता (Formal) | तात्विक नागरिकता (Substantive) |
|---|---|
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✦ 3. आधुनिक काल में नागरिकता का उदय
नागरिकता का जो वर्तमान (आधुनिक) स्वरूप हम देखते हैं, वह आधुनिक काल की ही देन है। इसका ऐतिहासिक विकास मुख्य रूप से इन क्रांतियों से जुड़ा है:
- 1. इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति (1688): आधुनिक अर्थों में नागरिकता का उदय 1688 की इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति के बाद से माना जाता है, जब राजा की शक्तियां संसद (जनता) के पास आ गईं।
- 2. फ्रांसीसी क्रांति (1789): नागरिकता का विचार व्यावहारिक रूप से (Practically) फ्रांसीसी क्रांति से अस्तित्व में आया। इसी क्रांति ने विश्व को 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुता' का नारा दिया।
- 3. अमेरिकी संविधान का प्रभाव: अमेरिका विश्व का पहला लोकतांत्रिक देश बना। इसीलिए अमेरिका के राष्ट्रपति को 'विश्व का पहला नागरिक' (First Citizen of the World) माना जाता है।
✦ 4. प्राचीन काल: नागरिकता पर अरस्तू का दृष्टिकोण
प्राचीन काल में (सर्वप्रथम यूनानी नगर-राज्यों में) नागरिकता पर पहला विवरण महान दार्शनिक अरस्तू (Aristotle) ने दिया था। अरस्तू के समय यूनान (एथेंस आदि) में प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) था।
- अरस्तू
अरस्तू का मानना था कि किसी राज्य में केवल जन्म ले लेने से या वहाँ निवास कर लेने से कोई व्यक्ति नागरिक नहीं हो जाता। उनका दृष्टिकोण बहुत संकीर्ण था।
✦ 5. टी.एच. मार्शल का ऐतिहासिक विकास सिद्धांत
प्रसिद्ध समाजशास्त्री टी.एच. मार्शल (T.H. Marshall) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक "Citizenship and Social Class" (1950) में नागरिकता के अधिकारों के क्रमिक विकास का सबसे व्यवस्थित सिद्धांत प्रस्तुत किया।
मार्शल ने इंग्लैंड के संदर्भ में नागरिकता के विकास को तीन शताब्दियों में बांटा है:
| शताब्दी | नागरिकता का प्रकार | अधिकार एवं रक्षक संस्थाएँ |
|---|---|---|
| 18वीं शताब्दी | नागरिक नागरिकता (Civil Citizenship) |
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| 19वीं शताब्दी | राजनीतिक नागरिकता (Political Citizenship) |
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| 20वीं शताब्दी | सामाजिक नागरिकता (Social Citizenship) |
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✦ 6. भारतीय संविधान में नागरिकता (भाग-2, अनुच्छेद 5-11)
भारतीय संविधान के भाग-2 में अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता का वर्णन है। भारत के नागरिक होने के कारण हमें PAN Card, Aadhaar Card आदि सुविधाएं दी जाती हैं, जो कि गैर-नागरिकों को प्राप्त नहीं होती हैं।
- अनुच्छेद 5: संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता: अर्थात् जब संविधान बना (26 जनवरी 1950), तो उन सभी लोगों को नागरिकता दी गई जो उस समय भारत के अंदर थे।
- अनुच्छेद 6: पाकिस्तान से भारत आने वालों की नागरिकता: पाकिस्तान से भारत आए लोगों को नागरिकता दी जाएगी, किन्तु यदि वे संविधान बनने के बाद आएंगे तो नागरिकता नहीं मिलेगी। (Permit Rule लागू: 19 July 1948)
- अनुच्छेद 7: भारत से पाकिस्तान जाने वालों की नागरिकता: स्वतंत्रता के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए ऐसे व्यक्ति, जो संविधान बनने से पहले लौट आए, तो उन्हें नागरिकता दे दी जाएगी।
- अनुच्छेद 8: भारत के बाहर रहने वाले उद्भव के व्यक्ति: विदेश भ्रमण एवं नौकरी करने पर भारत की नागरिकता समाप्त नहीं होगी।
- अनुच्छेद 9: विदेशी नागरिकता ग्रहण करने पर: स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता लेने पर भारत की नागरिकता स्वतः समाप्त कर दी जाएगी।
- अनुच्छेद 10: नागरिकता के अधिकारों का बना रहना: भारतीयों की नागरिकता तब तक बनी रहेगी जब तक कि वे कोई 'देश विरोधी कार्य' नहीं करते।
- अनुच्छेद 11: संसद द्वारा कानून बनाना: नागरिकता संबंधी कानून बनाने का अधिकार संसद को है। यह जिम्मेदारी गृह मंत्रालय (Home Ministry) को दी गई है।
✦ 7. नागरिकता प्राप्त करने व समाप्त होने की विधियाँ
अनुच्छेद 11 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए संसद ने नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) - 1955 पारित किया। भारत की नागरिकता इसी अधिनियम पर आधारित है। (नोट: नागरिकता में पहली बार संशोधन 1986 में किया गया था)।
भारत में नागरिकता प्राप्त करने की 5 विधियाँ हैं:
| विधि का नाम | विवरण एवं शर्तें |
|---|---|
| 1. जन्म के आधार पर (By Birth) |
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| 2. वंश के आधार पर (By Descent) |
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| 3. पंजीकरण द्वारा (By Registration) |
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| 4. देशीयकरण द्वारा (By Naturalization) |
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| 5. अर्जित भूमि द्वारा (By Incorporation) |
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देश विरोधी काम करने, पागल हो जाने, या दूसरे राष्ट्र के प्रभाव में आ जाने पर गृह मंत्रालय (Home Ministry) द्वारा नागरिकता समाप्त की जा सकती है।
✦ 8. NRI, OCI, VISA और PASSPORT में अंतर
विदेशी यात्रा और नागरिकता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण शब्द निम्नलिखित हैं:
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1. NRI (Non-Resident Indian - अप्रवासी भारतीय):
वह नागरिक जो वर्तमान में भारत में नहीं रह रहा है (लगातार 6 माह से ज्यादा पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश चला गया हो), लेकिन वह भारत का नागरिक है, तो वह NRI कहलाएगा। -
2. OCI (Overseas Citizenship of India):
इसे 2005 में लक्ष्मीमल सिंघवी समिति (L.M. Singhvi Committee) द्वारा जोड़ा गया। यह बड़े-बड़े उद्योगपतियों को दिया जाता है जो विदेशी नागरिकता ग्रहण कर लिए हैं। इस कार्ड को प्राप्त करने वाला व्यक्ति बिना VISA के भारत आ सकता है। -
3. VISA (वीज़ा):
किसी दूसरे देश में जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है। इस अनुमति को ही VISA कहते हैं। बिना VISA के किसी दूसरे देश में प्रवेश नहीं कर सकते। -
4. PASSPORT (पासपोर्ट):
अपने देश को छोड़कर दूसरे देश में जाने के लिए खुद अपने देश से अनुमति लेनी पड़ती है, जिसे Passport कहते हैं।
✦ 9. CAA, NRC और NPR: अर्थ एवं महत्वपूर्ण तथ्य
1. CAA (Citizenship Amendment Act - 2019)
नागरिकता संशोधन अधिनियम: यह भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है जिसके द्वारा सन् 1955 के नागरिकता कानून को संशोधित किया गया है।
- इसके तहत 31 दिसम्बर 2014 के पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना वाले अल्पसंख्यक (हिन्दू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी एवं ईसाई) को भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी। (इसमें मुस्लिम शामिल नहीं हैं)।
- इस विधेयक में भारतीय नागरिकता को प्राप्त करने के लिए आवश्यक 11 वर्ष तक भारत में रहने की शर्त में छूट देते हुए, इसे केवल 5 वर्ष कर दिया गया।
- यह अधिनियम 20 दिसम्बर 2019 को पाकिस्तान के 7 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देकर लागू कर दिया गया।
2. NRC (National Register of Citizens)
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर: यह भारत सरकार द्वारा निर्मित एक पंजी (रजिस्टर) है जिसमें उन भारतीय नागरिकों के नाम हैं जो असम (Assam) के वास्तविक (वैध) नागरिक हैं। यह विशेष रूप से असम के लिए ही बनाई गई थी।
- पृष्ठभूमि: जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में लड़ाई चल रही थी (1971), तो बहुत से लोग भाग कर भारत चले आये। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में कहा था कि जो व्यक्ति 24 मार्च 1971 से पहले भारत आये हैं, उन्हें NRC के तहत नागरिकता दे दी जाए। 2015 में NRC का रजिस्टर बनने लगा।
- प्रक्रिया: रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए 2 लिस्ट को मिलाकर कुल 30 Document में से कोई 1 होना आवश्यक है। यदि Document नहीं है तो 4 माह का समय दिया जाता है।
- यदि 4 माह में साबित नहीं कर पाए तो District Court जाना पड़ेगा। यदि वहाँ भी साबित नहीं कर पाए तो Supreme Court जाना पड़ेगा। यदि सुप्रीम कोर्ट भी नागरिकता साबित नहीं मानता है, तो नागरिकता समाप्त कर दी जाएगी और व्यक्ति को Detention Centre (निरोध केंद्र) में भेज दिया जाएगा।
3. NPR (National Population Register)
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर: यह देश के 'निवासियों' (Residents) का एक रजिस्टर है (यह नागरिकों का रजिस्टर नहीं है)।
- इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता नियम 2003 के प्रावधानों के आधार पर स्थानीय, ग्राम पंचायत, तहसील, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया है।
- इसमें पूछा जाता है कि— आपके परिवार में कितने लोग हैं? और कौन व्यक्ति कहाँ रहता है?
- इस आधार पर NPR बनेगा, जिससे जनसंख्या की गणना की जाएगी। NPR के बाद ही सही 'जनगणना' (Census) का आंकड़ा मिलता है।

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