भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 और संविधान सभा का गठन

भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 और संविधान सभा के गठन के विस्तृत अध्ययन नोट्स, जो TGT, PGT, LT, GIC और NET/JRF परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं
भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 और संविधान सभा का गठन
Study Material Overview: Polity Study Adda द्वारा प्रस्तुत इस विशेष 'मेगा-लेख' में भारत स्वतन्त्रता अधिनियम 1947, संविधान सभा के गठन, प्रारूप समिति, भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों और संविधान पर लगे आक्षेपों के तार्किक खण्डन का अत्यंत प्रामाणिक विश्लेषण किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस पोस्ट में राष्ट्रीय आन्दोलन और संवैधानिक विकास से संबंधित 50 अति महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नों का महा-संग्रह भी शामिल किया गया है। यह क्लासरूम हस्तलिखित नोट्स UPSC, PCS, RO/ARO, TGT, PGT, LT Grade, GIC, UGC NET/JRF आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ अध्ययन सामग्री है।
📌 विषय सूची (Table of Contents)

✦ 1. भारत स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 की प्रमुख विशेषताएँ

4 जुलाई 1947 को इंग्लैण्ड के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने ब्रिटिश संसद में इसे पेश किया और इसके पारित होने के बाद भारत 200 वर्षों की गुलामी की दास्तां से मुक्त हो गया और ब्रिटिश उपनिवेश से डोमिनियन स्टेट बन गया।

इस अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
  1. 15 अगस्त 1947 से भारत और पाकिस्तान नामक 2 डोमिनियन स्टेट होंगे। भारत 26 जनवरी 1950 तक डोमिनियन स्टेट रहा जबकि पाकिस्तान 1956 तक डोमिनियन स्टेट रहा।
  2. भारत और पाकिस्तान में सम्राट एक-एक गवर्नर जनरल नियुक्त करेंगे।
  3. भारत में माउन्टबेटन और पाकिस्तान में जिन्ना गवर्नर जनरल बने।
  4. भारत और पाकिस्तान में एक-एक संविधान सभा का गठन होगा जो उस देश का संविधान बनायेगी।
  5. जब तक भारत और पाकिस्तान अपने-अपने संविधान का निर्माण नहीं कर लेते तब तक उनका शासन भारत शासन अधिनियम 1935 के अन्तर्गत चलाया जायेगा।
  6. भारत शासन अधिनियम 1858 में स्थापित सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया तथा इण्डिया काउन्सिल के पद को समाप्त कर दिया गया और उनके स्थान पर ब्रिटिश राष्ट्रमण्डल के सचिव नियुक्त हुये।

✦ 2. संविधान सभा के गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • संविधान सभा के गठन का विचार सर्वप्रथम गाँधी जी ने दिया था। गाँधी जी ने 1922 में कहा था- "भारतीय अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करें, स्वराज्य ब्रिटिश संसद द्वारा दिया गया उपहार न होकर, भारतीयों की इच्छा से उत्पन्न होना चाहिये।" यद्यपि गाँधी जी ने 'संविधान सभा' शब्द का प्रयोग नहीं किया था लेकिन इन कथनों से स्वतः स्पष्ट है कि संविधान सभा का विचार गाँधी जी के मन में आया।
  • सन् 1924 में स्वराज पार्टी की तरफ से भारत में संविधान के गठन की माँग उठायी गयी।
  • 1928 में बनी नेहरू रिपोर्ट में भी संविधान सभा के गठन की बात कही गयी।
  • कांग्रेस के मंच से 1936 में लखनऊ अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा के गठन की माँग की गयी।
  • 1940 में लिनलिथगो प्रस्ताव (अगस्त प्रस्ताव) में तथा 1942 में भारत आये क्रिप्स मिशन में ब्रिटिश हुकूमत की तरफ से भारत में संविधान सभा के गठन की बात कही गयी।

मार्च 1946 को पैथिक लॉरेंस की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय कैबिनेट मिशन भारत आया। इसके अन्य 2 सदस्य ए. वी. अलेक्जेंडर और सर स्टेफोर्ड क्रिप्स थे। कैबिनेट मिशन ने मुख्य रूप से अन्तरिम सरकार का गठन और संविधान सभा का गठन का प्रस्ताव रखा।

✦ 3. भारत में संविधान सभा का गठन (कैबिनेट मिशन)

कैबिनेट मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत में संविधान सभा का गठन करना था।

कैबिनेट मिशन के अनुसार संविधान सभा का स्वरूप:
  • 292 सदस्य ब्रिटिश भारतीय प्रान्तों से आयेंगे।
  • 4 सदस्य ब्रिटिश चीफ कमिश्नरी से आयेंगे।
  • 93 सदस्य देशी रियासत के प्रतिनिधि के रूप में आयेंगे।
  • संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रान्तीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा होना था अर्थात् जनता के द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होना था।
  • संविधान सभा के एक सदस्य का चुनाव 10 लाख की जनसंख्या पर होना था।
  • यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमणीय मत के द्वारा होना था।
  • पूरे क्षेत्र को मुस्लिम, सिख व अन्य भागों में बाँट दिया गया था।

■ संविधान सभा का चुनाव (जुलाई 1946):

भारत में संविधान सभा के गठन का वैधानिक आधार कैबिनेट मिशन था। कैबिनेट मिशन के प्रावधानों के अनुसार भारत में संविधान सभा का चुनाव जुलाई 1946 में हुआ।

प्रस्तावित 389 सदस्यों के स्थान पर केवल 296 सदस्यों का चुनाव हुआ।
208 सदस्य
कांग्रेस से चुनकर आये
73 सदस्य
मुस्लिम लीग से चुनकर आये
15 सदस्य
छोटे-छोटे दलों व निर्दलीय

ध्यान रहे कि साम्यवादी दल का कोई प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं था।

✦ 4. संविधान सभा की प्रारम्भिक बैठकें एवं उद्देश्य प्रस्ताव

  • पहली बैठक (9 दिसम्बर 1946): प्रारम्भ में मुस्लिम लीग ने संविधान सभा में शामिल होने का निर्णय लिया था लेकिन जब 9 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक दिल्ली के सेन्ट्रल हाल में हुयी तो मुस्लिम लीग इसमें शामिल नहीं हुआ। 9 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा के वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष या प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया। इन्होंने सभी सदस्यों को विधिवत शपथ दिलाया।
  • दूसरी बैठक (11 दिसम्बर 1946): 11 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा ने सर्वसम्मति से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना।
उद्देश्य प्रस्ताव (13 दिसम्बर 1946):

13 दिसम्बर सन् 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया जो लम्बी बहस के बाद 22 जनवरी 1947 को पारित हुआ। यही आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना बनी इसीलिए प्रस्तावना का एक नाम 'उद्देशिका' भी है।

■ विशेष तथ्य (डॉ. बी.आर. अम्बेडकर एवं उद्देश्य प्रस्ताव):

उद्देश्य प्रस्ताव का विरोध करने वाले अग्रणी सदस्यों में डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। ज्ञातव्य है कि डॉ. अम्बेडकर प्रारम्भ में संविधान सभा में चुनकर नहीं आये थे, बल्कि दलित वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित सदस्य (Nominated Member) थे। लेकिन बाद में जब वे बंगाल से (कांग्रेस के सहयोग से) चुनकर आये, तो उन्होंने अपना विरोधी रवैया छोड़कर संविधान निर्माण के प्रति पूरी तरह से सकारात्मक दृष्टिकोण अपना लिया और संविधान निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✦ 5. प्रारूप समिति (Drafting Committee) एवं अन्य समितियाँ

■ प्रारूप समिति का गठन

29 अगस्त 1947 को डॉ. अम्बेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय प्रारूप समिति का गठन हुआ। इस समिति ने संविधान का प्रारूप तैयार किया। प्रारूप समिति (Drafting Committee) को मसौदा समिति या मसविदा समिति भी कहते हैं (मसविदा समिति के अध्यक्ष - अम्बेडकर)।

  • संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव (बेनेगल नाथ राव) थे। इन्होंने ही संविधान सभा का प्रारूप लिखा। 29 फरवरी 1948 को इसे संविधान सभा के पटल पर रखा गया।

■ अन्य महत्वपूर्ण समितियों का गठन

संविधान निर्माण का कार्य सुचारू करने के लिये कुछ समितियों का गठन किया गया:

समिति का नाम अध्यक्ष
संघीय समिति पं. जवाहरलाल नेहरू
मौलिक अधिकारों की समिति, राज्यों की समिति और अल्पसंख्यकों की समिति सरदार वल्लभ भाई पटेल
मौलिक अधिकारों की उपसमिति और झंडा समिति जे. बी. कृपलानी
नियम समिति और संचालन समिति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
नीति निर्देशक तत्वों की समिति तेजबहादुर सप्रू

महिला सदस्यों का योगदान: सरोजिनी नायडू, हंसा मेहता और दुर्गाबाई जैसी महिलाओं ने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

✦ 6. संविधान का वाचन, अंगीकरण एवं पूर्णतः लागू होना

  • संविधान सभा के कुल 3 वाचन (Reading) हुये। 165 दिन बैठकें चलीं। इसमें 114 दिन संविधान के प्रारूप पर बहस हुयी।
  • 24 जनवरी 1947 को डॉ. एच. सी. मुखर्जी संविधान सभा के उपाध्यक्ष चुने गये, बाद में वी. टी. कृष्णामाचारी उपाध्यक्ष बने।

■ पूर्ण संविधान का निर्माण

संविधान निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे। इसमें लगभग 64 लाख (6396729) रुपये खर्च हुये।

26 नवम्बर 1949 (संविधान अंगीकृत):

संविधान निर्माण का कार्य 26 नवम्बर 1949 को पूरा हो गया। नागरिकता, निर्वाचन, अन्तरिम संसद तथा अस्थायी एवं संक्रमणकालीन उपबंध आदि इसी दिन लागू भी हो गये तथा संविधान सभा में उपस्थित 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिये लेकिन संविधान पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ था।

  • 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से भारत के राष्ट्रपति चुने गये। इसी दिन भारत का राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान भी स्वीकार किया गया लेकिन यह सब 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसी दिन भारत गणराज्य बना।

✦ 7. मूल संविधान का स्वरूप एवं डॉ. अम्बेडकर का योगदान

संविधान सभा ने जो संविधान बनाया उसे मूल संविधान कहा जाता है और उसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं। लेकिन समय के साथ संसद द्वारा किए गए विभिन्न संविधान संशोधनों के फलस्वरूप इसके स्वरूप में काफी विस्तार हुआ है। वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 470 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं। (ध्यातव्य है कि आज भी अंतिम अनुच्छेद का क्रमांक 395 ही है; सभी नए अनुच्छेदों और भागों को अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों (जैसे 21A, 51A, भाग 4A) के रूप में मूल ढांचे के अंतर्गत ही जोड़ा गया है)।

महत्वपूर्ण तथ्य (NOTE):
  1. मूल भारतीय संविधान अंग्रेजी में बना है।
  2. डॉ. भीमराव अम्बेडकर को संविधान का जनक भी कहा जाता है।
  3. डॉ. भीमराव अम्बेडकर को आधुनिक काल का मनु भी कहा जाता है। मनु को प्राचीन काल में विधि-विधान के निर्माता के रूप में देखा जाता है इसलिये मनुस्मृति को एक कानूनी ग्रन्थ कहा जाता है। मनुस्मृति का आधार वेद है।

कुछ विचारकों ने भारतीय संविधान पर यह आरोप लगाया कि यह कैबिनेट मिशन के प्रावधानों पर बना है और संविधान सभा के सदस्य सीधे जनता के द्वारा चुने हुए नहीं थे, इसलिए संविधान सभा संप्रभु एवं लोकतांत्रिक नहीं थी। लेकिन यह आरोप पूर्णतः निराधार है क्योंकि भले ही संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन के प्रावधानों पर आधारित था, परन्तु उसने मिशन द्वारा प्रस्तावित सभी विधियों को ज्यों-का-त्यों नहीं स्वीकारा, बल्कि उन्हें संशोधित रूप में अपनी परिस्थितियों के अनुसार ही ग्रहण किया। इसलिए संविधान सभा एक संप्रभु संस्था थी। इसके सदस्यों ने एक लंबी और विस्तृत बहस के परिणामस्वरूप बहुमत से संविधान में प्रावधान रखे और स्वयं को जनता का प्रतिनिधि मानते हुए ही प्रस्तावना में 'हम भारत के लोग' शब्द का प्रयोग किया।

✦ 8. भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोत (विदेशी एवं देशी)

भारतीय संविधान निर्माताओं ने विश्व के विभिन्न देशों के संविधानों का गहराई से अध्ययन किया और अपनी आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुरूप उनके श्रेष्ठ प्रावधानों को भारतीय संविधान में शामिल किया।

देश का नाम संविधान में लिये गये प्रमुख प्रावधान
(1) ब्रिटेन विधि का शासन, संसदीय शासन प्रणाली, संसदीय विशेषाधिकार, संसद में विधि निर्माण की प्रक्रिया, स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) का पद, भारत के राष्ट्रपति का इंग्लैण्ड के सम्राट के समकक्ष होना, राष्ट्रपति के वीटो का अधिकार।
(2) अमेरिका (USA) प्रस्तावना, संघीय व्यवस्था, राष्ट्रपति का निर्वाचन, राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया, उपराष्ट्रपति का पद, न्यायपालिका की स्वतन्त्रता, मौलिक अधिकार (Fundamental Rights), न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review), जनहितवाद। इसके अतिरिक्त प्रस्तावना में 'हम लोग' (We the People) शब्द अमेरिका से लिया गया है।
(3) आयरलैण्ड राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति, नीति निर्देशक तत्व (DPSP) तथा राज्यसभा व विधानसभा में विशिष्ट सदस्यों के मनोनयन की परम्परा।
(4) ऑस्ट्रेलिया प्रस्तावना की भाषा और समवर्ती सूची (Concurrent List)।
(5) कनाडा कनाडा का अनुसरण करते हुये भारत ने अपनी संघीय व्यवस्था का निर्माण किया है और 'संघ' के लिए 'यूनियन' (Union) शब्द का प्रयोग किया है तथा अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) संघ को प्रदान किया है। संघ एवं राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण, राज्यपाल का पद तथा उच्चतम न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान।
(6) फ्रांस गणतन्त्रात्मक व्यवस्था (Republic)।
(7) दक्षिण अफ्रीका संविधान संशोधन की प्रक्रिया (Article 368)।
(8) जर्मनी आपातकालीन उपबंध (Article 352, 356, 360)।
(9) जापान विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure established by Law)।
(10) 1935 का एक्ट संविधान का अधिकांश भाग (लगभग 75%) इसी एक्ट पर आधारित है। संघ एवं राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण का त्रि-सूत्रीय आधार, संघ एवं राज्यों के बीच प्रशासनिक एवं वित्तीय सम्बन्धों का उल्लेख तथा आपातकालीन अनुच्छेद आदि।
(11) पूर्व सोवियत संघ मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)। (इन्हें बाद में 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)।

✦ 9. संविधान सभा एवं संविधान पर आक्षेपों का तार्किक खण्डन

■ प्रश्न: क्या भारतीय संविधान उधार का थैला / कैंची गोंद का खेल / भानुमती का कुनबा / वकीलों का स्वर्ग / अर्द्धसंघ है?

उत्तर (तार्किक विश्लेषण):

संविधान निर्मात्री सभा के लोग भारतीयों को एक ऐसा संविधान उपहार में देना चाहते थे जो उनकी आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुरूप हो तथा दैनिक समस्याओं का निदान कर सके। इसलिये भारतीय संविधान निर्माताओं ने विश्व के सभी संविधानों का अध्ययन करके देखा कि किस देश के संविधान का कौन सा भाग है जो उस देश में सुचारू रूप से चल रहा है और हमारी भी आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुरूप है। संविधान निर्माताओं ने उस देश के संविधान से उस भाग को लेकर अपने में समाहित किया क्योंकि विधि-विधान पर किसी का आनुवंशिक अधिकार नहीं होता। यह कोई साहित्यिक चोरी नहीं है।

इसलिए भारतीय संविधान पर यह आरोप कि यह 'उधार का थैला है, कैंची गोंद का खेल है, भानुमती का कुनबा है, वकीलों का स्वर्ग है, अर्द्धसंघ है' - सरासर गलत है। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भारतीय संविधान मौलिक संविधान न होकर एक व्यावहारिक संविधान है।

कथन एवं कारण (विश्लेषण):
  1. कथन (A): भारतीय संविधान उधार का थैला है। ❌ (गलत)
    कारण (R): भारतीय संविधान के अधिकांश भाग विदेशी स्रोतों पर आधारित हैं। ❌ (गलत)
  2. कथन (A): भारतीय संविधान वकीलों का स्वर्ग है। ❌ (गलत)
    कारण (R): संविधान निर्मात्री सभा में 2/3 वकील थे। ✅ (सही)
  3. कथन (A): भारत अर्द्धसंघ है। ❌ (गलत)
    कारण (R): भारत में कुछ प्रावधान एकात्मक व्यवस्था के भी पाये जाते हैं। ✅ (सही)

✦ 10. महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तरी (प्रश्न 1 से 17)

Q1. क्या मार्क्सवाद प्रगतिवादी दर्शन है? हाँ (हर वाद प्रगतिवादी होता है)
Q2. किसने संसद को गप्प मारने की दुकान कहा है? कार्ल मार्क्स
Q3. 'अप्रैल थिसिस' (April Theses) किसकी पुस्तक है? लेनिन
Q4. किसका कथन है कि "जो हमारे साथ नहीं वह हमारे विरुद्ध है"? स्टालिन
Q5. मार्क्स के अनुसार विकास का मूल प्रेरक तत्व क्या है? वर्ग संघर्ष
Q6. किसका कथन है कि "इतिहास बुद्धिमानों का मार्ग प्रशस्त करता है और मूर्खों को घसीटता है"? हीगल
Q7. किसने मार्क्सवाद को 'अवैध एवं विद्रोही सन्तान' कहा है? कार्ल पापर
Q8. किसका कथन है "शत पुष्प खिलने दो"? माओ
Q9. किसने 'बैंथम के दर्शन' को सूअर का दर्शन कहा है? कार्लाइल
Q10. किसने 'कॉमनवेल्थ' शब्द का प्रयोग किया है? हॉब्स
Q11. कठोर संविधान का क्या अभिप्राय है? जिसमें साधारण बहुमत से संशोधन न हो।
Q12. अंग्रेजों का प्रभुत्व भारत में कब स्थापित हुआ? 1764 के बक्सर के युद्ध के बाद
Q13. कलेक्टर के पद का सृजन किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल में हुआ? वारेन हेस्टिंग्स
Q14. किसकी रिपोर्ट के आधार पर भारत में सिविल सेवा परीक्षा के आयोजन का प्रावधान किया गया? लार्ड मैकाले
Q15. बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सदस्यों को कौन हटा सकता था? सम्राट
Q16. गवर्नर जनरल की केन्द्रीय कार्यपालिका में एक कानूनी सदस्य की नियुक्ति का प्रावधान कब हुआ? 1853 के एक्ट द्वारा
Q17. किसने भारत शासन अधिनियम 1858 का एक्ट संसद में पेश किया? लार्ड पामर्स्टन (तत्कालीन ब्रिटिश P.M.)
* 'सामाजिक समझौता सिद्धान्त' के बारे में क्या सत्य है?

उत्तर: यह दार्शनिक सत्य को व्यक्त करता है। (तर्क-वितर्क के द्वारा किसी निष्कर्ष पर पहुँचने का प्रयास करता है)।

✦ 11. महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तरी (प्रश्न 18 से 34)

Q18. ईसाई मिशनरियों का प्रवेश भारत में किस एक्ट के द्वारा हुआ? 1813 के चार्टर एक्ट के द्वारा
Q19. कम्पनी के व्यापार करने के अधिकार को पूर्णतया कब छीन लिया गया? 1833 के एक्ट द्वारा
Q20. भारत में सर्वप्रथम सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कहाँ और किस सन् में हुयी? 1774, कलकत्ता
Q21. कम्पनी के भारतीय मामले में ब्रिटिश सरकार का हस्तक्षेप कब हुआ? 1784 का पिट्स इण्डिया एक्ट
Q22. किस एक्ट के द्वारा भारत में प्रतिनिधि संस्थाओं का उदय हुआ? भारत शासन अधिनियम 1861
Q23. प्रतिनिधि सरकार की नींव किस एक्ट के द्वारा पड़ी? भारत शासन अधिनियम 1892
Q24. वार्षिक बजट पर भारतीयों को किस एक्ट द्वारा पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार मिला? 1909 के एक्ट द्वारा
Q25. बंगाल विभाजन के विरोध में कौन सा आन्दोलन चला? स्वदेशी आन्दोलन
Q26. भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब स्थानान्तरित हुयी? 1911 (घोषणा), 1912 (लागू)
Q27. मुस्लिम लीग ने 'स्वशासन' का नारा किस सन् में दिया? 1913
Q28. "स्वतन्त्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है इसे मैं लेकर रहूँगा" यह नारा किसने और कब दिया? 1916, लखनऊ अधिवेशन - तिलक
Q29. गाँधी जी को महात्मा की उपाधि किस आन्दोलन के द्वारा मिली? चम्पारण आन्दोलन (1917)
Q30. किस एक्ट के द्वारा आंशिक प्रान्तीय स्वायत्तता मिली? 1919 का भारत शासन अधिनियम
Q31. भारत के लिये एक हाई कमिश्नर की नियुक्ति का प्रावधान कब हुआ? भारत शासन अधिनियम 1919
Q32. द्वैध शासन प्रणाली की जांच के लिये किस कमेटी का गठन किया गया था? मूडी मैन कमेटी
Q33. 'मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड' रिपोर्ट कब प्रकाशित हुयी? 20 Aug 1917 को घोषणा, July 1918 में प्रकाशित
Q34. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम कब पारित हुआ? July 1947

✦ 12. महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तरी (प्रश्न 35 से 50)

Q35. पाकिस्तान का संविधान कब लागू हुआ? 1956
Q36. कैबिनेट मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या था? भारत में संविधान सभा का गठन करना था।
Q37. भारत में संविधान सभा के गठन का आधार क्या था? कैबिनेट मिशन
Q38. आधुनिक काल का मनु किसे कहा जाता है? डॉ० अम्बेडकर
Q39. संविधान पर कितने सदस्यों ने हस्ताक्षर किये? 284
Q40. भारत का राष्ट्रीय ध्वज कब स्वीकार हुआ? 22 July 1947
Q41. संविधान सभा में कुल कितने सत्र हुए? 11
Q42. संविधान सभा का गठन कब हुआ? July 1946
Q43. संविधान का प्रारूप किसने लिखा? बी० एन० राव
Q44. भारत के प्रथम राष्ट्रपति का चुनाव किसने किया? संविधान सभा ने किया
Q45. कैबिनेट मिशन ने संविधान सभा के एक सदस्य का चुनाव कितनी जनसंख्या पर किया? 10 लाख
Q46. राष्ट्र और राज्य में मुख्य अंतर क्या है? सम्प्रभुता
Q47. भारत राज्य के रूप में अस्तित्व में कब आया? 26 Jan 1950
Q48. द्वैध शासन प्रणाली को किस एक्ट के द्वारा समाप्त किया गया? भारत शासन अधिनियम 1935
Q49. 1947 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष कौन था? जे० बी० कृपलानी
Q50. सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित होने का मूल कारण है -
  1. गांधी-इरविन समझौता (द्वितीय वरीयता)
  2. गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना (प्रथम वरीयता) [✔]
  3. उपर्युक्त दोनों
  4. इनमें से कोई नहीं

✦ 13. अतिरिक्त महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तरी (प्रश्न 50 से 76)

Q51. भारत में संवैधानिक विकास का इतिहास किस एक्ट से प्रारम्भ होता है? 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट
Q52. भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि किस एक्ट से प्रारम्भ होती है? 1858, भारत शासन अधिनियम
Q53. भारत में लोकतंत्र और विधि के शासन की स्थापना किसकी देन है? ब्रिटेन / इंग्लैंड की
Q54. भारत का प्रथम गवर्नर जनरल कौन था? लॉर्ड विलियम बेंटिक
Q55. किस एक्ट द्वारा सर्वप्रथम कम्पनी के व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त किया गया? 1813 का चार्टर एक्ट
Q56. किस सन् में दास प्रथा का पूर्णतया उन्मूलन कर दिया गया? 1843 में (लॉर्ड एलनबरो के समय)
Q57. किस एक्ट द्वारा वायसराय को अध्यादेश (Ordinance) जारी करने का अधिकार मिला? भारत शासन अधिनियम 1861
Q58. भारत का सबसे लोकप्रिय वायसराय कौन था? लॉर्ड रिपन
Q59. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अध्यक्ष कौन बना? व्योमेश चन्द्र बनर्जी (W.C. Banerjee)
Q60. किस एक्ट द्वारा भारत में साम्प्रदायिकता की नींव पड़ी? 1909 का एक्ट (मार्ले-मिन्टो सुधार)
Q61. वायसराय की कार्यकारिणी में किस एक्ट के द्वारा प्रथम भारतीय सदस्य को शामिल किया गया? 1909 का एक्ट (सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा)
Q62. बंगाल विभाजन किस सन् में रद्द किया गया? 1911 में
Q63. क्रांतिकारी गुट पर किस क्रांति का प्रभाव पड़ा? रूसी क्रांति (1917)
Q64. वह कौन सा आंदोलन था जिसमें हिन्दू-मुस्लिम की सर्वाधिक एकता देखी गयी? स्वदेशी आन्दोलन
Q65. द्वैध शासन प्रणाली का उद्देश्य / तात्पर्य क्या था? दोहरा शासन या दो शासकों द्वारा किये जाने वाले शासन
Q66. संसदीय शासन प्रणाली की स्थापना किस एक्ट के द्वारा हुयी? भारत शासन अधिनियम 1919
Q67. 'Philosophy of Bomb' (फिलासफी ऑफ बॉम्ब) का सिद्धान्त किसने दिया? भगवती चरण बोहरा
Q68. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गाँधी जी ने किसकी अवमानना को रोका? कानून की
Q69. किस एक्ट को 'आरक्षण और संरक्षण' का एक्ट कहा जाता है? 1935 का अधिनियम
Q70. देशी रियासत के शासकों ने किस पत्र पर हस्ताक्षर करके भारतीय संघ में अपना विलय किया? Instrument of Accession (विलय पत्र)
Q71. प्रान्तीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) किस एक्ट के द्वारा मिली? 1935 का अधिनियम
Q72. भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव किसने लिखा (तैयार किया) था? जवाहर लाल नेहरू
Q73. माउंट बेटन योजना किस लिये भारत आयी थी? भारत-पाकिस्तान बँटवारा
Q74. किसने स्वतंत्रता के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को समाप्त करने की बात कही थी? गाँधी जी
Q75. असहयोग आंदोलन वापस लिये जाने पर किसने इसका समर्थन किया? किसी ने नहीं
Q76. भारत छोड़ो आंदोलन कब समाप्त हुआ? तत्काल समाप्त हो गया (नेतृत्व के रूप में)

✦ 14. सम्पूर्ण निष्कर्ष (Conclusion)

उपर्युक्त विस्तृत अध्ययन से यह पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है कि भारतीय संविधान का निर्माण किसी जल्दबाजी या सामान्य प्रक्रिया का परिणाम नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय आन्दोलन के सुदीर्घ ऐतिहासिक संघर्ष, वैचारिक परिपक्वता और संविधान सभा के अथक प्रयासों (2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन) का उत्कृष्ट प्रतिफल था।

सम्पूर्ण अध्ययन का सार:
  • ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत स्वतन्त्रता अधिनियम 1947 ने सदियों की दासता को समाप्त कर एक सम्प्रभु राष्ट्र की नींव रखी, जिसके सुचारु संचालन हेतु कैबिनेट मिशन के आधार पर संविधान सभा का गठन किया गया।
  • संविधान की मौलिकता एवं प्रासंगिकता: यद्यपि संविधान निर्माताओं ने विश्व के 60 से अधिक देशों के संविधानों का अध्ययन किया, परन्तु उन्होंने उन विदेशी प्रावधानों को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल ढाल कर ही स्वीकार किया। अतः यह आरोप निराधार है कि यह 'उधार का थैला' है; वास्तव में यह एक अत्यंत व्यावहारिक, लचीला और जीवंत दस्तावेज है।
  • परीक्षापयोगी दृष्टि: इस लेख में समाहित संविधान निर्माण का सैद्धांतिक विश्लेषण एवं 76 महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नों का महा-संग्रह UPSC, State PCS, RO/ARO, TGT, PGT, और UGC NET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए 'रामबाण' (Master Key) के समान है।

अंततः, डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा और सफल लोकतांत्रिक गणराज्य है। प्रतियोगी छात्रों को परीक्षा में निश्चित सफलता प्राप्त करने हेतु इन सभी तथ्यों और वन-लाइनर प्रश्नों का बारम्बार रिवीजन (Revision) अवश्य करना चाहिए।

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📝 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भारतीय संविधान सभा के गठन का विचार सर्वप्रथम किसने दिया था?
यद्यपि संविधान सभा के गठन का विचार सर्वप्रथम 1922 में महात्मा गाँधी के मन में आया था, परन्तु औपचारिक रूप से 1924 में 'स्वराज पार्टी' द्वारा भारत में संविधान सभा के गठन की माँग उठाई गई थी।
Q2. क्या भारतीय संविधान को "उधार का थैला" कहना उचित है?
नहीं, यह सर्वथा अनुचित है। यद्यपि भारत ने विश्व के कई संविधानों से श्रेष्ठ प्रावधान लिए हैं, परन्तु उन्हें भारतीय समाज और परिस्थितियों के अनुकूल ढालकर ही अपनाया गया है। विधि-विधान पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होता।
Q3. भारत में 'संघीय व्यवस्था' (Federal System) किस देश के मॉडल पर आधारित है?
भारत की संघीय व्यवस्था (जिसमें अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्र के पास हैं और 'यूनियन' शब्द का प्रयोग किया गया है) 'कनाडा' के संविधान मॉडल पर आधारित है।
Q4. 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objective Resolution) किसने और कब प्रस्तुत किया था?
13 दिसम्बर 1946 को पं. जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में 'उद्देश्य प्रस्ताव' प्रस्तुत किया था, जिसे 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यही प्रस्ताव आगे चलकर संविधान की 'प्रस्तावना' बना।
Q5. भारतीय संविधान को बनने में कुल कितना समय लगा?
भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से तैयार होने में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। इसे 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे पूरे देश में लागू किया गया।
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